August 03, 2026
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    प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य उपमुख्यमंत्री अरुण साव

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    जल जीवन मिशन से छत्तीसगढ़ में पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार,32 लाख से अधिक ग्रामीण घरों तक पहुँचा नल से जल**

    रायपुर /
    छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के प्रभावी, पारदर्शी एवं गुणवत्ता-आधारित क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी।

    उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में अब तक 40 लाख 87 हजार 27 घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) प्रदान किए जा चुके हैं, जिसके माध्यम से 32 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। उन्होंने बताया कि मिशन लागू होने से पूर्व प्रदेश में मात्र 3 लाख 19 हजार 741 घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान सरकार के बीते दो वर्षों के कार्यकाल में इस संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।

    प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट और सर्वोच्च लक्ष्य है कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सुरक्षित, शुद्ध एवं सतत पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा छत्तीसगढ़ को शीघ्र ही ‘हर घर जल’ राज्य के रूप में स्थापित किया जाए।

    उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य के 6,572 ग्रामों में शत-प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं। इनमें से 5,564 ग्रामों को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया गया है, जिनमें 4,544 ग्रामों का विधिवत प्रमाणीकरण भी किया जा चुका है। बीते दो वर्षों में हर घर जल प्रमाणित ग्रामों की संख्या में लगभग 750 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही 5,088 ग्राम पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्थाओं का हस्तांतरण किया जा चुका है।

    उपमुख्यमंत्री श्री साव ने जानकारी दी कि जल जीवन मिशन से पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में 3,08,287 हैंडपंप, 4,440 नलजल योजनाएं तथा 2,132 स्थल जल प्रदाय योजनाएं संचालित थीं। वर्तमान में 70 समूह जल प्रदाय योजनाएं प्रगतिरत हैं, जिनसे 3,208 ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं तथा 9 लाख 85 हजार से अधिक घरेलू नल कनेक्शन इन योजनाओं से जुड़े हुए हैं।

    जल गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 77 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं संचालित हैं, जिनमें से 47 प्रयोगशालाएं एनएबीएल मान्यता प्राप्त हैं। आम नागरिकों की सुविधा हेतु पेयजल संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-0008 भी प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।

    उपमुख्यमंत्री श्री साव ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है। दोषपूर्ण कार्यों के कारण बीते दो वर्षों में 28 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड, 629 अनुबंधों का निरस्तीकरण तथा 11 फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। इसके अतिरिक्त दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई है।

    आगामी कार्ययोजना की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि शेष बचे लगभग 8 लाख घरेलू नल कनेक्शन, 21 हजार से अधिक अधूरी योजनाओं को पूर्ण करना, 24 हजार से अधिक योजनाओं का ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण तथा सभी प्रगतिरत समूह जल प्रदाय योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

    मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण पर प्रकाश डालते हुए उपमुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि बीते दो वर्षों में विभाग में 403 रिक्त पदों का सृजन, 213 पदों पर नियुक्ति, 103 कर्मचारियों को पदोन्नति तथा 877 शासकीय सेवकों को समयमान एवं वेतनमान का लाभ प्रदान किया गया है।

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