July 31, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    फुटबॉल के सबसे बड़े उत्सव का आगाज़, दुनिया की निगाहें फीफा वर्ल्ड कप 2026 पर टिकीं दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेल फुटबॉल का सबसे बड़ा महाकुंभ फीफा वर्ल्ड कप 2026…

    दुर्ग में प्रेस वार्ता: पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं, कहा- रिकॉर्ड टूटना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा

    दुर्ग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा एवं एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दुर्ग स्थित सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, जनकल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं तथा देश विकसित भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प को धरातल पर उतारा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), डिजिटल गवर्नेंस, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा आधारभूत संरचना के विस्तार जैसी योजनाओं ने देश के करोड़ों नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

    मोदी नेहरू से आगे, लेकिन तुलना नहीं

    प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आजाद भारत में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने और पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ने को लेकर पूछे गए सवाल पर विजय शर्मा ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष की तुलना का विषय नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।

    उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसी की आलोचना या तुलना नहीं कर रही है। यह केवल एक रिकॉर्ड था जो समय के साथ टूटा है और इसे उसी दृष्टि से देखा जाना चाहिए।

    धारा 370 हटाने को बताया ऐतिहासिक निर्णय

    गृह मंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने की कल्पना मात्र से बड़े विवाद और अशांति की आशंका व्यक्त की जाती थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह निर्णय बेहद शांतिपूर्ण तरीके से लागू हुआ, जो देश की लोकतांत्रिक शक्ति और 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास का प्रतीक है।

    उन्होंने कहा कि यह निर्णय राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने वाला साबित हुआ है।

    डिजिटल इंडिया बना विश्व के लिए उदाहरण

    विजय शर्मा ने डिजिटल ट्रांजेक्शन और डिजिटल इंडिया अभियान को मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल करते हुए कहा कि आज देश के छोटे गांवों से लेकर बड़े शहरों तक डिजिटल भुगतान आम जीवन का हिस्सा बन चुका है।

    उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया में सबसे बड़े डिजिटल ट्रांजेक्शन नेटवर्क वाले देशों में शामिल है, जो जनता पर सरकार के विश्वास और तकनीक को जनसुलभ बनाने की सोच का परिणाम है।

    चिनाब ब्रिज और भिलाई इस्पात संयंत्र का किया उल्लेख

    गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज चिनाब पुल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि इस पुल के निर्माण में उपयोग किया गया इस्पात भिलाई इस्पात संयंत्र में निर्मित हुआ है, जो छत्तीसगढ़ के लिए भी गौरव का विषय है।

    4 करोड़ से अधिक परिवारों को मिला आवास

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देशभर में 4 करोड़ से अधिक मकानों का निर्माण किया जा चुका है, जिससे करोड़ों परिवारों को पक्की छत का सपना साकार हुआ है। साथ ही भारत आज विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

    नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान

    छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन के प्रयासों पर चर्चा करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से नक्सलवाद को समाप्त करने तथा भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि बस्तर सहित दूरस्थ आदिवासी अंचलों में विकास पहुंचाने के लिए सड़क संपर्क सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। इसी उद्देश्य से विशेष पिछड़ी जनजातियों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगभग 800 सड़कों के निर्माण और विस्तार पर कार्य किया जा रहा है, जिससे विकास की रोशनी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

    पत्रकारों के सवालों के दिए जवाब

    प्रेस वार्ता के दौरान गृह मंत्री विजय शर्मा ने पत्रकारों द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों का विस्तार से जवाब दिया और मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों, विकसित भारत के संकल्प तथा छत्तीसगढ़ के विकास संबंधी योजनाओं पर अपनी बात रखी।

    प्रेस वार्ता में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, भाजपा प्रदेश मंत्री (संगठन) जितेन्द्र वर्मा,भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के उपरांत उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के साथ भोजन कर विभिन्न समसामयिक विषयों पर अनौपचारिक चर्चा भी की।

     

    मुख्य संदेश

    “विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, डिजिटल क्रांति और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती योजनाएं—यही मोदी सरकार के 12 वर्षों की पहचान है।” – विजय शर्मा।

    बोदरी में संत गाडगे बाबा की 150वीं जयंती समारोह में हुए शामिल, 42 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

    सामुदायिक भवन, खेल मैदान, स्कूल उन्नयन और तालाब सौंदर्यीकरण सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

    रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर जिले के बोदरी में आयोजित संत शिरोमणि गाडगे बाबा की 150वीं जयंती, शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने संत गाडगे बाबा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके बताए सेवा, स्वच्छता, सामाजिक समरसता तथा मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने लगभग 42 करोड़ रुपये की लागत की सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क अधोसंरचना विकास की आधारशिला है और इन परियोजनाओं से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संत गाडगे बाबा का संपूर्ण जीवन समाज सुधार, स्वच्छता और मानव सेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने छुआछूत, अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष कर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए प्रेरणा प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित स्वच्छ भारत मिशन, संत गाडगे बाबा के स्वच्छता और जनजागरण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कन्नौजे रजक समाज के सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 60 लाख रुपये तथा संत गाडगे भवन निर्माण हेतु 25 डिसमिल भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। साथ ही सन्नडय कुर्मी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 60 लाख रुपये और वर्मा समाज के सामुदायिक भवन के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने धमनी-चकरभाठा मिडिल स्कूल को हाई स्कूल में उन्नयन, बोदरी में एयरपोर्ट के समीप खेल मैदान उपलब्ध कराने तथा जोरा तालाब के सौंदर्यीकरण की भी घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और समाज के पदाधिकारियों का सम्मान करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और सेवा की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित और जागरूक बनाने में सामाजिक संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

    कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

    ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक का विमोचन, नक्सलवाद के अंत के बाद बस्तर के नवनिर्माण और समृद्धि का रखा रोडमैप

    रायपुर, । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि चार दशकों तक नक्सलवाद का दंश झेलने वाला बस्तर अब विकास की नई उड़ान भरने जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर को देश का सबसे सुंदर, विकसित और समृद्ध आदिवासी संभाग बनाया जाएगा। वे रायपुर में आयोजित ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है, जिससे बस्तर में विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं। उन्होंने बताया कि ‘बस्तर रोडमैप 2.0’, नियद नेल्ला नार योजना और बस्तर मुन्ने अभियान के माध्यम से शासकीय योजनाओं का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है।

    श्री साय ने कहा कि बस्तर में बंद पड़े 421 स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है, स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत लाखों लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई है और आने वाले तीन वर्षों में जनजातीय परिवारों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। पर्यटन, कृषि, लघु वनोपज, पशुपालन और सहकारिता के माध्यम से क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा।

    कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पुस्तक को वर्षों के शोध और जमीनी अध्ययन का परिणाम बताया, जबकि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद एक विचारधारा के रूप में आया था, जिसे लोकतंत्र और विकास की शक्ति से पराजित किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने पुस्तक के लेखकों राजीव रंजन प्रसाद और रचना नायडू को बधाई देते हुए कहा कि यह कृति नक्सलवाद के दौर, उसके दुष्परिणामों और उससे मुक्ति के संघर्ष को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण दस्तावेज बनेगी।

    2500 किलोलीटर क्षमता की नई पानी टंकी से 2500 घरों को मिलेगा स्वच्छ पेयजल, चार वार्डों में बिछेगी 27 किमी पाइपलाइन

    रायपुर, । उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने आज रायपुर के खम्हारडीह क्षेत्र में 2500 किलोलीटर क्षमता की पानी टंकी निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत लगभग 20.93 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस परियोजना से करीब 2500 घरों को नियमित एवं बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी।

    परियोजना के तहत वार्ड क्रमांक 9, 10, 30 और 31 में 25 किलोमीटर डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन तथा 2 किलोमीटर राइजिंग मेन पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राजधानी रायपुर का तेजी से विकास किया जा रहा है और शहर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है।

    विधायक पुरंदर मिश्रा ने इसे खम्हारडीह क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही जल समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, वहीं महापौर मीनल चौबे ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्रवासियों के लिए स्थायी राहत लेकर आएगी।

    भूमिपूजन कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, जल कार्य विभाग अध्यक्ष संतोष सीमा साहू सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

    वैशाली नगर थाना क्षेत्र के वृंदा नगर की घटना, पत्नी के गले पर मिले निशान; पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का कर रही इंतजार

               भिलाई। वैशाली नगर थाना क्षेत्र के वृंदा नगर, कैंप-2 में रविवार सुबह पति-पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। घर के सामने वाले कमरे में जी विद्यावती (52 वर्ष) का शव जमीन पर पड़ा मिला, जबकि अंदर के कमरे में उनके पति जी वेंकट रमन मूर्ति (55 वर्ष) फांसी के फंदे पर लटके हुए पाए गए।

    पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया वेंकट रमन की मौत आत्महत्या प्रतीत होती है, जबकि विद्यावती के गले पर रस्सी से कसाव के निशान मिलने से मामला संदिग्ध हो गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

    जानकारी के मुताबिक रविवार सुबह घर में कोई हलचल नहीं होने पर मृतक की मां वहां पहुंची। उन्होंने बहू को मृत अवस्था में देखा और अंदर जाकर बेटे को फांसी पर लटका पाया। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों और पुलिस को सूचना दी गई।

    सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। एक मोबाइल फोन मिला है, जिसका स्क्रीन लॉक है। मोबाइल की जांच के बाद मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है।

    प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतक वेंकट रमन ऑटो चालक था और परिवार आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था। दंपति का एक बेटा ओडिशा में कार्यरत है, जो घटना की सूचना मिलने के बाद भिलाई के लिए रवाना हो गया है।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल की जा रही है।

       रायपुर / शौर्यपथ / सिकल सेल रोग नियंत्रण एवं जन-जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आनंद देव ताम्रकार को राज्य स्तरीय अलंकरण सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। राजधानी रायपुर स्थित होटल बेबीलोन इंटरनेशनल में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें राजकीय गमछा, छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान बस्तरिहा स्मृति-चिह्न तथा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
    इस अवसर पर आनंद देव ताम्रकार ने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण और अविस्मरणीय क्षण बताते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें समाज सेवा के क्षेत्र में और अधिक समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ राज्य फिल्म विकास निगम की प्रथम अध्यक्ष सुश्री मोना सेन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विश्वास और मार्गदर्शन से यह उपलब्धि संभव हो सकी।
    ताम्रकार ने कहा कि वे भविष्य में भी सिकल सेल रोग नियंत्रण, स्वास्थ्य जागरूकता और जनसेवा के क्षेत्र में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंच सके।
    यह सम्मान न केवल आनंद देव ताम्रकार के कार्यों की सराहना है, बल्कि सिकल सेल जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ समाज में जागरूकता फैलाने वाले सभी कार्यकर्ताओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

      रायपुर / शौर्यपथ / संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी पत्र दिनांक 12 जून 2026 के अनुसार राज्य की समस्त शासकीय एवं अशासकीय शालाओं में शैक्षणिक सत्र 2026-27 का विधिवत संचालन 16 जून 2026 (मंगलवार) से प्रारंभ किया जाएगा। इस संबंध में सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर प्रसारित की जा रही यह सूचना कि शैक्षणिक सत्र 01 जुलाई 2026 से प्रारंभ होगा, पूर्णतः असत्य, भ्रामक तथ्यों से परे एवं फर्जी है।
    लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा स्पष्ट किया गया है कि विद्यालयों के संचालन की अधिकृत तिथि 16 जून 2026 ही है। अतः विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं आम नागरिकों से अपील की जाती है कि वे केवल विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट एवं भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें।

      रायपुर / शौर्यपथ / विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा द्वारा लोकभवन में आयोजित सम्मान समारोह में राज्यपाल एवं छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री रमेन डेका ने प्रदेश के 30 सर्वाधिक स्वैच्छिक रक्तदाताओं तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
    इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि “दूसरे के जीवन की रक्षा करना मानवता का सबसे बड़ा धर्म है और रक्तदान सबसे बड़ा दान है। रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है, इसलिए स्वैच्छिक रक्तदाता समाज के वास्तविक जीवनदाता हैं।” उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया, सिकल सेल, एनीमिया, कैंसर, हिमोफिलिया तथा दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों में रक्त जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करता है।
    राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ के रक्तदाताओं की सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने वर्षों से निःस्वार्थ भाव से रक्तदान कर हजारों लोगों को नया जीवन दिया है। उन्होंने रेडक्रॉस ब्लड बैंक की टीम के कार्यों की भी प्रशंसा की।
    कार्यक्रम के दौरान रेडक्रॉस स्मारिका का विमोचन किया गया तथा लोकभवन में आयोजित रक्तदान शिविर में अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। समारोह में रेडक्रॉस पदाधिकारियों, स्वैच्छिक रक्तदाताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।

      रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा की। उन्होंने एनएचएम कर्मियों को स्वास्थ्य व्यवस्था की “रीढ़ की हड्डी” बताते हुए दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में उनकी भूमिका की सराहना की।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती तथा स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ हुई हैं। उन्होंने कोरोना काल में स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान को याद करते हुए उनके समर्पण की प्रशंसा की।
    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि एनएचएम कर्मचारियों को कैशलेस उपचार योजना का लाभ मिलेगा तथा उनके लिए जीवन बीमा सुविधा भी लागू की गई है। इसके तहत सामान्य मृत्यु पर 6 लाख रुपये तथा दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 1.40 करोड़ रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
    कार्यक्रम में “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” की सफलता, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी तथा 116 नए विशेषीकृत स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद एनएचएम कर्मचारियों ने उनका भव्य स्वागत और अभिनंदन किया।

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