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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।
निर्माण कार्यों, भुगतान प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर आरोप; वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग
भिलाई / शौर्यपथ / नगर पालिक निगम भिलाई में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कराए गए करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों और भुगतान प्रक्रिया में कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं का मामला सामने आया है। भाजपा के उपनेता प्रतिपक्ष दया सिंह ने नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) से जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए मंत्री अरुण साव ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं।
दया सिंह का आरोप है कि नगर निगम में कई विकास कार्यों के दौरान वैधानिक प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई तथा कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और दोषियों की जवाबदेही तय करने के लिए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
ज्ञापन में लगाए गए प्रमुख आरोप
■ अवैध प्लॉटिंग को लाभ पहुंचाने का आरोप
ज्ञापन के अनुसार वार्ड-22 स्थित शीतला तालाब के दक्षिण मार्ग पर 15वें वित्त आयोग की राशि से लगभग 72.30 लाख रुपये की लागत से डामरीकरण कार्य कराया गया। आरोप है कि आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियों के बिना यह सड़क अवैध प्लॉटिंग वाले क्षेत्र को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई तथा गुणवत्ता परीक्षण के बिना लगभग 52 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया।
■ PF और ESI जमा किए बिना भुगतान
ज्ञापन में दावा किया गया है कि सफाई ठेकेदार द्वारा कर्मचारियों का PF और ESI जमा नहीं किया गया, इसके बावजूद निगम ने भुगतान जारी कर दिया। आरोप है कि पूर्व आयुक्तों द्वारा भुगतान रोकने के निर्देश होने के बाद भी नियमों की अनदेखी कर ठेकेदार को लाभ पहुंचाया गया।
■ चार पानी टंकियों के निर्माण में पेनल्टी नहीं
दया सिंह ने आरोप लगाया कि निगम की चार ओवरहेड पानी टंकियों का निर्माण निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं हुआ। फाइल में समय सीमा नहीं बढ़ाने की टिप्पणी होने के बावजूद देरी पर ठेकेदार के विरुद्ध पेनल्टी नहीं लगाई गई और करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है।
■ निर्माण कार्यों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने का आरोप
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि 50 हजार से 70 हजार रुपये तक के अनेक छोटे निर्माण कार्यों को नियमों से बचने के लिए अलग-अलग हिस्सों में स्वीकृत कराया गया, ताकि निविदा प्रक्रिया से बचते हुए पसंदीदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया जा सके।
EOW जांच की मांग
दया सिंह ने मंत्री अरुण साव से अनुरोध किया है कि निर्माण कार्यों, भुगतान प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की EOW से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, जिससे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और यदि कोई अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
ज्ञापन सौंपने के दौरान भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं भिलाई जिला प्रभारी रामजी भारती, जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन, नेता प्रतिपक्ष भोजराज भोजू, पार्षद पीयूष मिश्रा, भाजपा महामंत्री मनीष अग्रवाल, जिला कोषाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह, पूर्व सभापति श्याम सुंदर राव सहित भाजपा संगठन के पदाधिकारी एवं पार्षद उपस्थित रहे।
नोट: यह समाचार भाजपा उपनेता प्रतिपक्ष दया सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों और मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन पर आधारित है। इन आरोपों की आधिकारिक जांच और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना शेष है।
निकाय चुनाव से पहले दावेदारों की सक्रियता तेज, स्टार प्रचारकों से लेकर महापौर प्रत्याशी तक नामों की चर्चा; सत्ता और संगठन की परीक्षा बनेगा रिसाली
भिलाई/रिसाली। रिसाली नगर निगम चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी ने अभी भले ही आधिकारिक तौर पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की हो, लेकिन दोनों दलों में संभावित चेहरों को लेकर मंथन तेज हो गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं हैं कि इस बार रिसाली का चुनाव केवल महापौर चुनने का नहीं, बल्कि दोनों प्रमुख दलों की संगठनात्मक ताकत और जनाधार की बड़ी परीक्षा भी होगा।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार कांग्रेस की ओर से पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू चुनाव प्रचार की कमान संभाल सकते हैं, जबकि भाजपा की ओर से विधायक ललित चंद्राकर प्रमुख रणनीतिक भूमिका में दिखाई दे सकते हैं। दोनों नेताओं के अनुभव और संगठनात्मक पकड़ को देखते हुए चुनावी मुकाबला बेहद रोचक होने की संभावना जताई जा रही है।
महापौर की दौड़ में कई चेहरे, कांग्रेस में सबसे आगे रामेश्वरी का नाम
महापौर पद के संभावित दावेदारों की चर्चा भी तेज हो गई है। कांग्रेस में रामेश्वरी दिवाकर गायकर का नाम सबसे प्रमुख दावेदार के रूप में सामने आ रहा है। वहीं हेमिन चतुर्वेदी भी टिकट की दौड़ में सक्रिय मानी जा रही हैं। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व और चुनावी समीकरणों के आधार पर लिया जाएगा।
भाजपा में भी दावेदारों की लंबी कतार
भाजपा में भी महापौर पद को लेकर कई नाम चर्चा में हैं। पार्टी के भीतर पार्वती ढीढ़ी का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। इसके अलावा चंद्रकली चतुर्वेदी, हिंदी डाहरे सहित अन्य संभावित दावेदार भी संगठन के संपर्क में बताए जा रहे हैं। उम्मीदवार चयन में संगठन, सामाजिक समीकरण और जीत की संभावना अहम आधार बन सकते हैं।
40 वार्ड, सीधा मुकाबला और प्रतिष्ठा की लड़ाई
रिसाली नगर निगम के 40 वार्डों में इस बार मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही माना जा रहा है। हालांकि आम आदमी पार्टी और अन्य क्षेत्रीय दल भी चुनावी मैदान में सक्रिय होने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुकाबले का केंद्र कांग्रेस और भाजपा ही रहेंगी।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के कारण चुनाव में सत्ता पक्ष को प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिल सकता है, जबकि कांग्रेस स्थानीय मुद्दों और अपने पारंपरिक जनाधार के भरोसे मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
एसपी विजय अग्रवाल का बड़ा प्रशासनिक फैसला, पुलिसिंग को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए जारी हुए तबादला आदेश
दुर्ग। जिले में पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त, प्रभावी एवं जनकेंद्रित बनाने की दिशा में दुर्ग पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 10 थाना एवं चौकी प्रभारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार विभिन्न थाना प्रभारियों एवं अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि उनके स्थान पर अन्य अधिकारियों की पदस्थापना की गई है।
जारी आदेश के मुताबिक वैशाली नगर, पद्मनाभपुर, धमधा, उतई, नंदिनी, सुपेला, पुरानी भिलाई, छावनी, स्मृति नगर चौकी तथा आरसीयू सहित कई महत्वपूर्ण इकाइयों में अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य अनुभव, कार्यकुशलता और क्षेत्रीय आवश्यकता के अनुरूप अधिकारियों की नई तैनाती कर पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
आदेश के अनुसार निरीक्षक प्रशांत मिश्रा को वैशाली नगर से प्रभारी RCU दुर्ग, निरीक्षक प्रमोद रस्तरिया को RCU से पद्मनाभपुर थाना प्रभारी, निरीक्षक महेश ध्रुव को धमधा थाना, निरीक्षक अनिल पटेल को नंदिनी थाना, निरीक्षक राजकुमार लहरे को वैशाली नगर थाना, निरीक्षक विजय यादव को पुरानी भिलाई थाना, निरीक्षक अंबर सिंह भारद्वाज को सुपेला थाना, निरीक्षक राजेश साहू को उतई थाना, उप निरीक्षक रामनारायण ध्रुव को छावनी थाना तथा उप निरीक्षक अमित अंडानी को स्मृति नगर चौकी प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बेहतर पुलिसिंग पर प्रशासन का फोकस
पुलिस विभाग के इस प्रशासनिक फेरबदल को कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने, अपराध नियंत्रण में तेजी लाने तथा आम जनता को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नई पदस्थापनाओं से विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्यप्रणाली में नई गति आएगी और पुलिसिंग अधिक जवाबदेह एवं परिणामोन्मुख बनेगी।
भिवंडी पुलिस की छापेमारी में खुला बड़ा नेटवर्क, 1.5 करोड़ की डील का खुलासा; 3 आरोपी गिरफ्तार, हरियाणा-बिहार कनेक्शन की जांच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने SIT जांच के दिए आदेश।
मुंबई । महाराष्ट्र में लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ी Maha TET 2026 परीक्षा पेपर लीक के सनसनीखेज खुलासे के बाद स्थगित कर दी गई है। परीक्षा शुरू होने से महज 24 घंटे पहले हुए इस खुलासे ने पूरे राज्य की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भिवंडी पुलिस को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर शनिवार को की गई छापेमारी में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से बरामद संदिग्ध प्रश्नपत्रों का महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने सत्यापन कराया, जिसमें यह पुष्टि हुई कि बरामद प्रश्न वास्तविक परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं। इसके बाद परिषद ने रविवार, 28 जून 2026 को आयोजित होने वाली परीक्षा को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का निर्णय लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लीक हुए प्रश्नपत्र की बिक्री के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये की बड़ी डील तय की गई थी। जांच एजेंसियों को इस पूरे रैकेट के तार हरियाणा और बिहार तक जुड़े होने के संकेत मिले हैं, जिससे यह मामला एक अंतरराज्यीय संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करता है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरे प्रकरण की विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने के आदेश दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था और पेपर लीक माफिया पर प्रभावी अंकुश लगाने की आवश्यकता को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है। लाखों अभ्यर्थी अब नई परीक्षा तिथि की घोषणा और निष्पक्ष जांच के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री शर्मा पहुंचे नक्सलियों की मांद कहलाने वाले ग्राम किसकोड़ो, ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं
आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा किसकोड़ो - उप मुख्यमंत्री शर्मा
रायपुर / कभी नक्सल संगठन का मजबूत गढ़ और बस्तर में नक्सलियों की मांद कहे जाने वाले उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम किसकोड़ो में शुक्रवार 26 जून को ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। जिस स्थान पर कभी नक्सलियों की चौपाल लगती थी, वहीं उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने देर शाम को ग्रामीणों के बीच जनचौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। वर्षों तक भय और हिंसा का दंश झेल रहा यह गांव अब लोकतंत्र, विकास और विश्वास की नई इबारत लिख रहा है।
गांव पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद किया और एक-एक व्यक्ति की समस्याएं, मांग एवं सुझाव गंभीरता से सुनी। इस दौरान ग्राम किसकोड़ो सहित आसपास की आठ पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
ग्रामीणों ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, विद्युत व्यवस्था, बंडापाल में सब-स्टेशन निर्माण, खाद भंडारण केंद्र, स्कूल की बाउंड्रीवाल तथा मातला मार्ग पर पाइप पुलिया निर्माण जैसी अनेक मांगें रखीं। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश देते हुए अस्पताल तक मरीजों के आवागमन के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तथा विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसकोड़ो को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। यहां पहुंचे ग्रामीणों में अपने क्षेत्र के विकास के लिए उत्साह देखकर उप मुख्यमंत्री ने कहा वर्षों तक डर के साए में रहने के बाद जल्द से जल्द विकास करने की जो ललक आज ग्रामीणों में दिख रही है वह अविश्वसनीय है।
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 तक किसकोड़ो एरिया कमेटी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र थी, जिसे अब नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया जा चुका है। हाल ही में गांव में पेयजल संकट दूर करने के लिए बोर खनन कराया गया है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किसकोड़ो का निरीक्षण भी किया।
जनचौपाल में ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि पहले यहां नक्सलियों की चौपाल लगती थी, आज पहली बार शासन के उप मुख्यमंत्री की चौपाल लगी है। यह किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि पहले शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे। बच्चों को जबरन नक्सली संगठन में शामिल करने का प्रयास किया जाता था और सरकारी कर्मचारी भी यहां पदस्थापना होने के बावजूद कार्यभार ग्रहण करने से कतराते थे। आज वही गांव विकास, सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास के साथ नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि कभी भय और बंदूक की पहचान रखने वाला किसकोड़ो अब विकास, विश्वास और लोकतंत्र का नया प्रतीक बनकर उभर रहा है। यहां गूंज रहे "भारत माता की जय" के उद्घोष इस बदलते बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों को जैविक कृषि के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बेहतर प्रशिक्षण के साथ उनका सर्टिफिकेशन करने की भी आवश्यकता है, आसपास की सभी पंचायतों को मिलाकर ब्रांडिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने लघु वनोपज प्रसंस्करण के लिए व्यवस्था निर्माण के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर कांकेर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एएसपी आकाश श्रीश्रीमाल, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, एडीएम एएस पैकरा, एसडीएम अंतागढ़ राहुल रजक सहित अन्य अधिकारीगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
अंबिकापुर के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित रोजगार मेले में युवाओं से किया आत्मीय संवाद, चयनित अभ्यर्थियों को दी बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
रायपुर, 27 जून 2026। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने शनिवार को अंबिकापुर स्थित शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित संभाग स्तरीय रोजगार मेले में सहभागिता कर क्षेत्र के युवाओं से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने रोजगार के लिए पहुंचे युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता युवाओं को उनकी प्रतिभा, योग्यता और कौशल के अनुरूप रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने युवाओं से निरंतर परिश्रम, कौशल विकास और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि रोजगार मेले केवल नियुक्ति का माध्यम नहीं हैं, बल्कि युवाओं के सपनों को नई दिशा देने का सशक्त मंच हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों और उद्योगों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है, जिससे उनके उज्ज्वल भविष्य की राह और अधिक मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में कौशल और दक्षता ही सफलता की सबसे बड़ी पूंजी है। इसलिए युवाओं को अपनी क्षमताओं का निरंतर विकास करते हुए नए अवसरों के लिए स्वयं को तैयार रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। विभिन्न विभागों के माध्यम से कौशल विकास, प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराने की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है, ताकि प्रदेश का प्रत्येक युवा आत्मनिर्भर बन सके और राज्य के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सके।
इस अवसर पर मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने रोजगार मेले के माध्यम से चयनित सभी युवाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रोजगार मेले के माध्यम से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। चयनित सभी युवाओं को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं। मुझे विश्वास है कि आप सभी अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा से अपने परिवार, समाज और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में युवा, अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न निजी प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। रोजगार मेले में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विभिन्न कंपनियों में रोजगार प्राप्त करने के लिए साक्षात्कार एवं चयन प्रक्रिया में शामिल हुए। यह आयोजन क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के उत्थान, लोक संस्कृति के संरक्षण तथा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में डॉ. ताती के दीर्घकालीन एवं उल्लेखनीय योगदान की सराहना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने अपना संपूर्ण जीवन जनजातीय समाज की सेवा, लोक परंपराओं के संरक्षण और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के कार्यों के लिए समर्पित किया है। उनका सेवा भाव, समर्पण और सामाजिक योगदान पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर डॉ. बुधरी ताती ने चार दशक से अधिक समय तक बस्तर अंचल सहित वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए सतत कार्य किया है। उन्होंने सैकड़ों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हें सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डॉ. बुधरी ताती जैसे व्यक्तित्व हमारी समृद्ध जनजातीय विरासत, लोक संस्कृति और सेवा की परंपरा के सशक्त प्रतीक हैं। उनका जीवन नई पीढ़ी को समाज के प्रति संवेदनशीलता, सेवा और समर्पण का संदेश देता है। डॉ. बुधरी ताती ने जनजातीय समाज के विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती के परिजन उपस्थित थे।
अंतरराष्ट्रीय ShakthiSAT Mission के लिए चयनित महिमा राजपूत को मुख्यमंत्री ने दी बधाई
रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय ShakthiSAT Mission के लिए चयनित रायपुर की प्रतिभाशाली छात्रा महिमा राजपूत को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महज 14 वर्ष की आयु में 108 देशों के विद्यार्थियों के साथ इस प्रतिष्ठित अंतरिक्ष मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयनित होना न केवल महिमा की असाधारण प्रतिभा और मेहनत का प्रमाण है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिमा राजपूत ने अपनी लगन, प्रतिभा और समर्पण से अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां अवसर मिलने पर वैश्विक मंचों पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि महिमा की यह प्रेरणादायी सफलता प्रदेश के लाखों युवाओं, विशेषकर बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का आत्मविश्वास देगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और विज्ञान, नवाचार तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिमा राजपूत को पुनः हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की तथा आशा व्यक्त की कि वे भविष्य में भी देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाती रहेंगी।
अंतरराष्ट्रीय ShakthiSAT Mission के लिए चयनित महिमा राजपूत को मुख्यमंत्री ने दी बधाई
रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय ShakthiSAT Mission के लिए चयनित रायपुर की प्रतिभाशाली छात्रा महिमा राजपूत को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महज 14 वर्ष की आयु में 108 देशों के विद्यार्थियों के साथ इस प्रतिष्ठित अंतरिक्ष मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयनित होना न केवल महिमा की असाधारण प्रतिभा और मेहनत का प्रमाण है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिमा राजपूत ने अपनी लगन, प्रतिभा और समर्पण से अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां अवसर मिलने पर वैश्विक मंचों पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि महिमा की यह प्रेरणादायी सफलता प्रदेश के लाखों युवाओं, विशेषकर बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का आत्मविश्वास देगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और विज्ञान, नवाचार तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिमा राजपूत को पुनः हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की तथा आशा व्यक्त की कि वे भविष्य में भी देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाती रहेंगी।
किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने
राज्यभर में निरीक्षण अभियान जारी
महासमुंद / किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा राज्यभर में उर्वरक विक्रय केंद्रों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में महासमुंद जिले में कृषि विभाग ने कार्रवाई करते हुए वैष्णवी एग्रो इंडस्ट्रीज से उड़ीसा प्रिंट वाली पीआरओएम (PROM) उर्वरक की 11 बोरियां (लगभग 550 किलोग्राम) जब्त की हैं।
महासमुंद जिले के कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने बागबाहरा विकासखंड के ग्राम घोयनाबाहरा स्थित वैष्णवी एग्रो इंडस्ट्रीज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में सालेपाली, पाइकमाल, जिला बरगढ़ (उड़ीसा) प्रिंट वाली उर्वरक की 11 बोरियां मिलीं, जिन्हें नियमानुसार जब्त कर लिया गया।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसानों के हितों की सुरक्षा तथा उर्वरकों की गुणवत्ता एवं वैध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि उर्वरक के भंडारण एवं विक्रय में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्यभर में यह निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत पर 3 जेसीबी और 3 ट्रैक्टर जब्त
खनिज संपदा की लूट नहीं होगी बर्दाश्त, अवैध उत्खनन पर होगी कठोर कार्रवाई
रायपुर, ।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी दिशा में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध खनन और परिवहन में संलिप्त 3 जेसीबी मशीन तथा 3 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया है।
कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन के निर्देश पर जिला खनिज उड़नदस्ता दल द्वारा की गई यह कार्रवाई राज्य सरकार की शून्य सहिष्णुता नीति को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किए जाने का स्पष्ट उदाहरण मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, जिले के देवराजपारा–सधवानी और बंधी–बचरवार क्षेत्र में खनिज मुरूम एवं मिट्टी के अवैध उत्खनन की शिकायत प्राप्त हुई थी। वहीं सिलपहरी क्षेत्र में रेत के अवैध परिवहन की सूचना पर भी खनिज विभाग ने तत्काल कार्रवाई की। जांच एवं मौके पर कार्रवाई के दौरान देवराजपारा–सधवानी क्षेत्र से दो जेसीबी, बंधी–बचरवार क्षेत्र से एक जेसीबी तथा सिलपहरी क्षेत्र से रेत परिवहन में प्रयुक्त तीन ट्रैक्टर वाहन जब्त किए गए। सभी जब्त वाहन सुरक्षित रूप से पुलिस लाइन अमरपुर में रखे गए हैं।
विशेष उल्लेखनीय है कि सधवानी क्षेत्र के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा कलेक्टर कार्यालय में अवैध उत्खनन की शिकायत दर्ज कराई थी। जनशिकायत प्राप्त होते ही कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने तत्काल संज्ञान लेकर खनिज विभाग को जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन की तत्परता और विभागीय सक्रियता से शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हुई, जिससे आमजन का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।
कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने स्पष्ट किया है कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन अथवा भंडारण जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी, सतत निरीक्षण तथा शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्राकृतिक संपदा का संरक्षण हो तथा राजस्व हानि रोकी जा सके।
खनिज विभाग के अनुसार जब्त किए गए वाहनों के स्वामियों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। नियमानुसार अर्थदंड एवं समझौता राशि जमा होने के पश्चात ही संबंधित वाहनों को मुक्त किया जाएगा।
इस कार्रवाई में सहायक खनिज अधिकारी आदित्य मानकर, खनिज निरीक्षक सुजीत कंवर, खनिज सिपाही शिवकुमार लहरे, नगर सैनिक सतीश साहू सहित जिला खनिज उड़नदस्ता दल की सक्रिय भूमिका रही।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सुशासन, पारदर्शिता और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। अवैध खनन के विरुद्ध कठोर रुख और जनशिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की यह पहल प्रदेश में जवाबदेह और संवेदनशील शासन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
शहीद की माताजी से की आत्मीय भेंट, अंत्योदय कार्ड जारी करने के दिए निर्देश
रायपुर , /
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सुकमा जिले के जगरगुंडा स्थित शहीद एएसआई रामू राम नाग के निवास पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर राष्ट्र की रक्षा एवं जनसेवा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने शहीद की माताजी से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान प्रदेश और देश की अमूल्य धरोहर है तथा उनके परिवारों का सम्मान और संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
इस अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने संबंधित अधिकारियों को शहीद परिवार की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए शहीद की माताजी के लिए अंत्योदय राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया तत्काल पूर्ण करने को कहा, ताकि उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सहजता से प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास, विश्वास और शांति के नए युग की ओर अग्रसर है। ऐसे समय में प्रदेश के वीर सपूतों के त्याग और बलिदान को सदैव स्मरण रखना हम सभी का दायित्व है। शहीद परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।
कभी नक्सल प्रभाव का प्रतीक रहे इलाकों में अब विकास, विश्वास और जनभागीदारी की नई इबारत
रायपुर, ।
बस्तर अब बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। जो क्षेत्र कभी भय, असुरक्षा और नक्सली प्रभाव के कारण पहचाने जाते थे, वहां आज विकास, विश्वास और जनभागीदारी की नई ऊर्जा दिखाई दे रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, पोषण और आजीविका के माध्यम से सुदूर अंचलों में परिवर्तन की मजबूत आधारशिला तैयार हो रही है।
इसी बदलते बस्तर की विकास यात्रा को गति देने महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एक दिवसीय प्रवास पर सुकमा जिले के जगरगुंडा, चिंतलनार, पूर्वर्ती और सिलगेर पहुंचीं।
इस प्रवास की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि श्रीमती राजवाड़े सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनीं। वर्षों तक नक्सली हिंसा से प्रभावित रहे इस क्षेत्र में उनका यह दौरा केवल प्रशासनिक उपस्थिति नहीं, बल्कि शासन की संवेदनशीलता, भरोसे और विकास के संकल्प का प्रतीक बनकर सामने आया।
दौरे के दौरान मंत्री ने पूर्वर्ती एवं सिलगेर के आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया तथा अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रमों में शामिल होकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने बच्चों के साथ आत्मीय संवाद किया, ग्रामीण महिलाओं से मुलाकात की और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र कभी संघर्ष और असुरक्षा की पहचान थे, वहीं आज महिला स्वावलंबन, शिक्षा, पोषण और सामाजिक उन्नति के केंद्र बनते जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और स्थानीय स्तर पर नई संभावनाओं का निर्माण कर रही हैं।
प्रवास के दौरान मंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत जगरगुंडा स्थित कृतिका महिला संकुल स्तरीय संगठन (सीएलएफ) भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनकी आजीविका, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
ग्रामीण महिलाओं ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पहली बार कोई महिला मंत्री सड़क मार्ग से सीधे जगरगुंडा पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और संवाद करने आई हैं। उन्होंने इसे शासन के प्रति बढ़ते विश्वास और गांव तक पहुंचते विकास का सकारात्मक संकेत बताया।
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के अंतिम छोर तक विकास की रोशनी पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस, स्थानीय जनसहयोग और सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों के समन्वित प्रयासों से बस्तर में शांति, स्थायित्व और समृद्धि का नया वातावरण तैयार हुआ है। जगरगुंडा, पूर्वर्ती और सिलगेर जैसे क्षेत्रों में बच्चों की मुस्कान, महिलाओं का आत्मविश्वास और विकास की नई संभावनाएं आज बदलते बस्तर की सबसे सशक्त पहचान बन चुकी हैं।
रायपुर ।
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बस्तर संभाग के सुकमा जिले के प्रवास के दौरान सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र, लस्केपारा (छिंदगढ़) की पोषण वाटिका में नन्हें बच्चों के साथ मुनगा एवं पपीता के पौधों का पौधरोपण कर सुपोषण, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का प्रेरक संदेश दिया।
इस अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने “हर-घर मुनगा, घर-घर सुपोषण” का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज की शुरुआत घर और आंगन से होती है तथा पोषण और प्रकृति संरक्षण दोनों को जनआंदोलन बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने बच्चों के साथ संवाद करते हुए मुनगा और पपीता के पौधों के पोषण महत्व को सरल और रोचक तरीके से समझाया। बच्चों के हाथों पौधरोपण कराते हुए उन्होंने प्रकृति से जुड़ाव और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दिया।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुनगा को ‘सुपोषण वृक्ष’ के रूप में विशेष पहचान मिली है, क्योंकि इसकी पत्तियां, फलियां और फूल आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और कुपोषण जैसी चुनौती से मुकाबला करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वहीं पपीता विटामिन एवं खनिज तत्वों का समृद्ध स्रोत है, जो बच्चों, किशोरियों एवं महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार अपने घर एवं आंगन में कम से कम एक मुनगा का पौधा अवश्य लगाए। इससे परिवारों को घर के समीप पौष्टिक आहार उपलब्ध होगा और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण में जनसहभागिता सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ बचपन, सुपोषित परिवार और हरित भविष्य हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। पौधरोपण केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य का संकल्प भी है।
राज्य सरकार द्वारा संचालित सुपोषण अभियान के अंतर्गत पोषण वाटिकाओं के माध्यम से बच्चों, किशोरियों और माताओं को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। बस्तर अंचल से प्रारंभ हुआ यह संदेश अब प्रदेश में पोषण, स्वास्थ्य और हरियाली के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान का रूप लेता दिखाई दे रहा है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
