
CONTECT NO. - 8962936808
EMAIL ID - shouryapath12@gmail.com
Address - SHOURYA NIWAS, SARSWATI GYAN MANDIR SCHOOL, SUBHASH NAGAR, KASARIDIH - DURG ( CHHATTISGARH )
LEGAL ADVISOR - DEEPAK KHOBRAGADE (ADVOCATE)
सेहत / शौर्यपथ / अपनी ओरल हेल्थ को बनाएं रखने के लिए दिन में कम से कम दो बार अपने दांतों को ब्रश करना और जीभ की सफाई करना चाहिए। वहीं, आयुर्वेद में भी मुंह को साफ रखने के लिए हर रोज दांतों की सफाई करने के महत्व भी बताया गया है, जिससे कि दांत सफेद और चमकदार बने रहें। प्राचीन समय में, लोग अपने दांतों को साफ करने के लिए विशिष्ट पौधों की टहनियों का इस्तेमाल करते थे और आज भी कई जगहों पर आयुर्वेदिक तरीकों से दांतों की सफाई की जाती है। आयुर्वेदिक तरीकों और ब्रश करने की आधुनिक तरीकों का उपयोग करने वाले लोगों की ओरल हेल्थ के बीच एक बड़ा अंतर है। जैसे, आयुर्वेदिक पद्धति का उपयोग करने वाले लोगों में दांतों की सड़न की समस्या से पीड़ित होने की सम्भावना कम होती है।
आयुर्वेदिक तरीके से रखें दांतों को स्वस्थ
प्राचीन समय में लोग अपने दांतों को साफ करने के लिए कड़वे पौधों की टहनियों का इस्तेमाल करते थे, जिसे दातून के नाम से जाना जाता है। कड़वे पौधों में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। साथ ही तीखे स्वाद वाली जड़ी-बूटियाँ मुंह से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती हैं और सांसों की बदबू से भी लड़ती हैं। नीम, आम, और पीपल के पेड़ की टहनियाँ मुंह को साफ रखने में कारगर है।आजकल बाजार में विभिन्न प्रकार के टूथपेस्ट उपलब्ध हैं, जो आयुर्वेद के अनुसार इस्तेमाल किए गए पौधों के समान हैं। आप हर्बल टूथपेस्ट का उपयोग कर सकते हैं क्योंकि वे हर्बल पौधों से बने होते हैं और रासायन-मुक्त होते हैं। वे रासायनिक रूप से भरी हुई फैंसी टूथपेस्ट से कहीं बेहतर हैं।
कम से कम दो मिनट तक करें दांतों को साफ
विज्ञान के अनुसार, आपको अपने दांतों को कम से कम दो मिनट तक अच्छी तरह से ब्रश करना चाहिए। अपने मुंह के हर कोनों कवर करने के लिए छोटे और कोमल स्ट्रोक का उपयोग करें। आयुर्वेद आपके दांतों को ब्रश करने के तुरंत बाद जीभ को स्क्रैप करने की सलाह देता है। स्क्रैपिंग ओरल हाइजीन को कम्पलीट करता है। यह जीभ से गंदगी या बिल्ड-अप को हटाने में मदद करता है, जिसकी वजह से मुंह से बदबू आती है, इसलिए अगर आपके मुंह से कभी भी बदबू आए, तो समझ लें कि आप अपनी जीभ को सही तरह से साफ नहीं कर रहे हैं।
खाना खाजन / शौर्यपथ / घरवालों को कुछ नया खिलाकर मुंह मीठा कराना चाहते हैं, तो हमारी मावा कचौड़ी की रेसिपी आपको बहुत पसंद आएगी। आइए जानते हैं इसकी रेसिपी :
सामग्री :
मैदा 1-1/2 कप
नमक 1/2 चम्मच
तेल 2 चम्मच
तेल 1 चम्मच
बादाम 2 चम्मच (टूटे हुए)
काजू 2 चम्मच (टूटे हुए)
सूखा नारियल 2 चम्मच (कद्दूकस किया हुआ)
पिस्ता 2 चम्मच (टूटे हुए)
जायफल पाउडर 1/4 चम्मच
इलायची 1/2 चम्मच
खोया 100 ग्राम
चाशनी
पानी 1 कप
हरी इलायची 3-4
चीनी 1 कप
तलने के लिए तेल
विधि
एक बाउल में मैदा, नमक और रिफाइंड ऑयल डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब थोड़ा-थोड़ा कर पानी डालते हुए नरम आटा गूंथ लें। गूंथे हुए आटे को 30 मिनट तक ढक कर अलग रख दें।
अब फ्राइंग पैन में रिफाइंड ऑयल डालें, बादाम, काजू, सूखा नारियल, पिस्ता, जायफल पाउडर और इलायची पाउडर डालकर मिक्स करते हुए 2 मिनट के लिए भून लें। अब इसमें खोया मिलाएं और सारी सामग्री को 2 मिनट के लिए मध्यम आंच पर भून लें। अब गैस बंद कर दें और मिश्रण को ठंडा होने दें।
एक पैन में पानी डालें और गैस पर चढ़ा दें। इसमें हरी इलायची और चीन डालें और उबाल आने दें। चीनी घुलने और शीरा गाढ़ा होने तक पकाएं।
अब आटे को एक बार हाथों से मसल लें। इसकी लोई बनाकर पूड़ी के आकार में बेल लें। इसके बीच में मावा का मिश्रण रखें और साइड को पानी लगाकर चिपका दें। इसे हाथों के हल्के दबाव से कचौरी की तरह बना लें।
कढ़ाई में तलने के लिए तेल डालें और जब तेल अच्छा गर्म हो जाए तो एक-एक कचौरी डालकर तल लें।
सर्व करने के लिए कचौड़ी को बीच में फोड़ कर उसमें तैयार शीरा भर दें और बादाम-पिस्ता से कर दें।
सेहत /शौर्यपथ / हम सभी अपने 20s में अपनी खूबसूरत त्वचा को फ्लॉन्ट करते हैं। बस एक अच्छा क्लींजर और मॉइस्चराइजर- और चेहरा चमकने लगता है।
लेकिन हमारी आंखें तब खुलती हैं जब चेहरे पर सबसे पहली झुर्रियां नजर आने लगती हैं। चेहरे पर फाइन लाइन्स नजर आने के बाद ही हम अपने स्किन केयर रूटीन को लेकर गंभीर होते हैं। ये लाइन्स संकेत हैं कि आपकी त्वचा की एजिंग शुरू हो गयी है। अब हम एन्टी एजिंग क्रीमों का प्रयोग करते हैं और अपनी स्किन की एजिंग को टालने की कोशिश करते हैं। लेकिन जो झुर्रियां पहले ही हमारे चेहरे पर आ चुकी हैं, वह तो नहीं जाने वाली ना!
यह प्रश्न महिलाओं में बहुत आम है ‘कब हमें एन्टी एजिंग क्रीमों का इस्तेमाल शुरू करना चाहिए?’ और इस सवाल का जवाब पाने के लिए हमने बात की फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट गुरुग्राम की सलाहकार डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ सोनल बंसल से।
“हमें यह जानना जरूरी है कि एजिंग दो प्रकार की होती है- अंदरूनी और बाहरी। पहले आपकी उम्र अंदर से बढ़ती है और फिर चेहरे पर झलकती है। इसलिए आपको बाहरी एजिंग होने से पहले ही एन्टी एजिंग उत्पादों का प्रयोग शुरू कर देना चाहिए।”
क्या हैं उम्र बढ़ने के पहले संकेत?
“एजिंग के सबसे पहले संकेत जो भारतीयों में नजर आते हैं वह है आंखों के नीचे का फैट गलना। सबसे पहले फाइन लाइन्स भी चेहरे पर ही नजर आती हैं। इससे आंखें गड्ढे में नजर आती हैं और काले घेरे बढ़ जाते हैं। इसका कारण यह है कि आंखों के नीचे की त्वचा बाकी त्वचा से ज्यादा नाजुक होती है।”
क्या है एंटी-एजिंग उत्पादों के उपयोग की सही उम्र
“ज्यादातर लोगों को एंटी-एजिंग उत्पादों का उपयोग 30 के दशक की शुरुआत में ही करना शुरू कर देना चाहिए। उम्र बढ़ने के विजिबल लक्षण दिखाई देने से पहले ही आपके पास कुछ साल हैं। यदि आप उन संकेतों के प्रकट होने से पहले प्रभावी उत्पादों का उपयोग करना शुरू करती हैं, तो आपके पास कुछ समय के लिए एजिगं में देरी करने का मौका है।”
कौन से एंटी-एजिंग उत्पाद होते हैं बेहतर?
विभिन्न उत्पाद हैं जो आज बाजार में उपलब्ध हैं। आप हमेशा अपनी त्वचा के प्रकार के अनुरूप कुछ चुन सकतीं हैं। हालांकि, रेटिनॉल के सभी रूप कारगर हैं। आजकल, आपको कई क्रीम के साथ-साथ सीरम भी मिलेंगे जिनमें एंटी-एजिंग के रूप में रेटिनोल कम्पाउन्ड होता है। अगर आप चिकनी, कोमल त्वचा पाना चाहती हैं, तो यह बेहद मददगार हो सकता है।
तो लेडीज, समय बर्बाद न करें, घड़ी टिक टिक आगे बढ़ते समय का संकेत दे रही है। इसलिए यदि आप अपने शुरुआती 30 में हैं तो एंटी-एजिंग उत्पाद को अपने ब्यूटी रूटीन में शामिल करें।
सेहत / शौर्यपथ / हेल्दी डाइट, वर्कआउट और समय पर सोना कुछ ऐसी चीजें हैं जो आपकी इम्युनिटी को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। दिनचर्या के अलावा कुछ ऐसी चीजें भी हैं, जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाकर आपको बीमारियों से बचाती है. आज हम आपको ऐसा कारगर उपाय बता रहे हैं, जिससे आप फ्लू को 4-5 दिनों में आसानी से ठीक कर सकते हैं, वहीं इससे आपकी इम्युनिटी भी मजबूत होगी।
गुणों से भरी अजवाइन
अजवाइन में बहुत से पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो शरीर को हेल्दी और फिट रखने में मदद करता है। अजवाइन में एंटी-इंफ्लेमेट्री, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होता है, जो सर्दी-जुकाम के लिए फायदेमंद है।
सामग्री
1/2 चम्मच अजवाइन के बीज
5 तुलसी के पत्ते
1/2 चम्मच काली मिर्च पाउडर
1 बड़ा चम्मच शहद
ऐसे बनाएं : एक गहरा पैन लें और उसमें 1 गिलास पानी, अजवाइन, काली मिर्च और तुलसी के पत्ते डालें। पानी को 5 मिनट तक उबलने दें। गैस को बंद करें। इसमें शहद मिलाने से पहले मिश्रण को थोड़ी देर के लिए ठंडा होने दें। काढ़ा को अच्छी तरह से मिलाएं और इसे पी लें।
इसके फायदे-
अजवाइन गुणों से भरी हुई है। इसमें जब काली मिर्च, तुलसी, शहद डालकर काढ़ा बनाया जाता है, तो इसके गुण और भी बढ़ जाते हैं। फ्लू से छुटकारा दिलाने के साथ अजवाइन का काढ़ा इन परेशानियों से भी मुक्ति दिलाता है।
पेट की बीमारियों से छुटकारा।
सर्दी-जुकाम और खांसी में राहत।
मसूड़ों की सूजन।
पीरियड्स के दर्द से छुटकारा।
मुंहासों से छुटकारा।
इन बातों का रखें ध्यान
एक दिन में बहुत ज्यादा अजवाइन सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है, इसलिए इस काढ़े को दिन में सिर्फ एक ही बार पिएं. वहीं, स्तनपान कराने वाली मां और गर्भवती को इस काढ़े का सेवन नहीं करना चाहिए।
लाइफस्टाइल / शौर्यपथ आधुनिक जीवनशैली में हमनें खाने की तरीके में भी बहुत बदलाव किया है। पहले लोग जमीन पर सुखासन में बैठकर खाना खाया करते थे। खाना खाते वक्त किसी से बात नहीं करते थे। ज्योतिष की दृष्टि से खाना खाने की आदतों का हमारे ग्रहों पर असर पड़ता है। पं.शिवकुमार शर्मा से जानिए रोजमर्रा में प्रयुक्त होने वाली आदतें और उनका असर।
-भोजन कभी भी अपने बेड पर बैठकर ना खाएं। इससे अन्न का अपमान होता है और राहु अप्रसन्न होते हैं।
-खाना खाते समय टीवी देखना, किताब पढ़ना ठीक नहीं होता। इससे हमारी श्वास नली में भोजन के कण फंसने का डर रहता है।
-खाना खाने से पहले हाथ और पैर अवश्य धोएं। इससे हानिकारक बैक्टिरिया भोजन के जरिए हमारे पेट में नहीं पहुंच पाते। भोजन जल्दी-जल्दी ना चबााएं। भोजन के तुरंत बाद पानी ना पिएं। खाना खाने के 40 मिनट बाद पानी पी सकते हैं। भोजन हमेशा बैठकर ही करें।
- भोजन कररने के बाद कुछ लोग थाली में ही अपने हाथ धो देते हैं। इससे अन्नपूर्णा का अपमान होता है। चंद्र और शुक्र अप्रसन्न हो जाते हैं। ऐसे घर से बरकत चली जाती है।
-थाली में जूठन छोड़ना अन्न का अपमान होता है। इससे मां अन्नपूर्णा का शाप लगता है।
-भोजन करते समय हमारा मुंह पूर्व या उत्तर में होना चाहिए।
-भोजन करने से पहले या भोजन करने के बाद लघु शंका करनी चाहिए।
शौर्यपथ/ आज से अधिकमास शुरूहो गया है। अधिकमास में भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की जाती है। इस महीने कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। लेकिन अधिकमास में खरीददारी करने पर कोई रोक नहीं है। लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ग्रह प्रवेश, मुंडन, सगाई, विवाह आदि कार्य करना वर्जित है। इसके अलावा इस महीने को पुरुषोत्तम के नाम से भी जानते हैं। अधिकमास में सर्वार्थसिद्धि योग समेत बन रहे हैं ये 5 ऐसे योग बन रहे हैं जो बहुत ही उत्तम योग हैं।
ज्योतिषियों के अनुसार अक्टबूर में अधिकमास में ये सभी योग आपको सफलता दिला सकते हैं। आपको बता दें कि सितंबर की 26 तारीख को छोड़कर अक्टूबर की 1, 4, 6, 7, 9, 11, 17 को सवार्थ सिद्धि योग रहेगा। आपको बता दें कि ज्योतिष शास्त्र में सर्वार्थ सिद्धि योग बेहद शुभ योग माना जाता है। यह नक्षत्र, तिथि और वार के संयोग से बनता है।
कहते हैं कि यह शुभ योग मनचाहा वरदान और तरक्की दिलाता है। इस संयोग में कहा जाता है कि जो भी शुभ कार्य शुरू होता है तो वो दोबारा भी होता है। इसलिए इस योग में आप जो खरीदेंगे और भी लाएंगे। 19 एवं 27 सितंबर को द्विपुष्कर योग है। अक्टूबर में ही अमृतसिद्धि योग पड़ रहा है। इस योग में किए गए कार्य का फल अमृत होता है। अधिक मास में दो दिन पुष्य नक्षत्र भी पड़ रहा है। 10 अक्टूबर को रवि पुष्य और 11 अक्टूबर को सोम पुष्य नक्षत्र रहेगा।
खेल / शौर्यपथ / इंडियन प्रीमियर लीग(आईपीएल) शुरू होने में अब बस एक दिन का समय बाकी रह गया है। टूर्नामेंट अपने नाम करने के लिए सभी टीमें जोर-शोर से तैयारियां कर रही हैं। टूर्नामेंट के शुरू होने से एक दिन पहले भारत के पूर्व क्रिकेटर ओर कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने उन चार टीमों के नाम बनाए हैं जो उनके हिसाब से इस साल के आईपीएल टूर्नामेंट के प्लेऑफ में जगह बना सकती हैं। खास बात यह है कि इसमें उन्होंने तीन ऐसी टीमों को जगह नहीं दी है जो कम से कम एक खिताब अपने नाम कर चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने अपनी फेवरेट आईपीएल टीम का नाम भी बताया।
आकाश चोपड़ा ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए एक वीडियो में बताया कि इस साल दिल्ली कैपिटल्स उनकी फेवरेट टीम है। यह टीम सिर्फ फेवरेट ही नहीं बल्कि खिताब जीतने की भी प्रबल दावेदार है। उन्होंने कैप्शन में लिखा कि, 'आईपीएल 2020 की शुरुआत कल से हो रही है। भविष्यवाणियों का आखिरी दौर चल रहा है, ऐसे में सभी के मन में एक ही सवाल है कि इस साल कौन-कौन सी चार टीमें प्लेऑफ में जगह बनाएंगी। आपका जवाब यहां हैं।'
आकाश चोपड़ा ने दूसरे नंबर पर पिछली बार की उपविजेता महेंद्र सिंह धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स को रखा है। टीम पिछले साल मुंबई इंडियंस के हाथों फाइनल में मात्र 1 रन से हार गई थी। टीम अब तक तीन बार ट्रॉफी जीत चुकी है। पूर्व क्रिकेटर आकाश ने तीसरे नंबर पर पिछली बार की विजेता और टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम मुंबई इंडियंस को रखा है। मुंबई ने अब तक सबसे ज्यादा चार बार खिताब अपने नाम किया है। चौथे नंबर के लिए आकाश ने दो टीमें चुनी जिसमें पहली टीम विराट कोहली की रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर है। इसके अलावा चौथे नंबर के लिए दूसरी टीम दिनेश कार्तिक की कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स है।
बता दें कि बीसीसीआई के शेड्यूल के अनुसार, इस बार कुल दस दिन दो-दो मैच खेले जाएंगे। इनमें पहला मैच भारतीय समयानुसार दोपहर बाद तीन बजकर 30 मिनट से, जबकि दूसरा मैच शाम सात बजकर 30 मिनट से शुरू होगा। दुबई कुल 24 मैचों की मेजबानी करेगा। अबुधाबी में 20 और शारजाह में 12 मैच खेले जाएंगे। आईपीएल 2020 के प्लेऑफ के स्थानों की घोषणा बाद में की जाएगी। फाइनल 10 नवंबर को होगा। यह टूर्नामेंट कुल 53 दिन तक चलेगा और इस तरह से यह आईपीएल के इतिहास में सबसे लंबा चलने वाला सत्र बन जाएगा।
मनोरन्जन / शौर्यपथ / अक्षय कुमार ने हाल ही में अपनी अपकमिंग फिल्म 'लक्ष्मी बॉम्ब' की रिलीज डेट का ऐलान किया। यह फिल्म 9 नवंबर को डिजनी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज होगी। हालांकि मेकर्स फिल्म को दिवाली रिलीज बताकर प्रमोट कर रहे थे, जबकि फिल्म दिवाली के पांच दिन पहले रिलीज की जा रही है। ऐसे में फैन्स के मन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर 'लक्ष्मी बॉम्ब' को दिवाली के दिन यानी 14 नवंबर (शुक्रवार) या फिर उससे एक दिन पहले 13 नवंबर (शुक्रवार) को क्यों नहीं रिलीज किया जा रहा है? खास बात यह है कि इससे पहले रिलीज हुई सभी फिल्मों को डिजनी प्लस डॉटस्टार पर शुक्रवार को ही रिलीज किया गया।
बॉलीवुड हंगामा ने सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट में लिखा-'जैसा कि हम सभी जानते हैं कि अक्षय कुमार के लिए 9 नंबर लकी है। इसके पहले यह फिल्म 9 सितंबर को रिलीज होने वाली थी क्योंकि इस दिन अक्षय कुमार का जन्मदिन होता है। इसके पहले भी वह कोशिश करते रहे हैं कि फिल्म 9 तारीख को ही रिलीज की जा सके। इतना ही नहीं फिल्म का ट्रेलर भी 9 तारीख को ही रिलीज किया जा सकता है।'
सोर्स ने आगे बताया- 'सारा अली खान और वरुण धवन स्टारर कुली नंबर-1 भी 13 नवंबर को अमेजन प्राइम पर रिलीज हो रही है। ऐसे में मेकर्स को लगा कि फिल्मों की रिलीज में गैप होना चाहिए। इन दोनों बातों को ध्यान में रखते हुए मेकर्स ने 'लक्ष्मी बॉम्ब' को 9 नवंबर को रिलीज करने का फैसला लिया।'
सोर्स के मुताबिक, 'फिल्म का ट्रेलर अक्टूबर में रिलीज किया जा सकता है। फिलहाल अभी ट्रेलर की रिलीज डेट तय नहीं है। हम ट्रेलर को 9 अक्टूबर को रिलीज करने की कोशिश कर रहे हैं।' फिल्म कुली नंबर-1 को लेकर सोर्स ने कहा कि हम फिल्मों की रिलीज में गैप इसलिए भी कर रहे हैं ताकि सोशल मीडिया पर चमकने का दोनों फिल्मों को मौका मिल सके।
आपको बता दें कि 'लक्ष्मी बॉम्ब' एक हॉरर कॉमेडी फिल्म है। फिल्म में अक्षय कुमार के साथ कियारा आडवाणी नजर आएंगी। यह तमिल फिल्म 'मुनी 2 कंचना' का हिंदी रीमेक है।
मनोरंजन / शौर्यपथ / बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह लॉकडाउन में लंबे समय तक घर पर बिताने के बाद काम पर वापस लौट चुके हैं। उन्होंने अपनी नई फिल्म जयेशभाई जोरदार की डबिंग शुरू कर दी है। हाल ही में उन्हें यशराज फिल्म्स स्टूडियो के पास स्पॉट किया गया था। मालूम हो कि इस फिल्म की शूटिंग उन्होंने इस साल की शुरुआत में पूरी कर ली थी।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, रणवीर ने फिल्म की डबिंग का काम शुरू कर दिया है। उनका वर्क शेड्यूल पहले की तरह सामान्य हो गया है। जहां तक फिल्म जयेशभाई का सवाल है तो इसे सिनेमाघरों में ही रिलीज किया जाएगा। यह भी बताया गया कि मेकर्स सिनेमाघरों के खुलाने से पहले इस फिल्म को तैयार रखना चाहते हैं। इसके बाद सही समय को देखते हुए मेकर्स फिल्म को रिलीज करने का फैसला लेंगे।
इससे पहले एक इंटरव्यू के दौरान 'जयेशभाई जोरदार' के प्रोड्यूसर मनीष शर्मा ने कहा था कि इस फिल्म में दिया गया सोशल मैसेज लोगों को जागरूक करेगा। उन्होंने कहा कि रणवीर सिंह ने इस फिल्म के लिए अपना 200 प्रतिशत दिया है। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि रणवीर ने फिल्म में अपने अभी तक के करियर का बेस्ट परफॉर्मेंस दिया है।
बता दें कि इसके अलावा रणवीर सिंह फिल्म सूर्यवंशी में नजर आएंगे। इसमें उन्होंने अक्षय कुमार, अजय देवगन और कैटरीना कैफ के साथ काम किया है। वहीं, उनकी स्पोर्ट्स-ड्रामा फिल्म 83 भी बनकर तैयार है। इसमें वह दीपिका पादुकोण के साथ एक बार फिर स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे। इस मल्टीस्टार फिल्म को कबीर खान ने डायरेक्ट किया है।
दुर्ग / शौर्यपथ / कांग्रेस की सत्ता प्रदेश में लगभग दो साल का कार्यकाल पूरा कर ली है ऐसे में अब दो साल बाद दुर्ग निगम में एल्डरमैन की सूचि जारी हो गयी . राज्य शासन ने कई निकायों के एल्डरमैन की सूचि जारी कर दी जिसमे दुर्ग निगम भी शामिल है .सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एल्डरमैन की सूचि को अंतिम रूप देने के लिए क्षेत्रीय विधायको की अनुशंसा की का ख़ास ख्याल रखा जाता है . दुर्ग निगम में जारी एल्डरमैन की सूचि भी स्थानीय विधायक वोरा की अनुशंसा को आधार माना गया है . दुर्ग निगम में ६ एल्डरमैन के नामो की घोषणा हुई है एक एल्डरमैन की घोषणा साल भर पहले ही हो चुकी है . जारी सूचि में ऐसे कई नाम है जिनको एल्डरमैन का पद मिलने की पूरी उम्मीद थी किन्तु जारी सूचि से उनका नाम गायब है . ऐसे नामो में पूर्व पार्षद राजेश शर्मा , रमेश श्रीवास्तव , कन्या ढीमर , शकुन ढीमर , प्रकाश गीते , गौरव उमरे , आयुष शर्मा , नासिर खोखर , अजय सिन्हा , रामकली यादव , राकेश शर्मा , मोहित वाल्दे , सरवर चौहान , अजय शर्मा , अजय मिश्रा , अल्ताफ , संदीप श्रीवास्तव जैसे कई नाम शामिल रहे जिनको निराशा हाँथ लगी है . ये ऐसे दावेदार थे जिनको उम्मीद थी कि एल्डरमैन के पद से नवाजा जायेगा . किन्तु इन नामो को दरकिनार कर अंशुल पाण्डेय , जगमोहन ढीमर , अजय गुप्ता , रत्ना नारमदेव , देव सिन्हा , राकेश ठाकुर को निगम में जगह मिली .
लिस्ट जारी होते ही दुर्ग में राजनितिक हलचल तेज हो गयी ऐसे में असंतुष्टो को संतुष्ट करने की सारी जिम्मेदारी अब एक बार फिर विधायक वोरा के ऊपर आ गयी है . जैसा कि सभी को ज्ञात है दुर्ग में किसी भी पद पर मोहर लगने के लिए विधायक की अनुशंसा की आवश्यकता होती है वैसे ही अब इन असंतुष्ट दावेदार जो दो साल से उम्मीद लगाये हुए थे कि एल्डरमैन में जगह मिलेगी अब एक प्रकार से उम्मीद खत्म सी हो गयी है . हालाँकि अभी ३ नामो की घोषणा होनी बची है ऐसे में विधायक द्वारा इन तीन नामो में कुछ को जगह दिलाने का वादा जरुर किया जाएगा किन्तु एक अनार सौ बीमार वाली कहावत के आगे सभी जानते है कि सिर्फ तीन को ही जगह भविष्य में मिलेगी ऐसे में बाकी असंतुष्टो को कैसे समझायेंगे वोरा ये देखने वाली बात होगी . वैसे भी अगर दुर्ग कांग्रेस में राजनीती करनी है तो वोरा बंगले से कोई भी सीधे सीधे विरोध नहीं करेगा . किन्तु वर्तमान में जिस तरह शहर में वोरा की प्रसिद्धि का ग्राफ कम होता जा रहा है उससे ना चाहते हुए भी सभी को किसी ना किसी तरह संतुष्ट करने की जिम्मेदारी अब विधायक के उपर आ गयी है . वर्तमान राजनितिक परिवेश में दुर्ग में कांग्रेस कहने को तो उपरी टूर से एक है किन्तु आंतरिक रूप से तीन गुट बन गए है ऐसे में कांग्रेस के असंतुष्ट दावेदार अब किस खेमें में जा कर अपने लिए भविष्य के रास्ते अपनाएंगे ये देखने वाली बात होगी . हर बार वोरा परिवार में चुनावी सीजन में दुर्ग के कांग्रेस के सर्वेसर्वा बनने वाले शानू वोरा क्या अब दुर्ग आ कर सभी को फिर से संतुष्ट करेंगे या सत्ता होने के कारण कार्यकर्त्ता मौन रहकर सही समय का इंतज़ार करेंगे . स्थिति चाहे जैसी भी निर्मित हो किन्तु आने वाले कुछ दिन दुर्ग की राजनितिक हलचल काफी गरम रहने वाली है . ( शरद पंसारी )
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
