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धर्म संसार / शौर्यपथ / हिंदू कैलेंडर में अनुसार हर तीसरे साल में अतिरिक्त मास यानी अधिक मास जुड़ता है। इसका कारण सूर्य और चंद्रमा की वार्षिक चाल में 11 दिनों का अंतर होता है, जिसे पाटने के लिए हर तीसरे वर्ष अधिक को जोड़ दिया जता है। इससे वर्ष में संतुलन हो जाता है जबकि उसे वर्ष चंद्रमास 13 माह का हो जाता है। इस बार अधिकमास 18 सितंबर से प्रारंभ होकर 16 अक्टूबर 2020 तक रहेगा।
अधिकमास के अधिपति देवता भगवान विष्णु है। इस मास की कथा भगवान विष्णु के अवतार नृःसिंह भगवान और श्रीकृष्ण से जुड़ी हुई है। इस मास में श्रीकृष्ण, श्रीमद्भगवतगीता, श्रीराम कथा वाचन और श्रीविष्णु भगवान के श्री नृःसिंह स्वरूप की उपासना विशेष रूप से की जाती है। इस माह उपासना करने का अपना अलग ही महत्व है।
इस माह में अधिक मास के 33 देवताओं की पूजा का महत्व है- विष्णु, जिष्णु, महाविष्णु, हरि, कृष्ण, भधोक्षज, केशव, माधव, राम, अच्युत, पुरुषोत्तम, गोविंद, वामन, श्रीश, श्रीकांत, नारायण, मधुरिपु, अनिरुद्ध, त्रीविक्रम, वासुदेव, यगत्योनि, अनन्त, विश्वाक्षिभूणम्, शेषशायिन, संकर्षण, प्रद्युम्न, दैत्यारि, विश्वतोमुख, जनार्दन, धरावास, दामोदर, मघार्दन एवं श्रीपति जी की पूजा से बड़ा लाभ होता है।
धर्म ग्रंथों के अनुसार श्री नृःसिंह भगवान ने इस मास को अपना नाम देकर कहा है कि अब मैं इस मास का स्वामी हो गया हूं और इसके नाम से सारा जगत पवित्र होगा। इस महीने में जो भी मुझे प्रसन्न करेगा, वह कभी गरीब नहीं होगा और उसकी हर मनोकामना पूरी होगी। इसलिए इस मास के दौरान जप, तप, दान से अनंत पुण्यों की प्राप्ति होती है।
लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / अपने लक्ष्य के अनुसार ही आपको अपनी प्राथमिकताएं चुननी होती है। ऐसे में कई बार ऐसा होता है कि हम अस्थायी चीजों को अपनी प्राथमिकता समझकर उनपर अपना पूरा ध्यान देने लगते हैं, जबकि ऐसा करने से हमारे हाथ अंत में निराशा ही लगती है। आज हम आपको ऐसे टिप्स के बारे में बताएंगे, जिन्हेंं अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करने से आप कभी भी निराश नहीं होंगे और आपको सफलता जरूर मिलेगी-
टाइम टेबल बनाना
आप कॉलेज, कोचिंग या ऑफिस कहीं भी जाते हैं, अगर आपने कोई लक्ष्य रखा है, तो सबसे पहले अपना टाइम टेबल बनाएं। आप अपने 24 घंटे को किस हिसाब से मैनेज करते हैं, यह बेहद जरुरी है। आप पेपर या मोबाइल चेक लिस्ट में टाइम टेबल सेव कर सकते हैं।
नींद पूरी करें
आप अपनी प्राथमिकताओं में नींद को भी जोड़ लें। आपके पास काम निपटाने के अलावा जितना भी टाइम बचता है, उसमें अपनी नींद पूरी कर लें। नींद न लेने की वजह से आपका दिमाग सही से काम नहीं कर पाएगा।
आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति
जीवन में कई बार ऐसे मौके आएंगे, जब आपका विश्वास डगमगाने लग जाएगा और आपको लगेगा कि आपका लक्ष्य व्यर्थ है, लेकिन उस वक्त आपको इन नकरात्मकताओं से दूर रहकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना है।
पेपर पर अपने लक्ष्य को लिखें
इसके लिए आपको थोड़ी दिमागी कसरत भी करनी पड़ेगी। बेहतर होगा कि आप अपना लक्ष्य पेपर पर लिखकर उससे जुड़ी चुनौतियां भी लिख लें, इससे आपको उन चुनौतियों से कैसे लड़ना है, यह भी अंदाजा हो जाएगा।
समय व्यर्थ करने वाले और नकरात्मक लोगों से दूरी
आपको समय व्यर्थ करने वाले लोगों और नकरात्मक स्वभाव वाले लोगों से दूरी बनाकर रखनी है। इससे आप अपने लक्ष्य पर ध्यान दे पाएंगे।
सेहत / शौर्यपथ / आज पूरा विश्व कोरोना महामारी के खौफ में डूबा हुआ है। गौर करने वाली बात यह है कि कोरोना और समान्य फ्लू के लक्षणों में काफी समानता होने की वजह से लोग संक्रमित व्यक्ति को शुरूआती समय में ही लक्षण देखकर पहचान नहीं पा रहे हैं। ऐसे में चलिए आपको बताते आखिर कौन सा है वो प्रमुख लक्षण जो करता है समान्य फ्लू को कोरोना से अलग।
व्यक्ति में सूखी खांसी का लक्षण दिखना COVID-19 से संक्रमित होने का सबसे बड़ा कारण हो सकता है। अगर आप किसी प्रदूषण वाली जगह में रहते हैं तो आपको खांसी किसी एलर्जी की वजह से भी हो सकती है।
क्या आपकी खांसी और सर्दी कोविड -19 का है संकेत-
कोरोना का खौफ लोगों के दिलों में इस कदर बैठ गया है कि पास बैठे व्यक्ति के छींकने या खासने पर ही लोग सहम जाते हैं , कहीं उन्हें भी कोरोना न हो जाए। हालांकि हर बार ऐसा हो ये जरूरी नहीं है।विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना का सबसे प्रमुख लक्षण किसी चीज को सूंघने की क्षमता का प्रभावित होना होता है।
इस लक्षण को पहचानकर न करें अनदेखा-
कोरोना के बाकी लक्षणों की ही तरह कोरोना से संक्रमित व्यक्ति के भीतर सूंघने, स्वाद पहचानने का क्षमता थोड़ी या ज्यादा प्रभावित होने लगती है, इस लक्षण को अनदेखा न करें। कोरोना से संक्रमित कुछ लोगों में यह लक्षण प्रमुख तौर पर देखे गए हैं।
हालांकि, अभी तक इस बात की कोई पुष्टि नहीं हो पाई है कि सूंघने की शक्ति का कम होना कोरोना का लक्षण है। विशेषज्ञों के अध्ययन के अनुसार घर पर ही कोरोना के लक्षण जैसे सूंघने की शक्ति का कम होना, सांस लेने में कठिनाई का अनुभव होने जैसे लक्षणों का परीक्षण करके इस जानलेवा वायरस से बचाव किया जा सकता है।
खाना खजाना / शौर्यपथ / गोभी मंचूरियन एक इंडो- चाइनीज रेसिपी है, जिसे खाना हर वर्ग के लोग पसंद करते हैं। गोभी मंचूरियन को आप किसी पार्टी में भी स्टार्टर की तरह सर्व कर सकती हैं। यह बेहद पसंद की जाने वाली डिश है। इसे ग्रेवी या ड्राई दोनों तरह से बनाया जा सकता है। तो देर किस बात की अगर आपका भी कुछ क्रिस्पी चटपटा खाने का मन कर रहा है तो ट्राई करें ये टेस्टी गोभी मंचूरियन ।
गोभी मंचूरियन बनाने के लिए सामग्री-
-1 बड़े आकार की गोभी
-3 बड़े चम्मच कॉर्न फ्लोर
-5 बड़े चम्मच मैदा
-1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट
-1/2 कप पानी
-2 बड़े प्याज बारीक कटे हुए
-1 बड़े साइज की शिमला मिर्च बारीक कटी हुई
-2 हरी मिर्च बारीक कटी हुई
-2 चम्मच सोया सॉस
-2 चम्मच चिली सॉस
-2 चम्मच रेड चिली सॉल
-2 चम्मच सिरका
2 चम्मच टोमेटो केचप
-तलने के लिए तेल
-नमक स्वादानुसार
गोभी मंचूरियन बनाने का तरीका-
गोभी मंचूरियन बनाने के लिए सबसे पहले प्याज और शिमला मिर्च को बारीक काटकर साथ ही अदरक-लहसुन का पेस्ट भी तैयार कर लें। अब एक बर्तन में पानी उबालकर इसमें कटी हुई गोभी के टुकड़ों को 5 मिनट के लिए डाल दें। ध्यान रखें कटे हुए गोभी के टुकड़े न तो बहुत ज्यादा छोटे हों और न ही बड़े। गर्म पानी से 5 मिनट बाद गोभी के टुकड़ों को निकालकर साफ पानी से धो लें। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि गोभी में अगर कोई कीड़ा हो तो वह आसानी से बाहर आ जाए।
अब एक बड़ा बाउल लेकर इसमें मैदा, कॉर्न फ्लोर, अदरक-लहसुन का पेस्ट और नमक डालकर मिश्रण को अच्छी तरह से मिलाएं। अब इस मिश्रण में पानी डालकर न ज्यादा गाढ़ा और न ज्यादा पतला घोल तैयार कर लें। इसी घोल में गोभी के टुकड़े डालकर अच्छे से मिला दें।
अब कढ़ाई में तेल गर्म करके उसमें मीडियम आंच पर गोभी को हल्का भूरा होने तक तलें। सभी तले हुए टुकड़ों को एक तरफ अलग रख लें। अब इसी तेल में अदलक-लहसुन का पेस्ट, हरी मिर्च, बारीक कटी शिमला मिर्च और प्याज डालें और अच्छी तरह से इन्हें भी फ्राई करें।
कढ़ाई में सिरके के साथ चारों तरह के सॉस डालकर उसमें फ्राइड गोभी के टुकड़े डालकर 4 से 5 मिनट तक के लिए मीडियम आंच पर पकाएं। आपकी गर्मा-गर्मा गोभी मंचूरियन सर्विंग के लिए बनकर तैयार है।
खाना खजाना / शौर्यपथ / सुबह का नाश्ता अगर हेल्दी हो तो व्यक्ति पूरा दिन फ्रेश और एनर्जेटिक फील करता है। ऐसे ही एक केरल के एक नाश्ते का नाम है रवा अप्पम। ये खाने में तो बाकी साउथ इंडियन रेसिपीज की तरह टेस्टी होता ही है लेकिन स्वाद के साथ-साथ ये आपकी सेहत और ब्रेकफास्ट के लिए हेल्दी ऑप्शन भी है। तो आइए जानते हैं कैसे बनाया जाता है वेजिटेबल रवा अप्पम।
रवा अप्पम बनाने के लिए सामग्री-
-रवा- 1/2 कप
-दही - 1/2 कप
-हरी मटर- 1/2 कप
-फूलगोभी- 1/2 कप
-साबूत सरसों- 1/2 टेबल स्पून
-अदरक- ½ टेबल स्पून
-हरी मिर्च- 3
-करी पत्ता- 8-9
-बेकिंग सोडा- ¼ टेबल स्पून
-तेल- 2 टेबल स्पून
-नमक- स्वादानुसार
रवा अप्पम बनाने का तरीका-
रवा अप्पम बनाने के लिए सबसे पहले फूलगोभी और हरी मिर्च को बारीक काटकर अदरक के साथ मिक्सर में उसका पेस्ट बना लें। अब एक बाउल में रवा और दही मिक्स कर लें। इस मिश्रण में फूलगोभी, मटर, हरी मिर्च, अदरक का पेस्ट और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें। यदि मिश्रण ज्यादा गाढा़ लगे तो उसमें थोडा सा पानी डालकर उसे पतला कर लें। अब इस मिश्रण को थोड़ी देर ढककर अलग रख दें ताकि रवा फूल जाए।
अब तेज आंच पर एक कढ़ाई में तेल डालकर उसे गर्म कर लें। तेल गर्म होने पर उसमें सरसों ,करी पत्ता डालकर थोड़ा सा भून लें। अब इस तड़के को मिश्रण में डालकर मिला लें। अब मिश्रण में बेकिंग सोडा या ईनो फ्रूट सॉल्ट का इस्तेमाल करें। अब अप्पम मेकर को गर्म करके उसके प्रत्येक खाने में थोडा-थोडा तेल डालकर इस मिश्रण को सभी खानों में थोडा-थोडा भर दें। मिश्रण डालने के बाद अप्पम मेकर को ढककर धीमी आंच पर अप्पम पकने का इंतजार करें। ध्यान रखें अप्पम सेकते समय गैस की आंच हल्की रखें, तेज आंच रखने पर अप्पम जल सकते हैं।
जब अप्पम एक साइड से गोल्डन ब्राउन सिक जाए तो इसे दूसरी साइड पलट दें और फिर से ढककर पकाएं। अप्पम को दोनों ओर से गोल्डन ब्राउन होने तक पका लें। जब अप्पम दोनों तरफ से गोल्डन ब्राउन हो जाए तो गैस बंद कर दें। आपका रवा अप्पम तैयार है, इसे आप प्लेट में निकालकर हरे नारियल की चटनी, टमाटर की चटनी, मीठी चटनी, धनिये की चटनी या टमैटो सॉस के साथ सर्व करें।
खेल / शौर्यपथ / क्रिकेट फैन्स का भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी का एक बार फिर खेल के मैदान पर खेलते देखने का सपना शनिवार 19 सितम्बर सच हो गया। धोनी की बेशक मैदान पर वापसी हो गई हो लेकिन इसके लिए उन्होंने लंबा समय लिया है। उन्होंने अपना आखिरी मैच पिछले साल न्यूजीलैंड के खिलाफ 9 जुलाई 2019 को इंग्लैंड में खेला था। धोनी उस मैच में रनआउट हो गए थे और भारत सेमीफाइनल में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया था। इस तरह धोनी ने 437 दिनों बाद कोई प्रतिस्पर्धी मैच खेला। आर्इपीएल के आगाज मैच में हर किसी की नजरें धोनी पर थीं क्योंकि वो पिछले महीने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद पहली बार खेलने उतरे थे। इस मौके पर उनकी पत्नी साक्षी धोनी ने एक प्यारा प्यारी सोशल मीडिया पर शेयर की है।
साक्षी ने इस पोस्ट को अपने इंस्टाग्राम की स्टोरी पर शेयर किया है। इसमें धोनी मैच शुरू होने से पहले बात करते नजर आ रहे हैं। साक्षी ने इस पोस्ट को आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स को टैग भी किया है। बता दें इस पूरे साल कोरोना वायरस की वजह से धोनी ने अपनी फैमिली के साथ काफी लंबा समय बिताया है। धोनी जो अक्सर सोशल मीडिया से दूर रहते हैं, ऐसे में उनकी पत्नी साक्षी ने उनके फैन्स के लिए धोनी की फोटो और वीडियो शेयर करती रहती थीं।
धोनी के साथ उनकी पत्नी साक्षी और बेटी जीवा कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए यूएई नहीं गए हैं। हालांकि ऐसी खबरें हैं कि साक्षी टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में यूएई जा सकती हैं। टूर्नामेंट के आगाज मैच में धोनी की कप्तानी में चेन्नई को जीत हासिल हुई। मुंबई इंडियंस ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 162 रन बनाए। इसके जवाब में सीएसके की तरफ से अंबाती रायुडु और फाफ डु प्लेसिस की शानदार बल्लेबाजी के दम पर चेन्नई ने पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। अंबाती रायुडु को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
मनोरंजन / शौर्यपथ /एक्ट्रेस पायल घोष ने हाल ही में अनुराग कश्यप पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पायल का कहना है कि अनुराग ने उनके साथ जबरदस्ती की थी। अनुराग पर आरोप लगाने के बाद पायल ट्विटर पर ट्रेंड कर रही हैं। बता दें कि पायल ने हिन्दी, साउथ और पंजाबी फिल्मों में काम किया है। पायल ने 2017 में आई फिल्म 'पटेल की पंजाबी शादी' से बॉलीवुड डेब्यू किया था। इस फिल्म में परेश रावल और ऋषि कपूर लीड रोल में थे।
पायल इसके अलावा टीवी का पॉप्युलर शो साथ निभाना साथिया में भी नजर आ चुकी हैं। शो में वह राधिका के किरदार में नजर आई थीं।
पायल सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और अपनी कई ग्लैमरस तस्वीरें शेयर करती रहती हैं।
आपको बता दें कि इससे पहले अभिनेत्री पायल घोष ने कुछ साल पहले पैनिक अटैक आने और दवा लेने के कारण वजन बढ़ने जैसे अनुभवों के बारे में खुलकर बताया था। पायल ने बताया था कि कैसे वह इस स्थिति से बाहर निकलीं।
पायल ने कहा था, '2 साल पहले मेरा वजन 72 किलो था क्योंकि मुझे पैनिक अटैक आते थे और दवाइयों के कारण मेरा वजन बढ़ गया था। मैं एक्सरसाइज भी नहीं करती थी क्योंकि मुझे डर था कि अगर मेरे दिल की धड़कनें बढ़ जाएंगी तो मेरी मौत हो जाएगी।'
पायल ने फिर अपनी बॉडी पर काम करना शुरू किया। अच्छी डाइट ली और एक्सरसाइज की और अब उनका वजन 55 किलो है।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर निगम में मनमानी ठेके देने के मामले में ईई मोहनपुरी गोस्वामी आगे है तो कार्य को तोड़कर फिर से नया कार्य करवाने में इंजिनियर जितेन्द्र सोमैय्या माहिर है . पिछले साल भी ऐसे ही मामले में इंजिनियर सोमैय्या घिरे हुए थे किन्तु उच्च अधिकारियो की लापरवाही कही जा सकती है या इंजिनियर सोमैय्या जैसे अधिकारियों की मनमानी अपने चरम सीमा पर है . पिछले साल के अंत में ऐसे ही मामले में सोमैय्या मौन थे . तब मामला था पटेल चौक , हिंदी भवन के सामने के प्रतीक्षालय का इस स्थान पर जो प्रतीक्षालय थे वो बिलकुल सही थे और उपयोग में आ रहे थे किन्तु अचानक कोई इसे तोडऩे लगा जब इस बारे में कार्य के प्रभारी इंजिनियर सोमैय्या से चर्चा की गयी तो उनके द्वारा ये जानकारी प्राप्त हुई कि पता नहीं किसने तोडा फिर उच्च अधिकारियों से चर्चा के बाद पता चला की सारा कार्य इंजिनियर सोमैय्या के अधीन हो रहा है तब तक पुराने प्रतीक्षालय टूट गए और हजारो किलो लोहा गायब हो गया किन्तु इस बारे में अधिकारी जाँच की बात करते रहे और मामला कोरोना काल में दब गया तब भी इंजिनियर सोमैय्या के उच्च अधिकारी ईई गोस्वामी थे जिनके निर्देश पर कार्य हुआ और तब भी बिना निविदा के कार्य प्रारंभ हो गया था यहाँ भी ईई गोस्वामी द्वारा अपने चाहने वाले ठेकेदारों को कार्य देकर लाभ पहुँचाने की सफल कोशिश की गयी .
अब एक नया मामला सामने आया है जिसमे एक ऐसे ठेकेदार द्वारा इस सड़क के पेवर ब्लाक निकाले जा रहे है जिससे नाली जैसे निर्माण का कार्य भी सही तरीके से नहीं होता . इस वार्ड के इंचार्ज भी इंजिनियर सोमैय्या है जब इस बारे में सोमैय्या से चर्चा की गयी कि सड़क के साइड में लगे पेवर ब्लाक किस आदेश के तहत किसने निकाले और कितने के कार्य की निविदा जारी हुई तो इंजिनियर का कहना था कि कोई जानकारी नहीं है . ऐसे है निगम के इंजिनियर सोमैय्या जिनके वार्ड में कोई भी कार्य हो रहा हो उसकी जानकारी उन्हें नहीं रहती सिर्फ बिल बनाने के लिए ही उपलब्ध रहते है . अगर इंजिनियर साहब को जानकारी नहीं है कि पेवर ब्लाक किसने निकाले बिना अनुमति के तो निगम की संपत्ति को नुक्सान पहुंचाने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफ आई आर क्यों नहीं कर रहां निगम प्रशासन ?
क्या इस बार भी इंजिनियर सोमैय्या लाखो का कार्य बिना निविदा के ही अपने करीबियों को बड़े कमीशन के लालच में देने की कोशिश कर रहे है अगर ऐसा नहीं है तो अब तक शासन की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले ठेकेदार ( अज्ञात ) पर एफ आई आर क्यों नहीं करवा रहे है .
निगम आयुक्त बर्मन जी आप तो प्रशासनिक अधिकारी है निगम की संपत्ति को इस तरह हानि पहुँचाने वालो पर क्या एफ आई आर दर्ज होगी और कार्य में लापरवाही करने वाले इंजिनियर सोमैय्या पर कोई विभागीय कार्यवाही होगी क्योकि ऐसे ही कार्य में लापरवाही बरतने वाले सब इंजिनियर व्ही.पी. मिश्रा को आपके द्वारा काफी महीनो तक बिना प्रभार के रखा था क्या अब यही नियम सोमैय्या जैसे इंजिनियर पर भी लागू होगा ?
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर पालिक निगम में पानी और बिजली को लेकर भाजपा नेताओं की लगातार बयानबाजी को लेकर अब कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। दुर्ग नगर निगम में मेयर इन काउंसिल के तीन प्रभारियों ने आज पूर्व महापौरों पर निशाना साधते हुए कहा है कि 20 साल तक दुर्ग निगम में भाजपा की सत्ता होने के बावजूद शहर की हालत नहीं सुधरी। दो दशक के कार्यकाल के बावजूद दुर्ग शहर की जनता पानी-प्रकाश व्यवस्था जैसी समस्या से जूझ रही है तो इसके लिए भाजपा ही जिम्मेदार है । एमआईसी प्रभारी जयश्री जोशी ने पूर्व महापौर व्दारा लगाए गए आरोपों को झूठी वाहवाही वाला ब्यान करार देते हुए कहा कि उनके महापौर कार्यकाल के दौरान दुर्ग शहर की जनता त्रस्त रही । उनके पांच साल के कार्यकाल के बाद दुर्ग विधान सभा के निगम चुनाव में जनता ने अपना जवाब दे दिया । ऐसे प्रत्याशी को वे सहन नहीं करेगी । पूर्व महापौर के कार्यकाल में अमृत मिशन का कार्य किस कछुचाल से चल रहा था, अगर उसी गति से आज भी चलता तो प्रोजेक्ट को पूरा करने में कम से कम दो साल और लग जाते। जयश्री ने कहा कि दुर्ग निगम में कांग्रेस की सत्ता आने के बाद से अमृत मिशन के कार्यों में तेजी आई है। पूर्व महापौर के कार्यकाल में डेढ़ साल में जितना काम नहीं हुआ, उससे ज्यादा काम पिछले 9 माह में हो गया है। इसके दस्तावेजी प्रमाण दुर्ग के नागरिकों को नगर निगम से मिल सकती है। पूर्व महापौर को अगर दुर्ग शहर की चिंता होती तो शहर में उनके कार्यकाल मे सुशासन का आलम होता और जनता एक बार फिर भाजपा को मौका देती।
जयश्री ने कहा कि दुर्ग की जनता ने भाजपा पर भरोसा कर नगर निगम की सत्ता 20 साल तक सौंपी। जयश्री ने आगे कहा कि दुर्ग नगर निगम में 10 साल तक महापौर रहने के बाद विधायक और सांसद चुनाव जीत चुकी एक पूर्व महापौर ने वैश्विक महामारी के दौरान दुर्ग शहर की सुध नहीं ली। सिर्फ थाली पीटने और ताली बजाने से कोरोना से जंग नहीं लड़ा जा सकता। एक ओर विधायक अरुण वोरा और महापौर धीरज बाकलीवाल कोरोना संकट के दौरान लगातार दुर्ग की जनता के बीच रहे, वहीं दूसरी ओर भाजपा के सभी महापौर सहित भाजपा के नेता वर्चुअल रैली में व्यस्त रहे। जनता को गुमराह करते रहे। आज भी भाजपा नेता बिजली और पानी को लेकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व महापौर को अच्छी तरह पता है कि लचीली शर्तो के साथ विद्युत का ठेका भाजपा के शासन में उनके केन्द्रीय नेता की कम्पनी को दिया गया, जिसका खामियाजा आज सिर्फ दुर्ग ही नहीं पूरे प्रदेश को भुगतना पड़ रहा है। अगर पूर्व महापौर जनता को सच्चाई बताना चाहती है तो बताएं कि ईईएसएल कंपनी का सरकार के साथ किन शर्तो पर करार हुआ था और यह कंपनी किसकी है। सिर्फ कमीशनखोरी के कारण लचीली शर्तें रखी गई।
दुर्ग नगर निगम के विद्युत विभाग प्रभारी भोला महोबिया ने कहा कि ईईएसएल कंपनी को लचीली शर्तो के साथ ठेका देने के कारण आज कम्पनी की मनमानी चल रही है। जिस मानक के बल्ब लगाने थे, उसे नकारते हुए अमानक स्तर के बल्ब लगाए जा रहे हैं। ईईएसएल कंपनी शायद ये भूल गई है कि अब आँख बंद कर भुगतान देने वाली सरकार नहीं है। ईईएसएल कंपनी अपने कर्मचारियों को वेतन न देकर जनता को परेशान करने की कोशिश कर रही है। दुर्ग विधायक और महापौर के प्रयासों से कलेक्टर दर पर कर्मचारियों की नियुक्त कर व्यवस्था सुधारा जा रहा है।
जलकार्य प्रभारी संजय कोहले ने कहा कि जब से निगम में कांग्रेस की सत्ता आई है, तब से निगम क्षेत्र में अमृत मिशन का कार्य तेजी से हो रहा है। कांग्रेस के शासन में दस्तावेजों में काम नहीं होता बल्कि जमीनी स्तर पर काम होते हैं। इस साल के अंत तक शहर में निगम क्षेत्र में पाइपलाइन का कार्य पूर्ण हो जाएगा।

दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के गौठान का औचक निरीक्षण किया। वे दुर्ग शहर के गौठान सबसे पहले पहुंचे। यहां उन्होंने पशुओं के लिए चारा पानी आदि की स्थिति जानी। साथ ही इन्होंने पशुओं के ट्रीटमेंट आदि की जानकारी भी ली। उन्होंने गोधन न्याय योजना के क्रियान्वन के संबंध में भी अधिकारियों से जानकारी ली। ग्रामीण क्षेत्र में उन्होंने तैयार किये जा रहे वर्मी कम्पोस्ट देखे। कलेक्टर ने कहा कि गोबर की आवक के मुताबिक वर्मी टैंक की उपलब्धता सुनिश्चित कर लें। गोधन न्याय योजना ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का सबसे कारगर साधन है।
इससे स्वसहायता समूहों को अच्छी आय होगी। वर्मी कम्पोस्ट से गौठान समितियों की आय भी बढेगी, इससे गौठान को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। कलेक्टर ने आवारा मवेशियों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देश के मुताबिक गौठान को आजीविका मूलक गतिविधियों का केंद्र बनाना है। अपने ग्रामीण परिवेश की जरूरतों के मुताबिक उत्पाद तैयार करें। जिला प्रशासन द्वारा हर संभव सहायता की जाएगी।
इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ श्री सच्चिदानंद आलोक भी उपस्थित थे। उन्होंने भी वर्मी की गुणवत्ता एवं गौठान की अन्य गतिविधियों के संबंध मेंआवश्यक निर्देश दिए।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
