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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
मोहला/शौर्यपथ / जिला पंचायत मोहला-मानपुर-अं.चौकी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री भारती चंद्राकर ने गत दिवस मानपुर विकासखंड के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर आजीविका गतिविधियों का निरीक्षण किया और महिला स्व-सहायता समूहों के कार्यों की सराहना की। तोलूम में महिला स्व-सहायता समूह व ग्राम संगठन की दीदियों से चर्चा करते हुए उन्होंने सेंट्रिंग प्लेट निर्माण और मिक्सर मशीन संचालन गतिविधियों की जानकारी ली। इन कार्यों से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर लखपति बनी हैं। सीईओ ने पंचायत एवं सीएलएफ के माध्यम से समूह द्वारा निर्मित सामग्री का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। अड़जाल में समूह की महिलाओं ने बैंक लिंकेज और सीआईएफ राशि का उपयोग कर हालर मिल और बकरी पालन के जरिए लाभ अर्जित किया है। वहीं, दूसरी दीदियों द्वारा सिलाई कार्य, जैविक खाद व दवाइयों का निर्माण, मुर्गी पालन एवं टीकाकरण जैसी गतिविधियों से आय अर्जित की जा रही है। सीईओ ने चर्चा कर उनका उत्साहवर्धन किया और आयवर्धन हेतु सुझाव दिए।
इसके साथ ही भर्रीटोला में सीएलएफ द्वारा संचालित ब्रडिंग सेंटर चूजा रैक और मदर बर्ड अंडा उत्पादन गतिविधि का निरीक्षण करते हुए सीईओ ने एनआरएलएम एवं प्रदान संस्था के कर्मचारियों से चर्चा कर इन गतिविधियों के विस्तार हेतु सुझाव दिए। कहड़बरी ग्राम पंचायत में आयोजित सुशासन तिहार 2025 कार्यक्रम के दौरान मांग और शिकायत आवेदन संकलन की प्रक्रिया का अवलोकन करते हुए सीईओ ने ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी प्रदान की और पंचायत पदाधिकारियों को मार्गदर्शन दिया।
शहरों और गांवों में सुशासन तिहार के प्रति लोगों में दिखा उत्साह
लोग अपनी समस्याओं के निवारण और जरूरतों की पूर्ति के लिए आगे आकर कर रहे आवेदन
रायपुर/शौर्यपथ /प्रदेश के लोगों तक विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में ’सुशासन तिहार' आज से प्रारंभ हो गया है। सुशासन तिहार के माध्यम से प्रथम चरण में आम नागरिकों की जरूरतों, समस्याओं, शिकायतों का समाधान करने आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। राज्य शासन द्वारा इस दौरान पारदर्शिता, जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
कोरबा जिले में भी आज से सभी नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन तिहार का आयोजन प्रारंभ हो गया है। नागरिक अपनी जरूरतों को पूरा करने उत्साहपूर्वक स्वस्फूर्त आवेदन करने पहुँच रहे हैं। मौके पर मौजूद अधिकारी-कर्मचारी उनके आवेदन स्वीकार कर पावती प्रदान कर रहे हैं। कई आवेदक खुद अपने आवेदन समाधान डिब्बे में डाल रहे हैं। आमजनो को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान कर योजनाओं से जुड़ने हेतु प्रक्रिया से अवगत भी कराया जा रहा है। नगरीय निकायों के सभी जोन कार्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन तिहार हेतु आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गई है। निगरानी हेतु विभिन्न अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दायित्व सौंपा गया है। हर गांव और शहर में मुनादी कराकर लोगों के बीच इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया है।
सुशासन तिहार में ग्रामीणों में दिखा उत्साह
रंगमती व द्रुपती बाई ने नए पीएम आवास व शौचालय निर्माण के लिए किया आवेदन
कोरबा विकासखंड के कोरकोमा पंचायत में आयोजित सुशासन तिहार में आज सुबह से ही ग्रामीणों की कतार लगी रही। ग्रामीण शिविर स्थल पर पहुँचकर अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु आवेदन प्रस्तुत कर समाधान पेटी में स्वयं आवेदन जमा कर रहे थे। सुशासन तिहार का लाभ लेने आए कोरकोमा निवासी श्री अरदेसी सारथी व उसकी धर्मपत्नी रंगमती सारथी ने नए पीएम आवास व शौचालय के लिए आवेदन जमा किया। उन्होंने बताया कि जनहितैषी सरकार, आम नागरिकों की परेशानियों को अच्छे से समझती है, उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा सराहनीय पहल करते हुए पंचायतों में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीण समाधान पेटी में अपनी शिकायत जमा कर रहे हैं, जिसे प्रशासन द्वारा जांच कर तत्परता से निराकरण किया जाएगा।
कोरकोमा की द्रुपती सारथी ने भी आवास व शौचालय निर्माण के लिए आवेदन जमा किया। उसने बताया कि सरकार द्वारा आमजनों की परेशानियों के समाधान के लिए यह आयोजन किया गया है। इससे जरूरतमंद हितग्राही लाभान्वित होंगे। इसी प्रकार गोढ़ी व करतला विकासखण्ड के नोनबिर्रा पंचायत में भी सुशासन तिहार का आयोजन किया गया है। ग्रामीण शिविर में आकर अपनी जरूरतों की पूर्ति हेतु आवेदन जमा कर रहे हैं।
शहरों और गांवों में सुशासन तिहार के प्रति लोगों में दिखा उत्साह
लोग अपनी समस्याओं के निवारण और जरूरतों की पूर्ति के लिए आगे आकर कर रहे आवेदन
रायपुर/शौर्यपथ /प्रदेश के लोगों तक विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में ’सुशासन तिहार' आज से प्रारंभ हो गया है। सुशासन तिहार के माध्यम से प्रथम चरण में आम नागरिकों की जरूरतों, समस्याओं, शिकायतों का समाधान करने आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। राज्य शासन द्वारा इस दौरान पारदर्शिता, जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
कोरबा जिले में भी आज से सभी नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन तिहार का आयोजन प्रारंभ हो गया है। नागरिक अपनी जरूरतों को पूरा करने उत्साहपूर्वक स्वस्फूर्त आवेदन करने पहुँच रहे हैं। मौके पर मौजूद अधिकारी-कर्मचारी उनके आवेदन स्वीकार कर पावती प्रदान कर रहे हैं। कई आवेदक खुद अपने आवेदन समाधान डिब्बे में डाल रहे हैं। आमजनो को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान कर योजनाओं से जुड़ने हेतु प्रक्रिया से अवगत भी कराया जा रहा है। नगरीय निकायों के सभी जोन कार्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन तिहार हेतु आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गई है। निगरानी हेतु विभिन्न अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दायित्व सौंपा गया है। हर गांव और शहर में मुनादी कराकर लोगों के बीच इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया है।
सुशासन तिहार में ग्रामीणों में दिखा उत्साह
रंगमती व द्रुपती बाई ने नए पीएम आवास व शौचालय निर्माण के लिए किया आवेदन
कोरबा विकासखंड के कोरकोमा पंचायत में आयोजित सुशासन तिहार में आज सुबह से ही ग्रामीणों की कतार लगी रही। ग्रामीण शिविर स्थल पर पहुँचकर अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु आवेदन प्रस्तुत कर समाधान पेटी में स्वयं आवेदन जमा कर रहे थे। सुशासन तिहार का लाभ लेने आए कोरकोमा निवासी श्री अरदेसी सारथी व उसकी धर्मपत्नी रंगमती सारथी ने नए पीएम आवास व शौचालय के लिए आवेदन जमा किया। उन्होंने बताया कि जनहितैषी सरकार, आम नागरिकों की परेशानियों को अच्छे से समझती है, उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा सराहनीय पहल करते हुए पंचायतों में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीण समाधान पेटी में अपनी शिकायत जमा कर रहे हैं, जिसे प्रशासन द्वारा जांच कर तत्परता से निराकरण किया जाएगा।
कोरकोमा की द्रुपती सारथी ने भी आवास व शौचालय निर्माण के लिए आवेदन जमा किया। उसने बताया कि सरकार द्वारा आमजनों की परेशानियों के समाधान के लिए यह आयोजन किया गया है। इससे जरूरतमंद हितग्राही लाभान्वित होंगे। इसी प्रकार गोढ़ी व करतला विकासखण्ड के नोनबिर्रा पंचायत में भी सुशासन तिहार का आयोजन किया गया है। ग्रामीण शिविर में आकर अपनी जरूरतों की पूर्ति हेतु आवेदन जमा कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी योजनाओं की दी जानकारी
रायपुर/शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने आज अपने भोपाल प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से उनके निवास कार्यालय से सौजन्य मुलाकात की। इस मौके पर मंत्री नेताम और मुख्यमंत्री श्री यादव के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित केन्द्र और राज्य प्रवर्तित योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तार पूर्वक चर्चा हुई।
मंत्री नेताम ने बताया कि राज्य सरकार किसानों, गरीबों और मजदूरों सहित सभी वर्गों के निरंतर विकास के लिए नीतिगत फैसले लेकर उनकी बेहतरी का काम कर रही है। छत्तीसगढ़ में सभी वर्ग के लोग खुशहाल हैं। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन श्रमिक कल्याण योजना, कृषक उन्नति योजना, महतारी वंदन योजना सहित अन्य जनहितकारी योजनाओं की जानकारी दी। मंत्री श्री नेताम ने इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव को छत्तीसगढ़ आने का आमंत्रण भी दिया।
नसीम अहमद खान, उप संचालक
रायपुर /शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के दक्षिणी सीमावर्ती इलाके जिनकी पहचान कभी नक्सलियों के गढ़ के रूप में हुआ करती थी, अब वह तेजी से विकास के गढ़ के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। बस्तर के कैनवास पर अब एक नई तस्वीर उभर कर सामने आ रही है। यह राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़-संकल्प के चलते संभव हो पाया है राज्य के घोर नक्सल प्रभावित जिलों में विकास की नई रेखाएं खींच रही हैं। कभी पिछड़ेपन और भय का पर्याय माने जाने बस्तर क्षेत्र में आज विकास की नई इबारतें लिखी जा रही हैं। विष्णु देव सरकार की जनहितैषी नीति, नक्सलवाद उन्मूलन अभियान और समग्र विकास ने इन क्षेत्रों में सकारात्मक और परिणाममूलक परिवर्तन की शुरुआत कर दी है।
राज्य के सात घोर नक्सल प्रभावित जिलों में से छह जिले कांकेर, बस्तर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर बस्तर संभाग के अंतर्गत आते हैं तथा एक जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी दुर्ग संभाग का हिस्सा है। इन जिलों में पिछले 15 महीनों में नक्सल उन्मूलन अभियान और विकास की रणनीति को समानांतर रूप से लागू करते हुए, छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलियों के पैर उखाड़ने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी नीतियों और योजनाओं की बदौलत अब आमजनता तेजी से विकास मुख्यधारा से जुड़ रही है। शासन-प्रशासन की सक्रियता, जनसंपर्क और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से अब इन क्षेत्रों में विश्वास और उम्मीद की नई किरण दिखाई दे रही है। इन जिलों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं बड़ी तेजी से उपलब्ध कराई गई हैं। योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सुनिश्चित पहुंचाने का प्रयास भी लगातार जारी है।
मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम जनमन, आयुष्मान भारत, पीएम किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसी योजनाओं से न केवल इन क्षेत्रों में सरकारी उपस्थिति मजबूत हुई है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी आमजन का सशक्तिकरण हुआ है। मनरेगा के तहत 29,000 नए जॉब कार्ड जारी हुए हैं, जिनमें 5,000 कार्ड ‘‘नियद नेल्ला नार‘‘ योजना में शामिल गांवों में बने हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना में सातों जिलों में लगभग एक लाख आवास स्वीकृत हुए हैं, जो लक्ष्य का 107 प्रतिशत है। 15 महीनों में नियद नेल्ला नार के गांवों में 1100 आवास स्वीकृत हुए, जिसमें 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों की संख्या 19.24 लाख से बढ़कर 21.05 लाख हो गई है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वितों की संख्या में 20.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की संख्या 3.61 लाख से अधिक हो चुकी है।
छत्तीसगढ़ सरकार की पहल से नक्सल प्रभावित जिलों में 46 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिनके दायरे में आने वाले 145 गांवों में ‘नियद नेल्ला नार’ योजना चलाई जा रही है। इन गांवों में विशेष शिविर लगाकर लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। नियद नेल्ला नार योजना के 124 गांव सड़क मार्ग से जुड़ चुके हैं, शेष 31 पर कार्य प्रगति पर है। 145 गांवों में मार्च 2024 तक 122 स्कूल क्रियाशील थे, जो अब बढ़कर 144 हो गए हैं। विद्यार्थियों की संख्या में 20 प्रतिशत वृद्धि हुई है। क्रियाशील आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या 193 से बढ़कर 202 हो गई है, और पंजीकृत बच्चों की संख्या में 30 प्रतिशत का इज़ाफा हुआ है। विशेष केंद्रीय सहायता योजना के अंतर्गत बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 1302 कार्य योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 308 कार्य पूर्ण हो चुके हैं और 999 कार्य प्रगति पर हैं।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 220 करोड़ रुपये की राशि आबंटित की गई थी, जिसमें से 200 करोड़ रुपये प्राप्त कर लिए गए और शत्-प्रतिशत् राशि का व्यय करते हुए आधारभूत संरचना, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि संबंधी कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस समूचे बदलाव का केन्द्र बिन्दु प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता, दूरदृष्टि और जनकेंद्रित दृष्टिकोण है। छत्तीसगढ़ आज नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई जीतते हुए विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का यह रूपांतरण, प्रदेश की संकल्प शक्ति और जनसहभागिता का जीवंत उदाहरण है।
नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता पर दिए निर्देश
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में गृह विभाग के कार्यो की समीक्षा की। मुख्यमंत्री साय ने भारत सरकार द्वारा लागू किए गए नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये कानून न केवल न्याय प्रणाली में सुधार लाने वाले हैं, बल्कि अपराधियों में भय और आम जनता में विश्वास उत्पन्न करने में सहायक होंगे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन कानूनों की प्रभावी समझ और व्यावहारिक प्रशिक्षण पुलिस बल, अभियोजन अधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मियों के लिए आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से कार्यशालाओं और सेमिनारों का आयोजन किया जाए, जिनमें केस स्टडी और मॉक ट्रायल के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अपराध अनुसंधान प्रणाली को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और प्रमाणिक बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आपराधिक प्रकरणों में केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि सटीक और पुख्ता साक्ष्य के आधार पर विवेचना पूरी की जाए ताकि अभियुक्तों को सजा दिलाई जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विवेचना अधिकारियों को आधुनिक अनुसंधान तकनीकों, डिजिटल फॉरेंसिक, सीसीटीएनएस प्रणाली और वैज्ञानिक उपकरणों के उपयोग में दक्ष किया जाए। पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए अनुसंधान प्रक्रिया में पारदर्शिता, तत्परता और तकनीकी दक्षता अनिवार्य है। मुख्यमंत्री साय ने साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती को देखते हुए साइबर सेल को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने तथा जनता को साइबर जागरूकता से जोड़ने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह,सचिव श्री राहुल भगत के अलावा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
देरी व लापरवाही पर जताई नाराजगी, अधिकारियों और एजेंसियों को लगाई फटकार
अधूरे कार्यों को बारिश से पहले पूर्ण करने के दिए निर्देश, काम में लापरवाही एवं उदासीनता पर होगी कड़ी कार्रवाई
रायपुर/शौर्यपथ / नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने आज मिशन अमृत 2.0 के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मिशन के कार्यों में देरी और लापरवाही पर नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों और एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने अधूरे कार्यों को बारिश से पहले पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। मिशन अमृत 2.0 के नोडल अधिकारी, अभियंता, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट कन्सल्टेंट्स एवं उनके डिप्टी टीम लीडर्स, असिस्टेंट कन्सट्रक्शन मैनेजर्स तथा चयनित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि भी बैठक में मौजूद थे।
नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के अधिकारियों को मिशन अमृत 2.0 के कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा फील्ड में जाकर प्रगति व गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगली समीक्षा बैठक में कार्यों की भौतिक प्रगति और समयबद्ध योजना की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने को कहा। उल्लेखनीय है कि मिशन अमृत 2.0 के तहत प्रदेश के 36 नगरीय निकायों में पेयजल परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें से 29 में कार्यादेश जारी हो चुके हैं।
डॉ. बसवराजु ने सभी कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि मिशन के कार्य समय पर पूरे नहीं होने पर केंद्र सरकार से राशि नहीं मिलेगी, जिससे राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। मिशन अमृत 2.0 को मार्च-2026 तक पूरा करना है। यह केंद्र और राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। भारत सरकार और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को मिशन के कार्यों में कुशल मानव संसाधन लगाने के साथ ही ड्राइंग-डिजाइन, सर्वे डॉटा और अन्य कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश दिए।
नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु ने नगरीय निकायों को प्रत्येक स्वीकृत कार्य के लिए एक्शन प्लान तैयार करने और उसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने लगातार पत्राचार के बाद भी कार्यों में उदासीनता बरतने वाले नगरीय निकायों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जनवरी-2024 के बाद से परियोजना के लिए 300 करोड़ रुपए आबंटित किए गए हैं और मार्च-2025 तक कोई भुगतान लंबित नहीं है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कार्य में देरी ठीक नहीं है। सुडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शशांक पाण्डेय और उप महाप्रबंधक रमेश सिंह सहित अन्य अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
अम्बिकापुर, कांकेर और बालोद जिले के कलेक्टरों ने लिया तैयारियों का जायजा
पहले चरण में लोगों से लिए जाएंगे 11 अप्रैल तक आवेदन
रायपुर/शौर्यपथ /राज्य व्यापी सुशासन तिहार को लेकर अम्बिकापुर, बालोद और कांकेर जिले में भी लोगों का उत्साह दिख रहा है। इन जिलों में लोगों ने अपनी समस्याओं को लेकर समाधान पेटी में जमा कराए। कलेक्टर सहित वरिष्ठ प्राशसनिक अधिकारियों द्वारा लगातार मैदानी क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन देने की अपील की जा रही है। लोगों को आवेदन लेने के लिए ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायत, नगरीय निकायों जिला मुख्यालयों और तहसील कार्यालय समाधान पेटी की व्यवस्था की गई है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा समाज के सभी वर्गों से तत्परता से संवाद एवं समाधान के उद्देश्य से सुशासन तिहार की शुरुआत आज 8 अप्रैल से की गई है। इस अभियान के अंतर्गत आज से 11 अप्रैल तक आवेदन लिए जा रहे हैं। दूसरे चरण में इन आवेदनों का निराकरण 12 अप्रैल से 4 मई के मध्य संबंधित विभागों द्वारा किया जाएगा। तीसरे एवं अंतिम चरण में आमजनता की समस्याओं के निराकरण हेतु आगामी 05 मई से 31 मई तक समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें आवेदकों को उनके आवेदनों की यथासंभव समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।
ग्रामीणों को जानकारी देने मुनादी
अंबिकापुर कलेक्टर विलास भोसकर ने आज विकासखंड लखनपुर एवं उदयपुर की विभिन्न ग्राम पंचायतों में केवरा, कुंवरपुर, अंधला, जजगा, उदयपुर, सोनतराई एवं डांड़गांव का दौरा कर सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों का अवलोकन किया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को आमजन की समस्याओं को सहज और सरल भाषा में समझकर आवेदन भरने में सहायता करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुशासन तिहार की जानकारी लोगों तक पहुंचाने हेतु मुनादी, पंपलेट और पोस्टर के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने कहा।
कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए ऑनलाइन आवेदन
कांकेर के कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया और सुशासन तिहार में लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी आवेदन दिए जा सकते हैं।
हॉट बाजारों में समाधान पेटी की व्यवस्था
बालोद जिले के कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देश पर सुशासन तिहार में लोगों से आवेदन लेने के लिए ग्राम पंचायतों के साथ-साथ हाट बाजारों में समाधान पेटी की व्यवस्था की गई है। जहाँ पर अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। इसके अलावा संयुक्त जिला कार्यालय के साथ-साथ जिले के सभी विकासखण्ड मुख्यालयों के जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों मंे भी आवेदन प्राप्त करने हेतु समाधान पेटी लगाई गई है।
राजनांदगांव /शौर्यपथ /लालबाग स्थित रॉयल किड्स कान्वेंट, जो कि शहर का एकमात्र CISCE बोर्ड स्कूल है ने अपनी वार्षिक परीक्षाओं के परिणामों की घोषणा की। इस बार कक्षा पांचवीं के छात्र दक्ष चौबे ने 99.22 % प्रतिशत अंक प्राप्त किया, जबकि कक्षा चौथी के छात्र अमल चौबे ने 95.68 % प्रतिशत अंक प्राप्त किया।
चौबे बंधु दक्ष और अमल ने न केवल अपनी शैक्षिक उपलब्धियों से स्कूल का नाम रोशन किया, बल्कि खेल के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किए हैं। बड़े भाई दक्ष चौबे ने शतरंज में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और इसके अलावा, वह हाँकी में छत्तीसगढ़ राज्य में सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने बेस्ट स्ट्राइकर का पुरस्कार भी जीता है और गोलकीपर की भूमिका में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
छोटे भाई अमल चौबे भी शतरंज के राष्ट्रीय खिलाड़ी हैं और खेल के क्षेत्र में अनेक पुरस्कार प्राप्त कर चुके है। अमल को स्कूल में 'बेस्ट प्लेयर इन प्राइमरी' के अवार्ड से नवाजा गया। इसके अलावा, क्रिकेट में राजनांदगांव प्रिमियर लीग U-14 ड्यूस बाल (50 ओवर) में इमर्जिंग प्लेयर का अवार्ड प्राप्त किया। हाँकी में स्टेट लेवल टूर्नामेंट में उन्हें 'मोस्ट इंटेलिजेंट प्लेयर ' का पुरस्कार अपने नाम किया।
दक्ष और अमल चौबे की यह शानदार सफलता उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उनके इस अद्वितीय प्रदर्शन ने न केवल अपने परिवार, बल्कि स्कूल और समुदाय का भी गौरव बढ़ाया है।
दक्ष अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ि एवं nis कोच मृणाल चौबे का भतीजा एवं अमल चौबे पुत्र है l
रायपुर। शौर्यपथ।
दुर्ग में हाल ही में मासूम बच्ची के साथ हुई वीभत्स घटना ने हर किसी को झंझोर कर रख दिया इस वीभत्स घटना की निंदा सभी वर्ग के लोगों द्वारा किया जा रहा है समाचार पत्रों में न्यूज़ चेनल में रिश्तो को कलंकित और मासूम बच्ची के लिए गहन दुख की बात कही जा रही है वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा मामले पर माननीय न्यायालय में मजबूती के साथ साक्ष्य रखने और आरोपी को जल्द से जल्द सजा हो इस बात के लिए भी कड़े कदम उठाए जा रहे हैं .वैशाली नगर विधायक द्वारा वकीलों से अपील की जा रही है कि माननीय न्यायालय में मासूम बच्ची के पक्ष में मजबूत साक्ष्य रखें ताकि आरोपी को मृत्युदंड मिले हर कही सिर्फ इसी बात की चर्चा आम है कि दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो वहीं इसका अगर दूसरा पहलू देखा जाए तो इस जघन्य अपराध और शहर में हुए अन्य अपराधों में अपराधी के लिए कुछ बातें सामान है ..
सुखा नशा में कुछ अंग्रेजी दवाइयां ऐसी है जो नशे के रूप में इस्तेमाल होती है वही ड्रग विभाग के अधिकारी से चर्चा करने पर यह जानकारी प्राप्त हुई है कि ड्रग विभाग द्वारा लगातार मेडिकल दुकानों का निरीक्षण किया जा रहा है एक अनुमान के मुताबिक पिछले तीन-चार महीना में लगभग 300 से अधिक दुकानों का निरीक्षण किया भी गया वहीं आवश्यकता पडऩे पर पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर तकरीबन दर्जन भर करवाई भी की गई वहीं 40 से 50 मेडिकल दुकानों को नोटिस भी भेजा गया शहर में ड्रग विभाग पुलिस प्रशासन लगातार नशीली दवाइयां के अवैध व्यापार परिवहन पर सख्ती पूर्ण करवाई तो कर रही है बावजूद इसके शहर में सुखा नशा का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है ऐसे में अब इस तरह के जघन्य और वीभत्स अपराध को रोकने के लिए राजनीति से परे उठकर सभी राजनीतिक दलों को और आम जनता को एक जन अभियान छेडऩे की आवश्यकता है जिससे सुखा नशा करने वालों की पहचान हो और उसके द्वारा जहां से सुखा नशा मिलता है उसे तक पहुंचा जा सके सीढी दर सीढी कार्यवाही बिना जन सहयोग के संभव नहीं.
राजनीति से परे और एक सभ्य समाज जहां एक बेटी सुरक्षित रह सके और समाज अपराध मुक्त हो इसके लिए जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन को दोष देने की अपेक्षा जन सहयोग से समाज में व्याप्त इस सूखे नशे की बुराई से छुटकारा पाया जा सकता है जिस प्रकार से हाल ही के दिनों में लगातार घटनाएं बढ़ रही है और अधिकतर अपराधों में नशा प्रमुख कारण बना हुआ है ऐसे में अगर जन सहयोग ना हो तो इस तरह के अपराधों के साए में कभी भी कोई भी आ सकता है .
हम जिस समाज में रहते हैं उसे समाज को सुरक्षित रखने के लिए कहीं ना कहीं आमजन को भी विरोध की राजनीती छोड़कर सहयोग की जिम्मेदारी निभानी होगी ताकि और इस तरह के अपराधों को रोकने हेतु जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन को भी पूरा सहयोग करना होगा तभी समाज से सूखे नशे का कारोबार खत्म होगा और और खत्म होगी उस पिता की चिंता जिनकी बेटियों घर से बाहर पढ़ाई करने घूमने जाते या अन्य जरुरी कार्यो से घर से बाहर जाति है या माता पिता से दूर होती है . आज एक बेटी के लिए पूरा शहर दुखी है अगर आज नहीं जागे तो सूखे नशे का जाल कभी ना कभी कभी भी किसी को भी अपने आगोश में ले सकता है .
लेख - शरद पंसारी (संपादक - शौर्यपथ दैनिक समाचार )
ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में सुबह से ही लोग आवेदन देने पहुंचे
जिलों में कलेक्टर सहित प्रशासनिक अधिकारी कर रहे निरीक्षण
आवेदन के लिए समाधान पेटी की व्यवस्था
रायपु/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में आज से शुरू हुए राज्य व्यापी “सुशासन तिहार में लोगों द्वारा अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए आवेदन देने का सिलसिला शुरू हो गया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोग बेहिचक आवेदन दे रहे हैं। लोगों को भरोसा है कि उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए त्वरित पहल की जाएगी। सुशासन तिहार के पहले चरण में आम लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए 8 अपै्रल से 11 अपै्रल तक राज्य के सभी ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और जिला मुख्यालयों में आवेदन लिए जा रहे हैं।
राजधानी रायपुर में आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने राजधानी के विभिन्न वार्डों में पहुंच कर लोगों को अपनी समस्या के निराकरण के लिए आवेदन देने की अपील की। उन्होंने नगर निगम के जोन क्रमांक 4 के कार्यालय और विभिन्न वार्डों में आवेदन लिये जाने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने लोगों से अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए बिना किसी हिचक के आवेदन करने कहा।
महासमुंद जिले में कलेक्टोरेट, जनपद और तहसील कार्यालय में समाधान पेटी की व्यवस्था की गई है। सुशासन तिहार के सफल संचालन के लिए कलेक्टर द्वारा 51 नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। कलेक्टर महासमुंद श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर आवेदन लेने की प्रक्रिया का जायजा लिया और अधिकारियों से कहा कि लोगों को आवेदन देने के लिए किसी प्रकार का दिक्कत न हो इसका विशेष रूप से ध्यान दें। आवश्यकतानुसार कई केंद्रों में आवेदन देने मदद करने के लिए कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
धमतरी जिले के कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा सहित जिला पंचायत सीईओ श्रीमती रोमा श्रीवास्तव और तीनों अनुभागों के अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों ने आज पोटियाडीह, परसतराई, ग्राम पंचायतों में पहुंचकर सुशासन तिहार के दौरान आवेदन लेने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। इस दौरान अशिक्षित आवेदकों के आवेदन लिखने के लिए किसी कर्मचारी की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को आवेदन देने से मना या रोका नहीं जाए। इसके बाद कलेक्टर ने नगर निगम क्षेत्र में हटकेशर वार्ड पहुंचकर वहां मौजूद महिलाओं और लोगों से बातचीत की। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में अपनी मांगों और समस्याओं के निराकरण के लिए आवेदन करने को कहा।
जगदलपुर जिले में जिले के सभी गांवों, नगरीय क्षेत्रों के सभी वार्डों कलेक्टर कार्यालय सहित सभी शासकीय कार्यालयों में लोगों से आवेदन लेने के लिए समाधान पेटी की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार बालोद जिले में भी लोगों से आवेदन लेने के लिए सभी महत्वपूर्ण स्थानों में समाधान पेटी की व्यवस्था की गई है।
नागरिकों को है सुशासन पर भरोसा
महासमुंद जिले के ग्राम परसदा के निवासी विक्रम चंद्राकर ने गांव में पेयजल की समस्या को देखते हुए नलकूप खनन के लिए आवेदन किया है। उन्हें विश्वास जताया है कि उनकी मांग का निराकरण होगा। इसी तरह ग्राम खैराभाठा के दुलारी बाई तारक ने कहा कि यह सरकार की अच्छी सोच है कि हमें अपनी मांग और समस्याओं को बताने एक उचित प्लेटफॉर्म मिल रहा है।
सुशासन तिहार का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना तथा विकास कार्यों में गति लाने के साथ ही आम जनता जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित करना है। सुशासन तिहार तीन चरणों में आयोजित होगा पहले चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आम जनता से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। दूसरे चरण में लगभग एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तीसरे एवं अंतिम चरण में 5 मई से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी स्थित उनके निवास कार्यालय में निगम-मंडलों के नवनियुक्त अध्यक्षों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने सभी अध्यक्षों को नवीन दायित्व की बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की। इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के प्रति संकल्पबद्ध है। निगम-मंडलों के माध्यम से शासन की अनेक योजनाएँ और हितग्राहीमूलक कार्यक्रम ज़मीनी स्तर तक पहुँचते हैं। उन्होंने सभी अध्यक्षों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण और पारदर्शिता के साथ करें तथा छत्तीसगढ़ की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष दीपक महस्के, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष राम सेवक पैकरा, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा,छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा और छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मण्डल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के अध्यक्ष चन्द्रहास चंद्राकर भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में निराकरण का भरोसा
प्रत्येक पंचायतों एवं नगरीय निकायों में लगाया गया है समाधान पेटी
सुशासन तिहार के सुचारू संचालन हेतु कलेक्टर श्री लंगेह ने नियुक्त किए नोडल अधिकारी
कलेक्टर सहित अधिकारीगण कर रहे है निरीक्षण
महासमुंद/शौर्यपथ /“सुशासन तिहार 2025“ के प्रथम चरण के अंतर्गत मंगलवार 08 अप्रैल से समस्या, शिकायत और मांगों को लेकर आवेदन देने की प्रक्रिया आज सुबह 10 बजे से प्रारम्भ हो गई है। आवेदन लेने की प्रक्रिया शुक्रवार 11 अप्रैल 2025 तक चलेगी। आवेदक उक्त स्थानों पर जाकर अपनी मांगों एवं समस्याओं को लेकर प्रातः 10:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक समाधान पेटी के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। पंचायतों के अलावा कलेक्ट्रेट ,जनपद और तहसील कार्यालयों में भी समाधान पेटी लगाए गए हैं। जहां नागरिक आवेदन लेकर पहुंच रहे हैं। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा सुशासन तिहार के सफल संचालन के लिए जिले के पांचों विकासखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों के लिए जिले में 51 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। साथ ही 8 से 11 अप्रैल तक समाधान पेटी में प्राप्त आवेदन पत्रों के संकलन एवं जमा करने हेतु अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा सुशासन तिहार 2025 संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करना तथा विकास कार्यों में गति लाने के साथ ही आम जनता जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित करना है। सुशासन तिहार 2025 का आयोजन तीन चरणों में होगा पहले चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक आम जनता से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। दूसरे चरण में लगभग एक माह के भीतर प्राप्त आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। तीसरी एवं अंतिम चरण में 5 मई से 31 मई 2025 के बीच समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में 8 से 11 अप्रैल 2025 तक प्रातः 10:00 से शाम 5:00 बजे तक प्रतिदिन आम जनता से समाधान पेटी में आवेदन प्राप्त कर सेक्टर अधिकारियों द्वारा आवेदन पत्रों को संकलित कर प्रतिदिन शाम 5:30 बजे तक जमा करने के लिए प्रत्येक अनुविभाग अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
कलेक्टर सहित जिला अधिकारी कर रहे है निरीक्षण
कलेक्टर विनय लंगेह, जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक सहित नोडल अधिकारी सुशासन तिहार अंतर्गत आवेदन लेने की प्रक्रिया और इन केंद्रों में व्यवस्था का अवलोकन करने पंचायतों मं पहुंच रहे है। कलेक्टर लंगेह द्वारा पिथौरा विकासखंड के ग्राम पंचायत बम्हनी जो जिले के अंतिम छोर पर बसा है, यहां आवेदन लेने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर लंगेह ने कहा कि किसी भी नागरिक को आवेदन देने में परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने नागरिकों से जानकारी भी ली। आवश्यकतानुसार कई केंद्रों में आवेदन देने मदद करने के लिए कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
नागरिकों को है सुशासन पर भरोसा
आज सुबह 10 बजे ग्राम परसदा में गांव के निवासी विक्रम चंद्राकर ने गांव में पेयजल की समस्या को देखते हुए नलकूप खनन की मांग की। उन्हें विश्वास है कि उनकी मांग का निराकरण होगा। इसी तरह ग्राम खैराभाठा के दुलारी बाई तारक ने रोजगार के लिए आवेदन दिया। उन्होंने कहा कि यह सरकार की अच्छी सोच है कि हमें अपनी मांग और समस्याओं को बताने एक उचित प्लेटफॉर्म मिल रहा है। इसी तरह सीताराम चौहान ग्राम गौरटेक ने बताया कि उन्हें गांव में हुए अतिक्रमण को लेकर चिंता है, आवेदन के माध्यम से उन्होंने विश्वास जताया कि उनके आवेदन पर अवश्य निर्णय होगा।
गांव-गांव, शहर-शहर में लगी समाधान पेटियां
सुशासन तिहार को लेकर लोगों में उत्साह
8 से 11 अप्रैल तक ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में आमजन से लिए जाएंगे आवेदन
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जनता-जनार्दन की समस्याओं के निदान और उनसे रूबरू मुलाकात के लिए सुशासन तिहार का प्रदेशव्यापी शुभारंभ आज 08 अप्रैल से हो गया है। तीन चरणों में आयोजित होने वाला यह सुशासन तिहार 31 मई तक चलेगा। प्रथम चरण में 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आम जनता से ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों के कार्यालयों में सीधे आवेदन लिए जा रहे हैं। सुशासन तिहार को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, और लोग अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन लेकर उसे ग्राम पंचायत और नगर पंचायत कार्यालयों में लगी समाधान पेटी में जमा कर रहे है।
जनसमान्य की समस्याओं से संबंधित आवेदनों को भरने के लिए ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायो के कार्यालयों में अधिकारी कर्मचारी की ड्यूटी भी लगाई गई है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन देने में किसी भी तरह की परेशानी न हो।
सुशासन तिहार के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन पोर्टल एवं कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए भी आवेदन प्राप्त किए जाने की व्यवस्था है। विकासखंडों और जिला मुख्यालयों में भी आवेदन प्राप्त करने हेतु समाधान पेटी रखी गई है, जहां लोग अपनी समस्याओं के संबंध में आवेदन डाल रहे है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा सुशासन एवं पारदर्शिता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सुशासन तिहार-2025 का आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल है। सुशासन तिहार-2025 के तहत सभी प्राप्त आवेदनों की सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि कर संबंधित विभागों को सौंपा जाएगा, और एक माह के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सुशासन तिहार 2025 का उद्देश्य जनसामान्य की समस्याओं का प्रभावी एवं त्वरित समाधान, शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जनता से सीधा संवाद स्थापित करना है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व में ही सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे सुशासन तिहार के सुव्यवस्थित आयोजन और इसके अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों के तत्परता से निराकरण को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर निराकरण की स्थिति और गुणवत्ता की समीक्षा भी की जाएगी।
सुशासन तिहार के तीसरे चरण में प्रत्येक जिले की 8 से 15 ग्राम पंचायतों के मध्य समाधान शिविर आयोजित होंगे। नगरीय निकायों में भी आवश्यकतानुसार शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों में आमजन को उनके आवेदन की स्थिति से अवगत कराया जाएगा, तथा यथासंभव आवेदन का त्वरित निराकरण भी वहीं किया जाएगा। शेष समस्याओं का निराकरण एक माह के भीतर कर सूचना दी जाएगी।
समाधान शिविरों में जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन प्रपत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस अभियान में सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी स्वयं शिविरों में उपस्थित रहकर आमजन से संवाद करेंगे, और विकास कार्यों व योजनाओं से मिल रहे लाभ का फीडबैक लेंगे। साथ ही औचक निरीक्षण के माध्यम से चल रहे निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति और गुणवत्ता का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
