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रायपुर / शौर्यपथ /वनमंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशन में वन विभाग द्वारा राज्य भर में वन अपराधों की रोकथाम के लिए अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। इसके तहत 14 सितम्बर से अब तक एक सप्ताह के भीतर वन मंडल रायगढ़ के अंतर्गत जांच के दौरान खामियां पाये जाने के कारण एक आरा मिल और एक फर्नीचर मार्ट को सील कर दिया गया है। इनमें आर.के. फर्नीचर एंड टिम्बर रायगढ़ तथा रायगढ़ के ही मौदहापारा रोड स्थित संजय सॉ मिल शामिल है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में वन मंडलाधिकारी रायगढ़ मनोज पांडे के निर्देशानुसार गठित टीम द्वारा आरा मिलों में पहुंचकर सघन जांच की कार्रवाई निरंतर जारी है। टीम द्वारा जांच के दौरान आरा मिलों का अवैध तरीके से संचालन होने अथवा वहां लकड़ी के अवैध लट्ठे पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ तत्काल कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस कड़ी में गत 18 सितम्बर को टीम द्वारा जांच में पाया गया कि रायगढ़ के संजय सॉ आरा मिल संचालक द्वारा बिना अनुमति के सॉ ट्रॉली स्थापित कर चलायी जा रही थी। इसको केवल आरा मशीन चलाने की अनुमति थी, ट्रॉली की नही। इसके कारण वहां बिना अनुमति चल रहे पावर सॉ मशीन तथा ट्राली को सील कर दिया गया है। संजय सॉ मिल द्वारा बिना अनुमति के सॉ ट्रॉली तथा 15 एच.पी. का मोटर लगाकर संचालन किया जा रहा था, जो अवैधानिक है। इन्हें व्यापारी का अनुज्ञप्ति प्राप्त है, लेकिन विनिर्माता का अनुज्ञप्ति नहीं होने पर भी इनके द्वारा अवैधानिक रूप से कार्य किया जा रहा था। इसी तरह संजय सॉ मिल का व्यक्तिगत हैमर वर्ष 2016 के लिए पंजीकृत थ, लेकिन इनके द्वारा नवीनीकरण न कराते हुए उक्त हैमर को अभी तक अवैधानिक रूप से उपयोग किया जा रहा था। इसके कारण संजय सॉ मिल को सील किया जाकर उसके विद्युत विच्छेद के लिए विद्युत विभाग को पत्र भेजा गया है।
संजय सॉ मिल में अभिलेखों की जांच करने पर यह पाया गया कि उसके द्वारा आर.के. मार्ट एंड टिम्बर रायगढ़ से वनोपज का चिरान किया जाता रहा है। टीम द्वारा तब विगत दिवस आर.के. मार्ट एंड टिम्बर छातामुड़ा के आरा मिल में भी दबिश दी गई। वहां मौके पर बिना हैमर निशान के साल के 153 नग लट्ठे और बीजा के 11 नग लट्ठे कुल 23 घनमीटर के करीब अवैध काष्ठ का भंडारण पाया गया, जिसे मौके पर वन विभाग द्वारा जप्त कर उससे विक्रय काष्ठागार उर्दना में भंडारण कर दिया गया है। जप्त किए गए लकड़ी का अनुमानित मूल्य लगभग 8 लाख रूपए है। उक्त कार्रवाई में वन क्षेत्रपाल श्रीमती लीला पटेल सहित प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री राजेश्वर मिश्रा तथा श्री दीनबंधु प्रधान व श्री गोवर्धन राठौर आदि उड़नदस्ता दल के अमले का सराहनीय योगदान रहा।
नई दिल्ली । शौर्यपथ । बात गए साल दिसंबर की है जब जामिया इस्लामिया मामले पर प्रधानमंत्री मोदी देश से शांति और अमन की अपील करते हुए एक ट्वीट लिखे जिस पर बॉलीवुड अभिनेत्री ने जो जवाब दिया उससे शायद pm मोदी भी अचंभित रह गए होंगे । बॉलीवुड के कई स्टार सोशल मीडिया पर बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते है और खुल कर शब्दो के सही ताल मेल व उपयुक्त समय पर उचित जवाब देने में माहिर होते है ऐसे ही pm मोदी के एक ट्वीट पर अभिनेत्री रेणुका शहाणे ने जवाब दिया जो जम कर वाइरल हो रहा है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश के मौजूदा हालात को लेकर ट्वीट करते हुए लिखा था, "यह शांति, एकता और भाईचारा बनाए रखने का समय है. सभी से अपील है कि किसी भी तरह की अफवाह और झूठ से दूर रहें." इस तरह पीएम नरेंद्र मोदी ने देश से अपील की थी. एक्ट्रेस रेणुका शहाणे (Renuka Shahane) ने पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा, "सर, फिर आप सभी से कहिए की आपके आईटी ट्विटर हैंडल सेल से दूर रहें. वह सबसे ज्यादा अफवाहें और झूठ फैला रहे हैं और पूरी तरह से भाईचारे, शांति और एकता के खिलाफ हैं. असली, 'टुकडे टुकडे' गैंग आपका आईटी सेल है, कृपया उन्हें नफरत फैलाने से रोकें." रेणुका शहाणे (Renuka Shahane Twitter) के इस ट्वीट पर लोग खूब कमेंट कर रहे हैं और अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
रायगढ़ / शौर्यपथ / हाईवे पर लूट व सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए रायगढ़ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह द्वारा सभी थाना व चौकी प्रभारियों को हाईवे व आऊटर पेट्रोलिंग सुदृढ़ करने के निर्देश के साथ ही होटल, लॉज, ढाबा पर सतत निगाह रखने का निर्देश दिया गया था । इसी क्रम में आज मुखबीर सूचना पर रायगढ़ जिला के अंतर्गत सारंगढ़ तहसील में पुलिस ने प्रिंस लॉज सारंगढ़ में छापेमारी कर आपत्तिजनक अवस्था में मिले तीन महिला व तीन पुरुष तथा लॉज के मालिक को गिरफ्तार किया गया है । आरोपियों पर पीटा एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है । जानकारी के अनुसार सारंगढ़ टी.आई. आशीष वासनिक को आज दोपहर मुखबिर से सूचना मिली कि प्रिंस लॉज में देह व्यापार के लिए रायगढ़ से युवतियों को लाया गया है ।
टी.आई. आशीष वासनिक द्वारा सूचना से एसडीओपी सारंगढ़ जितेंद्र खुंटे को अवगत कराये और कार्यवाही के लिए स्टाफ को ब्रीफ किए । तत्कालिक रूप से प्वाइंटर की व्यवस्था ना होते देख टीआई आशीष वासनिक द्वारा थाने में नए आमद आए आरक्षक को प्वाइंटर बनाकर प्रिंस लॉज भेजे । प्वाइंटर (आरक्षक) ग्राहक बनकर लॉज के मालिक संतोष केशरवानी से मिला और चर्चा किया। संतोष केशरवानी आरक्षक को पहचान नहीं पाया और सचमुच ग्राहक समझकर बोला कि लॉज के रूम में अभी 3 लड़के, लड़कियों के साथ हैं । आधे घंटे बाद ₹5,000 लेकर आना । तब ठीक है कहकर प्वाइंटर (आरक्षक) बाहर निकला और TI वासनिक को मोबाइल पर सूचना दिया है जिसके बाद एसडीओपी सारंगढ़ के नेतृत्व में लॉज पर पुलिस पार्टी द्वारा दबिश दी गई ।
लाज में तीन आरोपी दिनेश कुमार साहू पिता गिरीश राम साहू उम्र 30 वर्ष निवासी चांटीपाली थाना डबरा जिला जांजगीर चांपा, कलाकार साहू पिता रूप सिंह साहू उम्र 31 वर्ष निवासी ग्राम सपोस थाना डबरा जिला जांजगीर चांपा, संजय जयसवाल पिता चंद्रिका जयसवाल उम्र 28 वर्ष निवासी झरिया पारा सारंगढ़ उक्त स्थान पर रायगढ़ की तीन महिलाओं के साथ आपत्तिजनक अवस्था में मिले । पुलिस पार्टी द्वारा 03, महिला एवं 03 पुरूष सहित लॉज के मालिक संतोष केशरवानी पिता सिदार सिंह केशरवानी उम्र 60 वर्ष निवासी नगरपालिका चौक सारंगढ़ को हिरासत में लिया गया है । लॉज के कमरे से पुलिस पार्टी द्वारा नकदी के साथ आपत्तिजनक वस्तुओं को जप्त की है ।
आरोपी संतोष केशरवानी पूर्व में भी देह व्यापार के केस में जेल जा चुका है । आज पुनः छापेमारी में पकड़े जाने के बाद 07 आरोपियों पर 3,4,5 अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम (पीटा एक्ट) के तहत थाना सारंगढ़ में कार्यवाही की गई है ।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / दिल्ली में सुबह साइकिलिंग करने वाले एक ग्रुप के दो लोगों के फोन बाइक सवार बदमाशों ने छीन लिए. दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे. पीड़ितों ने बताया कि उनका एक ग्रुप है, जो सुबह साइकिलिंग करता है. इस ग्रुप के लोगों ने व्हाट्सएप पर एक ग्रुप बनाया हुआ है, जिसमें वह लोग लाइव लोकेशन शेयर करते हैं. पुलिस ने तुरंत छीने गए मोबाइल फोनों के लाइव लोकेशन को ट्रैक करना शुरू किया और 30 किलोमीटर की हॉट चेज के बाद बदमाशों को पकड़ लिया. उत्तरी पश्चिमी दिल्ली की डीसीपी विजयंता आर्या के मुताबिक, 16 सितंबर को सुबह करीब 5:30 बजे एक पीसीआर कॉल मिली, जिसमें रोहिणी के रहने वाले एक शख्स ने बताया कि उनका एक साइकिलिंग करने वालों का ग्रुप है.
सुबह जब वो नेताजी सुभाष प्लेस के पास अपने एक साइकिल सवार दोस्त के साथ रुका तो एक काले रंग की बजाज डोमिनर 400 सीसी बाइक पर सवार 3 लड़के आए और पिस्टल की नोक पर दोनों के मोबाइल छीनकर भाग गए. मौके पर पहुंचे कांस्टेबल विशाल और अनिल को पीड़ितों ने बताया कि उनके साइकिलिंग करने वाले दोस्तों का एक व्हाट्सएप ग्रुप है, जिसमें वो लाइव लोकेशन शेयर करते हैं. दोनों पुलिसकर्मियों ने दो अलग-अलग बाइक पर पीड़ितों के दोस्तों को बैठाया, जिनके पास व्हाट्सएप ग्रुप पर लाइव लोकेशन थी. छीने गए मोबाइल में एक मोबाइल फोन चालू था. पुलिस लाइव लोकेशन के जरिए करीब 30 किलोमीटर तक बदमाशों का पीछा करते करते नंदनगरी पहुंची और वहां कांस्टेबल विशाल ने अपनी बाइक से बदमाशों की बाइक पर टक्कर मारी, जिससे वो नीचे गिर गए.
जिसके बाद बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. पुलिसकर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए एक बदमाश को पकड़ लिया जबकि उसके दोनों साथी भाग गए. पकड़े गए बदमाश का नाम इजहार है, जो दिल्ली के ब्रह्मपुरी का रहने वाला है. आरोपी के पास से छीने गए कई मोबाइल, सोने की चेन, पिस्टल और फोन बरामद किया गया है. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वो अपने साथियों के साथ लूटपाट करता है. 16 सितंबर की सुबह ही उसने विकासपुरी, राजौरी गार्डन, एमएस पार्क और सुभाष प्लेस से एक के बाद एक चार वारदातों को अंजाम दिया. इजहार के पकड़े जाने से लूट और झपटमारी की 29 वारदातें सुलझी हैं. पुलिस अब उसके दोनों साथियों की तलाश कर रही है.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / दिल्ली दंगों की आरोपी पिंजड़ा तोड़ ग्रुप की नताशा नरवाल को कड़कड़डूमा कोर्ट ने जमानत दे दी है. नताशा नरवाल को FIR नंबर 50 जाफ़राबाद हिंसा वाले केस में गुरुवार को बेल मिल गई. कोर्ट ने बेल देते वक़्त कहा, "जो वीडियो दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दिखाए हैं, उनसे नहीं साबित होता है कि नताशा हिंसा में शामिल थी या हिंसा को भड़का रही थीं. हालांकि, उन्हें फिलहाल जेल में रहना पड़ेगा क्योंकि एक अन्य एफआईआर में भी उन्हें आरोपी बनाया गया है.
कड़कड़डूमा कोर्ट ने 30,000 रुपये के निजी मुचलके पर नताशा को बेल दी है. कोर्ट ने माना है कि नताशा ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से इकठ्ठा हुई भीड़ का हिस्सा थीं पर कहीं ये नहीं साबित हो रहा कि उन्होंने हिंसा भड़काई. जाफ़राबाद में हुई हिंसा में अमान नाम के एक शख़्स की मौत हुई थी. कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा कि नताशा और देवांगना ने सुनियोजित ढंग से हिंसा भड़काई थी. नताशा नरवाल को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा क्योंकि वो FIR 59 में दिल्ली पुलिस ने उन्हें UAPA के तहत आरोपी बनाया है.
इसी केस में दिल्ली हाईकोर्ट देवांगना कलीता को पहले ही बेल दे चुका है. दिल्ली हाईकोर्ट ने देवांगना कलीता को बेल देते हुए कहा था “जांच एजेंसियां ऐसा कोई भी साक्ष्य नहीं दे पाई हैं जिससे ये साबित होता हो कि देवांगना के किसी भाषण ने एक समुदाय की महिलाओं को भड़काया हो या फिर उनके भाषण से हिंसा भड़की, जिससे जान माल का नुक़सान हुआ."
चेन्नई / शौर्यपथ / फिल्म स्टार सूर्या शिवकुमार को तीन मेडिकल छात्रों की कथित आत्महत्या को लेकर मद्रास उच्च न्यायालय पर की गई अपनी टिप्पणी के लिए अवमानना के मामले का सामना नहीं करना पड़ेगा. मद्रास उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि अभिनेता की टिप्पणी "अनावश्यक और अनुचित" है. हालांकि, फैसले में कहा कि उन पर अवमानना की कार्यवाही नहीं होगी.
अदालत ने कहा, "सिने एक्टर की ओर से दिया गया कथन अनावश्यक और अनुचित है." कोर्ट ने कहा, "हमारे विवेकपूर्ण नजरिये से यह मामला आगे बढ़ाने लायक नहीं है. हम एडवोकेट जनरल की ओर से दिए गए विचार से पूरी तरह से सहमत हैं."
इससे पहले, मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एस एम बालासुब्रमण्यम ने सूर्या शिवकुमार के खिलाफ अवमानना का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखा था.
मद्रास उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस को लिखे पत्र में जस्टिस एस एम बालासुब्रमण्यम ने कहा था, "मेरी राय में उक्त कथन न्यायालय की अवमानना के बराबर है. इसमें न सिर्फ माननीय न्यायाधीशों की निष्ठा और भक्ति और हमारे देश की महान न्यायिक प्रणाली को भी कमतर दिखाया गया बल्कि बुरी तरह से आलोचना भी की गई. यह न्यायपालिका पर जनता के विश्वास के लिए खतरा है."
सूर्या ने नीट से जुड़ी मौत की घटनाओं को "दर्दनाक" और "अंतरात्मा को झकझोर" देने वाली करार देते हुए कहा था कि कोरोना वायरस खतरे को देखते हुए कोर्ट, जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए न्याय दे रहा है, ने छात्रों को बिना डरे जाने और परीक्षा देने का आदेश दिया है."
नई दिल्ली / शौर्यपथ / सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फोर्स के जवान राहुल माथुर की मुस्कुराती हुई तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. तस्वीर में देखा जा सकता है कि राहुल माथुर अस्पताल में बेड पर लेटे हुए हैं और जोश में नज़र आ रहे हैं. दरअसल, राहुल माथुर को गुरुवार को श्रीनगर में एक आतंकी मुठभेड़ में गोली लग गई थी, हालांकि, गोली लगने के बावजूद उन्होंने आतंकियों को ढेर किया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया था. कुमार विश्वास ने भी उनकी इस तस्वीर को शेयर कर ट्वीट किया है.
कुमार विश्वास ने अपने ट्वीट में लिखा, 'देकर अपना खून सींचते देश की हम फुलवारी, बंसी से बंदूक बनाते हम वो प्रेम पुजारी...!” Love You Hero'उन्होंने इसके साथ CRPF का एक ट्वीट रीट्वीट किया है, जिसमें CRPF ने कहा है कि 'अगर साहस का कोई चेहरा होता, तो उसकी मुस्कान ऐसी ही होती. श्री राहुल माथुर, DC CRPF जिन्होंने कल गोली लगने के बावजूद आतंकियों को ढेर कर दिया.'
श्रीनगर सीआरपीएफ ने भी एक ट्वीट कर कहा कि 'साहस हर चीज़ से ऊपर, यही एक योद्धा की निशानी है. DC CRPF श्री राहुल माथुर की पहली झलक, जो 92 बेस अस्पताल में भर्ती हैं. कल श्रीनगर के बाटमालू में उन्होंने एक आतंक-रोधी ऑपरेशन में गोली लगने के बावजूद आतंकियों को ढेर किया था.'
बता दें कि राहुल माथुर की इस तस्वीर पर बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा ने भी ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, 'वो अपराजेय मुस्कान, मजबूत थम्स अप..अगर आप इस मौजूदा संकट से निकलने को लेकर आशा से भरे रहना चाहते हैं तो यहां देखिए...'
नई दिल्ली / शौर्यपथ / बिहार विधान सभा चुनाव से पहले लोक जनशक्ति पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान ने भले ही नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के लिए मुश्किलें खड़ी कर रखी हों लेकिन बीजेपी-जेडीयू के बीच भी सीट बंटवारे को लेकर सबकुछ सामान्य नहीं है. हालांकि, दोनों दल पटना से लेकर नई दिल्ली तक सीट बंटवारे पर मंथन कर रहे हैं. राज्य की चार दर्जन से ज्यादा ऐसी विधानसभा सीटें हैं, जिस पर दोनों दलों के बीच तकरार है. दोनों ही दल उस पर अपना दावा ठोक रहे हैं. ये वो सीटें हैं जिस पर 2015 में बीजेपी और जेडीयू आमने सामने थी.
पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने गठबंधन की खातिर अपनी पांच सीटिंग सीटें जेडीयू के लिए छोड़कर बड़ा दिल दिखाया था. अब बीजेपी जेडीयू से इसी तरह की उम्मीद विधान सभा चुनावों में कर रही है. आंकड़ों पर गौर करें तो 2015 के विधान सभा चुनाव में 29 सीटों पर जेडीयू ने बीजेपी को हराकर जीत दर्ज की थी. इन सीटों पर बीजेपी नंबर दो पर रही थी, जबकि दो दर्जन (24) सीटों पर बीजेपी की जीत हुई थी और जेडीयू नंबर दो पर रही थी. इन सभी सीटिंग सीटों के बंटवारे पर दोनों दलों में अंदरूनी मतभेद हैं. सीटिंग सीट गठबंधन दलों के बीच सीट बंटवारे का एक पुराना सियासी फार्मूला रहा है, सीटिंग सीट अमूमन पार्टियां नहीं छोड़तीं. उन्हें भरोसा होता है कि उनकी दोबारा जीत हो सकती है.
इन सीटों पर 'तीर' रहा 'कमल' पर हावी
2015 में जिन दो दर्जन से ज्यादा (29) सीटों पर जेडीयू की जीत हुई थी और बीजेपी नंबर दो पर रही थी, उनमें कोशी-सीमांचल की अधिकांश सीटें हैं. खास बात ये है कि इन इलाकों में मुस्लिम आबादी का संकेंद्रण अधिक है. इन सीटों में सुपौल, रानीगंज, रुपौली, बेनीपुर, बिहारीगंज, कुचायकोट शामिल हैं. इनके अलावा सिकटा, फुलपरास, लौकहा, निर्मली, जीरादेई, दरौंदा, महाराजगंज, एकमा, महनार, मोरवा, सरायरंजन,मटिहानी, परबत्ता, गोपालपुर, अमरपुर, बेलहर, बिहारशरीफ, राजगीर, इस्लामपुर, अगियांव, राजपुर, दिनारा और नवीनगर विधान सभा सीट भी शामिल हैं.
इन सीटों पर बीजेपी ने जेडीयू को हराया
इसी तरह बीजेपी ने जिन सीटों पर जीत दर्ज की थी और जेडीयू नंबर दो पर रही थी, उनमें चंपारण इलाके की बगहा, नौतन, चनपटिया, कल्याणपुर, पिपरा, मधुबन सीट शामिल है. इनके अलावा सिकटी, कटिहार, जाले, कुढ़नी, मुजफ्फरपुर, बैकुंठपुर, सीवान, अमनौर, लखीसराय, बाढ़, दीघा, भभुआ, गोह, गुरुआ, हिसुआ, वारिसलीगंज और झाझा सीट शामिल हैं.
नीतीश की चाहत क्या?
वैसे दोनों दलों के बीच अभी तक सीट बंटवारे पर कोई फार्मुला नहीं बन सका है. जेडीयू चाहता है कि वो 115 सीटों पर लड़े और बीजेपी 128 सीटों पर लड़े लेकिन शर्त यह है कि चिराग पासवान को बीजेपी अपने कोटे के अंदर से सीट दे. बदले में जेडीयू जीतनराम मांझी को अपने कोटे से सीट देगी. हालांकि, बीजेपी पहले ही एलान कर चुकी है कि जेडीयू ही बड़े भाई की भूमिका में रहेगा और एक सीट ज्यादा पर चुनाव लड़ेगा लेकिन इस पर सहमति बनती नहीं दिख रही.
फिलहाल, 243 सदस्यों वाली मौजूदा विधान सभा में जेडीयू के 71 और बीजेपी के 53 विधायक हैं. 2015 में जेडीयू ने राजद और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. उससे पहले 2010 में जब बीजेपी और जेडीयू मे मिलकर चुनाव लड़ा था, तब नीतीश की पार्टी 141 और बीजेपी 102 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. इनके अलावा दोनों दलों की नजरें इस पर भी टिकी हैं कि विपक्षी गठबंधन सीटों का बंटवारा कैसे करता है. तभी उसके सामाजिक-सियासी समीकरण की काट के लिए बीजेपी-जेडीयू दोनों पार्टियां सीटों का तालमेल अपने-अपने वोट बैंक के हिसाब से करेंगी..
नई दिल्ली / शौर्यपथ / लोकसभा में शुक्रवार को कांग्रेस सांसदों ने जमकर हंगामा किया. संसद के मॉनसून सत्र के अंतर्गत आज फाइनेशियल बिल पर चर्चा के दौरान सोनिया गांधी और गांधी परिवार का नाम लेने पर यह हंगामा हुआ. हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित हुई. दरअसल, बीजेपी सांसद और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा सोनिया गांधी और नेहरू-गांधी का नाम लिया गया तो कांग्रेस सांसद उखड़ गए और जमकर हंगामा किया.
अनुराग ठाकुर ने कहा था कि हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक, हर कोर्ट ने पीएम केयर्स फंड सही ठहराया.छोटे-छोटे बच्चों ने गुल्लक तोड़कर चंदा दिया. उन्होंने आगे कहा, नेहरूजी ने फंड बनाया आज तक उसका रजिस्ट्रेशन नहीं कराया. आपने केवल एक परिवार गांधी परिवार के लिए ट्रस्ट बनाया था. सोनिया गांधी को अध्यक्ष बनाया था, इसकी जांच होनी चाहिए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा.
ठाकुर की इस टिप्पणी का कांग्रेस सांसदों ने जमकर विरोध करते हुए हंगामा किया. लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, 'हिमाचल का ये *** कहाँ से आ गया? ये *** कहाँ से आ गया? नेहरूजी कहां से आ गए बहस में? हमने मोदीजी का नाम लिया क्या? ये तीन दिन का ***.' हंगामे के बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सदन की कार्यवाही चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. यह गरमाहट तब और बढ़ गई जब तृणमूल सांसद ने स्पीकर पर आरोप लगाया कि वे बीजेपी सांसदों का बचाव करते हैं. आप चाहे तो हमें निकाल दीजिए. ये नहीं चलेगा. हम नहीं चलने देंगे. दरअसल, स्पीकर ने कहा था कि कोई अगर सुरक्षा से खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा तो नाम लेकर सदन से बाहर जाने को भी कह सकता हूँ. मास्क लगा कर बोलिए.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह पर यूपी में देशद्रोह का मामला दर्ज होने पर संजय सिंह ने कहा कि ''सत्ता के अहंकार की बहुत कहानियां सुनी होंगी, यूपी सरकार ने देशद्रोह का मामला मेरे खिलाफ दर्ज किया है. तीन महीने में 13 मुकदमे मेरे खिलाफ दर्ज हुए हैं. आखिर मेरा अपराध क्या है? 37 सांसदों ने मेरा समर्थन किया है. मैंने हर समाज के साथ हो रहे अन्याय का मुद्दा उठाया. क्या यही वजह है, मेरे खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज हुआ है.''
संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ''ऑक्सिमीटर का मुद्दा मैंने उठाया. शमशान में योगी सरकार ने दलाली की है. सर्वे में पता चला है कि जातिवादी सरकार है. यूपी में मासूम बच्चियों के साथ रेप हो रहा है. यूपी में व्यापारियों को मारा जा रहा है. मैं देशद्रोही हूं क्योंकि मैंने योगी सरकार का चेहरा बेनकाब किया है.''
उन्होंने कहा कि ''मैं योगी जी से कहना चाहता हूं, मैं जा रहा हूं 20 तारीख को. नौ बजे सभापति जी को सूचित करके 20 तारीख को लखनऊ में गिरफ्तारी दूंगा. मैं हर समाज से कहना चाहता हूं कि जितने मुकदमे करना हैं मेरे खिलाफ कर दो लेकिन मैं योगी सरकार के खिलाफ चुप नही बैठूंगा.''
संजय सिंह ने कहा कि ''12 दलों के 37 सांसदों ने मेरे समर्थन में हस्ताक्षर कर एक चिट्ठी सभापति को भेजी है, जिसमें उनसे इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है. कांग्रेस, आरजेडी, डीएमके, अकाली, शिवसेना, एनसीपी, सीपीएम, सीपीआई, टीएमसी जैसे दलों ने समर्थन जताया है.''
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
