August 08, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    दुर्ग/शौर्यपथ /नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत आज ठगड़ा बांध निष्कारी तालाब में वर्षा जल संचयन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए,नगर निगम दुर्ग की महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने आज मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
    यह निरीक्षण तालपुरी बांध में जल स्तर कम होने की स्थिति को देखते हुए किया गया, ताकि बरसात के समय ठगड़ा तालाब में जल संग्रहण कर भविष्य में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।महापौर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात के दौरान चैनल निर्माण कर जल प्रवाह को ठगड़ा तालाब तक लाया जाए, जिससे स्थानीय क्षेत्र में जल आपूर्ति सुदृढ़ हो सके।निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य देवनारायण चंद्राकर, एसडीओ श्री एन.शुक्ला, एवं इंजीनियर यशवंत लाल चंद्राकार उपस्थित रहे।यह योजना ठगड़ा क्षेत्रवासियों के लिए जल संरक्षण की दिशा में एक दूरदर्शी और सराहनीय कदम है।
    महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने तालाब और बांध में जल स्तर को बनाए रखने के लिए एक रणनीति बनाई है। इस रणनीति में, तालाबों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण, और कटाव को रोकने के उपाय शामिल किया जाएगा/

    दुर्ग/ शौर्यपथ /नगर पालिक निगम कार्यालय के सभागार में मंगलवार को एनडीआरएफ के द्वारा आपदा से निपटने को लेकर लोगों को सभागार में गुरुवार को  प्रशिक्षण दिया गया।प्रशिक्षण
    मौके पर महापौर श्रीमती अलका बाघमार,सभापति श्याम शर्मा,एमआईसी देवनारायण चन्द्राकर,उपायुक्त मोहेंद्र साहू अधिकारी/कर्मचारी मौजूद उपस्थिति थे।
    नगर निगम सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम में एनडीआरएफ कटक ओडिशा की टीम के द्वारा विभिन्न प्रकार के आपदा से निपटने के लिए प्रखंड और अंचल कर्मियों को प्रशिक्षण दिया. जिसका नेतृत्व एनडीआरएफ के सब इंस्पेक्टर विकास शर्मा एवं उनके टीम कर रहे थे. इस दौरान प्रखंड और अंचल कर्मियों को विभिन्न प्रकार के राहत कार्य की जानकारी देकर लोगों को जागरूक किया. एनडीआरएफ के प्रशिक्षकों ने प्राकृतिक आपदा से बचाव की जानकारी दी. बाढ़ के अलावे भूकंप, सर्पदंश, हृदय रोग, सड़क सुरक्षा के दौरान शारीरिक क्षति से संबंधित बचाव की भी जानकारी दी गयी. पानी में डूबे व्यक्ति को बचाने और शव को पानी से बाहर निकालने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की तकनीकी पहलुओं की विस्तृत रूप से जानकारी दी.उन्होंने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के खून को नियंत्रित करने की विधि से भी आपदा प्रबंधन विभाग के प्रशिक्षित कर्मियों को अवगत किया.प्रशिक्षण के मौके पर पार्षद गोविंद्र देवांगन,संजय अग्रवाल,साजन जोसेफ,ललिता ठाकुर,मनीषा सोनी,नीरा खिचरिया,सरस निर्मलकर,रेशमा सोनकर,खिलावन मटियारा,ललित ढीमर,हिरौंदी चंदानिया,खालिक रिजवी,लोकेश्वरी ठाकुर,सविता साहू,मनोज सोनी,सावित्री दमाहे,जिंतेंद्र महोबिया,रामचंद्र सेन,सरिता चन्द्राकर,सुरुचि उमरे,सहित अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।

    अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने की दिशा में बड़ा कदम
       रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनकल्याण के संकल्प के साथ काम कर रही है, और हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज मंत्रालय नवा रायपुर में डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के सम्बन्ध में आयोजित बैठक में अधिकारियों को दिशानिर्देश देते हुए यह बात कही। बैठक में स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में अस्पताल की संरचना और सेवाओं को आधुनिक और जनसुलभ बनाने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
    बैठक में मंत्री  जायसवाल ने निर्देश दिए कि चिकित्सालय में आवश्यक सभी चिकित्सा उपकरण, तकनीकी संसाधन, और मरीजों की सुविधाओं की उपलब्धता को प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने  कहा कि अस्पताल में  विस्तारीकरण और विद्युतीकरण के कार्यों में विभागीय समन्वय मजबूत किया जाए, ताकि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण परिणाम प्राप्त हो सकें।
    बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा सुश्री किरण कौशल, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के डीन, अस्पताल प्रबंधन प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

    मनरेगा श्रमिकों को पानी पिलाकर कर रहे जीवन यापन
    रायपुर/शौर्यपथ /महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना बनी दिव्यांग दंपति का सहारा। यह कहानी ग्राम पंचायत खजुरी जनपद पंचायत प्रतापपुर जिला सूरजपुर के दिव्यांग पति व पत्नी की है। जो जन्म से ही आंखों की रोशनी खो चुके हैं  विवाह के बाद जीवन यापन में आई आर्थिक तंगी मे मनरेगा योजना सहारा बना है। जन्म से ही इस दिव्यांगता के अभिशाप को ढोकर चल रहे दंपत्ति के सामने आर्थिक मदद के तौर पर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं के पहल से जिला प्रशासन के द्वारा इनकी जीवन शैली में सुधार हेतु कई योजनाओं का लाभ देते हुए इस दंपत्ति का मनरेगा में जॉब कार्ड बनाया गया और दंपत्ति कार्यस्थल पर मजदूरों को पानी पिलाकर अपने कर्तव्य का निर्वहन भी कर रहे हैं। ग्राम पंचायत खजुरी में श्यामसाय पैकरा एवं उनकी पत्नी निरपति दोनो आंखों से दिव्यांग है। इनके पास कोई काम नहीं होने की स्थिति में सोसायटी से मिलने वाला राशन एवं निरपति को मिलने वाला पेंशन ही इनके जीवन निर्वाह करने का साधन था। बढ़ती महंगाई में दम्पत्ति को आर्थिक समस्याओं का सामना कर पड़ रहा था, जिससें जिला प्रशासन के सामने गुहार लगाकर अपने लिए रोजगार सृजन किया व मनरेगा में जाबकार्ड बनवा कर मजदूरों को पानी पिलाकर जीवनयापन कर रहे हैं। आर्थिक और कई समस्याओं से जूझ रहे इस दिव्यांग जोड़े के नाम जॉबकार्ड जारी होने तथा अब मजदूरी मिलने के बाद इनके सामने भरण पोषण की समस्या खत्म हो गई है।
        जिला प्रशासन के नजर में आने से इनको जिला प्रशासन की ओर से प्रोत्साहन राशि भी प्रदान किया जा रहा हैं। बहरहाल जन्म से ही इस दिव्यांग दंपत्ति के सामने आर्थिक मदद के तौर पर मनरेगा जॉंबकार्ड जारी कर रोजगार उपलब्ध करा दिया गया है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि इस दम्पत्ति ने विकट परिस्थिति में भी भीख मांगकर गुजारा करने की बजाय अपने लिए रोजगार का सृजन किया है और कार्यस्थल पर मजदूरों को पानी पिलाकर अपने कर्तव्य का निर्वहन भी कर रहे हैं। शासन की मंशानुरूप मनरेगा इस बेसहारा परिवार के लिए बड़ा सहारा बन गया है।

     रायपुर/शौर्यपथ /जंगलों से घिरे कोरबा जिले के लेमरू ब्लॉक के घोंघीबहरा गांव की श्रीमती दिलेशरी मंझुवार के घर हाल ही में खुशियों की लहर दौड़ गई। बेटी अनुष्का की छठी का आयोजन ऐसे समय हुआ, जब यह परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था। लेकिन इन खुशियों के पीछे एक मजबूत सहारा बनी छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना, जिसके तहत श्रीमती दिलेशरी को हर महीने एक हजार की आर्थिक मदद मिल रही है।
        गर्भावस्था के दौरान श्रीमती दिलेशरी को कई तरह की चिंताएं सताती थीं। घर की माली हालत ऐसी नहीं थी कि बच्चे के जन्म के बाद कोई खास आयोजन कर सकें। लेकिन जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा महतारी वंदन योजना की शुरुआत की गई, तो श्रीमती दिलेशरी ने भी आवेदन किया। योजना का लाभ मिलना शुरू हुआ और गर्भावस्था के दौरान यह राशि उनके लिए राहत बन गई।
        बेटी अनुष्का के जन्म के बाद जब छठी का समय आया, तो खाते में जमा योजना की राशि ने उनकी सारी चिंता दूर कर दी। श्रीमती दिलेशरी ने खुशी-खुशी छठी का आयोजन किया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन के लिए किसी से उधार नहीं लेना पड़ा, न ही किसी से मदद मांगनी पड़ी। मजदूरी पर आधारित आय वाले इस परिवार के लिए यह योजना अब केवल एक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया गया कदम है। श्रीमती दिलेशरी अब घर से लगे जमीन को समतल कर खेत बनाना चाहती हैं और इसके लिए भी योजना की राशि बचा रही हैं।
        महतारी वंदन योजना हमारे जैसे गरीब परिवारों के लिए जीवन की सबसे बड़ी ताकत बनकर आई है, श्रीमती दिलेशरी कहती हैं। यह योजना हमें आत्मसम्मान के साथ जीने का हक देती है। जरूरत के समय अब हमें किसी के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ता। राज्य सरकार की यह योजना न सिर्फ आर्थिक सहायता का माध्यम बन रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास और स्वावलंबन की भावना भी जगा रही है।

    रायपुर /शौर्यपथ /हर घर जल योजना के तहत् महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखण्ड का ग्राम गबोद, में तस्वीर बदल गई है। उल्लेखनीय है कि ग्राम गबोद हरियाली और स्वच्छता के लिए “ग्रीन गाँव” के नाम से प्रसिद्ध है। जल जीवन मिशन के द्वारा हर घर नल हर घर जल योजना से हुए सफलता पूर्वक कार्यों के कारण अब गबोद एक और बड़ी उपलब्धि के साथ नई पहचान बना रहा है।
    यह गांव अब “हर घर जल ग्राम“ घोषित हो चुका है। 14 जनवरी 2025 को गबोद गांव को यह उपाधि तब मिली जब प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना के तहत यहां हर घर में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई। यहां गांववासियों का अनुशासन और देशभक्ति भी तारीफे काबिल है। हर सुबह 7ः30 बजे गांव का हर नागरिक अपने घर के बाहर आकर राष्ट्रगान में भाग लेता है।
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 89.39 लाख रुपये की लागत से गांव में 40 किलोलीटर की उच्चस्तरीय जलागार और 760 मीटर पाइपलाइन के साथ 138 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए। इस योजना के तहत अब गांव के हर घर तक शुद्ध जल पहुंच रहा है। इससे पहले महिलाओं और बच्चों को गांव के 5 हैंडपंप और कुछ कुओं से पानी लाना पड़ता था। बरसात के समय पानी लाने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था, और कभी-कभी विवाद भी हो जाते थे। अब यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।
    महिलाओं को स्वच्छ जल मिलने से स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और समय की बचत होने से वे अब आर्थिक गतिविधियों में भाग ले रही हैं। बच्चों को पढ़ाई का समय मिलने लगा है और गर्भवती महिलाओं को भी विशेष लाभ मिला है, जिससे गर्भपात जैसी समस्याएं कम हुई हैं। गांव के लोग अब जल संरक्षण और पौधारोपण जैसे कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। ग्रीन गाँव का यह उदाहरण अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बन रहा है।
    गांव की महिला श्रीमति पूजा सिंह ठाकुर ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, “अब पानी की वह समस्या नहीं रही जो पहले होती थी। हम सब सरकार के आभारी हैं।” गबोद ग्राम के समस्त नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस उपलब्धि के लिए धन्यवाद दिया है।

    बिहान ने संवारी नीलबती की जिंदगी
    रायपुर/शौर्यपथ /राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित ‘बिहान’ योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत महिलाओं और युवतियों को सशक्त व आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना से जुड़कर जिले की कई महिलाएं आज अपने पैरों पर खड़ी हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। इन्हीं में से एक हैं माकड़ी विकासखंड के ग्राम गुमड़ी की श्रीमती नीलबती नाग, जिन्होंने ‘बिहान’ से जुड़कर न केवल अपने परिवार को संबल दिया, बल्कि अपनी नई पहचान भी बनाई।
    पहले नीलबती नाग के परिवार को जीवनयापन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। वे और उनके पति रामदयाल नाग मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। कठिन आर्थिक हालात और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। वर्ष 2014 में नीलबती ‘बिहान’ योजना से जुड़ीं और महिला बचत स्व-सहायता समूह की सदस्य बनीं। आज वे समूह में सचिव के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
    माकड़ी विकासखंड की टीम के मार्गदर्शन में उन्होंने समूह की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया और उन्हें बिहान से जोड़ा। समूह से ऋण प्राप्त कर नीलबती ने अपने गांव में एक किराना दुकान की शुरुआत की। उन्होंने दुकान को सुव्यवस्थित ढंग से सजाया और स्थानीय जरूरत के अनुसार आवश्यक वस्तुओं को रखीं, जिससे गांववासियों को सुविधा मिली। आज नीलबती को किराना दुकान से प्रतिमाह लगभग 8,000 रुपये की आय हो रही है। इसके अलावा महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें हर महीने 01 हजार रूपए प्रतिमाह लाभ भी मिल रहा है। शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर न केवल आत्मनिर्भर हुईं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार किया। उनकी यह सफलता उन तमाम ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत है, जो जीवन में बदलाव लाने की इच्छा रखती हैं। नीलबती नाग ने यह साबित किया कि महिलाएं अपनी दृढ़ संकल्प से अपने परिवार के जीवन को नई दिशा दे सकती हैं।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 18 नए अग्निशमन वाहनों को दिखाई हरी झंडी
    नवा रायपुर में अग्निशमन केंद्र सह आवासीय परिसर का किया लोकार्पण
    अत्याधुनिक अग्निशमन वाहनों से राहत कार्यों को मिलेगी गति
    रायपुर /शौर्यपथ /प्रदेश की नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार लगातार प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है। संसाधनों के आधुनिकीकरण, अग्निशमन सेवाओं को तकनीकी रूप से उन्नत करने और जवानों के प्रशिक्षण व मनोबल को प्राथमिकता देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के माना कैंप स्थित नगर सेना केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 18 नवीन अग्निशमन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने सेक्टर-13, नवा रायपुर में नवनिर्मित अग्निशमन केंद्र सह आवासीय परिसर और माना में नवीन सेनानी कार्यालय का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
    आपातकालीन सेवाओं को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम
    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ये अत्याधुनिक अग्निशमन वाहन प्रदेश की त्वरित आपातकालीन सेवाओं की क्षमता को नई गति देंगे। उन्होंने इसे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकार्पित भवनों के माध्यम से अग्निशमन तंत्र को मजबूती मिलेगी और हमारे जवानों की दक्षता में भी इजाफा होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन नए वाहनों से आगजनी की घटनाओं पर पहले से कहीं अधिक प्रभावी तरीके से और तेज़ी से काबू पाया जा सकेगा, जिससे जान-माल की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने कहा कि जीवन की रक्षा सबसे बड़ा कार्य है और इसे पूरी निष्ठा और तत्परता से निभाने वाले अग्निशमन कर्मी हमारे सच्चे नायक हैं, जिनकी सेवाओं को समाज हमेशा सम्मान की दृष्टि से देखता है।
    आपातकालीन सेवा का डेमो और अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी
    कार्यक्रम के दौरान राज्य आपदा मोचन बल और अग्निशमन राहत दल द्वारा आगजनी की घटना पर आधारित आपातकालीन सेवा का प्रदर्शन (डेमो) भी किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को गहरी रुचि और गंभीरता से देखा और जवानों की तत्परता व सजगता की भूरी-भूरी प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने अग्निशमन सेवाओं में उपयोग होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। विभागीय अधिकारियों ने उन्हें लुकास जैक, ग्लास ब्रेकर, एयर लिफ्टिंग बैग, पेलिकन टावर लाइट, डायमंड टिप, चेन सॉ, फायर जैल ब्लैकेट, फायर सूट और अंडर वॉटर कैमरा जैसे उपकरणों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता की जानकारी दी।
    अग्निशमन सेवाओं का निरंतर हो रहा सशक्तिकरण
    उप पुलिस महानिरीक्षक अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 में अग्निशमन सेवा को नगरीय निकाय से हस्तांतरित किया गया था। वर्तमान में प्रतिवर्ष औसतन 8,000 फायर कॉल प्राप्त होते हैं, जबकि ग्रीष्मकाल में यह संख्या प्रतिदिन 40 तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि आज जिन 18 नवीन अग्निशमन वाहनों को शामिल किया गया है, उनके साथ विभाग के पास अब कुल 161 अग्निशमन वाहन उपलब्ध हो गए हैं। रायगढ़, कोरबा, कबीरधाम, दंतेवाड़ा, धमतरी, कोरिया और अंबिकापुर जैसे जिलों को आज ही ये वाहन सौंपे गए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि एनआरडीए द्वारा नवा रायपुर में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के लिए 5.5 करोड़ रुपये की लागत से फायर स्टेशन सह आवासीय परिसर का निर्माण कराया गया है, जिसका आज लोकार्पण हुआ।
    शहीद अग्निशमन कर्मियों को समर्पित अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह
     अजात शत्रु बहादुर सिंह ने बताया कि अग्निशमन सेवाओं में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर कर्मचारियों की स्मृति में प्रतिवर्ष 14 अप्रैल को शहीद दिवस मनाया जाता है और 14 से 20 अप्रैल तक पूरे देश में अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह आयोजित किया जाता है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी इस वर्ष अग्निशमन सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है।
    कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, अपर मुख्य सचिव गृह  मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम और मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

       रायपुर /शौर्यपथ /मंत्रिपरिषद की बैठक में परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के हित में निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल एवं विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड, सरगुजा/बस्तर/बिलासपुर द्वारा आयोजित परीक्षाओं में छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी अभ्यर्थी जो परीक्षा अथवा साक्षात्कार में उपस्थित होंगे उन्हें उनके द्वारा दी गई परीक्षा शुल्क की राशि वापस की जाएगी।
          इससे सिरियस केन्डीडेट की परीक्षा में उपस्थिति का प्रतिशत बढ़ेगा, वहीं नॉन सिरियस केन्डीडेट और इनइलिजिबल केन्डीडेट परीक्षा फॉर्म नहीं भरेंगे और इनके कारण राज्य शासन को होने वाली आर्थिक क्षति भी कम होगी।
     कैबिनेट की बैठक में राज्य के छोटे व्यापारियों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) अध्यादेश-2025 के प्रारूप में निहित संशोधन का अनुमोदन किया गया।
             जिसके अनुसार राज्य सरकार छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करेगी और 10 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रूपए तक की वैट देनदरियों को माफ करेगी। इससे 40 हजार से अधिक व्यापारियों को लाभ होगा और 62 हजार से अधिक मुकदमेबाजी के मामलों में कमी आएगी।
       कैबिनेट की बैठक में नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ में एन.आई.एफ.टी.के कैम्पस को मंजूरी प्रदान की गई। राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान  का नया कैम्पस छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में स्थापित किया जाएगा। कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार के अनुसार इस परियोजना की कुल संभावित लागत करीब 271.18 करोड़ रुपये होगी। इसमें भूमि क्रय हेतु 21.18 करोड़, भवन निर्माण के लिए 200 करोड़ और मशीनरी, फर्नीचर आदि के लिए 50 करोड़ रुपये का व्यय शामिल है।
    इस संस्थान की स्थापना से फैशन शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और फैशन उद्योग को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित मानव संसाधन भी उपलब्ध हो सकेंगे। राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान भारत में फैशन शिक्षा का एक प्रमुख संस्थान है, जिसकी स्थापना 1986 में कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार के तहत हुई थी। एन.आई.एफ.टी. के पूरे भारत में 17 परिसर हैं, जिनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु शामिल हैं। यह संस्थान फैशन डिजाइन, प्रबंधन और प्रौद्योगिकी में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करता है। संस्थान फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल डिजाइन, फैशन प्रबंधन और फैशन प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखता है। यह छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और प्लेसमेंट के अवसर प्रदान करने के लिए फैशन उद्योग के साथ सहयोग करता है।
       मंत्रिपरिषद ने राज्य के नगरीय निकायों में जैव अपशिष्ट सह कृषि अपशिष्ट के प्रसंस्करण हेतु स्थापित किये जा रहे बायो-सीएनजी संयंत्रों हेतु रियायती लीज (Lease) दरों पर शासकीय भूमि आबंटन किये जाने की सहमति प्रदान करते हुए आगे की कार्यवाही के लिए नगरीय प्रशासन विभाग एवं संबंधित नगर निगमों को अधिकृत किया है।
       मंत्रिपरिषद ने राज्य में सहकारिता को प्रोत्साहन दिये जाने के उद्देश्य से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत शक्कर वितरण हेतु अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक आवश्यक शक्कर का क्रय राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों से करने का निर्णय लिया है। इस हेतु शक्कर का क्रय मूल्य 37,000 रू. प्रति टन (एक्स फैक्ट्री, जी.एस.टी. अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है।
       मंत्रिपरिषद ने स्थानीय रोजगार और सूक्ष्म-लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसके लिए 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है।

    पात्र परिवारों को पक्का मकान दिलाना हमारी जिम्मेदारी : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
    राज्य में 15 से 30 अप्रैल तक चलेगा मोर दुआर-साय सरकार महाभियान
    रायपुर/शौर्यपथ / उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा आज बस्तर जिले के ग्राम शासनकचौरा और हलबा कचौरा में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के अंतर्गत 'आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण विशेष पखवाड़ा' के तहत 3 हितग्राहियों के घर जाकर ‘आवास प्लस 2024 (2.0)’ मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सर्वे किया। ग्रामवासियों से आत्मीय संवाद किया। उप मुख्यमंत्री के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में भारी उत्साह दिखाई दिया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को पक्का और सुरक्षित घर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा किया जाएगा, ताकि हर जरूरतमंद को योजना का लाभ मिले।
           गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वेक्षण के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विशेष पहल पर 15 दिवसीय मोर दुआर-साय सरकार महाभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 30 अप्रैल तक चलेगा। मोर दुआर-साय सरकार महाभियान का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के ऐसे ग्रामीण परिवारों की पहचान करना है, जिन्हें अब तक किसी भी आवासीय योजना के तहत पक्का आवास नहीं मिल सका है। उन्हें पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध कराना है।
           इस महाभियान में राज्य के प्रत्येक गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस 2.0 के हितग्राहियों के सर्वेक्षण का कार्य पूरा किया जाएगा, ताकि योजनांतर्गत आवास की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य कराया जा सके। यह महाभियान तीन चरणों में संचालित होगा। पहले चरण में 15 से 19 अप्रैल के बीच जिला और ब्लॉक स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं। दूसरे चरण में 20 से 28 अप्रैल तक सभी ग्रामों में ग्राम सभाएं आयोजित कर घर-घर जाकर पात्र परिवारों का सर्वेक्षण किया जाएगा। तीसरे चरण में 29 और 30 अप्रैल को सभी सर्वेक्षणों की पुष्टि, ग्राम सभा की स्वीकृति और सत्यापन कर अंतिम रिपोर्ट तैयार कर राज्य कार्यालय को भेजी जाएगी।
        उपमुख्यमंत्री शर्मा ने ग्राम शासनकचौरा और हलबा कचौरा में आयोजित कार्यक्रम में स्वयं लाभार्थियों क्रमशः बृन्दावती भारती, दुलारी भारती और गुड्डुराम बघेल से चर्चा करते हुए उनके मकान की स्थिति जानी। उन्होंने ग्रामवासियों से सीधा संवाद करते हुए यह भी कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि कोई भी परिवार बिना पक्के मकान के न रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण के माध्यम से जो भी पात्र परिवार सामने आएंगे, उन्हें शीघ्रातिशीघ्र योजना में सम्मिलित किया जाएगा।
    हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार : उपमुख्यमंत्री  शर्मा
       उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट लक्ष्य है कि देश के हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिले, जिसमें पक्का मकान एक बुनियादी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस संकल्प के साथ कार्य कर रही है कि कोई भी पात्र नागरिक सरकार की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में 2024-25 के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत कुल 11,50,315 मकानों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 9,41,595 मकानों की पहले ही स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 1,78,476 मकान पूर्ण रूप से निर्मित हो चुके हैं और शेष निर्माणाधीन हैं। अब तक कुल 3,59,037 लाभार्थियों को आवास मिल चुका है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए लाभार्थी स्वयं भी मोबाइल ऐप के जरिए अपनी जानकारी अपलोड कर सकेंगे। इस प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा GRIH पोर्टल भी विकसित किया गया है।

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