August 01, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    कलेक्टर अभिजीत सिंह ने दिलाई शपथ, महापौर अल्का बाघमार ने विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का किया आह्वान

    दुर्ग, 30 जुलाई। नगर पालिक निगम दुर्ग में शासन द्वारा नामांकित 9 एल्डरमेनों का शपथ ग्रहण समारोह श्रद्धेय मोतीलाल वोरा सभागार में गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती अल्का बाघमार, कलेक्टर अभिजीत सिंह, राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार साहू, भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, निगम सभापति श्याम शर्मा, प्रभारी आयुक्त मोहेंद्र साहू सहित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

    कलेक्टर अभिजीत सिंह ने शासन द्वारा नामांकित नरेश तेजवानी, कांतिलाल जैन, मदन बढ़ई, अनूप सोनी, तुलसी यादव, दशरथ निर्मलकर, गौरव शर्मा, तेखन सिन्हा एवं चमेली साहू को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। सभी एल्डरमेनों ने नगर के विकास, जनहित और नागरिकों की सेवा के लिए निष्ठा एवं ईमानदारी से कार्य करने का संकल्प लिया।

    मुख्य अतिथि शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करना प्रत्येक जनप्रतिनिधि का दायित्व है। उन्होंने नव-नामांकित एल्डरमेनों को शुभकामनाएं देते हुए नगर के समग्र विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

    महापौर अल्का बाघमार ने कहा कि एल्डरमेनों के अनुभव और सुझावों से नगर निगम की कार्यप्रणाली और अधिक सशक्त होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी एल्डरमेन विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

    सभापति श्याम शर्मा ने कहा कि नगर निगम का प्रत्येक जनप्रतिनिधि विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है। सामूहिक प्रयासों से दुर्ग को स्वच्छ, सुंदर और सुविधायुक्त शहर बनाया जा सकता है। उन्होंने नव-शपथ ग्रहण करने वाले एल्डरमेनों से जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

    समारोह में नव-नामांकित सभी एल्डरमेन अपने परिवारजनों और समर्थकों के साथ उत्साहपूर्वक शामिल हुए। नई जिम्मेदारी मिलने की खुशी और आत्मविश्वास उनके चेहरों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा था। समारोह के दौरान जनप्रतिनिधियों, परिजनों एवं शुभचिंतकों ने सभी एल्डरमेनों को शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर एमआईसी सदस्य देव नारायण चन्द्राकर, लीना दिनेश देवांगन, नरेंद्र बंजारे, शेखर चन्द्राकर, ज्ञानेश्वर ताम्रकर, काशीराम कोसरे, निकेश अग्रवाल, मनीष साहू, शशि साहू, लीलाधर पाल, शिव नायक, हर्षिका संभव जैन, कार्यपालन अधिकारी मोहम्मद सलीम सिद्दीकी, कार्यपालन अभियंता विनीता वर्मा, भवन अधिकारी प्रकाशचंद थावानी, सहायक अभियंता गिरीश दिवान, हरिशंकर साहू, पंकज साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, अधिकारी, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

    नाली, पेवर ब्लॉक और कवर ड्रेन निर्माण से जलभराव की समस्या होगी दूर, आवागमन होगा सुगम

    दुर्ग। दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रूआबांधा सेक्टर, वार्ड क्रमांक-06 में गुरुवार को 37.67 लाख रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन विधायक ललित चंद्राकर ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान मंदिर एवं शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुआ।

    भूमिपूजन के तहत नाली निर्माण, पेवर ब्लॉक बिछाने एवं कवर ड्रेन निर्माण जैसे कार्य किए जाएंगे। इन विकास कार्यों से क्षेत्र में जलभराव की समस्या का समाधान होगा, स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी तथा नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

    इस अवसर पर विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार हर वार्ड तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने के लिए सड़क, नाली, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण जैसे मूलभूत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

    उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनता की मांग और आवश्यकता के अनुरूप कराए जा रहे हैं तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी और सभी परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी।

    कार्यक्रम में रिसाली मंडल अध्यक्ष अनुपम साहू, मरोदा पुरैना मंडल अध्यक्ष राजू जंघेल, जिला उपाध्यक्ष एवं मंडल प्रभारी शिवेंद्र परिहार, नेता प्रतिपक्ष शैलेन्द्र साहू, वार्ड पार्षद शीला नारखेड़े, महामंत्री दशरथ साहू, गुड्डु झा, जिला मंत्री शैलेन्द्र शेंडे, मंडल उपाध्यक्ष प्रेम साहू, अजीत चौधरी, पार्षदगण तथा भाजपा पदाधिकारी, वार्डवासी एवं निगम कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

    बारिश में भवन से टपक रहा पानी, जीवनरक्षक दवाओं की सुरक्षा पर सवाल; DMF और CSR फंड के बावजूद नहीं हुआ स्थायी समाधान

    रिपोर्टर: कृष्णा मंडल

    लोकेशन: दंतेवाड़ा

    दंतेवाड़ा। प्रदेश के सबसे अधिक डीएमएफ (DMF) और सीएसआर (CSR) फंड प्राप्त करने वाले जिलों में शामिल दंतेवाड़ा में स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जिले के एकमात्र जिला अस्पताल में करोड़ों रुपये मूल्य की जीवनरक्षक दवाओं का स्टोर रूम जर्जर हालत में पहुंच चुका है। बारिश के दौरान भवन से पानी रिसने के कारण दवाओं के खराब होने का खतरा बना हुआ है।

    स्थिति यह है कि अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारी स्टोर रूम में रखी दवाओं को बचाने के लिए तिरपाल का सहारा लेने को मजबूर हैं। जिस भवन की मरम्मत या नए निर्माण की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है, वहां फिलहाल अस्थायी इंतजामों के भरोसे दवाओं को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में हर वर्ष भवन निर्माण और अन्य विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन अस्पताल के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक मेडिसिन स्टोर की हालत बेहद खराब बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब दंतेवाड़ा को DMF और CSR के माध्यम से पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध हैं, तब भी इस भवन के सुधार को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई।

    बारिश के मौसम में भवन के भीतर पानी रिसने से जीवनरक्षक दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार कई दवाओं के सुरक्षित भंडारण के लिए नियंत्रित वातावरण आवश्यक होता है, ऐसे में नमी और रिसाव उनकी गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।

    अब सवाल यह है कि क्या करोड़ों रुपये की दवाओं की सुरक्षा केवल तिरपाल के भरोसे की जा सकती है? इस मामले में स्वास्थ्य विभाग और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान शीघ्र किया जाना चाहिए, ताकि मरीजों के उपचार के लिए रखी गई दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

    लगातार प्रकाशित जांच रिपोर्टों और अनियमितताओं के खुलासे के बाद हरकत में आया खाद्य विभाग, कलेक्टर के निर्देश पर तीन उचित मूल्य दुकानों में दर्ज हुई एफआईआर

    दुर्ग। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में सामने आई गंभीर अनियमितताओं को लेकर दैनिक शौर्यपथ द्वारा लगातार प्रकाशित खबरों का बड़ा असर सामने आया है। शौर्यपथ ने विभागीय जांच प्रतिवेदनों के आधार पर करोड़ों रुपये मूल्य के राशन की कमी, एक ही व्यक्ति का बार-बार सामने आ रहा नाम और कार्रवाई के अभाव को प्रमुखता से उजागर किया था। इसके बाद जिला प्रशासन और खाद्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शासकीय उचित मूल्य दुकानों से जुड़े संचालकों एवं विक्रेताओं के विरुद्ध मोहन नगर थाना में एफआईआर दर्ज करा दी है।

    प्रशासनिक कार्रवाई में करीब 70 लाख रुपये से अधिक मूल्य के खाद्यान्न के गायब होने का मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि गरीब हितग्राहियों के लिए आवंटित राशन को खुले बाजार में बेच दिया गया।

    शौर्यपथ ने उठाए थे कई अहम सवाल

    शौर्यपथ ने अपनी पड़ताल में जिला खाद्य विभाग के चार अलग-अलग जांच प्रतिवेदनों का विश्लेषण करते हुए बताया था कि कई उचित मूल्य दुकानों में भारी मात्रा में खाद्यान्न स्टॉक से कम पाया गया। रिपोर्ट में यह भी सामने आया था कि विभिन्न जांचों में नवीन राजपूत का नाम बार-बार दुकान संचालन और राशन वितरण से जुड़ा मिला, जबकि विभागीय प्रतिवेदनों में लाखों रुपये मूल्य के खाद्यान्न की कमी दर्ज होने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।

    समाचार में यह सवाल भी उठाया गया था कि यदि सामान्य मामलों में तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज हो सकता है, तो सरकारी राशन की इतनी बड़ी कमी के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? साथ ही यह भी पूछा गया था कि क्या पूरे मामले की वास्तविक जानकारी जिला प्रशासन तक पहुंच रही है और क्या जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी।

    जांच में सामने आई थी भारी गड़बड़ी

    शौर्यपथ द्वारा प्रकाशित जांच प्रतिवेदनों में अलग-अलग उचित मूल्य दुकानों में सैकड़ों और हजारों क्विंटल चावल सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी दर्ज थी। जांच के दौरान कुछ विक्रेताओं ने अपने बयान में यह भी कहा था कि वे केवल वितरण का कार्य करते हैं और संचालन संबंधी निर्देश उन्हें अन्य व्यक्ति से मिलते थे। एक जांच प्रतिवेदन में दुकान संचालन की जिम्मेदारी स्वीकार किए जाने का उल्लेख भी सामने आया था।

    अब प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

    खाद्य विभाग ने वर्ष 2024 में किए गए निरीक्षणों और भौतिक सत्यापन के आधार पर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्टर को सौंपा। संबंधित संचालकों को पहले गायब राशन जमा कराने अथवा उसकी राशि शासन के खाते में जमा करने का अवसर दिया गया, लेकिन निर्धारित समय सीमा तक ऐसा नहीं होने पर कलेक्टर के निर्देश पर आपराधिक कार्रवाई शुरू की गई।

    2327 क्विंटल से अधिक चावल का नहीं मिला हिसाब

    खाद्य विभाग के अनुसार जांच में 2327.13 क्विंटल चावल, 1.12 क्विंटल शक्कर, 4.19 क्विंटल नमक तथा लगभग 35 लीटर केरोसिन स्टॉक से कम पाया गया। विभाग का मानना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का यह राशन अवैध रूप से खुले बाजार में खपाया गया, जिससे शासन और गरीब हितग्राहियों दोनों को नुकसान हुआ।

    तीन उचित मूल्य दुकानों में मिली गंभीर अनियमितताएं

    जांच के दौरान निम्नलिखित दुकानों में स्टॉक में भारी कमी दर्ज की गई—

    उचित मूल्य दुकान क्रमांक 431001017 – लगभग 410 क्विंटल चावल कम मिला।

    उचित मूल्य दुकान क्रमांक 431001025 – लगभग 1244.55 क्विंटल चावल, 1.12 क्विंटल शक्कर, 4.19 क्विंटल नमक एवं 21 लीटर केरोसिन कम मिला।

    उचित मूल्य दुकान क्रमांक 431001006 – लगभग 672.58 क्विंटल चावल एवं 14 लीटर केरोसिन स्टॉक से कम पाया गया।

    चार लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

    कलेक्टर के निर्देश पर मोहन नगर थाना में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की संबंधित धाराओं के तहत जय शक्ति महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष संध्या चंदेल, विक्रेता नवीन राजपूत, अविनाश निर्मलकर एवं लल्लन किशोर यादव के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुट गई है।

    प्रशासन का संदेश— अब होगी सख्त कार्रवाई

    जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा। राशन वितरण में गड़बड़ी, रिकॉर्ड में हेराफेरी या कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    अब भी कई सवाल बाकी

    एफआईआर दर्ज होने के बाद भी कई महत्वपूर्ण सवाल अभी बाकी हैं। क्या पूरे मामले में अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच होगी? क्या विभागीय स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी? क्या सरकारी राशन की कथित हेराफेरी से जुड़े पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा?

    फिलहाल इतना तय है कि दैनिक शौर्यपथ द्वारा उठाए गए सवालों के बाद शुरू हुई कार्रवाई ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। अब जिले की जनता की निगाहें पुलिस विवेचना और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।

    ललितपुर (उत्तर प्रदेश)/रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव मंगलवार को उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में हुए एक भीषण सड़क हादसे में घायल हो गए। हादसा झांसी-ललितपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर तालबेहट क्षेत्र के झरर घाट (टेकरी) के पास उस समय हुआ, जब वे गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मध्य प्रदेश स्थित बागेश्वर धाम के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। दुर्घटना में उनके वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन समय पर एयरबैग खुल जाने से एक बड़ा हादसा टल गया।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार किरण सिंह देव अपने पीएसओ और चालक गौतम कुमार के साथ इनोवा वाहन में यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान हाईवे पर अचानक सामने आए एक अन्य वाहन को बचाने के प्रयास में चालक ने वाहन मोड़ा, जिससे कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक के पीछे जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    हादसे में किरण सिंह देव को कमर, पैर तथा शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं, जबकि चालक गौतम कुमार भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। राहत की बात यह रही कि उनके परिवार के सदस्य दूसरी गाड़ी में यात्रा कर रहे थे और पूरी तरह सुरक्षित हैं।

    घटना की सूचना मिलते ही तालबेहट पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तालबेहट पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए दोनों को झांसी स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    सूत्रों के अनुसार किरण सिंह देव को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हेलीकॉप्टर के माध्यम से रायपुर लाने की तैयारी भी की जा रही है। हादसे की खबर फैलते ही छत्तीसगढ़ भाजपा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में चिंता का माहौल बन गया। विभिन्न जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। वहीं, छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भी दुर्घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए किरण सिंह देव के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।

    यह हादसा एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित वाहन संचालन और सड़क सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं, विशेषकर एयरबैग, ने इस दुर्घटना में जनहानि को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    नीट-2026 में सफल जनजातीय विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद, डॉक्टरों से सेवा, संस्कार और संवेदनशीलता को जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान

     

    रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती। अवसर, परिश्रम और आत्मविश्वास मिल जाए तो जनजातीय अंचलों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के नीट-2026 में सफल विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें विकसित छत्तीसगढ़ का भविष्य बताया और कहा कि "खूब पढ़िए, आगे बढ़िए और प्रदेश के विकास के सहभागी बनिए।"

    मुख्यमंत्री निवास में आयोजित 'एकलव्य संवाद' कार्यक्रम में श्री साय ने सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और जनजातीय समाज का गौरव है। उन्होंने कहा कि एकलव्य विद्यालय आज जनजातीय युवाओं की नई पहचान बन चुके हैं, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं ने नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।

    एकलव्य से सीखिए लक्ष्य पर अडिग रहना

    मुख्यमंत्री ने भारतीय इतिहास के महान धनुर्धर एकलव्य का उदाहरण देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से असंभव लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता का सबसे बड़ा मंत्र निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास है।

    उन्होंने संत कबीर के प्रसिद्ध दोहे का उल्लेख करते हुए गुरु के महत्व को रेखांकित किया और विद्यार्थियों से जीवनभर अपने गुरुजनों का सम्मान करने तथा उनके ज्ञान का उपयोग समाज की सेवा में करने का आग्रह किया।

    "डॉक्टर केवल इलाज नहीं, जीवन में भरोसा भी देते हैं"

    मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर समाज में सबसे सम्मानित स्थान रखते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल कुशल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि संवेदनशील, विनम्र और सेवा-भाव से परिपूर्ण डॉक्टर बनें। उन्होंने कहा कि कई बार डॉक्टर का अपनापन और मधुर व्यवहार भी मरीज के उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है।

    शिक्षा में बदला छत्तीसगढ़ का परिदृश्य

    विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य निर्माण के समय जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज निजी एवं शासकीय संस्थानों सहित 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं तथा 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं। प्रदेश में आईआईटी, ट्रिपल आईटी, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय सहित अनेक उच्च शिक्षण संस्थान युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता 50 से बढ़ाकर 200 सीट कर दी गई है, जहां यूपीएससी, मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जाती है। इसी वर्ष यहां से 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में 34 नालंदा परिसर स्थापित किए गए हैं, जहां विद्यार्थी 24 घंटे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं। श्रमिक परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रतिवर्ष दो लाख रुपये तक की सहायता तथा पात्र विद्यार्थियों को विदेश में अध्ययन के लिए भी सहयोग दिया जा रहा है।

    हिंदी माध्यम में भी मेडिकल शिक्षा, 1076 से सीधे सरकार तक पहुंच

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में हिंदी माध्यम से भी मेडिकल शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि भाषा किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की प्रगति में बाधा न बने।

    उन्होंने हाल ही में शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए कहा कि विद्यार्थी भी छात्रावास, शिक्षा अथवा अन्य समस्याओं के समाधान के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं। यह व्यवस्था सुशासन की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रही है।

    बस्तर में शिक्षा और विकास का नया दौर

    नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में सुरक्षा बलों और स्थानीय जनता के सहयोग से बस्तर में तेजी से बदलाव आया है। बंद पड़े विद्यालय दोबारा संचालित किए जा रहे हैं तथा जावंगा एजुकेशन हब की तर्ज पर जगरगुंडा और ओरछा में आधुनिक एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

    जनसेवा ही सबसे बड़ी ऊर्जा

    मुख्यमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे पिछले लगभग 35 वर्षों से जनसेवा को ही अपनी सबसे बड़ी साधना मानते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को योग, व्यायाम, अनुशासित जीवनशैली और संतुलित आहार अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और अनुशासित जीवन ही बड़ी सफलता की नींव हैं।

      कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी प्रतिभा, ज्ञान और संस्कार के बल पर समाज की सेवा करें तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनें।

    रायपुर/शौर्यपथ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली राजनांदगांव निवासी एवं छत्तीसगढ़ पुलिस की सहायक उप निरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कर उन्हें बधाई दी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञानेश्वरी की सफलता वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उनकी उपलब्धि ने देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है और यह प्रदेश की बेटियों व खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणा है। ज्ञानेश्वरी यादव ने मुख्यमंत्री के प्रोत्साहन और शुभकामनाओं के लिए आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए नई ऊर्जा देगा। मुख्यमंत्री ने खिलाडिय़ों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

     "मुस्कुराता बस्तर" थीम पर जगदलपुर में होगी कार्टून कार्यशाला

      रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के सहयोग से देश की एकमात्र मासिक कार्टून पत्रिका कार्टून वॉच द्वारा जगदलपुर में स्कूली विद्यार्थियों के लिए 'मुस्कुराता बस्तरÓ थीम पर विशेष कार्टून कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में विद्यार्थियों को कार्टून और कैरिकेचर कला का प्रशिक्षण देने के साथ बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और लोकजीवन को रचनात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

      मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर आज विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान के नए आयाम स्थापित कर रहा है। बस्तर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों के कारण देश-दुनिया में नई पहचान बना रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, बस्तर दशहरा तथा अन्य लोकपर्व बस्तर की समृद्ध विरासत के प्रतीक हैं। कार्टून वॉच के संपादक श्री त्र्यंबक शर्मा ने बताया कि कार्यशाला की थीम 'मुस्कुराता बस्तरÓ इन्हीं सकारात्मक पहलुओं को कार्टून कला के माध्यम से रचनात्मक अभिव्यक्ति देना है।

     इस कार्यशाला में दिल्ली के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट माधव जोशी तथा पुणे के प्रसिद्ध कैरिकेचर कलाकार शुभम जिंदे लाइव डेमो के माध्यम से ऑन-द-स्पॉट कार्टून और कैरिकेचर बनाने का प्रशिक्षण देंगे। साथ ही विद्यार्थियों को कार्टून कला के सामाजिक, रचनात्मक और रोजगारपरक पक्षों से भी परिचित कराया जाएगा।

         कार्यशाला के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा और बस्तर की सकारात्मक पहचान को कला के माध्यम से देशभर तक पहुंचाया जा सके। 'मुस्कुराता बस्तरÓ अभियान नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, लोक परंपराओं और प्राकृतिक धरोहर से जोडऩे का रचनात्मक प्रयास है।

    रायपुर / शौर्यपथ। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड अंतर्गत ग्राम टंडवा में 8.32 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
    मंत्री वर्मा ने 444.55 लाख रुपये की लागत से बनने वाली दैहानपारा-झोपड़ा पारा बैकुंठ सड़क (2.675 किमी) और 387.69 लाख रुपये की लागत वाली टंडवा-बैकुंठ सड़क (2.65 किमी) का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में 5 लाख रुपये के साइकिल स्टैंड और 10 लाख रुपये के प्रार्थना शेड का लोकार्पण किया गया।
    मंत्री वर्मा ने कहा कि ग्रामीणों की वर्षों पुरानी सड़क निर्माण की मांग अब पूरी हुई है। इन सड़कों के निर्माण से विद्यार्थियों, कामगारों, व्यापारियों और आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा समय की बचत होगी।
    उन्होंने बताया कि पंचायत क्षेत्र में पिछले ढाई वर्षों में करीब 77 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्य कराए गए हैं, जिनमें महतारी सदन, पीडीएस भवन, उद्यान विकास, शौचालय, साइकिल स्टैंड और स्मार्ट क्लास जैसे कार्य शामिल हैं।
    इस अवसर पर मंत्री ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि व्यक्ति की पहचान उसके कर्मों से होती है। जनसेवा और जरूरतमंदों के जीवन में खुशियां लाना ही सबसे बड़ा धर्म है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

    नई दिल्ली / 

    लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार को काफी हंगामेदार रही। देशभर में छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध से शुरू हुआ सदन का माहौल बाद में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर केंद्रित हो गया। सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस के बावजूद अंतत: विधेयक पर विस्तृत चर्चा के लिए सहमति बनी और सरकार ने चर्चा का समय बढ़ाकर 10 घंटे करने का ऐलान किया।

    शुरुआत में विपक्ष का हंगामा, दोपहर तक स्थगित रही कार्यवाही

    संसद के मानसून सत्र में मंगलवार सुबह जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दलों ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से जवाब मांगा और छात्रों के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की।

    हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष के विरोध और लगातार व्यवधान को देखते हुए कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया।

    गतिरोध खत्म होने के बाद शुरू हुई एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा

    दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनी और महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा प्रारंभ हुई।

    केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन बिल, 2026 पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अनुचित साधनों और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई के लिए कानून को और प्रभावी बनाया जा रहा है।

    विपक्ष ने पीएम और गृहमंत्री की अनुपस्थिति का उठाया मुद्दा

    विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल और प्रियंका गांधी ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाए।

    विपक्ष ने छात्र आंदोलनों, परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग की। प्रियंका गांधी ने चर्चा के दौरान सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और छात्रों के साथ न्याय की मांग की।

    विधेयक पर चर्चा के लिए बढ़ाया गया समय

    संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में घोषणा की कि विपक्ष की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार विधेयक पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि चर्चा का समय बढ़ाकर 10 घंटे किया जाएगा, ताकि सभी दलों के सांसद अपने विचार रख सकें। इस विधेयक पर सदन में कुल 91 संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं, जिन पर चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा।

    प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर सत्ता पक्ष का विरोध

    कार्यवाही के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर की गई टिप्पणी पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने आपत्ति जताई। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बाद में संबंधित टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया।

    पेपर लीक पर सख्त कानून बनाने की दिशा में बड़ा कदम

    लोकसभा में पेश यह संशोधन विधेयक प्रतियोगी और सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली गड़बडिय़ों, पेपर लीक और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार का दावा है कि इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और लाखों अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा होगी।

    वहीं विपक्ष का कहना है कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कदम उठाना भी जरूरी है। लोकसभा में मंगलवार की कार्यवाही ने साफ कर दिया कि परीक्षा सुधार और पेपर लीक का मुद्दा आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस का प्रमुख केंद्र बना रहेगा।

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