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महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई उड़ान, ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा होगी सुदृढ़
रायपुर, / सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत ग्राम चेरपाल में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए विकासखंड कुआकोंडा एवं कटेकल्याण के 8 संकुल स्तरीय संगठनों को आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना (AGEY) के तहत टाटा मैजिक सवारी वाहनों की चाबी प्रदान की। मुख्यमंत्री ने वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर अधिकारियों ने जानकारी दी कि आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ दूरस्थ अंचलों में परिवहन सुविधाओं को मजबूत बनाना है। योजना के तहत प्रदाय किए गए प्रत्येक टाटा मैजिक वाहन के लिए लगभग 5 लाख रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की गई है। इन वाहनों के संचालन से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को नियमित आय का स्रोत प्राप्त होगा तथा ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
41 हजार से अधिक परिवारों की आजीविका सशक्त करने में जुटा बिहान मिशन
कार्यक्रम में बताया गया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में जिले के 41 हजार 110 परिवारों को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर स्वरोजगार एवं आयवर्धन गतिविधियों से जोड़ा गया है। समूह की महिलाएं कृषि आधारित गतिविधियों, पशुपालन, लघु उद्यम, वनोपज प्रसंस्करण तथा विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
गांव और शहर के बीच बढ़ेगी कनेक्टिविटी, महिलाओं को मिलेगा स्थायी आय का स्रोत
मुख्यमंत्री द्वारा प्रदाय किए गए इन वाहनों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुलभ, सुरक्षित एवं किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। इससे दूरस्थ गांवों का बाजारों, स्वास्थ्य संस्थानों, शैक्षणिक केंद्रों तथा जिला मुख्यालय से बेहतर संपर्क स्थापित होगा। साथ ही महिलाओं को वाहन संचालन एवं प्रबंधन के माध्यम से नियमित आय प्राप्त होगी, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। स्व-सहायता समूहों की महिलाएं आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला बनकर उभर रही हैं। उन्होंने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना से उन्हें न केवल रोजगार का अवसर मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जनसेवा का एक नया माध्यम भी प्राप्त होगा। यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
नई दिल्ली / केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने के नेतृत्व वाले नेपाली प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात की। गृह मंत्री कार्यालय ने X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, आज नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष श्री रवि लामिछाने के नेतृत्व वाले नेपाली प्रतिनिधिमंडल के साथ एक बैठक की। केन्द्रीय गृह मंत्री ने चुनावों में RSP की जीत पर श्री लामिछाने को बधाई दी और नई सरकार की सफलता के लिए भारत की ओर से शुभकामनाएं व्यक्त कीं। दोनों पक्षों ने भारत और नेपाल के बीच विशेष संबंधों को और सुदृढ़ बनाने के लिए मिलकर काम करने का अपना दृढ़ संकल्प व्यक्त किया।
“भारत “विकसित भारत 2047” के विजन और एक सुदृढ़ जैव-अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर है”
‘अगली पीढ़ी के बायो-इन्पुट्स– जैव-आधारित कीटनाशक, शक्ति वर्धक एवं उर्वरक' की थीम पर आधारित बायोपीएसएफ 2026 नई दिल्ली में संपन्न
नई दिल्ली / भारत अपनी मजबूत वैज्ञानिक आधारशिला, समृद्ध जैव विविधता और तेजी से विकसित हो रहे स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के कारण, जैव अर्थव्यवस्था और जैव-आधारित कृषि-लागत क्षेत्र में एक वैश्विक नेता के रूप में उभरने की अपार क्षमता क्षमता रखता है।
यह बात रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधीन रसायन एवं पेट्रो-रसायन विभाग(डीसीपीसी) के सचिव, श्री तेजवीर सिंह ने आज नई दिल्ली में दो दिवसीय संगोष्ठी-सह-कार्यशाला, 'बायोपीएसएफ 2026' के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा।
“अगली पीढ़ी के बायो-इन्पुट्स– जैव-आधारित कीटनाशक, शक्ति वर्धक एवं उर्वरक” की थीम पर आधारित 'बायोपीएसएफ 2026' कार्यक्रम का आयोजन कीटनाशक सूत्रीकरण प्रौद्योगिकी संस्थान (आईपीएफटी), गुरुग्राम द्वारा किया गया था, जो रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के डीसीपीसी (रसायन और पेट्रो-रसायन विभाग) के तहत एक स्वायत्त संस्थान है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर (एनएएससी), नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।
श्री सिंह ने कहा कि सतत कृषि के लिए बढ़ता नीतिगत समर्थन और जैव-अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने वाली लक्षित पहलों सहित अनेक सकारात्मक कारक भारत को जैव-अर्थव्यवस्था तथा जैव-आधारित कृषि-इनपुट क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी बनने के मार्ग पर अग्रसर करेंगे।
डीसीपीसी के सचिव ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि वैज्ञानिक उत्कृष्टता, उद्योग–शैक्षणिक संस्थानों के बीच प्रभावी साझेदारी तथा उभरते युवा नवोन्मेषकों के तकनीकी योगदान भविष्य के सतत कृषि समाधानों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
जैव-कीटनाशकों के व्यावहारिक पहलुओं और सफलता पर प्रकाश डालते हुए, श्री तेजवीर सिंह ने इस बात पर ज़ोर देकर कहा कि जैव-कीटनाशकों की वास्तविक सफलता ऐसी मज़बूत फ़ॉर्मूलेशन प्रौद्योगिकियों के विकास पर भी निर्भर करती है, जो उत्पाद की स्थिरता, खेतों में उसकी प्रभावशीलता, उपयोग में आसानी और किसानों के बीच उसकी समग्र स्वीकार्यता को बढ़ा सकें।
इसके अलावा, डीसीपीसी के सचिव ने कहा कि जैसे-जैसे भारत “विकसित भारत 2047” और एक सशक्त जैव-अर्थव्यवस्था के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने, अनुप्रयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा जैव-आधारित रसायनों, फसल संरक्षण प्रौद्योगिकियों और सतत कृषि-इनपुट्स के क्षेत्र में स्टार्टअप-आधारित नवाचार को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बढ़ती जा रही है।
यह दो दिवसीय कार्यक्रम आईपीएफटी के 36वें स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नियामकों, शिक्षाविदों, उद्यमियों, स्टार्टअप्स, छात्रों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया तथा जैव-आधारित कृषि-इनपुट्स के क्षेत्र में हालिया विकास और सतत कृषि में उनकी भूमिका पर विचार-विमर्श किया।
नई दिल्ली / एजेंसी / प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए कहा कि जब नागरिक एकता और पारस्परिक सहयोग के सूत्र में बंधे होते हैं, तब राष्ट्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। श्री मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारतवासियों के इसी सामूहिक संकल्प के बल पर देश निरंतर प्रगति की नई ऊँचाइयों को छू रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर लिखा:
"जब नागरिक एकजुटता और आपसी सहयोग के सूत्र में बंधते हैं, तो राष्ट्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। भारतवासियों के इसी सामूहिक संकल्प से आज देश उन्नति की नित-नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
धूमायन्ते व्यपेतानि ज्वलन्ति सहितानि च।
धृतराष्ट्रोल्मुकानीव ज्ञातयो भरतर्षभ॥"
जिस प्रकार लकड़ी के टुकड़े अलग-अलग रहने पर अपनी पूरी ऊर्जा प्रदर्शित नहीं कर पाते, लेकिन एक साथ आने पर प्रज्वलित होकर प्रकाश और ऊष्मा उत्पन्न करते हैं, उसी प्रकार किसी राष्ट्र की प्रगति, समृद्धि और शक्ति उसके नागरिकों की एकता, पारस्परिक सहयोग तथा सामूहिक संकल्प पर निर्भर करता है।
राजनीति का बदलता स्वरूप और बढ़ती जनअपेक्षाएं
लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि केवल कानून बनाने या सरकारी योजनाओं की घोषणा करने तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे जनता की आशाओं, अपेक्षाओं और विश्वास के केंद्र भी होते हैं। समय के साथ राजनीति का स्वरूप बदला है और अब जनता केवल चुनावी वादों या मंचीय भाषणों से संतुष्ट नहीं होती। आम नागरिक ऐसे जनप्रतिनिधियों को पसंद कर रहा है जो उसकी दैनिक जरूरतों, सामाजिक समस्याओं और जीवन की वास्तविक चुनौतियों को समझते हुए सीधे समाधान प्रस्तुत करें।
छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में आज राजनीति का मूल्यांकन विकास कार्यों के साथ-साथ जनसरोकारों के आधार पर भी होने लगा है। जनता अब यह देख रही है कि उसका प्रतिनिधि केवल सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन कर रहा है या फिर उससे आगे बढ़कर समाज की आवश्यकताओं को समझते हुए नवाचार और जनहित के नए मॉडल भी प्रस्तुत कर रहा है।
जब जनप्रतिनिधित्व बन जाए जनसेवा का माध्यम
दुर्ग जिले के वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में विधायक रिकेश सेन द्वारा किए जा रहे विभिन्न सामाजिक प्रयासों की चर्चा लगातार बढ़ रही है। सीमित संसाधनों में आम नागरिकों की मूलभूत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कम लागत या प्रतीकात्मक शुल्क पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
चाहे गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह सीजन में मेहंदी की व्यवस्था हो, कम लागत में चश्मा उपलब्ध कराना हो, सामाजिक आयोजनों के लिए पेयजल सहायता हो, दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग और तीन पहिया साइकिल की व्यवस्था हो अथवा विभिन्न वर्गों के लिए सहयोगात्मक योजनाएं—इन पहलों ने राजनीति में जनसहभागिता के एक नए मॉडल की चर्चा शुरू की है।
इन प्रयासों का प्रभाव केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे यह संदेश भी गया है कि जनप्रतिनिधि यदि इच्छाशक्ति रखे तो सामाजिक सहयोग और प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से कई सकारात्मक पहलें संभव हैं।
जनता की अपेक्षाएं अब और बढ़ चुकी हैं
यही कारण है कि एक क्षेत्र में दिखाई देने वाले सकारात्मक प्रयास अन्य क्षेत्रों के लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बनते हैं। स्वाभाविक रूप से नागरिक अपने क्षेत्र के विधायक, सांसद, मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों से भी ऐसी ही सक्रियता और नवाचार की अपेक्षा करने लगते हैं।
दुर्ग जिले में भी विभिन्न राजनीतिक पदों पर बैठे जनप्रतिनिधियों से जनता की अपेक्षाएं लगातार बढ़ रही हैं। नागरिक यह चाहते हैं कि विकास कार्यों के साथ-साथ ऐसे जनहितकारी प्रयास भी दिखाई दें जो सीधे आम व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करें। सड़क, भवन और अधोसंरचना विकास आवश्यक हैं, लेकिन आम परिवार के दैनिक जीवन में राहत पहुंचाने वाली पहलें लोगों के मन में स्थायी स्थान बनाती हैं।
पद बड़ा नहीं, प्रभाव बड़ा होना चाहिए
राजनीति में पद और अधिकार महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन जनता अंततः उस कार्य को याद रखती है जिसका सीधा लाभ उसे मिला हो। इतिहास गवाह है कि अनेक जनप्रतिनिधि अपने पद के कारण नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण और जनहितकारी कार्यों के कारण लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बने रहते हैं।
आज आवश्यकता इस बात की है कि जनप्रतिनिधि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ-साथ स्थानीय आवश्यकताओं को समझें, समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद स्थापित करें और ऐसे नवाचारों को बढ़ावा दें जो आम नागरिक के जीवन को सरल और सम्मानजनक बना सकें।
लोकतंत्र की असली शक्ति जनता की उम्मीदों में है
वर्तमान दौर की राजनीति में जनता केवल प्रतिनिधित्व नहीं चाहती, बल्कि सहभागिता और संवेदनशीलता भी चाहती है। नागरिक ऐसे जनप्रतिनिधियों की तलाश में हैं जो उनके सुख-दुख में सहभागी बनें, समस्याओं को सुनें और समाधान के लिए निरंतर प्रयास करें।
दुर्ग से लेकर प्रदेश के अन्य विधानसभा क्षेत्रों तक एक संदेश स्पष्ट दिखाई दे रहा है—जनता अब उन नेताओं को अधिक महत्व दे रही है जो सत्ता के केंद्र में नहीं, बल्कि समाज के बीच दिखाई देते हैं। राजनीति का भविष्य भी संभवतः उसी दिशा में आगे बढ़ेगा जहां जनप्रतिनिधि अपने पद की शक्ति से अधिक अपनी जनसेवा की पहचान से जाने जाएंगे।
नई दिल्ली:
इतिहास की घड़ी में कुछ तारीखें ऐसी होती हैं, जो सिर्फ दिन बदलने के लिए नहीं, बल्कि नए युग की शुरुआत के लिए जानी जाती हैं। 2 जून भी भारतीय इतिहास का एक ऐसा ही ऐतिहासिक पड़ाव है। आज ही के दिन देश के नक्शे में दो बड़े बदलावों की नींव रखी गई थी—एक जिसने देश को विभाजन का दर्द दिया, और दूसरा जिसने एक नए राज्य के उदय की खुशी दी।
आइए नज़र डालते हैं 2 जून की उन दो सबसे प्रमुख राजनीतिक घटनाओं पर, जिन्होंने भारत के मानचित्र और राजनीति को हमेशा के लिए बदल दिया:
1. माउंटबेटन योजना (1947): जब तय हुआ अखंड भारत के विभाजन का खाका
"2 जून 1947 को ब्रिटिश हुकूमत ने भारत के विभाजन की उस ऐतिहासिक योजना को सामने रखा, जिसने देश की तकदीर और भूगोल दोनों को बांट दिया।"
साल 1947 में आज ही के दिन भारत के तत्कालीन वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन ने देश के विभाजन की आधिकारिक योजना प्रस्तुत की थी, जिसे इतिहास में 'माउंटबेटन योजना' (या 3 जून प्लान की पूर्व संध्या) के नाम से जाना जाता है। इस घोषणा ने यह साफ कर दिया था कि सदियों पुराना अखंड भारत अब दो स्वायत्त देशों—भारत और पाकिस्तान—में विभाजित होने जा रहा है। इस राजनीतिक घटनाक्रम ने न केवल सत्ता के हस्तांतरण का रास्ता साफ किया, बल्कि आधुनिक भारत के इतिहास की सबसे दर्दनाक विस्थापन की कहानी भी लिखी।
2. तेलंगाना का उदय (2014): भारत के मानचित्र पर चमका 29वां राज्य
"लंबे संघर्ष और आंदोलन के बाद, 2 जून 2014 को आंध्र प्रदेश का पुनर्गठन हुआ और तेलंगाना आधिकारिक तौर पर भारत का नया राज्य बना।"
ठीक 12 साल पहले, 2 जून 2014 को भारतीय लोकतंत्र ने एक नया इतिहास रचा। संसद द्वारा 'आंध्र प्रदेश पुनर्गठन विधेयक' पारित होने के बाद, इस दिन तेलंगाना विधिवत रूप से भारत के 29वें राज्य के रूप में अस्तित्व में आया।
एक नए युग की शुरुआत: राज्य के गठन के साथ ही, आंदोलन के मुख्य सूत्रधार के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने नए राज्य के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और हैदराबाद को अगले 10 वर्षों के लिए दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी घोषित किया गया।
सांस्कृतिक अस्मिता की जीत: तेलंगाना का गठन केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं था, बल्कि यह दशकों पुराने जन-आंदोलन और क्षेत्रीय अस्मिता की एक बड़ी जीत थी।
निष्कर्ष: बदलाव का साक्षी है यह दिन
2 जून की तारीख भारतीय इतिहास में दो विपरीत छोरों को जोड़ती है। जहाँ 1947 का 2 जून विभाजन की त्रासदी का संकेत था, वहीं 2014 का 2 जून लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने और नए राज्य के निर्माण का उत्सव था। भारत की राजनीतिक यात्रा को समझने के लिए यह दिन हमेशा बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
शौर्यपथ राशिफल।
आज बुधवार का दिन ग्रहों की विशेष चाल के कारण सभी 12 राशियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और मिला-जुला रहने वाला है। आज के दिन जहाँ मेष राशि के जातकों को सितारों का भरपूर साथ मिलेगा और नौकरी में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे, वहीं वृश्चिक और मकर राशि वाले जातकों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। इन राशियों को लंबे समय से फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है।
सभी 12 राशियों का विस्तृत और सटीक दैनिक राशिफल नीचे दिया गया है:
मेष (Aries)
मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन भाग्यशाली रहने वाला है। नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रमोशन (पदोन्नति) की प्रबल संभावना बनी हुई है और कार्यक्षेत्र में आपके सितारों का पूरा साथ मिलेगा। इसके साथ ही आपके पुराने चल रहे विवाद या झगड़े सुलझ सकते हैं। हालांकि, किसी भी बड़े काम को शुरू करने से पहले अच्छी तरह से सोच-विचार अवश्य कर लें।
वृषभ (Taurus)
वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन प्रगतिशील रहेगा। पिछले काफी समय से रुके हुए या अटके हुए कार्यों में पुनः कार्यवाही शुरू हो जाएगी। विशेषकर फैशन, डिजाइनिंग और कला के क्षेत्र से जुड़े लोगों को आज करियर में कोई बेहतरीन और बड़ा अवसर प्राप्त हो सकता है।
मिथुन (Gemini)
मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से मजबूती लाने वाला है। आज आपके द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण आर्थिक फैसले भविष्य में बेहद फायदेमंद साबित होंगे। इसके अलावा, मार्केटिंग और सेल्स से जुड़े लोगों के काम आज तेजी से रफ्तार पकड़ेंगे।
कर्क (Cancer)
कर्क राशि के जातकों को आज पैसों के मामले में थोड़ा धैर्य रखना होगा। यदि आपकी कोई पेमेंट या पैसा कहीं अटका हुआ है, तो उसे निकालने के लिए आपको आज अतिरिक्त प्रयास या भागदौड़ करनी पड़ सकती है। फाइनेंस और मार्केटिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आज अपने लक्ष्यों (Targets) को प्राप्त करने का सही दिन है।
सिंह (Leo)
सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन व्यापारिक उन्नति लेकर आया है। बिजनेस में आज किसी नए और बड़े समझौते या सौदों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन काफी प्रगतिशील और लाभ कमाने वाला रहेगा।
कन्या (Virgo)
कन्या राशि के जातकों को आज के दिन थोड़ा संभलकर रहने की सलाह दी जाती है। कार्यस्थल या घर में बातचीत के दौरान अपनी वाणी पर संयम रखना बेहद आवश्यक है। किसी भी कार्य को जल्दबाजी या हड़बड़ाहट में करने से बचें और अपने स्वास्थ्य व सेहत का विशेष ख्याल रखें।
तुला (Libra)
तुला राशि वालों के लिए आज का दिन सफलताओं से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपको अपने सीनियर और सहकर्मियों का साथ मिलेगा, जिससे सफलता के मार्ग खुलेंगे। जो लोग विदेश जाने या विदेश से जुड़े व्यापार की कोशिशों में लगे हैं, उन्हें आज कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है।
वृश्चिक (Scorpio)
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक राहत लेकर आएगा। लंबे समय से अटका हुआ या डूबा हुआ पैसा आज अचानक प्राप्त हो सकता है, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति पहले से काफी ज्यादा मजबूत और बेहतर बनेगी।
धनु (Sagittarius)
धनु राशि वाले जातकों के करियर के लिए आज का दिन शानदार अवसर लेकर आया है। नौकरीपेशा हो या कारोबारी, आज आपको कार्यक्षेत्र या बिजनेस में कोई नया और अत्यधिक लाभदायक ऑफर मिल सकता है, जो आपके भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
मकर (Capricorn)
मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन मनमुताबिक परिणाम देने वाला है। व्यापार में रुकी हुई पुरानी पेमेंट प्राप्त होने से मन प्रसन्न रहेगा। इसके साथ ही आज आपको अपनी पसंद का कोई बड़ा प्रोजेक्ट या नया ऑर्डर मिलने की पूरी संभावना बनी हुई है।
कुंभ (Aquarius)
कुंभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन पारिवारिक खुशियां लेकर आएगा। आज आपको हर कार्य में अपने परिवार का भरपूर सहयोग और स्नेह मिलेगा। इसके साथ ही घर-परिवार या रिश्तेदारों की तरफ से कोई बेहद अच्छी और सुखद खबर सुनने को मिल सकती है।
मीन (Pisces)
मीन राशि के जातक आज मानसिक रूप से काफी शांत और तनावमुक्त अनुभव करेंगे। पैसों के लेन-देन या धन निवेश (Investment) के मामले में आज का दिन सामान्य रहने वाला है। हालांकि, कहीं भी पैसा लगाने से पहले बाजार की स्थिति को अच्छे से समझ लें और सोच-समझकर ही कदम बढ़ाएं।
विस्थापन के नाम पर आवंटन, फिर किराए और बिक्री का खेल! बाजार विभाग को सब पता, फिर भी कार्रवाई शून्य
दुर्ग नगर निगम का गुमटी आवंटन मामला: भ्रष्टाचार की फाइलों में दबा सच या कार्रवाई से बचते जिम्मेदार?
दुर्ग / शौर्यपथ विशेष /
दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल के दौरान जिला अस्पताल परिसर के सामने और चर्चगेट मार्ग पर एनयूएलएम विभाग के माध्यम से गुमटियों का आवंटन किया गया था। उस समय इसे स्ट्रीट वेंडरों के पुनर्वास और शहर की यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया था। मगर आज वही योजना गंभीर सवालों के घेरे में खड़ी दिखाई दे रही है।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि गुमटी आवंटन के दौरान लाखों रुपये के कथित लेनदेन का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड आखिर निगम प्रशासन के पास क्यों नहीं है? यदि राशि ली गई थी तो वह किस मद में जमा हुई, किस खाते में गई और उसका लेखा-जोखा कहां है? यह सवाल आज भी जवाब मांग रहा है।
विस्थापन के नाम पर दुकान, फिर किराए और बिक्री का खेल
शासन की मंशा स्पष्ट थी कि जिन स्ट्रीट वेंडरों को पुनर्वास के तहत गुमटी दी जाए, वे स्वयं उसका संचालन करें ताकि सड़क किनारे अतिक्रमण कम हो और यातायात व्यवस्था बेहतर बने। मगर वर्तमान स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत नजर आती है।
कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहां गुमटी आवंटन प्राप्त करने वाले व्यक्ति आज भी सड़कों पर व्यवसाय कर रहे हैं, जबकि आवंटित गुमटियां किराए पर चल रही हैं या कथित रूप से बेची जा चुकी हैं। यदि ऐसा है तो यह योजना की मूल भावना के साथ सीधा खिलवाड़ नहीं तो और क्या है?
जानकारी होने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?
सबसे आश्चर्यजनक पहलू यह है कि नगर निगम के बाजार विभाग को इन शिकायतों और दस्तावेजों की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं देती।
बाजार अधिकारी अभ्युदय मिश्रा और बाजार प्रभारी शेखर चंद्राकर की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि दस्तावेज सामने आने के बाद भी जांच या निरस्तीकरण जैसी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
जिम्मेदारी पिछली सरकार की या वर्तमान प्रशासन की?
इस मामले पर चर्चा के दौरान बाजार प्रभारी द्वारा जिम्मेदारी पूर्ववर्ती सरकार पर डाले जाने की बात सामने आई। लेकिन सवाल यह है कि यदि भ्रष्टाचार पूर्व सरकार के समय हुआ था, तो वर्तमान व्यवस्था का दायित्व क्या है?
आखिर जनता ने नई शहरी सरकार को इसलिए चुना था कि पुरानी व्यवस्थाओं की खामियां दूर हों, न कि उन्हें फाइलों में दबाकर छोड़ दिया जाए।
महापौर और आयुक्त के सामने बड़ी चुनौती
शहर की प्रथम नागरिक महापौर अलका बाघमार लगातार विकास कार्यों और नई परियोजनाओं की बात करती रही हैं। वहीं निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल प्रशासनिक पारदर्शिता और सुशासन के पक्षधर माने जाते हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या गुमटी आवंटन से जुड़े दस्तावेजों और आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी? क्या अवैध रूप से किराए पर दी गई अथवा बेची गई गुमटियों के आवंटन निरस्त होंगे? और क्या लाखों रुपये के कथित लेनदेन की जांच होगी?
शौर्यपथ का सवाल
यदि दस्तावेज मौजूद हैं, यदि अनियमितताओं की जानकारी अधिकारियों को है, यदि नियमों का उल्लंघन स्पष्ट दिखाई दे रहा है, तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों?
दुर्ग की जनता जानना चाहती है कि आखिर गुमटी आवंटन योजना गरीब और जरूरतमंद स्ट्रीट वेंडरों के पुनर्वास के लिए थी या फिर कुछ लोगों के लिए कमाई का जरिया बन गई?
अब निगाहें महापौर, आयुक्त और नगर निगम प्रशासन पर टिकी हैं। देखना यह है कि यह मामला भी अन्य फाइलों की तरह धूल खाता रहेगा या फिर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर वास्तव में कोई कठोर कार्रवाई होगी।
कटाक्ष
"विकास के दावे बुलंद हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या भ्रष्टाचार की फाइलें भी विकास की चमक में कहीं दब तो नहीं गईं?"
रायपुर / शौर्यपथ / कभी घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली ग्रामीण महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की ऐसी मिसाल बन रही हैं, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन गई है। सूरजपुर जिले के पहाड़गांव स्थित पिलखा डैम की शांत जलराशि पर दौड़ती नावें अब केवल पर्यटकों को सैर नहीं करातीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, साहस और सफलता की कहानी भी सुनाती हैं।
यह कहानी है मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह की, जिसने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने हौसलों को पतवार बनाकर आत्मनिर्भरता की नई राह तैयार की। समूह की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सिंह और सचिव श्रीमती यशोदा दास के नेतृत्व में 10 महिलाओं ने पर्यटन क्षेत्र में कदम रखा और बोटिंग गतिविधि शुरू कर अपनी पहचान बना ली।
शुरुआत आसान नहीं थी। संसाधनों की कमी, तकनीकी जानकारी का अभाव और संचालन से जुड़ी अनेक चुनौतियां सामने थीं। लेकिन इन महिलाओं ने हार मानने के बजाय चुनौतियों को अवसर में बदलने का संकल्प लिया। उन्होंने बोटिंग संचालन, सुरक्षा प्रबंधन और पर्यटकों की सुविधाओं की जिम्मेदारी स्वयं संभाली और धीरे-धीरे अपने प्रयासों को सफलता में बदल दिया।
आज पिलखा डैम आने वाले पर्यटक उत्साह के साथ बोटिंग का आनंद लेते हैं। इस पहल से समूह ने अब तक 74 हजार रुपये की आय अर्जित की है। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
समूह की सदस्य बताती हैं कि पहले उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे पर्यटन गतिविधियों का संचालन करेंगी और स्वयं रोजगार सृजित करेंगी। आज वे अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
मुस्कान महिला स्व-सहायता समूह की यह सफलता दर्शाती है कि अवसर और विश्वास मिलने पर ग्रामीण महिलाएं किसी भी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। पिलखा डैम की लहरों पर चल रही यह नाव अब केवल पर्यटन का साधन नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता और आत्मनिर्भर भारत की सशक्त पहचान बन चुकी है।
रायपुर / शौर्यपथ / सुशासन एवं अभिसरण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आज मंत्रालय (महानदी भवन) नवा रायपुर में सीएम हेल्पलाइन (1076) के विभागीय नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में शासन के सभी विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन आम नागरिकों तक सुशासन पहुँचाने का सबसे सशक्त और सुलभ माध्यम है। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आम जनता की शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु
अधिकारियों को आधुनिक शिकायत प्रबंधन प्रणाली (Grievance Redressal System) के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी गई। शिकायतों का समय पर निराकरण न होने की स्थिति में उन्हें प्रक्रिया, एल-1 से एल-4 स्तर तक स्वचालित रूप से ट्रांसफर करने की तकनीकी प्रक्रिया समझाई गई। नागरिकों से उनकी संतुष्टि का फीडबैक लेने की पारदर्शी प्रक्रिया के बारे में बताया गया।
इन माध्यमों से दर्ज होगी शिकायत
सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल ने बताया कि इस सिस्टम से शिकायत निवारण दर और नागरिक संतुष्टि दोनों में तेजी से सुधार आएगा। आगामी लॉन्चिंग के बाद नागरिक टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल करके, वेब पोर्टल, समर्पित मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकेंगे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
