August 02, 2026
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    शौर्यपथ

    शौर्यपथ

     

    राजनांदगांव, । मानसून आगमन की संभावना के साथ जिले के किसान खरीफ फसलों की तैयारी में जुट गए हैं। आगामी खरीफ सीजन में जिले में लगभग 1.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी संभावित है। किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग द्वारा एक अप्रैल से ही सहकारी समितियों में भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई थी, जिसके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं।

    कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ वर्ष 2026 के लिए सहकारी क्षेत्र में 45,650 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत 18,500 मीट्रिक टन यूरिया, 4,000 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी), 3,600 मीट्रिक टन म्यूरेट ऑफ पोटाश (एमओपी) तथा 9,800 मीट्रिक टन विभिन्न प्रकार के एनपीके उर्वरकों का लक्ष्य शामिल है।

    निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक जिले में 12,000 मीट्रिक टन से अधिक यूरिया, 365 मीट्रिक टन से अधिक एसएसपी, 2,755 मीट्रिक टन से अधिक एमओपी तथा लगभग 3,000 मीट्रिक टन डीएपी उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। खरीफ सीजन की तैयारी के साथ किसान लगातार उर्वरकों का उठाव कर रहे हैं और अब तक 17,205 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। वितरण के बावजूद जिले में वर्तमान में 12,584 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जो किसानों की जरूरतों की पूर्ति के लिए पर्याप्त माना जा रहा है।

    बीज उपलब्धता के संबंध में विभाग ने बताया कि खरीफ 2026 के लिए धान सहित विभिन्न दलहनी एवं तिलहनी फसलों हेतु 14,331 क्विंटल बीज की आवश्यकता का आकलन किया गया है। इसके मुकाबले अब तक 7,236 क्विंटल बीजों का भंडारण सहकारी समितियों में किया जा चुका है। किसानों द्वारा लगातार बीजों का उठाव किया जा रहा है तथा अब तक 1,533 क्विंटल बीजों का वितरण भी किया जा चुका है।

    कृषि विभाग किसानों को मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने तथा प्राकृतिक रूप से नत्रजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हरी खाद के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है। इसके तहत जिले में 350 क्विंटल मूंग बीज एवं 100 क्विंटल धैचा बीज का भंडारण किया गया है। किसान इनका उपयोग हरी खाद के रूप में कर भूमि की उत्पादकता एवं जैविक गुणवत्ता में वृद्धि कर सकते हैं।

    कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे खरीफ फसलों की बुआई के लिए आवश्यक खाद एवं बीज का समय पर उठाव करें तथा संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाकर बेहतर उत्पादन प्राप्त करें।

    इतिहास डेस्क | 05 जून

    5 जून का दिन विश्व इतिहास और भारत के लिए कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है। यह तिथि विशेष रूप से विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) के रूप में जानी जाती है, जिसकी शुरुआत पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र द्वारा की गई थी। इसके अलावा इसी दिन ऑपरेशन ब्लू स्टार, एड्स के पहले मामलों की पहचान, और कई ऐतिहासिक घटनाएं दर्ज हुईं।


    ? विश्व पर्यावरण दिवस: पर्यावरण संरक्षण का वैश्विक अभियान

    वर्ष 1972 में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में आयोजित संयुक्त राष्ट्र मानव पर्यावरण सम्मेलन के दौरान 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की घोषणा की गई थी। इसके बाद 5 जून 1974 को पहली बार यह दिवस मनाया गया।

    आज यह दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण जागरूकता अभियान माना जाता है, जिसमें 150 से अधिक देशों के लोग और संस्थाएं भाग लेते हैं।


    ? 5 जून की प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं

    ◾ 1659 – औरंगजेब का राज्याभिषेक

    मुगल शासक औरंगजेब आधिकारिक रूप से दिल्ली की गद्दी पर बैठा और उसके शासनकाल की औपचारिक शुरुआत हुई।

    ◾ 1846 – टेलीग्राफ युग की शुरुआत

    अमेरिका के फिलाडेल्फिया और बाल्टीमोर के बीच टेलीग्राफ लाइन का संचालन शुरू हुआ, जिसने संचार क्रांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रखा।

    ◾ 1851 – ‘अंकल टॉम्स केबिन’ का प्रकाशन

    अमेरिकी लेखिका हैरियट बीचर स्टोव के प्रसिद्ध उपन्यास Uncle Tom's Cabin का प्रकाशन प्रारंभ हुआ। इस पुस्तक ने दास प्रथा के खिलाफ जनमत तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    ◾ 1967 – छह दिवसीय युद्ध की शुरुआत

    मध्य पूर्व में इजरायल और अरब देशों के बीच छह दिवसीय युद्ध (Six-Day War) शुरू हुआ। युद्ध के पहले ही दिन इजरायल ने मिस्र के सैकड़ों लड़ाकू विमानों को नष्ट कर सैन्य बढ़त हासिल कर ली थी।

    ◾ 1972 – विश्व पर्यावरण दिवस की घोषणा

    संयुक्त राष्ट्र ने स्टॉकहोम सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण के लिए हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का निर्णय लिया।

    ◾ 1981 – एड्स के पहले मामलों की पहचान

    अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी CDC (Centers for Disease Control and Prevention) ने पहली बार ऐसे मामलों की रिपोर्ट जारी की, जिन्हें बाद में AIDS (Acquired Immunodeficiency Syndrome) के रूप में पहचाना गया। यह आधुनिक चिकित्सा इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है।

    ◾ 1984 – ऑपरेशन ब्लू स्टार

    भारत के पंजाब राज्य में स्थित स्वर्ण मंदिर, अमृतसर परिसर में छिपे उग्रवादियों को हटाने के लिए भारतीय सेना ने ऑपरेशन ब्लू स्टार शुरू किया। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास की सबसे चर्चित और संवेदनशील सैन्य कार्रवाइयों में गिना जाता है।


    ? आज के महत्वपूर्ण दिवस

    ? विश्व पर्यावरण दिवस

    पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, प्रदूषण नियंत्रण और जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पूरी दुनिया में मनाया जाता है।

    ?? डेनमार्क संविधान दिवस

    5 जून 1915 को डेनमार्क में लागू हुए नए संविधान ने महिलाओं को मतदान का अधिकार सहित कई लोकतांत्रिक सुधारों का मार्ग प्रशस्त किया। इस उपलब्धि की स्मृति में संविधान दिवस मनाया जाता है।


    ✨ इतिहास का संदेश

    5 जून केवल एक तिथि नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक चेतना, लोकतांत्रिक अधिकारों और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं की याद दिलाने वाला दिन है। यह दिन हमें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने और इतिहास से सीख लेकर बेहतर भविष्य बनाने की प्रेरणा देता है।

    शौर्यपथ विशेष | ज्योतिष डेस्क

    रायपुर, । वैदिक ज्योतिष के अनुसार आज चंद्रमा मकर राशि में गोचर कर रहे हैं और श्रवण नक्षत्र का प्रभाव बना हुआ है। इस विशेष ग्रह-नक्षत्र संयोग के कारण कई राशियों के जातकों को कार्यक्षेत्र, व्यापार, धन और सामाजिक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। विशेष रूप से मेष, मिथुन, कर्क और मकर राशि के लोगों के लिए आज का दिन उन्नति, आर्थिक लाभ और नई संभावनाओं का संकेत दे रहा है।

    आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत दैनिक राशिफल—


    ♈ मेष राशि

    आज का दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। कार्यस्थल पर आपकी प्रतिभा की सराहना होगी और नई पहचान मिल सकती है। हालांकि ऑफिस की राजनीति या अनावश्यक विवादों से दूरी बनाए रखें। भूमि, भवन या संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ के संकेत हैं।

    शुभ संकेत: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
    उपाय: हनुमान बाहुक का पाठ करें।


    ♉ वृषभ राशि

    आज भाग्य आपका साथ देगा। परिवार में किसी सदस्य से सुखद समाचार प्राप्त हो सकता है। व्यापार में विस्तार की योजनाएं सफल हो सकती हैं और नए संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित होंगे।

    शुभ संकेत: पारिवारिक खुशियां और व्यापारिक प्रगति।
    उपाय: जरूरतमंद व्यक्ति को आटे का दान करें।


    ♊ मिथुन राशि

    आज का दिन आपके लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है। सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे। कला, मीडिया, लेखन और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। पदोन्नति या आय वृद्धि के योग बन रहे हैं।

    शुभ संकेत: करियर में उन्नति और आर्थिक लाभ।
    उपाय: हरी वस्तुओं का दान करें।


    ♋ कर्क राशि

    लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने के संकेत हैं। परिवार और मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। करियर को नई दिशा देने के लिए आज का दिन अनुकूल है। किसी महत्वपूर्ण निर्णय में सफलता मिल सकती है।

    शुभ संकेत: रुके कार्यों में सफलता।
    उपाय: गरीबों को चावल का दान करें।


    ♌ सिंह राशि

    दिन थोड़ा व्यस्त रह सकता है। कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों का दबाव महसूस हो सकता है। हालांकि सरकारी क्षेत्र या प्रशासनिक कार्यों से जुड़े लोगों को सफलता मिलने के योग हैं।

    शुभ संकेत: सरकारी कार्यों में सफलता।
    उपाय: सूर्य देव को जल अर्पित करें।


    ♍ कन्या राशि

    नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए दिन अच्छा है। विद्यार्थी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को पुराने प्रयासों का लाभ मिल सकता है। बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी।

    शुभ संकेत: शिक्षा और करियर में प्रगति।
    उपाय: भगवान गणेश को दुर्वा अर्पित करें।


    ♎ तुला राशि

    दिन सामान्य रहेगा, लेकिन कला, साहित्य और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है। बातचीत में स्पष्टता बनाए रखें और किसी भी भ्रम की स्थिति से बचें।

    शुभ संकेत: रचनात्मक कार्यों में सफलता।
    उपाय: सफेद वस्त्र का दान करें।


    ♏ वृश्चिक राशि

    आपकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने का समय है। नौकरीपेशा लोगों के लिए पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। आय में वृद्धि से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

    शुभ संकेत: प्रमोशन और आर्थिक स्थिरता।
    उपाय: हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें।


    ♐ धनु राशि

    आज धैर्य और विवेक से कार्य करने की आवश्यकता है। अनावश्यक खर्चों और तीखी वाणी से बचें। स्वास्थ्य में सुधार के संकेत हैं और मानसिक शांति बनी रहेगी।

    शुभ संकेत: स्वास्थ्य में सुधार।
    उपाय: विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।


    ♑ मकर राशि

    चंद्रमा का गोचर आपकी राशि में होने से आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा। प्रभावशाली लोगों से मुलाकात हो सकती है। व्यापार और निवेश से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

    शुभ संकेत: व्यापारिक सफलता और सम्मान।
    उपाय: जरूरतमंद को भोजन कराएं और आलस्य से बचें।


    ♒ कुंभ राशि

    आज किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को सोच-समझकर लें। दोपहर के बाद परिस्थितियां अधिक अनुकूल हो सकती हैं। कार्यों में धीरे-धीरे गति आएगी और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होगा।

    शुभ संकेत: दोपहर बाद लाभ के अवसर।
    उपाय: शनिदेव के मंत्रों का जाप करें।


    ♓ मीन राशि

    दिन शांत और संतुलित रहेगा। आपकी व्यावहारिक सोच महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सहायता करेगी। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी न करें और योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ें।

    शुभ संकेत: मानसिक शांति और संतुलन।
    उपाय: गाय को गुड़ और रोटी खिलाएं।


    आज का ज्योतिषीय विशेष निष्कर्ष

    मकर राशि में चंद्रमा और श्रवण नक्षत्र के प्रभाव से मेष, मिथुन, कर्क और मकर राशि के जातकों को विशेष रूप से धन लाभ, करियर में उन्नति और नई उपलब्धियां प्राप्त होने के संकेत हैं। वहीं अन्य राशियों को भी संयम, मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

    (नोट: यह राशिफल वैदिक ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य ग्रह-गोचर पर आधारित है। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार फलादेश भिन्न हो सकता है।)

     

    राजनांदगांव, । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मार्च तिमाही 2026 के अंतर्गत जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) एवं जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (डीएलआरसी) की बैठक लेकर विभिन्न बैंकिंग एवं शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बैंकों को निर्देशित किया कि पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध एवं सरल प्रक्रिया के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाए तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

    बैठक में कलेक्टर ने कहा कि बैंक एवं संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिकाधिक हितग्राहियों तक पहुंच सके। उन्होंने अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) से जून माह में आयोजित किए जाने वाले पीएम स्वनिधि महोत्सव एवं खेत बचाओ अभियान की तैयारियों और प्रगति की जानकारी भी ली।

    बैठक के दौरान प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) बैंक क्रेडिट लिंकेज, पीएम स्वनिधि, किसान क्रेडिट कार्ड (मत्स्य पालन), केसीसी पशुपालन, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) तथा पीएम अजय योजना सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

    इस अवसर पर प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के सफल क्रियान्वयन एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया मुख्य शाखा, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक क्षेत्रीय कार्यालय, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक तथा बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा राजनांदगांव के शाखा प्रबंधकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री सुरूचि सिंह, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री मनोज नायक, अग्रणी जिला प्रबंधक एवं प्रभारी निदेशक आरसेटी श्री मुनीश शर्मा, श्री अमित मिश्रा सहित विभिन्न बैंकों एवं विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

    नीट समेत कई परीक्षाओं में गड़बड़ियों से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित, कांग्रेस ने उठाए सवाल

    दुर्ग / शौर्यपथ / देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामलों को लेकर दुर्ग शहर कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राहुल शर्मा ने केंद्र और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं की मेहनत, सपनों और भविष्य पर सीधा प्रहार हैं।
    जारी प्रेस विज्ञप्ति में राहुल शर्मा ने कहा कि आज देश का युवा कठिन परिश्रम और वर्षों की तैयारी के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होता है, लेकिन बार-बार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाएं उसकी उम्मीदों को तोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि नीट सहित विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में सामने आए विवादों ने लाखों छात्र-छात्राओं को मानसिक तनाव और असुरक्षा के माहौल में धकेल दिया है।

    "सिर्फ जांच की घोषणा पर्याप्त नहीं"
    राहुल शर्मा ने कहा कि प्रत्येक पेपर लीक प्रकरण के बाद जांच की घोषणा कर देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। आवश्यक है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर और उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति परीक्षा प्रणाली के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।
    उन्होंने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं के विश्वास की आधारशिला होती है। यदि यही व्यवस्था संदेह के घेरे में आ जाए तो युवाओं का मनोबल टूटना स्वाभाविक है।

    युवाओं में बढ़ रही निराशा चिंताजनक
    कांग्रेस महामंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में छात्र वर्षों का समय, आर्थिक संसाधन और अथक परिश्रम लगाते हैं। ऐसे में जब पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं तो मेहनती और ईमानदार अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होता है।
    उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के आरोपों ने युवाओं के बीच गहरी निराशा पैदा की है। यह स्थिति केवल शैक्षणिक संकट नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का विषय भी है। कई अवसरों पर परीक्षा विवादों और भविष्य को लेकर बढ़ी मानसिक परेशानियों के कारण छात्रों द्वारा आत्महत्या जैसे दुखद कदम उठाए जाने की खबरें भी सामने आई हैं, जो पूरे समाज के लिए गंभीर चेतावनी हैं।

    "देश का युवा जवाब मांग रहा है"
    राहुल शर्मा ने कहा कि देश का युवा अब जवाब मांग रहा है। उसकी मेहनत, समय और परिवारों की उम्मीदों का मूल्य है। सरकार को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए ऐसी मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिससे परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित, निष्पक्ष और विश्वसनीय बन सके।
    उन्होंने मांग की कि परीक्षा संचालन से जुड़े तंत्र को तकनीकी रूप से और अधिक सुदृढ़ किया जाए, पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष व्यवस्था बनाई जाए तथा दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए।

    शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता
    राहुल शर्मा ने कहा कि हाल के महीनों में कांग्रेस सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और छात्र समूहों द्वारा भी परीक्षा प्रणाली में सुधार, जवाबदेही तय करने और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जाती रही है। उन्होंने कहा कि यह किसी एक दल का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा विषय है।

    मुख्य बिंदु
    पेपर लीक को युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला बताया।
    नीट सहित विभिन्न परीक्षाओं की निष्पक्षता पर उठे सवाल।
    दोषियों पर कठोर कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग।
    युवाओं में बढ़ती निराशा और मानसिक तनाव पर चिंता व्यक्त।
    परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की आवश्यकता पर जोर।

    (नोट: छात्रों की आत्महत्या जैसे मामलों का उल्लेख अत्यंत संवेदनशील विषय है। किसी भी घटना को विशिष्ट रूप से पेपर लीक से जोड़ने के लिए आधिकारिक जांच या प्रमाणित तथ्यों का होना आवश्यक है। इसलिए समाचार में इसे व्यापक सामाजिक चिंता और मीडिया में सामने आए मामलों के संदर्भ में संतुलित रूप से प्रस्तुत किया गया है।)

    इटली ने नहीं तोड़ा व्यापारिक रिश्ता, 2029 तक 20 बिलियन यूरो व्यापार का लक्ष्य

    भारत-इटली साझेदारी और मजबूत, लेकिन घटा भारत का व्यापारिक मुनाफा

    नई दिल्ली। भारत और इटली के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर फैल रही भ्रम की स्थिति के बीच स्पष्ट हुआ है कि इटली ने भारत के साथ अपना व्यापार समाप्त नहीं किया है। इसके विपरीत, दोनों देशों ने वर्ष 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 20 बिलियन यूरो तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।

    वर्तमान में भारत और इटली के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार 14.25 बिलियन यूरो से अधिक है। हालांकि, व्यापारिक आंकड़ों में एक महत्वपूर्ण बदलाव यह देखने को मिला है कि भारत का व्यापार अधिशेष (मुनाफा) पिछले कुछ वर्षों में घटा है। वर्ष 2019 में जहां भारत को इटली के साथ व्यापार में लगभग 5 बिलियन डॉलर का लाभ होता था, वहीं यह अब घटकर करीब 2 बिलियन डॉलर रह गया है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका प्रमुख कारण इटली से भारत के आयात में लगातार बढ़ोतरी है।

    दोनों देशों ने हाल ही में ‘इंडिया-इटली जॉइंट स्ट्रेटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029’ के तहत आर्थिक, औद्योगिक, तकनीकी और निवेश सहयोग को नई गति देने पर सहमति जताई है। इससे स्पष्ट है कि भारत और इटली के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

    “Month of Solar” अभियान में बेहतर प्रदर्शन के लिए मिलेगा पीएम सूर्यघर एक्सीलेंस अवार्ड

    मध्यम उपभोक्ता आधार वाले राज्यों की श्रेणी में सर्वाधिक वेंडर रजिस्ट्रेशन में देश में दूसरा स्थान

    रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आयोजित “Month of Solar” अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना राज्य के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का प्रमाण है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मध्यम उपभोक्ता आधार वाले राज्यों की श्रेणी में सर्वाधिक वेंडर रजिस्ट्रेशन के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है, जिसके लिए राज्य का चयन पीएम सूर्यघर एक्सीलेंस अवार्ड हेतु किया गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि ऊर्जा क्षेत्र में राज्य की सक्रियता, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनसहभागिता का सकारात्मक परिणाम है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए ऊर्जा विभाग, क्रेडा, विद्युत वितरण कंपनियों, सभी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा सहयोगी संस्थाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि टीमवर्क, प्रतिबद्धता और बेहतर समन्वय के कारण छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार ऊर्जा आत्मनिर्भर, पर्यावरण अनुकूल और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाले ऐसे प्रयास प्रदेश के नागरिकों को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ स्वच्छ एवं सतत विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    जिले में 24 हजार टन से अधिक उर्वरक का भंडारण, सहकारी समितियों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर वितरण

    रायपुर, । जिला रायगढ़ में मानसून की दस्तक से पहले जिले के किसान आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों में जुट गए हैं। खेतों की जुताई, बुआई की तैयारी और कृषि आदानों की व्यवस्था के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी से जुड़ी गतिविधियां तेज हो गई हैं। किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं पात्र किसानों को नगद ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया भी निरंतर जारी है। कलेक्टर द्वारा इसकी लगातार समीक्षा भी की जा रही है।

    उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में खाद की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है तथा किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

    कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए जिले में उर्वरकों के भंडारण और वितरण की व्यवस्था सुनियोजित ढंग से संचालित की जा रही है। खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर से लेकर विकासखंड स्तर तक लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि खेती के महत्वपूर्ण समय में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
    जिले में अब तक विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का 24 हजार 138 टन से अधिक भंडारण किया जा चुका है। इनमें सहकारी संस्थाओं में 15 हजार 789 टन तथा निजी क्षेत्र में 8 हजार 348 टन उर्वरक उपलब्ध है। कृषि विभाग के अनुसार सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उर्वरकों की पहुंच और वितरण व्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
    विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक लगभग 48 प्रतिशत तथा गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 52 प्रतिशत खाद का भंडारण किया जा चुका है। वहीं इस वर्ष उपलब्ध कराए गए भंडारण के विरुद्ध लगभग 46 प्रतिशत उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप खाद की आपूर्ति एवं भंडारण की प्रक्रिया चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से संचालित की जा रही है।
    कृषि विभाग द्वारा जिले में गठित निगरानी दलों, उर्वरक निरीक्षकों तथा मैदानी अमले के माध्यम से सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। किसानों को उनके कृषि रकबे एवं आवश्यकता के अनुरूप नियमानुसार उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित कराया जा रहा है। साथ ही उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
    विभाग द्वारा किसानों को डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अलावा हरी खाद उत्पादन को बढ़ावा देने तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में दीवार लेखन, प्रचार-प्रसार एवं कृषि विस्तार गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
    कृषि विभाग ने बताया कि आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए खाद वितरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है। मानसून के दौरान उर्वरकों की मांग बढ़ने की स्थिति में भी पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। विभाग का लक्ष्य किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराकर खरीफ फसलों की बेहतर उत्पादन व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

    25 हजार मीट्रिक टन से अधिक रासायनिक उर्वरक उपलब्ध, प्रशासन की कड़ी निगरानी में वितरण व्यवस्था

    रायपुर // मुंगेली जिले में खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत के साथ ही जिले के किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रहे हैं। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में रासायनिक उर्वरकों के भंडारण, वितरण और निगरानी की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को खेती-किसानी के कार्यों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। जिले में वर्तमान में सहकारी, निजी एवं डबल लॉक केंद्रों सहित कुल 25 हजार मीट्रिक टन से अधिक रासायनिक उर्वरक उपलब्ध है। सहकारी क्षेत्र में अब तक 14 हजार 217 मीट्रिक टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया गया है, जिसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी एवं म्यूरेट ऑफ पोटॉश शामिल हैं। वहीं निजी क्षेत्र में 10 हजार 727 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त डबल लॉक केंद्रों में 04 हजार 208 मीट्रिक टन तथा निजी थोक विक्रेताओं के पास 01 हजार 213 मीट्रिक टन उर्वरक सुरक्षित रूप से उपलब्ध है।
    किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 05 हजार 668 मीट्रिक टन तथा निजी विक्रेताओं के माध्यम से 06 हजार 829 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक का वितरण किया जा चुका है। इसके साथ ही जिले की 66 सहकारी समितियों में 12 हजार 412 क्विंटल बीज का भंडारण किया गया है, जिसमें मुख्य रूप से धान एवं अरहर के बीज शामिल हैं। निजी क्षेत्र के 200 से अधिक केंद्रों में भी लगभग 01 हजार 50 क्विंटल बीज उपलब्ध है। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि जिले में रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा लगातार नई खेप भी पहुंच रही है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक प्रचार पर ध्यान न दें और आवश्यकता अनुसार ही खाद का क्रय करें। प्रशासन किसानों को निर्बाध रूप से खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ।

      रायपुर / ख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि समाधान शिविरों का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का संवेदनशील और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासनिक अमला सकारात्मक सोच और सार्थक प्रयासों के साथ कार्य करे, ताकि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचे और सुशासन की भावना जमीन पर दिखाई दे।

    प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत मंगलवार शाम कांकेर जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर और बस्तर जिलों में संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की जिलावार समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, जवाबदेह और परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाने के निर्देश दिए।

    प्रधानमंत्री आवास, धान उठाव और कृषि तैयारियों पर विशेष जोर

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए ताकि हितग्राहियों को पक्के आवास का लाभ मिल सके। उन्होंने खरीदी केन्द्रों से धान उठाव की प्रक्रिया तेज करने तथा स्थानीय स्तर पर धान मिलिंग को बढ़ावा देने के लिए युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खरीफ सीजन को देखते हुए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया और वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि और एग्रीस्टैक पोर्टल में पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता

    मुख्यमंत्री श्री साय ने मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पूरी तैयारी के साथ सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव, सिकल सेल स्क्रीनिंग तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।

    उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट तैयार करने का कार्य देने, कुपोषण मुक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या बढ़ाने तथा सभी पात्र महिलाओं तक महतारी वंदन योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता को लेकर निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। साथ ही डायल 112 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।

    बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन, बिहान योजना, तेंदूपत्ता खरीदी, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन, अटल डिजिटल सेवा केन्द्र, ई-ऑफिस क्रियान्वयन, डीएमएफ कार्यों, शिक्षा गुणवत्ता, सड़क अवसंरचना और कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर विभागवार समीक्षा की तथा जिलों में प्रगति की जानकारी ली।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने पखांजूर क्षेत्र में मत्स्यपालन की संभावनाओं को देखते हुए जल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने तथा अंतागढ़ और कोयलीबेड़ा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में डीएमएफ मद से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

    बैठक में विधायक अंतागढ़ श्री विक्रम उसेंडी, कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, बस्तर संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह सहित संबंधित जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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