August 19, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6096)

    रायपुर /शौर्यपथ /प्रदेश सरकार द्वारा राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें हर तरह से सबल एवं सक्षम बनाने हेतु शुरू की गई महतारी वंदन योजना राज्य के महिलाओं के लिए हर तरह से उपयोगी एवं अत्यंत लाभप्रद सिद्ध हो रही है। राज्य की महिलाएं इस योजना से प्रतिमाह मिलने वाली राशि का उपयोग इलाज, घरेलु कार्य एवं अन्य जरूरी कार्यों के लिए करने के साथ-साथ अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा-दीक्षा दिलाने में भी कर रहीं है। राज्य शासन की यह महत्वाकांक्षी योजना बालोद जिले के आदिवासी बहुल डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम खलारी की ग्रामीण महिला श्रीमती मंजूलता एवं ग्राम बनगांव निवासी श्रीमती सविता टेकाम के लिए मुश्किल वक्त का सहारा बन गई है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत इन दोनों महिलाओं को प्रतिमाह मिलने वाली राशि का उपयोग उनके बच्चों के उच्च शिक्षा के अध्ययन के लिए शुल्क जमा करने में मददगार साबित होकर यह योजना उनके बच्चों को शिक्षा-दीक्षा दिलाने की दिशा में संजीवनी साबित हो रहा है। इन दोनों महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह मिलने वाली राशि उनके बच्चों के पढ़ाई-लिखाई के लिए बहुत बड़ा सहारा बन गई है।
    राज्य शासन की इस योजना की सराहना करते हुए ग्राम खल्लारी निवासी श्रीमती मंजूलता ने कहा कि महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह मिलने वाली राशि मेरे लिए हर तरह से उपयोगी साबित हो रहा है। उन्हांेने कहा कि वे बहुत ही साधारण ग्रामीण परिवार की घरेलू महिला है। वे एवं उनके परिवार थोड़ी बहुत खेती-किसानी एवं मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन-यापन करती हैं। उन्होंने बताया कि उनका लड़का देवेन्द्र कुमार शासकीय महाविद्यालय कांकेर में बीएससी द्वितीय वर्ष का विद्यार्थी है। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नही होने के कारण महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह राशि प्राप्त होने के पहले अपने बच्चों के पढ़ाई-लिखाई के लिए राशि प्रबंध करने में बहुत कठिनाई होती थी। वे और उनका परिवार बहुत मुश्किल से अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए पैसे का प्रबंध कर पाते थे। लेकिन अब प्रतिमाह महतारी वंदन योजना अंतर्गत उनके खाते में 01 हजार रुपये की राशि जमा होने से उनके बच्चे के पढ़ाई-लिखाई के लिए राशि का प्रबंध करने के लिए किसी प्रकार की कठिनाई नही होती है। इस तरह से महतारी वंदन योजना लागू होने से उनके एवं उनके परिवार की बहुत बड़ी चिंता दूर हुई है। आज वे एवं उनके परिवार तथा उनके बच्चे बहुत ही प्रसन्नचित है।
    इसी तरह राज्य शासन की इस योजना की सराहना डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम बनगांव श्रीमती सविता टेकाम ने भी की है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी एवं मेहनत-मजदूरी का कार्य ही उनके परिवार के जीविकोपार्जन का आधार है। खराब आर्थिक स्थिति के बावजूद उन्हें और उनके बच्चों में पढ़ाई-लिखाई के प्रति उन्हें अपार लगाव है। लेकिन घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बच्चों की पढ़ाई के लिए राशि का प्रबंध करने के लिए बहुत ही कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह मिलने वाली राशि उनके बच्चों पढ़ाई-लिखाई के लिए सहारा बन कर मेरे एवं मेरे परिवार के सपनों को पंख देने एवं संबल प्रदान करने का कार्य कर रहा है। इस योजना से मिले राशि का उपयोग अपनी पुत्री कुमारी सुधा टेकाम के हेल्थ केयर प्रशिक्षण के शुल्क जमा करने मंे किया है। इस तरह से यह योजना मेेरी पुत्री सुधा के पढ़ाई-लिखाई के लिए वरदान साबित होकर उनके सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन दोनों महिलाओं ने राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की भूरी-भूरी सराहना करते हुए अपने जैसे अनेक जरूरतमंद महिलाओं के लिए मुश्किल वक्त का सहारा बताया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को हृदय से धन्यवाद देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है।

    रायपुर/शौर्यपथ /प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना  के तहत राज्य में बन रही ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अब तृतीय स्तर का निरीक्षण किया जाएगा। इस क्रम में राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक मई माह में राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे।
    छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के मुख्य अभियंता एवं राज्य गुणवत्ता समन्वयक ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना विकास एजेंसी नई दिल्ली द्वारा जारी निरीक्षण कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक श्री पंकज बकाया  द्वारा मई माह में राज्य के दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलो निर्माण कार्याे का समीक्षा किया जायेगा। उन्होंने बताया कि श्री पंकज बकाया का मोबाइल नंबर 9415110411 एवं ई-मेल आई.डीThis email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. है।

    अच्छे अंक लाने पर मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
    अंतिम छोर का गांव, जहां बढ़ रही शिक्षा के प्रति जागरूकता
    मध्यप्रदेश की सीमा से लगे माथमौर में मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरा
    रायपुर/शौर्यपथ /राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र और विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के बच्चों में अब शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। इसकी बानगी राज्य के अंतिम छोर पर बसे एक गांव में संचालित स्कूल से सामने आई है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा से लगे गांव कुवांरपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बैगा समुदाय की छात्रा कंगना बैगा ने हाई स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा (10वीं) में 83.67 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल में टॉप किया है।
    कंगना बैगा की इस उपलब्धि पर न केवल उनके परिजन और स्कूल प्रशासन बल्कि पूरा गांव गर्वित है और परिणाम के बाद से जश्न मना रहा है।
    इस बीच सुशासन तिहार-2025 की कड़ी में औचक निरीक्षण के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एम.सी.बी.) जिले के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत माथमौर गांव पहुंचे। जैसे ही बच्चों को यह जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री उनके गांव आए हैं, वे अपनी सफलता की खुशी साझा करने के लिए उनसे मिलने पहुंच गए।
    मुख्यमंत्री साय ने आत्मीयता और वात्सल्य के साथ बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने अभिभावक के रूप में संवाद करते हुए उनकी शिक्षा और भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा।
    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसके तीसरे चरण में समाधान शिविरों के माध्यम से प्रदेशवासियों की समस्याओं, मांगों और शिकायतों के निराकरण की जानकारी दी जा रही है। कई स्थानों पर स्वयं मुख्यमंत्री पहुंचकर आमजन से सीधा संवाद कर रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री साय सुदूर अंचलों में शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए आकस्मिक दौरे कर रहे हैं।
    मुख्यमंत्री के आज माथमौर गांव आने की खबर मिलते ही ग्रामीणों के साथ कई विद्यार्थी भी प्रदेश के मुखिया से मिलने पहुंचे। इस दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुवांरपुर में पढ़ने वाली 10वीं की टॉपर छात्रा कंगना बैगा (83.67%), मीनाक्षी शुक्ला (82.83%) तथा 12वीं के विद्यार्थी विद्यासागर तिवारी, सचिन कुमार बांधे और कु. शशि सिंह को मुख्यमंत्री ने पेन देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों से भविष्य की शिक्षा और करियर संबंधी योजनाओं पर संवाद किया।
    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जहां राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे हैं, वहीं शिक्षा के प्रसार पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं। इसी का सकारात्मक परिणाम है कि अब सुदूर वनांचल क्षेत्रों के बच्चे परीक्षाओं में प्रवीण्य सूची में स्थान पा रहे हैं।
    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के द्वारा  7 मई को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के  हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं का परिणाम घोषित किया गया था।

    रायपुर/शौर्यपथ /नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने रायगढ़ जिले के पुसौर नगर पंचायत में चार कार्यों के लिए पांच करोड़ 73 लाख 62 हजार रुपए मंजूर किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद संचालनालय द्वारा अधोसंरचना मद से यह राशि स्वीकृत की गई है।
      नगरीय प्रशासन विभाग ने पुसौर नगर पंचायत में बोरीडीपा चौक से कॉलेज तक सड़क निर्माण के लिए चार करोड़ आठ लाख 58 हजार रुपए, वार्ड क्रमांक-15 में रानीसागर तालाब के सौंदर्याकरण के लिए 86 लाख 40 हजार रुपए, पशु चिकित्सालय से गांधी चौक तक सौंदर्याकरण के लिए 51 लाख 85 हजार रुपए तथा तीन आर.सी.सी. नालियों के निर्माण के लिए 26 लाख 79 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं।

      रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल परीक्षा 2025 के परिणाम जारी किए। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंडल के वेबसाइट में परीक्षा परिणाम अपलोड किया। वर्ष 2025 की हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल के परीक्षा में बालिकाओं ने अपना परचम लहराया है। 10वीं की परीक्षा में 80.70 प्रतिशत और 12वीं की परीक्षा में 84.67 प्रतिशत बालिकाओं ने सफलता प्राप्त की है। दोनों परिक्षाओं में बालकों का प्रतिशत क्रमशः 71.39 और 78.07 रहा है। 10वीं एवं 12वीं की प्रावीण्य सूची में कांकेर जिले के बच्चों ने प्रथम स्थान बनाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सफल हुए विद्यार्थियों और उनके पालकों को बधाई दी है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। किन्ही कारणों से असफल रहने वाले विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री ने कहा है कि वे फिर से दुगुनी मेहनत और दुगुनी लगन के साथ तैयारी करें और अगले परीक्षा में अवश्य सफल होंगे।
        छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हाई स्कूल सर्टिफिकेट (10वीं) की मुख्य परीक्षा में कुल तीन लाख 23 हजार 94 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। उनमें से एक लाख 45 हजार 141 बालक और एक लाख 77 हजार 953 बालिकाएं हैं। इनमें से कुल तीन लाख 21 हजार 299 परीक्षार्थियों के परिणाम घोषित किए गए। जिसमें कुल दो लाख 45 हजार 913 (कुल 76.53 प्रतिशत) परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। इसी तरह हायर सेकेण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट (12वीं) की परीक्षा में कुल दो लाख 38 हजार 626 परीक्षार्थी शामिल हुए। जिनमें से एक लाख एक हजार 184 बालक और एक लाख 37 हजार 442 बालिकाएं हैं। इनमें से कुल एक लाख 94 हजार 906 (81.87 प्रतिशत) परीक्षार्थी उत्तीर्ण रहे। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट https:cg.results.nic.in तथा https:www.cgbse.nic.in पर परीक्षा परिणाम उपलब्ध है।  इस अवसर पर विधायक रायपुर (ग्रामीण) श्री मोतीलाल साहू, अपर मुख्य सचिव एवं माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु जी पिल्ले, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव श्रीमती पुष्पा साहू सहित माध्यमिक शिक्षा मंडल के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

    रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में गृह विभाग की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री साय ने बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर सुरक्षाबलों की नक्सलियों के विरुद्ध जारी मुठभेड़ के विषय में अधिकारियों से अपडेट लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने ऑपेरशन के संदर्भ में भविष्य की रणनीति के बारे में अधिकारियों से चर्चा की।
    बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक  अरूण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नक्सल ऑपेरशन  विवेकानंद सिन्हा उपस्थित थे।

    रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षाओं का परिणाम जारी किया। मुख्यमंत्री साय ने सभी सफल विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उनके परिजनों और गुरूजनों को भी बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
    मुख्यमंत्री साय ने परीक्षा में किसी कारणवश अनुत्तीर्ण रह जाने वाले विद्यार्थियों को अगली परीक्षा के लिए फिर से दोगुने उत्साह के साथ तैयारी करने की समझाईश दी है। उन्होंने कहा कि असफलता से विद्यार्थी निराश न हो, क्योंकि जीवन में असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी है।
    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल की अध्यक्ष एवं अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस., स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, माध्यमिक शिक्षा मण्डल के सदस्य मोती लाल साहू, माध्यमिक शिक्षा की सचिव श्रीमती पुष्पा साहू सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

    समाधान के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा सुशासन तिहार
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं कर रहे फील्ड विजिट
    रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य में आम जनता की शिकायतों एवं मांगों के त्वरित समाधान के लिए ‘सुशासन तिहार’ का आयोजन पूरे उत्साह के साथ जारी है। तीसरे चरण में प्रदेशभर के गांवों और कस्बों में शासन-प्रशासन पूरी तत्परता और तन्मयता के साथ आमजन की बाते सुन रहा है और उनका का समाधान कर रहा है। मुख्यमंत्री स्वयं इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं। वे हेलीकाप्टर से गांवों के आकस्मिक दौरे कर रहे हैं। शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन कर रहे हैं। जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं और समाधान शिविरों में पहुंचकर लोगों की समस्याओं को सुनकर उसका मौके पर निराकरण करवा रहे हैं। यह जनता-जनार्दन के प्रति छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
    राज्य में अब तक 40 लाख 95 हजार आवेदन
    सुशासन तिहार के तहत अब तक 40 लाख 95 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अधिकांश का निराकरण कर लिया गया है। इसमें धमतरी जिला ने लगभग 2 लाख 28 हजार आवेदनों में से 99.38 प्रतिशत का निराकरण कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश के 14 जिले क्रमशः धमतरी, महासमुंद, सक्ति, बालोद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली, रायपुर, सरगुजा, दक्षिण बस्तर दंतेवाडा, दुर्ग, जांजगीर-चाम्पा, नारायणपुर, बीजापुर ने 90 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निराकरण कर लिया है, जबकि गरियाबंद, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, बिलासपुर, राजनांदगाँव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बलौदा बाज़ार-भाटापारा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कबीरधाम, बेमेतरा, जशपुर, कोरिया, उत्तर बस्तर कांकेर, सूरजपुर जिले ने 80 से 90 प्रतिशत आवेदनों का समाधान किया है। बस्तर जिले में 78.48 प्रतिशत, कोण्डागांव में 70.97 प्रतिशत, बलरामपुर-रामानुजगंज जिलें में 60.59 प्रतिशत, मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर ने 59.09. प्रतिशत, कोरबा जिले ने 41.61 प्रतिशत तथा सुकमा जिले ने 30 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है, जो इस बात का प्रमाण है कि राज्यभर में त्वरित एवं प्रभावी समाधान की दिशा में निरंतर प्रयास जारी हैं।
    रायपुर को मिले सर्वाधिक आवेदन
    रायपुर जिले को 3 लाख 764 आवेदन प्राप्त हुए, जो राज्य में सर्वाधिक है। इसके बाद दूसरे क्रम पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिला है। धमतरी, बिलासपुर और बस्तर क्रमशः तीसरे, चौथे और पांचवे स्थान पर हैं। निराकरण के मामले में धमतरी पहले, महासमुंद दूसरे और सक्ति जिला तीसरे स्थान पर हैं। बालोद और रायगढ़ चौथे और पांचवें क्रम पर हैं।
    सुशासन तिहार के दौरान सर्वाधिक 10 लाख से अधिक आवेदन प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित प्राप्त हुए, जिनमें से 94.70 प्रतिशत का निराकरण हो चुका है। उज्ज्वला योजना से जुड़े 1.47 लाख और राशन कार्ड हेतु 1.12 लाख आवेदनों में से अधिकांश का समाधान कर दिया गया है। शहरी क्षेत्रों में सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था और स्वच्छता से संबंधित मांगें भी प्रमुख रहीं।
    पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 25 लाख 77 हजार 747 आवेदन प्राप्त हुए। राजस्व विभाग को 3 लाख 74 हजार 429, खाद्य विभाग को 2 लाख 18 हजार 113, महिला एवं बाल विकास विभाग को 1 लाख 57 हजार और नगरीय प्रशासन विभाग को 1 लाख 42 हजार 475 आवेदन प्राप्त हुए। निराकरण में महिला एवं बाल विकास विभाग प्रथम, श्रम विभाग दूसरे, तथा उद्योग, पशुपालन और खाद्य विभाग क्रमशः तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर हैं।
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की यह पहल छत्तीसगढ़ राज्य को, जनभागीदारी पर आधारित सुशासन की दिशा में आगे बढ़ा रही है। गांवों में शिविरों में पहुँचकर आम लोगों से संवाद करना, शिकायतों की तत्काल सुनवाई करना और शासकीय तंत्र को अधिक उत्तरदायी बनाना, यही सुशासन तिहार की मूल भावना है।
    ‘सुशासन तिहार’ छत्तीसगढ़ शासन की एक अभिनव पहल है, जिसने प्रशासन को जनता के और निकट लाकर विश्वास, समाधान और सेवा की एक मजबूत परंपरा को जन्म दिया है। यह अभियान मुख्यमंत्री की सोच को साकार करता है, जहाँ सरकार सिर्फ कार्यालयों में नहीं, बल्कि गांव-गांव जाकर आमजन की आवाज सुनती है और हर समस्या का समाधान करती है।

     जिला  स्तर  पर कार्यशाला आयोजित कर  लोगों  को जागरूक किया  जाय
      रायपुर /शौर्यपथ / मुख्य  सचिव  अमिताभ  जैन  ने  प्रदेश   के  सभी  कलेक्टरों  को   संपत्तियों के  रजिस्ट्री में किए  गए 10 क्रांतियों  का  जिला  स्तर  पर  प्रभावी  क्रियान्वयन  करने  के निर्देश  दिए  हैं।  उन्होंने कहा  कि  आम जनता  के हित में  किए  गए  क्रांतिकारी  सुधारों  की  जानकारी  लोगों  को  दी  जाय।
    मुख्य  सचिव  श्री  जैन  ने कहा है  कि पंजीयन विभाग की 10 जन उपयोगी पहलुओं का उद्देश्य संपत्ति पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी सरल, डिजिटल और नागरिक केंद्रित बनाना है। आधार आधारित प्रमाणीकरण ऑनलाइन भार मुक्त प्रमाण पत्र व्हाट्सएप सूचना सेवा, घर बैठे, रजिस्ट्री और स्वतः नामांतरण जैसी सुविधाओं के माध्यम से आम जनता को पंजीयन का लाभ अब कहीं अधिक सरलता से प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने कलेक्टरों से कहा है कि इन सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर वर्कशॉप आयोजित कर सतत निगरानी की जाए तथा जन सामान्य को सेवाओं की जानकारी दी जाए।
     मुख्य  सचिव  ने  कहा  है कि  कलेक्टरों  की भागीदारी से यह पहल जमीनी स्तर पर सफल होंगी और छत्तीसगढ़ सुशासन की एक सशक्त मॉडल के रूप में अधिक सुदृढ़ होगा।
    उल्लेखनीय है  कि  मुख्यमंत्री विष्णु  देव  साय ने  3 मई को पंजीयन  विभाग  की 10 क्रांतिकारी सुधारों  का  शुभारंभ  किया  था।  इनके अंतर्गत फर्जी रजिस्ट्री रोकने के लिए आधार सत्यापन,रजिस्ट्री खोज एवं डाउनलोड, ऑनलाइन  भार  मुक्त  प्रमाण पत्र, स्टांप एवं पंजीयन शुल्क का कैशलेस भुगतान, व्हाट्सएप सेवाएं, डीजी लॉकर सेवाएं, रजिस्ट्री दस्तावेजों का स्वतः निर्माण,  घर बैठे स्टांप सहित दस्तावेज निर्माण,  घर बैठे, रजिस्ट्री,  रजिस्ट्री के साथ  स्वतः नामांतरण जैसी सेवाएं शामिल हैं।

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