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रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में विधायक श्री सम्पत अग्रवाल के नेतृत्व में सतनाम पंथ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को 28 दिसम्बर को परम् पूज्य गुरुघासी दास बाबा की जयंती महोत्सव के अवसर पर महासमुन्द जिले के ग्राम साजापाली में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सतनाम पंथ के पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया तथा पूज्य बाबा गुरुघासी दास के सामाजिक और आध्यात्मिक संदेशों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
इस अवसर पर श्री लखनमुनि महाराज, श्री अभय घृतलहरे सहित सतनाम पंथ के अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विजय दिवस (16 दिसंबर) के अवसर पर राष्ट्र के वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विजय दिवस भारतीय सेना के शौर्य, साहस और अदम्य पराक्रम का गौरवपूर्ण प्रतीक है, जो देशवासियों के हृदय में गर्व और कृतज्ञता का भाव जाग्रत करता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने 1971 के ऐतिहासिक युद्ध का स्मरण करते हुए कहा कि हमारे वीर जवानों ने असाधारण साहस, त्याग और बलिदान का परिचय देकर देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा की। उनके पराक्रम से न केवल भारत की सैन्य शक्ति विश्व मंच पर स्थापित हुई, बल्कि मानवीय मूल्यों और राष्ट्रधर्म की मिसाल भी प्रस्तुत हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की अमर प्रेरणा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे देशभक्ति, अनुशासन और एकता के मूल्यों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहीदों के आदर्शों पर चलना, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना और देश सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना ही विजय दिवस पर उन्हें सच्ची और स्थायी श्रद्धांजलि है।
180 देशों के प्रतिनिधियों ने किया छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का अभिवादन
रायपुर/ शौर्यपथ /
छत्तीसगढ राज्य के बिलासपुर जिले की सांस्कृतिक संस्था ‘लोक श्रृंगार भारती’ के गेड़ी लोक नृत्य दल द्वारा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) व संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के आमंत्रण पर नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला प्रांगण में गेड़ी नृत्य की प्रस्तुति दी गई। 7 से 13 दिसम्बर तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय समारोह में 180 देशों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रहीं। समारोह में बिलासपुर के गेड़ी नर्तक दल ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति को काफी सराहा गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस गेडी नर्तक दल को बधाई और शुभकामनाएं दीं है l
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत प्रभावित हुए। उन्होंने “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” का नारा दिया
समारोह का ऐतिहासिक क्षण तब आया जब भारत के महापर्व दीपावली को यूनेस्को द्वारा विश्व सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता प्रदान की गई। इस उपलब्धि में छत्तीसगढ़ के गेड़ी लोक नृत्य दल की प्रस्तुति को विशेष सराहना मिली गेड़ी नृत्य की भावपूर्ण और साहसिक प्रस्तुति से केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत प्रभावित हुए। उन्होंने “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” कहकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
गेड़ी नृत्य दल ने अपने रोमांचक प्रदर्शन से अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों को रोमांचित कर दिया
मुख्य गायक एवं नृत्य निर्देशक अनिल गढ़ेवाल के कुशल नेतृत्व में गेड़ी नृत्य दल ने अपने सशक्त, ऊर्जावान एवं रोमांचक प्रदर्शन से अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, विभिन्न राज्यों के कलाकारों सहित 180 देशों के डेलिगेट्स उपस्थित रहे।
यूनेस्को के महानिदेशक डॉ. खालिद एन. एनानी सहित 180 देशों के प्रतिनिधियों ने गेड़ी नृत्य दल के साथ स्मृति चित्र लिए
मुख्य गायक अनिल गढ़ेवाल द्वारा प्रस्तुत “काट ले हरियर बांसे” गीत ने विदेशी प्रतिनिधियों के मन में छत्तीसगढ़ी संस्कृति के प्रति गहरी जिज्ञासा उत्पन्न की। वहीं मुख्य मांदल वादक मोहन डोंगरे द्वारा एक ही स्थान पर घूमते हुए मांदल वादन किया। हारमोनियम वादक सौखी लाल कोसले एवं बांसुरी वादक महेश नवरंग की स्वर लहरियों पर विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधि झूम उठे। गेड़ी नर्तकों प्रभात बंजारे, सूरज खांडे, शुभम भार्गव, लक्ष्मी नारायण माण्डले, फूलचंद ओगरे एवं मनोज माण्डले ने साहसिक करतबों से दर्शकों को रोमांचित किया। विशेष रूप से तब, जब एक गेड़ी पर संतुलन बनाते हुए कलाकारों ने मानवीय संरचनाएं बनाईं, पूरा प्रांगण तालियों से गूंज उठा।
गेड़ी नृत्य दल ने छत्तीसगढ़ राज्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक पहचान दिलाई
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा, कौड़ियों व चीनी मिट्टी की मालाएं, पटसन वस्त्र, सिकबंध एवं मयूर पंख धारण कर प्रस्तुत भाव नृत्य ने प्रस्तुति को और भी आकर्षक बना दिया। यूनेस्को के महानिदेशक डॉ. खालिद एन. एनानी सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने गेड़ी नृत्य दल के साथ स्मृति चित्र लिया व छत्तीसगढ़ राज्य को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक पहचान दिलाने के लिए शुभकामनाएं दी।
ई-स्कूटी बनी समृद्धि की पहचान
रायपुर / शौर्यपथ /
छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियाँ आज गांवों में खुशहाली और आत्मनिर्भरता की मजबूत आधारशिला बन रही हैं। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था ने किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी धमतरी जिले के ग्राम बोड़रा के किसान श्री हंसराज साहू की है। जिन्होंने सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि आधुनिक सुविधाओं को भी अपनाया।
श्री हंसराज साहू बताते हैं कि उन्होंने पिछले खरीफ सत्र में संबलपुर सहकारी समिति में समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किया। धान बिक्री से प्राप्त राशि से उन्होंने एक ई-स्कूटी खरीदी, जो आज उनके लिए सुविधा, समय की बचत और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गई है। साँय-साँय दौड़ती ई-स्कूटी से अब उन्हें धमतरी शहर, खेतों, रिश्तेदारों के घर और दैनिक कार्यों के लिए सुगम आवागमन की सुविधा मिल रही है। इससे न केवल ईंधन खर्च में कमी आई है, बल्कि समय की भी उल्लेखनीय बचत हो रही है।
श्री साहू के पास कुल 2 एकड़ 25 डिस्मिल कृषि भूमि है, जिसमें वे पारंपरिक अनुभव और आधुनिक कृषि समझ के साथ धान की खेती करते हैं। इस वर्ष उन्होंने समर्थन मूल्य पर कुल 46 क्विंटल 40 किलोग्राम धान का विक्रय किया है। समय पर भुगतान और स्पष्ट प्रक्रिया से वे बेहद संतुष्ट हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपने पुत्र के विवाह जैसे महत्वपूर्ण पारिवारिक कार्य में करेंगे, जिससे पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
श्री हंसराज साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “तुहर टोकन” मोबाइल ऐप ने धान बेचने की प्रक्रिया को अत्यंत सरल, पारदर्शी और किसान-अनुकूल बना दिया है। पंजीयन से लेकर विक्रय तक अब किसानों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होती।
किसान हंसराज साहू की यह सफलता कथा इस बात का सशक्त प्रमाण है कि सरकार की दूरदर्शी नीतियाँ और डिजिटल नवाचार जब जमीन पर प्रभावी रूप से लागू होते हैं, तो किसान सशक्त बनते हैं और उनका जीवन स्तर निरंतर ऊँचाइयों की ओर बढ़ता है। यह कहानी प्रदेश के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा है कि वे सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेकर समृद्धि की राह पर आगे बढ़ें।
जिला स्तरीय युवा उत्सव 2025 का हुआ आयोजन
14 सांस्कृतिक विधा एवं 10 खेलों में प्रतिभागी हुए शामिल
बालोद / शौर्यपथ / जिला प्रशासन बालोद तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आज जिला स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन नगर पालिका बालोद के परिसर में किया गया। युवा उत्सव में जिले भर से पहुँचे युवाओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं विभिन्न खेल विधाओं में अपना हुनर प्रदर्शित किया। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर नगर पालिका बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी ने छत्तीसगढ़ महतारी, मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद जी की छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए जिला स्तरीय युवा उत्सव के आयोजन की शुभकामनाएं दी तथा प्रतिभागी युवाओं को अपनी बधाई प्रेषित की। कार्यक्रम में लोक नृत्य विधा, पंथी नृत्य, राउत नाचा, सुआ नृत्य, करमा नृत्य, लोक गीत, वाद-विवाद, कहानी लेखन, चित्रकला, कविता लेखन, नवाचार, एकांकी, पांरपरिक वेशभूषा, राॅकबैंड विधा का आयोजन हुआ। जिसमें कुल 91 युवाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसी प्रकार स्व. सरयु प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में महिला खेलकूद प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। जिसमें एथेलेटिक्स खो-खो, हाॅकी, बैडमिण्टन, वाॅलीबाल, कुश्ती, बास्केटबाल, फुटबाॅल, वेटलिफ्ंिटग, रस्साकस्सी शामिल है। इसमें कुल 88 युवाओं ने शामिल होकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। जिला स्तरीय युवा उत्सव के समापन अवसर पर विजेता प्रतिभागियों को जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू ने प्रशस्ति एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर पुरस्कृत किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित निर्णायकगण और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवीन विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल द्वारा रजत महोत्सव के अवसर पर प्रकाशित ‘ऊर्जावान छत्तीसगढ़’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। यह पुस्तक राज्य की स्थापना से लेकर विद्युत मंडल एवं पावर कंपनियों की 25 वर्षों की उपलब्धियों, विकास यात्रा और ऊर्जा क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तनों का दस्तावेज है।
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में अधोसंरचना विकास, आधुनिक तकनीक, 32 हजार मेगावाट उत्पादन क्षमता, कोयला खनन तथा पारेषण-वितरण विस्तार की सराहना करते हुए अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी। इस अवसर पर ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
देश–प्रदेश से जुटेंगे श्रद्धालु, प्रशासन पूरी तरह रहेगा मुस्तैद – कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव
दुर्ग / शौर्यपथ / इस्पात नगरी भिलाई पहली बार सनातन धर्म के प्रमुख ध्वजवाहक, प्रसिद्ध कथावाचक पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के दिव्य आगमन की साक्षी बनने जा रही है। सेवा समर्पण समिति, दुर्ग के तत्वावधान में 25 से 29 दिसंबर 2025 तक भिलाई स्थित जयंती स्टेडियम के समीप ग्राउंड में दिव्य श्री हनुमंत कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक होगी, जिसमें देश–प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
इस भव्य आयोजन को लेकर दुर्ग सर्किट हाउस में एक विस्तृत प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव एवं कार्यक्रम के आयोजक खादी ग्रामोद्योग अध्यक्ष राकेश पाण्डेय ने आयोजन की तैयारियों, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर विस्तृत जानकारी दी।
कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि 27 दिसंबर को विशेष दिव्य दरबार का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी श्रद्धालुओं की पर्ची निकालकर उनकी समस्याओं के समाधान हेतु मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि इस आयोजन को लेकर समिति द्वारा तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। कार्यक्रम संयोजक राकेश पाण्डेय के नेतृत्व में समिति अध्यक्ष पंडित वीरेन्द्र प्रसाद शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी आयोजन की सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को सुचारु रूप से संपन्न कराने में जुटे हुए हैं, जो सामाजिक समभाव और सहयोग की भावना को दर्शाता है।
श्री यादव ने कहा कि यह आयोजन न केवल दुर्ग–भिलाई बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। इसी दृष्टि से जिला प्रशासन हर स्तर पर मुस्तैद रहेगा। ट्रैफिक प्रबंधन, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, सुरक्षा सहित सभी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता में रखा जाएगा। शासन स्तर पर भी हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर शासन की ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल के तहत स्वदेशी निर्मित उत्पादों और योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके साथ ही राज्य शासन द्वारा जनजागरण हेतु चलाए जा रहे अभियानों—जैसे नशा मुक्ति, साइबर जागरूकता, बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ और स्वदेशी अपनाओ—से संबंधित प्रदर्शनी एवं स्टॉल भी लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु कथा के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता से भी जुड़ सकें।
कार्यक्रम के आयोजक राकेश पाण्डेय ने जानकारी दी कि 15 दिसंबर को दोपहर 2 बजे ध्वज पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न समाजों के प्रमुखों एवं धर्माचार्यों को आमंत्रित किया गया है। ध्वज पूजन के पश्चात प्रतिदिन सामूहिक रूप से श्री हनुमान चालीसा का वाचन किया जाएगा।
श्री यादव ने आगे कहा कि कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशाल एवं सुव्यवस्थित डोमशेड, पर्याप्त वाहन पार्किंग, और सुचारु आवागमन की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए पुलिस प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। परिस्थितियों एवं भीड़ प्रबंधन को देखते हुए समिति द्वारा तय कार्यक्रमों के स्वरूप में आवश्यकतानुसार परिवर्तन भी किया जा सकता है।
अंत में कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव एवं आयोजनकर्ता राकेश पाण्डेय ने कहा कि भिलाई की पावन धरा पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी का आगमन हम सभी के लिए अत्यंत सौभाग्यशाली क्षण है। उन्होंने देश एवं प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या में दिव्य श्री हनुमंत कथा में पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करने और अपने जीवन को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाने की अपील की।
प्रेस वार्ता में पूर्व कैबिनेट मंत्री रमशिला साहू, पूर्व विधायक सांवलाराम डहरे, जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, सेवा समर्पण समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने शासकीय कर्मियों के लिए वेतनमान के अनुसार मोबाइल भत्ता स्वीकृत कर ऑफिस व फील्ड से वापस आने पर मोबाइल फोन डिस्कनेक्ट कर स्वतंत्र रहने का अधिकार देने की मांग की है। संघ के प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ओर मुख्य सचिव विकासशील को भेजे पत्र में कहा है कि डिजिटल दौर में प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों को घर पहुंचने पर भी आफिस, कार्यालयों ओर विभाग की रिपोर्ट देनी होती है। इसके चलते अधिकारी-कर्मचारी घर पर भी दफ्तर का काम करते रहते हैं, इससे उनके निजी जीवन में प्रभाव पड़ता है। इंटरनेट ने कार्यालयों को घर तक पहुंचा दिया है। कार्य की अधिकता और जरूरत को देखते हुए अब अधिकारी कर्मचारियों को कार्यस्थल से घर पहुंचने पर मोबाइल फोन डिस्कनेक्ट करने की आवश्यकता है जिससे वे स्वाभाविक रूप से परिवार और परिजनों को अपना समय दे सके और मानसिक ओर शारीरिक रूप से स्वस्थ रहें ।
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने बताया कि हम सभी को इस गंभीर मुद्दे पर विचार विमर्श करके इसके लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे। सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के संगठनों को भी इसके लिए एक प्लेटफार्म पर आकर बैठक कर विचार करने की जरूरत है। जिससे अधिकारी कर्मचारियों को उनके मौलिक अधिकार मिल सके। महामंत्री सैय्यद असलम ने बताया कि अब समय आ गया है कि सभी कर्मचारियों को मोबाइल भत्ता स्वीकृत किया जाए।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से लेकर क्लास वन ऑफिसर अपने निजी मोबाइल से शासकीय कार्यों के लिए उपयोग करते हैं हालांकि विभिन्न विभागों में अफसर अपने और टेबल पर कार्य करने वालों को कुछ मोबाइल खर्च देते हैं जो वास्तविक खर्च से अत्यंत न्यूनतम होता है। ऐसे में उन्होंने मांग की है कि राज्य सरकार को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, तृतीय श्रेणी अधिकारी व कर्मचारियों और द्वितीय श्रेणी अधिकारी व कर्मचारियों और प्रथम श्रेणी अधिकारी सभी को वेतनमान के अनुरूप मोबाइल भत्ता स्वीकृत कर आफिस या कार्यालयों व फील्ड से वापस आने पर डिस्कनेक्ट कर मूल रूप से स्वतंत्र रहने का अधिकार देना चाहिए।
भिलाई / शौर्यपथ / प्रख्यात लोकवाद्य संग्राहक रिखी क्षत्रिय अपने समूह के साथ अगले सप्ताह खजुराहो महोत्सव में देश-विदेश के मेहमानों के बीच अनूठी प्रस्तुति देने जा रहे हैं। दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र नागपुर संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की ओर से 16 और 17 दिसंबर को आयोजित होने वाले खजुराहो महोत्सव में रिखी क्षत्रिय अपने समूह के साथ छत्तीसगढ़ लोक बैंड के तहत 101 पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों की जुगलबंदी के माध्यम से, पारंपरिक धुनों एवं देशभक्त गीतों की प्रस्तुति देंगे।
इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में प्रस्तुति देने रिखी व उनका समूह 14 दिसंबर को भिलाई से रवाना हो रहा है। रिखी क्षत्रिय ने बताया कि यहां प्रस्तुति देना उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि खजुराहो में न सिर्फ देश भर के कला प्रशंसक पहुंचते हैं बल्कि विदेशी मेहमानों की भी बहुतायत होती है। उन्होंने बताया कि खजुराहो महोत्सव के लिए पूरा समूह लगातार रिहर्सल में जुटा है और उम्मीद है वहां छत्तीसगढ़ के कलाकारों की प्रस्तुति को बेहद पसंद किया जाएगा।
खजुराहो महोत्सव में छत्तीसगढ़िया लोक रंग का जादू जगाने जा रहे दल में रामकुमार पाटिल, डोरेलाल साहू, रामकुमार निषाद, कुलदीप सार्वा, प्रदीप ठाकुर, सुनील कुमार,सुशील कुमार, जय कुमार सेन, एनेश्वर विश्वकर्मा, मोहेंद्र निषाद ,भोज राम,प्रमोद और सागर शामिल हैं।
बिलासपुर / शौर्यपथ /
हालांकि अब रेलवे स्टेशन पर कुली जो लाल शर्ट पहना था अब उतना उपयोगी नहीं है जितना कि पहले कभी होता था। पर संख्या की दृष्टि से देखे तो बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर 152 कुली दर्ज है। इसके आराम के लिए पार्सल ऑफिस के पास एक छोटा सा कमरे की व्यवस्था है जो की बिल्कुल भी ठीक नहीं है। बैठने के लिए एक 3 सीटर स्टील की चेयर, सीमेंट का एक प्लेटफार्म और इस कमरे में प्रसाधन तीन पंखे क्या 152 कुली के लिए देश के सर्वाधिक कमाऊ जोन के लिए डीआरएम वाले स्टेशन बिलासपुर को मानव अधिकारों की तनिक भी परवाह नहीं है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
