October 01, 2026
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    दुर्ग

    दुर्ग (5054)

    भिलाई / शौर्यपथ /-भिलाई इस्पात संयंत्र की मर्चेन्ट मिल को पटना के एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए मेसर्स मेघा इंजीनियरिंग से ईक्यूआर 500 डी क्वालिटी के टीएमटी 40 एमएम बार की आपूर्ति का एक चुनौतीपूर्ण ऑर्डर मिला था। इसके लिए पहले एसएमएस तीन एवं बीबीएम मार्ग से 105 स्क्वेयर एमएम साईज के बिलेट मिलते थे जो कि अब उपलब्ध नहीं हैं।
    इस स्थिति को देखते हुए मर्चेन्ट मिल की टीम ने वर्तमान में एसएमएसत तीन में बनने वाले 105 स्क्वेयर एमएम साईज के बिलेट से टीएमटी 40 एमएम बार का उत्पादन करने का निर्णय लिया। इससे पहले टीएमटी ल0 एमएम बार कभी भी 105 स्क्वेयर बिलेट से नहीं बनाए गए थे।
    मर्चेन्ट मिल के महाप्रबंधक प्रभारी अजय बेदी के नेतृत्व में महाप्रबंधक आर जी दलाल, सुशील हरिरमानी, उप महाप्रबंधक नागेन्द्र कुमार एवं सहायक महाप्रबंधक विनय कुमार की टीम ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए 105 स्क्वेयर एमएम साईज के बिलेट से टीएमटी ल0 एमएम बार का उत्पादन सफलतापूर्वक पूर्ण किया।

    दुर्ग / शौर्यपथ / निगम आयुक्त इंद्रजत बर्मन द्वारा आज डाटा सेंटर में (एमएमयू) मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना दुर्ग सिटी के अंतर्गत बैठक ली गई। बैठक में कार्य से संबंधित संस्थाओं को आमंत्रित किया गया था। इसके लिए निगम द्वारा प्रपोजल फॅार सलेक्सन सर्विस प्रोवाईड करने आफॅर आमंत्रण भी निकाला गया है। बैठक में सभापति राजेश यादव, कार्यपालन अभियंता सुशील कुमार बाबर, महिला हास्पीटल समिति के प्रबंधक डॉ0 रघु शर्मा, जय अंबे इमरजेंसी सर्विस के धर्मेन्द्र सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।
    उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के दिशा निर्देश और गाईड लाईन अनुसार शहरी क्षेत्र के गरीब स्लम क्षेत्रों के लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के दृष्टि से मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना प्रारंभ किया गया है। इसके अंतर्गत स्लम क्षेत्र के एैसे व्यक्ति जो ईलाज नहीं करा पा रहा है या किसी कारण जिला अस्पताल नहीं जा रहे हैं या पैसे के अभाव में वह ईलाज नहीं कराना चाहता एैसे सभी लोगों को इस योजना के तहत! नि:शुल्क लाभ प्रदान किया जावेगा।
    निगम आयुक्त  बर्मन द्वारा चलित चिकित्सा सेवा योजना के संबंध में प्रीबीड मिंटिंग में उपस्थित प्रतिनिधियों जिसमें महिमा हास्पीटल के संचालक डॉ0 रघु शर्मा, तथा रायपुर से जय अंबे इमरजेसी सर्विसेस के डायरेक्टर श्री धर्मेन्द्र सिंह अपने साथियों के साथ बैठक में उपस्थित हुये। आयुक्त ने आमंत्रित लोगों को योजना और उससे संबंधित गाइडलाईन की जानकारी दी। आयुक्त ने कहा यह माननीय मुख्यमंत्री जी की महत्वपूर्ण योजना है स्लम क्षेत्र के लोगों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने अपनी बातों को विस्तार से रखें। संचालक, और डायरेक्टर प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी बातों को रखें । तथा इस संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये एवं शर्तों में आवश्यक संशोधन और सुधार के साथ प्रपोजल प्रस्तुत करने का प्रस्ताव रखें। आयुक्त ने योजना के संबंध में उनकी शंकाओं का भी समाधान किया गया ।

    दुर्ग  / शौर्यपथ / रिसाली निगम क्षेत्रांतर्गत वार्ड नेवई भाठा में एक युवक का कोरोना संक्रमित रिपोर्ट पॉजिटिव आने से जिला प्रशासन द्वारा कंटेन्टमेंट जोन में तब्दील कर दिया गया है। कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही अपर कलेक्टर व निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे एवं जोन आयुक्त रमाकांत साहू ने निगम अमले के साथ उल्लेखित स्थल पर पहुंचकर पुरे क्षेत्र को कंटेन्टमेंट जोन में तब्दील कर दिये है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर कोरोना संक्रमित परिवार की सेम्पल प्राप्त कर रिपोर्ट भेज दी गई है। नेवई के संक्रमित क्षेत्र का निगम स्वास्थ्य अमला द्वारा शाम से ही युद्ध स्तर पर पूरे क्षेत्र का सैनेटाईजेशन किया गया व वृहद स्तर पर संक्रमित क्षेत्र की साफ सफाई के साथ साथ ब्लिचिंग एवं किटनाशक दवाई को छि?काव किया जा रहा है। निगम के उडनदस्ता टीम द्वारा लोगों के आवाजाही व क्षेत्र के सभी दुकानों को भी को त्वरित बंद कराया गया। लोगों को घरों से निकलने मना किया गया है। जारी आदेश के अनुसार कंटेन्मेंट जोन में अतिआवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति तथा अपरिहार्य स्वास्थ्यगत आपत्कालीन परिस्थितियों को छो?कर कंटेन्टमेंट जोन में आने जाने पर पूर्व प्रतिबंध लगा हुआ है। क्षेत्र के अंतर्गत सभी दुकाने आफिस व अन्य वाणिज्यक प्रतिष्ठान आगामी आदेश तक पूर्णत: बंद रहेंगे। वाहनों के आवागमन पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। घर पहुंच सेवा के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उचित दरों पर किये जाने रिसाली निगम प्रयासरत है। संक्रमित क्षेत्र को सील कर पुलिस का सक्त पहेरा बैठाया गया है। देर रात तक अपर कलेक्टर व निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे व जोन आयुक्त श्री रमाकांत साहू मातहत अधिकारियों के साथ नेवई के संक्रमित क्षेत्र में डटे हुए थे रात में ही कंटेन्टमेंट जोन आवश्यक सुरक्षा एवं व्यवस्था के लिए निगम अधिकारियों को दायित्व सौंपे गये है। उक्त हेतु रिसाली निगम के सहायक यंत्री बी.के. सिंह को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। रिसाली निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने संक्रमित क्षेत्र के लोगों के साथ साथ पूरे निगम क्षेत्र के रहवासियों से एहतियात बरतने की अपील की है। 

    दुर्ग / शौर्यपथ / दो साल के बाद फिर एक बार शहर में डेंगू जैसी बीमारी के महामारी का रूप धारण करने का आसार स्पष्ट नजर आ रहा है। इस बार फोरलेन सड़क पर फ्लाई ओव्हर निर्माण के लिए की गई खुदाई के चलते बने गड्ढों से डेंगू का खतरा उत्पन्न होने की संभावना उभरने लगी है। इन गड्ढों में बारिश का पानी जमा होने से डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लार्वा को पनपने का मौका मिलेगा। ऐसे में दो साल पहले खुर्सीपार में केनाल रोड निर्माण के साथ बनी परिस्थितियां इस बार भी बनने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है।
    भिलाई नगर निगम क्षेत्र में अभी दर्जन भर के करीब डेंगू के मरीज सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के साथ ही जिला और निगम प्रशासन के लिए बारिश शुरू होने से पहले शहर में डेंगू की दस्तक पड़ जाने से चुनौती बढ़ गई है। इस बीच डेंगू के लिहाज से फ्लाई ओव्हर निर्माण के लिए फोरलेन सड़क पर की गई खुदाई वाली जगह भी खासी चुनौती बन सकती है। दरअसल डेंगू फैलाने वाले मच्छर जमा पानी में पनपते हैं। ऐसे में फ्लाई ओव्हर के लिए सड़क की हुई खुदाई वाली जगह पर जमा होने वाले बारिश का पानी डेंगू के मच्छरों को लार्वा छोडऩे के लिए अनुकूल माहौल प्रदान कर सकते हैं। इन गड्ढों में पनपने वाले लार्वा जब मच्छर बनकर शहर में फैल जाएंगे तो इसमें संदेह नहीं कि डेंगू एक बार फिर कहर बरपा सकता है।
    गौरतलब रहे कि दो साल पहले भिलाई-दुर्ग सहित इसके आसपास के इलाके में महामारी के रूप में कहर बरपाया था। भिलाई निगम क्षेत्र में ही 54 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। उस वक्त खुर्सीपार इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था। तब आम लोगों के बीच केनाल रोड निर्माण के लिए हुए खुदाई वाले जगहों पर बारिश का पानी जमा होने को डेंगू फैलने की चर्चा ने खासा जोर पकड़ा था। इस बार भी वैसी ही आशंका फ्लाई ओव्हर निर्माण के लिए की गई खुदाई वाली जगह को लेकर जताई जाने लगी है।
    यहां पर यह बताना लाजिमी होगा कि फोरलेन सड़क पर कुम्हारी से लेकर सुपेला के बीच चार फ्लाई ओव्हर का निर्माण हो रहा है। पहला फ्लाई ओव्हर कुम्हारी में बन रहा है और इसका जमीनी स्तर का काम पूरा हो जाने से खुदाई वाले गड्ढों का भरा जा चुका है। इस लिहाज से कुम्हारी में तो कोई खास खतरा नहीं दिखता, लेकिन डबरापारा तिराहे सहित पावर हाउस और फिर चंद्रा-मौर्या से लेकर सुपेला चौक तक तीन स्थानों मे पिलर खड़ा करने के लिए की गई खुदाई के चलते बने गड्ढों में बारिश का पानी जमा होना तय है। इस जमे पानी में डेंगू के लार्वा को पनपने का मौका मिलेगा जिससे दो साल पहले जैसी परिस्थितियां बनने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है।
    खुर्सीपार है संवेदनशील इलाका
    डेंगू के लिहाज से भिलाई निगम के खुर्सीपार का इलाका संवेदनशील माना जाता है। दो साल पहले इसी इलाके में डेंगू से ज्यादा मौते हुए थी। हालांकि इस बार केम्प-2 के संतोषी पारा वार्ड में डेंगू की दस्तक पड़ चुकी है और 10 मरीज मिले हैं। इसके साथ ही संतोषी पारा में साफ सफाई के साथ लोगों को मच्छर से बचने और सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर भूरे ने गत दिनों संतोषी पारा वार्ड का दौरा कर निगम द्वारा डेंगू के रोकथाम हेतु किए जा रहे इंतजाम का अवलोकन कर जरुरी निर्देश दिया। निगम द्वारा सभी संवेदनशील वार्डों में टैमीफास का वितरण कर जमा पानी में इस्तेमाल करने की सलाह लोगों को दी जा रही है। इसके साथ ही कूलर, पानी टंकी की हर दो दिन में सफाई, खुले में पड़े टायर व गमलों व मिट्टी के बर्तन में पानी जमा नहीं होने देने की अपील निगम द्वारा की जा रही है।

     दुर्ग / शौर्यपथ /    कोरोना महामारी के दौर में इन दिनों बाहर से आए लोगों को होम क्वारंटाइन किया जा रहा है। इस दौरान इन्हें सख्त हिदायत दी जा रही है कि वे घर से बाहर न निकले। वहीं परिवार वालों को भी इन पर निगरानी करने कहा जा रहा है। इसके बाद ऐसी शिकायतें मिली हैं जिसमें होम क्वारंटाइन के दौरान व्यक्ति घर से बाहर निकल रहा है। आज के हालात में यह बेहद खतरनाक है। इसे देखते हुए जिला कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे ने आदेश जारी ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने बात कही है।
    कलेक्टर भूरे ने आदेश जारी कर होम क्वारंटाइन का पालन नहीं करने वाले व्यक्ति के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई का प्रावधान तो है ही। साथ की कलेक्टर ने आदेश जारी कर ऐसे व्यक्ति को 6 माह की सजा व एक हजार रुपए का जुर्माना लगाने कहा है। यहीं नहीं यदि होम क्वारंटाइन के दौरान व्यक्ति को बाहर निकलने में मदद करते हैं तो परिवार वालों पर भी कार्रवाई जाएगी। व 11 जून की रात 10 बजे से 12 जून की सुबह 8 तक समपार फाटक से वाहनों का आवागमन बंद रहेगा। इस दौरान आवश्यक मरम्मत का कार्य पूरा किया जाएगा।

    दुर्ग / शौर्यपथ / शहर की बढ़ती आबादी एवं जिला अस्पताल में मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मांग प्रमुखता से की जा रही थी। जिस पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा 75 लाख रु की राशि पोटिया क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण हेतु स्वीकृति मिली। विधायक अरुण वोरा द्वारा एक वर्ष पूर्व भूमिपूजन करने के पश्चात लगातार मॉनिटरिंग से अब लॉकडाउन के पश्चात विधायक वोरा व महापौर धीरज बाकलीवाल ने लेंटर लेवल तक का कार्य पूर्ण के बाद छत ढलाई का कार्य प्रारंभ किया गया। तीन माह के अंदर कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
    विधायक वोरा ने कहा कि नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शुरू हो जाने से आसपास के 14 वार्डों की लगभग 60 हजार जनता को जिला अस्पताल की लंबी दूरी का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा व घर के निकट अच्छी स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त हो सकेगी जो अपने आप में मोहल्ला क्लिनिक मॉडल का स्वरुप होगा। 10 बिस्तर वाले पोटिया स्वास्थ्य केंद्र के अतिरिक्त शहर में तीन अन्य स्थानों शनिचरी बाजार, बघेरा एवं पटरीपार क्षेत्र में भी स्वास्थ्य केंद्र निर्माण कराने मुख्यमंत्री से मांग की गई है। महापौर धीरज बाकलीवाल से सीजीएमएससी के अधिकारियों ने नगर निगम द्वारा स्वास्थ्य केंद्र के सामने नाली निर्माण करने की मांग रखी। इस दौरान जिला चिकित्सालय के डॉ. राजेन्द्र खण्डेलवाल, निगम उप अभियंता जितेंद्र समैया, परियोजना अधिकारी संजीव दुबे, लोनिवि अभियंता आर के राव मौजूद थे।

    दुर्ग / शौर्यपथ / पर्यावरण को संजोने आने वाली पीढ़ी को पर्यावरण से जोडऩा बेहद आवश्यक है। इसके लिए एक नवाचारी प्रयोग वन विभाग द्वारा किया जाएगा। लगभग 120 बच्चों का समूह जंगल में टैंट में एक दिन का हाल्ट करेगा। यहां फारेस्ट विभाग के ट्रेनर बच्चों को जंगल के जानवरों के बारे में, पक्षियों के बारे में बताएंगे। वे यह बताएंगे कि किस प्रकार पारिस्थितिकी का संरक्षण करना मानवता के लिए उपयोगी होगा। जंगल में अलग-अलग तरह के पक्षियों की आवाजें, उनके आवास, उनके समूह में रहने का तरीका, खानपान की विधि आदि बताई जाएगी।
    कैंप का समय माइग्रेटरी बर्ड का समय होगा, इसलिए उनके डिटेल्स भी बताए जाएंगे। इसमें फारेस्ट विभाग के प्रमुख अधिकारियों के साथ राजू वर्मा जैसे पक्षी विशेषज्ञ भी बच्चों को पक्षियों के बारे में तथ्य साझा करेंगे। आज कलेक्टर डॉक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे की अध्यक्षता में इस संबंध में बैठक हुई। यहां डीएफओ श्री केआर बढ़ाई ने विस्तार से प्रोजेक्ट की जानकारी दी और बताया कि ये प्रोजेक्ट किस तरह बच्चों की अभिरुचि जगाने में सहायक हो सकता है।
    उल्लेखनीय है कि स्कूली विद्यार्थियों में वन, वन्य प्राणी एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने हेतु वन मितान कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसके तहत कक्षा 6वीं से 12वीं के छात्र-छात्राओं को प्राकृतिक वातावरण का अनुभव प्रदान कर उन्हें इसके संरक्षण के लिए जागरुक किया जाएगा।
    कार्यक्रम का उद्देश्य- वन मितान कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को वन वन्य प्राणी एवं पर्यावरण की वन मितान बनाकर उन्हें इसके संरक्षण हेतु प्रेरित करना है। इच्छुक विद्यार्थियों को नेचुरल वॉलेंटियर फोर्स के रूप में विकसित करना है साथ ही विभाग एवं विभागीय अधिकारियों के कार्य उत्तरदायित्वों एवं चुनौतियों से इन विद्यार्थियों को अवगत कराना है।
    विद्यालय एवं विद्यार्थियों का चयन- विद्यालय एवं विद्यार्थियों का चयन एवं निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। ऐसे विद्यार्थी जो पर्यावरण के प्रति अभिरूचि रखते हो। विद्यार्थी का चयन वन्य प्राणी पक्षी इत्यादि की समान्य जानकारी के आधार पर होगा। चयनित विद्यार्थी का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। शिविर हेतु कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को चनित किया जा सकता हैं किन्तु प्राथमिकता के आधार पर 8वीं एवं 12वीं के विद्यार्थी को सर्वप्रथामिकता दी जाएगी। प्रत्येक परिक्षेत्र में 120 विद्यार्थी का चयन किया जाकर दो चरणों में 60-60 विद्यार्थी हेतु वन मितान कार्यक्रम किया जाएगा।
    शिविर स्थल का चयन- प्रशिक्षण सह जागरूकता शिविर का आयोजन वन्य परिक्षेत्र में स्थित प्राकृतिक सौन्दर्य के स्थल पर किया जाएगा। शिविर का चयन इस प्रकार से किया जाएगा कि विद्यालय से 25 से 30 किलोमीटर के परिक्षेत्र में स्थित हो।
    गतिविधियॉ- वनमितान शिविर एक दिन का होगा। जिसमें विभिन्न प्रकार की गतिविधियॉ को शामिल किया गया है। शिविर दिवस पर विद्यार्थियों को पक्षी दर्शन, वन्य प्राणी दर्शन, सफारी, नौकायान, वन भ्रमण कराया जाएगा। प्राकृतिक पथ भ्रमण, प्रकृति की पाठशाला, स्थल पर विद्यमान वाणिकी गतिविधियों की जानकारी देने के साथ ही वन एवं वन्य प्राणी एवं पर्यावरण के महत्व से रूबरू कराया जाएगा। जिज्ञासा समाधान व चर्चा, परिचर्चा, वनाचार, प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया जाएगा। शिविर के आयोजन को ध्यान में रखते हुए साफ-सफाई, भोजन, सुरक्षा स्वास्थ्य, सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

    दुर्ग / शौर्यपथ / प्रदेश में 75 दिन बाद सरकार द्वारा अनुमति मिलने के बाद खुले मंदिर मस्जिद और गुरुद्वारे व चर्च में अब भक्तों को भगवान के दर्शन हो सकेगें। लेकिन उन्हे सोशल डिस्टेसिंग व मास्क लगाना अनिवार्य रहेगा। निगम क्षेत्रांतर्गत आने वाले धार्मिक स्थलों में विधायक अरुण वोरा व महापौर धीरज बाकलीवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा सैनिटाईजेशन का कार्य गणेश मंदिर इंदिरा मार्केट, सांई मंदिर कसारीडीह, चण्डी मंदिर, शीतला मंदिर, गुरुद्वारा, चर्च, रहमान शाह बाबा का दरगाह एवं दादाबाड़ी जैन मंदिर मालवीय नगर में सुबह से ही प्रारंभ किया गया। वोरा ने कहा कि धार्मिक स्थलों में लॉकडाउन के बाद पुन: रौनक लौट आई है। दर्शनार्थियों के लिए अच्छी व्यवस्था देख जनता में हर्ष व्याप्त है। कोरोना महामारी के बचाव के लिए सैनिटाईजर एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य है लोग सुरक्षित रहेगें तो मंदिर परिसर भी सुरक्षित रहेगा। धार्मिक स्थलों के प्रति लोगों की अपनी अस्था है इन स्थानों पर पहुंचने से मनोबल बढ़ता है। हम सभी धार्मिक भावनाओं से जुड़े है। धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर शहरवासियों के लिए सुख समृद्धि की कामना की। महापौर बाकलीवाल ने कहा कि काफी दिनों बाद मंदिरो के पट खोले गए है आमजनों में उत्साह है। नगर निगम के द्वारा लगातार धार्मिक स्थलों की मॉनिटरिंग एवं सेनेटाईजेशन का कार्य किया जाएगा।
    धार्मिक स्थलों पर फिजीकल और सोशल डिस्टेसिंग के साथ पूजा- अर्चना प्रारंभ किए जाने के निर्णय का स्वागत किया गया।

    अन्य राज्य से आने वाले 14 दिन का होम क्वारंटाइन का पालन करें : वोरा


    दुर्ग / शौर्यपथ / कोरोना महामारी को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य संवेदनशील स्थिति से गुजर रहा है। अब तक इससे अछूते रहे दुर्ग शहर के घनी आबादी में भी कोरोना के पॉजिटिव मरीजों की संख्या तेजी से बढऩे के कारण जनता में हड़कम्प की स्थिति निर्मित हो गई है। अब प्रशासनिक अमले को ज्यादा सतर्कता से काम करना होगा। विधायक अरुण वोरा ने कलेक्टर से चर्चा कर कहा कि बीते कुछ दिनों से क्वारेंटाइन सेंटर में फिजिकल डिस्टेंसिंग व होम क्वारंटाइन का पालन नही होने की शिकायत मिल रही हैं। सेंटर में रहने वाले प्रवासी श्रमिकों समेत अन्य लोगों के फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करने में लापरवाही होने पर निगम क्षेत्र में भी कोरोना बम फूट सकता है। प्रशासन द्वारा नियुक्त क्वारंटीन सेंटर के नोडल अधिकारी को इसका पालन कड़ाई से कराना होगा तथा नियमित मॉनिटरिंग करने अफसरों की ड्यूटी लगाने और इसे क्रास चेक करने की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। जिला मुख्यालय दुर्ग के सभी 60 वार्डों में सेनिटाइजेशन का सघन अभियान सतत् जारी रहे। दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों के कारण अब दुर्ग में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ी है। क्वारंटाइन सेंटरों एवं शासकीय व अशासकीय कार्यालय तथा सार्वजनिक स्थानों में साफ.-सफाई, दवा का छिड़काव, बार.बार हाथ धोने की सुविधा से संक्रमण से बचाव के लिए अन्य जरूरी उपायों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने आवश्यकता हैं। शहर के बाजारों, दुकानों व अन्य व्यवसायिक उपक्रमों में भी फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए सतर्कता जरुरी है। इसमें ढील देने या लापरवाही होने पर दुर्ग में कोरोना महामारी तेजी से फैल सकती है। वार्डो के जनप्रतिनिधि एवं जनता के द्वारा दूसरे राज्यों से आने वालो की जानकारी पर नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग व पुलिस विभाग तत्काल उन्हे चिन्हित कर हेल्थ परीक्षण व घर से बाहर ना निकले 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन का पालन करवाएं।

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