August 19, 2026
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    रायपुर

    रायपुर (6096)

      रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा सुशासन तिहार 2025 के तहत छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के अति संवेदनशील और सुदूर ग्राम मुलेर में की गई घोषणाएं अब धरातल पर उतरने लगी हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए उपस्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, तीन सीसी सड़कों के निर्माण और डोम शेड निर्माण के लिए कुल 21.54 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।
    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  साय ने बीते दिनों सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम मुलेर का औचक दौरा कर विकास शिविर का निरीक्षण किया था। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामवासियों में विशेष उत्साह देखा गया। ग्रामीणों ने मौके पर स्वास्थ्य, सड़क और सामुदायिक सुविधा से जुड़ी अपनी प्रमुख मांगें रखीं, जिन पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल स्वीकृति दी और प्रशासन को निर्देशित किया कि कार्यों को प्राथमिकता से शीघ्र पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस त्वरित और जनहितैषी पहल से न केवल ग्राम मुलेर में बुनियादी सुविधाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है, बल्कि शासन की जनकल्याण के प्रति संवेदनशीलता भी देखने को मिली है। पहल शासन और आम जनता के बीच विश्वास को और अधिक मजबूत करेगी।

    चिंगावरम पहुँचकर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने 17 मई 2010 को नक्सलियों द्वारा किए गए बम विस्फोट में शहीद हुए वीर जवानों और ग्रामीणों को दी श्रद्धांजलि
    सुकमा के चिंगावरम में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के सम्मान में भव्य तिरंगा यात्रा: रैली में शामिल हुए गृहमंत्री विजय शर्मा और प्रभारी मंत्री केदार कश्यप
    रायपुर/शौर्यपथ /उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप एकदिवसीय दौरे पर आज सुकमा जिले के चिंगावरम पहुंचे। उनके साथ बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुंदरराज, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव तथा महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी भी उपस्थित थीं।
    कार्यक्रम का शुभारंभ चिंगावरम में 17 मई 2010 को नक्सलियों द्वारा किए गए बम विस्फोट में शहीद हुए वीर जवानों और ग्रामीणों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किया गया। शहीदों के चित्रों पर दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर बस दुर्घटना से प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों ने भी वीर बलिदानियों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने सभी शोक संतृप्त परिवारों से सीधा संवाद किया, उनका हालचाल जाना और पूर्व की घटना से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।
    गृहमंत्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीणों को सभी शासकीय योजनाओं का लाभ पहुँचा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं आदिवासी समाज से हैं और पूरे प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हैं।
    गृहमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च 2026 तक देश से सशस्त्र माओवाद पूर्णतः समाप्त कर दिया जाएगा और अगले एक साल के भीतर प्रदेश में शांति व्यवस्था स्थापित कर दी जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि यदि कोई भटके हुए लोग उनके संपर्क में हों, तो उन्हें समझाकर समाज की मुख्यधारा में लाएं।
    वनमंत्री  केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री श्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने बस्तर के विकास और इसे नक्सलमुक्त करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि यह संकल्प प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का भी संकल्प है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार चिंगावरम के एक-एक व्यक्ति के साथ है। वर्तमान में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है और यह क्षेत्र आने वाले एक वर्ष के भीतर नक्सलमुक्त होगा और विकास की ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा। मैं हमारे अमर शहीदों को प्रणाम करता हूँ, जिनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी।
    कार्यक्रम के अंत में गृहमंत्री विजय शर्मा ने बस दुर्घटना में शहीद हुए वीर जवानों और ग्रामीणों के परिजनों को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही उन्होंने चिंगावरम में शहीदों की स्मृति में एक सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की, जिसमें सभी बलिदानियों की तस्वीरों के साथ एक स्मारक भी स्थापित किया जाएगा। उन्होंने पंचायत में एक रंगमंच निर्माण, एक स्टॉप डेम की मरम्मत और पक्की सड़क निर्माण की भी घोषणा की।
     ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के उपलक्ष्य में आज चिंगावरम में एक भव्य तिरंगा यात्रा रैली का आयोजन किया गया। इस गौरवपूर्ण अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री  केदार कश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे।
    रैली में चिंगावरम और आसपास के ग्रामीणों ने भारी उत्साह और देशभक्ति के जोश के साथ भाग लिया। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित लोग तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों के साथ चल रहे थे। इस आयोजन ने न केवल सुरक्षा बलों के अदम्य साहस को सम्मानित किया, बल्कि यह भी दर्शाया कि अब बस्तर का आम नागरिक भी आतंक और भय के विरुद्ध खड़ा है।

    डबल इंजन की सरकार में बस्तर में शांति स्थापित करने में मिल रही कामयाबी: मुख्यमंत्री
    राज्य सरकार के प्रयासों से दूरस्थ अंचल में बैंकिंग सुविधाओं का हो रहा प्रसार
    12 गांव के लगभग 14 हजार लोगों को मिलेगा बैंक का लाभ
          रायपुर /शौर्यपथ /लंबे समय से नक्सल समस्या से प्रभावित रहे छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र के लोगों को भी अब बैंकिंग सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास से सुकमा के जगरगुंडा में इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा का वर्चुअल शुभारंभ किया। बैंक की इस शाखा से आसपास के 12 गांव के लगभग 14 हजार ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधा का लाभ मिलेगा।
    मुख्यमंत्री  साय ने शुभारंभ कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन इस क्षेत्र के लोगों के लिए ऐतिहासिक है। लंबे समय से यह क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित रहा है।  पिछले डेढ़ वर्षों में हमारी डबल इंजन की सरकार में हम बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापित करने में कामयाब हुए हैं। यही कारण है कि आज यहां बैंक की नई शाखा खुली है। लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रहा है।
    मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार की सुरक्षा, विकास और विश्वास की रणनीति, सुरक्षा बलों के लगातार अभियान और केंद्र और राज्य सरकार के दृढ़ संकल्प से बस्तर अंचल के गांव तेजी से नक्सल समस्या से उबर कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं।
    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी में सभी ग्राम पंचायत में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की गारंटी दी गई है,  जिस पर अमल करते हुए 24 अप्रैल राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर प्रत्येक विकासखंड की 10 - 10 ग्राम पंचायतों में 1460 अटल पंचायत डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं। जहां ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों में इस सुविधा का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को सुशासन तिहार की भी विस्तार से जानकारी दी। श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान उन्होंने स्वयं डिजिटल सेवा केंद्रों पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। ग्रामीण यहां बैंकिंग सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि जब वे दंतेवाड़ा में कलेक्टर थे, तब यह इलाका घोर नक्सल प्रभावित था। अंदरूनी इलाके में जाने के पहले सोचना पड़ता था। वर्ष 2001 में इस भवन में ग्रामीण बैंक की शाखा थी, जिसे नक्सलियों द्वारा लूटने का प्रयास किया गया था। आज इसी भवन में इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा खुल रही है। यहां से ग्रामीणों को तेंदूपत्ता बोनस, किसान सम्मान निधि जैसी अनेक योजनाओं की राशि गांव में ही मिलेगी।
    वित्तमंत्री  चौधरी ने बैंक परिसर में कैश काउंटर और शाखा प्रबंधक कार्यालय का निरीक्षण करते हुए बैंक में अपना भी खाता खुलवाया। उनके साथ महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी ने भी बैंक में अपना खाता खुलवाया। उल्लेखनीय है कि बैंक के साथ ही एटीएम की सुविधा भी ग्रामीणों के लिए उपलब्ध कराई गई है।
    शुभारम्भ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव वर्चुअली जुड़े थे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, कलेक्टर सुकमा  देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता जैन और बैंक के रीजनल मैनेजर गौरीशंकर नायक जगरगुण्डा में उपस्थित थे।

    सार्वजनिक उपक्रमों, तेल और गैस विपणन कंपनियों को रियायती लीज दर पर दी जाएगी जमीन
       रायपुर /शौर्यपथ /राज्य शासन ने जैव अपशिष्ट और कृषि अपशिष्ट के प्रसंस्करण के लिए नगरीय निकायों में स्थापित किये जाने वाले बायो-सीएनजी संयंत्रों हेतु भूमि आबंटन के लिए सभी जिलों के कलेक्टरों को परिपत्र जारी किया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा मंत्रालय से जारी परिपत्र में विगत 17 अप्रैल को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि मंत्रिपरिषद के निर्णय के परिपालन में राज्य के सभी नगरीय निकायों में जैव अपशिष्ट-सह-कृषि अपशिष्ट के प्रसंस्करण के लिए स्थापित किये जा रहे बायो-सीएनजी संयंत्रों हेतु रियायती लीज दरों पर शासकीय भूमि का आबंटन किया जाना है। बायो-सीएनजी संयंत्रों की स्थापना हेतु आवश्यक कार्यवाही के लिए नगरीय प्रशासन विभाग और संबंधित नगरीय निकाय को अधिकृत किया गया है।
        राज्य शासन ने नगरीय निकायों में जैव अपशिष्ट और कृषि अपशिष्ट के प्रसंस्करण के लिए स्थापित किये जा रहे बायो-सीएनजी संयंत्रों हेतु सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों एवं शासकीय तेल और गैस विपणन कंपनियों को बायो-सीएनजी संयंत्रों के लिए अधिकतम दस एकड़ शासकीय भूमि का आबंटन रियायती लीज दर एक रुपए प्रति वर्गमीटर के मान से करने के लिए कलेक्टरों को निर्देशित किया है। विभाग ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों एवं शासकीय तेल और गैस विपणन कंपनियों को अधिकतम 25 वर्षों की लीज पर भूमि आबंटित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

    नक्सल विरोधी अभियान की सफलता पर दी बधाई
      रायपुर /शौर्यपथ/मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बीजापुर जिले के उसूर तहसील के अंदरूनी गांव गलगम पहुंचे, जहाँ उन्होंने सीआरपीएफ के जवानों और स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात कर हालिया नक्सल विरोधी अभियान की सफलता पर चर्चा की। इस अभियान में सुरक्षा बलों ने करेगुट्टा की पहाड़ी पर 21 दिनों तक चले ऑपरेशन में 31 कुख्यात माओवादी आतंकियों को मार गिराया और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए। मुख्यमंत्री साय ने इस अभियान को नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
      मुख्यमंत्री  साय ने भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारे के उद्बोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों ने अदम्य साहस और समर्पण के साथ इस ऑपरेशन को सफल बनाया है। यह न केवल बीजापुर बल्कि पूरे राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। गलगम और करेगुट्टा का क्षेत्र लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ माना जाता रहा है और इस अभियान ने इस इलाके को सुरक्षित बनाने की दिशा में नई उम्मीद जगाई है। सीआरपीएफ जवानों से मुलाकात के दौरान साय ने उनके साहस की सराहना की और कहा कि आपके शौर्य और निष्ठा से ही हम नक्सलवाद के खिलाफ इस लड़ाई को जीत रहे हैं।
      मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमें सरकार में आए डेढ़ साल हुए हैं और  इस अवधि में हमने राज्य में सुशासन स्थापित करने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आप लगातार अनेक कठिन नक्सल विरोधी ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं।  आप 44 डिग्री की गर्मी में भी ऑपरेशन चलाते हैं। ऐसे जवानों के अदम्य साहस को मैं नमन करता हूँ। उन्होंने बताया कि वे सुरक्षा कैम्प को सुविधा कैम्प मानते हैं क्योंकि सुरक्षा कैम्प के माध्यम से अब बस्तर के सुदूर इलाकों में अनेक तरह की सुविधाएं पहुंच रही हैं।
    मुख्यमंत्री साय के कहा कि जब हमारी सरकार आयी तो इस क्षेत्र में सबसे पहला कैम्प मूलेर में खोला गया। आज मूलेर समेत आसपास के गांव में राशन की सुविधा, बिजली, स्वास्थ्य, स्कूल, मोबाइल टॉवर जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व और मार्गदर्शन में नक्सल विरोधी  अभियान में लगातार सफलता मिल रही है। राज्य में मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य है, निश्चित रूप से फोर्स के जवानों के अदम्य साहस की बदौलत हम इस संकल्प को पूरा कर लेंगे। उन्होंने कहा बस्तर में नियद नेल्ला नार योजना ने स्थानीय लोगों से जुड़ने में अहम भूमिका निभाई है।
      अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्रामीण हितग्राहियों से भी मुलाकात की और उन्हें राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड का वितरण करते हुए पीएम आवास योजनांतर्गत स्पेशल प्रोजेक्ट नक्सल पीड़ित व आत्मसमर्पित परिवारों को स्वीकृति पत्र प्रदान किया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सरकार क्षेत्र में विकास कार्यों को और अधिक तेज गति से करेगी साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य है, और इसके लिए सुरक्षा बलों के साथ-साथ स्थानीय समुदायों का सहयोग भी जरूरी है।
    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि क्षेत्र में सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा, ताकि ग्रामीण मुख्यधारा से जुड़ सकें। इसके साथ ही, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।  मुख्यमंत्री साय ने गलगम कैंप में जवानों के साथ तस्वीर खिंचाई और भारत माता के जयकारे से उनका जोश बढ़ाया। जवानों ने भी नारे लगाते हुए देशभक्ति का जज़्बा दिखाया। मुख्यमंत्री ने जवानों संग बैठकर भोजन भी किया।
    गलगम कैम्प में हुए आयोजन में पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने अपने उद्बोधन में फोर्स के जवानों द्वारा किए जा रहे सिविक एक्शन को सराहा। वहीं कलेक्टर बीजापुर  संबित मिश्रा ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय को बताया कि सुशासन तिहार-2025 के अंतर्गत बीते कल ही गलगम में समाधान शिविर का आयोजन किया गया था। इस दौरान गलगम कलस्टर में कुल 1590 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से अधिकतर आवेदन वन अधिकार पत्र के थे, जिनका परीक्षण कर सार्थक कार्यवाही की जा रही है।
    इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, बस्तर रेंज आईजी  सुंदरराज पी., डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा बलों के जवान उपस्थित थे।

       रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर संभाग के अतिदूरस्थ और आदिवासी बहुल ग्राम मुलेर का दौरा किया। यह गांव दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित अंतिम गांवों में से एक है, जहाँ अब नियद नेल्लानार योजना के तहत समावेशी विकास कार्य तेज़ी से हो रहे हैं।
      मुख्यमंत्री साय का ग्रामीणों ने महुआ, आमपत्ती से बने पारंपरिक हार और गौर मुकुट पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम का भी छिंद पत्तों से बने पारंपरिक गुलदस्तों से अभिनंदन किया गया।
      मुख्यमंत्री साय ने इमली के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामवासियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की ज़मीनी समस्याएं सुनीं और विकास की प्राथमिकताओं पर चर्चा की। उन्होंने राशन दुकान का निरीक्षण किया, जहां हितग्राहियों से बातचीत कर राशन वितरण की नियमितता, गुणवत्ता, और उपयोग की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने खाद्यान्न का वजन भी मौके पर करवाया और एक हितग्राही का राशन कार्ड देखा। मुख्यमंत्री साय ने आंगनबाड़ी में बच्चों से आत्मीय वार्तालाप कर उनके अक्षर ज्ञान, रंग-पहचान आदि की जानकारी ली और बच्चों को चॉकलेट वितरण किया।
      मुख्यमंत्री साय ने मौके पर ही कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं, जिनमें अंदल कोसम माता मंदिर निर्माण के लिए 4 लाख रूपए की स्वीकृति, ग्राम में उप स्वास्थ्य केन्द्र स्थापना, नाहाड़ी तक संपर्क सड़क का निर्माण तथा गांव के सभी पारा को जोड़ने हेतु पुलिया और सीसी सड़क निर्माण के लिए 5 लाख रूपए की स्वीकृति शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही शिविर लगाकर वनाधिकार मान्यता पत्र, आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने की कार्यवाही की जाएगी।
      मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर प्रदेश की 10वीं बोर्ड परीक्षा में 9वां स्थान प्राप्त करने वाली दंतेवाड़ा की छात्रा रमशिला नाग से भेंट की, उसे पुष्पगुच्छ भेंटकर और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया, और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
       ग्राम मुलेर में मुख्यमंत्री साय का यह दौरा न केवल सुशासन की संवेदनशीलता का प्रतीक रहा, बल्कि यह भी साबित करता है कि राज्य सरकार प्रदेश के हर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के लिए कटिबद्ध है।
    दंतेवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत मुलेर: योजनाओं के क्रियान्वयन से हो रहा सर्वांगीण विकास
      उल्लखेनीय है कि छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की दूरस्थ ग्राम पंचायत मुलेर विकास की नई इबारत लिख रही है। सीमित संसाधनों के बावजूद विभिन्न सरकारी योजनाओं के कुशल क्रियान्वयन ने इस गांव को सशक्तिकरण, स्वावलंबन और सेवा की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान किया है।
       बड़े बचेली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मुलेर जिला मुख्यालय से लगभग 90 किमी दूर स्थित है। कुल 112 परिवारों में 474 लोग निवासरत हैं, जिनमें 100 प्रतिशत माड़िया जनजाति के लोग हैं। गांव में दो आंगनबाड़ी केन्द्र (बाल्केपारा व पटेलपारा) संचालित हैं। गांव में 6 महिला स्व-सहायता समूह कार्यरत हैं, जिनमें लक्ष्मी समूह को डीएमएफ मद से ट्रैक्टर प्रदाय किया गया है। इसका उपयोग खेती के साथ-साथ किराए पर भी किया जा रहा है। बीपीएल कार्डधारी परिवारों को राशन की नियमित आपूर्ति की जा रही है। गांव में सौर ऊर्जा से होम लाइटिंग की व्यवस्था है। महतारी वंदन योजना अंतर्गत ग्राम मुलेर में महिलाएँ महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हो रही हैं, जिससे उन्हें आर्थिक सहयोग के साथ आत्मसम्मान का अनुभव हो रहा है। मुलेर ग्राम पंचायत सुदूर आदिवासी क्षेत्र में सरकारी योजनाओं की जमीनी पहुँच और सुचारू क्रियान्वयन का एक अनुकरणीय उदाहरण है। यहां जनभागीदारी और प्रशासनिक तत्परता से विकास की दिशा में सतत और ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

    रायपुर/शौर्यपथ /प्रदेश के वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन 15 मई गुरूवार कोण्डागांव जिले के फरसगांव एवं गुरुवार 16 मई क़ो खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम सलौनी में आयोजित सुशासन तिहार के अंतर्गत समाधान शिविर में शामिल होंगे।
    मंत्री श्री देवांगन 15 मई को रायपुर के शंकर नगर स्थित अपने निवास से सुबह 10 बजे फरसगांव जिला कोण्डागांव के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर 1.40 बजे कोण्डागांव जिले विकासखंड माकड़ी के ग्राम रांधना में आयोजित सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत समाधान शिविर में सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम पश्चात दोपहर 3.30 बजे फरसगांव से प्रस्थान कर सायं 6.30 रायपुर लौट आएंगे।
    मंत्री श्री देवांगन 16 मई को रायपुर के शंकर नगर स्थित अपने निवास से सुबह 10 बजे ग्राम सलौनी जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर 12 बजे खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के रानी रश्मि देवी खेल मैदान ग्राम सलौनी में आयोजित सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत समाधान शिविर में सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम पश्चात दोपहर 3 बजे खैरागढ़ से प्रस्थान कर सायं 7 बजे चारपारा कोहड़िया जिला कोरबा आएंगे और रात्रि विश्राम करेंगे।

     रायपुर /शौर्यपथ / मंत्रिपरिषद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्य के शासकीय विद्यालयों में ‘‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान का संचालन करने का अहम निर्णय लिया गया।
     इस अभियान के अंतर्गत शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, पालक-शिक्षक सहभागिता बढ़ाने और शैक्षणिक उपलब्धियों को उन्नत करने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष फोकस किया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अभियान के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा। अभियान के तहत विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण कर गुणवत्ता के आधार पर ग्रेडिंग की जाएगी। कमजोर शालाओं की नियमित मॉनीटरिंग विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। मॉडल शालाओं का चयन कर, कमजोर शालाओं के शिक्षकों को वहाँ शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। पालक-शिक्षक बैठकों (पीटीएम) के माध्यम से अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में वृद्धि के लिए कक्षा शिक्षण प्रक्रियाओं में सुधार किया जाएगा।
     मंत्रिपरिषद ने साहित्य और कला के क्षेत्र में राज्य के अर्थाभावग्रस्त कलाकारों और साहित्यकारों के लिए एक बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। विधानसभा बजट सत्र में की गई घोषणा के परिपालन में अब कलाकारों को दी जाने वाली मासिक वित्तीय सहायता (पेंशन) को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इसके लिए संस्कृति विभाग अंतर्गत संचालित वित्तीय सहायता योजना नियम-1986 में संशोधन के प्रस्ताव का मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया। इससे उन कलाकारों और साहित्यकारों को आर्थिक संबल मिलेगा, जो आजीविका के लिए संघर्षरत हैं।
     यह योजना वर्ष 1986 में प्रारंभ की गई थी, तब न्यूनतम सहायता राशि 150 रुपये और अधिकतम 600 रुपये निर्धारित थी। बाद में वर्ष 2007 में इसे बढ़ाकर 1500 रुपये और फिर 2012 में 2000 रुपये किया गया। लेकिन पिछले 12 वर्षों में कोई वृद्धि नहीं हुई थी। वर्तमान में राज्य में कुल 162 कलाकारों को यह पेंशन दी जा रही है।
     वर्तमान में हर कलाकार को सालाना 24 हजार रुपये पेंशन मिल रही है, जो संशोधन के बाद बढ़कर 60 हजार रुपये हो जाएगी। इससे कुल वार्षिक व्यय 38.88 लाख रुपये से बढ़कर 97.20 लाख रुपये हो जाएगा, जिससे राज्य पर 58.32 लाख रुपये का अतिरिक्त वार्षिक भार आएगा।
     मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में औद्योगिक विकास को और अधिक गति देने एवं भूमि आबंटन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
    इस संशोधन से औद्योगिक क्षेत्रों, लैंड बैंक तथा अन्य भूमि खंडों के आबंटन की प्रक्रिया में और अधिक स्पष्टता व पारदर्शिता आएगी, इससे औद्योगिक निवेशकों को भूमि आबंटन प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने व लाभ उठाने में सुविधा होगी।
     मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में कई महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी है। इससे राज्य की औद्योगिक नीति और अधिक रोजगारपरक, व्यापक और उद्यमों के लिए लाभकारी हो जाएगी।
    प्रस्तावित संशोधन से राज्य में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे साथ ही आधुनिक खेती से लेकर खिलौना उद्योग तक को बढ़ावा मिलेगा।
    युवाओं को मिलेगा रोजगार - नई नीति के तहत जिन कंपनियों में छत्तीसगढ़ के लोगों को नौकरी मिलेगी, उन्हें सरकार की तरफ से अनुदान मिलेगा।
     हाइटेक खेती को बढ़ावा - अब हाइड्रोपोनिक और ऐयरोपोनिक जैसी आधुनिक खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को नई तकनीक, जैसे ऑटोमेशन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स का फायदा मिलेगा।
     युवाओं के लिए ट्रेनिंग और खेल की सुविधाएं - राज्य में खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्रों को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे युवाओं को बेहतर ट्रेनिंग और करियर के अवसर मिलेंगे।
     गुणवत्ता पूर्ण विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा।
     ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग और सर्विस सेंटर को सभी विकासखण्ड समूहों में मान्य किया जाएगा।
     पर्यटन और होटल व्यवसाय को बढ़ावा - बस्तर और सरगुजा संभाग में होटल और रिसॉर्ट बनाने के लिए निवेश की न्यूनतम सीमा घटा दी गई है, जिससे इन इलाकों में पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
     कपड़ा उद्योग को दोगुना प्रोत्साहन - टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश करने पर अब 200 प्रतिशत तक का प्रोत्साहन मिलेगा। इससे सिलाई, कढ़ाई और बुनाई जैसे काम करने वालों को भी फायदा मिलेगा।
     लॉजिस्टिक हब बनेगा छत्तीसगढ़ - अब राज्य के हर हिस्से में माल ढुलाई और व्यापार को आसान बनाने के लिए नई लॉजिस्टिक नीति लाई जाएगी। इससे व्यापारियों को फायदा होगा और बाजारों तक पहुंच आसान होगी।
     दिव्यांगजनों को विशेष लाभ - दिव्यांगजनों की परिभाषा को नया रूप दिया गया है ताकि उन्हें ज्यादा योजनाओं का लाभ मिल सके।
     ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर को विशेष पैकेज, निजी औद्योगिक पार्क के लिए अधोसंरचना अनुदान में बढ़ोत्तरी तथा प्लग एंड प्ले फैक्ट्री निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा।
     प्रदेश में इज आफ लिविंग को बढ़ावा देने हेतु, न्यूनतम 500 विद्यार्थी क्षमता के कक्षा पहली से 12वीं निजी सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूल एवं मल्टिप्लेक्स युक्त मिनी मॉल से वंचित प्रदेश के नगरीय क्षेत्र एवं नगरीय क्षेत्र से भिन्न विकासखण्ड मुख्यालय से 10 किलोमीटर की परिधि तक के क्षेत्र में प्रथम तीन इकाई को थ्रस्ट सेक्टर की भांति सम्मिलित किया जाएगा। 

    महानदी तटबंध निर्माण और हाई मास्ट लाइट लगाने शुरू हुई कार्यवाही
    सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री के दौरे का असर जमीनी स्तर पर दिखने लगा
    रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 9 मई को सुशासन तिहार के दौरान ग्राम बल्दाकछार में की गई घोषणाएं अब धरातल पर उतरने लगी हैं। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के अनुरूप जिला प्रशासन ने तीव्रता से कार्यवाही करते हुए संबंधित विभागों को तत्काल सर्वे एवं योजना निर्माण के निर्देश दिए हैं।
    कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशन में आज जल संसाधन विभाग और क्रेड़ा (CREDA) विभाग के अभियंताओं की टीम बल्दाकछार पहुंची। टीम ने दो अहम कार्योंकृमहानदी तट पर तटबंध निर्माण और ग्राम में हाई मास्ट लाइट की स्थापना के लिए सर्वे की प्रक्रिया प्रारंभ की।
    बाढ़ से सुरक्षा के लिए पक्का तटबंध
    हर वर्ष महानदी की बाढ़ से कटाव झेल रहे बल्दाकछार गांव के लिए राहत भरी खबर है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, ग्राम को कटाव से सुरक्षित रखने के लिए महानदी के दाएं तट पर पक्के तटबंध का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। प्रारंभिक सर्वे के अनुसार, लगभग डेढ़ किलोमीटर लम्बाई में 5 मीटर स्लांट हाइट के साथ सीमेंट-कांक्रीट संरचना बनाई जाएगी, जिससे कटाव को रोका जा सकेगा। इस कार्य की अनुमानित लागत 888 लाख रुपये है।
    गांव में रोशन होगा अंधेरा: हाई मास्ट लाइट योजना
    मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल करते हुए क्रेड़ा विभाग ने भी ग्राम में हाई मास्ट लाइट लगाने हेतु स्थल का चयन कर लिया है। इंजीनियरों ने सरपंच व ग्रामीणों के साथ मिलकर गुड़ी चौक और कमारपारा को उपयुक्त स्थल माना है। संबंधित प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जा रहा है।
    जनता की आवाज पर संवेदनशील निर्णय
    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के दौरान बल्दाकछार में आकस्मिक निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों की समस्याएं सुनी थीं। जनता की प्राथमिकताओं को समझते हुए उन्होंने त्वरित घोषणाएं कीं और अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए थे। अब प्रशासन द्वारा किए जा रहे तत्पर प्रयास इस बात का प्रमाण हैं कि मुख्यमंत्री की घोषणाएं महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि कार्य रूप में परिणित हो रही हैं।
    बल्दाकछार में शुरू हुई ये पहल न केवल गांव की सुरक्षा और विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह शासन की संवेदनशीलता और जवाबदेही का भी प्रमाण है। जनता से किये वादों को त्वरित अमल में लाकर शासन ने यह सिद्ध किया है कि छत्तीसगढ़ में सुशासन अब केवल शब्द नहीं, एक साकार होती प्रक्रिया है।

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