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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
भुवनेश्वर / शौर्यपथ / ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित कलिंगा साहित्य महोत्सव (KLF 2025 ) में उप मुख्यमंत्री अरुण साव शामिल हुए। महोत्सव में श्री साव ने कहा कि, छत्तीसगढ़ वासियों पर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद हमेशा साथ है।
इस शानदार आयोजन के माध्यम से भारत के संस्कार और सभ्यता को आगे बढ़ाने के काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि, साहित्य समाज का दर्पण होता है। यह मनुष्य को सच से साक्षात्कार कराता है। इतिहास से सीख और भविष्य का बोध कराता है।
दुनिया बिना साहित्य के नहीं हो सकती है। साहित्य के बिना समाज की कल्पना नहीं कर सकते। आज साहित्य संचय का तरीका बदल गया है। आज भी लाइब्रेरी प्रासंगिक है लेकिन उसका स्थान मोबाइल और लैपटॉप ने लिया, इसमें पूरा साहित्य समाहित हो गया है। उन्होंने कहा कि, साहित्य लेखन के प्रकार बदल गए हैं। आधुनिकीकरण का समावेश देखने को मिल रहा है।
श्री साव ने कहा कि, जानवर और इंसान में अंतर है। इंसानों की तरह जानवर बोल नहीं पाता है। इसी तरह साहित्य के बिना समाज अधूरा है। समाज की भाषा साहित्य है। यह उनकी अभिव्यक्ति का माध्यम है। और इसका सीधा संबंध भाषा से है। हमारे देश में भाषाओं की विविधता है। उड़िया एक समृद्ध भाषा है, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ को जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि, ओडिशा और छत्तीसगढ़ का रोटी बेटा का संबंध है। दोनों राज्य भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। साथ ही हमारी भाषा, खान पान और वेशभूषा में समानता देखने को मिलती है। दोनों राज्यों में और भी बहुत सारी समानता है।
छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में उड़िया भाषी मेरे भाई-बहन रहते हैं। और छत्तीसगढ़ के लोग भी बड़ी संख्या में ओडिशा में निवास करते हैं, और वे छत्तीसगढ़ी बोलते हैं। ओडिशा से हमारा अटूट संबंध है।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि, सम्मेलन में अनेक देशों के प्रतिनिधि आए हैं। भारत ने पूरी दुनिया को अपना परिवार माना है। सबका सम्मान और आदर किया।
रायपुर / शौर्यपथ / भारतीय जनता पार्टी के द्वारा छत्तीसगढ़ में बिहार दिवस मनाया जाने पर निशाना साधते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज कहा है बिहार की स्थापना अभी नहीं हुई है, बिहार का अस्तित्व भारतीय जनता पार्टी की स्थापना से पहले है और जहां तक छत्तीसगढ़ की बात है तो पिछले 25 साल में 16 साल से अधिक समय भाजपा की सरकारे रही है, छत्तीसगढ़ में 2003 से 2018 तक लगातार भाजपा की सरकार थी, पिछले साल भी इनकी ही सरकार थी तब भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ इकाई को बिहार दिवस याद नहीं रहा आज यह बिहार दिवस मना रहे हैं मतलब साफ है कि भाजपा का हर इवेंट चुनावी लाभ पर केंद्रित होता है। आने वाले दिनों में बिहार में चुनाव होने वाले हैं तो भाजपा यहां रहने वाले बिहार के लोगों को प्रभावित करने के लिए बिहार दिवस मनाने का पाखंड कर रही है जबकि हकीकत यह है कि हाल ही में कुछ दिन पूर्व आधी रात को लगभग 2500 लोगों को छत्तीसगढ़ के अलग-अलग थानों में बैठाया गया था उसमें से अधिसंख्यक लोग बिहार से थे, जिन्हें रोहिंग्या और बांग्लादेशी बताकर अपमानित किए, प्रताड़ित किए आज राजनैतिक स्वार्थ में भाजपाईयों को उनकी याद आ रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि कांग्रेस को किसी प्रदेश या वहां के नागरिकों से कोई गुरेज नहीं लेकिन जिस नितिन नवीन ने पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के जिला मुख्यालयों में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति लगाने का विरोध किया, जिन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि हम क्षेत्रीय राष्ट्रवाद और छत्तीसगढ़ियावाद को नहीं मानते उसी नीति नबीन की चाटुकारिता में भारतीय जनता पार्टी की साय सरकार इस छत्तीसगढ़ में बिहार दिवस मना रही है? पूर्व प्रदेश के पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने न केवल छत्तीसगढ़ की संस्कृति परंपरा रीति रिवाज और खान-पान के संरक्षण और संवर्धन का काम किया बल्कि छत्तीसगढ़िया स्वाभीमान और आत्मसम्मान की पुनर्स्थापना की। न केवल हरेली, तिजापोरा, गोवर्धन पूजा, विश्व आदिवासी दिवस पर अवकाश, देवगुड़ी और घोटुल के सरकारी आयोजन हुए इसके साथ ही छठ पूजा घाटों का निर्माण भी किया गया। भाजपा की सरकार में तो आदिवासी बाहुल्य छत्तीसगढ़ में आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद आदिवासी विश्व आदिवासी दिवस के दिन कोई आयोजन तक नहीं हुआ, लेकिन अब एक बिहारी प्रभारी जिसने छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान किए उसके लिए बिहार दिवस मनाया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि बिहार दिवस को नवाचार बताने का कुतर्क करने वाले भाजपाई बताएं कि देश में 28 राज्य और आठ केंद्र शासित प्रदेश है, इसी महीने राजस्थान दिवस भी है, जहां भाजपा की ही सरकार है, क्या इन राज्यों का स्थापना दिवस भी छत्तीसगढ़ में मनाया जाएगा? भाजपा की सरकार आने के बाद से सरकारी आयोजनों में राज गीत अरपा पैरी के धार का गायन बंद है। भाजपा को छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढीया से इतनी हिकारत है कि यहां के प्रथा, परंपरा, संस्कृति और खान पान को भी अपमानित करने का कोई अवसर नहीं छोड़ते, बोरे बासी को छप्पन भोग बताते हैं लेकिन अपने आकाओं को खुश करने छत्तीसगढ़ में बिहार दिवस का आयोजन कर रहे हैं।
(संवाददाता - हरिया सोनी )
नारायणपुर - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी जिला नारायणपुर कांग्रेस अध्यक्ष की कमान अब जिला अध्यक्ष के रूप में श्री बिसेल नाग जी को सौंपा गया है, बिसेल राम नाग पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, सरपंच संघ जिला अध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष सहित अन्य महत्वपूर्ण पदों में भी रहकर समाज और जनता की सेवा कर चुके है , इस बार इनको कांग्रेस की हाई कमान ने जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नियुक्त किया है,
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव दिल्ली से श्री केसी वेणुगोपाल द्वारा आज पत्र जारी कर नियुक्ति की गई है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री दीपक बैज सहित सभी प्रदेश जिला कांग्रेस नेताओं ने नव नियुक्ति जिला अध्यक्ष बिसेल राम नाग को बधाई शुभकामनाएं दी। ?
नारायणपुर / शौर्यपथ /(संवाददाता - हरिया सोनी )
नक्सलवाद और लाल आतंक के खात्मे के लिए दृढ संकल्पित साय सरकार ने अभियान तेज कर दिए है लगातार इसमें सफलता भी मिल रही है . इसी तारतम्य में नारायणपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी जब आईईडी लगाने के फिराक में घुमते हुए कुतुल एरिया कमेटी के दो मिलिशिया सदस्य को पकड़ने में नारायपुर पुलिस ने सफलता प्राप्त की । गिरफ्तार माओवादियों के निशानदेही पर 05 कि.ग्रा. वजन का 01 नग कुकर आईईडी, कार्डेक्स वायर, डेटोनेटर व नक्सली साहित्य बरामद हुआ । शीर्ष नक्सली नेताओं के आश्रय स्थल/गढ़ में कैम्प खुल जाने के बौखलाहट में आकर आईईडी लगाने की योजना बना रहे थे । आईईडी बरामद नहीं हुआ होता तो निश्चित ही निकट समय पर सुरक्षा बलो, ग्रामीण या वन्य जीव जन्तु चपेट में आ सकते थे । पूरा मामला थाना कोहकामेटा का है इस सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना कोहकामेटा पुलिस, डीआरजी एवं बीडीएस टीम का रहा विशेष योगदान ।
नारायणपुर पुलिस के द्वारा एक ओर नक्सल विरोधी माड़ बचाव अभियान एवं अन्दरूणी माड़ क्षेत्रों में कैम्प स्थापित कर क्षेत्र में विकास कार्याें में सुरक्षा प्रदान करते हुए विकास कार्याें को गांव तक पहुंचाने में गति/सहयोग प्रदान किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में शांति सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए आपराधिक तत्वों पर भी सुक्ष्म निगाह रखकर उनके विरूद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
इसी कड़ी में थाना कोहकामेटा से निरीक्षक शैलेन्द्र दुबे के हमराह डीआरजी एवं बीडीएस टीम संयुक्त बल नक्सल विरोधी अभियान पर कच्चापाल-तोक की ओर रवाना हुए थे दौरान सर्चिंग के तोके के जंगल में दो संदिग्ध व्यक्ति जो पुलिस पार्टी को देखकर लुकछिप कर भाग रहा था, जिसे सुरक्षा बलों द्वारा घेराबंदी कर पकड़ा गया।
संदेहियों को हिरासत में लेकर मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम गुड्डू गोटा पिता मासा गोटा एवं दूसरे ने अपना नाम मंगतु गोटा पिता स्व. पुपला गोटा निवासी कस्तुरमेटा का होना बताये। जिसके निशानदेही पर उसके कब्जे से 01 कुकर आईईडी वजनी करीबन 05 कि.ग्रा., कोर्डेक्स वायर, डेटोनेटर, नक्सली साहित्य बरामद हुआ। उक्त आईईडी के संबंध में और बारीकी से पूछताछ करने पर आईईडी को सुरक्षा बलों को नुकसान पहंुचाने के नीयत से आसपास क्षेत्र में लगाये जाने के फिराक में घुमना बताये और उन्होनें स्वयं को कुतुल एरिया कमेटी अन्तर्गत मिलिशिया सदस्य के रूप में विगत 07 वर्ष से कार्य करना बताये।
बता दे कि बरामद आईईडी का वजन करीबन 05 कि.ग्रा. का था जिसे सुरक्षा बलों द्वारा बीडीएस टीम की मदद से सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया। जिस संबंध में थाना कोहकामेटा में धारा 4, 5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम का मामला पंजीबद्ध किया जाकर अनुसंधान में लिया गया। नक्सल सहयोगी मंगतु गोटा एवं गुड्डू गोटा द्वारा जुर्म कुबुल करने पर दिनांक 22.03.2025 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
गिरफ्तार आरोपी
01.मंगतु गोटापिता स्व.पुपला गोटा उम्र 26वर्ष निवासी कस्तुरमेटा थाना कोहकामेटा जिला नारायणपुर(छ.ग.)।
02.गुड्डू गोटा पिता मासा गोटा उम्र 28 वर्ष निवासी कस्तुरमेटा थाना कोहकामेटा जिला नारायणपुर (छ.ग.)।
गिरफ्तार आरोपियों पर दर्ज आपराधिक प्रकरणः-
थाना कोहकामेटा अपराध क्रमांक- 04/2025 धारा 4, 5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संघ की पत्रिका "सेवा शिखर" के प्रथम संस्करण का विधिवत विमोचन भी किया।
राज्य प्रशासनिक सेवा की भूमिका को बताया शासन का मजबूत स्तंभ
मुख्यमंत्री साय ने मुलाकात के दौरान राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की योजनाओं और कार्यक्रमों का सफल क्रियान्वयन उन्हीं के माध्यम से धरातल पर संभव हो पाता है। उन्होंने कहा कि जनता तक शासन की नीतियों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से पहुँचाने में इन अधिकारियों की निष्ठा, समर्पण और संवेदनशीलता अत्यंत महत्वपूर्ण है। यही वे मूल्य हैं जो शासन और जनता के बीच की कड़ी को मजबूत करते हैं तथा प्रदेश के विकास को गति प्रदान करते हैं।
"सेवा शिखर" पत्रिका को बताया विचारों का सशक्त मंच
मुख्यमंत्री साय ने "सेवा शिखर" पत्रिका के प्रथम संस्करण के प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एक सार्थक मंच बताया। उन्होंने कहा कि यह पत्रिका अधिकारियों को अपने अनुभव, विचार और सुझाव साझा करने का अवसर प्रदान करेगी, जिससे एक जीवंत और संवादपूर्ण प्रशासनिक वातावरण का निर्माण होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य प्रशासनिक सेवा संघ को पत्रिका के प्रकाशन हेतु बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि यह पहल सेवा भावना, उत्तरदायित्व और पारदर्शिता को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी और निष्ठा से करें, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ सही अर्थों में अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष अजय त्रिपाठी, उपाध्यक्ष उमाशंकर बंदे, कोषाध्यक्ष नवीन भगत, सेवा शिखर पत्रिका के संपादक डॉ. अभिनव मिश्रा सहित अपूर्व प्रियेश टोप्पो, नंद कुमार चौबे, सुश्री अर्चना पाण्डेय, श्रीमती दिव्या वैष्णव, बृजेश क्षत्रिय, डॉ. सुभाष राज, डॉ. धनंजय कुमार नेताम एवं घनश्याम कँवर उपस्थित थे।
रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्व क्षय (टीबी) दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से टीबी जैसे संक्रामक रोग के उन्मूलन के लिए एकजुट होकर कार्य करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि टीबी केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक विकास में बाधा उत्पन्न करने वाली चुनौती है, जिससे हमें मिलकर लड़ना है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि टीबी, जिसे तपेदिक भी कहा जाता है, एक संक्रामक रोग है, जो मुख्यतः फेफड़ों को प्रभावित करता है और यह विश्वभर में लाखों लोगों को प्रभावित करता है। लोगों को इसके लक्षणों, जांच और उपचार के प्रति जागरूक करना बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से हर वर्ष 24 मार्च को 'विश्व क्षय दिवस' मनाया जाता है, ताकि इस बीमारी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को गति दी जा सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में टीबी की रोकथाम के लिए प्रभावी और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई हैं। सभी सरकारी अस्पतालों में टीबी की निःशुल्क जांच और इलाज की सुविधा है, जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने आमजन से अपील की कि यदि लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना जैसे लक्षण हों, तो तुरंत जांच कराएं। उन्होंने कहा कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है, बशर्ते समय पर जांच हो और दवाएं नियमित रूप से ली जाएं। स्वस्थ जीवनशैली और सावधानी से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
भिलाई/शौर्यपथ /टाउनशिप के सेक्टर नौ स्थित एक बीएसपी क्वार्टर में देर रात आग लग गई। आगजनी की इस घटना में लकवाग्रस्त बुजुर्ग की मौत हो गई। वहीं घर अन्य तीन सदस्यों को पुलिस और अग्निशमन विभाग की रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मृतक बुजुर्ग का नाम उमेश नारायण तिवारी 92 वर्ष है। फिलहाल आगजनी की घटना का कारण पता नहीं चल पाया है।
सेक्टर 9 के स्ट्रीट 3 में सबसे पहले स्थित बीएसपी क्वार्टर में देर रात अचानक आग लग गई। आग बढऩे पर घर के अंदर मौजूद तिवारी परिवार के लोगों ने शोर मचाया। आवाज सुनकर पड़ोसियों ने बाहर निकलकर देखा तो घर के अंदर से आग की लपटें नजर आने से तुरंत पुलिस और जिला अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम ने सबसे पहले घर के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का रेस्क्यू किया। लेकिन तब तक घर के बीमार बुजुर्ग उमेश नारायण तिवारी की आग की चपेट में आने से मौत हो चुकी थी। बाकी के तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। परिजनों के मुताबिक बुजुर्ग उमेश नारायण तिवारी लकवा से पीडि़त थे और उन्हें कल ही उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी कराकर घर लाया गया था।
वार्ड 21 में कार्रवाही के दौरान किसी ने नही किया विरोध जारी रहा अतिक्रमण हटाने का काम
दुर्ग//शौर्यपथ /नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत आज वार्ड क्रमांक 21 सिंधिया नगर, हनुमान नगर से लेकर अन्य जगहों पर तक 30 फुट की सड़क अतिक्रमण के कारण आधी रह गई थी। किसी ने सड़क पर दुकान रख ली थी तो किसी ने चबूतरा या सीढ़ियां व नाली के ऊपर गार्डन बना लीं थीं।
यही कारण था कि आवागमन में लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता था। इस संबंध में लोगो ने नगर निगम महापौर श्रीमती अलका बाघमार एवं निगम के अधिकारियों को सूचित किया। मामला संज्ञान में आने के बाद नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते ने को वार्ड क्रमांक 21 से अभियान चलाकर शुरुवात की करीब 40 से 45 से अधिक अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त किया।लोगो ने नगर निगम के अधिकारियों को पूर्व में सिंधिया नगर, हनुमान नगर सहित क्षेत्र से लेकर अन्य जगहों तक नालियों पर स्थायी निर्माण कर लिए जाने की शिकायत की थी। शिकायत पर नगर निगम के अधिकारियों ने जांच कराई तो शिकायत सही पाई गई। इस पर नगर निगम ने अतिक्रमण को हटाने लिए अमला पहुची, इसमें शनिवार को अभियान चलाने के लिए रणनीत तैयार की गई।
निगम जेसीबी के पहुंचा और और लगभग स्थायी निर्माण को हटाया गया। इसमें लोगों द्वारा अपने घरों एवं दुकानों के सामने बनाए गए चबूतरा, गार्डन, तार फेंसिंग, चबूतरा एवं दुकान आदि शामिल हैं। पूर्व पार्षद अरुण सिंह द्वारा नगर निगम प्रशासन से उल्लेखित स्थल से अतिक्रमण हटाए जाने की मांग काफी पहले ही की गई थी।पूर्व पार्षद अरुण सिंह द्वारा नगर निगम प्रशासन को अवगत कराया गया था कि लोगों के द्वारा नालियों के ऊपर बनाए गए स्थायी निर्माण की वजह से, नालियों की सफाई भी नहीं हो पाती है।
अपने मकान सीमा के आगे ज्यादा घेरे है उस पर कार्यवाही होना तए है सुनिश्चित है इसके लिए जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह महापौर अलका बाघमार एवं आयुक्त सुमित अग्रवाल ने साफ़ निर्देश दिया है सड़क सीमा पर अतिक्रमण पर कोताही बर्दस्त नहीं होगी सड़क चौड़ीकरण होंगे। कार्रवाही के दौरान बाधा डालने वालों पर कानूनी कार्रवाही की जाएगी।
अतिक्रमण अभियान के दौरान सैकड़ो की संख्या में लोग जेसीबी के आगे एवं पीछे डटे रहे तथा नगर निगम के कार्रवाई पर पैनी नजर बनाए रखी गई।नाला-नाली पर किए गए स्थायी अतिक्रमण के प्रति नगर निगम के सख्त रुख को देखकर बहुत से लोग स्वयं ही अपना अतिक्रमण हटाने लगे।
नगर निगम के द्वारा निष्पक्षता पूर्ण कार्रवाई किए जाने पर स्थानीय व्यापारियों एवं निवासियों द्वारा अतिक्रमण अभियान को अपना समर्थन दिया गया l निगम द्वारा नाला एवं नाली पर किए गए स्थायी अतिक्रमण पर सख्त रुख अपील करते हुए कहा गया है कि इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
महापौर श्रीमती अल्का बाघमार मशीन पर सवार होकर किया निरीक्षण जलकुंभी व कचड़ा क्लीन करने के दिए निर्देश
दुर्ग//शौर्यपथ /नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत आज शिवनाथ नदी इंटकवेल के पंप हाऊस में पुलगांव नाला से बहकर आने वाली जलकुंभी व झिल्ली पन्नी फंसने के कारण हमेशा पेयजल आपूर्ति बाधित होती है इसे रोकने नगर निगम द्वारा लगभग 1 करोड़ 48 लाख की लागत से पौंड क्लीनर मशीन खरीदी गई है जिसका निगम के जल गृह विभाग द्वारा आज विश्व जल दिवस के मौके पर सदुपयोग करते हुए वृहद नाला सफाई अभियान कार्य आरंभ कर दिया है जिसकी शुरुआत करने महापौर श्रीमती अल्का बाघमार स्वयं अपने एमआईसी सदस्यों के साथ शिवनाथ नदी पहुंची और पूजा अर्चना के पश्चात पौंड क्लीनर मशीन में सवार होकर नदी में जमे जलकुंभियो का निरीक्षण किया और अधिकारियों को सफाई अभियान नियमित चलाकर पुलंगाव नाला में भरे पूरे कचरे व जलकुंभी को क्लीन करने के निर्देश दिए इस दौरान जलकार्य विभाग प्रभारी श्रीमती लीना दिनेश देवांगन,लोककर्म प्रभारी देवनारायण चंद्राकर विद्युत यांत्रिकी विभाग प्रभारी ज्ञानेश्वर ताम्रकार एमआईसी सदस्य मनीष साहू,श्रीमती शशि साहू श्रीमती हर्षिका जैन कार्यपालन अभियंता दिनेश नेताम गिरीश दीवान,सहायक अभियंता मोहित मरकाम जल गृह निरीक्षक नारायण ठाकुर पूर्व पार्षद चमेली साहू,द्वारिका साहू ,संभव जैन,दीपक सिन्हा सहित निगम कर्मचारी मौजूद थे।इस अवसर पर महापौर अल्का बाघमार ने कहा कि यह शहर की जनता के लिए बड़ी उपलब्धि है पुलगांव नाला की कई वर्षो से सफाई नहीं हुई है इसमें जमे जलकुंभी व कचरे के कारण आए दिन इंटकवेल के सम्प मशीनों में कचड़ा फंस जाते है जिससे फिल्टर प्लांट तक पानी नहीं पहुंचने के कारण शहर में हमेशा गंभीर जल संकट की स्थिति निर्मित होती है और बरसात के दिनो मे तो स्थिति और भी खराब हो जाती है इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश में केवल दुर्ग में ही यह मशीन खरीदने राशि मिली थी जिसका सही सदुपयोग किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि निगम में आए दिन पानी सप्लाई बाधित होती रही है इसके स्थाई निदान के लिए दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव की बड़ी पहल पर राज्य शासन की ओर से नगर निगम को पौंड क्लीनर मशीन खरीदने लगभग 1 करोड़ 48 लाख की राशि प्राप्त हुई थी और अब मशीन के नाले में उतरने व सफाई कार्य चालू होने से निगम के जल गृह विभाग ही नही आम नागरिकों में भी राहत की उम्मीद देखी जा रही है ईस भारी भरकम पौंड क्लीनर मशीन को नदी में उतारने एक दिन पूर्व काफी मशक्कत करनी पड़ी मौके पर स्वयं जलगृह प्रभारी लीना दिनेश देवांगन व अधिकारी मौजूद रहकर अपनी निगरानी में रात्रि में ही दो क्रेन मशीन के जरिए महमरा घाट से सफाई मशीन नदी में उतारी गई ताकि आज से नाला सफाई प्रारंभ हो सके इस मशीन से पुलगांव नाला में लंबी दूरी तक सफाई की जाएगी जिससे न केवल नदी कचरे से मुक्त होंगी बल्कि दुर्ग भिलाई शहर की जीवन दायिनी शिवनाथ नदी भी प्रदूषण से सुरक्षित होंगी।
सीईओ जिला पंचायत ने ग्राम कसारी और सुकुलदैहान में निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण का किया निरीक्षण
राजनांदगांव/शौर्यपथ /मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने जनपद पंचायत डोंगरगढ़ के ग्राम कसारी एवं जनपद पंचायत राजनांदगांव के ग्राम पंचायत सुकुलदैहान में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत वित्तीय वर्ष में स्वीकृत सभी आवासों को नियत समय में पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने निर्माणाधीन आवासों को 30 मार्च 2025 तक पूर्ण कर वृहद गृह प्रवेश कराये जाने का निर्देश दिया। निर्माणाधीन आवासों के निरीक्षण के दौरान हितग्राहियों से सीधे बातचीत कर उन्हें आवास निर्माण निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर किस्त प्राप्त करने की समझाईस दी गई।
सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें वर्तमान में चल रहे आवास प्लस 2024 अंतर्गत छुटे हुए आवास हेतु जरूरत मंद परिवारों को सर्वेयर के माध्यम से सर्वे करवाकर नाम जुड़वाने की जानकारी दिया। सर्वे का कार्य दो तरीकों से अर्थात ग्राम पंचायत के सर्वेयर अथवा स्वयं से सर्वे मोबाईल एप्प के माध्यम से सर्वेक्षित होने की महत्वपूर्ण जानकारी दिया। उन्होंने ग्राम पंचायत सुकुलदैहान के दिव्यांग हितग्राही का आवास निर्माण होने पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा उन्हें मूलभूत सुविधाएं प्राप्त होने के संबंध में जानकारी ली। दिव्यांग हितग्राही को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत लाभान्वित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई दी। निरीक्षण के दौरान जिला समन्वयक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, सीईओ जनपद पंचायत, कार्यक्रम अधिकारी प्रधानमंत्री आवास योजना के इंजीनियर, कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा, नोडल अधिकारी, सरपंच, रोजगार सहायक, आवास मित्र सहित ग्रामीणजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री के सचिव पी.दयानन्द ने सभास्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का किया जायजा
सभी आवश्यक तैयारियां 25 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश
रायपुर/शौर्यपथ /प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 30 मार्च को बिलासपुर जिले के बोदरी तहसील के ग्राम मोहभठ्ठा में आयोजित कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री के सचिव पी.दयानन्द ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी आवश्यक तैयारियां 25 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के सचिव पी.दयानन्द ने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी का यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम है। बिलासपुर के साथ राज्य भर से लोग प्रधानमंत्री जी को सुनने पहुंचेंगे। सभा में शामिल होने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए लोगों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाये। दयानन्द ने सभास्थल पर मुख्य मंच, हेलीपेड, ग्रीन रूम, सांस्कृतिक मंच, हितग्राहियों एवं अतिथियों की बैठक व्यवस्था आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने सभास्थल के समीप बनाये गये पार्किंग स्थलों का भी जायजा लिया और वहां जनसुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि मोहभठ्ठा में प्रधानमंत्री की आमसभा के लिए 55 एकड़ का विशाल सभा स्थल तैयार किया जा रहा है। इसके नजदीक ही तीन हेलीपेड, 9 पार्किंग स्थल तैयार किए जा रहे हैं।
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नवा रायपुर स्थित आईपी क्लब के मिनी थिएटर में मराठा काल के स्वर्णिम इतिहास पर आधारित फिल्म "छावा" देखने पहुँचे। यह फिल्म वीर राष्ट्रनायक छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रमी पुत्र संभाजी महाराज के जीवन, संघर्ष और बलिदान पर आधारित है।
फिल्म प्रदर्शन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संभाजी महाराज ने देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। घोर यातनाओं और कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। 'छावा' फिल्म ने उनके अद्भुत जीवन और बलिदान को अत्यंत सजीव और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने "छावा" फिल्म को राज्य में टैक्स फ्री किया है ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रेरक इतिहास से अवगत हो सकें।
इस अवसर पर राज्य के वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक अनुज शर्मा, तथा सम्पत अग्रवाल भी उपस्थित थे और फिल्म के माध्यम से राष्ट्रभक्ति की इस गौरवशाली गाथा का साक्षात्कार किया।
उल्लेखनीय है कि फिल्म में मराठा-मुगल संघर्ष और भारत के इतिहास को एक नई दृष्टि से दर्शाया गया है।
रायपुर /शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के अति सुदूर गांव तिमेनार में मुख्यमंत्री मजरा-टोला विद्युतीकरण योजना के तहत आजादी के 77 वर्षों बाद पहली बार बिजली पहुंची। यह ऐतिहासिक उपलब्धि माओवादी आतंक के अंधकार को चीरकर विकास, अमन और शांति के नए सबेरे की ओर कदम बढ़ाने का प्रतीक है।
तिमेनार में अब भय की जगह उजाला और आतंक की जगह उम्मीद ने ले ली है। गांव के 53 घरों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर लिया गया है, जिससे पूरे गांव में हर्ष और उल्लास का माहौल है।
विकास की रोशनी से दूर हो रहा भय और असुरक्षा
भैरमगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत बेचापाल के आश्रित गांव तिमेनार के निवासियों ने पीढ़ियों तक बिजली की रोशनी नहीं देखी थी। अब, जब शासन-प्रशासन ने इन दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच बनाकर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना शुरू किया है, तो ग्रामीणों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सपना साकार हो रहा है।
ग्रामीणों की जुबानी – "अब डर नहीं लगता, खुशियों का उजियारा छाया है!"
गांव के निवासी मशराम, पंडरु कुंजाम, मंगली और प्रमिला वेको ने बताया कि गांव में पहली बार बिजली पहुंची है, अब रात के अंधेरे से डर नहीं लगता। जंगली जानवरों, सांप-बिच्छू के भय से भी मुक्ति मिली है। बच्चों की पढ़ाई लिखाई आसान हो गई है, और अब हम भी विकास की दौड़ में शामिल हो रहे हैं।"
ग्रामीणों का कहना है कि अब न केवल आतंक और भय का माहौल समाप्त हो रहा है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी सुधर रही है।
मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता – "हर गांव में विकास की किरण पहुंचेगी"
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार प्रदेश के हर मजरा-टोला को विद्युतीकरण से जोड़ने और नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की धारा प्रवाहित करने के लिए संकल्पबद्ध है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जहां कल तक नक्सली आतंक का साया था, वहां आज विकास की किरणें फैल रही हैं। यह परिवर्तन ही असली जीत है । तिमेनार में हुआ विद्युतीकरण बस्तर के दूरस्थ अंचलों में सुशासन और विकास के नए युग की शुरुआत का संकेत है। अब यह क्षेत्र माओवाद के डर से मुक्त होकर समृद्धि और उजाले की ओर अग्रसर हो रहा है।
गांवों में हो रहा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार
तिमेनार में विद्युतीकरण के साथ-साथ सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी हो रहा है।
तिमेनार अब सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि बस्तर के बदलाव की जीवंत मिसाल बन गया है। जहाँ कभी अंधकार और आतंक का बोलबाला था, वहीं अब बिजली की रोशनी, बच्चों की मुस्कान और विकास की रफ्तार है। यह परिवर्तन केवल एक योजना की सफलता नहीं, बल्कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, प्रशासन की सक्रियता और जनता के विश्वास का प्रतिफल है। तिमेनार में सुशासन से हो रहे बदलाव की यह यात्रा बताती है कि जब इरादे मजबूत हों और नीति जन-केंद्रित हो, तो कोई भी दुर्गमता विकास के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
