February 05, 2026
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Mrinendra choubey

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राजनांदगांव/शौर्यपथ/ भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, राजनांदगांव के बायोकेमेस्ट्री विभाग द्वारा दिनांक 17 दिसंबर 2025 को Inborn Errors of Metabolism (IEM): From Bench to Bedside विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा (सी.एम.ई.) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से भी आयोजित हुआ, जिसमें राज्य के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों के चिकित्सा शिक्षक एवं स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. पी.एम. लुका (अधिष्ठाता, चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव) एवं अतिथि डॉ. अतुल मनोहर राव देशकर (मेडिकल सुपरिंटेंडेंट) द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर किया गया। अतिथियों का स्वागत बायोकेमेस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल बरन चौधुरी द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. पी.एम. लुका ने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध एवं बदलावों से अपडेट रहने के लिए ऐसे शैक्षणिक आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं। वहीं डॉ. अतुल मनोहर राव देशकर ने IEM जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सीएमई आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस बीमारी की समय पर पहचान एवं उपचार में प्रयोगशाला जांच की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में एम्स रायपुर से आमंत्रित मुख्य वक्ता डॉ. अतुल जिंदल (विभागाध्यक्ष एवं शिशु रोग विशेषज्ञ) ने The Nonspecific Clues: Recognizing IEM Across the Lifespan विषय पर व्याख्यान देते हुए IEM से जुड़े न्यूरोलॉजिकल लक्षणों एवं आवश्यक जांचों की विस्तृत जानकारी दी। एम्स रायपुर की डॉ. सुप्रवा पटेल (प्राध्यापक, बायोकेमेस्ट्री) ने IEM की पहचान हेतु होने वाली रक्त एवं जेनेटिक जांचों पर प्रकाश डाला। चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव के डॉ. अजय कोसम (विभागाध्यक्ष एवं शिशु रोग विशेषज्ञ) ने नवजात शिशुओं में मेटाबोलिक विकारों के नवीनतम निदान एवं उपचार तकनीकों की जानकारी दी। एम्स रायपुर की डॉ. तृप्ति सिंह नाइक (प्राध्यापक, शिशु रोग विभाग) ने बताया कि जीवनशैली एवं आहार में उचित बदलाव से IEM से पीड़ित मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं।

डॉ. रोहित डेविड (सह प्राध्यापक, पी.एस.एम. विभाग) ने कहा कि भारत में IEM एक गंभीर और तेजी से बढ़ती समस्या बनती जा रही है, जिस पर गंभीरता से विचार आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में बायोकेमेस्ट्री विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. पुष्पेन्द्र नरेटी ने सभी अतिथियों एवं आयोजन से जुड़े सदस्यों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव में IEM से संबंधित जांच एवं उपचार सुविधा शीघ्र प्रारंभ होने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि यह संस्थान भविष्य में IEM जांच एवं उपचार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

0 31 हजार विजेता व 21 हजार उपविजेता पुरस्कार, 50-50 फार्मूले से स्थानीय खिलाड़ियों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

राजनांदगांव/शौर्यपथ / वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित बहुप्रतिष्ठित 5वीं छत्तीसगढ़ हॉकी लीग 2025 का भव्य आयोजन आगामी 21 से 28 दिसंबर तक ढाबा रोड स्थित चीखली स्कूल मैदान में किया जाएगा। आठ दिवसीय इस अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता में देश एवं प्रदेश की 12 उत्कृष्ट टीमें हिस्सा लेंगी, जिनके बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।

अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी एवं एनआईएस गोल्ड मेडलिस्ट कोच मृणाल चौबे ने पत्रकारवार्ता में बताया कि हॉकी खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से समाजसेवी बलदेव सिंह भाटिया द्वारा अपने पूज्य पिताजी स्व. सुरजीत सिंह भाटिया की स्मृति में विजेता टीम को ₹31, 000 की नगद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। वहीं समाजसेवी बहादुर अली द्वारा अजीज मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से उपविजेता टीम को ₹21, 000 की नगद राशि दी जाएगी।

0 भव्य स्वागत व रैली

प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी टीमों का स्वागत रेलवे स्टेशन पर किया जाएगा। इसके पश्चात चिखली चौक से चीखली स्कूल मैदान तक रैली निकालकर खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया जाएगा।

0खिलाड़ियों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएँ

आयोजकों द्वारा खिलाड़ियों के लिए भोजन एवं आवास की उत्तम व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मेडिकल टीम, आपातकालीन सुविधा, पेयजल, इको-फ्रेंडली परिवहन, मैच ऑफिशियल्स, आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम, बेस्ट प्लेयर एवं बेस्ट दर्शक पुरस्कार की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

0फ्लड लाइट में होंगे मुकाबले

सांसद संतोष पाण्डेय द्वारा घोषित फ्लड लाइट का कार्य तेज़ी से जारी है। आयोजकों को उम्मीद है कि प्रतियोगिता प्रारंभ होने से पूर्व कार्य पूर्ण हो जाएगा और मुकाबले फ्लड लाइट में कराए जाएंगे।

0 50-50 फार्मूले से मिलेगा अवसर

कोच मृणाल चौबे ने बताया कि टूर्नामेंट में 50 प्रतिशत टीमें छत्तीसगढ़ से तथा 50 प्रतिशत टीमें अन्य राज्यों से होंगी। इस अनोखे 50-50 फार्मूले से प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने का सुनहरा अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता लीग कम नॉकआउट फॉर्मेट में खेली जाएगी, जिससे खिलाड़ियों को अधिक मैच और बेहतर प्रतिस्पर्धात्मक माहौल प्राप्त होगा।

0भाग लेने वाली प्रमुख टीमें

खेलो इंडिया सेंटर राजनांदगांव, जिला हॉकी संघ राजनांदगांव, अमरावती एकादश (महाराष्ट्र), आर.के. रॉय हॉकी अकादमी, पटना (बिहार), भोपाल एकादश (मध्यप्रदेश), सेल हॉकी अकादमी (राउरकेला ओड़िशा), तमिलनाडु एकादश (चेन्नई), मेंघबरन सिंह हॉकी अकादमी (गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश), स्टेट खेलो इंडिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस(बिलासपुर), जिला हॉकी संघ(कवर्धा), जिला हॉकी संघ दुर्ग, झारखंड एकादश

आयोजकों के अनुसार, पटरी पार क्षेत्र में पहली बार इतने बड़े स्तर पर हॉकी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों की उपस्थिति की भी प्रबल संभावना है। पत्रकारवार्ता में वार्ड पार्षद शिव वर्मा, सुनील साहू एवं दीपेश चौबे उपस्थित रहे।

राजनांदगांव/शौर्यपथ / भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर मेडिसिन विभाग एवं ए.आर.टी. सेंटर द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का प्रभावशाली आयोजन किया गया। इस वर्ष की थीम “अधिकार एवं संसाधनों की समझ: एड्स प्रभावित लोगों के लिए कानून और सरकारी सहायता” पर आधारित रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10:45 बजे दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिसमें अस्पताल अधीक्षक डॉ. अतुल मनोहरराव देशकर, उप-अधीक्षक डॉ. पवन जेठानी और जिला एड्स नियंत्रण सोसाइटी की नोडल अधिकारी डॉ. अल्पना लूनिया सहित अनेक चिकित्सक एवं शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ज्योति यादव, डॉ. मीना आर्मो, डॉ. तिर्कि और डॉ. अराधना टोप्पो ने भी अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज की।

मंच संचालन एसोसिएट प्रोफेसर मेडिसिन विभाग डॉ. प्रकाश खुंटे, रेणु अवस्थिति और अश्विनी राय द्वारा किया गया, जबकि वक्ताओं के रूप में धर्मेन्द्र वर्मा, जितेन्द्र जंघेल और नागेश मुंजारे मौजूद थे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एमबीबीएस 2021 बैच के छात्रों द्वारा डॉ. नवीन तिर्कि के मार्गदर्शन में प्रस्तुत जागरूकता नाटक ‘एड्स की महामारी’ रहा, जिसमें मनोरंजक शैली में एचआईवी/एड्स से जुड़े मिथकों, भ्रमों और अफवाहों से होने वाले नुकसान को सरल भाषा में समझाया गया। नाटक में महाराजा अकबर की भूमिका डॉ. प्रकाश खुंटे ने, जोरा बाई की भूमिका अश्विनी राय ने, बनारकली का अभिनय अनुभूति ने, बिरबल का रोल आदित्य सिन्हा ने, सहजादा वलीम का अमन केसरी ने, सेनापति का अजय ने तथा खबरीलाल का रोल अक्षत ने प्रभावशाली ढंग से निभाया।

नाटक के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि एचआईवी कोई अंत नहीं है, ए.आर.टी. दवाएं रोगियों को लंबा और स्वस्थ जीवन प्रदान करती हैं तथा ये सेवाएं सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध हैं। कार्यक्रम के अंत में ए.आर.टी. सेंटर में सेवाएं दे रही काउंसलर भारती सिमानकर, स्टाफ नर्स धर्मशिला और तकनीशियन खिलेश सिन्हा को स्मृतिचिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। डॉ. नवीन तिर्कि ने कार्यक्रम की सफलता का श्रेय संस्थान के डीन डॉ. पंकज मधुकर लुका के मार्गदर्शन को देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि समाज में एड्स से जुड़े मिथकों को दूर करने और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक और प्रभावी प्रयास साबित हुआ।

राजनांदगांव/शौर्यपथ/ मानव मंदिर चौक के पास बुधवार देर रात हुई चाकूबाजी की घटना के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने तेज़ी और समन्वित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। घटना रात 11:08 बजे की है, जब पुलिस को सूचना मिली कि लक्ष्मी मेडिकल स्टोर के पास एक युवक पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया है।

कॉम्बिंग गश्त में निकली पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और घायल अनुप यादव उर्फ मुण्डु यादव को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। आहत के पिता राजेश कुमार यादव ने बताया कि मोहम्मद महफूज शेख (28 वर्ष), निवासी शांति नगर, ने अनुप यादव पर गले, सीने, हाथ और पैर में चाकू से अनेक प्राणघातक वार किए। पुलिस ने गंभीरता को देखते हुए मौके पर देहाती नालसी तैयार कर आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 730/25 धारा 109(1) BNS तथा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल अवगत कराया।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने पूरी रात इलाके में तलाशी अभियान चलाया और आरोपी महफूज शेख को उसके ठिकाने से हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने वारदात स्वीकार की, जिसके बाद उसके कब्जे से बटनदार चाकू और स्कूटी क्रमांक CG 08 BD 2721 बरामद की गई। पुख्ता सबूत मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर 27 नवंबर को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार आरोपी पहले से बदमाश प्रवृत्ति का है तथा उसके खिलाफ “हाफ मर्डर” जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। घायल अनुप यादव की हालत गंभीर देखते हुए मेडिकल कॉलेज पेंड्री से उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया गया।

पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी नंदकिशोर गौतम, उप निरीक्षक धनीराम नारंगे, प्रआर जी. सिरील कुमार, शंभूनाथ द्विवेदी, संदीप चौहान, आरक्षक प्रयंश सिंह, श्रीनिवास राव, राम नारायण चंदेल, अविरल भगत तथा कोतवाली स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

खेल, शिक्षा, अनुशासन, स्वास्थ्य और नशामुक्ति का सफल मॉडल—बच्चों को मैदान से जोड़ने की रुद्राक्षम् वेलफेयर सोसाइटी की प्रभावी पहल

राजनांदगाँव। शौर्यपथ/ चीखली स्कूल मैदान में रुद्राक्षम् वेलफेयर सोसाइटी द्वारा संचालित निःशुल्क हॉकी प्रशिक्षण शिविर एक बार फिर बड़ी सफलता का कारण बना है। पटरी पार क्षेत्र के बच्चों के लिए चल रहे इस प्रशिक्षण में शामिल 8 खिलाड़ियों का चयन भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘खेलो इंडिया’ में हुआ है। चयन ट्रायल 6 नवंबर को आयोजित किए गए थे, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को चुना गया। प्राप्त सूची में जिन 8 बालिकाओं के नाम शामिल है उनमे लक्ष्य पब्लिक स्कूल से डिंपल यादव, निधि मरकाम, कनक मरकाम तथा तनिस्का ,शास. पूर्व माध्यमिक विद्यालय चीखली से तीजेश्वरी यादव, जिया साहू ,विनायक पब्लिक स्कूल से जूही राजपूत, नीरज पेरेंट्स प्राइड स्कूल से फाल्गुनी नायडू है । सभी चयनित खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी एवं एन.आई.एस. गोल्ड मेडलिस्ट कोच मृणाल चौबे के निर्देशन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

“पटरी पार क्षेत्र में खेल, शिक्षा और अनुशासन को नई दिशा” — मृणाल चौबे

मृणाल चौबे ने बताया कि रुद्राक्षम् वेलफेयर सोसाइटी द्वारा चलाए जा रहे विस्तृत अभियान के अंतर्गत पटरी पार क्षेत्र के बच्चों को खेल, शिक्षा, अनुशासन, स्वास्थ्य और नशामुक्ति के प्रति जागरूक किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि “हमारा उद्देश्य बच्चों को मैदान से जोड़कर उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। यह उपलब्धि उसी प्रयास का परिणाम है।” पटरी पार क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है ।

“राजनांदगाँव की हॉकी का देश में विशेष स्थान” — फ़िरोज़ अंसारी

छत्तीसगढ़ हॉकी के अध्यक्ष फ़िरोज़ अंसारी ने सभी चयनित खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि राजनांदगाँव की हॉकी ने हमेशा राज्य और देश का गौरव बढ़ाया है। खिलाड़ियों का खेलो इंडिया में चयन इस पहचान को और मजबूत करता है। महापौर मधुसूदन यादव, जिला हॉकी संघ के सचिव शिवनारायण धकेता, सहायक संचालक खेल विभाग ए. एक्का, नीलमचंद जैन, कुतुबुद्दीन सोलंकी, रमेश डाकलिया, भुषण सॉव, नरेश डाकलिया पूर्व महापौर, कुमार स्वामी, पार्षद छोटेलाल रामटेके, ज्ञानचंद जैन, प्रकाश शर्मा, वरिष्ठ पार्षद शिव वर्मा, सुनील वर्मा, अजय झा,गणेश प्रसाद शर्मा, ज्ञानचंद जैन, अनुराज श्रीवास्तव, अब्दुल कादिर, प्रिंस भाटिया,रणविजय प्रताप सिंह, रामावतार जोशी, दिग्विजय श्रीवास्तव,संतोष साहू,राजू रंगारी, महेंद्र ठाकुर, गुणवंत पटेल, किशोर धीवर, डॉ विकास वैष्णव, मोहम्मद जावेद, गोविन्द यादव, सचिन खोबरागड़े, योगेश दुवेदी, दिलीप रावत, आशा थॉमस, शकील अहमद, खेमराज सिन्हा, कृष्णा यादव, कुशाल यादव, अभिनव मिश्रा, लक्ष्मण यादव, आशीष सिन्हा, आरती शेंडे, हारुन खान, दीपेश चौबे, पियूष वर्मा, रुपेश जायसवाल, ललित नायडू, सुरेश डेकाटे,आशु लारिया , रवि कुंजाम, संदीप यादव , ब्रम्हा नंद चौबे , शेखर सिन्हा , शिवा चौबे , राधे साहू , तेजन राजपूत , लाल सिंह साहू , राजा राजपूत , बृज नेताम , पप्पू रामटेके , किशोर श्रीमटे , अमर जीत यादव , विष्णु नंद चौबे , राजेश यादव , सौरभ यादव , वासु सावक , लक्ष्मण पाल , चंदा साहू , मनोज साहू , अंजू सिंह , प्रतिमा भारद्वाज , मोनिका राजपूत , वंदना वर्मा , रागिनी श्रीवास्तव , श्रीमती मंजूलता राजपूत , डेजी मसीह , कल्प रानी , जामुन साहू , पायल वर्मा , मीणा विश्वकर्मा एवं श्रीमती सरिता चौबे तथा अनेक जनप्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों और समाजसेवियों ने खिलाड़ियों को बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सभी ने इस सफलता को राजनांदगाँव की उभरती प्रतिभाओं के उज्ज्वल भविष्य का संकेत बताया।

राजनांदगांव/शौर्यपथ/ सर्दियों के मौसम में दिल के मरीजों के लिए खतरा बढ़ जाता है।एसोसिएट प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग डॉ. प्रकाश खूंटे बताते हैं कि ठंड के कारण शरीर की रक्त वाहिकाएँ सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल पर अचानक भार पड़ता है। इसी कारण इस मौसम में हार्ट अटैक की घटनाएँ अधिक देखी जाती हैं। सर्दियों में लोगों की गतिविधियाँ कम हो जाती हैं और तैलीय, भारी भोजन का सेवन बढ़ जाता है। इसके साथ ही फ्लू और सांस की समस्या भी दिल की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है, जिससे दिल की बीमारी का जोखिम और बढ़ जाता है।

डॉ. प्रकाश खूंटे का कहना है कि हार्ट अटैक के लक्षणों को समय रहते पहचानना बेहद महत्वपूर्ण है। यदि सीने में दर्द या दबाव महसूस हो, दर्द हाथ, गर्दन या पीठ तक फैल जाए, सांस लेने में कठिनाई, ठंडा पसीना या चक्कर आए—तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। बुजुर्ग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह व कोलेस्ट्रॉल के मरीज और पहले से हृदय रोग से पीड़ित लोग सर्दियों में विशेष रूप से जोखिम में रहते हैं।

सावधानी जिन लोगों को रखनी चाहिए, उनमें डॉ. प्रकाश खूंटे खासतौर पर 50 वर्ष से ऊपर के लोगों, स्मोकिंग करने वालों और लंबे समय से दिल की बीमारी झेल रहे मरीजों को शामिल करते हैं। उनके अनुसार सर्दियों में दिल को सुरक्षित रखने के लिए कुछ सरल लेकिन प्रभावी उपाय अपनाने चाहिए। सबसे पहले ठंड से बचाव जरूरी है—गर्म कपड़ों का सही उपयोग करें और अचानक ठंडी हवा में जाने से बचें। हल्का व संतुलित भोजन लें, दिन में थोड़ा-बहुत चलते-फिरते रहें और नियमित रूप से BP, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराते रहें। डॉ. प्रकाश खूंटे सलाह देते हैं कि धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन सर्दियों में दिल के लिए और भी हानिकारक हो सकता है, इसलिए इन्हें सीमित करना आवश्यक है।

बहुत ठंड में भारी व्यायाम या अचानक जोरदार शारीरिक गतिविधि दिल पर अनावश्यक दबाव डाल सकती है, इसलिए हल्का और सुरक्षित व्यायाम ही उपयुक्त है। वे यह भी कहते हैं कि पर्याप्त पानी पिएँ, क्योंकि सर्दियों में शरीर अनजाने में डीहाइड्रेट हो जाता है, जिससे खून गाढ़ा होने का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञ डॉ. खूंटे के अनुसार, शीत लहर के दिनों में दिल के मरीजों, बुजुर्गों और हाई BP/शुगर वाले मरीजों को अत्यधिक सतर्क रहने की जरूरत है। ठंड का सही प्रबंधन, तनाव से दूरी और समय पर जांच—ये तीन बातें सर्दियों में दिल की सुरक्षा की रीढ़ हैं।

आखिर में डॉ. प्रकाश खूंटे यह संदेश देते हैं कि सर्दियों में छोटे-छोटे पर सावधानीपूर्ण कदम दिल को गंभीर खतरे से बचा सकते हैं। किसी भी लक्षण को हल्के में न लें और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर उपचार से हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है।

राजनांदगांव/शौर्यपथ/ नव पदस्थ पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा (भा.पु.से.) ने आज राजनांदगांव जिले के पुलिस अधीक्षक का पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर एएसपी (ऑप्स) मुकेश ठाकुर, एएसपी राहुल देव शर्मा, तथा सीएसपी श्रीमती वैशाली जैन (भा.पु.से.) सहित अन्य अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।

नवीन पुलिस कप्तान के आगमन पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर (सलामी) दी गई। इसके पश्चात सभागार में जिले के सभी अधिकारी एवं थाना/चौकी प्रभारियों की बैठक लेकर उन्होंने क्षेत्रवार अपराध स्थिति, अपराधियों के रिकॉर्ड तथा प्रमुख मामलों की जानकारी ली। बैठक में पुलिस अधीक्षक ने जुआ, सट्टा, अवैध शराब, गांजा, चाकूबाजी, गुंडा-बदमाश एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही थाना एवं चौकी में आने वाले प्रत्येक नागरिक के साथ संवेदनशील एवं सौम्य व्यवहार रखने की बात कही।

इसके बाद जनसंवाद कक्ष में जिले के सभी इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के पत्रकारों से मुलाकात करते हुए उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से संस्कारधानी राजनांदगांव में बेसिक पुलिसिंग, विजुअल पुलिसिंग और फील्ड पुलिसिंग के माध्यम से अपराध नियंत्रण किया जाएगा। उन्होंने सुगम यातायात और बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था का आश्वासन दिया।

आईपीएस अंकिता शर्मा 2018 बैच की अधिकारी हैं। उन्होंने पूर्व में बलौदाबाजार-भाटापारा में प्रशिक्षु आईपीएस, रायपुर में सीएसपी, जगदलपुर में एडिशनल एसपी (नक्सल ऑपरेशन), तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में ओएसडी के रूप में कार्य किया है। हाल ही में वे जिला सक्ति की पुलिस अधीक्षक के रूप में अपने दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुकी हैं।

0 अशोक पांडे, शशांक तिवारी संभाग स्तरीय अधिमान्यता समिति में चयन पर बधाई, पत्रकारों में उत्साह

राजनांदगांव। शौर्यपथ/आज जारी प्रदेश के पत्रकारों की अधिमान्यता समिति में संस्कारधानी के सूरज बुद्धदेव संपादक, दैनिक दावा को राज्य स्तरीय अधिमान्यता सूची में एवं अशोक पांडे (नांदगांव टाइम्स), शंशाक तिवारी (सबेरा संकेत) को संभाग स्तरीय अधिमान्यता समिति में शामिल किए जाने पर प्रेस जगत राजनांदगांव की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां प्रेषित की गई। पत्रकार साथियों एवं नागरिकों ने कहा कि यह उपलब्धि जिले के पत्रकार समुदाय के लिए गौरव का विषय है। सूरज बुद्धदेव की निष्पक्ष, जनसरोकार आधारित पत्रकारिता ने सदैव समाज में सकारात्मक संदेश दिया है। सच्ची पत्रकारिता वही है जो समाज के हित में निडरता से सत्य को सामने लाए।

0 छत्तीसगढ़ की रजत जयंती एवं एनएमसी के तत्वावधान में हुआ कार्यक्रम, 127 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

राजनांदगांव। शौर्यपथ/ स्व. अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति मेडिकल कॉलेज, राजनांदगांव में मंगलवार 14 अक्टूबर 2025 को छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष एवं राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के तत्वावधान में रेबीज विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनमानस एवं चिकित्सा समुदाय में रेबीज जैसी घातक बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कॉलेज के डीन डॉ. पी.एम. लूका थे। आयोजन का संचालन चिकित्सा विभाग द्वारा किया गया, जिसके विभागाध्यक्ष डॉ. एन.के. तिर्की थे।संगोष्ठी में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रकाश खुंटे, डॉ. धीरज भवाननी, डॉ. धनंजय ठाकुर एवं डॉ. आशीष दुलानी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर अतिथि वक्ता के रूप में एम्स की अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. सबा सिद्दीकी और छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध फिल्म कलाकार एवं पूर्व आईएमए अध्यक्ष डॉ. अजय सहाय ने रेबीज के नियंत्रण, निदान एवं रोकथाम पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि रेबीज एक ऐसी वायरल बीमारी है जो संक्रमित जानवर के काटने, खरोंचने या लार के संपर्क से फैलती है और लक्षण प्रकट होने के बाद लगभग 100% घातक होती है। इसलिए समय पर टीकाकरण और जागरूकता ही इसका सबसे प्रभावी बचाव है।

कार्यक्रम में स्टाफ नर्स, जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर, इंटर्न और एमबीबीएस छात्रों सहित कुल 127 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। संगोष्ठी में बताया गया कि विश्वभर में हर वर्ष लगभग 59,000 मौतें रेबीज से होती हैं, जिनमें से अधिकांश एशिया और अफ्रीका में होती हैं। भारत में यह संख्या 18,000 से 20,000 के बीच है, जिसमें 30 से 60 प्रतिशत मामले बच्चों में पाए जाते हैं। भारत में 97 प्रतिशत मानव रेबीज संक्रमण संक्रमित कुत्तों के काटने से होते हैं।

विशेषज्ञों ने बताया कि रेबीज के प्रारंभिक लक्षण बुखार, घाव वाली जगह पर झुनझुनी और दर्द के रूप में प्रकट होते हैं। इसके बाद रोग दो रूपों में दिखाई देता है — उग्र (फ्यूरियस) रेबीज और लकवाग्रस्त (पैरालिटिक) रेबीज। डॉ. सिद्दीकी ने कहा कि लक्षण दिखने के बाद रोग का कोई इलाज नहीं है, इसलिए घाव की त्वरित देखभाल, साबुन और पानी से धोना तथा तुरंत वैक्सीनेशन (पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफीलैक्सिस) ही जीवन रक्षक उपाय हैं। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि रेबीज उन्मूलन का सबसे प्रभावी तरीका कुत्तों का सामूहिक टीकाकरण है। भारत सरकार द्वारा पशु जन्म नियंत्रण (कुत्ते) नियम 2023 के तहत आवारा कुत्तों की नसबंदी और एंटी रेबीज वैक्सीनेशन (ABC-ARV) कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। पालतू कुत्तों के लिए रेबीज टीकाकरण को अनिवार्य बताया गया।

विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने पालतू जानवरों का नियमित टीकाकरण करवाएँ, ताकि परिवार और समाज दोनों सुरक्षित रहें।

0 शिवनाथ वाटिका में होगा सम्मान समारोह

राजनांदगांव। शौर्यपथ/ संस्कारधानी आगामी 15 अक्टूबर को उत्सव के रंग में रंगने जा रही है। विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का 73वां जन्मदिन इस बार विशेष रूप से “उत्सव” के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर वे दो दिनों के नगर प्रवास पर रहेंगे और अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक तथा जनसेवा कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

पहले दिन मठपारा स्थित शिवनाथ वाटिका में भारतीय जनता पार्टी द्वारा भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है, जिसमें हजारों की संख्या में कार्यकर्ता जुटेंगे। इस कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री गजेंद्र यादव सहित प्रदेश व जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता शामिल होंगे। इसके बाद स्पीकर हाउस में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और मंत्रिमंडल के सदस्यों की उपस्थिति में रात्रि भोज का आयोजन होगा। रात में डॉ. सिंह स्टेट स्कूल मैदान में आयोजित विशेष कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत ने बताया कि जन्मदिन के अवसर पर 51 वार्डों में स्वच्छता अभियान और 71 गांवों में वृक्षारोपण का वृहद कार्यक्रम होगा। दूसरे दिन 16 अक्टूबर को डॉ. सिंह दिव्यांग बच्चों और स्वच्छता दीदियों के साथ अपना जन्मदिन साझा करेंगे। इस दौरान वे अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम परिसर में निर्मित जिम का उद्घाटन और गौरव पथ स्थित प्रयास विद्यालय का शुभारंभ भी करेंगे।

जन्मदिन की शाम संस्कारधानी संगीत के सुरों से गूंजेगी, जब बॉलीवुड सिंगर कैलाश खेर अपनी प्रस्तुति देंगे। युवा वेलफेयर फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। डॉ. रमन सिंह ने समर्थकों से अपील की है कि वे उपहार या बड़े पुष्पगुच्छ न लाएं, बल्कि सेवा कार्यों में भाग लेकर उत्सव को सार्थक बनाएं।

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