August 02, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

    सुकमा में तीन जिलों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक: विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और जनकल्याणकारी योजनाओं की हुई व्यापक समीक्षा

    मुख्यमंत्री का निर्देश : बस्तर के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे शासन का वास्तविक लाभ, शिकायतों का समयबद्ध समाधान हो सुनिश्चित

    रायपुर / शौर्यपथ / शासन-प्रशासन की वास्तविक सफलता तभी है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और आम नागरिक को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था, राजस्व मामलों, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, आधारभूत अधोसंरचना और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए यह बात कही।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बस्तर संभाग के दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों सहित प्रत्येक गांव और प्रत्येक पात्र परिवार तक शासकीय योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनके माध्यम से लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाना है।

    बैठक में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, सीसीएफ श्री आलोक कुमार तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे, जबकि अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

    बस्तर मुन्ने और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश

    मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर मुन्ने अभियान तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित और प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शिविर आधारित सेवाओं के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं का अधिकतम निराकरण किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर दो से तीन दिन तक लगातार शिविर आयोजित कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और भरोसेमंद सेवाओं का वास्तविक अनुभव होना चाहिए।

    लंबित राजस्व प्रकरणों के लिए विशेष अभियान, पुनर्वासित परिवारों को प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री श्री साय ने राजस्व विभाग के कार्यों को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अभिलेख सुधार जैसे प्रकरण सीधे नागरिकों के अधिकारों और जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने समय-सीमा से बाहर तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में स्वामित्व योजना, वन अधिकार पट्टा वितरण, पुनर्वासित परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ, तथा अन्य राज्यों में रह रहे बस्तर मूल के परिवारों के पुनर्स्थापन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

    महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा “बस्तर ब्रांड” से नया बाजार

    मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों को वनोपज आधारित गतिविधियों के साथ झींगा पालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन जैसे कृषि आधारित उद्यमों से जोड़ने पर विशेष बल दिया। उन्होंने शबरी नदी क्षेत्र के तालाबों को विकसित कर झींगा पालन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए तथा महिला समूहों के उत्पादों को “बस्तर ब्रांड” के रूप में विकसित कर बाजार से जोड़ने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला समूह केवल आर्थिक इकाइयां नहीं, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन की सशक्त धुरी बन सकती हैं।

    पर्यटन, कृषि और आदिवासी उद्यमिता को नई गति

    बैठक में सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स, जंगल सफारी जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर पर्यटन विकास की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने पर्यटन स्थलों को स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने आदिवासी समुदाय को धान प्रसंस्करण एवं मिलिंग गतिविधियों से जोड़कर स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए।

    खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता को देखते हुए एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया।

    मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनेगी जवाबदेह प्रशासन का सशक्त माध्यम

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को एक मजबूत, प्रभावी और भरोसेमंद मंच के रूप में विकसित कर रही है, जिससे आम नागरिक आसानी से शिकायत दर्ज करा सकेंगे। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की उच्च स्तर पर निगरानी होगी, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी और शिकायतों का समयबद्ध समाधान संभव होगा। उन्होंने कहा कि सुशासन की असली पहचान संवेदनशील, जवाबदेह और परिणामोन्मुख प्रशासन है।

    उन्होंने डीजल और पेट्रोल के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है और अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा और नए आपराधिक कानूनों पर विशेष जोर

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, बिहान योजना, तेंदूपत्ता संग्रहण, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, स्वास्थ्य सेवाओं और ई-ऑफिस संचालन की समीक्षा की। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए।

    शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की कमी वाले विषयों में एआई आधारित तकनीकों के उपयोग पर बल दिया तथा बीजापुर जिले की “शिक्षा मितान” पहल की सराहना की। उन्होंने स्कूलों में सीखने के स्तर को बेहतर बनाने, नवाचार आधारित शिक्षा पद्धतियों को बढ़ावा देने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था तथा देश में लागू नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रशिक्षण, व्यापक जनजागरूकता और कानूनों के प्रभावी प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। साथ ही नशा मुक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी रूप से संचालित करने पर बल दिया।

    बैठक के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी विभागों से बेहतर समन्वय, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और जवाबदेह कार्यसंस्कृति के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकारियों के समर्पित एवं समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी और विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जा सकता है।

    संभाग आयुक्त दुर्ग का बड़ा प्रशासनिक फैसला, आचरण नियमों के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई

    दुर्ग । शौर्यापथ।

    सुशासन तिहार के दौरान आम जनता के साथ कथित अभद्र व्यवहार और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए दुर्ग संभाग के आयुक्त ने जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रूपेश कुमार पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई शासन द्वारा संचालित जनसमस्या निवारण शिविर में सामने आए घटनाक्रम के बाद की गई है।

    संभाग आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कलेक्टर दुर्ग के प्रतिवेदन तथा उपलब्ध वीडियो फुटेज के अवलोकन के आधार पर प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में सीईओ द्वारा आम नागरिकों के प्रति अपेक्षित शिष्टाचार और संयम का पालन नहीं किया गया। आदेश में इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत माना गया है।

    कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं माना गया संतोषजनक

    आदेश में उल्लेख है कि 30 मई 2026 को रूपेश कुमार पांडे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के जवाब में प्रस्तुत स्पष्टीकरण का परीक्षण किए जाने के बाद उसे संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद संभागीय आयुक्त ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए निलंबन की कार्रवाई की।

    क्या कहा गया आदेश में

    संभाग आयुक्त द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन-प्रशासन आम नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होता है और प्रत्येक लोकसेवक से शिष्ट, मर्यादित एवं संवेदनशील व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। आदेश में यह भी रेखांकित किया गया है कि नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार प्रशासनिक आचरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में श्री पांडे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र होंगे।

    अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था भी की गई

    प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए जिला पंचायत दुर्ग के प्रभारी सहायक परियोजना अधिकारी महेंद्र कुमार जांगड़े को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

    सुशासन तिहार के लिए बड़ा संदेश

    यह कार्रवाई केवल एक अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कदम भर नहीं मानी जा रही, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखी जा रही है। सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और त्वरित समस्या समाधान को मजबूत करना है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की उपस्थिति में किसी भी अधिकारी द्वारा असंयमित व्यवहार को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को यह याद दिलाता है कि सरकारी पद केवल अधिकार का नहीं, बल्कि जवाबदेही और संवेदनशीलता का भी दायित्व है। आमजन से सम्मानजनक व्यवहार, धैर्यपूर्वक संवाद और समस्याओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण ही सुशासन की वास्तविक पहचान है।

    जनहित में महत्वपूर्ण संदेश

    सुशासन तिहार, जनदर्शन, समाधान शिविर और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में आने वाले नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर प्रशासन के पास पहुंचते हैं। ऐसे में अधिकारियों का व्यवहार ही शासन की छवि तय करता है। दुर्ग संभाग की यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि नागरिकों के सम्मान और गरिमा से समझौता करने वाले आचरण को अब प्रशासनिक स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    यह निर्णय प्रशासनिक अनुशासन, जवाबदेही और जनसेवा की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    विशेष लेख | शौर्यपथ

    13 दिसंबर 2009 की सुबह पाकिस्तान के आर्थिक केंद्र कराची में हुई एक ऐसी घटना ने पूरे बैंकिंग तंत्र को झकझोर दिया, जिसे आज भी देश के इतिहास की सबसे बड़ी और सबसे संगठित बैंक डकैतियों में गिना जाता है। यह कोई फिल्मी कहानी नहीं थी, बल्कि एक ऐसी वास्तविक घटना थी जिसमें बैंक की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाला व्यक्ति ही करोड़ों की लूट का मास्टरमाइंड निकला।

    कराची स्थित Allied Bank Limited की मुख्य शाखा में हुई इस डकैती ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि किसी भी संस्थान के लिए सबसे बड़ा खतरा कई बार बाहर से नहीं, बल्कि भीतर से होता है।

    31 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा पर हाथ साफ

    रविवार की सुबह बैंक बंद था। इसी अवसर का फायदा उठाते हुए सुरक्षा एजेंसी SPS में तैनात गार्ड शाहिद महमूद के नाम से कार्यरत व्यक्ति अपने 4-5 साथियों के साथ बैंक परिसर में पहुंचा। बैंक में पहले से मौजूद सुरक्षाकर्मियों और चौकीदारों को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया गया।

    इसके बाद लुटेरों ने गैस कटर की मदद से बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम में स्थित उस लॉकर को निशाना बनाया, जिसमें विदेशी मुद्रा रखी गई थी। लगभग तीन घंटे तक चले इस ऑपरेशन में गिरोह करीब 31 करोड़ पाकिस्तानी रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा और नकदी लेकर फरार हो गया।

    लूटी गई रकम में ब्रिटिश पाउंड, यूरो, अमेरिकी डॉलर और पाकिस्तानी मुद्रा शामिल थी। बिना गोली चले और बिना किसी बड़े संघर्ष के इतनी बड़ी रकम का गायब हो जाना पाकिस्तान के बैंकिंग इतिहास की सबसे सनसनीखेज घटनाओं में दर्ज हो गया।

    जांच में खुला सबसे बड़ा राज

    पुलिस जांच में सामने आया कि कथित सुरक्षा गार्ड का असली नाम हामिद अली था। उसने नौकरी पाने के लिए एक गुमशुदा व्यक्ति के राष्ट्रीय पहचान पत्र (CNIC) का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाई थी।

    यही नहीं, उसे बैंक की सुरक्षा व्यवस्था, स्ट्रॉन्ग रूम की संरचना और विदेशी मुद्रा रखने वाले लॉकर की पूरी जानकारी थी। यही जानकारी इस डकैती की सफलता का सबसे बड़ा कारण बनी।

    जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बैंक में मौजूद एक अन्य गार्ड इमरान ने भी मौके का फायदा उठाकर लूट की रकम का एक हिस्सा अपने पास छिपा लिया था और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी। बाद में उसे भी सह-आरोपी बनाया गया।

    सिर्फ 6 दिन में पुलिस की बड़ी सफलता

    कराची पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (SIU) ने तेजी से कार्रवाई करते हुए डकैती के महज छह दिन बाद मुख्य आरोपी हामिद अली और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया।

    छापेमारी के दौरान पुलिस ने लूटी गई रकम का लगभग 40 से 50 प्रतिशत हिस्सा बरामद कर लिया। हालांकि पूरी राशि कभी बरामद नहीं हो सकी और शेष रकम की तलाश में पुलिस ने विभिन्न प्रांतों में अभियान चलाया।

    अदालत ने दिखाई सख्ती

    मामले की सुनवाई आतंकवाद विरोधी अदालत (ATC) और बाद में उच्च न्यायिक मंचों पर हुई। मुख्य सरगना हामिद अली और उसके सहयोगियों को दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास और भारी जुर्माने की सजा सुनाई गई। अदालतों ने आरोपियों की जमानत याचिकाओं को भी लगातार खारिज किया।

    यह फैसला इस संदेश के रूप में देखा गया कि वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के प्रति न्यायपालिका किसी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगी।

    एक डकैती जिसने बदल दिए पूरे सिस्टम के नियम

    इस घटना ने पाकिस्तान की बैंकिंग और निजी सुरक्षा व्यवस्था की कई गंभीर खामियों को उजागर कर दिया। परिणामस्वरूप सरकार, पुलिस प्रशासन और स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान को व्यापक सुधारात्मक कदम उठाने पड़े।

    सुरक्षा एजेंसी पर कार्रवाई

    लापरवाही और बिना पर्याप्त सत्यापन के गार्ड नियुक्त करने के आरोप में SPS सुरक्षा एजेंसी का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया और उसके कार्यालय को सील कर दिया गया।

    गार्डों का अनिवार्य सत्यापन

    पूरे सिंध प्रांत में कार्यरत 60 हजार से अधिक निजी सुरक्षा गार्डों का बायोमेट्रिक और पुलिस सत्यापन शुरू किया गया। बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बिना सरकारी अनुमति और जांच के किसी गार्ड की नियुक्ति नहीं की जाएगी।

    CCTV व्यवस्था का आधुनिकीकरण

    जांच में पता चला कि बैंक के सीसीटीवी कैमरों की गुणवत्ता इतनी कमजोर थी कि संदिग्धों की पहचान करना मुश्किल हो रहा था। इसके बाद सभी बैंकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले HD कैमरे, सुरक्षित डेटा बैकअप और आधुनिक निगरानी प्रणाली अनिवार्य कर दी गई।

    सुरक्षा ऑडिट और जवाबदेही

    बैंकों को नियमित सुरक्षा ऑडिट, थर्ड पार्टी मूल्यांकन और आपातकालीन परिस्थितियों में तय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करने के निर्देश दिए गए। बैंक प्रबंधन की जवाबदेही भी पहले की तुलना में कहीं अधिक कठोर कर दी गई।

    इतिहास का सबक

    कराची की यह ऐतिहासिक बैंक डकैती केवल करोड़ों रुपये की चोरी की कहानी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा उदाहरण है जिसने यह साबित किया कि सुरक्षा व्यवस्था की सबसे कमजोर कड़ी अक्सर वही व्यक्ति हो सकता है जिस पर सबसे अधिक भरोसा किया जाता है।

    2009 की इस घटना ने पाकिस्तान के बैंकिंग क्षेत्र को एक कठोर सबक दिया—सुरक्षा केवल हथियारों, ताले और कैमरों से नहीं आती, बल्कि सही सत्यापन, पारदर्शिता और जवाबदेही से सुनिश्चित होती है।

    आज भी जब बैंकिंग सुरक्षा की चर्चा होती है, तो कराची की यह डकैती एक चेतावनी के रूप में याद की जाती है कि एक अंदरूनी साजिश किस तरह पूरे सुरक्षा तंत्र को ध्वस्त कर सकती है और करोड़ों की संपत्ति को कुछ घंटों में गायब कर सकती है।

    शौर्यपथ राशिफल। 

    आज जून महीने के पहले दिन ग्रहों की चाल में हुए बदलाव का असर सभी 12 राशियों पर देखने को मिल रहा है। आज का दिन जहाँ कुछ राशियों के लिए करियर और धन के मामले में बेहतरीन अवसर लेकर आया है, वहीं कुछ राशियों को स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ज्योतिष गणना के अनुसार, आज कर्क, मिथुन और मीन राशि के जातकों को करियर में शानदार सफलता मिल सकती है, जबकि वृषभ और मकर राशि वालों के लिए धन लाभ के मजबूत योग बन रहे हैं।

    सभी राशियों का विस्तृत दैनिक राशिफल नीचे दिया गया है:

    मेष (Aries)

    मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहेगा। आज आप साहस और पराक्रम से भरे रहेंगे, लेकिन दिन को सावधानीपूर्वक बिताने की जरूरत है। पुरानी चोट या पुराना दर्द दोबारा उभर सकता है, इसलिए अपने स्वास्थ्य को लेकर बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें।

    वृषभ (Taurus)

    वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से बेहद शानदार रहने वाला है। धन लाभ के प्रबल योग हैं और आपकी ऊर्जा का स्तर भी बहुत अच्छा रहेगा। सरकारी अधिकारियों या सरकारी तंत्र से आपको कोई बड़ा लाभ मिल सकता है।

    मिथुन (Gemini)

    मिथुन राशि के जातकों के लिए आज बुध और शुक्र की युति (मिलन) हो रही है। इसके प्रभाव से आपकी बातचीत करने की शैली और कम्युनिकेशन स्किल में गजब का निखार आएगा। बुद्धि और सूझबूझ के बल पर आपको करियर में बेहतरीन और सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।

    कर्क (Cancer)

    कर्क राशि वालों के व्यापार और कार्यक्षेत्र में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिलेगी। करियर को आगे बढ़ाने के लिए आज कई नए और सुनहरे अवसर हाथ लग सकते हैं। विशेषकर रचनात्मक, कला और मीडिया क्षेत्र से जुड़े लोगों के काम की हर जगह तारीफ होगी।

    सिंह (Leo)

    सिंह राशि के जातक आज सुबह से ही आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। हालांकि, आपको अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना होगा। शाम के समय कामकाज का दबाव अचानक बढ़ सकता है, ऐसी स्थिति में आपा खोने के बजाय संयम और धैर्य से काम लें।

    कन्या (Virgo)

    कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन सामान्य रहेगा। आपके सोचे हुए अधिकांश काम समय पर पूरे हो जाएंगे। हालांकि, कार्यस्थल या परिवार में किसी से बातचीत करते समय अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना बेहद आवश्यक है, अन्यथा विवाद हो सकता है।

    तुला (Libra)

    तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन राहत भरा रहेगा। पिछले कुछ समय से चल रही स्वास्थ्य समस्याओं में सुधार होगा। इसके साथ ही आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और लंबे समय से रुका हुआ या फंसा हुआ धन आपको वापस मिल सकता है।

    वृश्चिक (Scorpio)

    आज चंद्रदेव का गोचर वृश्चिक राशि के जातकों की भावनाओं को गहरा और संवेदनशील बनाएगा। सुबह के समय किसी पुरानी बात या घटना को याद करके मानसिक बेचैनी रह सकती है, लेकिन दोपहर के बाद स्थिति पूरी तरह सामान्य और अनुकूल हो जाएगी।

    धनु (Sagittarius)

    धनु राशि के जातकों को आज अपने स्वास्थ्य को लेकर बेहद गंभीर रहने की जरूरत है। मौसमी बीमारियां या शारीरिक थकान आपको परेशान कर सकती है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज के दिन किसी भी तरह के बड़े वित्तीय निवेश (Investment) से पूरी तरह बचने की सलाह दी जाती है।

    मकर (Capricorn)

    मकर राशि वालों के लिए आज का दिन खुशियों से भरा और बेहद लाभप्रद सिद्ध होगा। आज आपकी सकारात्मक ऊर्जा चरम पर रहेगी। नौकरीपेशा और व्यापार जगत से जुड़े लोगों को अपनी नई योजनाओं और रणनीतियों से बड़ा मुनाफा होने की उम्मीद है।

    कुंभ (Aquarius)

    कुंभ राशि के जातकों के काम और कार्यशैली में आज बड़ा निखार देखने को मिलेगा। ऑफिस या कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों का आपको भरपूर सहयोग मिलेगा, जिसकी मदद से आप अपने तय लक्ष्यों को आसानी से हासिल कर पाएंगे।

    मीन (Pisces)

    मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन समाज और कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान दिलाने वाला रहेगा। पिछले काफी समय से अटके या रुके हुए कार्य अचानक गति पकड़ेंगे। इसके साथ ही आपका पारिवारिक जीवन भी बेहद सुखद और शांतिपूर्ण रहेगा।

    विशेष नोट: उपर्युक्त राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं और ग्रहों के गोचर पर आधारित है। किसी भी महत्वपूर्ण या बड़े निर्णय को लेने से पहले अपनी व्यक्तिगत जन्म कुंडली की जांच कराएं अथवा किसी योग्य स्थानीय ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।

      रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों के तहत बिलासपुर जिले में “मोर गांव, मोर तरिया” अभियान को तेजी से अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से न सिर्फ गांवों में जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है, बल्कि ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण की एक मजबूत नींव भी तैयार हो रही है। राज्य सराकर के जल संरक्षण अभियान को एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
    मानसून से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य, मस्तूरी में काम तेज
    अभियान के तहत बिलासपुर जिले के जनपद पंचायत मस्तूरी की ग्राम पंचायत बोहारडीह में नवीन तरिया (तालाब) निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रशासन ने आने वाले मानसून को ध्यान में रखते हुए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत वर्षाकाल शुरू होने से पहले निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आगामी सीजन में वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित किया जा सके।
    जिले में 38 नवीन तालाबों को मिली मंजूरी
    जल संकट के स्थाई समाधान के लिए जिले में व्यापक स्तर पर जल संरचनाओं का विस्तार किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत बिलासपुर जिले में कुल 38 नवीन तरिया (तालाब) निर्माण कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सभी स्वीकृत तालाबों का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि वर्षाकाल में पानी रोकने की मजबूत व्यवस्था विकसित हो। इन तालाबों के निर्माण से क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा, फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, मवेशियों के लिए निस्तारी की सुविधा होगी और गर्मियों में होने वाले जल संकट से मुक्ति मिलेगी।
    ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर मिल रहा रोजगार
    “मोर गांव, मोर तरिया” अभियान दोहरे लाभ के साथ ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इन निर्माण कार्यों में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण श्रमिकों को नियोजित किया गया है। गांवों में तालाबों के रूप में स्थाई जल संपदा का निर्माण हो रहा है। श्रमिकों को अपने ही गांव में रोजगार मिलने से पलायन पर रोक लगी है और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।
    गुणवत्ता पर विशेष नजर
    प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सभी निर्माण स्थलों की सतत मॉनिटरिंग (निगरानी) की जा रही है, जिससे कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और सभी कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरे किए जा सकें।

      रायपुर / भारत सरकार और राज्य शासन के निर्देशानुसार छत्तीसगढ के कोरबा जिले में खरीफ वर्ष 2026 के लिए कृषकों को गुणवत्तायुक्त एवं पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक श्री डी.पी.एस. कंवर ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण है और किसानों को किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।कलेक्टर कोरबा कुणाल दुदावत ने उर्वरकों के भंडारण और वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कठोर कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।

    *जैव उर्वरक के रूप में नील हरित काई का उपयोग *

    नील हरित काई एवं हरी खाद वायुमंडलीय नत्रजन का स्थिरीकरण कर पौधों को नाइट्रोजन पोषक तत्व उपलब्ध कराती हैं तथा मिट्टी की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणवत्ता को बनाए रखते हुए उसकी उर्वरता शक्ति में वृद्धि करती हैं। कृषकों को हरी खाद के रूप में ढैंचा बीज 8 किलोग्राम प्रति एकड़ तथा मूंग बीज 4 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से वितरित किया जा रहा है। साथ ही जैव उर्वरक के रूप में नील हरित काई का उत्पादन कृषि विज्ञान केंद्र लखनपुर, कृषि महाविद्यालय कटघोरा, शासकीय उद्यान रोपणी पत्ताड़ी (कोरबा) एवं चिन्हांकित किसानों के खेतों में कराया जा रहा है।

    नैनो उर्वरक लेना अनिवार्य नहीं, रहेगा पूर्णतः वैकल्पिक

    वैज्ञानिकों की अनुशंसा के आधार पर इस बार एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है। रासायनिक खादों के साथ-साथ जैविक और हरी खाद के संतुलित उपयोग पर जोर है। सहकारी समितियों में पिछले वर्ष की मांग के आधार पर 80 प्रतिशत यूरिया और 60 प्रतिशत डीएपी का भंडारण कराया जा रहा है। यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा नैनो यूरिया/वैकल्पिक उर्वरकों और डीएपी की शेष 40 प्रतिशत मात्रा नैनो डीएपी/एनपीके के माध्यम से दी जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी किसान को नैनो उर्वरक लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा, यह पूरी तरह स्वैच्छिक होगा।

    आंकड़ों में खाद और बीज का भंडारण

    कोरबा जिले की सहकारी समितियों में खाद की उपलब्धता की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है।
    सहकारी क्षेत्र के लिए 12 हजार 700 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित है। लक्ष्य के विरुद्ध 7 हजार 132.58 मीट्रिक टन (56.16 प्रतिशत) उर्वरक भंडारित किया जा चुका है। किसान अब तक 1 हजार 129.94 मीट्रिक टन खाद का उठाव कर चुके हैं, जबकि 6,002.64 मीट्रिक टन खाद अभी भी समितियों में शेष है। नैनो तरल उर्वरक का कोरबा जिले में कुल 11 हजार 886 लीटर (6 हजार 842 लीटर नैनो यूरिया और 5 हजार 44 लीटर नैनो डीएपी) का भंडारण किया गया था, जिसमें से 483.50 लीटर का वितरण हो चुका है और 11 हजार 402.50 लीटर स्टॉक में उपलब्ध है। इसके अलावा इच्छुक किसानों को हरी खाद के लिए ढैंचा बीज (8 किग्रा/एकड़) और मूंग बीज (4 किग्रा/एकड़) का वितरण भी किया जा रहा है।

    28 को नोटिस, 58 बोरी यूरिया जब्त

    किसानों को सही दाम और गुणवत्तापूर्ण खाद दिलाने के लिए उर्वरक निरीक्षकों की टीमें लगातार विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रही हैं। 1 अप्रैल 2026 से अब तक 115 केंद्रों की जांच की जा चुकी है, जिसमें गड़बड़ियां सामने आई हैं। अनियमितता मिलने पर 28 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 8 विक्रय केंद्रों के लाइसेंस/बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। एक केंद्र पर अवैध कार्रवाई करते हुए 58 बोरी यूरिया जब्त किया गया है। कृषि विभाग के अनुसार कलेक्टर के निर्देश पर यह निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा ताकि कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके। उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार कीअनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेशए 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियमए 1955 के प्रावधानों के तहत कठोर प्रशासनिक, कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।

    पुलिस थाने के बाहर हंगामा, सिर में चोट लगने का दावा; टीएमसी ने बीजेपी पर लगाया हमला कराने का आरोप, भाजपा ने कहा— ‘सहानुभूति पाने की कोशिश’

    हुगली (पश्चिम बंगाल),। पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप के केंद्र में आ गई है। हुगली जिले के चंडीतला थाना परिसर के बाहर शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी के घायल होने की घटना ने राज्य की राजनीतिक फिजा को और गर्म कर दिया है। घटना को लेकर टीएमसी और भाजपा के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है, जबकि पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं।

    क्या है पूरा मामला?

    जानकारी के अनुसार, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी अपने समर्थकों के साथ हाल ही में गिरफ्तार किए गए पार्टी कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर चंडीतला पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। यहां उन्हें पुलिस प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपना था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसी दौरान पुलिस थाने के बाहर बड़ी संख्या में लोग और विरोधी राजनीतिक कार्यकर्ता भी मौजूद थे। माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब कुछ लोगों ने सांसद को काले झंडे दिखाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी, धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई।


    टीएमसी का आरोप: ‘सिर पर किया गया हमला’

    घटना के बाद टीएमसी ने आरोप लगाया कि भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने सांसद कल्याण बनर्जी पर हमला किया। पार्टी के अनुसार, उनके सिर के पिछले हिस्से पर पत्थर, क्रिकेट गेंद या किसी भारी वस्तु से वार किया गया, जिससे उन्हें चोट लगी और रक्तस्राव होने लगा।

    घटना के बाद सामने आए वीडियो और तस्वीरों में कल्याण बनर्जी सड़क पर बैठे और बाद में सिर पर कपड़ा लगाए दिखाई दिए। टीएमसी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए भाजपा समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया।

    पार्टी का कहना है कि यह कोई आकस्मिक घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हमला था।


    भाजपा का पलटवार: ‘राजनीतिक सहानुभूति बटोरने की कोशिश’

    दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने टीएमसी के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

    भाजपा नेताओं का कहना है कि सांसद को कोई गंभीर चोट नहीं लगी और घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। पार्टी का आरोप है कि यह पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रंग देकर सहानुभूति हासिल करने का प्रयास है।

    भाजपा समर्थकों ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो क्लिप साझा करते हुए दावा किया कि जिस समय कल्याण बनर्जी सड़क पर गिरे हुए दिखाई दे रहे थे, उस समय वे मोबाइल फोन पर बातचीत भी कर रहे थे। भाजपा का कहना है कि इससे टीएमसी के गंभीर हमले के दावों पर सवाल खड़े होते हैं।


    अभिषेक बनर्जी प्रकरण के बाद बढ़ी राजनीतिक संवेदनशीलता

    यह घटना ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर क्षेत्र में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यक्रम के दौरान भी विरोध प्रदर्शन और कथित हमले की खबरें सामने आई थीं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं पश्चिम बंगाल में बढ़ती राजनीतिक ध्रुवीकरण और तनावपूर्ण माहौल का संकेत हैं।


    इलाके में सुरक्षा कड़ी

    घटना के बाद चंडीतला और आसपास के क्षेत्रों में तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। थाना परिसर और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तथा केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

    प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।


    जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सांसद कल्याण बनर्जी को चोट किस परिस्थिति में लगी और क्या यह वास्तव में हमला था या झड़प के दौरान हुई कोई अन्य घटना। मामले की सच्चाई पुलिस जांच, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध वीडियो फुटेज के विश्लेषण के बाद ही सामने आ सकेगी।

    मुख्य बिंदु

    • हुगली के चंडीतला थाना परिसर के बाहर हुआ विवाद।
    • टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के घायल होने का दावा।
    • टीएमसी ने भाजपा समर्थकों पर हमले का आरोप लगाया।
    • भाजपा ने आरोपों को नकारते हुए इसे राजनीतिक नाटक बताया।
    • इलाके में भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात।
    • मामले की जांच जारी, आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार।

    (नोट: घटना को लेकर दोनों राजनीतिक दलों के दावे अलग-अलग हैं। स्वतंत्र जांच और आधिकारिक रिपोर्ट आने तक किसी भी पक्ष के आरोपों की पुष्टि नहीं की जा सकती।)

    राज्य के 19,978 ग्रामों और 195 नगरीय निकायों को किया गया पूर्णतः कवर, नागरिकों के अभूतपूर्व सहयोग के लिए आभार व्यक्त
           रायपुर / शौर्यपथ / जनगणना 2027 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण — मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना — का फील्ड कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। यह कार्य 01 मई 2026 से प्रारंभ होकर 30 मई 2026 को संपन्न हुआ। यह राष्ट्रीय महत्व का अभियान केवल आंकड़ों के संकलन तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के भारत और छत्तीसगढ़ के विकास की ठोस आधारशिला तैयार करने वाला महत्वपूर्ण उपक्रम है।
    जनगणना प्रक्रिया के माध्यम से शासन को यह समझने में सहायता मिलती है कि समाज के विभिन्न वर्गों तक विकास के लाभ किस प्रकार और कितनी प्रभावशीलता से पहुँच रहे हैं तथा भविष्य की योजनाओं और नीतियों का निर्माण अधिक सटीक एवं समावेशी ढंग से किया जा सके।
    भारत की जनगणना 2027 का कार्य राज्य में दो चरणों में संपादित किया जा रहा है। प्रथम चरण के अंतर्गत मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना की गई, जबकि द्वितीय चरण — जनसंख्या गणना — फरवरी 2027 में संपादित की जाएगी। प्रथम चरण से प्राप्त जानकारी द्वितीय चरण के लिए आधार तैयार करती है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी मकान अथवा उसमें निवासरत परिवार गणना से वंचित न रह जाए।
    प्रथम चरण के दौरान राज्य के सभी ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्नों के आधार पर जानकारी संकलित की गई। इन प्रश्नों का संबंध मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं तथा परिसंपत्तियों से था। यह संपूर्ण जानकारी मोबाइल अनुप्रयोग के माध्यम से संकलित कर भारत सरकार के सर्वर में सुरक्षित रूप से संरक्षित की गई है।
    राज्य में यह कार्य सभी जिलों, तहसीलों, ग्रामों तथा नगरीय क्षेत्रों में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपादित किया गया। इस दौरान राज्य का कोई भी क्षेत्र गणना कार्य से वंचित नहीं रहा। घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करने की प्रक्रिया में नागरिकों का अभूतपूर्व सहयोग प्राप्त हुआ।
    निदेशक, जनगणना कार्य, छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा साझा की गई समस्त व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम, 1948 तथा जनगणना नियमावली, 1990 के प्रावधानों के अनुसार पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। संकलित आंकड़ों का उपयोग केवल नीति निर्माण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के उद्देश्य से किया जाएगा तथा संपूर्ण जनगणना प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात भारत सरकार द्वारा नियमानुसार इन्हें जारी किया जाएगा।
    राज्य में प्रथम चरण का कार्य 33 जिलों, 252 तहसीलों, 195 नगरीय निकायों तथा 19,978 ग्रामों में संपादित किया गया। इसके लिए 251 ग्रामीण चार्ज एवं 221 नगरीय चार्ज गठित किए गए तथा इनके अंतर्गत 48,754 मकानसूचीकरण गणना ब्लॉक बनाए गए।
    इस व्यापक अभियान के संचालन हेतु राज्य में कुल 62,500 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की गई, जिनमें 47 प्रमुख जनगणना अधिकारी (33 जिला कलेक्टर एवं 14 नगर निगम आयुक्त), 250 जिला स्तरीय अधिकारी, 472 चार्ज अधिकारी, 60 मास्टर ट्रेनर्स, 1,100 फील्ड ट्रेनर्स, 52,705 प्रगणक तथा 9,319 पर्यवेक्षक शामिल रहे।
    निदेशक, जनगणना कार्य, छत्तीसगढ़ ने प्रथम चरण के सफल संचालन पर राज्य के सभी नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि फरवरी 2027 में आयोजित होने वाले द्वितीय चरण — जनसंख्या गणना — में भी प्रदेशवासियों का इसी प्रकार सक्रिय एवं सकारात्मक सहयोग प्राप्त होगा।

    स्वच्छता जनआंदोलन की मिसाल: एनटीपीसी सीपत की जागरूकता रैली में 800 लोगों ने किया श्रमदान

        बिलासपुर / शौर्यपथ / स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) सीपत द्वारा शनिवार को वृहत स्वच्छता जागरूकता रैली एवं सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परियोजना प्रमुख श्री स्वपन कुमार मंडल के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में लगभग 800 लोगों ने सहभागिता कर स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया।
    एनटीपीसी सीपत के मुख्य द्वार से प्रारंभ हुई रैली लगभग 1.5 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए सीपत हाट पहुंची। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने स्वच्छता संबंधी संदेशों के माध्यम से लोगों को अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने तथा स्वच्छ भारत अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
    अभियान के तहत एनटीपीसी मुख्य द्वार से सीपत हाट तक चिन्हित आठ स्थानों पर विशेष श्रमदान कर लंबे समय से जमा कूड़ा-कचरा हटाया गया और क्षेत्र की व्यापक सफाई की गई। इसके साथ ही मुख्य मार्ग से लगे बलदेव तालाब क्षेत्र में भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों के आवागमन वाले इस क्षेत्र को स्वच्छ बनाने के लिए व्यापक जनसहभागिता देखने को मिली। विभिन्न स्थलों पर स्वच्छता संबंधी संदेश प्रदर्शित कर नागरिकों से सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने तथा स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई।
    इस अभियान में एनटीपीसी सीपत के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ उनके परिजन, यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधि, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान, बाल भारती पब्लिक स्कूल के शिक्षक एवं विद्यार्थी, स्थानीय पुलिस प्रशासन, संविदा एजेंसियों के कर्मचारी, ठेका श्रमिक, ग्रामीणजन तथा पत्रकार बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए अभियान को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।
    सीपत हाट पहुंचने पर परियोजना प्रमुख सहित अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों से संवाद किया तथा स्वच्छ परिवेश के सामाजिक, स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर श्री मंडल ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने और अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
    उल्लेखनीय है कि इस अभियान के सफल आयोजन के लिए पूर्व में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, बाल भारती पब्लिक स्कूल, स्वामी आत्मानंद महाविद्यालय, स्थानीय पुलिस प्रशासन, संविदा एजेंसियों तथा प्रेस प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित की गई थीं, ताकि अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
    कार्यक्रम में महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) सुरोजीत सिन्हा, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं ईंधन प्रबंधन) अशोक सरकार, महाप्रबंधक (इंजीनियरिंग) विकास खरे, अपर महाप्रबंधक (मेंटेनेंस) अनुराग गौतम, मानव संसाधन प्रमुख जयप्रकाश सत्यकाम सहित सभी विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी, बाल भारती पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य सलभ निगम, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
    गौरतलब है कि 16 से 31 मई तक आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत एनटीपीसी सीपत द्वारा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, चित्रकला, निबंध लेखन, स्वच्छता शपथ तथा विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के प्रति एनटीपीसी सीपत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

      भिलाई। 45-46 डिग्री की भीषण गर्मी के बीच लगभग 90 से अधिक बच्चों ने अनुशासन, संस्कार और आत्मविकास का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए गीता परिवार, छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित छह दिवसीय ‘बाल संस्कार सिंचन शिविर’ को सफल बनाया। शनिवार को शिविर का समापन “संस्कृति गौरव एवं आशीर्वाद समारोह” के रूप में भव्यता के साथ संपन्न हुआ।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने कहा कि आज के दौर में संस्कार शिविरों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। उन्होंने बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि समस्याओं का समाधान केवल अधिकारों की मांग में नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों के निष्ठापूर्वक पालन और समाधानमूलक जीवन दृष्टि अपनाने में है।

    25 से 30 मई तक मां शारदा पब्लिक स्कूल, सेक्टर-9 में आयोजित इस निःशुल्क शिविर में बच्चों को योग, आत्मरक्षा, लाठी-काठी चालन, स्मरण शक्ति विकास, नेतृत्व, अनुशासन, संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों का प्रशिक्षण दिया गया। पुणे से आए प्रशिक्षक कुमारी गौरी और श्री श्रीधर ने बच्चों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया।

    समारोह के प्रमुख आकर्षण

    • गोपुरम निर्माण का सामूहिक प्रदर्शन
    • लाठी-काठी चालन के माध्यम से आत्मरक्षा का प्रदर्शन
    • संगीतमय योगासन की मनोहारी प्रस्तुति
    • बच्चों की सांस्कृतिक एवं प्रेरक प्रस्तुतियां

    मातृ-पितृ पूजन बना भावनात्मक केंद्र

    शिविर के दौरान आयोजित मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम ने सभी को भावुक कर दिया। बच्चों ने माता-पिता का तिलक कर, आरती उतारकर और चरण पूजन कर भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी आस्था और सम्मान का परिचय दिया। इस अवसर पर कई अभिभावकों की आंखें नम हो गईं।

    संस्कारों के नए युग की शुरुआत

    गीता परिवार पिछले 39 वर्षों से बाल संस्कार, गीता ज्ञान और वेदोत्थान के कार्यों में सक्रिय है तथा वर्तमान में अपने 40वें स्थापना वर्ष में प्रवेश कर चुका है। संस्था ने देशभर में 40 हजार कार्यकर्ता तैयार करने और 40 लाख लोगों तक गीता का संदेश पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

    गीता परिवार छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष गीत गोविंद साहू, मध्यांचल प्रमुख प्रमिला ताई माहेश्वरी, दुर्ग-भिलाई इकाई की अध्यक्षा भूमिजा बेंडाले तथा उनकी टीम के प्रयासों से आयोजित यह शिविर भिलाई में संस्कार, संस्कृति और नैतिक चेतना के एक नए अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।

    संस्कार, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश देने वाला यह शिविर बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल साबित हुआ।

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