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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
ओपीडी पंजीयन क्षेत्र में मरीजों को आभा एप से रजिस्ट्रेशन में मिलेगी बड़ी राहत
रायपुर/शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नागरिकों की सुविधाओं को डिजिटल और स्मार्ट सेवाओं से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में रायगढ़ स्थित स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में ओपीडी पंजीयन काउंटर के पब्लिक एरिया (वेटिंग हॉल सहित) को फ्री वाई-फाई ज़ोन में तब्दील किया गया है। यह सुविधा राज्य के किसी भी शासकीय मेडिकल कॉलेज में पहली बार प्रारंभ की गई है। इस अभिनव पहल को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी के सतत मार्गदर्शन में, अधिष्ठाता डॉ. विनीत जैन एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम. के. मिंज के निर्देशन में क्रियान्वित किया गया है।
डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस कदम
फ्री वाई-फाई सुविधा का उद्देश्य ओपीडी में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को आभा एप के माध्यम से डिजिटल पंजीयन में आने वाली समस्याओं को दूर करना है। एम.आर.डी. विभाग के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में अब मरीज अपने मोबाइल फोन से सीधे आभा एप के माध्यम से पंजीयन टोकन प्राप्त कर सकेंगे, जिससे पर्ची कटवाने की प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और पारदर्शी हो गई है।
डॉ. एम. के. मिंज ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को यह जानकारी मिली थी कि कई मरीजों को मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण आभा एप से पंजीयन में कठिनाई हो रही थी। विशेषकर, मेडिकल कॉलेज पहाड़ी क्षेत्र में स्थित होने के कारण यह समस्या लगातार बनी हुई है। इन तकनीकी बाधाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि ओपीडी पंजीयन क्षेत्र में फ्री वाई-फाई सुविधा प्रदान की जाए। इस सुविधा से मरीज और उनके परिजन अब बिना किसी नेटवर्क बाधा के आसानी से आभा एप से पंजीयन कर सकते हैं, जिससे न केवल सुविधा में वृद्धि होगी, बल्कि समय की भी बचत होगी।
उल्लेखनीय है कि नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) द्वारा 4 जून 2024 को जारी निर्देशानुसार, सभी मेडिकल कॉलेजों को यह सुनिश्चित करना है कि ओपीडी/आईपीडी/आपातकालीन सेवाओं के लिए आने वाले मरीजों का पंजीकरण आभा आईडी के माध्यम से ही किया जाए। इस दिशा-निर्देश के अनुपालन हेतु आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा, छत्तीसगढ़ द्वारा भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि मेडिकल कॉलेज की मान्यता सुनिश्चित करने के लिए सभी मरीजों का पंजीयन आभा एप के माध्यम से ही किया जाए।
इन्हीं दिशानिर्देशों और मरीजों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में फ्री वाई-फाई सुविधा आज से औपचारिक रूप से ओपीडी क्षेत्र में प्रारंभ की गई है। यह पहल रायगढ़ मेडिकल कॉलेज को छत्तीसगढ़ में तकनीकी समावेशन वाले चिकित्सा संस्थानों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करती है और यह निश्चित रूप से डिजिटल हेल्थ मिशन की दिशा में एक सराहनीय और अनुकरणीय कदम है।
बुज़ुर्गों की आंखों में वर्षों से पल रही तीर्थ यात्रा की अभिलाषा हुई पूरी पहली विशेष ट्रेन से 780 श्रद्धालु तिरुपति, मदुरै, रामेश्वरम रवाना
विधवा और परित्यकता महिलाओं को भी अब मिल सकेगा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का लाभ
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर रेलवे स्टेशन से पहली विशेष तीर्थ यात्रा ट्रेन को तिरुपति, मदुरै और रामेश्वरम के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहली तीर्थ यात्रा ट्रेन में रायपुर और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलों के 780 श्रद्धालु बुजुर्ग सम्मिलित हुए, जिनके लिए यह यात्रा केवल धार्मिक अनुभव नहीं, बल्कि सम्मान और स्नेह का प्रतीक बन गई। प्रदेश के बुजुर्गों की वर्षों पुरानी अभिलाषा आज पूरी हो गई जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का विधिवत शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री साय ने तीर्थयात्रा पर जा रहे बुजुर्गों से आत्मीय चर्चा करते हुए कहा कि आप सभी के चेहरे पर जो खुशी है, वही मेरा संतोष है। उन्होंने कहा कि रामेश्वरम में आप लोग पवित्र रामसेतु देख सकेंगे, ज्योतिर्लिंग का दर्शन कर सकेंगे। आप लोग मदुरै तीर्थ का भी दर्शन करेंगे जहां मीनाक्षी मंदिर है। तिरुपति में बालाजी का दर्शन करेंगे। दक्षिण भारत के तीर्थ स्थलों को देखने का यह सुंदर अवसर है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री रामलला (अयोध्या दर्शन) योजना अंतर्गत अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रयागराज में 144 वर्षों उपरांत महाकुंभ का आयोजन हुआ। छत्तीसगढ़ के तीर्थयात्रियों ने भी बड़ी संख्या में कुंभ में हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ के तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए और उनकी सुविधा का ध्यान रखने के लिए हमने प्रयागराज मेला क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पवैलियन तैयार किया था। यहां लगभग साढ़े चार एकड़ में तीर्थयात्रियों के रूकने के इंतजाम थे। यह हमारा सौभाग्य है कि हम गंगा जी में स्नान करने पहुंचे प्रदेश के लाखों श्रद्धालुओं की सेवा कर सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब श्रद्धालुओं की यात्रा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना अंतर्गत निरन्तर होती रहेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए हमने 15 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। इस योजना में उज्जैन, पुरी, द्वारिका, वैष्णो देवी, मथुरा, वृंदावन जैसे अनेक तीर्थ स्थलों को जोड़ा गया है, जिनकी निःशुल्क यात्रा कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारे बुज़ुर्गों की तीर्थ यात्रा की इच्छा अक्सर आर्थिक कठिनाइयों के चलते अधूरी रह जाती थी। उन्होंने कहा कि हमें संतोष है कि हम उनकी इस इच्छा को साकार कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि योजना में विधवा और परित्यक्त महिलाओं को भी शामिल किया गया है, जिससे उन्हें भी धार्मिक स्थलों के दर्शन का गौरव प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार युवाओं, किसानों, महिलाओं और आदिवासी समुदाय सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए पूरी तरह समर्पित है और इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
यह केवल यात्रा नहीं, संस्कृति और श्रद्धा का संगम है – मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना केवल तीर्थ यात्रा नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक आस्था का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उन श्रद्धालुओं को यह अवसर प्राप्त होगा, जो अब तक आर्थिक सीमाओं के कारण तीर्थ यात्रा से वंचित रहे हैं। सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए पूर्ण सुविधायुक्त पैकेज तैयार किया है जिसमें ट्रेन यात्रा, यात्रियों के ठहरने, भोजन, मंदिर दर्शन, सुरक्षा और चिकित्सा जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ शामिल हैं। स्पेशल ट्रेन में टूर एस्कॉर्ट, पुलिस बल और चिकित्सकों की टीम भी उनके साथ यात्रा कर रही है ताकि श्रद्धालुओं को हर क्षण सुरक्षा और सुविधा का अहसास हो। योजना के तहत देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिनमें उज्जैन, ओंकारेश्वर, पुरी, हरिद्वार, काशी, शिरडी, वैष्णोदेवी, अमृतसर, द्वारका, बोधगया, कामाख्या मंदिर, सबरीमाला जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल सम्मिलित हैं।
समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में 4 दिसंबर 2012 को की गई थी। 15 जनवरी 2013 से 10 जून 2019 के मध्य इस योजना के अंतर्गत कुल 272 तीर्थ यात्राओं के माध्यम से 2,46,983 श्रद्धालुओं को लाभान्वित किया गया था। पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान यह योजना 5 साल तक संचालन में नहीं थी। डॉ. रमन सिंह की सरकार के दौरान संचालित इस योजना को, जिसे उसके बाद आने वाली सरकार ने बंद कर दिया था, अब पुनः प्रारंभ कर वर्तमान सरकार ने छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों की श्रद्धा, आस्था और वर्षों से संजोए गए तीर्थ यात्रा के सपने को पूर्ण करने के लिए एक बार फिर पहल की है।
इस अवसर पर विधायकगण पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू,अनुज शर्मा, समाज कल्याण आयुक्त भुवनेश यादव, संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, रायपुर डीआरएम दयानंद, समाज कल्याण और रेलवे विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित रहे।
जिले के 120 जोड़े मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से हुए लाभान्वित
नारायणपुर/शौर्यपथ /राज्य शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य के गरीब माता-पिता भी अपने कन्याओं की धूमधाम से गाजे-बाजे के साथ विवाह संपन्न कराते हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के 120 जोड़े हितग्राहियों को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से लाभान्वित किया गया है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 27 मार्च गुरूवार को इंडोर स्टेडियम माहका में मुख्य अतिथि वन एवं जलवायु परिवर्तन, जलसंसाधन, कौशल, विकास एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप के उपस्थिति में संपन्न कराई गई।
उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवदम्पतियों को शुभकामनाएं देते हुए सुखमय जीवन की बधाई देते हुए कहा कि यह समाजिक व्यवस्था के अनुरूप जीवन का एक समाजिक व्यवस्था के साथ विवाह संपन्न करई जाती है। उन्होंने दहेज प्रथा का प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे वंनाचल में यह व्यवस्था नहीं होने के कारण आसानी के साथ शादी संपन्न कराई जाती है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप गरीब परिवारों के बेटे बेटियों का सुखमय जीवन व्यतित करने के लिए सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना प्रारंभ किया गया है। प्रदेश के लाखों बेटे बेटियों को इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नवदम्पतियों को बधाई संदेश को देते हुए सुखमय जीवन जीने की शुभकामनाएं दी।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा प्रदेश के गरीब परिवारों के कन्याओं के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना लागू की गई है। कन्या के विवाह के संदर्भ में होने वाली आर्थिक कठिनाइयों का निवारण, विवाह के अवसर पर होने वाली फिजूल खर्ची को रोकना एवं सादगी पूर्ण विवाह को बढ़ावा देना, सामूहिक विवाह के आयोजन के माध्यम से गरीबों के मनोबल एवं आत्मसम्मान बढ़ाना, सामाजिक स्थिति में सुधार एवं सामूहिक विवाह को प्रोत्साहन करना, दहेज के लेनदेन को रोकथाम करना इसका मुख्य उद्देश्य है। इस योजना के तहत् गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले अथवा मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना अंतर्गत राशन कार्डधारी परिवार के सदस्य तथा एक परिवार की दो कन्याओं को लाभान्वित किया जाता है।
राज्य सरकार द्वारा पात्रता रखने वाली कन्याओं को इस योजना के अंतर्गत 50 हजार रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें 15 हजार रूपये की सामग्री तथा कन्याओं को 35 हजार रूपये की राशि बैंक ड्राफ्ट या खाते के माध्यम से दी जाती है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा इस योजना के तहत् प्रदेश के गरीब परिवार के कन्याओं की विवाह कराने में आर्थिक मदद दी जाती है, इसके लिए वर-वधु के माता-पिताओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किए हैं।
कार्यक्रम को जिला पंचायत के अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगरपलिका अध्यक्ष इन्द्रप्रसाद बघेल और कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने भी नवदम्पतियों को बधाई देते हुए संबोधित किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मण्डावी, जनपद पंचायत अध्यक्ष पिंकी उसेण्डी, जनपद पंचायत ओरछा के अध्यक्ष नरेश कोर्राम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष ओरछा मंगडूराम नूरेटी, सर्वआदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, गौतम एस गोलछा, बृजमोहन देवांगन जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर बिरेन्द्र बहादुर पंचभाई और एसडीएम अभयजीत मण्डावी सहित पार्षदगण उपस्थित थे।
महासमुंद/शौर्यपथ /समग्र शिक्षा अंतर्गत वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2024-25 में 16 से 19 आयु वर्ग के शाला से बाहर बच्चों को ओपन स्कूल के माध्यम से हाई एवं हायर सेकेण्डरी की परीक्षा के लिए वित्तीय सहयोग का प्रावधान किया गया है, जिसकी स्वीकृति कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक श्री विनय कुमार लंगेह ने प्रदान की है। वर्ष 2024-25 में कक्षा 10वीं के 210 एवं 12वीं के 215 छात्र-छात्राओं जिन्होने राज्य ओपन स्कूल परीक्षा में सम्मिलित होकर प्रथम प्रयास में ही सफलता प्राप्त किए है। इन 425 बच्चों को वित्तीय समर्थन प्रदान करने के लिए छः लाख सैंतीस हजार पांच सौ रुपए की राशि प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति जिले को प्राप्त हुई है। उक्त राशि को संबंधित छात्र-छात्राओं के बैंक खाता में सीधे हस्तांतरण किया गया। इस योजना के तहत राज्य ओपन स्कूल परीक्षा में सम्मिलित होकर प्रथम प्रयास में ही सफलता प्राप्त करने वाले बालिकाएं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के बालक, दिव्यांग एवं ट्रांसजेंडर छात्र-छात्राओं को वित्तीय समर्थन प्रदान किया जाता है।
कलेक्टर भोसकर ने विद्यार्थियों से मिलकर उज्ज्वल भविष्य की दीं शुभकामनाएं
अम्बिकापुर /शौर्यपथ /कलेक्टर विलास भोसकर के मार्गदर्शन में नीट 2025 की तैयारी हेतु निःशुल्क कोचिंग की शुरुआत गुरुवार को हुई। इस कक्षा में 12वीं जीव विज्ञान संकाय की परीक्षा 2025 में शामिल विद्यार्थी एवं 2024 में कक्षा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी भी शामिल हो रहे हैं। कोचिंग की शुरुआत के दिन कलेक्टर भोसकर ने स्वयं कक्षा में पहुंचकर विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कक्षाओं का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों से परीक्षा की तैयारी के संबंध में आवश्यक चर्चा की। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को अच्छा प्रदर्शन कर से सफल होने हेतु शुभकामनाएं दीं। कलेक्टर श्री भोसकर ने जिला शिक्षा अधिकारी से विद्यार्थियों हेतु हॉस्टल में सुविधाओं के सम्बन्ध में जानकारी ली। उन्होंने अच्छी सुविधा, भोजन एवं वातावरण प्रदान करने हेतु निर्देश देते हुए कहा कि जो विद्यार्थी कक्षा के उपरांत शंका समाधान क्लास के बाद परिसर में अध्ययन करना चाहे उसे परिसर उपलब्ध कराया जाए एवं लाईब्रेरी की भी पूर्ण सुविधा मिले यह सुनिश्चित करें।
बता दें नीट 2025 की परीक्षा 04 मई को आयोजित है। यह कोचिंग 27 मार्च से प्रारम्भ होकर 03 मई तक संचालित होगी। जिला खनिज न्यास सरगुजा के सहयोग से कलेक्टर श्री विलास भोसकर ने नीट परीक्षा की तैयारी हेतु 150 सीट की स्वीकृति दी है जिसमें विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क आवासीय सुविधा, भोजन व्यवस्था, कोचिंग कक्षाएं, लाईब्रेरी एवं साप्ताहिक टेस्ट परीक्षा शामिल हैं। कलेक्टर श्री भोसकर द्वारा 150 सीट के अंदर दूसरे जिले के मेधावी विद्यार्थियों को भी अवसर देने निर्देशित किया गया है। कोचिंग कक्षा में छ.ग. बोर्ड, सी.बी.एस.ई. बोर्ड एवं आई.सी.एस.ई. बोर्ड के विद्यार्थी भी शामिल हो रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की व्यवस्था शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्बिकापुर परिसर एवं शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्बिकापुर के सामने के छात्रावास में की गई है।
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जशपुर जिले के विकासखंड-कांसाबेल की व्यपवर्तन योजना के लिए 16 करोड़ 58 लाख 48 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना से करीब 968 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से परियोजना के कार्यों को कराने के लिए मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
रायपुर/शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने गुरु खुशवंत को आज उनके जन्मदिन के अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने गुरु खुशवंत साहेब के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर गुरु बालदास साहेब भी उपस्थित रहे।
रिसाली/शौर्यपथ /नगर पालिक निगम के नागरिक अब घर बैठे टैक्स जमा कर सकते है। आयुक्त मोनिका वर्मा ने लिंक का प्रचार-प्रसार करते नागरिकों से अधिभार और पेनाल्टी से बचने की अपील की है। उन्होंने कर वसूली विभाग को निर्देश दिए है कि बकायादारों पर सख्ती बरता जाए।
आयुक्त मोनिका वर्मा ने नागरिकों से कहा है कि इस वित्तीय वर्ष का टैक्स 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से जमा करे। निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं करने पर कुल कर राशि में 18 प्रतिशत अधिभार जमा करना होगा। साथ ही 1000 पेनाल्टी अलग से देना होगा। आयुक्त ने घर बैठे टैक्स जमा करने की सुविधा के बारे में बताया कि डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डाॅट सीजी सूडा डाॅट काॅम में जाते ही नगर पालिक निगम रिसाली का साइड खुलेगा। इसकी मदद से करदाता को कार्यालय न आकर वे टैक्स आॅनलाइन जमा कर सकते है। नागरिकों को सुविधा देने रिसाली के सभी पार्षदों को लिंक उपलब्ध कराया गया है।
दो के खिलाफ कुर्की नोटिस
रिसाली निगम ने दो ऐसे बकायादारों के खिलाफ कुर्की नोटिस जारी किया है जो लंबे समय से कर जमा नहीं कर रहे है। इसमें बिल्डर नवीन सिंह और मैरिज पैलेस द मार्क शामिल है। सम्पत्तिकर विभाग के राजस्व निरीक्षक रवि श्रीवास्तव ने बताया कि 31 मार्च तक कर जमा नहीं करने कुर्की की कार्यवाही की जाएगी।
अवकाश के दिन खुला रहेगा काऊंटर
राजस्व निरीक्षक रवि श्रीवास्तव ने बताया कि रिसाली निगम का काऊंटर 31 मार्च तक नियमित रूप से खुला रहेगा। अवकाश के दिन भी नागरिक कार्यालय पहुंचकर टैक्स की राशि जमा कर सकते है।
रायपुर/शौर्यपथ /छत्तीसगढ़ी बेहद समृद्ध भाषा है। साहित्य की हरेक विधाओं पर इसमें लेखन -प्रकाशन कार्य में तेजी आई है, किन्तु वर्तमान में पुस्तक कम गुगल पठन का बढ़ता चलन चिंतनीय है।उक्त विचार पद्मश्री डॉ सुरेंद्र दुबे ने प्रेस क्लब के सभागार में व्यक्त किए।अवसर था रामेश्वर वैष्णव के व्यंग्य संग्रहों 'उत्ता धुर्रा - उबुक चुबुक' विमोचन का। आगे उन्होंने कहा
रामेश्वर वैष्णव जैसे श्रेष्ठ व्यंग्यकार के लेखन का मूल्यांकन होना अभी शेष है। वे उम्दा सृजन -प्रदर्शन करने में माहिर हैं। ।
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ सुधीर शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ी गीत - ग़ज़ल और हास्य -व्यंग लेखन को राष्ट्रीय क्षितिज पर स्थापित करने में श्री वैष्णव का योगदान शरद जोशी की भांति है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ देवधर महंत ने "ऊत्ता -धूर्रा और उबुक चुबुक" पर समीक्षात्मक टिप्पणी दी। उन्होंने कहा काव्य रचनाओं की तुलना में कम होते व्यंग्य लेखन को पाटने की सफल कोशिश की है।
मंचासीन सह अध्यक्ष ए. एन.बंजारा ने कहा कि शिक्षा जगत में छत्तीसगढ़ी पाठ्यक्रम के लिए रास्ता खुला है।इसी क्रम में डॉ वैभव बेमेतरिहा ने छत्तीसगढ़ी में पठ़न पाठन करने बल दिया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रामेश्वर शर्मा, राजेश्वर खरे ने हिंदी के समक्ष छत्तीसगढ़ी की उपेक्षा को रेखांकित किया। कार्यक्रम का रोचक संचालन वरिष्ठ साहित्यकार विजय मिश्रा 'अमित' ने तथा आभार प्रदर्शन संजय कबीर शर्मा ने किया।
कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति डॉ रामेंद्र मिश्र,मीर अली मीर, श्याम बैस, डॉ महेश परिमल, डॉ महेंद्र ठाकुर, राजीव नयन शर्मा, राजकुमार धर द्विवेदी, उमाकांत मनमौजी, जागेश्वर ठाकुर जयंती वैष्णव।
मेयर द्वारा स्वास्थ्य विभाग की बैठक में सख्त निर्देश,शहर के प्रत्येक वार्ड से 100% कलेक्शन हो कचरा,प्लाट में कचरा फेकने वालो पर लगाए फाइन
दुर्ग/शौर्यपथ /नगर पालिक निगम के मेयर श्रीमती अलका बाघमार ने स्वास्थ्य प्रभारी नीलेश अग्रवाल के साथ बैठक में लगातार नए-नए फैसले लेकर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए मुहिम चला रहे हैं।मेयर ने कहा शहर की बेहतर सफाई के साथ कचरों का प्रंबधन से संग्रहण करना सफाई कर्मियों के कार्य मे शामिल है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग प्रभारी नीलेश अग्रवाल,स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा,प्रताप सोनी,सुरेश भारती,पीआईयू कुणाल,राहुल,रामलाल भट्ट सहित अन्य कर्मचारियो,सुपर वाइजर मौजूद रहें।महापौर द्वारा आज बैठक में निर्देश कहा प्रत्येक वार्डो में सफाई सुपर वाइजर द्वारा 100% टोटल कलेक्शन कराया जाए, उन्होंने कहा कि सभी सुपर वाइजर साथ मे रिक्शे सेंटर में कचरा खाली करने पहुंचे।उन्होंने ये भी कहा कि प्रत्येक वार्ड में एक ही सुपरवाइजर कार्य करेंगे।प्राइवेट प्लेटो में लोगो के द्वारा कचरा फेका जा रहा है उन पर जुर्माना की कार्रवाही की जाए यह जिम्मेदारी वार्ड के सुपर वाइजर की रहेंगी। बैठक में उन्होंने कुशल कचरा प्रबंधन के विषय पर बताया कि स्वच्छ भारत अभियान भारत को पूर्णतया स्वच्छ बनाने के लिए एक मुहिम है। उन्होनें स्वच्छता के महत्व का समझाया। उन्होनें सफाई कर्मचारियों की भूमिका एवं जिम्मेदारियों की बात बतायी।बैठक में कुशल कचरा प्रबंधन के विषय पर बताया कि स्वच्छ भारत अभियान भारत को पूर्णतया स्वच्छ बनाने के लिए एक मुहिम है।
स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि घर-घर कचरा में प्रमुख अपशिष्ट प्लास्टिक वेस्टा, किचन तथा गार्डन से निकलने वाले वेस्ट, कांच एवं पत्थर आदि, कागज एवं गत्ता, वृक्षों के सूखे पत्ते, गीला और सूखा कचरा के साथ ही कचरा संग्रहण और प्रबंधन कार्य एवं कम्पोस्ट खाद बनाना एवं गोबर खाद तैयार करने जैसे अनेक कार्य शामिल है।
मेयर ने कहा पब्लिक फीडबैक पर हमें अत्यधिक ध्यान देने की आवश्यकता है इसके साथ ही शहर में स्वच्छता हेतु निगम की गाड़ी चल रही निगम की गाड़ियों में पब्लिक फीडबैक मिलना आवश्यक है।स्वच्छता 24/25 सर्वे में शहर को प्रथम लाने हेतु आप सभी की मेहनत की आवश्यकता है।
मेयर ने कहा कि नगर निगम के राजस्व अमले एवं जिनके कार्य अभी नगर निगम में सुचारू रूप से चल रहे हैं, उनको छोड़कर नगर निगम के सम्पूर्ण अमले को तत्काल स्वच्छता के संबंध मं फील्ड में कार्य पर लगने आवष्यक रूप से निर्देश दिए।
स्वास्थ्य प्रभारी नीलेश अग्रवाल ने कहा कि वार्डों मे सभी स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है।वार्डो के भीतरी एवं मुख्य मार्गो की सफाई में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, वार्डों में स्थित बाजारों और तालाबों में में स्वच्छता अवश्य रखें।
रायपुर /शौर्यपथ /मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। बैठक में कर्नाटक और छत्तीसगढ़ के बीच औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। FKCCI ने कर्नाटक सरकार की नई औद्योगिक नीति 2025-30 के तहत निवेश और कारोबारी सुगमता को लेकर अपने विचार साझा किए।
बंगलुरु। शौर्यपथ। छत्तीसगढ़ में हरित ईंधन के क्षेत्र में निवेश को लेकर उद्योग जगत की दिलचस्पी बढ़ रही है। बेंगलुरु में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से GPRS Arya Pvt. Ltd. के दीपक अग्रवाल ने मुलाकात कर बताया कि उनकी कंपनी राज्य में पराली से Compressed Bio-Gas (CBG) बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में CBG प्लांट लगाने की योजना है, जिससे किसानों को फसल अवशेषों से अतिरिक्त आमदनी मिलेगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
कंपनी ने हाल ही में बेमेतरा जिले में इंडियन ऑयल के साथ मिलकर एक CBG प्लांट स्थापित किया है, जो अब पूरी तरह से कार्य करने की दिशा में है। दीपक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस परियोजना के सफल होने के बाद वे छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी इसी मॉडल को अपनाना चाहते हैं। इस पहल से जैविक ईंधन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की भागीदारी मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकार हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के तहत जैविक ईंधन और पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस बैठक में उद्योग जगत के अन्य प्रतिनिधियों ने भी छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर उत्सुकता जताई।
स्रोत - जनसम्पर्क विभाग
*छत्तीसगढ़ सरकार ने नैसकॉम, आईईएसए एवं टाई बैंगलोर के साथ एमओयू पर किया साइन*
*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में उद्योगपतियों और निवेशकों से किया संवाद*
बेंगलुरू / शौर्यपथ / देश की सिलिकॉन वैली के रूप में प्रसिद्ध बेंगलुरु की कई बड़ी टेक कंपनियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर रूचि दिखाई है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बेंगलुरु में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट मीट में देश के शीर्ष उद्योगपतियों और बिजनेस लीडर्स से संवाद कर राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। इस दौरान इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी/आईटीईएस, खाद्य प्रसंस्करण और ग्रीन फ्यूल जैसे क्षेत्रों के कई बड़ी कम्पनियों ने 3700 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सौंपें हैं।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नैसकॉम, इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (IESA) और द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (TiE) बैंगलोर के साथ महत्वपूर्ण एमओयू भी साइन किया है।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश और उद्योगों के लिए देश के सबसे उभरते हुए राज्यों में से एक है। देश के सबसे समृद्ध खनिज संसाधन, सेंट्रल इंडिया की शानदार लोकेशन और कनेक्टिविटी के लाभ के साथ ही छत्तीसगढ़ में भरपूर बिजली-पानी, मानव संसाधन जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा डिजिटल टेक्नोलॉजी से छत्तीसगढ़ सुशासन का मॉडल स्टेट बन रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने अब निवेश के लिए कागजी झंझट खत्म कर दिया गया है। बस एक क्लिक में एनओसी मिलेगी और फैसला भी डिजिटल तरीके से होगा। नई औद्योगिक नीति से निवेश प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया गया है।
उन्होंने बताया नई उद्योग नीति में निवेश एवं रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए 1 हजार करोड़ रुपए अथवा एक हजार लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को बी-स्पोक नीति का अवसर प्रदान किया गया है। इस नीति में 30 से 50 प्रतिशत तक एवं 200 से 450 करोड़ रुपए तक स्थायी पूंजी निवेश की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। 5 से 12 वर्ष तक नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, रोजगार एवं ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा प्रशिक्षण व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए आकर्षक प्रावधान किये गये हैं।
उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में हमने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटिंग, ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए आकर्षक प्रावधान रखे गये हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रानिक्स, फार्मा, टैक्सटाइल, फूड एंड एग्रो प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी विशेष रियायत दी गई है। हम नवा रायपुर में फार्मास्यूटिकल पार्क भी स्थापित कर रहे हैं जो सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा फार्मास्यूटिकल पार्क होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि रायपुर को हम मध्य भारत के सबसे बड़े आईटी हब के रूप में विकसित कर रहे हैं। यहाँ 1.6 बिलियन डालर का निवेश किया गया है जिससे यहां की अधोसंरचना देश के सबसे शानदार शहरों जैसी है। नवा रायपुर ग्रीनफील्ड शहर भी हैं जिससे आईटी इंडस्ट्री के विकास के लिए यहां भरपूर संभावनाएं हैं।
इस मीट में उद्योग विभाग के मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुश्री ऋतु सैन, सचिव एस भारतीदासन, उद्योग और वाणिज्य विभाग के सचिव सौरभ कुमार, संचालक श्री प्रभात मलिक और सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री विश्वेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
*बस्तर में निवेशकों के लिए अपार संभावनाएं*
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर और सरगुजा को हमने सर्वाधिक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन क्षेत्र के रूप में रखा है। यहां कोर सेक्टर प्रोत्साहन, आयरन और कोल रायल्टी में 50 से 100 प्रतिशत तक छूट है। सेस की प्रतिपूर्ति 150 प्रतिशत तक किये जाने का प्रावधान है। बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास ग्राम नियानार में हम 118 एकड़ में नये औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना करने जा रहे हैं इससे यहां बड़े पैमाने पर लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों को स्थापना के अवसर मिलेंगे।
*देश की अग्रणी कंपनियां करेंगी छत्तीसगढ़ में निवेश*
सम्मेलन में बीईएमएल, क्लेन पैक्स, कीन्स टेक्नोलॉजी, नैसकॉम, गोकुलदास एक्सपोर्ट्स, ब्रिटानिया, टाई बैंगलोर और कर्नाटक चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसी प्रमुख कंपनियों व औद्योगिक समूहों ने भाग लिया। इन कंपनियों ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, अनुकूल नीतिगत वातावरण और मजबूत आधारभूत ढांचे की सराहना की।
*छत्तीसगढ़ को मिले निवेश प्रस्तावों की झलक*
- GPSR आर्या प्राइवेट लिमिटेड (CBG ग्रीन फ्यूल सेक्टर) – ₹1350 करोड़ का निवेश कर यह कंपनी बायोगैस और हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगी, जिससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा क्रांति आएगी।
- क्लेन पैक्स (टेक्सटाइल सेक्टर) – ₹500 करोड़ के निवेश से यह कंपनी कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ाएगी।
- ब्रिटानिया (फूड प्रोसेसिंग सेक्टर) – ₹200 करोड़ का निवेश कर यह कंपनी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूत करेगी, जिससे स्थानीय किसानों और छोटे उद्यमियों को लाभ होगा।
- कीन्स टेक्नोलॉजी (आईटी/आईटीईएस सेक्टर) – ₹1000 करोड़ के निवेश से छत्तीसगढ़ के आईटी सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोज़गार मिलेगा।
- गोकुलदास एक्सपोर्ट्स और SRV निट टेक प्राइवेट लिमिटेड – दोनों कंपनियां ₹200 करोड़ का निवेश कर टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूती देंगी, जिससे राज्य के कपड़ा उद्योग को नई पहचान मिलेगी।
- BEML (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) ने छत्तीसगढ़ में 200 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। यह निवेश राज्य में इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र को मजबूती देगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- पुनीत क्रिएशन, श्याम टेक्सटाइल एवं वूल रिसर्च एसोसिशन ने भी छत्तीसगढ़ में रूचि दिखाते हुए निवेश प्रस्ताव सौंपे हैं।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
