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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
गाजे-बाजे और कलश यात्रा के साथ धार्मिक माहौल
ग्रामीणों की आस्था, एकता और श्रद्धा का बना अद्भुत संगम
कांकेर / शौर्यपथ / जिले की सरोना तहसील अंतर्गत ग्राम चिहरीपारा में रविवार को धार्मिक आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का भव्य नजारा देखने को मिला। गांव में नवनिर्मित टीना शेड निर्माण कार्य का उद्घाटन किया गया। इसके बाद पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान चंद्रमौलेश्वर महादेव के शिवलिंग की स्थापना संपन्न हुई। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे गांव को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए सभी धार्मिक अनुष्ठान
फणेशवर शर्मा ने कराई विधि-विधान से पूजा-अर्चना
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना से हुई। पंडित फणेशवर शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान चंद्रमौलिश्वर महादेव के शिवलिंग की स्थापना की समस्त धार्मिक प्रक्रिया संपन्न कराई। पूरे आयोजन के दौरान भक्तों ने हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष लगाए, जिससे पूरा गांव शिवमय वातावरण में डूब गया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर सुख, समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
गाजे-बाजे के साथ निकली भव्य कलश यात्रा
श्रद्धालुओं ने पूरे गांव में किया धर्म और संस्कृति का प्रदर्शन
शिवलिंग स्थापना से पूर्व गांव में महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों की सहभागिता से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक भजनों के बीच निकली इस यात्रा में श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। गांव की गलियों से गुजरती कलश यात्रा ने धार्मिक वातावरण को और अधिक भव्य बना दिया। यात्रा के समापन के बाद सभी श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे, जहां विधिवत भगवान चंद्रमौलेश्वर महादेव के शिवलिंग की स्थापना की गई।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही गरिमामयी उपस्थिति
धार्मिक आयोजन में उमड़ा आस्था का जनसैलाब
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गांव के प्रमुख सयान एवं सेवानिवृत्त शिक्षक फूलचंद कुंजाम उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत सरपंच अजय मलती नेताम ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद सदस्य भाऊ राम भास्कर, भाजपा मंडल अध्यक्ष टिकेश्वर सिन्हा, उपसरपंच सुदेश भास्कर, पूर्व सरपंच विष्णु शोरी, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति अध्यक्ष मन्नू राम भास्कर, वार्ड पंच नरसिंह भास्कर, पूर्णिमा नेताम, सचिव विष्णु सिन्हा, रोजगार सहायक सुरेंद्र कोराम, राजाराम नेताम सहित गांव के वरिष्ठजन उपसु कुंजाम, महादेव नेताम, सेवक नेताम, मंगलराम मंडावी, पीतांबर शोरी, दीपक मंडावी, मन्नू यादव, बृजलाल मंडावी, जितेंद्र यादव, देवेश मरकाम, ऋषभ कुंजाम, पीले सिंह टेकाम, गनराज शोरी, संतोष यादव, योगेश कुंजाम, भाव सिंह मंडावी, असुलाल नेताम,शिवम मंडावी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
धार्मिक आस्था के साथ विकास की नई शुरुआत
टीना शेड निर्माण से श्रद्धालुओं को मिलेगी बेहतर सुविधा
ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर परिसर में निर्मित टीना शेड भविष्य में धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन तथा सामाजिक आयोजनों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। शिवलिंग स्थापना के साथ गांव में धार्मिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। ग्रामीणों ने इस आयोजन को गांव की एकता, सहयोग और धार्मिक आस्था का प्रतीक बताते हुए कहा कि भगवान चंद्रमौलेश्वर महादेव की कृपा से गांव में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे, यही सभी की मंगलकामना है।
जांजगीर / शौर्यपथ / बिजली दरों में बढ़ोतरी, स्मार्ट मीटर हटाने और 400 यूनिट तक की बिजली बिल हाफ योजना को पुन: लागू करने की मांग को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि अगस्त माह से कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर हटाने और बिजली दर वृद्धि वापस लेने के समर्थन में आवेदन एवं विरोध-पत्र भरवाएंगे।
उन्होंने बताया कि दो माह तक पूरे प्रदेश में आम जनता से आवेदन एकत्र किए जाएंगे। इसके बाद जिला मुख्यालयों में बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव कर आवेदन सौंपे जाएंगे और उनकी पावती ली जाएगी। इसके पश्चात प्रदेशभर से प्राप्त पावतियों के साथ मुख्यमंत्री निवास का घेराव कर सरकार के समक्ष मांगें रखी जाएंगी।
पत्रकार वार्ता में जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तथा गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की है। वहीं कृषि पंपों की बिजली दरों में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। उनका दावा था कि भाजपा सरकार बनने के बाद यह बिजली दरों में पांचवीं वृद्धि है और अब तक कुल 31.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा चुकी है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में बिजली बिल तीन से चार गुना तक बढ़कर आ रहे हैं। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना अनुबंधित भार क्षमता बढ़ाई जा रही है और स्मार्ट मीटर अधिक खपत दर्ज कर रहे हैं, जिसके आधार पर अतिरिक्त शुल्क और अर्थदंड जोड़कर बिल भेजे जा रहे हैं। कांग्रेस ने अधिक बिजली बिल के लिए तीन प्रमुख कारण बताए—बिजली दरों में वृद्धि, बिजली बिल हाफ योजना का बंद होना और स्मार्ट मीटर के कारण कथित रूप से बढ़ी हुई रीडिंग।
पत्रकार वार्ता में पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश शर्मा, नारायण सोनी, गिरधारी यादव, रफीक सिद्दीकी, नागेंद्र गुप्ता, सेवक बूटू देवांगन, भगवान दास गढ़वाल, शिशिर द्विवेदी, दुर्गा कुर्रे, सुनील साधवानी, रामविलास राठौर, राजकुमार सरोज एवं हरीश श्रीवास सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भोगपुरम/नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगपुरम में 'अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे' का लोकार्पण किया। लगभग ₹4,727 करोड़ की लागत से विकसित यह आंध्र प्रदेश का पहला ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। इस अत्याधुनिक हवाई अड्डे का नाम महान स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू के सम्मान में रखा गया है।
करीब 2,700 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित इस एयरपोर्ट की शुरुआती वार्षिक यात्री क्षमता 60 लाख (6 मिलियन) यात्रियों की है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 4 करोड़ यात्रियों तक किया जा सकेगा। एयरपोर्ट में 3,800 मीटर लंबा कोड-4E रनवे बनाया गया है, जो बोइंग-777, एयरबस ए330 और अन्य बड़े वाइड-बॉडी विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त है। यहां से नियमित व्यावसायिक उड़ानों का संचालन 17 अगस्त 2026 से शुरू होगा।
यह नया एयरपोर्ट विशाखापट्टनम के मौजूदा नेवल एयरबेस आधारित हवाई अड्डे पर निर्भरता कम करेगा और उत्तर आंध्र क्षेत्र को आधुनिक हवाई संपर्क उपलब्ध कराएगा। इससे विशाखापट्टनम, विजयनगरम और श्रीकाकुलम जिलों के लोगों को बेहतर हवाई सुविधाएं मिलेंगी, वहीं देश और विदेश के प्रमुख शहरों से सीधी कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस परियोजना से उत्तर आंध्र में पर्यटन, फार्मास्यूटिकल्स, समुद्री खाद्य निर्यात, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक निवेश को नई गति मिलेगी। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार का मानना है कि यह एयरपोर्ट क्षेत्रीय आर्थिक विकास और वैश्विक निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हरि ठाकुर स्मारक संस्थान के सहयोग से स्वर्गीय श्री आशीष ठाकुर द्वारा रचित किताब
रायपुर / विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज शाम यहां शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय में सत्याग्रह नामक किताब का विमोचन किया। हरि ठाकुर स्मारक संस्थान रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुस्तक के लेखक साहित्यकार एवं पत्रकार स्वर्गीय आशीष सिंह है। यह पुस्तक जल-जंगल के संघर्ष पर केन्द्रित है। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा, साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा सहित, पूर्व सांसद श्री चुन्नीलाल साहू, साहित्यकार, स्वर्गीय आशीष सिंह जी के सुपुत्र श्री उपमन्यु सिंह, श्री अभिमन्यु सिंह मौजूद थे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पुस्तक का विमोचन कर कहा कि यह किताब शताब्दी वर्ष छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों द्वारा किए गए जल-जंगल के लिए किए गए सत्याग्रह पर आधारित है। ब्रिटिश शासनकाल के दौरान जल-जंगल के अधिकारों की रक्षा के लिए हुए संघर्ष को दर्शाता है। बस्तर से लेकर राजनांदगांव एवं राजनांदगांव से लेकर धमतरी के कंडेल में नहर सत्याग्रह की घटना को उजागर करती है। सन् 1920 में बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव के अनुरोध पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को धमतरी आना पड़ा। राजनांदगांव जिले के बादराटोला में शहीद रामाधीन गोंड जिसका स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान था, उसके नाम पर राजनांदगांव शहर में रामाधीन मार्ग है। डॉक्टर सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी त्यागमूर्ति स्व. प्यारे लाल सिंह स्वर्गीय हरि ठाकुर के योगदान को स्मरण किया।
राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जल-जंगल का संघर्ष शताब्दी वर्ष के रूप में सत्याग्रह किताब का विमोचन किया जा रहा है। स्वर्गीय आशीष सिंह ने इस किताब के जरिए स्वतंत्रता संग्राम के दौरान आंदोलन के समय के जल-जंगल के संघर्ष का विस्तार से वर्णन किया है, जिसमें धमतरी का कंडेल नहर सत्याग्रह, नत्थूजी जगताप, नारायण राव मेघावाले के संघर्ष और राजनांदगांव जिले के शहीद रामाधीन गोंड का बलिदान, पंडित सुन्दरलाल शर्मा का योगदान का चित्रण किया है। पुस्तक के प्रकाशन के लिए मैं हरि ठाकुर स्मारक संस्थान को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्र एवं साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, साहित्यकार श्री विरेन्द्र बहादुर ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
400 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या लगभग आधी हुई
मौसमी बदलाव, ऊर्जा संरक्षण और हाफ बिजली बिल योजना का दिखा सकारात्मक प्रभाव
रायपुर / रायपुर सिटी रीजन के जून एवं जुलाई 2026 के बिजली उपभोग के आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि जुलाई माह में बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। जून 2026 में कुल बिजली खपत 131.27 मिलियन यूनिट (एमयू) थी, जो जुलाई में घटकर 89.38 मिलियन यूनिट रह गई। इस प्रकार एक माह में बिजली खपत में 31.91 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि अधिक बिजली उपयोग करने वाले सभी उपभोक्ता वर्गों में खपत के साथ-साथ उपभोक्ताओं की संख्या में भी कमी आई है। 600 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में 64.23 प्रतिशत तथा उनकी कुल बिजली खपत में 38.13 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसी प्रकार 401 से 600 यूनिट श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या 33.99 प्रतिशत तथा बिजली खपत 32.58 प्रतिशत घटी है।
विश्लेषण से यह भी सामने आया है कि राज्य शासन की हाफ बिजली बिल योजना का सकारात्मक प्रभाव उपभोक्ताओं के बिजली उपयोग के स्वरूप में दिखाई दे रहा है। जून माह में 400 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 1 लाख 96 हजार 777 थी, जो जुलाई में बढ़कर 2 लाख 56 हजार 471 हो गई। यह 30.34 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं 400 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 1 लाख 20 हजार 615 से घटकर 60 हजार 921 रह गई, जो लगभग 50 प्रतिशत की कमी है। इससे यह संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपनी बिजली खपत को 400 यूनिट के भीतर रखने का प्रयास किया, जिससे उन्हें शासन की राहतकारी योजना का लाभ मिल सके।
आंकड़ों के अनुसार 0 से 100 यूनिट श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या 53.12 प्रतिशत तथा 101 से 200 यूनिट श्रेणी में 51.79 प्रतिशत बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी का मौसम समाप्त होने, एयर कंडीशनर एवं कूलर जैसे विद्युत उपकरणों के उपयोग में कमी आने तथा ऊर्जा संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता का भी बिजली खपत में आई कमी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार रायपुर सिटी रीजन के आधिकारिक आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि जुलाई माह में बिजली की मांग में कमी आई है और उपभोक्ताओं ने अपनी बिजली खपत को नियंत्रित किया है। उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि बिजली उपयोग में आया यह परिवर्तन मुख्यतः मौसमी परिस्थितियों, ऊर्जा संरक्षण की प्रवृत्ति तथा राज्य शासन की जनहितकारी योजनाओं के प्रभाव का परिणाम है।
आधिकारिक आंकड़ों का विश्लेषण यह भी दर्शाता है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ता अब 400 यूनिट तक की श्रेणी में आ गए हैं, जिससे उन्हें शासन की राहतकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। उपलब्ध तथ्यों एवं आंकड़ों के आधार पर स्मार्ट मीटर के संबंध में प्रचलित विभिन्न प्रकार की भ्रांतियों की पुष्टि नहीं होती।
डोंगरिया में हजारों युवाओं ने लिया नशामुक्त भारत का संकल्प, विधायक प्रणव कुमार मरपची ने किया राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान
रायपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत" संकल्प अभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ करते हुए देशभर के युवाओं से नशामुक्त जीवन अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा माय भारत के संयुक्त तत्वावधान में प्रारंभ हुए इस राष्ट्रव्यापी अभियान से देशभर के एक करोड़ से अधिक युवा जुड़े। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के डोंगरिया स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और हजारों युवाओं ने नशामुक्त भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक एवं मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रणव कुमार मरपची रहे। उनके साथ जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, कलेक्टर विजय दयाराम के., वनमंडलाधिकारी श्रीमती ग्रीष्मी चांद, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे, अपर कलेक्टर दिलेराम डाहिरे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विद्यालय एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी, राष्ट्रीय सेवा योजना, राष्ट्रीय कैडेट कोर, माय भारत स्वयंसेवक, युवा क्लबों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह के सीधा प्रसारण से हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि "नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत" अभियान का उद्देश्य प्रत्येक युवा को नशे की गिरफ्त से बचाकर उसकी ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता को राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक रूप से उपयोग करना है। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की शक्ति को भी कमजोर करता है। प्रधानमंत्री ने अभिभावकों से अपने बच्चों को नशे से दूर रखने तथा युवाओं से स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि इस अभियान के माध्यम से देशभर के एक करोड़ से अधिक युवा विकसित भारत के संकल्प से जुड़ रहे हैं।
राष्ट्रीय कार्यक्रम के उपरांत विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची ने उपस्थित युवाओं एवं नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश की युवा शक्ति नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर अपनी ऊर्जा शिक्षा, कौशल, नवाचार और राष्ट्र सेवा में लगाएगी। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
श्री मरपची ने सभी उपस्थित लोगों को किसी भी प्रकार के नशीले अथवा मादक पदार्थों का सेवन नहीं करने, दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने तथा स्वस्थ, जागरूक और सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा यदि अपने जीवन में अनुशासन, सकारात्मक सोच और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनाए, तो विकसित भारत का लक्ष्य शीघ्र ही साकार होगा।
कार्यक्रम के दौरान एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत एवं देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और सकारात्मक जीवन मूल्यों का संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन पर "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची, कलेक्टर विजय दयाराम के., जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विद्यालय परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।
जिले में आयोजित यह कार्यक्रम नशामुक्त समाज के निर्माण, युवाओं में सकारात्मक जीवन मूल्यों के प्रसार तथा विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। बड़ी संख्या में युवाओं की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की सक्रिय भागीदारी ही विकसित भारत की सबसे बड़ी आधारशिला है।
नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान का शुभारंभ, देशभर के एक करोड़ से अधिक युवाओं ने लिया नशामुक्त भारत का संकल्प
रायपुर । भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा माय भारत के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा "नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान" का राष्ट्रीय शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर देशभर के एक करोड़ से अधिक युवाओं ने नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया। आगामी 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार को संचालित होने वाले इस अभियान के माध्यम से युवाओं को नशामुक्त जीवनशैली अपनाने, समाज में जनजागरूकता फैलाने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इसी क्रम में अम्बिकापुर के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रीय संबोधन के सजीव प्रसारण के साथ हुई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में युवाओं ने संबोधन का श्रवण किया तथा इसके पश्चात सभी ने नशामुक्त भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ किया गया यह अभियान केवल नशामुक्ति का कार्यक्रम नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहने, अपने परिवार और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने तथा सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आगे बढ़ने का आह्वान किया।
श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक युवा को जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन और परिश्रम से उसे प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के मानसिक दबाव में आए बिना अपनी क्षमता और प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ते हुए सफलता अर्जित की जा सकती है। परिवार, समाज और राष्ट्र की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए युवाओं का नशामुक्त और स्वस्थ जीवन अपनाना अत्यंत आवश्यक है।
कलेक्टर अजीत बसंत ने कहा कि "नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान" देशव्यापी जनजागरण अभियान है, जिसमें युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि युवा स्वयं नशे के दुष्प्रभावों को समझें और समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिले के युवा इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देते हुए नशामुक्त भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत तथा उपसभापति श्री हरमंदिर सिंह टिन्नी ने भी युवाओं से नशे से दूर रहने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है तथा स्वस्थ और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए नशामुक्त जीवनशैली अपनाना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने उपस्थित युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने, समाज में जनजागरूकता फैलाने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी दिलाया।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी, जिला युवा अधिकारी प्रिंस सिंह, एसडीएम बनसिंह नेताम, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक रामकुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय पर्यटन बाजार में मजबूत हुई छत्तीसगढ़ की पहचान, महाराष्ट्र के पर्यटन उद्योग के साथ सुदृढ़ हुई साझेदारी
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को देश के अग्रणी पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रभावी और दूरदर्शी पहल कर रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने उद्योग संगठन फिक्की के सहयोग से पुणे में भव्य पर्यटन रोड शो आयोजित कर राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहरों, वन्यजीव पर्यटन, आध्यात्मिक पर्यटन तथा साहसिक पर्यटन की विविध संभावनाओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। यह आयोजन राष्ट्रीय पर्यटन बाजार में छत्तीसगढ़ की सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में पर्यटन विभाग राज्य के पर्यटन स्थलों को देश के प्रमुख पर्यटन बाजारों से जोड़ने, निवेश आकर्षित करने तथा पर्यटन आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से निरंतर कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना के अनुरूप पर्यटन क्षेत्र को आर्थिक विकास, स्थानीय रोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण और क्षेत्रीय विकास का सशक्त माध्यम बनाया जा रहा है। पुणे रोड शो इसी व्यापक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
रोड शो में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के टूर ऑपरेटर, ट्रैवल एजेंट, होटल व्यवसायी तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बी-टू-बी बैठकों के माध्यम से दोनों राज्यों के पर्यटन उद्योग के बीच नए पर्यटन पैकेज, निवेश, विपणन तथा व्यावसायिक सहयोग को लेकर सार्थक चर्चा हुई, जिससे भविष्य में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के नए अवसर सृजित होंगे।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि पर्यटन मंडल का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को भारत के सबसे आकर्षक पर्यटन स्थलों में स्थापित करना है। उन्होंने होटल व्यवसायियों, ट्रैवल एजेंटों और टूर ऑपरेटरों से राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश तक पहुंचाने में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए सभी हितधारकों को छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और विशिष्ट पर्यटन अनुभवों का प्रत्यक्ष अनुभव लेने के लिए आमंत्रित किया।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने कहा कि राज्य में पर्यटन अधोसंरचना को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है तथा पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अनेक नवाचारपूर्ण पहलें की गई हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के ट्रैवल ट्रेड से जुड़े प्रतिनिधियों से छत्तीसगढ़ के विविध पर्यटन सर्किटों और विशेष पर्यटन अनुभवों के व्यापक प्रचार-प्रसार में सहयोग का आग्रह किया।
छत्तीसगढ़ ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष जसप्रीत सिंह भाटिया ने कहा कि पर्यटन मंडल के साथ मजबूत साझेदारी के माध्यम से राज्य की समृद्ध विरासत, वन्यजीव, जनजातीय संस्कृति तथा आध्यात्मिक पर्यटन को नई पहचान मिल रही है। ऐसे रोड शो पर्यटन उद्योग के लिए नए व्यावसायिक अवसरों का सृजन करने के साथ-साथ राज्यों के बीच दीर्घकालिक सहयोग को भी सुदृढ़ करते हैं।
कार्यक्रम में चित्रकोट जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, सिरपुर, भोरमदेव मंदिर सहित राज्य के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। वहीं छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला, संस्कृति और परंपराओं पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों को राज्य की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया। कार्यक्रम का समापन नेटवर्किंग रात्रिभोज के साथ हुआ, जिसमें पर्यटन क्षेत्र में भविष्य के सहयोग, निवेश और संयुक्त पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
उल्लेखनीय है कि यह रोड शो छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत देश के प्रमुख शहरों में कुल आठ पर्यटन रोड शो आयोजित किए जा रहे हैं। पुणे इस श्रृंखला का तीसरा आयोजन रहा, जबकि इससे पूर्व दिल्ली और भुवनेश्वर में भी सफल आयोजन किए जा चुके हैं। इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में छत्तीसगढ़ की सशक्त पहचान स्थापित करना तथा राज्य को प्रकृति, संस्कृति, विरासत, आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन को आर्थिक समृद्धि, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक पहचान का सशक्त आधार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में पर्यटन विभाग नवाचार, निवेश और प्रभावी प्रचार-प्रसार के माध्यम से राज्य की पर्यटन संभावनाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। पुणे पर्यटन रोड शो इसी दूरदर्शी सोच का एक सफल उदाहरण बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रयास आवासीय विद्यालय के नीट क्वालीफाई विद्यार्थियों से किया प्रेरक संवाद
संवेदनशील डॉक्टर बनकर समाज और राष्ट्र की सेवा करने का दिया संदेश
मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों के सवालों का विस्तार से दिया जवाब: शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, पर्यटन, रोजगार, सुशासन, नशामुक्ति और विकसित छत्तीसगढ़ के विजन पर रखे विचार
रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रयास आवासीय विद्यालयों के नीट-2026 में सफल विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों का मुख्यमंत्री निवास में स्वागत करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि प्रदेश में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों के गरीब एवं आदिवासी समुदाय के विद्यार्थियों ने नीट जैसी कठिन परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 17 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों का उद्देश्य दूरस्थ, आदिवासी एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की इस सफलता में उनके माता-पिता का आशीर्वाद, गुरुजनों का समर्पण और विद्यार्थियों की कठोर मेहनत समान रूप से शामिल है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों और शिक्षकों को भी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आप सभी भविष्य के डॉक्टर हैं। समाज में डॉक्टर का स्थान भगवान के बाद माना जाता है। भगवान हमें जन्म देते हैं और डॉक्टर जीवन बचाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे केवल कुशल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, व्यवहारिक और मिलनसार डॉक्टर भी बनें। उन्होंने कहा कि मरीज के साथ अच्छा व्यवहार स्वयं कई बीमारियों के उपचार का माध्यम बन जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज, प्रदेश और देश की सेवा को अपना सर्वोच्च दायित्व मानने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज शिक्षा सहित हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अपनी संघर्षपूर्ण शिक्षा यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि आज विद्यार्थियों को शासन की ओर से पहले की तुलना में कहीं अधिक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए प्रदेशभर में नालंदा परिसर संचालित किए जा रहे हैं तथा 34 नए नालंदा परिसर निर्माणाधीन हैं, जहां सातों दिन 24 घंटे ऑनलाइन एवं ऑफलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है। वहां विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास एवं भोजन की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि इसी वर्ष ट्रायबल यूथ हॉस्टल के 13 विद्यार्थियों ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य निर्माण के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज निजी एवं शासकीय संस्थानों को मिलाकर 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। राज्य सरकार पांच नए मेडिकल कॉलेज भी स्थापित कर रही है, जिससे एमबीबीएस की 250 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होंगी।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए देशव्यापी 'नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान' का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज देशभर में करोड़ों लोगों ने नशा नहीं करने की शपथ ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह अभियान स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जो आगामी दो वर्षों तक संचालित होगा तथा इसमें माय भारत वालंटियर्स सहित बड़ी संख्या में युवा सहभागी बन रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि यदि युवा स्वस्थ, संस्कारित, परिश्रमी और नशामुक्त रहेंगे तो स्वस्थ छत्तीसगढ़ और स्वस्थ भारत का निर्माण संभव होगा। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के शरीर और मस्तिष्क दोनों को प्रभावित करता है, अपराध को बढ़ावा देता है, पारिवारिक संबंधों को कमजोर करता है तथा पूरे परिवार को संकट में डाल देता है। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
जगदलपुर प्रयास आवासीय विद्यालय की छात्रा नेल्सा के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा के संसाधनों को लगातार बढ़ा रही है। प्रयास आवासीय विद्यालय इसका एक उदाहरण हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रमिक परिवारों के बच्चे यदि विदेश में अध्ययन करना चाहते हैं तो उनका संपूर्ण व्यय राज्य सरकार वहन करती है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिला मुख्यालयों एवं प्रमुख शहरों में 34 नालंदा परिसर निर्माणाधीन हैं, जहां सातों दिन 24 घंटे ऑनलाइन एवं ऑफलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि संसाधनों की कमी किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बने।
अंबिकापुर प्रयास विद्यालय की छात्रा यामिनी पैकरा के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नई शिक्षा नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है। शासकीय विद्यालयों को निजी विद्यालयों के समकक्ष विकसित करने के लिए स्मार्ट क्लास प्रारंभ की जा रही हैं, विद्यालयों का नवीनीकरण किया जा रहा है तथा शिक्षकों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब शासकीय विद्यालयों में भी निजी विद्यालयों की तरह पेरेंट्स-टीचर मीटिंग आयोजित की जा रही है। विशेष अवसरों पर अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा न्योता भोज जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि बच्चों को मध्यान्ह भोजन के अतिरिक्त पौष्टिक भोजन भी मिल सके। जवाहर उत्कर्ष योजना के माध्यम से बच्चों को निजी विद्यालयों में भी प्रवेश दिलाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में शासकीय विद्यालय निजी विद्यालयों से भी बेहतर बनेंगे।
जगदलपुर की छात्रा दिलेश्वरी साहू ने युवाओं की राजनीति एवं प्रशासन में भागीदारी को लेकर प्रश्न पूछा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। डॉक्टर बनकर भी समाज और राष्ट्र की बड़ी सेवा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने सपनों के अनुरूप नौकरी, कृषि, राजनीति, जनसेवा अथवा व्यापार जैसे किसी भी क्षेत्र का चयन करना चाहिए, लेकिन अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठा और संस्कार हमेशा सर्वोपरि होने चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति सेवा का एक प्रभावी माध्यम है और लोकतंत्र के माध्यम से समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। सेवा और कर्तव्य एक-दूसरे के पूरक हैं।
सरगुजा के छात्र समीर करकेट्टा के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ लगभग चार से पांच दशकों तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा। डबल इंजन सरकार के गठन के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से 31 मार्च 2026 को प्रदेश नक्सलमुक्त हुआ। उन्होंने कहा कि अब बस्तर और सरगुजा में पर्यटन की अपार संभावनाएं विकसित हो रही हैं। चित्रकोट, तीरथगढ़ और रानीदाह जैसे प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के साथ अबूझमाड़ का विशाल वन क्षेत्र विश्वभर के पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व के 60 देशों के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों में बस्तर के धुड़मारास को स्थान दिया गया है। नई उद्योग नीति 2024-30 में पर्यटन क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है तथा होमस्टे योजना के माध्यम से जनजातीय परिवारों को पांच कमरों के मकान निर्माण के लिए ऋण एवं अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भोरमदेव मंदिर को भारत सरकार की प्रसाद योजना में शामिल किया गया है, जिसके लिए 168 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। साथ ही दंतेश्वरी, बम्लेश्वरी, चंद्रहासिनी, महामाया एवं बागेश्वरी शक्तिपीठों का भी जीर्णोद्धार किया जा रहा है। राम वन गमन पथ के माध्यम से भगवान श्रीराम से जुड़े स्थलों का विकास भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर में पर्यटन उद्योग के माध्यम से लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
महासमुंद के छात्र हेमंत यादव के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। यह देश के मध्य में स्थित राज्य है और चारों महानगरों से बेहतर संपर्क रखता है। प्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध है। देश के लगभग 19 से 20 प्रतिशत लौह अयस्क का उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। यहां कोयला, बॉक्साइट, हीरा, सोना, लिथियम और यूरेनियम जैसे बहुमूल्य खनिज उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद सुरक्षा शिविरों को सेवा डेरे के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां स्कूल, अस्पताल और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। प्रदेश बिजली उत्पादन में सरप्लस राज्य है। वर्तमान में लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है तथा ऊर्जा क्षेत्र में लगभग 3.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं, जिनसे भविष्य में अतिरिक्त 30 हजार मेगावाट उत्पादन होगा। इससे रोजगार और राजस्व दोनों बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है तथा 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सिंचाई योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। बस्तर संभाग में देउरगांव और मटनार सिंचाई परियोजनाओं पर लगभग 1700 करोड़ रुपये तथा सिकासार-कोड़ार पाइपलाइन परियोजना पर लगभग 2500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसानों को समृद्ध बनाने के लिए पशुपालन, मत्स्य पालन, हर्बल उत्पादन, राइस मिल, कोल्ड स्टोरेज तथा मूल्य संवर्धन आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। नई उद्योग नीति में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी राज्य बनेगा।
सरगुजा के छात्र कोमल पटेल के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने कॉमनवेल्थ एवं ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय खेलों में बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में कॉमनवेल्थ गेम्स में छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने वेटलिफ्टिंग में रजत पदक जीतकर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया एवं फिट इंडिया जैसे अभियान युवाओं को नई दिशा दे रहे हैं। जशपुर में 67 करोड़ रुपये की लागत से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तथा 60 करोड़ रुपये से आर्चरी अकादमी का निर्माण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने खेल अलंकरण समारोह प्रारंभ किया है, जिसके तहत उत्कृष्ट खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता, प्रशस्ति पत्र तथा शासकीय सेवा का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की खेल नीति के अनुसार ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 21 लाख रुपये, स्वर्ण पदक विजेता को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तथा उत्कृष्ट खेल मिशन का भी उल्लेख किया।
राजनांदगांव की छात्रा प्राची मलगामे के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने अपने जीवन संघर्षों का उल्लेख करते हुए बताया कि 10 वर्ष की आयु में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। उन्होंने खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने का कोई पूर्व निर्धारित लक्ष्य नहीं था, लेकिन जो भी दायित्व मिला, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में आज भी वे प्रदेश की साढ़े तीन करोड़ जनता के विश्वास पर खरा उतरने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कोई भी कार्य छोटा नहीं होता, केवल उसे पूरी ईमानदारी और समर्पण से करना चाहिए।
सरगुजा की शाहिना अंसारी के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वच्छता को जनजीवन का महत्वपूर्ण आधार माना था और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से इसे जनआंदोलन का रूप दिया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2014 को लाल किले से दिए गए आह्वान के बाद देश में स्वच्छता के प्रति व्यापक जागरूकता आई है। गांव-गांव में शौचालय बने हैं और लोगों की आदतों में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
दुर्ग के छात्र निखिल कुमार ठाकुर के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। युवाओं में संस्कार, बड़ों के प्रति सम्मान, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्राचीन काल में भारत विश्वगुरु था और नालंदा तथा तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय विश्वभर के विद्यार्थियों को आकर्षित करते थे। लंबे समय तक विदेशी शासन के कारण यह परंपरा प्रभावित हुई, लेकिन आज भारत आर्थिक दृष्टि से विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर, मेक इन इंडिया, स्वदेशी वैक्सीन निर्माण और ब्रह्मोस जैसी उपलब्धियां नए भारत की शक्ति का परिचायक हैं। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बताया कि हाल ही में प्रारंभ की गई सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्रदेशवासी अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे शासन तक पहुंचा सकते हैं। इस व्यवस्था में लगभग 8 हजार अधिकारियों को शिकायतों के निराकरण के लिए जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी भी अपने हॉस्टल अथवा शिक्षा से जुड़ी समस्याओं और सुझावों को इस माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रारंभ के डेढ़ माह में ही इस व्यवस्था को अच्छा प्रतिसाद मिला है और बिजली, पानी, नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन जैसी अनेक समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने अंत में बताया कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री डैशबोर्ड भी विकसित कर रही है, जिसके माध्यम से प्रदेश के सभी शासकीय संस्थानों को जोड़ा जाएगा। इस डैशबोर्ड के जरिए मुख्यमंत्री निवास से ही स्कूलों, अस्पतालों, शिक्षकों की उपस्थिति, राशन की उपलब्धता सहित विभिन्न सेवाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। उन्होंने कहा कि सुशासन, पारदर्शिता और तकनीक आधारित प्रशासन के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक बेहतर सेवाएं पहुंचाना राज्य सरकार का संकल्प है।
नारायणपुर के मांझी-चालकी और 'बस्तर पंडुम' विजेताओं ने राष्ट्रपति से की सौजन्य भेंट
रायपुर / बस्तर के घने जंगलों, अनूठी सामाजिक व्यवस्था और समृद्ध जनजातीय विरासत की गूंज अब देश के सर्वोच्च मंच राष्ट्रपति भवन तक जा पहुंची है। नारायणपुर जिले के पारंपरिक मांझी-चालकी और 'बस्तर पंडुम' प्रतियोगिता के विजेताओं का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल हाल ही में नई दिल्ली पहुंचा, जहां उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति से सौजन्य मुलाकात की। इस आत्मीय भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को बस्तर की जीवंत परंपराओं, लोक कलाओं और सदियों पुरानी सांस्कृतिक पहचान से रूबरू कराया।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को बस्तर की सांस्कृतिक पहचान से रूबरू कराने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने 30 जुलाई 2026 में राष्ट्रपति भवन का दौरा किया, जिसमें बस्तर पंडुम के विजेता, मांझी-चालकी और पद्मश्री सम्मानित कलाकार शामिल थे।
इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत 27 जुलाई को नारायणपुर से हुई थी, जब नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल ने हरी झंडी दिखाकर इस दल को दिल्ली के लिए रवाना किया था। पूरे जिले के लिए यह एक अत्यंत गर्व का क्षण था। इसके बाद 30 जुलाई को दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में बस्तर की जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने का यह सुनहरा अवसर आया।
मुलाकात के दौरान बस्तर की कला और परंपरा के प्रमुख ध्वजवाहकों ने अपनी माटी का प्रतिनिधित्व किया। इनमें 'बस्तर पंडुम' के जनजातीय आभूषण विधा की विजेता मुंगड़ी कोर्राम और सुदनी दुग्गा शामिल थीं, जिन्होंने पारंपरिक आभूषणों के सौंदर्य और उनके सांस्कृतिक महत्व की जानकारी साझा की। वहीं, बस्तर की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था का नेतृत्व करते हुए एड़का परगना के मांझी राजाराम, करंगाल परगना के मांझी सुधवाराम करंगा, गोटाली परगना के मांझी मंगतू राम ध्रुव, नूरदेश परगना के मांझी गुड्डू पोटाई तथा करंगाल परगना के चालकी सोमारू राम ने बस्तर की पारंपरिक सामाजिक संरचना और रीति-रिवाजों का परिचय दिया।
प्रतिनिधिमंडल की इस मुलाकात से न केवल नारायणपुर और समूचा बस्तर संभाग गौरवान्वित महसूस कर रहा है, बल्कि इससे राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को एक नई पहचान मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मंचों से जनजातीय कला, परंपराओं और लोक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिलेगा।
नशामुक्त युवा ही बनाएंगे 'विकसित भारत'
बलौदाबाजार में 'नशामुक्त युवा संकल्प अभियान' का आगाज
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने दिलाई शपथ
रायपुर / प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशव्यापी 'नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' के वर्चुअल शुभारंभ के साथ ही बलौदाबाजार- भाटापारा जिले में भी इस महाअभियान का शंखनाद हुआ। मुख्य अतिथि की आसंदी से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि "नशा एक दीमक की तरह है जो न केवल व्यक्ति को खोखला करता है, बल्कि उसके परिवार, माता-पिता के सपनों और भविष्य को भी तबाह कर देता है।
बलौदाबाजार- भाटापारा जिला के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहने तथा परिवार व समाज को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
इतिहास गवाह है कि देश में जितने भी बड़े परिवर्तन हुए हैं, वे युवाओं के दम पर ही संभव हुए हैं। युवाओं को नशे के चंगुल से मुक्त रहकर राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा लगानी होगी।
100 सप्ताह तक चलेगा जनजागरूकता का महाअभियान
इस संकल्प अभियान के तहत आगामी 100 हफ्तों तक जिले भर में खेल, कला, संस्कृति और जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने नशामुक्ति पर केंद्रित एक बेहद संवेदनशील व आकर्षक नाटिका का मंचन किया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने युवाओं को संदेश में कहा कि नशा केवल व्यक्ति का नहीं, पूरे परिवार का विनाश करता है। हमारी युवा पीढ़ी को सही संस्कार और विचार अपनाकर अपने भविष्य को सुरक्षित करना होगा। एक समृद्ध और स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए युवाओं का व्यसनमुक्त होना अनिवार्य है। इस 100-साप्ताहिक अभियान में जिले के युवा बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आकांक्षा जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, जिला पंचायत सदस्य ईशान वैष्णव, कलेक्टर कुलदीप शर्मा, खेल अधिकारी सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में युवा उपस्थित थे।
55 प्रतिशत अनुदान से स्थापित की ड्रिप सिंचाई प्रणाली, कम पानी में बढ़ा उत्पादन और आय
रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत संचालित सूक्ष्म सिंचाई योजना किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। योजना के अंतर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई प्रणालियों पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे कम पानी में अधिक उत्पादन संभव हो रहा है।
सरगुजा जिले के विकासखंड लुण्ड्रा अंतर्गत ग्राम पंचायत झेराडीह के प्रगतिशील किसान श्री आनन्द राम पैकरा ने सूक्ष्म सिंचाई योजना का लाभ लेकर अपनी खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ा है। उनके पास कुल 0.909 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसमें 0.509 हेक्टेयर में धान तथा 0.400 हेक्टेयर में टमाटर एवं गोभी जैसी सब्जियों की खेती की जाती है। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग से उन्होंने लगभग डेढ़ एकड़ क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित की, जिसके लिए उन्हें शासन से 55 प्रतिशत अनुदान प्राप्त हुआ।
श्री आनन्द राम पैकरा बताते हैं कि पहले पारंपरिक सिंचाई पद्धति में अधिक पानी, समय और श्रम लगता था तथा खेत में समान रूप से सिंचाई करना कठिन होता था। ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने के बाद पानी सीधे पौधों की जड़ों तक आवश्यक मात्रा में पहुंच रहा है। इससे जल की बचत होने के साथ पौधों का विकास बेहतर हुआ है और फसल की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने बताया कि ड्रिप प्रणाली के माध्यम से उर्वरकों का उपयोग भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। पौधों को आवश्यकता के अनुसार पोषक तत्व मिलने से टमाटर एवं गोभी की फसल अधिक स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण तैयार हो रही है। उत्पादन बढ़ने के साथ खेती की लागत में कमी आई है, जिससे सब्जी उत्पादन पहले की अपेक्षा अधिक लाभकारी बन गया है।
राज्य शासन द्वारा सूक्ष्म सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देकर जल संरक्षण, उत्पादन वृद्धि और किसानों की आय में बढ़ोतरी के लक्ष्य को साकार किया जा रहा है। सरगुजा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में किसान शासन की योजनाओं का लाभ लेकर पारंपरिक खेती से आगे बढ़ते हुए वैज्ञानिक एवं तकनीक आधारित कृषि को अपना रहे हैं, जिससे कृषि अधिक टिकाऊ, लाभकारी और आत्मनिर्भर बन रही है।
स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस राज्य स्तरीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा— आम नागरिक को त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध न्याय दिलाना नए कानूनों का मूल उद्देश्य
समन्वित प्रयासों से नए कानूनों और डिजिटल न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ बनेगा देश का अग्रणी राज्य - मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा
ई-साक्ष्य, ई-समन, न्याय श्रुति, सीसीटीएनएस और आईसीजेएस जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं से न्याय प्रणाली हो रही अधिक प्रभावी और जवाबदेह
नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य में सतत प्रशिक्षण, मॉनिटरिंग और तकनीकी क्षमता विकास पर विशेष जोर
रायपुर / वर्तमान समय की आवश्यकताओं और बदलती चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए नए आपराधिक कानून भारत की न्याय व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन के वाहक बने हैं। इन कानूनों का उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि आम नागरिक को त्वरित, पारदर्शी, सुलभ और समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना है। आधुनिक तकनीक, डिजिटल प्रणालियों और वैज्ञानिक साक्ष्यों को न्याय प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाकर न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित "स्ट्रेंथिंग डिजिटल जस्टिस" राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराने औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए हैं। इन कानूनों की मूल भावना नागरिक-केंद्रित न्याय व्यवस्था की स्थापना है, जिसमें पीड़ित को शीघ्र न्याय मिले और अपराधी कानून के शिकंजे से बच न सके।
उन्होंने कहा कि पुराने कानून ऐसे समय में बने थे, जब डिजिटल तकनीक, सीसीटीवी, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और आधुनिक फॉरेंसिक विज्ञान का अस्तित्व नहीं था। आज अपराधों की प्रकृति बदल चुकी है और तकनीक न्याय व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बन गई है। नए कानूनों ने डिजिटल साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तथा वैज्ञानिक फॉरेंसिक जांच को विधिक मान्यता देकर अपराध अनुसंधान और अभियोजन को नई मजबूती प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी की शाखा प्रारंभ होने से अपराध अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया को नई दिशा मिलेगी। ई-साक्ष्य जैसी व्यवस्था इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के सुरक्षित संरक्षण और उनकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से न्याय प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और प्रभावी हुई है। पहले समन की तामील में कई दिन लग जाते थे, जबकि अब ई-समन के माध्यम से सूचना तत्काल संबंधित व्यक्ति तक पहुंच रही है और उसकी डिजिटल ट्रैकिंग भी संभव हो गई है। न्याय श्रुति जैसी व्यवस्था न्यायालयीन कार्यवाही के सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के साथ-साथ ऑनलाइन एवं हाइब्रिड सुनवाई को भी अधिक सक्षम बना रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) के माध्यम से देशभर के पुलिस थाने डिजिटल रूप से एक-दूसरे से जुड़े हैं। इससे अपराधियों का रिकॉर्ड तत्काल उपलब्ध हो जाता है और पुलिस को त्वरित कार्रवाई में सुविधा मिलती है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के सभी थाने ऑनलाइन मोड में कार्यरत हैं तथा राज्य में अब तक 1 लाख 97 हजार 547 एफआईआर ऑनलाइन दर्ज की जा चुकी हैं। नागरिकों को डिजिटल हस्ताक्षरित एफआईआर की प्रति भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) न्यायपालिका, पुलिस, अभियोजन, जेल और अन्य संबंधित संस्थाओं के बीच सुरक्षित डिजिटल समन्वय स्थापित कर रहा है। इससे सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान संभव हुआ है और न्यायिक प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी में उल्लेखनीय कमी आई है।
उन्होंने कहा कि नए कानूनों से न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले की अपेक्षा अधिक सरल, पारदर्शी और कम खर्चीली हुई है। कागजी औपचारिकताओं में कमी आई है तथा सीमित संसाधनों में अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियों से निपटने में भी ये कानून अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इसी दिशा में राज्य सरकार ने नौ नए साइबर थाने प्रारंभ किए हैं तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तकनीक निरंतर विकसित हो रही है। इसलिए न्याय व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को समय-समय पर प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक है। राज्य सरकार नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सतत प्रशिक्षण, क्षमता विकास और नियमित मॉनिटरिंग के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने कहा कि तीनों नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य की आपराधिक न्याय प्रणाली अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक, त्वरित और तकनीक आधारित बनेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम देश की न्याय व्यवस्था में व्यापक बदलाव लेकर आए हैं। इन कानूनों की सफलता केवल उनके लागू होने में नहीं, बल्कि सभी संबंधित संस्थाओं द्वारा उनके प्रभावी क्रियान्वयन में निहित है।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि आज की चर्चा केवल डिजिटल प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपराधिक अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया में व्यापक परिवर्तन का प्रतीक है। ई-साक्ष्य, ई-चालान, न्याय श्रुति तथा डिजिटल फॉरेंसिक्स जैसी व्यवस्थाएं नए कानूनों की मूल भावना को साकार करने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। विशेष रूप से ई-साक्ष्य को उन्होंने साक्ष्य प्रबंधन की समग्र एवं एकीकृत प्रणाली बताते हुए कहा कि इससे साक्ष्यों की विश्वसनीयता और प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि न्याय की प्रक्रिया अपराध स्थल से प्रारंभ होती है। यदि प्रारंभिक जांच वैज्ञानिक, निष्पक्ष और पारदर्शी होगी, तो पूरी न्यायिक प्रक्रिया अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनेगी। तकनीक न्यायिक विवेक का स्थान नहीं ले सकती, लेकिन उसे अधिक प्रभावी अवश्य बना सकती है।
मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि जून माह के दौरान जिला न्यायालयों में लगभग 9,910 मामलों तथा उच्च न्यायालय में 58 मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। उन्होंने सभी हितधारकों से न्याय श्रुति प्लेटफॉर्म का व्यापक उपयोग करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 ने इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल अभिलेखों को व्यापक कानूनी मान्यता प्रदान की है, जबकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 ने अपराध पंजीयन, अनुसंधान, तलाशी, जब्ती, वीडियो रिकॉर्डिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक संचार जैसी प्रक्रियाओं में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी संबंधित संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ नए आपराधिक कानूनों एवं डिजिटल न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।
उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला न्याय व्यवस्था के इतिहास में मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम की समीक्षा के बाद इसके त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए, जिसके परिणामस्वरूप न्याय एवं कानून व्यवस्था के डिजिटलीकरण की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है।
उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों की मूल भावना यह सुनिश्चित करना है कि निचली अदालत से लेकर उच्चतम न्यायालय तक न्यायिक प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध न्याय मिल सके। उन्होंने "वन डेटा, वन एंट्री" की अवधारणा पर कार्य करने, एफआईआर की मैनुअल प्रक्रिया समाप्त करने तथा ई-फॉरेंसिक, ई-साक्ष्य, न्याय श्रुति, सीसीटीएनएस, नेफिस, सीआरपीआई एप्लिकेशन और डीएनए सैंपलिंग जैसी आधुनिक प्रणालियों के व्यापक उपयोग पर बल दिया।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार न्याय व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम में विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेंद्र यादव, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन.के. चन्द्रवंशी, उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायमूर्तिगण, प्रमुख सचिव गृह श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी कार्य विभाग श्रीमती सुषमा सावंत, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, विभिन्न जिलों के न्यायाधीश, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सीसीटीएनएस के नोडल अधिकारी, अभियोजन अधिकारी, एफएसएल के अधिकारी, मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सक, विधि विशेषज्ञ तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से देशव्यापी अभियान का किया शुभारंभ, युवाओं से किया नशामुक्त भारत के निर्माण का आह्वान
100 सप्ताह तक चलेगा जन-जागरूकता अभियान, विद्यालयों, महाविद्यालयों और युवा संगठनों के माध्यम से होंगे व्यापक कार्यक्रम
रायपुर / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आज देशभर में प्रारंभ हुए ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’ के तहत राजधानी रायपुर स्थित लोक भवन में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में बड़ी संख्या में युवा, छात्र-छात्राएं, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संगठन तथा विभिन्न युवा संगठनों के सदस्य शामिल हुए। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से देशभर के युवाओं को संबोधित करते हुए 100 सप्ताह तक चलने वाले इस राष्ट्रव्यापी जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है और यदि युवा नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता का सकारात्मक उपयोग करें, तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से स्वयं नशामुक्त जीवन अपनाने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी इस दिशा में जागरूक करने का आह्वान किया।
लोक भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं ने उत्साहपूर्वक देखा। राज्यपाल रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्ति की शपथ ली। कार्यक्रम में युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, सकारात्मक सोच विकसित करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया।
उल्लेखनीय है कि ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’ 2 अगस्त 2026 से प्रारंभ होकर आगामी 100 सप्ताह तक देशभर में संचालित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), माय भारत युवा संगठन तथा अन्य युवा संगठनों के सहयोग से विविध जन-जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इनमें नशामुक्ति शपथ कार्यक्रम, जागरूकता रैलियाँ, पोस्टर एवं चित्रकला प्रतियोगिताएँ, वाद-विवाद, निबंध लेखन, नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, लघु फिल्म प्रदर्शन, सोशल मीडिया अभियान तथा सामुदायिक संवाद जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे।
अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उन्हें सकारात्मक जीवन मूल्यों से जोड़ना तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय और जिम्मेदार भागीदारी सुनिश्चित करना है। केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से यह अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाकर इसे जनभागीदारी का व्यापक आंदोलन बनाया जाएगा।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में युवा एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
