August 12, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    सुचारू और व्यवस्थित यातायात हेतु ई - रिक्शा एवं ऑटो की मॉनिटरिंग, रेगुलेशन और नियंत्रण के उपायों पर विचार - विमर्श
    रायपुर/शौर्यपथ /ई - रिक्शा एवं ऑटो के कारण उत्पन्न यातायात समस्याओं एवं उनके समाधान से जुड़े विषयों पर परिवहन सचिव सह आयुक्त श्री एस.प्रकाश की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में संभाग मुख्यालय रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अम्बिकापुर तथा जगदलपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर भी उपस्थित थे।
       ई - रिक्शा एवं ऑटो की संख्या में निरंतर वृद्धि को देखते हुए सुगम और व्यवस्थित यातायात सुनिश्चित करने के उपायों पर बैठक में विचार - विमर्श किया गया। बैठक में बताया गया कि जिलेवार परिवहन कार्यालय में पंजीकृत ई-रिक्शा (गुड्स एवं पैसेंजर) की संख्या क्रमशः रायपुर 13374, बिलासपुर 4493, दुर्ग 4038, अंबिकापुर 1311, जगदलपुर 41, इसी प्रकार पंजीकृत ऑटो (गुड्स एवं पेसेंजर) की संख्या क्रमशः रायपुर 20306, बिलासपुर 14867, दुर्ग 9602, अम्बिकापुर 4429, जगदलपुर 3431 है, इस संख्या में निरन्तर वृद्धि हो रही है। बिना मॉनिटरिंग एवं रेगुलेशन के इन पर नियंत्रण की समस्या पर चर्चा की गई।
     जिला प्रशासन रायपुर ने जोनवार योजना बनाई
     बैठक में रायपुर जिला प्रशासन द्वारा ई-रिक्शा एवं ऑटो के सुगम व्यवस्थित परिचालन हेतु निर्मित जोनवार योजना के बारे में भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। रायपुर जिला प्रशासन के द्वारा रायपुर शहर को मुख्य रूप से 05 जोनों में विभक्त कर योजना बनाई गई है।
     ई-रिक्शा हेतु केन्द्र एवं राज्यों में प्रचलित अधिनियम एवं नियमों पर चर्चा
     बैठक में ई-रिक्शा हेतु केन्द्र एवं राज्यों में प्रचलित अधिनियम एवं नियमों पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त राज्य शासन एवं जिला प्रशासन को प्राप्त शक्तियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। उपस्थित जिलों के अधिकारियों से क्रमशः उनके जिलों में ई-रिक्शा एवं ऑटो के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली गई।
     समस्या के समाधान के लिए मांगे गए सुझाव
     बैठक में ई-रिक्शा एवं ऑटो पंजीयन में निरन्तर वृद्धि एवं समस्या के समाधान हेतु किसी भी प्रकार के प्रस्ताव, सुझाव जिला सड़क सुरक्षा समिति अथवा जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सड़क सुरक्षा समिति अथवा परिवहन विभाग के पास प्रेषित् करने हेतु कहा गया।

       रायपुर /शौर्यपथ /केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा  देवी से छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने नई दिल्ली में  सौजन्य मुलाकात की।
       मुलाकात के दौरान केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि  डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास के कार्यक्रमों के लिए किसी भी प्रकार की कमी नहीं होगी। इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े से उन्होंने छत्तीसगढ़ में महिलाओं के और बच्चों के लिए संचालित किए जा रहें कार्यक्रमों के क्रियान्वयन, भविष्य की योजनाओं और रणनीतियों पर सार्थक चर्चा भी की। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वय से महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण एवं पोषण अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
       श्रीमती राजवाड़े ने केंद्रीय मंत्री को छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही महतारी वंदन योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन एवं कुशल नेतृत्व में प्रदेश के समग्र विकास हेतु लगातार कार्य हो रहे हैं। जिससे राज्य हर क्षेत्र में प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

    आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए होगा मामलों का निपटारा
    रायपुर/शौर्यपथ / आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए मामलों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के तत्वावधान में शनिवार 8 मार्च 2025 को देशव्यापी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) बिलासपुर द्वारा प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों एवं व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित किए जाएंगे। यह कैलेण्डर वर्ष 2025 की पहली नेशनल लोक अदालत होगी।
    लोक अदालत के दिन जिला न्यायालय एवं तालुका न्यायालय (व्यवहार न्यायालय) में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, 138 एनआई एक्ट, के अंतर्गत चेक बाउंस का प्रकरण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता तथा मेट्रोमोनियल डिस्प्युट के अलावा जल कर, संपत्ति कर, राजस्व संबंधी प्रकरण ट्रैफिक चालान, भाड़ा नियंत्रण आबकारी से संबंधित प्रकरण एवं बैंक विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व न्यायालय खंडपीठ में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य बटवारे का निराकरण किया जाएगा। न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है।
    नेशनल लोक अदालत के लिए खण्डपीठों का गठन कर विभिन्न प्रकरणों तथा प्री.लिटिगेशन का निराकरण किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों धारा. 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों, बैंक रिकवरी प्रकरण, सिविल प्रकरण, निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामलों तथा पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किया जाता हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व, बैंक, विद्युत विभाग दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री.लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जाएंगे। जो विधिवत पंजीयन उपरांत संबंधित पक्षकारों के प्रकरण लोक अदालत खण्ड पीठ में निराकृत किए जाएंगे। इस तरह पक्षकार अपने न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते हैं। इसके अलावा लोक अदालत में दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण, याददाश्त के आधार पर बंटवारा, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, कब्जे के आधार पर बंटवारा, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) के अंतर्गत कार्यवाही के मामले, रेन्ट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जावेगा।

    दुर्ग। शौर्यपथ। दुर्ग नगर पालिक निगम में महापौर शपथ ग्रहण के बाद आज 7 मार्च को सभापति का चुनाव होना निश्चित था सभापति का चुनाव में औपचारिक मात्र शेष था. सभापति का पद पूर्ण बहुमत के कारण भारतीय जनता पार्टी के खाते में जाना निश्चित है ऐसे में कौन बनेगा दुर्ग नगर निगम का सभापति? इस बात की चर्चा पिछले तीन दिनों तक चलती रही और आखिरकार जिस नाम की चर्चा आरंभ में प्रमुखता से ली जा रही थी उसी नाम पर भारतीय जनता पार्टी संगठन की मोहर लग गई वार्ड नंबर 30 से पार्षद श्याम शर्मा दुर्ग नगर निगम के नए सभापति होंगे 2:00 बजे मतदान के बाद परिणाम की घोषणा होगी. किंतु नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी के 40 पार्षद होने के कारण यह चुनाव औपचारिकता मात्र ही शेष है भारतीय जनता पार्टी से श्याम शर्मा तो कांग्रेस की तरफ से भास्कर कुंडले चुनावी मैदान में अपना-अपना नामांकन भर चुके हैं पार्षदों की संख्या के मद्दे नजर यह निश्चित हो गया है कि दुर्ग नगर निगम में सभापति के रूप में आने वाले 5 साल तक श्याम शर्मा की भूमिका रहेगी.

        बता दें कि 20 साल बाद भारतीय जनता पार्टी के पार्षद पूर्ण बहुमत के साथ नगर पालिका निगम दुर्ग में चुनाव जीत कर आए हैं ऐसे में अब वार्ड से लेकर लोकसभा तक भाजपा का शासन है और अब आम जनता भाजपा शासन के स्वर्णिम की ओर निहार रही है ऐसे में बदल दुर्ग नगर निगम की स्थिति को सुधारने नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका वाघमार एवं सभापति श्याम शर्मा द्वारा किए गए सकारात्मक कार्यों का इंतजार शहर की जनता को है

    दुर्ग। शौर्यपथ। दुर्ग नगर पालिक निगम के शहरी सरकार के लिए सभापति का चुनाव आज दोपहर बाद होने वाला है शहरी सरकार में सभापति कौन होगा बस इस बात का सभी को इंतजार है भारतीय जनता पार्टी के पूर्ण बहुमत में आने के बाद यह तो निश्चित हो गया कि सभापति का पद भी भारतीय जनता पार्टी के खाते में जाएगा परंतु शहरी सरकार में इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का दायित्व किस पार्षद को मिलेगा इस पर राजनीतिक उठा पटक और नाम की चर्चा लगातार जारी है प्रमुखता से जिनका नाम सामने आ रहा है वह धीरे-धीरे रेस से बाहर होते भी नजर आ रहे हैं चुनाव परिणाम के बाद सर्वप्रथम श्याम शर्मा और साजन जोसेफ के नाम की चर्चा थी परंतु वक्त गुजरते गुजरते सभापति के नाम की चर्चाएं बदलती रही.

       कुछ दिनों तक आशीष चंद्राकर मनीष साहू और काशीराम कोसरे का नाम प्रमुखता से लिया जाता रहा अब जब आज सभापति का चुनाव होने जा रहा है ऐसे में एक बार फिर नए नाम की चर्चा प्रमुखता से ली जा रही है वर्तमान समय में नरेंद्र बंजारे नीलेश अग्रवाल के नाम की चर्चा प्रमुखता से हो रही है वहीं भारतीय जनता पार्टी की जो नीति रही है उससे यह अंदाजा लगाना काफी मुश्किल हो जाता है कि भारतीय जनता पार्टी किस पार्षद को सभापति के नाम के लिए अंतिम मुहर लगाती है.

       आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने का गौरव भारतीय जनता पार्टी के पास है भारतीय जनता पार्टी परिवारवाद और मठाधीश की राजनीति से काफी परे हैं जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को मौका देने का जो रिस्क भाजपा संगठन उठाती है वही आज उनके सफलता का राज है विगत वर्ष में हुए विधानसभा लोकसभा चुनाव में जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी ने नए चेहरों के साथ दाव खेला और सफल हुए वहीं जिम्मेदार पदों पर भी नए चेहरों को लाकर अगली पीढ़ी के लिए संगठन को मजबूती प्रदान की.  ऐसे में इन सब नाम के बीच किसी नए नाम की घोषणा हो तो कोई बड़ी बात नहीं शहरी सरकार और भाजपा संगठन कि पार्षद के नाम पर मोहर लगती है यह तो तय हो चुका होगा बस वह किसका नाम है इसकी घोषणा चंद घंटे में हो जाएगी और औपचारिक मात्र ही शेष है. मतदान के बाद दुर्ग निगम की शहरी सरकार को नए सभापति मिल जाएगा...

    दुर्ग। शौर्यपथ। नगर निगम की शहरी सरकार आखिरकार एक्शन में आ ही गई नगर निगम में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए निगम प्रशासन द्वारा बाजार विभाग और जनसंपर्क विभाग…

    मार्च माह तक सभी किसानों का पहचान पत्र बनाने के दिए निर्देश
      मुंगेली/शौर्यपथ /कलेक्टर  राहुल देव और पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने पथरिया विकासखंड के ग्राम सिलतरा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत भवन में एग्रीस्टेक परियोजना के तहत किसानों के कृषि भूमि पहचान पत्र निर्माण प्रक्रिया का जायजा लिया और मार्च माह तक सभी किसानों का कृषि भूमि पहचान पत्र बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि मार्च माह तक शत-प्रतिशत किसानों के भूमि पहचान पत्र बनाए जाएं, जिससे वे सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य देशभर में कृषि भू-स्वामियों का एक एकीकृत पंजीकरण तैयार करना है, जिससे कृषि अनुदान, फसल बीमा और अन्य योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
         गौरतलब है कि ग्राम पंचायत सिलतरा के कुल 589 किसानों में से 202 किसानों के भूमि पहचान पत्र बनाए जा चुके हैं। कलेक्टर ने शेष किसानों को जल्द से जल्द पंजीयन कराने की अपील की और बताया कि किसान बी1 (भू-अधिकार पत्र), खसरा, ऋण पुस्तिका, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के साथ कॉमन सर्विस सेंटर या पटवारी के माध्यम से पंजीयन करा सकते हैं।
    खेल मैदान समतलीकरण एवं बुनियादी समस्याओं पर त्वरित निर्देश
        ग्रामीणों ने कलेक्टर से खेल मैदान समतलीकरण की मांग रखी। उन्होंने बताया कि गांव के युवा विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं और कई युवा पुलिस एवं सैन्य भर्ती की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन असमतल मैदान के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने इस संबंध में जनपद सीईओ को स्थानीय विधायक की सहमति से शीघ्र प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। ग्रामीणों द्वारा बिजली, पेयजल, राजस्व संबंधी समस्या और तालाब के गहरीकरण एवं मेड़ बंधान को भी लेकर चर्चा की गई, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। वहीं, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल ने गांव में सुरक्षा संबंधी मुद्दों की समीक्षा की और युवाओं को नशा एवं गलत संगत से दूर रहते हुए लक्ष्य आधारित मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
    ग्राम धरदेई में धान उठाव कार्य का निरीक्षण
            पथरिया विकासखंड के ग्राम धरदेई खरीदी केंद्र का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने धान उठाव कार्य की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जीरो शॉर्टेज का लक्ष्य रखते हुए शीघ्र धान उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि खरीदी केन्द्र में 78 हजार क्विंटल धान की खरीदी की गई है, जिनमें से 70 हजार क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है। वहीं 08 हजार क्विंटल धान निराकरण के लिए शेष है। कलेक्टर ने कहा कि यदि धान उठाव में देरी होती है तो संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
    सरगांव में पटाखा भंडारगृह निर्माण का अवलोकन
            कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने सरगांव क्षेत्र में निर्माणाधीन पटाखा भंडार गृह का निरीक्षण किया और लाइसेंस एवं पर्यावरण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित व्यक्ति को निर्देशित किया कि सभी नियमों एवं सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान अपर कलेक्टर जी.एल. यादव, पथरिया एसडीएम  भरोसा राम ठाकुर, तहसीलदार श्रीमती छाया अग्रवाल, जनपद सीईओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

     निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के दिए निर्देश
       बालोद/शौर्यपथ /जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने जनपद पंचायत गुण्डरदेही के सभाकक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा की। डाॅ. कन्नौजे ने मनरेगा योजना अंतर्गत आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य तथा स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि ग्राम पंचायत रूदा में फीकल स्लज मैनेजमेंट यूनिट निर्मित है। जिसमें राज्य स्तर से डिस्लजिंग वाहन प्रदान किया गया है। उन्होंने इसका समुचित प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को जागरूक कर मल-कीचड़ प्रबंधन के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्मित कचरा संग्रहण शेड में कचरे का परिवहन व निरन्तर कचरा संग्रहण कार्य जारी रखने को कहा। इसके साथ ही सभी निर्मित सामुदायिक शौचालयों का उपयोग करने तथा इनका संचालन व संधारण सुचारू रूप से करने के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ डाॅ. कन्नौजे ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य में संतोषजनक प्रगति नहीं होने पर ग्राम पंचायत कसौंदा, गब्दी, जेवरतला, राहुद के पंचायत सचिव को उक्त संबंध में कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने को कहा।
    इसी क्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में फेस-01 के तहत आबंटित लक्ष्य के विरूद्ध में शासन के मंशानुसार माह मार्च में वृहद स्तर पर गृह प्रवेश कार्यक्रम का भव्य आयोजन कराया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आबंटित लक्ष्य अनुरूप समस्त निर्माणाधीन आवासो को निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2024-25 के जनपद पंचायत गुण्डरदेही को फेस-02 में आबंटित अतिरिक्त लक्ष्य 2785 के विरूद्ध में पंजीयन एवं  स्वीकृति की कार्यवाही 30 मार्च 2025 तक पूर्ण कर यथाशीघ्र प्रथम किश्त की राशि संबंधितों के खातो में अंतरित करने को कहा। उन्होंने योजनान्तर्गत अप्रारंभ आवास के लाभार्थियो से समन्वय स्थापित कर उन्हंे हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस की मजदूरी राशि जारी करने निर्देश दिए। सीईओ डाॅ. कन्नौजे ने समस्त नोडल अधिकारियो को अपने आबंटित क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर शासन की अत्यंत महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना का बेहतर क्रियान्वयन करने तथा लाभार्थियो से संपर्क स्थापित कर उनके मांग, आवेदन, शिकायतो पर यथासंभव प्रयास कर निराकृत करने को कहा। इसके साथ ही लोकसेवा गारंटी के तहत प्रदाय किए जाने वाले 09 सेवाओं का जमीन स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन करने व जेम-पोर्टल तथा भण्डार क्रय नियम का पालन करने को कहा। बैठक में उप संचालक पंचायत श्री आकाश सोनी सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

    बेमेतरा /शौर्यपथ /वर्ष 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, सशक्तिकरण और उपलब्धियों का प्रतीक है। इस वर्ष बेमेतरा जिले में यह आयोजन और भी भव्य रूप से मनाया जा रहा है, जहाँ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा।
    बेमेतरा की महिलाओं की अनूठी पहचान
    बेमेतरा की महिलाएँ न केवल परिवार की धुरी हैं, बल्कि वे शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, स्वच्छता, समाजसेवा और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। चाहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हों या मितानिन, महिला स्वच्छग्राही हों या नगर निकाय की सफाई कर्मचारी—इन सभी ने जिले को स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध बनाने में अपनी मेहनत और समर्पण का परिचय दिया है।
    महिला दिवस पर विशेष आयोजन
    इस वर्ष टाउन हॉल, बेमेतरा में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह में इन सभी प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग, नगरीय निकाय और ग्राम पंचायत स्तर की उन कर्मठ महिलाओं को पहचान दी जाएगी, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।
    बेमेतरा जिले में महिलाओं की भूमिका केवल परिवार और समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि वे प्रशासनिक, सामाजिक और स्वच्छता अभियानों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। आगामी 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बेमेतरा जिले में एक भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन न केवल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बनेगा, बल्कि जिले की महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देगा।
    महिलाओं की भागीदारी और उपलब्धियाँ
    बेमेतरा जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में महिला स्वच्छग्राही समूह, प्रेरक, सफाई कर्मचारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मेहनत सराहनीय रही है। इन महिलाओं ने गांवों को स्वच्छ और खुले में शौच मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
    इसके अलावा, महिला बाल विकास विभाग में कार्यरत महिला अधिकारी और कर्मचारी अपनी सेवाओं के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। बच्चों और महिलाओं के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों में उनका योगदान प्रशंसनीय है। मितानिनों ने स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई है, जिससे जिले में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ी है।*
    राजनीति और प्रशासन में महिलाओं का नेतृत्व
    बेमेतरा जिले के प्रशासनिक ढांचे में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। जिला पंचायत की अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर महिलाओं का नेतृत्व यह दर्शाता है कि महिलाएँ अब नीति-निर्माण की प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बन रही हैं। इसके अलावा, जिले की कई पंचायतों में महिलाएँ सरपंच और पार्षद के रूप में अपनी सेवाएँ दे रही हैं, जिससे स्थानीय शासन व्यवस्था में उनका प्रभाव बढ़ा है।
    महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और कदम
    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित महिला सम्मान समारोह के माध्यम से उन महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने समाज में अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं। यह सम्मान समारोह न केवल उनकी उपलब्धियों को मान्यता देगा, बल्कि अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करेगा कि वे अपने हक और अधिकारों के लिए आगे बढ़ें।
    समाज में बदलाव की नई लहर
    बेमेतरा जिले में महिलाओं के प्रति सोच में तेजी से बदलाव आ रहा है। महिलाएँ केवल घरेलू कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, और स्वच्छता अभियानों में भी अपनी भागीदारी निभा रही हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत मिशन, और महिला सशक्तिकरण योजनाओं का प्रभाव जिले में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
    समाज के लिए प्रेरणा
    महिला दिवस का यह आयोजन न केवल सम्मान और गौरव का अवसर है, बल्कि यह हमें यह भी याद दिलाता है कि जब महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिलता है, तो वे समाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती हैं। बेमेतरा की महिलाएँ इस बदलाव की जिंदा मिसाल हैं, जो अपने श्रम, संघर्ष और समर्पण से जिले को आगे बढ़ा रही हैं।
    छत्तीसगढ़ सरकार की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में पहल
    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर, यह गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से सक्षम बना रही है।
    महतारी वंदन योजना :
    छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने के लिए महतारी वंदन योजना शुरू की है, जिसके तहत राज्य की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही है।
    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना :
    इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों के विवाह के लिए सहायता राशि दी जाती है, जिससे उनके परिवारों पर वित्तीय बोझ कम होता है और वे सम्मानजनक जीवन जी सकती हैं।
    सखी वन स्टॉप सेंटर :
    महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए सरकार सखी वन स्टॉप सेंटर चला रही है, जहां उन्हें कानूनी, सामाजिक और मानसिक सहयोग मिलता है।
    स्वयं सहायता समूह योजनाएँ :
    राज्य सरकार महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा दे रही है, जिससे वे छोटे-छोटे उद्योगों और स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।
    छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन योजनाओं से महिलाओं को आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है। महिला सशक्तिकरण की इस दिशा में उठाए गए ये कदम न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणादायक हैं।
    निष्कर्ष
    बेमेतरा जिले की महिलाएँ आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। वे समाज, राजनीति, स्वच्छता और प्रशासन में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। आगामी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर यह आयोजन न केवल उनके योगदान को पहचान दिलाएगा, बल्कि अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करेगा कि वे आत्मनिर्भर बनें और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ें। बेमेतरा की महिलाएँ न केवल अपने जिले, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए एक मिसाल बन रही हैं।
       इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि महिलाओं के अधिकार, समानता और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। बेमेतरा की इन नायिकाओं को हमारा नमन।

    भिलाई/शौर्यपथ / स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय हुडको भिलाई में एआईसीटीई ट्रेनिंग एण्ड लर्निंग (अटल) अकादमी के सहयोग से उद्यमिता और स्टार्टअप इकोसिस्टम विषय पर आयोजित फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का समापन सत्र डॉ. सुमित गुप्ता प्राध्यापक आईआईएम रायपुर के व्याख्यान और
    औद्योगिक भ्रमण से हुआ। महाविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. दीपक शर्मा एवं श्री शंकराचार्य नर्सिंग महाविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मोनिशा शर्मा ने कार्यक्रम आयोजन के लिए बधाई दी एवं कहा सरकारी संस्थाए एवं व्यावसायिक संगठन के साथ मिलकर हम विद्यार्थियों को स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रेरित कर सकते है जिससे वे रोजगार ना ढूंढ कर रोजगार देने वाले बने और देश के आर्थिक विकास में अपना योगदान दे।
         डॉ. सुमित गुप्ता प्राध्यापक आईआईएम रायपुर ने उद्यमिता चर्चा डेटा विश्लेषण दृष्टिकोण विषय पर अपने व्याख्यान में बताया उद्यमिता में डेटा विश्लेषण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है विभिन्न स्त्रोतों से डेटा संग्रहण करना ग्राहकों की जानकारी के आँकड़े को एकत्रित कर के उसका विश्लेषण करना, उसके आधार पर निर्णय ले हम अपने व्यवसाय को बढ़ा सकते है उन्होंने अमेजान, ओला, जीवनसाथी डॉटकाम, जोमैटो आदि उदाहरण के माध्यम से बताया कि ऑनलाइन प्लेटफार्म में निर्माता और उपभोक्ता के बीच की दूरी को कम करने के लिए नये विचार से स्टार्ट-अप शुरू किया जा सकता है। ऐसे स्टार्ट-अप में उद्यमी को व्यवसाय शुरू करने के पश्चात् बाजार में बने रहने के लिए नितनए अनुसन्धान और  ्रोद्योगिकी का प्रयोग करना होता है।
      प्रतिभागियों को औद्योगिक भ्रमण हेतु एमएसएमई टेक्नालॉजी सेंटर रसमड़ा दुर्ग ले जाया गया यह एफडीपी का ही हिस्सा था। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों ने अपने विचारों से स्टार्ट-अप प्रारंभ करने के लिये नई दिशा दी। पूर्व सत्रों के वक्ता एवम व्यक्तव्य के मुख्य बिंदु अग्रनुसार है-दूसरे दिन के प्रथम सत्र के वक्ता विष्णु वैभव द्विवेदी, मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी आईआईटी भिलाई ने प्रौद्योगिकी उद्यमियों के लिये बाजार की रणनीतियॉं विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा उद्यमिता छोटी बजट से प्रारंभ होती है सीमित संसाधनों से आरंभ कर धीरे-धीरे बड़े पैमाने पर बढ़ाना चाहिये यह तरीका वर्तमान की चुनौतियों का सामना करने के साथ भविष्य में भारत को वैश्विक पटल पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका
    निभाएगा। उन्होंने बताया जब तकनीकी मेडिकल साईंस, शिक्षा या इंजीनियरिंग से मिलती है तो क्रंातिकारी परिवर्तन होता है। हमें बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुये अपना स्टार्ट-अप करना होगा। उन्होंने बताया आईआईटी भिलाई ने कम समय में ही 50 से अधिक पेटेंट और 300 से अधिक राष्ट्रीय स्तर पर नौकरी सृजित किया है।
    द्वितीय सत्र की वक्ता डॉं. हंसा शुक्ला प्राचार्य स्वामी  स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय ने उद्यमशीलता: प्रेरणा और चुनौतियॉं विषय पर अपने व्याख्यान में बताया अगर आप बिजनेस प्रारंभ कर रहे है तो आप कभी न सोचे की मैं मार्केट में बना रहूगा बल्कि हमेशा यह सोच होनी चाहिए कि मैं मार्केट से बाहर हो सकता हू यह सोच आपको नवीन आईडिया के लिये प्रेरित करेगा। आज का स्टार्ट-अप कल का बिजनेसमैन बनेगा। बाबा रामदेव जिन्होंने सम्पूर्ण विश्व में हमारे आयुर्वेद को पहुचाया पदमश्री फूलवासन ने महिला स्व सहायता समूह से कार्य की शुरुआत की आज उनका लाखो का टर्नओवर
    है । छत्तीसगढ़ में पर्यटन, कला व संस्कृति प्रत्येक क्षेत्र में स्टार्ट-अप की असीम सम्भावनाये है।
    कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति सदस्य डॉ. रजनी मुदलियार, डॉ. सुनीता वर्मा, डॉ. मीना मिश्रा, श्रीमती खुशबू पाठक, श्रीमती रुपाली खर्चे, श्रीमती एन. बबीता, डॉ. शर्मिला सामल, श्रीमती कामिनी वर्मा, हितेश सोनवानी,  जमुना प्रसाद, योगिता लोखण्डे, श्रीमती श्रीलथा नायर, श्रीमती मोनिका मेश्राम, संजना सोलोमन, समीक्षा मिश्रा, विजय मिश्रा, निकिता देवांगन, रश्मि बनाज, मोहिनी शर्मा ने विशेष योगदान दिया।
      फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम में अंजनेय विश्वविद्यालय, भिलाई इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दुर्ग, श्री शंकराचार्य इंस्टीटयूट ऑफ प्रोफेशनल मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, रायपुर, भिलाई प्रौद्योगिकी संस्थान, दुर्ग, सेठ आरसीएस आर्टस एवं कामर्स महाविद्यालय दुर्ग, देव संस्कृति कॉलेज ऑफ एजुकेशन एण्ड टेक्नोलॉजी खपरी दुर्ग, श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्ससिटी, भिलाई, सेंट थॉमस महाविद्यालय, भिलाई, कल्याण पीजी महाविद्यालय, दुर्ग, कृष्णा इंस्टीटयूट ऑफ साइंस एण्ड कामर्स महाविद्यालय, खम्हरिया,  आईआईटी भिलाई श्री शंकराचार्य महाविद्यालय जुनवानी भिलाई, भिलाई महिला महाविद्यालय, भिलाई के प्राध्यापक एवं शोधार्थी शामिल हुये।

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