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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
- उन्नत तकनीक से रबी मौसम में लगाई मूंगफली की फसल
- मूंगफली फसल में कम पानी, कम खाद, कम दवाई के उपयोग से कास्त लागत में आई कमी
राजनांदगांव /शौर्यपथ /फसल विविधीकरण को अपनाकर वनांचल ग्राम घोटिया के किसान श्री नारद पटेल ने रबी मौसम में उन्नत तकनीक से मूंगफली की फसल लेकर कास्त लागत से 4 गुना से अधिक का मुनाफा लिया है। छुरिया विकासखंड के ग्राम घोटिया निवासी श्री नारद पटेल ने बताया कि उन्होंने एक हेक्टेयर में मूंगफली की खेती की, जिसमें 12 क्ंिवटल का उत्पादन हुआ है जिससे उन्हें 72 हजार रूपए का कुल आय प्राप्त हुआ। इस खेती में कास्त लागत 14 हजार 47 रूपए लगा था और 57 हजार 953 रूपए की शुद्ध आय हुई है। श्री नारद ने बताया कि उनके पास 2 हेक्टेयर जमीन है। जिसमें वे एक हेक्टेयर में उद्यानिकी फसल तथा एक हेक्टेयर में मूंगफली की फसल ली है। श्री नारद विगत 12 वर्षों से सब्जी की खेती कर रहे हैं साथ ही मक्का एवं मूंग की खेती का अनुभव है। श्री नारद ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों ने टीआरएफए तिलहन योजनान्तर्गत 1 हेक्टेयर में मंूगफली का प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस योजना के अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा मूंगफली का बीज प्रदाय किया गया था। इसके साथ-साथ मूंगफली की खेती के निंदाई, गुड़ाई के दौरान विभाग के अधिकारियों द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश एवं सलाह दिया गया। जिससे मंूगफली का उत्पादन बहुत अच्छा हुआ। श्री नारद ने बताया कि मूंगफली फसल में कम पानी, कम खाद, दवाई का उपयोग कम होता है, इसलिए कास्त लागत कम लगती है और आय अधिक होती है। उन्नत तकनीक से मूंगफली की खेती करने से आसपास के किसान काफी प्रभावित हुए हैं। क्षेत्र के किसान फसल विविधीकरण को अपनाकर उन्नत तकनीक से खेती करना चाह रहे हैं।
अधिकारी-कर्मचारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट कर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
बालोद/शौर्यपथ /कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों के अलावा सभी परियोजना अधिकारियों एवं सेक्टर सुपरवाईजरों को आंगनबाड़ी केन्द्रों का नियमित रूप से निरीक्षण कर वहाँ सभी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों को फील्ड में भी लगातार दौरा कर शासकीय योजनाओं का निर्धारित समयावधि में समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी डीपी सिंह, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक अजय गेडाम, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के कार्यपालन अभियंता सहित परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाईजर एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
बैठक में चन्द्रवाल ने सभी परियोजना अधिकारियों से अपने-अपने परियोजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी भवन निर्माण एवं मरम्मत कार्य के अलावा आंगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के अलावा शौचालय निर्माण के कार्य की प्रगति के संबंध मंे बारी-बारी से जानकारी ली। उन्होेंने अधिकारियों को इन सभी कार्यों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समयावधि में पूरा कराने के निर्देश भी दिए। इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने अधिकारियों से आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा बच्चों की दर्ज संख्या के अलावा उनकी उपस्थिति के आंकलन के संबंध में प्रारंभ किए गए पोषण ट्रेकर एप्प में आॅनलाईन एंट्री के कार्य के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य को शत प्रतिशत सही एवं त्रुटिरहित ढंग से पूरा कराने तथा इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को समुचित प्रशिक्षण भी प्रदान कराने के निर्देश दिए। इस संबंध में उन्होंने सभी परियोजना अधिकारियों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देने को कहा। श्री चन्द्रवाल ने जिले के सभी शौचालय विहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों में शौचालय निर्माण हेतु विभाग को प्रस्ताव भेजने के भी निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु चल रहे भर्ती प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने जिले में संचालित सखी वन स्टाॅप सेंटर में चल रहे भर्ती प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी ली। श्री चन्द्रवाल ने अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया को समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने पूरक पोषण आहार कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को गर्म भोजन के वितरण के कार्य की भी जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों के सुरक्षा के उपाय सुनिश्चित करने हेतु पुराने भवनों का जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में श्री चन्द्रवाल ने समाज कल्याण विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की। इसके अंतर्गत उन्होंने घरौंदा, नशामुक्ति केंन्द्र एवं प्रशामक गृह की व्यवस्थाओं तथा वहाँ निवासरत लोगों को प्रदान की जाने वाली भोजन, नाश्ता, स्वच्छ पेयजल तथा अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने इन स्थानों पर निवासरत लोगों को समय पर भोजन, नाश्ता आदि प्रदान करने के अलावा उनके इलाज की समुचित व्यवस्था करने तथा इन संस्थानों में शौचालय, साफ-सफाई एवं मनोरंजन आदि की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने समाज कल्याण विभाग के उप संचालक एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को इन संस्थानों का नियमित रूप से फील्ड विजिट करने के निर्देश भी दिए।
गर्मी में मानव हो या फिर पशु-पक्षी सभी को ठंडे जल की तलाश रहती है। पक्षियों को पानी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है:महापौर
दुर्ग/शौर्यपथ /सिकोला बस्ती स्थित ओम सत्यम शिक्षण एवं जन विकास समिति द्वारा गोंडवाना भवन सिविल लाइन में सकोरा पक्षियों के पानी के पात्र का वितरण महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने लोगो को किया।
इस अवसर पर एमआईसी सदस्य नरेंद्र बंजारे,ज्ञानेश्वर ताम्रकार,नीलेश अग्रवाल उपस्थित हुए सकोरा वितरण राहगीर एवं जागरूक जनता को प्रदान किया गया ओम सत्यम शिक्षण एवं जन विकास समिति के अध्यक्ष सीता राम ठाकुर सचिव।दिलीप ठाकुर सदस्य के आर मुदलियार लेखु यादव द्वारा सेवा व रचनात्मक कार्य में उल्लेखनीय भूमिका निभाई गई ज्ञातव्य हो कि समिति के तत्वाधान में विगत लगभग 30 वर्षों से वृद्धाश्रम,सेंट्रल जेल आदिवासी छात्रावास ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ परीक्षण एवं मार्गदर्शन शिविर आयोजित हो रही हे और पक्षियों के लिए सकोरा वितरण भी कई वर्षों से संपादित हो रही है,लोग इसे संवेदना युक्त क्रिया कलाप की संज्ञा भी देते हैं।
इस अवसर पर महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने कहा कि भीषण गर्मी में आसमान से आग बरस रही है। गर्मी में मानव हो या फिर पशु-पक्षी सभी को ठंडे जल की तलाश रहती है। लोगों के लिए तो जगह-जगह प्याऊ व नल के साथ ही पानी की उचित व्यवस्था मिल ही जाती है, लेकिन पक्षियों को पानी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है।
ऐसे में लोगों की जिम्मेदारी है कि वे पक्षियों के लिए दाना व पानी की उचित व्यवस्था कर अपने जिम्मेदारी का निर्वाहन करें। ताकि खुले आसमान और धूप में विचरण करने वाले पंछियों को राहत मिल सके।
भीषण गर्मी को देखते हुए शहर में बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए भी दाना-पानी का इंतजाम करने का अभियान शुरू कर दिया। यह अभियान घरों घर चलाया जा रहा है, जिसमें जागरूक और पर्यारण प्रेमी शामिल हैं।
दुर्ग/शौर्यपथ /नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत आगामी दिनों पड़ने वाली भीषण गर्मी में विद्युत संबंधी तकनीकी खामी के चलते पानी सप्लाई बाधित होने से रोकने तथा शिवनाथ नदी इंटकवेल व फिल्टर प्लांट में किसी भी प्रकार के विद्युत व मशीनरी कार्य में दिक्कत न हो इसे ध्यान में रखते हुए नगर निगम के जलगृह विभाग ने कल 17 अप्रेल गुरुवार को एक साथ अलग अलग स्तर पर व्यापक तौर पर संधारण कार्य करने जा रही है जिसके चलते कल गुरुवार को शहर के 42 एम एल डी प्लांट के किसी भी टंकी से शाम की पाली की पानी सप्लाई नहीं होगा।
इस अत्यावश्यक कार्य की पूर्व तैयारी को लेकर आज सुबह महापौर श्रीमती अलका अलका बाघमार ने आयुक्त सुमित अग्रवाल की उपस्थिति में जल गृह प्रभारी श्रीमती लीना दिनेश की जलघर स्थित चेंबर में आपात बैठक लेकर विभागीय अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ संधारण कार्य पूरी करने व शट डाउन के दौरान आवश्यकतानुसार प्रभावित क्षेत्र में टैंकर की वैकल्लिप व्यस्था करने के निर्देश दिए है।
साथ ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आ रही लो प्रेशर बोरिंग नल मरम्मत जैसे कार्यों के लेट लतीफी के लिए अधिकारियों सख्त निर्देश देते हुए प्राथमिकता से रिपेयर कार्य पूरे करने कहा है बैठक में जल घर प्रभारी लीना दिनेश देवांगन के अलावा, लोक कर्म प्रभारी देवनारायण चंद्राकर,विद्युत विभाग प्रभारी ज्ञानेश्वर ताम्रकार,कार्यपालन अभियंता दिनेश नेताम, सहायक अभियंता गिरीश दीवान, जलकार्य निरीक्षक नारायण ठाकुर सहित निगम के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
गुरुवार को निगम के जल गृह विभाग द्वारा जिन बड़े संधारण व अन्य कार्य किए जाएंगे।
प्रभावित क्षेत्रः- 24 एमएलडी टंकी रायपुर नाका, पांच बिल्डिंग सिविल लाईन, बोरसी- वार्ड नं. 49 (बोरसी पश्चिम), वार्ड नं. 50 (बोरसी पूर्व), वार्ड नं. 51 (बोरसी उत्तर), वार्ड नं. 52 (बोरसी दक्षिण) के आंशिक व वार्ड नं. 46 (पद्मनाभपुर पूर्व) के आंशिक,पोटिया टंकि वार्ड नं. 52 बोरसी दक्षिण, वार्ड नं. 53 पोटियाकला उत्तर, वार्ड नं. 54 पोटियाकला दक्षिण,बघेरा- वार्ड नं. 1 नयापारा, वार्ड नं. 2 राजीव नगर, वार्ड नं. 03 मठपारा दक्षिण, वार्ड नं. 04 मठपारा उत्तर रामनगर, बघेरा, बटालियन,सिकोला उरला- वार्ड नं. 14 सिकोला भाटा, वार्ड नं. 15 सिकोला बरती दक्षिण, वार्ड नं. 16 सिकोला बस्ती उत्तर, वार्ड नं. 57 उरला पश्चिम, वार्ड नं. 58 उरला पूर्व,कातुलबोर्ड:- वार्ड नं. 21 तितुरडीह आंशिक, वार्ड नं. 59 कातुलबोर्ड पूर्व, वार्ड नं. 60 कातुलबोर्ड पश्चिम,गंजपारा- वार्ड नं. 37 आजाद वार्ड, वार्ड नं. 38 मिलपारा, वार्डनं. 39 कचहरी वार्ड, वार्ड नं. 40 सुराना कॉलेज)₹, वार्ड नं. 41 केलाबाड़ी, वार्ड नं. 42 कसारीडीह पश्चिम में प्रथम चरण दिनांक 17 अप्रैल दिन गुरुवार को सुबह की सप्लाई नहीं हो पायेगी, दूसरे दिवस 18 अप्रैल को सुबह से वाटर सप्लाई सामान्य रूप से किया जावेगा।
नक्सलवाद के समूल उन्मूलन हेतु सरकार पूरी ताक़त और समर्पण के साथ काम कर रही कार्य: मुख्यमंत्री साय
अंतिम छोर तक योजनाओं का पहुंचे लाभ और हर हितग्राही तक शासन की पहुँच हो सुनिश्चित - मुख्यमंत्री
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज बस्तर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष 'प्रेरणा' में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को हितग्राहीमूलक योजनाओं का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित करते हुए प्राथमिकता से निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के विकास की यात्रा अब ठहराव नहीं, निरंतर गति की मांग करती है। हमारा प्रयास है कि अंतिम छोर तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और हर हितग्राही तक शासन की पहुँच सुनिश्चित हो।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब पिछड़ेपन का प्रतीक नहीं, नए भारत की संभावनाओं का प्रवेश द्वार बन रहा है। यहां का हर गाँव, हर परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े — यही हमारा लक्ष्य है। आयुष्मान, आधार, आवास और विद्युतीकरण जैसी योजनाएं केवल सरकारी परियोजनाएं नहीं, बल्कि आम जन की गरिमा और सुरक्षा की गारंटी हैं।
उन्होंने कहा कि बस्तर के युवा हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। हम उन्हें सिर्फ कौशल नहीं, स्वाभिमान देना चाहते हैं। अब हमारा मंत्र है — हर घर में उजाला, हर हाथ में रोजगार और हर दिल में विश्वास। यही बस्तर की नई पहचान होगी, और यहीं से छत्तीसगढ़ की विकास गाथा को नई ऊँचाई मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज की बैठक अत्यंत उपयोगी रही और इसमें बस्तर संभाग के विकास, शांति स्थापना और योजनाओं की प्रगति को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। यह देखकर संतोष होता है कि बस्तर संभाग में शासन और प्रशासन की टीम युवा, ऊर्जावान और संकल्पबद्ध दिख रही है। जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और समस्त अधिकारियों की उपस्थिति यह प्रमाणित करती है कि हम सब विकास के प्रति गंभीर हैं और बस्तर में शांति स्थापना के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि नक्सलवाद के समूल उन्मूलन हेतु सरकार पूरी ताक़त और समर्पण के साथ काम कर रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में नक्सल उन्मूलन का कार्य तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है और यह लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक पूर्ण करने का संकल्प है। हमारे सुरक्षा बलों का साहस, समर्पण और रणनीति के साथ काम करना इस दिशा में बड़ी उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा सत्र के प्रारंभ होने जा रहा है। उन्होंने जाति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को समयबद्ध और सरल बनाने के निर्देश दिए ताकि बच्चों को कोई कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि गर्मी और बारिश के मौसम में बीमारियों की आशंका रहती है, ऐसे में सीएससी स्तर और स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाइयों की उपलब्धता और चिकित्सकीय व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखें।उन्होंने कहा कि बस्तर में उद्योग की स्थापना को लेकर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, महिलाओं और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देते हुए उद्योग नीति में ऐसे प्रावधान किए गए हैं जिनसे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि बस्तर में अपूर्ण योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के प्रयास किए जा रहे हैं और जगदलपुर एयरपोर्ट से नियमित उड़ानें प्रारंभ करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। राष्ट्रीय राजमार्गों सहित अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं पर भी गति लाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात की आवश्यकता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण यह और भी आवश्यक हो जाता है कि हम व्यक्तिगत लाभ आधारित योजनाओं को प्राथमिकता दें और प्रत्येक परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त करें। मोबाइल नेटवर्क की समस्याओं के कारण कई बार आधार, राशन, बैंकिंग जैसी सेवाएं बाधित होती हैं। संबंधित एजेंसियों से समन्वय कर इसका शीघ्र समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और संचार उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के सम्बन्ध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बसें चलाने की आवश्यकता है ताकि जनता को सुरक्षित व सुलभ आवागमन का साधन मिल सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों में जनता की जबरदस्त भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि लोग विकास से जुड़ना चाहते हैं और नक्सलवाद की विचारधारा से दूर होना चाहते हैं। हमें इसी विश्वास को और मजबूत करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को गंभीरता से लें, उन्हें सम्मान दें, और धैर्यपूर्वक उनकी बातों को सुनें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों में प्रशासनिक कुशलता के साथ मानवीय संवेदनशीलता भी आवश्यक है। बस्तर संभाग की जनता का विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और हमें पूरी निष्ठा के साथ उनके कल्याण के लिए कार्य करना है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में समूचा बस्तर अलग ही परिदृश्य में दिखाई दे रहा है, बस्तर उन्नति की कहानी लिख रहा है। यह सभी के परिश्रम का परिणाम है। बस्तर की आवश्यकता का ध्यान रखते हुए कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी निर्माण कार्यो को समयावधि में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के पहले ही निर्माण कार्य पूर्ण हो।
बैठक के दौरान बस्तर संभाग के आयुक्त डोमन सिंह ने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 87.24 प्रतिशत और आधार कार्ड निर्माण में 96.37 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री साय ने आयुष्मान कार्ड और आधार कार्ड में शतप्रतिशत लक्ष्यपूर्ति के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में अंदरूनी क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के समाधान के लिए मोबाइल टावर लगाने की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 93.37 प्रतिशत प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही आवास से वंचित न रहे, और सभी निर्माण कार्य आगामी दिसंबर माह तक पूर्ण कर लिए जाएँ। आवश्यक निर्माण सामग्री की आपूर्ति पंचायतों के माध्यम से एकसाथ करने की रणनीति पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जानकारी दी गई कि विद्युतीकरण के क्षेत्र में बस्तर संभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अब तक 95.89 प्रतिशत घरों में बिजली पहुंच चुकी है। कांकेर जिले में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है, वहीं बस्तर और कोंडागांव में यह आँकड़ा 99 प्रतिशत के पार पहुँच गया है। शेष जिलों में दिसंबर 2025 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना में 91.55 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जैसे जिलों में गति लाने के निर्देश दिए। इसी तरह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 82.88 प्रतिशत किसानों को लाभ मिल रहा है। जनधन खातों में 90.79 प्रतिशत पात्र हितग्राही पंजीकृत हैं। राजस्व संबंधी प्रकरणों जैसे नामांतरण, सीमांकन, त्रुटि सुधार के मामलों में त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्यमंत्री साय ने स्थानीय युवाओं को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनाओं से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने प्रशिक्षित युवाओं को शतप्रतिशत प्लेसमेंट दिलाने और स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, डीजीपी अरूण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पीसीसीएफ श्रीनिवास राव, बस्तर संभाग के आयुक्त, आईजी पुलिस, सभी जिलों के कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ, नगर निगम आयुक्त सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
550 से अधिक स्वच्छता लक्षित इकाइयों का रूपांतरण, खुले में कचरा फेंकने, गंदगी करने पर दंड का प्रावधान
स्वच्छता बढ़ाने कचरा डिस्पोजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने व स्वच्छ शौचालय के साथ ही लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर जोर
रायपुर/शौर्यपथ /उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की पहल पर शहरों में स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराने तथा नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने 57 करोड़ 70 लाख रुपए जारी किए गए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने स्वच्छ एवं सर्वसुविधायुक्त शौचालयों के लिए 144 नगरीय निकायों को 42 करोड़ 58 लाख रुपए जारी किए हैं। इस राशि से 1389 शौचालयों की मरम्मत की जाएगी। इसके साथ ही स्वच्छता श्रृंगार योजना के तहत सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव एवं संधारण के लिए 15 करोड़ 12 लाख रुपए भी मंजूर किए गए हैं। इस राशि से सामुदायिक शौचालयों के उन्नयन के कार्य किए जा रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के निर्देश पर नगरीय निकायों में स्वच्छता अभियान की गति को और तेज करने, कचरा डिस्पोजल की व्यवस्था को सुदृढ़ करने, नागरिकों को स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराने तथा उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक करने विभिन्न मदों से राशि जारी की गई है। इस राशि से शौचालयों की मरम्मत, सफाई तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के काम प्राथमिकता से किए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालय एक सुविधा से कहीं अधिक आम नागरिकों के दैनिक जीवन का हिस्सा है। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा सार्वजनिक व सामुदायिक शौचालयों की उपेक्षा के कारण नगरीय निकायों में शौचालयों की स्थिति जर्जर थी, वे उपयोग के लायक नहीं थे। राज्य सरकार ने शौचालयों की आवश्यकताओं को देखते हुए स्वच्छ एवं सर्वसुविधायुक्त शौचालय सुनिश्चित करने के लिए राशि जारी की है। उन्होंने कहा कि हम नागरिकों को स्वच्छता के प्रति सजग करने के साथ ही उन्हें स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
साव ने बताया कि नगरीय निकायों के सार्वजनिक स्थलों जैसे बाजार, बस स्टैंड, चौक-चौराहे एवं अन्य भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में मिशन मोड पर स्वच्छता लक्षित इकाइयों का चिन्हांकन कर स्वच्छता के कार्य किए जा रहे हैं। अब तक ऐसे 550 से अधिक स्थानों को सीटीयू या जीवीपी के रूप में चिन्हित कर स्वच्छ किया जा चुका है। इन स्थलों पर खुले में कचरा फेंकने या दोबारा गंदगी करने वालों के लिए दंड का प्रावधान भी किया गया है।
विभिन्न संस्थाओं और गतिविधियों के माध्यम से बढ़ाई जा रही सहभागिता
उप मुख्यमंत्री साव शौचालयों की गुणवत्ता में सुधार लाने नियमित रूप से समीक्षा कर रहे हैं। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने भी नगरीय निकायों के आयुक्तों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को नागरिकों को सभी सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। लोगों में जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों को प्रचार-प्रसार (आईईसी) मद से आर्थिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। वॉल पेंटिंग, वेस्ट-टू-आर्ट से बनी कलाकृतियों तथा बैक लेन सौंदर्गीकरण के माध्यम से स्वच्छता संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं। शैक्षणिक संस्थानों, गैर सरकारी संगठनों, स्वसहायता समूहों आदि के सहयोग से स्वच्छता पखवाड़ा, सफाई चौपाल, नुक्कड़ नाटक, प्लॉग रन, स्वच्छता शपथ जैसे कार्यक्रमों से नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग एवं राज्य सरकार की निरंतर कोशिशों से शहरों में स्वच्छता अभियान को नई गति मिली है। प्रदेश के सभी नगरीय निकाय स्वच्छता के इस जन आंदोलन से और अधिक प्रतिबद्धता से जुड़ गए हैं।
मुख्यमंत्री साय स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त
अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में हुए शामिल
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव को पदभार ग्रहण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी ने छत्तीसगढ़ पृथक राज्य का निर्माण किया। 2003 में जनादेश के बाद डॉ रमन सिंह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बनाए गए जिनके नेतृत्व में प्रदेश का तेजी से विकास हुआ। मुझे गर्व होता है यह बताते हुए कि डॉ सिंह के नेतृत्व में प्रदेश में जो पीडीएस व्यवस्था बनाई गई। वह आज पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ पीडीएस व्यवस्था है। उन्होंने नवनियुक्त अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव की प्रशंसा करते हुए कहा कि बेहद अनुभवी हैं रायपुर नगर निगम में सभापति और रायपुर विकास निगम के अध्यक्ष का दायित्व भी उन्होंने निभाया है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि यह कॉर्पाेरेशन सिर्फ एक संस्था नहीं है, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। यह एकमात्र निगम है जो प्रदेश की 75 प्रतिशत जनता से जुड़ा हुआ है। राशन की एक-एक दुकान की मॉनिटरिंग, वेयर हाउस की निगरानी, समय पर जन-जन तक खाद्यान्न सप्लाई सुनिश्चित करने तक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री अरुण साव, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल नवनियुक्त अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक सर्व किरण सिंह देव, धरमलाल कौशिक, पुन्नूलाल मोहले, प्रबोध मिंज, अमर अग्रवाल, अनुज शर्मा, सुशांत शुक्ला, राजेश अग्रवाल, पुरंदर मिश्रा, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, राज्य अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, भवन एवं अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडेय, राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्रकार, छत्तीसगढ़ वक्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्घा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ ने पहली बार जीता गोल्ड
सूरज सिंह परिहार आईपीएस और आकर्षि कश्यप डीएसपी की जोड़ी ने स्वर्ण पदक हासिल किया
स्पर्धा का रजत पदक भी छग के नाम रहा
मिक्सड डबल्स में आईपीएस भावना गुप्ता और मिजोरम के मोरमुता की जोड़ी को रजत पदक मिला
रायपुर / शौर्यपथ / अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन एवं टेबल टेनिस टूर्नामेंट की मिक्सड डबल्स स्पर्धा में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया है। इस स्पर्धा में छत्तीसगढ़ ने पहली बार गोल्ड मेडल जीता है। स्पर्धा का रजत पदक भी छत्तीसगढ़ के नाम रहा।
केरल के क्षेत्रीय खेल केन्द्र राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम कदवंथरा, एर्नाकुलम में 11 से 15 अप्रैल तक आयोजित अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन और टेबल टेनिस टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ ने 43 टीमों के बीच पदक तालिका में तीसरे स्थान प्राप्त किया। बैडमिंटन और टेबल टेनिस में छत्तीसगढ़ ने कुल 11 पदक जीते। केरल के कोचीन में आज 5 दिवसीय कार्यक्रम का समापन हुआ। इससे पहले चंडीगढ़ में छत्तीसगढ़ ने 5 पदक जीते गए थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन और टेबल टेनिस टूर्नामेंट में इस शानदार उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस और पदक विजेताओं को बधाई और शुमकामनाएं दी हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारियों की यह उपलब्धि अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है।
दुर्ग / शौर्यपथ / भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन की वार्षिक बैठक का आयोजन इस्पात नगरी के एक निजी होटल में किया गया। बैठक में स्थानीय ट्रांसपोर्टर्स के हित में अनेक निर्णय पारित किया गया। पदाधिकारियों व सदस्यों ने अध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह छोटू का भव्य स्वागत किया।
इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह छोटू ने कहा कि यह संगठन पिछले 50 वर्षों से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों की आवाज बना हुआ है। पिछले तीन वर्षों में संगठन ने उल्लेखनीय प्रगति की है और कईं अहम बदलावों को अंजाम दिया है। उन्होंने बताया कि आज यूनियन में सभी ट्रांसपोर्टरों को बराबर अवसर मिल रहा है और अब किसी का काम कोई दूसरा नहीं छीन रहा। पहले बाहरी ठेकेदारों द्वारा काम हथियाने की प्रवृत्ति थी। लेकिन अब स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को ही प्राथमिकता दी जा रही है।
जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा एलडी स्लैग ढोने वाली गाड़ियों को 7 नंबर गेट से प्रवेश की अनुमति दी गई है। यह मांग लंबे समय से एसोसिएशन द्वारा की जा रही थी, जिस पर अब सकारात्मक निर्णय हुआ है। इस निर्णय से प्रतिदिन 70 ट्रकों को प्रवेश मिलेगा। जिससे ट्रांसपोर्टरों को बड़ी राहत मिलेगी।
इस मौके पर अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू का सभी ट्रांसपोर्टरों ने जोरदार स्वागत किया और उन्हें विशाल फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। यूनियन द्वारा किए गए सेवा कार्यों की भी सराहना हुई। जिसमें इस वर्ष 75 ड्राइवरों की बेटियों की शादी में 25-25 हजार की आर्थिक सहायता, 800 यूनिट रक्तदान, 2500 से अधिक हेलमेट वितरण और ट्रांसपोर्टरों का स्वास्थ्य परीक्षण व 5 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस शामिल है।
बैठक का संचालन महासचिव मलकीत सिंह लल्लू एवं आभार प्रदर्शन कार्यकारी अध्यक्ष अनिल चौधरी ने किया। इस अवसर पर संरक्षक प्रभुनाथ मिश्रा, गनी खान, सुधीर सिंह ठाकुर, महेंद्र सिंह पप्पी, दिलीप खटवानी, बलजिंदर सिंह, शहनवाज़ कुरैशी, राहुल जैन, सतेंद्र शर्मा, राजू भसीन, कमलेश्वर सिंह, सुनिल यादव, विक्रम अग्रवाल, वाजिद अंसारी, रमन, आनंद सिंह, निर्मल सिंह निम्मे, अभिषेक जैन, गुरप्रीत सिंह, गोनी सिंह, चिंटू सिंह, टिप्पर ग्रुप से लाला यादव, कमलेश्वर सिंह, गिरीश खंडेलवाल, पंकज शर्मा, सुनील यादव, वाजिद अंसारी, हर्ष शर्मा, मनोज अग्रवाल,रिजू सिंह,दलजीत सिंह, लिफ्टर कृष्णा सिंह, प्रेम सिंह, ईश्वरी साहू,विक्रम अग्रवाल, अश्वनी राय,भोज भारत त्रिवेदी, टी राजेश, दुबे समेत अन्य गणमान्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
रायपुर / शौर्यपथ / बिलासपुर में बच्चों को जबरिया नमाज पढ़ाने की घटना की जांच होनी चाहिये। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह घटना गंभीर है प्रदेश की गंगा जमुनी तहजीब पर प्रहार करने का षडयंत्र प्रतीत हो रहा है। बिलासपुर में एनएसएस के गैर मुस्लिम छात्रों को जबरिया नमाज पढ़वाने की घटना न केवल गैरकानूनी है बल्कि असवैधानिक भी है। धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है। छत्तीसगढ़ के शांत प्रदेश, जहां 95 प्रतिशत आबादी हिंदुओं की है वहां इस प्रकार की घटना राजनैतिक लाभ के लिए गंभीर षड्यंत्र का संदेह पैदा करती है। बिना सत्ता के संरक्षण के किसी इंस्ट्रक्टर के द्वारा ऐसा कृत्य करने की हिम्मत नहीं हो सकती। इस मामले में भाजपा की डबल इंजन की सरकार दोषी है। बिलासपुर की यूनिवर्सिटी केन्द्रीय यूनिवर्सिटी है। संचालन राज्य सरकार द्वारा हो रहा है, दोषी केन्द्र एवं राज्य सरकार दोनों है। इसका जवाब राज्य, मोदी सरकार को देना चाहिये।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आरएसएस, बीजेपी का इतिहास रहा है कि ये अपने नफरती एजेंडे के लिए जमीन तैयार करवाने इस तरह की घटनाएं कारित करवाते हैं ताकि धार्मिक ध्रुवीकरण का अवसर मिले। इसी तरह से संघी भाजपाइयों का उन्मादी चरित्र कवर्धा बिरनपुर और नारायणपुर में भी उजागर हुआ था नारायणपुर में तो भाजपा के जिला अध्यक्ष एसपी पर पथराव करते पाए गए।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सांप्रदायिक फिजा को खराब किए जाने वाले हर षडयंत्र के निष्पक्ष जांच होना चाहिए। एनएसएस के उस कैंप में 159 छात्र थे जिसमें केवल 4 छात्र मुस्लिम थे। बिलासपुर में गैर मुस्लिम जबरिया नमाज पढाने की इस घटना का हाईकोर्ट के सिटिंग जज के निर्देशन में जांच किया जाए।
कोंडागांव / शौर्यपथ / अक्सर देखा गया है नियमों को लाने के बाद जब नियमे को जब फिर खत्म कर दी जाती है तो जिस विभाग ने नियम लाया था उसके द्वारा मुनादी नही कराया जाता जिससे लोग बेख़बर रह जाते है कुछ समय पहले श्रम विभाग ने गुमास्ता एक्ट खत्म कर दिया गया है मगर लोगों की दुकान आज भी बन्द नजर आ रही जिसका मार्केट में बुरा असर पड़ रहा जल्द साथ ही शादी का सीजन भी पहुँच चुका है
छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर दिनांक 13 फरवरी 2025 द्वारा जारी छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित छ०ग० दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा शर्तों का विनियमन) अधिनियम 2017 सम्पूर्ण छ०ग० राज्य हेतु प्रभावशील किया गया है।
उक्त अधिनियम के तहत छ०ग० दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा शर्तों का विनियमन) नियम 2021 अन्तर्गत प्रदेश में स्थित समस्त दुकान एवं स्थापनाओं, जिनमें 10 या 10 से अधिक कर्मचारी नियोजित करने वाली स्थापनाओं, को श्रम पहचान संख्या प्राप्त करना अनिवार्य है। श्रम पहचान संख्या पंजीयन प्रमाण पत्र प्राप्त करने हेतु निर्धारित समयावधि 06 माह नियत की गई है। पंजीयन हेतु आवश्यक दस्तावेज के रूप में नियोक्ता का आधार कार्ड, पार्टनरशिप अनुबंध पत्र, नगरीय क्षेत्र हेतु सम्पत्ति कर रसीद, ग्रामीण क्षेत्रहेतु पंचायत का अनापत्ति प्रमाण पत्र, गुमास्ता प्राप्त करने हेतु शपथ पत्र, स्थापना का किरायानामा एवं नियोजित कर्मचारियों की संख्या अनुरूप शुल्क राशि रू. 1000.00 से 10,000.00 तक शुल्क निर्धारित है।
छ०ग० दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा शर्तों का विनियमन) अधिनियम 2017 के तहत श्रम पहचान संख्या पंजीकरण की कार्यवाही श्रम विभाग के वेबसाईट https://shramevjayate.cg.gov.in अथवा श्रम विभाग के जिला कार्यालय के माध्यम से की जावेगी। अतः सभी स्थित दुकानों एवं स्थापनाओं से अपील की जाती है कि 06 माह के भीतर श्रम पहचान संख्या पंजीकरण कराना सुनिश्चित करे। अधिक जानकारी हेतु श्रम विभाग के पदाधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते है।
साथ ही एक बात का जरूर ध्यान रखे सप्ताह में एक दिन अपने दुकान पर कार्य करने वाले लेवर को छुट्टी देना अनिवार्य है
सब साथ आयेंगे, हर बच्चे को सुपोषित बनाएंगे के संदेश के साथ पोषण पखवाड़ा रथ जनजागरूकता के लिए हुआ रवाना
राजनांदगांव/शौर्यपथ /कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कलेक्टोरेट परिसर से बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए सामाजिक जागरूकता हेतु पोषण पखवाड़ा रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 8 अप्रैल से 22 अप्रैल तक पोषण पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। सब साथ आयेंगे, हर बच्चे को सुपोषित बनाएंगे के संदेश के साथ पोषण पखवाड़ा रथ जनजागरूकता के लिए निकला। बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए सामाजिक जागरूकता के लिए बैनर, पोस्टर से सुसज्जित चलित वाहन पोषण पखवाड़ा रथ तैयार किया गया है। पोषण पखवाड़ा रथ के माध्यम से महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं ग्रामों में पहुंचकर बच्चों को सुपोषण के संबंध में जानकारी दी जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि पोषण पखवाड़ा अंतर्गत बच्चों के स्वास्थ्य, पौष्टिक आहार के संबंध में जनसहभागिता से कार्य करने तथा बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता है। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती गुरप्रीत कौर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती गुरप्रीत कौर ने बताया कि जिले में पोषण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। 22 अप्रैल को पोषण पखवाड़े का समापन किया जाएगा। इसके अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम तथा स्वास्थ्य से संबंधित कैलेण्डर का पालन करते हुए बच्चों के लिए विविध जागरूकता कार्यक्रम चलाए जायेंगे। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में जीवन के प्रथम 1000 दिवस अंतर्गत गर्भवती माताओं को पौष्टिक आहार के संबंध में जानकारी दी जाएगी। पोषण ट्रैकर के माध्यम से आंगनबाड़ी केन्द्रों की मानिटरिंग की जा रही है। पोषण भी पढ़ाई भी की थीम पर जिले में आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्य किया जा रहा है। पोषण पखवाड़ा के तहत सायकल रैली, बाईक रैली, पोषण रथ, एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कुपोषण का प्रबंधन, बच्चों में मोटापे की रोकथाम, हमर स्वस्थ लईका, एनिमिया जागरूकता के संबंध में जानकारी प्रदान की जाएगी एवं शिविर का आयोजन किया जाएगा।
- विधानसभा अध्यक्ष ने बौद्ध कल्याण समिति की मांग पर 10 लाख रूपए की राशि समाज को देने की घोषणा की
- भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर युगों-युगों तक रहेंगे याद
- भारत के संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक रूप से किया वाचन
- 14 अप्रैल को भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर जयंती कार्यक्रम का किया गया भव्य आयोजन
राजनांदगांव/शौर्यपथ /विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 14 अप्रैल को डॉ. आम्बेडकर भवन सिविल लाईन राजनांदगांव में आयोजित भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में सामूहिक रूप से भारत के संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 14 अप्रैल भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आम्बेडकर जयंती की सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने बौद्ध कल्याण समिति की मांग पर 10 लाख रूपए की राशि समाज को देने की घोषणा की।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर करोड़ों-करोड़ों लोगों के जीवन में उत्साह और रोशनी दिखाने वाले ऐसे महामानव है, जिन्होंने हिन्दुस्तान के सभी वर्गों को एक जीने का उत्साह दिया और स्वाभिमान के साथ जीवन जीने का अवसर प्रदान किया। समता, बंधुत्व और न्याय के विचारधारा के साथ शिक्षित बनो, संगठित रहो और अपने अधिकार के लिए संघर्ष करो का संदेश दिया। संघर्ष करने की ताकत समाज के सभी लोगों को देने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि पूरे देश एवं दुनिया में ऐसा व्यक्ति जो न केवल अपने ज्ञान, विवेक, बुद्धि और अपने विचार से श्रेष्ठ थे, बल्कि संविधान का निर्माण ही पर्याप्त था कि युगों-युगों तक उनको याद किया जाएगा। संविधान जो न केवल अधिकार और शक्ति देता है, बल्कि कर्तव्य का बोध कराता है। पिछड़े समाज के लिए स्थायी आरक्षण की व्यवस्था ही नहीं करता बल्कि बराबरी और समानता का अधिकार रखने की ताकत संविधान देता है। ऐसे संविधान का निर्माण बाबा साहेब डॉ. भीमराव आम्बेडकर ने किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि हिन्दुस्तान विविधता वाला देश है जहां 500 प्रकार की भाषाएं और बोलियां है यहां अलग-अलग विचारधारा के लोग रहते हैं। संविधान की यह ताकत है कि भारत को एक सूत्र में बांधकर और जोड़कर रखा है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आम्बेडकर ने देश और समाज की मजबूती के लिए संविधान का निर्माण किया। इस संविधान से हिन्दुस्तान वर्ष 1947 से लेकर वर्ष 2025 तक मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसा मजबूत संविधान मिला है। संविधान के मार्ग में चलकर समाज बहुत आगे बढ़ेगा। कार्यक्रम में अध्यक्ष बौद्ध कल्याण समिति राजनांदगांव श्री कांति कुमार फुले ने स्वागत उद्बोधन दिया। इस अवसर पर महापौर श्री मधुसूदन यादव, श्री कोमल सिंह राजपूत, मुख्य वक्ता श्री आर शंभरकर, डॉ. दिवाकर रंगारी, श्री सुशील गजभिये, डॉ. सतीश वासनिक, डॉ. केएल टांडेकर सहित जनप्रतिनिधि, बौद्ध कल्याण समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में बौद्ध समाज के लोग उपस्थित थे।
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