August 17, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

    भारतीय सेना का नाम लेते ही हमारा मस्तक गर्व से ऊंचा उठ जाता है : सुश्री उइके

    • doing of business

    राज्यपाल ने वेटरन डे कार्यक्रम में वीर नारियों और वीर माताओं का किया सम्मान
    राज्यपाल ने भूतपूर्व सैनिकों के आवागमन के लिए वाहन भेंट किया

    रायपुर / शौर्यपथ / राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा उपक्षेत्र द्वारा आयोजित वेटरन डे कार्यक्रम में शामिल हुई और वीर नारियों और वीर माताओं का सम्मान किया। उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को देश के प्रति उनके योगदान के लिए धन्यवाद देते हुए शहीद सैनिकों को नमन किया।

    राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सेना का नाम लेते ही हमारा मस्तक गर्व से ऊंचा उठ जाता है। जो हर मौसम में हर क्षण देश की सीमा में रक्षा की दीवार बनकर तैनात रहते हैं। जिनके कारण आज देश का हर नागरिक महफूज रहता है और चैन की सांस लेता है। वे जागते हैं तो हम शांति से सो पाते हैं, क्योंकि हमें पता है कि हमारी सेना के रहते दुश्मन की सेना क्या, दुश्मन देश का परिंदा भी पर नहीं मार सकता। हमारी सेना जमीन, नभ और जल पर चौबीसों घंटे अपनी निगरानी रखी रहती है। स्वतंत्रता के बाद जितने भी युद्ध हुए, हमारे सैनिकों ने अपने मनोबल और साहस से लड़ा और दुश्मनों को धूल चटाई। चाहे बांग्लादेश युद्ध को याद करें या कारगिल का युद्ध, दुश्मनों ने हमारी सेना के आगे घुटने टेके। आज जब हम देश के सबसे ऊंचे सैन्यस्थल की बात करें जहां माइनस 30 से 40 डिग्री तक तापमान दिन में रहता है और रात में तापमान माइनस 70 डिग्री तक चला जाता है, वहां हमारे सैनिक अपनी जान की परवाह किए बिना तैनात रहते हैं। जब पूरा देश कोरोना संक्रमण से जूझ रहा था उस समय चीन ने हमारे देश की सीमा को लांघने की कोशिश की तो हमारी सेना ने उसका मुंहतोड़ जवाब दिया और दुश्मनों को अपने कदम पीछे करने के लिए मजबूर किए। यह युद्ध क्षेत्र लद्दाख क्षेत्र के गलवान घाटी में स्थित है, जहां का तापमान माइनस 20 से 22 डिग्री रहता है, वहां हमारे सैनिकों ने बहादुरी का परिचय दिया और आज भी तैनात हैं।
    राज्यपाल ने कहा कि युद्ध क्षेत्र ही नहीं हमारे देश में जब कभी भी प्राकृतिक विपदा, बाढ़ या भुकंप आई, हमारे सैनिक एक सूचना पर तैनात हो जाते हैं और संकटग्रस्त लोगों की मदद कर उनकी जान बचाते हैं। हमारे देश ही नहीं, हमारे पड़ोसी देशों जैसे नेपाल में भी भूकंप आया था तो हमारे सैनिकों ने उनकी सहायता की। आज जब पूरा विश्व और देश में कोरोना संकट छाया हुआ है, उस समय हमारे सेना ने क्वारेंटाईन सेंटर भी स्थापित किए थे और दवाईयां एवं आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति में प्रमुख भूमिका निभाई। मैंने यह भी देखा था कि कोरोना योद्धाओं के सम्मान में वायु सेना के विमानों ने आसमान से पुष्प बरसाकर उनका उत्साहवर्धन किया था। उन्होंने छत्तीसगढ़ के पूर्व सैनिकों की सामाजिक संस्था ‘सिपाही’ का जिक्र करते हुए कहा कि कोरोना काल में वे स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर लोगों की मदद की। राज्यपाल ने कहा कि सैनिकों के साहस एवं निःस्वार्थ सेवा और बलिदान की गाथाएं नई पीढ़ियों को उत्साहित करती हैं।
    राज्यपाल ने कहा कि सरकार की निरंतर कोशिश रहती है कि सैनिकों की सेवानिवृत्ति के बाद का जीवन कैसे सहज किया जाए। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों को नया रायपुर आने-जाने में होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए एक वाहन देने का निर्णय लिया गया है। राज्यपाल ने भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करूंगी और यदि किसी भी प्रकार की समस्या हो तो मुझसे संपर्क कर सकते हैं।
    अपर मुख्य सचिव गृह एवं प्रभारी मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने कहा कि देश की सेवा में सैनिकों ने अमूल्य योगदान दिया है। सैनिकों के बलिदान की कहानियां नई पीढ़ी को प्रेरणा प्रदान करती है। शासन द्वारा भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिजनों का ख्याल रखा जाता है। भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों की समस्याओं का पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भूतपूर्व सैनिकों को कोई परेशानी न हो, यह प्रयास शासन द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सैनिक कल्याण बोर्ड के माध्यम से भी वे अपनी समस्याओं को शासन के ध्यान में ला सकते हैं।
    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा उपक्षेत्र के कमांडर ब्रिगेडियर श्री प्रशांत चौहान ने कहा कि वेटरन डे पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के सम्मान का दिन है। यह कोशिश की जाती है कि उनकी समस्याओं का हरसंभव समाधान हो। साथ ही इसके लिए एक्स सर्विसमेन सेल का भी गठन किया गया है। इस सेल कार्यालय नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा उपक्षेत्र में रहेगा। संचालनालय सैनिक कल्याण छत्तीसगढ़ के संचालक एयर कमोडोर श्री ए. एन. कुलकर्णी (से.नि.) ने कहा कि वेटरन डे पर सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों को एक-दूसरे का उत्तरदायित्व बताने का दिन है। उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
    इस मौके पर विधायक एवं छत्तीसगढ़ राज्य हाउंसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, छत्तीसगढ़ एवं ओड़िशा उपक्षेत्र के अधिकारीगण, भूतपूर्व सैनिक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

    Rate this item
    (0 votes)

    Leave a comment

    Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision