August 07, 2026
Hindi Hindi

Login to your account

Username *
Password *
Remember Me
    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    नई दिल्ली। एजेंसी
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को एक महत्वपूर्ण वक्तव्य देते हुए साफ कहा कि संघ को राजनीतिक संगठन या भाजपा से जोड़कर समझना मूलभूत भूल है। कोलकाता में आयोजित ‘आरएसएस 100 व्याख्यान माला’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आरएसएस का नजरिया न तो राजनीतिक है और न ही किसी दल विशेष से संचालित।

    “संघ को संकीर्ण नजरिए से न देखें”

    भागवत ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति आरएसएस को सिर्फ भाजपा या किसी अन्य संगठन के संदर्भ में समझने की कोशिश करता है, तो वह संघ की वास्तविकता से भटक जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तुलना, पूर्वाग्रह और दूसरे स्रोतों की जानकारी पर आधारित धारणाएँ केवल गलतफहमी पैदा करती हैं।

    उन्होंने कहा—

    “संघ का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं।आरएसएस को केवल भाजपा से जोड़कर देखना बहुत बड़ी गलती है।संघ को सेवा संगठन भर मानना भी अधूरा दृष्टिकोण है।

    हिंदू समाज की भलाई, ‘सज्जन’ निर्माण ही मूल ध्येय

    एक अन्य कार्यक्रम में भागवत ने दोहराया कि आरएसएस का उद्देश्य हिंदू समाज की भलाई, सुरक्षा और नैतिक रूप से सुदृढ़ व्यक्तियों (‘सज्जनों’) का निर्माण है। उनका कहना था कि समाज में ऐसे मूल्यनिष्ठ, सेवाभावी और राष्ट्रहित प्रेरित लोग ही देश के गौरव और विकास को गति देते हैं।

    “विश्वगुरु बनने की दिशा में देश आगे बढ़ रहा”

    भागवत ने विश्वास जताया कि भारत पुनः विश्वगुरु बनेगा, और इसके लिए समाज को तैयार करना संघ का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आरएसएस किसी को अपना दुश्मन नहीं मानता, लेकिन संगठन के बढ़ते प्रभाव से “कुछ लोगों के संकीर्ण स्वार्थ अवश्य प्रभावित होते हैं।”

    “मनगढ़ंत कहानियों पर नहीं, तथ्यों पर करें राय आधारित”

    उन्होंने अपील की कि लोग संघ के बारे में राय बनाएं तो वह तथ्यों पर आधारित हो, न कि अफवाहों, गढ़ी गई कहानियों या पूर्वधारणाओं पर। आरएसएस प्रमुख भागवत का यह वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब देश में राजनीति, विचारधारा और संघ-भाजपा संबंधों पर लगातार चर्चाएँ तेज रहती हैं। उनका यह संदेश राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

    नई दिल्ली/शौर्यपथ / भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीबी जी राम जी विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी है। इस अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों के लिए वैधानिक मजदूरी रोजगार गारंटी को बढ़ाकर प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिन कर दिया गया है। पहले यह 100 दिनों का था। यह बिल सशक्तिकरण, समावेशी विकास को व्यापक स्तर पर वितरण को बढ़ावा देता है। वीबी जी राम जी बिल का मतलब है विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए गारंटी वाला बिल।

    मनरेगा का नाम बदलकर जी राम जी किया गया
    'विकसित भारत-जी राम जी' 2005 ( g ram g bill 2025) बिल चले आ रहे मनरेगा कानून की जगह लेगा। सरकार ने इसे लेकर कहा है कि पिछले दो दशकों में ग्रामीण भारत की आर्थिक स्थिति, डिजिटलीकरण और कनेक्टिविटी में भारी बदलाव आया है। ऐसे में पुराने ढांचे में सुधार के बजाय एक नया वैधानिक ढांचा जरूरी था। यह नया बिल ग्रामीण रोजगार को 'विकसित भारत 2047' के विजन से जोड़ता है। इसका उद्देश्य केवल गड्ढे खोदना नहीं बल्कि टिकाऊ बुनियादी ढांचा तैयार करना है।

    छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष की उपलब्धियों की प्रदर्शनी तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 22 दिसम्बर को जांजगीर में जनादेश परब का आयोजन किया जा रहा है। जनादेश परब में जनता-जनार्दन के समक्ष छत्तीसगढ़ सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों तथा राज्य के एकीकृत विकास के लिए लिए गए फैसलों की जानकारी दी जाएगी। जनकल्याणकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया जाएगा।
    जनादेश परब के अवसर पर जांजगीर के पुलिस लाईन में आयोजित की जा रही विशाल आमसभा को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे. पी. नड्डा सम्बोधित करेंगे। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे। इस मौके पर सुप्रसिद्ध लोक कलाकार एवं पद्मश्री श्री अनुज शर्मा तथा अन्य कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर पिछले दो वर्षों विभिन्न विभागों की उपलब्धियों पर आधारित विकास प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल, कृषि विभाग, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन, मत्स्य पालन और सहकारिता विभाग सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जा रहे हैं।
    कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा अति विशिष्ट अतिथि होंगे एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, वन मंत्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, लोकसभा सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े व विधायक ब्यास कश्यप विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

    राज्य के समग्र विकास पर केंद्रित प्रदर्शनी
    जनादेश परब में सरकार के दो वर्षों की निरंतर सेवा और निरंतर विकास की झलक विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए आकर्षक प्रदर्शनी में देखने को मिलेगी एवं प्रदर्शनी में पीएम सूर्यघर योजना तथा योजनाओं की जानकारी आमजन को दी जाएगी। इसी तरह किसान सम्मान निधि, हितग्राही मूलक योजनाओं एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी जाएगी, जिससे किसान सीधे लाभ और प्रक्रियाओं को समझ सकें। डिजिटल और नवाचारी शिक्षा, आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास और पीएम एवं विद्या जैसी योजनाओं के माध्यम से स्मार्ट स्कूल-सशक्त छात्र-उज्ज्वल भविष्य” की अवधारणा गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा की झलक देखने को मिलेगी।
    इसके अलावा प्रदर्शनी में महिला सशक्तिकरण, महतारी वंदन, सुपोषण अभियान एवं बाल कल्याण योजनाओं, सिंचाई योजनाओं और जल प्रबंधन, मत्स्य उत्पादन, रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की संपूर्ण प्रक्रिया को समझाने हेतु एक मॉडल देखने को मिलेगा। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा भी स्टॉल लगाया जाएगा, जिसमें योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

    बलिदान और कर्तव्य के गौरवशाली इतिहास से नई पीढ़ी को परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व - मुख्यमंत्री
    मुख्यमंत्री साय वीर बाल रैली में हुए शामिल, हरी झंडी दिखाकर किया रैली का शुभारंभ
    साहसिक गतिविधियों और भव्य झांकियों के साथ 5 हजार से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं ने निकाली ऐतिहासिक रैली

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित वीर बाल रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस भव्य रैली में लगभग 5,000 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं, स्काउट-गाइड एवं एनसीसी कैडेट्स ने सहभागिता की। रैली में सिख परंपरा की वीरता को दर्शाती गतका जैसी साहसिक गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं प्रेरणादायी झांकियों ने उपस्थित जनसमूह को गहरे भावनात्मक स्तर पर जोड़ा।
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में हम दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों — बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी — के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल 9 वर्ष और 7 वर्ष की अल्पायु में साहिबजादों ने जिस अदम्य साहस, आस्था और बलिदान का परिचय दिया, वह मानव इतिहास में अनुकरणीय है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में भी साहिबजादे किसी दबाव के आगे नहीं झुके, अपनी आस्था से विचलित नहीं हुए और धर्म एवं सत्य की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। श्री साय ने कहा कि सिख धर्म की यह गौरवशाली परंपरा हम सभी के लिए गर्व का विषय है। नई पीढ़ी को साहिबजादों के बलिदान और मूल्यों से परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल अत्यंत सराहनीय है। इससे बच्चों और युवाओं में शौर्य, साहस और राष्ट्रप्रेम की भावना प्रबल हुई है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम साहिबजादों के जीवन को देखते हैं, तो हमें दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा दिए गए संस्कारों और शिक्षाओं पर गर्व होता है। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना कर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग दिखाया। उनकी प्रेरक पंक्तियाँ “सवा लाख से एक लड़ाऊँ, चिड़ियन ते मैं बाज लड़ाऊँ, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहलाऊँ।” आज भी हर भारतीय के भीतर साहस और संघर्ष की चेतना जागृत करती है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंक्तियाँ हमें सिखाती हैं कि साधन नहीं, साहस और संकल्प ही विजय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। भारत की धरती धन्य है, जिसने ऐसे महान गुरुओं और साहिबजादों को जन्म दिया। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग एवं शिक्षा विभाग को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
    कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान हमें निर्भीकता, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रथम की भावना का मार्ग दिखाता है। उनका जीवन हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
    छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने साहिबजादों की शहादत के ऐतिहासिक प्रसंगों से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया।
    इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा सहित सिख समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, समाजसेवी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

    रायपुर / शौर्यपथ /
    राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी–NIT) रायपुर में 21 दिसंबर 2025 को एलुमनी एसोसिएशन, गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज–नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (GEC–NIT) रायपुर द्वारा वार्षिक पूर्व छात्र मिलन समारोह–2025 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संस्थान के गोल्डन टॉवर में संपन्न हुआ।
    इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) एन. वी. रमना राव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में 1965, 1975, 1985 एवं 2000 बैच के पूर्व छात्र, एलुमनी एसोसिएशन के पदाधिकारी, संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी शामिल हुए।
    कार्यक्रम के प्रारंभ में एलुमनी एसोसिएशन के सहयोग से निर्मित दो स्मार्ट कक्षा कक्षों एवं एक आधुनिक कॉन्फ्रेंस कक्ष का उद्घाटन किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ औपचारिक कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।
    एलुमनी एसोसिएशन जीईसी–एनआईटी रायपुर के अध्यक्ष श्री उमेश चितलांगिया ने कहा कि पूर्व छात्र मिलन समारोह संस्थान और एलुमनी के बीच संबंधों को सुदृढ़ करने का प्रभावी मंच है। उन्होंने स्मार्ट कक्षाओं, छात्र सहायता, बीमा कवरेज एवं डिजिटल परिवर्तन जैसी एलुमनी-समर्थित पहलों की जानकारी दी।
    संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने अपने वीडियो संदेश में बताया कि एलुमनी के सहयोग से 20 स्मार्ट कक्षाओं का विकास किया जा चुका है तथा 20 और कक्षाओं को स्मार्ट बनाने की योजना है। उन्होंने पूर्व छात्रों से संस्थान के विकास में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
    विभिन्न बैचों के पूर्व छात्रों ने संस्थान के प्रति अपने अनुभव साझा करते हुए मेंटरिंग, तकनीकी उन्नयन एवं संस्थागत विकास में सहयोग पर बल दिया।
    अपने संबोधन में निदेशक प्रो. (डॉ.) एन. वी. रमना राव ने एलुमनी योगदान की सराहना करते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर की समग्र छात्र विकास एवं भविष्य–उन्मुख दृष्टि को रेखांकित किया। उन्होंने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (Corporate Social Responsibility–CSR) योजना से निर्मित छात्रावास सहित प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया।
    कार्यक्रम के दौरान लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार, विशिष्ट पूर्व छात्र सम्मान एवं बैच–वार सम्मान प्रदान किए गए। समारोह का समापन पूर्व छात्रों द्वारा शिक्षकों के सम्मान के साथ हुआ।

    बिलासपुर । शौर्यपथ
    परियोजना प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत आवश्यकताओं को मजबूत करते हुए एनटीपीसी सीपत द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के अंतर्गत किए जा रहे ₹6.25 करोड़ के विकास कार्यों का उद्घाटन और भूमिपूजन ग्राम पंचायत कर्रा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ₹4.53 करोड़ की लागत से पूर्ण 12 विकास कार्यों का लोकार्पण और ₹1.72 करोड़ के चार नए प्रस्तावित कार्यों का भूमिपूजन संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय राज्य मंत्री (आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय) तथा बिलासपुर सांसद श्री तोखन साहू ने इन कार्यों का विधिवत उद्घाटन किया। कार्यक्रम में मस्तूरी विधायक श्री दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, पूर्व विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, एवं एनटीपीसी सीपत के परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक श्री विजय कृष्ण पाण्डेय विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

    कई गांवों में दर्जनों विकास कार्य पूरे

    एनटीपीसी सीपत ने अपने CSR कार्यक्रम के तहत परियोजना प्रभावित ग्राम पंचायतों—कर्रा, सीपत, गतौरा, रलिया, जांजी, देवरी, कौड़िया, रांक और दर्राभाटा—में कुल 12 विकास कार्य पूरे किए हैं, जिनमें

    आधारभूत संरचना निर्माण,तालाबों का पुनरुद्धार,शिक्षा सुविधाओं का विस्तारजैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं।साथ ही चार नए विकास कार्यों के लिए भूमिपूजन किया गया।

    “सीएसआर ग्रामीण विकास की रीढ़” — केंद्रीय मंत्री तोखन साहू

    मुख्य अतिथि श्री तोखन साहू ने कहा कि एनटीपीसी सीपत द्वारा किए जा रहे कार्यों से क्षेत्रीय विकास को ठोस आधार मिला है। उन्होंने कहा कि “सीएसआर केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि समावेशी विकास का मार्ग है।”
    उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ स्थित एनटीपीसी सीपत देश के कई राज्यों को विद्युत आपूर्ति कर रहा है और निर्माणाधीन 800 मेगावाट की नई इकाई से इसकी राष्ट्रीय भूमिका और सशक्त होगी।

    जनप्रतिनिधियों ने सराहा विकास मॉडल

    मस्तूरी विधायक श्री दिलीप लहरिया ने कहा कि ग्राम स्तर पर बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ही समग्र विकास का वास्तविक मार्ग है और एनटीपीसी इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

    जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि सीएसआर के ये कार्य ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।

    पूर्व विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी एवं जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती देवी ने कौशल विकास और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐसे प्रयासों को अत्यंत आवश्यक बताया।

    एनटीपीसी की प्रतिबद्धता

    परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक श्री विजय कृष्ण पाण्डेय ने एनटीपीसी सीपत द्वारा संचालित CSR गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत करते हुए सामाजिक विकास के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता दोहराई तथा सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में एनटीपीसी सीपत के वरिष्ठ अधिकारी, जिला एवं जनपद पंचायत सदस्य, अनेक ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सक्रिय सहभागिता के साथ कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

    कवर्धा / शौर्यपथ /
    उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विकासखंड बोड़ला के ग्राम पोड़़ी में सुरेठी कुर्मी समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण किया। समाज के बीच आयोजित भव्य सम्मेलन में उन्होंने सहभागिता करते हुए समाज के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों का उत्साहपूर्ण स्वागत किया। मंच पर उत्कृष्ट सामाजिक कार्य करने वाले प्रतिनिधियों को उन्होंने शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए सुरेठी कुर्मी (वर्मा) समाज के छात्रावास एवं भवन विकास हेतु 30 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर रचनात्मक कार्य में सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    “संस्कारों से बनता है सशक्त समाज” — उपमुख्यमंत्री

    लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि किसी भी समाज की मज़बूती का आधार केवल शिक्षा नहीं, बल्कि संस्कार होते हैं। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी यदि संस्कार न हों तो उसका कोई सार्थक परिणाम नहीं निकलता। उन्होंने हाल के आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि “हमले में शामिल लोग पढ़े-लिखे थे, परंतु उनमें संस्कारों की कमी थी, जिसने उन्हें गलत मार्ग पर धकेल दिया।”
    उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि भारतीय और छत्तीसगढ़ी संस्कृति में संस्कारों की परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है। “यदि बच्चा प्रतिदिन माता-पिता को प्रणाम करता है, अपने बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करता है, तो वह कभी भटक नहीं सकता।” उन्होंने लोगों से इस परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का आह्वान किया।
    कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मनीराम साहू, वर्मा समाज अध्यक्ष शिवप्रसाद वर्मा, तथा समाज के प्रमुख प्रतिनिधि—भगवती प्रसाद वर्मा, रवि वर्मा, सत्रुहन वर्मा, पुराण वर्मा, श्याम वर्मा, अमित वर्मा, पीताम्बर वर्मा, भरत वर्मा, सरपंच मिथिला साहू समेत बड़ी संख्या में समाजजन और नागरिक उपस्थित थे।

    केपीएल के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का सम्मान

    उपमुख्यमंत्री द्वारा आयोजित कवर्धा प्रीमियर लीग (KPL) क्रिकेट प्रतियोगिता में बोड़ला मंडल के नेउरगांव टीम के खिलाड़ी लवकेश वर्मा तथा लेंजाखार के पोषण वर्मा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सबका ध्यान आकर्षित किया। उनके शानदार खेल से प्रभावित होकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दोनों खिलाड़ियों को सम्मानित किया तथा प्रत्येक को 5100 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

       भोपाल / एजेंसी / भोपाल में एक बार फिर साबित हो गया कि घोटालों के मामले में नगर निगम की रचनात्मकता अद्वितीय है। राजधानी के वार्ड 53 में मात्र 240 मीटर लंबी और 3 फीट चौड़ी नाली को ढंकने के लिए रिकॉर्डतोड़ 16,139 किलोग्राम (16 टन) लोहे का उपयोग दिखाया गया है। दिलचस्प बात यह है कि इतना लोहा तो बड़े पुलों में भी नहीं लगता, परंतु यहाँ एक ‘छोटी सी नाली’ ने ही निगम के ख़जाने को भारी-भरकम झटका दे दिया।
    कागजों पर सब कुछ इतना शानदार है कि बिना साइट देखे ही इंजीनियरों ने 13 लाख रुपये का बिल पास कर दिया। नगर निगम के असिस्टेंट इंजीनियर निशांत तिवारी द्वारा मंजूर यह बिल अब शहर में चर्चा का विषय बन गया है।
    उधर, प्रभारी एक्जीक्यूटिव इंजीनियर बृजेश कौशल पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि आरोप है कि उन्होंने निर्माण के दौरान एक बार भी साइट का दौरा नहीं किया। सबसे रोचक मोड़ तो तब आया जब 5 दिसंबर को नोटिस, और 8 दिसंबर को साइट निरीक्षण के बावजूद न तो रिपोर्ट पेश की गई और न ही काम की वास्तविकता जाँची गई—लेकिन बिल पास कराने में किसी ने देर नहीं की!
    अब मामले की गर्माहट बढ़ने के बाद निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने नाली की कोर-कटिंग के आदेश जारी कर दिए हैं, ताकि कागजों की दुनिया में बिछाए गए लोहे के पुल की सच्चाई जमीन पर उतर सके।भेल संगम कॉलोनी की यह नाली अब सिर्फ सीमेंट-सरिया की नहीं, बल्कि निगम की लापरवाही, इंजीनियरों की भूमिका और भ्रष्टाचार के लोहे जैसे ठोस सवालों की नाली बन चुकी है।

    दुर्ग / शौर्यपथ

    छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार जहां सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को अपनी प्राथमिक उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है, वहीं दुर्ग नगर पालिक निगम से सामने आया एक प्रकरण इन दावों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। मामला न केवल प्रशासनिक निर्णयों की असंगतता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस प्रकार छोटे कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई और वरिष्ठ अधिकारियों पर महज औपचारिक माफी की नीति अपनाई जा रही है।

    दो साल बाद पदोन्नति निरस्त : पीडि़त कौन, दोषी कौन?
    दुर्ग नगर निगम में वर्षों से पंप अटेंडेंट के रूप में कार्यरत कर्मचारी राजू लाल चंद्राकर को तत्कालीन आयुक्त लोकेश चंद्राकर के कार्यकाल में विभागीय पदोन्नति समिति (ष्ठक्कष्ट) की संस्तुति पर जल कार्य निरीक्षक के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई थी। यह पदोन्नति किसी एक अधिकारी के व्यक्तिगत निर्णय से नहीं, बल्कि विधिवत गठित समिति की अनुशंसा पर हुई थी।
    इस समिति में —
    दिनेश नेताम, कार्यपालन अभियंता
    जितेंद्र सोमैया, सहायक अभियंता (वर्तमान में सेवानिवृत्त)
    राजकमल बोरकर, कार्यालय अधीक्षक
    जावेद अली, तत्कालीन स्वास्थ्य अधिकारी
    भूपेंद्र गोईर, सहायक ग्रेड-3
    शामिल थे। स्थापना प्रभारी बंजारे द्वारा आवश्यक अभिलेख समिति के समक्ष प्रस्तुत किए गए थे। समिति ने उपलब्ध पद, सेवा अभिलेख और नगरीय निकाय नियमों के आधार पर राजू लाल चंद्राकर को पदोन्नति देने का निर्णय लिया।

    वर्तमान आयुक्त का आदेश और उठा विवाद
    लगभग दो वर्ष तक जल कार्य निरीक्षक के पद पर कार्य करने के बाद, जुलाई 2025 में वर्तमान आयुक्त सुमित अग्रवाल ने एक आदेश जारी कर न केवल राजू लाल चंद्राकर की पदोन्नति निरस्त कर दी, बल्कि उन्हें पुन: पंप अटेंडेंट के पद पर डिमोशन दे दिया। साथ ही, पदोन्नति समिति के सभी सदस्यों को नोटिस जारी किया गया।
    नोटिस के जवाब में समिति के सभी सदस्यों ने स्पष्ट किया कि —पदोन्नति नगरीय निकाय नियमों के अनुरूप थी,पद की उपलब्धता मौजूद थी,पूर्व में भी इसी प्रकार की पदोन्नतियां हो चुकी हैं। इसके बावजूद, समिति के उत्तरों को अस्वीकार कर दिया गया। परिणाम यह रहा कि — समिति के सदस्यों को केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया,जबकि कर्मचारी राजूलाल चंद्राकर को पदावनत कर दिया गया।यही बिंदु आज दुर्ग निगम में सबसे बड़ा सवाल बन गया है।

    सुप्रीम कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक मामला
    राजू लाल चंद्राकर ने वेतन और पद से जुड़े विवाद को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। एक शपथ पत्र में स्वयं आयुक्त सुमित अग्रवाल ने यह स्वीकार किया कि राजू लाल चंद्राकर उनके अधीनस्थ कर्मचारी हैं और जल कार्य निरीक्षक के रूप में कार्यरत रहे हैं।
    प्रशासनिक कानून के जानकारों का कहना है कि — यदि पदोन्नति अवैध थी, तो दो वर्षों तक कार्य क्यों कराया गया? और यदि अवैध नहीं थी, तो डिमोशन का आधार क्या है? यही प्रश्न अब माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है।

    नियम विरुद्ध पदोन्नति थी तो अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
    इस पूरे प्रकरण का दूसरा और अधिक गंभीर पहलू यह है कि — यदि मान लिया जाए कि पदोन्नति नियमों के विरुद्ध थी, तो फिर:पदोन्नति समिति के सदस्यों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं? ,स्थापना शाखा और फाइल आगे बढ़ाने वाले अधिकारियों की जवाबदेही क्यों तय नहीं?
    सिर्फ एक कर्मचारी को दंडित कर देना और निर्णय लेने वाले अधिकारियों को "चेतावनी का गुलदस्ता" थमा देना, प्रशासनिक न्याय की अवधारणा पर सवाल खड़े करता है। निगम के भीतर इसे निजी द्वेष और भेदभावपूर्ण नीति के रूप में देखा जा रहा है।

    चयनात्मक कार्रवाई का लंबा इतिहास
    दुर्ग निगम में यह पहला मामला नहीं है। वर्तमान आयुक्त के कार्यकाल में उच्च अधिकारियों की प्रताडऩा से त्रस्त कर्मचारियों द्वारा आत्महत्या के मामले सामने आए,बाद में नियमों को शिथिल कर आनन-फानन में परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति दी गई,जबकि अन्य समान मामलों में कर्मचारी महीनों से निलंबन झेल रहे हैं।
    इसी तरह, सहायक राजस्व निरीक्षक थान सिंह यादव पर पार्किंग घोटाले में पेनल्टी लगने और लॉलीपॉप विज्ञापन घोटाले में भौतिक सत्यापन के दौरान अनियमितता बरतने के आरोप हैं। इन मामलों में निगम को राजस्व हानि हुई, परंतु कार्रवाई का दायरा ठेकेदार तक सीमित रहा — कर्मचारी फिर बच निकले।

    सुशासन पर आईना
    दुर्ग नगर निगम की यह कार्यप्रणाली अब केवल एक प्रशासनिक विवाद नहीं रही। यह मामला सीधे तौर पर राज्य सरकार के सुशासन के दावों पर असर डाल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बार-बार सुशासन की बात करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ अधिकारी यदि अपनी संवैधानिक शक्तियों का चयनात्मक और मनमाना प्रयोग करते हैं, तो उसकी आंच सरकार तक पहुंचना स्वाभाविक है।
    अब सबकी निगाहें माननीय उच्च न्यायालय के फैसले पर टिकी हैं। यह फैसला न केवल राजू लाल चंद्राकर के भविष्य का निर्धारण करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि प्रशासनिक निर्णयों की जवाबदेही किसकी होगी?और क्या वास्तव में दुर्ग निगम में 'कानून सबके लिए समानÓ है?फिलहाल, दुर्ग में चर्चा का बाजार गर्म है और सवाल एक ही है — क्या यह सुशासन है, या सत्ता की छाया में पनपता भेदभाव?

    रायपुर। शौर्यपथ
    अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का परचम लहराया है। एम्स रायपुर के एमबीबीएस 2023 बैच के छात्र अनिकेत त्रिपाठी एवं स्रहास दिन्नेपल्ली ने एम्स भोपाल में आयोजित प्रतिष्ठित अंतर-महाविद्यालय फार्माकोलॉजी क्विज़ प्रतियोगिता ‘फार्मक्वेस्ट 2025’ में देशभर की 37 टीमों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
    एम्स भोपाल के फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य चिकित्सा छात्रों में फार्माकोलॉजी की गहन अवधारणात्मक समझ एवं नैदानिक अनुप्रयोग को सुदृढ़ करना है। प्रतियोगिता के विभिन्न चुनौतीपूर्ण चरणों में एम्स रायपुर की टीम ने विषय ज्ञान, तार्किक विश्लेषण और उत्कृष्ट समस्या-समाधान क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन कर निर्णायकों को प्रभावित किया।
    इस गौरवपूर्ण सफलता पर एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) डॉ. अशोक जिंदल ने विजेता छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था, समर्पित संकाय और छात्रों की निरंतर मेहनत का परिणाम है।
    विजेता छात्रों का मार्गदर्शन फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नितिन गायकवाड़ के नेतृत्व में प्रो. डॉ. योगेंद्र केचे, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. पुगझेन्थेन थंगराजू, डॉ. प्रफुल्ल ठवरे एवं डॉ. समीर खासबागे ने किया। संरचित क्विज़ प्रशिक्षण और सतत अकादमिक सहयोग से छात्रों की तैयारी को मजबूती मिली।
    यह उपलब्धि एम्स रायपुर की सुदृढ़ अकादमिक संस्कृति, नवाचार-आधारित शिक्षण और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

    हमारा शौर्य

    हमारे बारे मे

    whatsapp-image-2020-06-03-at-11.08.16-pm.jpeg
     
    CHIEF EDITOR -  SHARAD PANSARI
    CONTECT NO.  -  8962936808
    EMAIL ID         -  shouryapath12@gmail.com
    Address           -  SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
    LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
    © 2015 Shouryapath. All Rights Reserved. Designed By Global Vision