August 06, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

        नई दिल्ली / एजेंसी / भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के अधीन महारत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने देश की रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कंपनी ने भारतीय नौसेना के दो उन्नत फ्रंटलाइन युद्धपोतों आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस हिमगिरि के निर्माण के लिए लगभग 8,000 टन क्रिटिकल-ग्रेड स्टील की आपूर्ति की।
      रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 26 अगस्त को विशाखापत्तनम में आयोजित समारोह के दौरान इन दोनों फ्रिगेट्स को औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल किया गया।
      सेल ने इस उपलब्धि को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड के साथ साझेदारी कर हासिल किया। इस्पात की आपूर्ति कंपनी के भिलाई, बोकारो और राउरकेला स्टील प्लांट्स से की गई। विशेष रूप से राउरकेला स्टील प्लांट का "स्पेशल प्लेट प्लांट" अब तक युद्धपोत, टैंक और मिसाइलों जैसे रक्षा उपकरणों के लिए एक लाख टन से अधिक क्रिटिकल-ग्रेड स्टील प्रदान कर चुका है।
     इन दोनों अत्याधुनिक युद्धपोतों के नौसेना में शामिल होने से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि भारत अब अपने जहाजों के लिए आवश्यक बुनियादी स्टील से लेकर जटिल डिज़ाइन और प्रशिक्षित मानव संसाधन तक, सभी क्षमताओं को देश में ही विकसित करने में सक्षम है। यह न केवल भारत की आत्मनिर्भरता (Atmanirbhar Bharat) की दिशा में बड़ी उपलब्धि है, बल्कि हमारी रक्षा प्रणाली की मजबूत नींव और औद्योगिक शक्ति का भी प्रतीक है।

    भिलाई / शौर्यपथ / प्लास्टिक प्रदूषण से जूझती दुनिया के लिए राहत की खबर आईआईटी भिलाई से आई है। संस्थान के रसायन विभाग की शोध टीम ने पॉलीएथिलीन टेरेफ्थेलेट (PET)…

    शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और एम्स रायपुर के बीच ऐतिहासिक समझौता

    बिलासपुर / शौर्यपथ /
    छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। कुमार साहब स्व. दिलीप सिंह जूदेव शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, बिलासपुर और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायपुर के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी से अब बिलासपुर समेत आसपास के जिलों के मरीजों को एम्स स्तर की अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएँ अपने ही शहर में उपलब्ध होंगी।

    करार के अवसर पर

    एम्स रायपुर की ओर से कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ले. जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), अधिष्ठाता (अनुसंधान) डॉ. अभिरुचि गल्होत्रा, सह-अधिष्ठाता (अनुसंधान) डॉ. एकता खंडेलवाल और अतिरिक्त प्राध्यापक डॉ. राकेश गुप्ता उपस्थित थे।
    वहीं सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, बिलासपुर से चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह, प्रो. डॉ. अर्चना सिंह और सह-प्रो. डॉ. अभिषेक कुमार मौजूद रहे।

    साझेदारी के लाभ

    • अस्पताल के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को एम्स रायपुर के विशेषज्ञों से नवीनतम तकनीकों और उन्नत चिकित्सा पद्धतियों का प्रशिक्षण मिलेगा।

    • दोनों संस्थान शोध कार्यों और नई तकनीकों को लागू करने में सहयोग करेंगे।

    • मरीजों को उच्चस्तरीय नैदानिक सेवाएँ, टेलीमेडिसिन, बहु-केंद्रीय अध्ययनों का लाभ मिलेगा।

    अधिकारियों के विचार

    डॉ. भानु प्रताप सिंह ने कहा –

    “इस साझेदारी का सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। अब प्रदेशवासियों को एम्स जैसी सुविधाएँ अपने ही शहर बिलासपुर में मिलेंगी।”

    उन्होंने बताया कि इस पहल के लिए आयुक्त सुनील जैन और कलेक्टर संजय अग्रवाल ने उन्हें प्रेरित किया था।

    वहीं ले. जनरल अशोक जिंदल (से.नि.) ने कहा –

    “एम्स रायपुर हमेशा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, बिलासपुर को प्रशिक्षण, संकाय आदान-प्रदान और शोध कार्यों में सहयोग देगा। छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।”

    महत्व

    एम्स रायपुर अपनी उत्कृष्ट नैदानिक सेवाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त शोध कार्यों के लिए जाना जाता है। यह करार छत्तीसगढ़ की चिकित्सा प्रणाली को नई दिशा देगा और प्रदेश के लोगों को बड़े शहरों की दौड़-भाग से मुक्ति दिलाएगा।

    जशपुरनगर/ कुनकुरी / शौर्यपथ /
       छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कुनकुरी थाना क्षेत्र के बेहराटोली मोहल्ले में एक युवक ने अपनी 70 वर्षीय मां गुला बाई की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने शव को धारदार हथियार से बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया और खून से सना हथियार लेकर शव के पास बैठकर गाना गाता रहा।

    घटना का सिलसिला
      प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार सुबह आरोपी जीत राम यादव के घर से अचानक चीख-पुकार की आवाज सुनाई दी। पड़ोसी जब मौके पर पहुंचे तो वहां का दृश्य भयावह था—चारों ओर खून बिखरा पड़ा था और वृद्ध महिला का क्षत-विक्षत शव पड़ा था। पास ही आरोपी बेटा जीत राम हथियार लहराते हुए गाना गा रहा था।

    पुलिस को करना पड़ा मशक्कत
      घटना की सूचना मिलते ही कुनकुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी हथियार के साथ आक्रामक व्यवहार कर रहा था। पुलिस टीम को उसे काबू में करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया और हथियार भी जब्त कर लिया गया।

    हत्या की वजह
     प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मानसिक रूप से असामान्य व्यवहार कर रहा था। आसपास के लोगों ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से असामान्य हरकतें कर रहा था और पड़ोसियों से भी झगड़ा करता था। पुलिस ने आशंका जताई है कि आरोपी मानसिक विकार या नशे की हालत में वारदात को अंजाम दे सकता है। फिलहाल इस पहलू पर गहराई से जांच की जा रही है।

    पड़ोसियों में दहशत
      वारदात के बाद से पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल है। पड़ोसियों का कहना है कि जीत राम की मां ही उसकी देखभाल करती थीं और घर में कोई और नहीं था। घटना के बाद लोग स्तब्ध हैं कि एक बेटा अपनी मां के साथ इतना वीभत्स व्यवहार कैसे कर सकता है।

    पुलिस का बयान
    थाना प्रभारी कुनकुरी ने बताया—
     “आरोपी जीत राम यादव को हिरासत में ले लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मामला सामने आता है तो उसका मूल्यांकन कराया जाएगा।”

    दुर्ग/शौर्यपथ।
    जिले में लगातार बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर नकेल कसते हुए दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल (भापुसे) के निर्देशन और “सशक्त एप” की मदद से थाना मोहन नगर पुलिस ने विशेष टीम गठित कर कार्रवाई करते हुए 19 चोरी की मोटरसाइकिल और स्कूटी बरामद की हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹15 लाख आंकी गई है।

    कैसे पकड़े गए आरोपी?

    ग्रीन चौक के पास तीन संदिग्ध युवकों की मौजूदगी की सूचना मुखबिर से मिली। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर उन्हें पकड़ा और पूछताछ की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने बीते चार माह में कुल 19 वाहन (10 एक्टिवा और 9 मोटरसाइकिल) चोरी किए थे। पुलिस ने मौके से दो विधि से संघर्षरत बालकों और एक युवक को गिरफ्तार किया है।

    चोरी के पीछे का कारण

    आरोपियों ने बताया कि वे शौक पूरा करने और त्वरित पैसे के लालच में वाहन चोरी करते थे। चोरी की गई गाड़ियों को वे अपने परिचितों को कम दामों पर बेच देते थे। खास बात यह रही कि खरीददार जानते हुए भी चोरी की गाड़ियां खरीदते थे, क्योंकि वाहन बिना नंबर और कागजात के होते थे।

    खरीददारों पर भी कार्रवाई

    पुलिस ने जांच में पाया कि चोरी की गाड़ियां खरीदने में 14 लोग शामिल थे। सभी के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि चोरी का वाहन खरीदना भी अपराध की श्रेणी में आता है और इसमें कठोर दंड का प्रावधान है।

    सशक्त एप की भूमिका

    दुर्ग पुलिस ने हाल ही में “सशक्त एप” शुरू किया है। इसमें चोरी या लावारिस वाहनों का डेटा तुरंत ऑनलाइन अपडेट किया जाता है। इसी तकनीकी पहल की मदद से चोरी के वाहनों का लोकेशन और विवरण जुटाकर पुलिस को सफलता मिली।

    कार्रवाई में शामिल टीम

    इस ऑपरेशन में गठित पुलिस टीम के –

    • सउनि. चंद्रशेखर सोनी

    • प्र. आर. मनीष अग्निहोत्री

    • आरक्षक हिमांशु जंघेल

    • आरक्षक खिलेश कुर्रे

    • आरक्षक रवि शंकर मरकाम

    • आरक्षक गजेन्द्र यादव

    की अहम भूमिका रही।

    पुलिस की अपील

    दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सस्ती कीमत पर, बिना कागजात या बिना नंबर वाले वाहन न खरीदें। ऐसे वाहन चोरी के हो सकते हैं और पकड़े जाने पर खरीदार पर भी अपराध का मामला दर्ज होगा।

        दुर्ग / शौर्यपथ / कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश और सहायक आयुक्त आबकारी सी.आर. साहू के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग ने अवैध शराब परिवहन पर बड़ी कार्रवाई की है। गश्त के दौरान मिली सूचना पर आबकारी विभाग, जिला दुर्ग वृत्त-भिलाई (क्रमांक-03) की टीम ने दबिश देकर आरोपी मनदीप सिंह भाटिया (निवासी नेहरू नगर चौक, भिलाई) को गिरफ्तार किया।
      कार्रवाई में मध्य प्रदेश राज्य में विक्रय हेतु अधिकृत विदेशी मदिरा—12 नग बोतल ब्लेंडर्स प्राइड व्हिस्की,48 नग बोतल मैक्डॉवल नंबर वन व्हिस्की कुल 45 बल्क लीटर शराब जब्त की गई, जिसकी बाजार कीमत लगभग ₹51,840 आंकी गई है। इसके साथ ही आरोपी के कब्जे से एक लाल रंग की स्विफ्ट कार (सीजी 08 एफ 5491) भी जप्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹4 लाख है। इस प्रकार जब्त कुल सामग्री का मूल्य लगभग ₹4,51,840 है।
      आबकारी विभाग के अनुसार आरोपी ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) का उल्लंघन किया है। विधिवत प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
      इस कार्रवाई में आबकारी उप निरीक्षक प्रियंक ठाकुर द्वारा विवेचना की जा रही है। वहीं अभियान में सहायक जिला आबकारी अधिकारी पंकज कुजूर, उप निरीक्षक हरीश पटेल, भूपेंद्र नेताम, आबकारी मुख्य आरक्षक डी.पी. पटेल, संदीप तिर्की, चितेश्वरी ध्रुव और चालक दुर्गेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

    रायपुर / शौर्यपथ /
    मुख्यमंत्री के विदेश प्रवास और नए निवेश आकर्षित करने के दावों पर कांग्रेस ने तीखा पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए सवाल किया है कि – “छत्तीसगढ़ में जून 2025 तक 18,940 पंजीकृत कंपनियां संचालित थीं, इनमें से 4,288 कंपनियां आखिर क्यों बंद हो गईं?”

    उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जापान और दक्षिण कोरिया जाकर विदेशी निवेश का ढिंढोरा पीट रहे हैं, जबकि प्रदेश की हकीकत यह है कि पहले से संचालित स्पंज आयरन प्लांट, रोलिंग मिलें, राइस मिल, सहकारी शक्कर कारखाने और एथेनॉल प्लांट भाजपा सरकार की उपेक्षा और उद्योग-विरोधी नीतियों की वजह से ठप हो गए हैं।

    वर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कृषि और वनोपज प्रसंस्करण, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई थी। सीमेंट और स्टील उत्पादन में छत्तीसगढ़ ने नए कीर्तिमान स्थापित किए थे। लेकिन भाजपा की सरकार आते ही उद्योगों पर लगातार चोट की गई—20 महीनों में चार बार बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई।

    आज की स्थिति यह है कि छत्तीसगढ़ के उद्योगों को पड़ोसी राज्यों उड़ीसा, झारखंड और मध्यप्रदेश की तुलना में डेढ़ गुना महंगी औद्योगिक बिजली चुकानी पड़ रही है। कांग्रेस काल में बनी उद्योग नीति को बदलकर भाजपा सरकार ने स्थानीय उद्योगों को बर्बाद करने की राह पर धकेल दिया।

    वर्मा ने आगे कहा—

    “भाजपा सरकार एक तरफ छत्तीसगढ़ के लघु और कुटीर उद्योगों तथा रीपा (रूरल इंडस्ट्रियल पार्क) जैसी योजनाओं को समाप्त करने पर तुली है, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री विदेशी धरती पर उद्यमियों को आमंत्रित कर छत्तीसगढ़ की जनता को गुमराह कर रहे हैं।”

    कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि बीते 20 महीनों में हजारों उद्योग बंद होने से लाखों युवा बेरोजगार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन में नाकाम भाजपा सरकार अपनी नाकामी से ध्यान भटकाने के लिए केवल “राजनीतिक पर्यटन” कर रही है।


    ? यह मुद्दा अब प्रदेश की राजनीति में भाजपा सरकार की औद्योगिक नीतियों बनाम कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों के मुकाबले के रूप में उभर चुका है।

    प्रिंसिपल पर धार्मिक भेदभाव, गाली-गलौज और विद्यार्थियों को जानबूझकर फेल करने के आरोप ! दुर्ग। शौर्यपथ / शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह ज़िले दुर्ग से शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर…

    गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य, अवैध निर्माण पर रोक और मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश

    भिलाई। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने शनिवार को नगर पालिक निगम भिलाई के सभागार में निगम अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में निगम के जोन आयुक्त, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, स्वास्थ्य अधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं अन्य अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करना और नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु ठोस कार्ययोजना बनाना था।

    विकास कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण हों

    बैठक के दौरान विधायक ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शहर में चल रहे सड़क, नाली, पेयजल और रोशनी से संबंधित सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से और निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि भिलाई एक औद्योगिक और शैक्षणिक नगरी है, जहां प्रतिदिन हजारों लोग आते हैं। ऐसे में यहां की आधारभूत सुविधाओं का मजबूत और टिकाऊ होना बेहद जरूरी है।

    जर्जर आवास योजनाओं पर विशेष ध्यान

    विधायक सेन ने निगम को निर्देश दिया कि निगम क्षेत्र में बने वाम्बे, अटल आवास, रैशन आवास और आईएचएसडीपी आवास की स्थिति दयनीय है। इन आवासों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण को प्राथमिकता पर लिया जाए, ताकि इन मकानों में रहने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत मिल सके।

    अवैध कब्जे और धार्मिक निर्माण पर सख्ती

    श्री सेन ने निगम अधिकारियों से कहा कि निगम की भूमि पर कोई भी अवैध निर्माण या धार्मिक ढांचा (मंदिर, मस्जिद, चर्च आदि) न बनने पाए। सुपेला संडे मार्केट सहित कई क्षेत्रों में निगम की भूमि पर अवैध कब्जा और निर्माण सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाए और निगम की जमीन को मुक्त कराया जाए।

    राजस्व वृद्धि और भवन अनुज्ञा

    बैठक में विधायक ने निगम की आर्थिक स्थिति सुधारने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संपत्ति कर और जल कर वसूली में तेजी लाई जाए। साथ ही भवन अनुज्ञा प्रक्रिया को सुगम बनाकर अधिक से अधिक राजस्व अर्जित किया जाए।
    उन्होंने चेतावनी दी कि भवन अनुज्ञा प्रमाण पत्र के बिना निर्माण करने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

    ठेकेदारों को कड़ी चेतावनी

    विधायक ने निगम अधिकारियों से कहा कि ठेकेदारों की मनमानी और लापरवाही अब नहीं चलेगी। यदि कोई ठेकेदार गुणवत्ताहीन कार्य करता है या समय पर काम पूरा नहीं करता है, तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे ठेकेदारों की वजह से आम जनता को असुविधा होती है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    पर्यावरण और स्वच्छता पर जोर

    विधायक सेन ने कहा कि शहर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए, ताकि जल संरक्षण हो सके।
    साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को आदर्श स्वरूप में विकसित करने का निर्देश दिया, जिससे शहर के नालों का गंदा पानी बिना फिल्टर हुए नदी में न जाए।
    उन्होंने निगम क्षेत्र के उद्यानों, झूलों और फिसलपट्टी जैसे बच्चों के खेल उपकरणों के रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया।

    बीएसपी से समन्वय

    बैठक में विधायक ने जानकारी दी कि उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के निदेशक चितरंजन महापात्रा से चर्चा की है। बीएसपी प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि टाउनशिप क्षेत्र में निगम के साथ मिलकर विकास कार्यों में सहयोग किया जाएगा।

    निगम आयुक्त का आश्वासन

    निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने बैठक में बताया कि आकाशगंगा सब्जी मंडी में अवैध दुकानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। आने वाले समय में निगम क्षेत्र के अन्य हिस्सों में भी ऐसी कार्यवाही जारी रहेगी।

    नागरिकों के लिए राहत और भरोसा

    विधायक ने कहा कि निगम प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेकर उनका निराकरण करे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क, नाली, बिजली, पानी, सफाई जैसी बुनियादी समस्याओं पर तुरंत कार्यवाही हो, ताकि जनता को राहत मिल सके।

    बैठक में निगम अधिकारियों ने विधायक को आश्वासन दिया कि दिए गए सभी निर्देशों का पालन प्राथमिकता से किया जाएगा और शहर के विकास कार्यों को और गति दी जाएगी।

    रायपुर पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग तेज

       रायपुर / शौर्यपथ / राजधानी रायपुर में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कबीर नगर थाना क्षेत्र के निवासी राजकुमार मिश्रा, जो पेशे से कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े हैं, ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारी नारायण सेन ने उन्हें बिना किसी अपराध और बिना शिकायत के ही जबरन गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने न केवल नागरिक अधिकारों पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया है बल्कि पुलिस की जवाबदेही पर भी बहस छेड़ दी है।

    शिकायत का विवरण

    राजकुमार मिश्रा ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपी है। उनके अनुसार,17 अगस्त 2025 को कुछ लोगों के इशारे पर उन्हें थाने बुलाया गया।थाने में उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उनकी तबीयत खराब होने के बावजूद जबरन मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया गया। डॉक्टर ने बीपी अधिक होने की वजह से परीक्षण से इनकार किया, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें थाने में बैठाकर घंटों परेशान किया।बाद में उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत पर रिहाई मिली।
      शिकायतकर्ता का कहना है कि वे नशा नहीं करते और उनका सामाजिक एवं व्यावसायिक जीवन पूरी तरह साफ-सुथरा है। इसके बावजूद पुलिस ने किसी प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में झूठा मामला दर्ज कर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
    मानसिक और सामाजिक आघात
      राजकुमार मिश्रा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण ने उन्हें मानसिक रूप से आहत किया है। समाज में उनकी छवि खराब हुई है, जिससे व्यवसाय पर भी असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग की है।

    प्रशासनिक और कानूनी पहलू
      मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति निर्दोष होते हुए भी इस तरह पुलिस की मनमानी का शिकार होता है तो यह न केवल संविधान प्रदत्त व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन है बल्कि पुलिस की जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्न उठाता है।
     कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस मामले में यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं तो पुलिसकर्मी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ फौजदारी अपराध के तहत भी कार्रवाई संभव है।

    पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया
      इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

    निष्कर्ष : यह घटना एक बार फिर उस मूलभूत सवाल को सामने लाती है कि –"क्या आम नागरिक अपने अधिकारों के संरक्षण को लेकर पुलिस पर भरोसा कर सकते हैं, और क्या मनमानी के खिलाफ उन्हें न्याय मिल पाएगा?"

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