
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
"शासन के निर्देशों की अवहेलना करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं"
लोक निर्माण विभाग करेगा 8000 करोड़ से अधिक के कार्य, सभी पुलों की होगी मासिक निगरानी
रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज निर्माण भवन, नवा रायपुर से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य भर के पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि राज्य की सभी सड़कों और पुलों को दिसंबर 2025 तक गड्ढामुक्त किया जाए।
श्री साव ने बैठक में कार्यों की धीमी प्रगति और मरम्मत की गुणवत्ता पर नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों को चेतावनी दी कि शासन के निर्देशों की अवहेलना करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने परफॉर्मेंस गारंटी के अंतर्गत सड़कों की मरम्मत की अद्यतन स्थिति की जानकारी भी ली।
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि वर्षा ऋतु में अतिवृष्टि से अवरुद्ध मार्गों को सुचारु बनाए रखने हेतु निगरानी और बचाव कार्यों की योजना को सक्रिय किया जाए। उन्होंने सभी सड़कों व पुल-पुलियों की नियमित निगरानी और गुणवत्तापूर्ण, टिकाऊ मरम्मत पर जोर दिया।
? प्रमुख बिंदु:
8000 करोड़ रुपये से अधिक के निर्माण कार्य होंगे इस वर्ष।
सभी कार्यों की डीपीआर शीघ्र भेजने के निर्देश।
प्रशासकीय स्वीकृति वाले कार्य अविलंब शुरू किए जाएं।
15 अगस्त तक सड़क सुरक्षा संबंधी कार्यों की मंजूरी पूरी करें।
खनन के कारण पुलों को नुकसान न हो, इसके लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय करें।
भू-अर्जन के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश।
सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि बरसात के बाद कार्यों की पूरी तैयारी रखें, और सड़क सुरक्षा व नवीनीकरण योजना (Renewal Plan) को प्राथमिकता दें। उन्होंने बताया कि 60 करोड़ रुपये का विशेष बजट सड़क सुरक्षा के लिए निर्धारित किया गया है।
यह बैठक छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है, जो सीधे तौर पर प्रदेश की आधारभूत संरचना को मजबूत करने की मंशा को दर्शाती है।
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। योजना के अंतर्गत जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम चरईडाड़ निवासी श्रीमती जीनत परवीन, वर्ष 2019 से बैंक सखी के रूप में कार्य कर रही हैं।
श्रीमती जीनत परवीन बताती हैं कि योजना से जुडऩे से पहले वे एक साधारण गृहिणी थीं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत जब उन्हें बैंक सखी के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, तो उन्होंने इसे पूरी लगन और निष्ठा से अपनाया। आज वे छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक से जुड़ी बैंकिंग सेवाएं अपने गाँव और आसपास के ग्रामीणों तक पहुँचा रही हैं।
उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को खाता खोलने, पैसा जमा-निकासी, आधार लिंक, सामाजिक सुरक्षा पेंशन भुगतान और अन्य बैंकिंग सेवाओं में सहायता प्रदान कर रही हैं। उनकी मासिक बैंकिंग लेनदेन की राशि 35 से 40 लाख तक पहुँचती है, जिससे उन्हें नियमित रूप से अच्छा कमीशन के रूप में अच्छी राशि प्राप्त हो जाती है। यह सेवा न केवल उनके लिए रोजग़ार का साधन बनी, बल्कि आत्मनिर्भरता और सामाजिक पहचान का माध्यम भी बनी है।
श्रीमती जीनत परवीन बताती है कि इस आमदनी से उन्होंने अपने कई सपने पूरे किए हैं। वर्ष 2022 में उन्होंने अपने लिए एक स्कूटी भी खरीदी, जिससे अब वह आसानी से ग्रामीण क्षेत्र में सेवा प्रदान कर रही हैं। वे बताती है कि बैंक सखी बनने के बाद जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है और अब वे अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी भी निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री साय अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में हुए शामिल
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ (चतुः संप्रदाय), मुंबई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन भूमि छत्तीसगढ़ में वैष्णव ब्राह्मण समाज का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित होना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। इस समाज की विभूतियों ने छत्तीसगढ़ में दानशीलता की अद्भुत मिसालें स्थापित की हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में वैष्णव ब्राह्मण समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले समाज के प्रतिभावान व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज ने सनातन धर्म को सशक्त बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। यह समाज केवल पुरोहित कर्म से ही नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन में भी सक्रिय रहा है। दानशीलता की महान परंपरा का परिचय देते हुए इस समाज ने कभी राजपाट तक दान कर दिए। राजनांदगांव की वैष्णव ब्राह्मण रियासत इसका अनुपम उदाहरण है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डेढ़ वर्ष के भीतर हमने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को अमल में लाकर पूर्ण किया है। छत्तीसगढ़, प्रभु श्रीराम का ननिहाल रहा है और उन्होंने अपने वनवास का लंबा समय यहीं व्यतीत किया था। हमारी सरकार ने रामलला दर्शन योजना शुरू की है, जिसके तहत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिक अपनी आस्था के अनुसार तीर्थ स्थलों का दर्शन कर सकेंगे। दिव्यांगजनों, विधवाओं और परित्यक्ताओं के लिए इस योजना में अधिकतम आयु सीमा नहीं रखी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प लिया गया है। उसी दिशा में हमें विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अग्रसर होना है। इस कार्य में वैष्णव ब्राह्मण समाज की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि समाज संगठित रहकर निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर होगा।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज एक दूरदर्शी और कल्पनाशील समाज है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव से विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने इस समाज के ऐतिहासिक योगदान को निकटता से देखा है। उच्च शिक्षा, रेलवे, उद्योग और पेयजल व्यवस्था के विकास में राजनांदगांव के राजपरिवार ने अभूतपूर्व योगदान दिया है। महंत दिग्विजय दास जी ने महाविद्यालय के लिए अपना महल दान किया, रेलवे के लिए विशाल भूमि दी, और बीएनसी कॉटन मिल की स्थापना की, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिला। महंत घासीदास जी ने व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए नि:शुल्क भूमि देने की घोषणा की थी।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि वैष्णव ब्राह्मण समाज सनातन धर्म की ध्वजवाहक है। इस राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के आयोजन से समाज और अधिक एकजुट होकर आगे बढ़ेगा।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, अखिल भारतीय वैष्णव ब्राह्मण सेवा संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पी. एल. बैरागी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल जे. के. वैष्णव, प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश दास वैष्णव, विजय कुमार दास, राघवेंद्र दास वैष्णव, डॉ. सौरभ निर्वाणी, श्रीमती अंजना देवी वैष्णव, रजनीश वैष्णव सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल की कड़ी निगरानी में परीक्षा आयोजन, नकल प्रकरण में पुलिस द्वारा वैधानिक कार्यवाही जारी
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, रायपुर द्वारा आयोजित उप अभियंता (सिविल) एवं उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) भर्ती परीक्षा के अंतर्गत परीक्षा केन्द्र क्र. 1309 - शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरकंडा, बिलासपुर (छ.ग.) में एक गंभीर नकल प्रकरण प्रकाश में आया। कक्ष क्रमांक 07 में परीक्षार्थी रोल नंबर 13091014 - कु. अन्नु सूर्या, पिता - कलेश्वर राम द्वारा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए परीक्षा कक्ष में तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उक्त परीक्षार्थी के अंतःवस्त्र में हिडन कैमरा व कान से माइक्रो स्पीकर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण छिपाकर रखे गए पाए गए, जिन्हें तत्काल जब्त किया गया।
परीक्षा केन्द्र परिसर के बाहर नकल में सहायता करने हेतु उपस्थित कु. अनुराधा बाई के पास से वॉकी-टॉकी, टैबलेट, ब्लूटूथ डिवाइस और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। यह स्पष्ट रूप से एक संगठित इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से नकल करने का प्रयास था।
प्रशासन द्वारा नियमानुसार तत्काल नकल प्रकरण तैयार कर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) को प्रेषित कर दिया गया है। साथ ही, थाना सरकंडा पुलिस को सूचित कर एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित व्यक्तियों पर उचित कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
व्यावसायिक परीक्षा मंडल एवं जिला प्रशासन द्वारा इस पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु ऐसी घटनाओं पर "जीरो टॉलरेंस नीति" अपनाई गई है। भविष्य में भी किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर /शौर्यपथ संवाददाता /
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को राजधानी रायपुर में विभिन्न शासकीय एवं राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होकर दिनभर अत्यंत व्यस्त नजर आयेंगे । उनकी दिनचर्या में शासन, संगठन, और जनप्रतिनिधियों से जुड़े अहम मुद्दों पर संवाद, समीक्षा और निर्णय शामिल रहेगे।
मुख्यमंत्री दोपहर 1:30 बजे अपने सिविल लाइन स्थित निवास से कार्यक्रमों की श्रृंखला के लिए रवाना हुए।
? मुख्यमंत्री की आज की प्रमुख गतिविधियाँ इस प्रकार :
01:40 PM – होटल बेबीलोन इंटरनेशनल, जीई रोड, रायपुर पहुंचकर राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक - छत्तीसगढ़ क्षेत्र का शुभारंभ एवं संबोधन
02:30 PM – कार्यसमिति बैठक में भागीदारी जारी
02:40 PM – होटल से प्रस्थान कर सिविल लाइन स्थित निवास आगमन
06:30 PM – नवीन मुख्यमंत्री निवास, अटल नगर रायपुर पहुंचना
07:00 PM – विधायक दल की बैठक
09:00 PM – आराम और आतिथ्य
09:30 PM – नवीन मुख्यमंत्री निवास से प्रस्थान कर सिविल लाइन निवास आगमन
10:00 PM – रात्रि विश्राम
?️ राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व:
राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास कार्यों, संगठन की मजबूती, और जनकल्याण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों के विषय में चर्चा । वहीं विधायक दल की बैठक में आगामी रणनीतियों और जमीनी कार्यों पर चर्चा की संभावना ।
मुख्यमंत्री साय के आज के कार्यक्रमों से यह संदेश स्पष्ट जाता है कि उनकी सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर गति, संवाद और संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ ने शिक्षा के क्षेत्र में हासिल किया नया मुकाम:नई शिक्षा नीति से बदली तस्वीर, छत्तीसगढ़ में स्थानीय भाषाओं में मिल रही शिक्षा
मुख्यमंत्री ने पीएसवाय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित पीएसवाय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में विभिन्न विधाओं के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित शिक्षकों, विद्यार्थियों और संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र सेवा का मार्ग है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है, और यही किसी भी राष्ट्र की प्रगति की नींव होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता का मूल आधार शिक्षा ही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और बीते वर्षों में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। जहां पहले प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, आज वहां 15 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। साथ ही, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान भी राज्य में कार्यरत हैं। गांव-गांव में स्कूल खोले गए हैं, और बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप महाविद्यालयों की स्थापना की गई है।
उन्होंने कहा कि हमारे समय में कई गांवों के बच्चों के लिए केवल एक स्कूल होता था। मुझे याद है कि मैंने पांचवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दूसरे गांव में दी थी, क्योंकि हमारे गांव में परीक्षा केंद्र नहीं था। आज छत्तीसगढ़ में छात्रों के लिए असीम अवसर मौजूद हैं और प्रत्येक बच्चे को इन अवसरों का लाभ उठाकर अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में निरंतर अग्रसर है, और इसी संकल्प को लेकर हम विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में भी तेज़ गति से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश ने वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त किया है और भारत पुनः विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है।
श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नई शिक्षा नीति को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में देश में लागू की गई नई शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ में शिक्षा अब स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध हो रही है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में अब स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई करवाई जा रही है, और प्रदेश में मेडिकल की शिक्षा भी हिंदी में दी जा रही है।
रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने संस्था द्वारा सम्मानित प्रतिभावान छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में इन बच्चों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में हमारे युवाओं का योगदान निर्णायक सिद्ध होगा।
विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य न केवल प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित करना है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही प्रतिभाओं को भी एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न भाषाओं में पारंगत बनाने की दिशा में ठोस कार्य प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की भी सराहना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को भी सम्मानित किया। इस दौरान वरिष्ठ चित्रकार श्री राज सैनी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को एक विशेष उपहार के रूप में उनके प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ की पेंटिंग भेंट की।
कार्यक्रम में पीएसवाय के प्रेसिडेंट डॉ. एस.के. मिश्रा, सलाहकार श्री महेंद्र गुप्ता, सीईओ श्रीमती शुभ्रा शुक्ला, सहित अनेक प्रबुद्धजन, शिक्षाविद्, गणमान्य अतिथि, एवं स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
रायपुर, 11 जुलाई 2025 / शौर्यपथ संवाददाता
राजधानी रायपुर में न्यूज़18 मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित भव्य ‘राइजिंग छत्तीसगढ़’ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य की विकास गाथा और भविष्य की दिशा को लेकर दूरदर्शी रोडमैप प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्पष्ट रूप से कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने जिस ऐतिहासिक विश्वास के साथ उन्हें सत्ता सौंपी है, उस पर वे समर्पित जनसेवक की तरह कार्य कर रहे हैं, और हर वर्ग के कल्याण को केंद्र में रखते हुए योजनाओं को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाया जा रहा है।
18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति उनकी सरकार की पहली कैबिनेट में दी गई, जिससे आज हज़ारों परिवारों को गृहप्रवेश का सौभाग्य मिल रहा है।
किसानों के लिए ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी प्रारंभ की गई है, जिसमें पिछली सरकार की दो वर्षों की बकाया राशि का भी भुगतान किया जा रहा है।
महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
चरण पादुका वितरण, तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस, और तीर्थदर्शन योजना जैसे कदम जनजातीय समाज को सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक सिद्ध हो रहे हैं।
1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल केंद्र स्थापित हो चुके हैं, जिससे ग्रामीण जनता को बैंकिंग, सरकारी सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। जल्द ही यह सुविधा सभी पंचायतों तक विस्तारित होगी।
रेडी टू ईट खाद्य निर्माण का कार्य फिर से महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा गया, जिससे आत्मनिर्भरता को नया बल मिला है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 की समयसीमा के अनुसार छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त राज्य बनाने का संकल्प लेकर उनकी सरकार गांवों में नियद नेल्लार योजना के अंतर्गत तेज़ी से विकास कार्य कर रही है।
"नक्सल प्रभावित इलाकों में हम शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, इंटरनेट जैसी सुविधाएं पहुंचा रहे हैं — यही असली जवाब है नक्सलवाद को,"
– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
?️ कॉन्क्लेव: संवाद और दृष्टिकोण का प्रभावशाली मंच
‘राइजिंग छत्तीसगढ़’ कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ की संभावनाओं, उपलब्धियों और आने वाले कल को लेकर अनेक विचारोत्तेजक सत्र आयोजित किए गए।
यह मंच शासन, सशक्तिकरण, नवाचार और जन भागीदारी के अद्भुत समन्वय का प्रतीक बना।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री डॉ. रामविचार नेताम, राज्य के वरिष्ठ अधिकारी, बुद्धिजीवी, पत्रकार और समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
"हमारे विकास मॉडल में अंतिम व्यक्ति की भागीदारी और लाभ को प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ सिर्फ योजनाओं से नहीं, जनता के विश्वास से आगे बढ़ रहा है। यही 'राइजिंग छत्तीसगढ़' है।"
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मिस यूनिवर्स छत्तीसगढ़ 2025 डॉ. अंजली पवार ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. अंजली पवार को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
भेंट के दौरान मुख्यमंत्री साय ने डॉ. अंजली पवार को छत्तीसगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर एवं सरगुजा जैसे प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण क्षेत्रों सहित प्रदेश के सभी धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों में पर्यटन विकास की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद उपस्थित थे।
रायपुर, 12 जुलाई 2025 / शौर्यपथ संवाददाता
छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ियों ने एक बार फिर राज्य का नाम अंतरराष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है। महासमुंद जिले के पिथौरा निवासी श्री प्रेम राजन रौतिया ने नेपाल के पोखरा में आयोजित एसबीकेएफ इंटरनेशनल गेम्स 2024 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
31 अगस्त से 4 सितंबर 2024 के बीच आयोजित इस प्रतियोगिता में श्री रौतिया ने अंडर-30 कैटेगरी में 735 किलोग्राम भार उठाकर न केवल देश बल्कि छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से स्थापित किया।
इस उपलब्धि के बाद श्री रौतिया ने आज रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देते हुए कहा,
"प्रेम राजन रौतिया जैसे युवा खिलाड़ियों की मेहनत और संकल्प पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उनकी यह जीत हम सभी के लिए गर्व का क्षण है।"
इस सम्मानजनक अवसर पर छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, श्री खेमराज बाकरे सहित मेहर रविदास समाज के अनेक प्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे। सभी ने श्री रौतिया को सम्मानित करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
यह उपलब्धि न केवल राज्य के खेल इतिहास में एक सुनहरा अध्याय जोड़ती है, बल्कि ग्रामीण अंचल से निकले खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को भी नई उड़ान देती है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
