August 05, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

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    जगदलपुर से नरेश देवांगन की रिपोर्ट 

    जगदलपुर, शौर्यपथ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार यह संदेश दे रही है कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और जनता के प्रति संवेदनशीलता सर्वोपरि है। साय सरकार की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही को अहम बताया जा रहा है। लेकिन जगदलपुर शहर में PWD द्वारा किए जा रहे बी.टी. पैच रिपेयर कार्य की मौजूदा स्थिति यह सवाल खड़ा कर रही है कि क्या विभाग ज़मीन पर सरकार की सोच को सही मायनों में लागू कर पा रहा है?

    PWD द्वारा शहर में करोड़ों की लागत से चल रहे पैच रिपेयर कार्य को लेकर प्रकाशित खबर को एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन जमीनी हालात में कोई खास बदलाव नजर नहीं आ रहा। शहर में कई स्थानों पर मरम्मत कार्य अब भी अधूरा है, और फिलहाल कहीं भी सक्रिय कार्य होता दिखाई नहीं देता। इससे यह आभास बन रहा है कि काम की रफ्तार सरकार की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है।

    शहर के अनेक इलाकों में आज भी ऐसे गड्ढे मौजूद हैं, जहाँ तत्काल पैच वर्क की आवश्यकता है। हैरानी की बात यह है कि VIP रोड जैसी महत्वपूर्ण सड़कों पर भी मरम्मत अधूरी दिखाई देती है, जबकि सरकार बार-बार यह स्पष्ट कर चुकी है कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी तरह की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि जब साय सरकार सुशासन और जनहित को प्राथमिकता दे रही है, तब PWD की यह स्थिति सरकारी मंशा पर सवाल नहीं, बल्कि विभागीय कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। पहले पैच रिपेयर की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे, और अब काम का ठप पड़ जाना विभागीय निगरानी की कमी की ओर इशारा करता है।

    लोक निर्माण विभाग क्र- 01 के जिम्मेदार अधिकारी कार्यपालन अभियंता श्री बत्रा से जब पहले स्थिति को लेकर सवाल पूछे गए थे, तो व्यस्तता का हवाला दिया गया। एक सप्ताह बाद भी हालात में कोई ठोस सुधार न दिखना, यह संकेत देता है कि बैठकें तो हो रही हैं, लेकिन फील्ड स्तर पर उनकी असरदार निगरानी दिखाई नहीं दे रही।

    शहर में यह चर्चा आम है कि यदि विभागीय स्तर पर नियमित निरीक्षण और समीक्षा होती, तो न केवल अधूरे कार्य सामने आते, बल्कि समय रहते उन्हें पूरा भी किया जा सकता था। लोग पूछ रहे हैं— क्या विभाग सरकार द्वारा तय किए गए गुणवत्ता मानकों के अनुरूप काम कर रहा है?

    शहरवासियों का मानना है कि यह मुद्दा सरकार की नीयत का नहीं, बल्कि PWD की कार्यप्रणाली और जवाबदेही का है। यदि विभाग सरकार की मंशा के अनुरूप काम करे, तो सड़कों की हालत और जनता का भरोसा—दोनों बेहतर हो सकते हैं। अब सवाल केवल सड़कों तक सीमित नहीं रह गया है।

    सवाल यह है कि साय सरकार जिस सुशासन की बात कर रही है, क्या PWD भी उसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है? क्योंकि ज़मीन पर सड़कें अब भी जवाब मांग रही हैं, और जनता को उम्मीद है कि सरकार की संवेदनशीलता विभाग तक भी उतनी ही सख्ती से पहुँचेगी।

    दुर्ग / शौर्यपथ छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार जहां सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को अपनी प्राथमिक उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है, वहीं दुर्ग नगर पालिक…

    रायपुर। शौर्यपथ
    अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का परचम लहराया है। एम्स रायपुर के एमबीबीएस 2023 बैच के छात्र अनिकेत त्रिपाठी एवं स्रहास दिन्नेपल्ली ने एम्स भोपाल में आयोजित प्रतिष्ठित अंतर-महाविद्यालय फार्माकोलॉजी क्विज़ प्रतियोगिता ‘फार्मक्वेस्ट 2025’ में देशभर की 37 टीमों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
    एम्स भोपाल के फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य चिकित्सा छात्रों में फार्माकोलॉजी की गहन अवधारणात्मक समझ एवं नैदानिक अनुप्रयोग को सुदृढ़ करना है। प्रतियोगिता के विभिन्न चुनौतीपूर्ण चरणों में एम्स रायपुर की टीम ने विषय ज्ञान, तार्किक विश्लेषण और उत्कृष्ट समस्या-समाधान क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन कर निर्णायकों को प्रभावित किया।
    इस गौरवपूर्ण सफलता पर एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) डॉ. अशोक जिंदल ने विजेता छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था, समर्पित संकाय और छात्रों की निरंतर मेहनत का परिणाम है।
    विजेता छात्रों का मार्गदर्शन फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नितिन गायकवाड़ के नेतृत्व में प्रो. डॉ. योगेंद्र केचे, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. पुगझेन्थेन थंगराजू, डॉ. प्रफुल्ल ठवरे एवं डॉ. समीर खासबागे ने किया। संरचित क्विज़ प्रशिक्षण और सतत अकादमिक सहयोग से छात्रों की तैयारी को मजबूती मिली।
    यह उपलब्धि एम्स रायपुर की सुदृढ़ अकादमिक संस्कृति, नवाचार-आधारित शिक्षण और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

    रायपुर / शौर्यपथ /
    डिजिटल सार्वजनिक खरीद व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (Government e-Marketplace – GeM) द्वारा छत्तीसगढ़ के खरीदारों एवं विक्रेताओं के लिए “जेम एक्सीलेंस समिट 2025” का आयोजन कल शुक्रवार 19 दिसंबर 2025 को लोक निर्माण विभाग (Public Works Department – PWD) न्यू सर्किट हाउस, सिवील लाईन्स, रायपुर में किया जाएगा। यह समिट राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक खरीद प्रणाली की दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर सिद्ध होगा।
    इस समिट का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय विभागों में डिजिटल सार्वजनिक खरीद की क्षमताओं को सशक्त करना तथा खरीदार संगठनों को जेम के ईकोसिस्टम, प्रमुख सुविधाओं और कार्यप्रणाली (वर्कफ़्लो) के प्रभावी उपयोग के लिए सक्षम बनाना है। कार्यक्रम के दौरान जेम प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध नवीन सुविधाओं, प्रक्रियागत सुधारों और पारदर्शी खरीद तंत्र की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
    समिट में राज्य के विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं के लिए उपलब्ध व्यापक अवसरों पर विशेष प्रकाश डाला जाएगा। इसके माध्यम से स्थानीय इकाइयाँ, सूक्ष्म एवं लघु उद्यम, स्टार्टअप्स, कारीगर, महिला उद्यमी तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) उद्यमी एक ही डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के जरिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खरीदार संगठनों तक सरल, पारदर्शी और निर्बाध पहुँच बना सकेंगे।
    हाल ही में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस द्वारा काशन मनी (Caution Money) की समाप्ति और वेंडर असेसमेंट शुल्क में कमी जैसे सुधारों से छोटे उद्यमियों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इन पहलों ने सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सुलभ, पारदर्शी और अवसर सृजन करने वाला बनाया है, जो विकसित भारत 2047 और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है।
    समिट के संबंध में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मिहिर कुमार ने कहा कि यह आयोजन राज्य के खरीदारों और विक्रेताओं को नई सुविधाओं को समझने, संचालन प्रक्रियाओं पर स्पष्टता प्राप्त करने और रचनात्मक सुझाव साझा करने का सशक्त मंच प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समिट छत्तीसगढ़ को पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और दक्ष सार्वजनिक खरीद के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
    उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने अब तक गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से ₹6,408 करोड़ से अधिक मूल्य की वस्तुओं और सेवाओं की खरीद की है। इनमें से लगभग ₹2,600 करोड़ की खरीद राज्य के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से की गई है, जो समावेशी खरीद के प्रति राज्य की दृढ़ प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
    गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस ने राज्य में खरीद प्रक्रिया को तेज़ करने, प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, देशव्यापी बाज़ार तक पहुँच उपलब्ध कराने और प्रत्येक खरीद निर्णय को पूरी तरह पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जेम छत्तीसगढ़ सरकार के साथ निरंतर सहयोग करते हुए डिजिटल गवर्नेंस और समावेशी सार्वजनिक खरीद प्रक्रियाओं को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

      दुर्ग। शौर्यपथ । नेशनल हेराल्ड प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज एफआईआर को न्यायालय द्वारा रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस ने इसे सत्य की जीत बताते हुए पूरे छत्तीसगढ़ में विरोध प्रदर्शन किया। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के आह्वान पर आज दुर्ग में कांग्रेस द्वारा बड़ा प्रदर्शन किया गया।
    जिला कांग्रेस दुर्ग ग्रामीण, जिला कांग्रेस दुर्ग शहर एवं जिला कांग्रेस भिलाई शहर के संयुक्त तत्वावधान में भाजपा कार्यालय का घेराव किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ता दुर्ग स्थित कांग्रेस कार्यालय से रैली के रूप में भाजपा कार्यालय की ओर रवाना हुए।प्रदर्शन के दौरान शनिचरी बाजार के पास पुलिस द्वारा लगाई गई पहली और दूसरी लेयर की बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए कांग्रेसी आगे बढ़े और भाजपा कार्यालय के पास तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिसकर्मियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की की स्थिति भी बनी।
    इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व विधायक अरुण वोरा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अदालत का यह फैसला मोदी-शाह और भाजपा द्वारा रचे गए कथित राजनीतिक षड्यंत्र का पर्दाफाश करता है। न्यायालय ने अपने आदेश में ईडी की शिकायत को स्वीकार्य (एडमिसिबल) नहीं माना है, जिससे स्पष्ट हो गया है कि यह मामला पूरी तरह राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित था।
    पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कहा ,
    "नेशनल हेराल्ड प्रकरण में अदालत का फैसला सत्य, संविधान और गांधी के विचारों की जीत है.भाजपा ने राजनीतिक द्वेष के तहत जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया,कांग्रेस नेतृत्व को बदनाम करने का प्रयास किया, लेकिन न्यायालय के फैसले ने सच्चाई उजागर कर दी है। कांग्रेस हमेशा महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।"
    उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन लोकतंत्र की रक्षा और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने के लिए है।

    जगदलपुर, शौर्यपथ। अवंतिका कॉलोनी, जगदलपुर में छत्तीसगढ़ के महान संत, सतनाम धर्म के प्रवर्तक एवं “मानव-मानव एक समान” का संदेश देने वाले परमपूज्य गुरु घासीदास बाबा जी की 269वीं जयंती श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सतनाम समाज के लोगों ने गुरु घासीदास बाबा के विचारों को स्मरण करते हुए सत्य, अहिंसा, शांति, समानता एवं भाईचारे के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

    कार्यक्रम का आयोजन अवंतिका कॉलोनी बोधघाट चौक, लामनी पार्क रोड जगदलपुर में किया गया, जहां बस्तर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सतनाम समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, ग्रामीणजन, युवा वर्ग, महिलाएं एवं बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक पंथी नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। पंथी दलों ने देवड़ा, भैंजरीपदर, मोंगरापाल एवं मुंडापाल जैसे क्षेत्रों से पहुंचकर प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा। संपूर्ण आयोजन शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। अंत में समाज की एकता, शिक्षा, जागरूकता एवं सामाजिक उत्थान के लिए मिल-जुलकर कार्य करने का आह्वान किया गया।

    इस अवसर पर समिति पदाधिकारी पंडित सुंदरलाल शर्मा वार्ड के पार्षद योगेंद्र पांडे, सतनामी समाज जिला अध्यक्ष संतु बांधे, जिला उपाध्यक्ष लाला लहरे, छोटू मारकंडे, राजेंद्र बांधे, श्रीमती ममता कूरे , सचिव दिनेश बंजारे, संरक्षक गंगू कूर्रे, मयाराम कूर्रे, कोषाध्यक्ष अजय लहरे, प्रवक्ता रमेश लहरे, मीडिया प्रभारी मोनू सोनवानी, सांस्कृतिक प्रभारी शिवप्रसाद जांगड़े, भगचंद चतुर्वेदी एवं समस्त संगठन प्रभारी धनिराम चतुर्वेदी, विदेश नाग, कृष्ण कन्हया नाह, तारन कोशले, श्री करसनदास गोरे, हेमराज जांगड़े, राकेश महिलांगे, विजय कुर्रे, सीताराम रात्रे, श्याम दास बंजारे, दुर्योधन कोसरे, मुन्ना जांगड़े, श्रीमती तुलसा लहरे, श्रीमती बबिता खिलाड़ी, श्रीमती संगीता बघेल सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक एवं सदस्य उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं एवं महिलाओं की सक्रिय सहभागिता रही और अंत में गुरु घासीदास बाबा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

    बालोद / शौर्यपथ /
    राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत बुजुर्ग, बीमार आदि जरूरतमंद लोगों के लिए 30 प्रतिशत तक आॅफलाईन टोकन जारी करने की व्यवस्था के तहत आसानी से अपने धान की बिक्री होने से ग्राम अरौद के किसान श्री रूमलाल यादव बहुत ही प्रसन्नचित होकर शासन की इस नई व्यवस्था की सराहना की है। किसान श्री रूमलाल यादव ने बताया कि पढ़े-लिखे नही होने के कारण उन्हें अपने धान की बिक्री करने हेतु तंुहर टोकन एप्प के माध्यम से आॅनलाईन टोकन कटाने में परेशानी हो रही थी। उन्होंने अपने इस परेशानियों की जानकारी धान खरीदी केन्द्र लाटाबोड़ के कर्मचारियों को दी। इसके उपरांत धान खरीदी केन्द्र लाटाबोड़ के प्रबंधक एवं कर्मचारियों ने किसान रूमलाल यादव की जरूरतों को समझते हुए उन्हें आॅफलाईन टोकन की सुविधा प्रदान की। किसान रूमलाल ने बताया कि धान खरीदी केन्द्र के माध्यम से उन्हें आॅफलाईन टोकन जारी होने के पश्चात उन्होंने आज धान खरीदी केन्द्र लाटाबोड़ में पहुँचकर कुल 152 क्विंटल मोटा धान की बिक्री की है। किसान रूमलाल ने बताया कि उनके पास कुल 07 एकड़ कृषि भूमि है। जिस पर उनका परिवार खेती किसान कर जीविकोपार्जन करते है।
    किसान रूमलाल ने बताया कि पिछले वर्ष भी उन्होंने कुल 152 क्विंटल धान की बिक्री की थी। धान की बिक्री से उन्हें कुल 04 लाख 71 हजार 200 रूपये की राशि प्राप्त हुई थी। इस राशि का उपयोग उन्होंने खेती किसानी के लिए गए किसान ऋण को चुकाने एवं शेष राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई-लिखाई तथा इलाज आदि तथा अन्य जरूरी कार्यों में किया है। किसान रूमलाल ने राज्य सरकार द्वारा 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की योजना को किसान हित में लिए गए अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना बताया। इस दौरान किसान रूमलाल ने धान खरीदी केन्द्र में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शौचालय, शुद्ध पेयजल, छांव इत्यादि सभी व्यवस्थाओं की भूरी-भूरी सराहना की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस व्यवस्था से हम सभी कृषक प्रसन्नचित होकर आसानी से अपनी धान की बिक्री कर रहे हैं।

       बस्तर / शौर्यपथ / देश प्रतिष्ठित पत्रकार एवं समाजसेवी स्व. रामेश्वर दयाल त्रिपाठी की पुण्य स्मृति में हिन्दी पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय, विशिष्ट, महत्वपूर्ण योगदान/लेखन के लिए रामेश्वरम हिन्दी पत्रकारिता राष्ट्रीय पुरस्कार इस वर्ष बस्तर के जमीनी पत्रकार विकास तिवारी 'रानू' को दिया जाएगा। सम्मान स्वरूप उन्हें 11 हजार रुपए का नगद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
    रामेश्वरम् संस्थान, झाँसी (उत्तर प्रदेश) के अध्यक्ष डॉ. सुधांशु त्रिपाठी ने बुधवार 17 दिसंबर की शाम इस आशय की घोषणा करते हुए बताया कि वर्ष 2025 के लिए निर्णायक समिति ने मीडिया के कई ग्रुपों के साथ काम कर चुके वरिष्ठ पत्रकार विकास तिवारी रानू बस्तर. छत्तीसगढ़ को चयनित किया है। श्री तिवारी ने बस्तर की जनता और नक्सलियों की समस्याओं पर बेहतरीन रिपोर्टिंग की है। वे यूट्यूब पर बस्तर टॉकीज नाम से अपना पेज चलाते हैं और एनडीटीवी के लिए भी रिपोर्टिंग करते हैं। इनकी बेहतरीन रिपोर्टस को ध्यान में रखकर उन्हे इस पुरस्कार के लिए चुना गया है। वे क्षेत्र के सभी ज्वलंत मसलों पर लगातार बेबाक रिपोर्टिंग करते रहे हैं।
    उल्लेखनीय है कि रामेश्वरम संस्थान झांसी की ओर से रामेश्वरम हिन्दी पत्रकारिता राष्ट्रीय पुरस्कार विगत 22 वर्ष से दिया जा रहा है। वर्ष 2004 में प्रथम सम्मान से इस्पात नगरी भिलाई के लेखक व पत्रकार मुहम्मद जाकिर हुसैन को सम्मानित किया गया था। उनके अलावा अब तक यह सम्मान अनुराग द्वारी, रवीश रंजन शुक्ला, संदीप सोनवलकर, विकास सनाढ्य,निर्मल यादव और शरद द्विवेदी सहित कई प्रमुख पत्रकारों को दिया जा चुका है।

    भिलाई । शौर्यपथ
    छत्तीसगढ़ यूपी बिहार रेल यात्री सेवा संघ की एक आवश्यक बैठक उत्तर भारतीयों के लिए ट्रेन के परिचालन संबंध में चर्चा हेतु शनिवार 20 दिसंबर को सुबह को 11:00 बजे से रखी गई है।संघ के अध्यक्ष हाजी एम एच सिद्दीकी ने बताया कि बैठक मोहम्मद सलीम एडवोकेट, फर्स्ट फ्लोर चौहान प्लाजा जी ई रोड के समीप होगी। इस आवश्यक बैठक में उत्तर प्रदेश व बिहार आने जाने वाले छपरा, सिवान, देवरिया और गोरखपुर के लोगों से उन्होंने आग्रह है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस आवश्यक बैठक में शामिल होकर इस रूट के रेल यात्रियों की परेशानियों को सामने रखकर उसे दूर करने विचार-विमर्श में योगदान दें, जिससे समस्त मांगों व सुझावों को केंद्र सरकार तक रेल बजट से पहले पहुंचाया जा सके। इस दौरान मुख्य रूप से दुर्ग गोरखपुर नौतनवा एक्सप्रेस ट्रेन को नियमित रूप से समय परिवर्तित कर सुबह 8:00 से 10:00 बजे के बीच दुर्ग से चलाने हेतु और गोंदिया बरौनी एक्सप्रेस ट्रेन को सप्ताह में 3 दिन वाया मऊ भटनी सिवान छपरा रूट से चलाने हेतु चर्चा की जाएगी। हाजी सिद्दीकी ने अंचल के वकील, व्यापारी ,समाजसेवी, आम जनता व सभी सगठन से जुड़े हुए सम्मानित सदस्यों से उपस्थिति का आग्रह किया है।

    बेलौदी में स्व. उदय राम पारकर की स्मृति में भागवत कथा जारी
    दुर्ग ग्रामीण / शौर्यपथ / समीपस्थ ग्राम बेलौदी में स्व. उदय राम पारकर की स्मृति में आयोजित भागवत कथा में अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक बाल योगी विष्णु अरोरा महाराज (जेवरा रतलाम मध्यप्रदेश) का प्रवचन 10 दिसंबर से जारी है। शिवनाथ नदी की पावन तट पर स्थित ग्राम बेलौदी में श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ में पहले दिन उन्होंने श्रीमद् भागवत के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला एवं वेदव्यास द्वारा श्रीमद् भागवत लेखन के महत्व को समझाया। दूसरे दिन उन्होंने नारद चरित्र के माध्यम से महाभारत में धर्म युद्ध को भगवान श्रीकृष्ण द्वारा जीवन में धर्म और कर्म का सामंजस्य स्थापित करने के बारे में बताया। इस दौरान विष्णु अरोरा महाराज ने कहा कि हमारी अवस्था कुछ भी हो लेकिन स्वभाव बालवत् यानी अहंकार रहित हो तो भगवान जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। इसी तरह तीसरे दिन उन्होंने भगवान कृष्ण की माखन चोरी की लीला का व्याख्यान दिया।
    कंस वध की कथा में तात्विक विवेचन करते हुए उन्होंने कंस का आध्यात्मिक स्वरूप कसाई से लिया जिसमें क्रूरता निर्दयता बुराई भरी होती है। भगवान श्री कृष्ण मथुरा गए मथुरा में धोबी दरजी आदि का उद्धार करते हुए पांच पहलवानों से होकर गुजरे फिर कंस के सामने पहुंच गए कंस वध के पश्चात भगवान श्री कृष्ण व रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाया। पिता भीष्मक माता सुद्ममती ने अपनी पुत्री रुक्मणी जो कि लक्ष्मी का अवतार है।श्री कृष्णा यानी नारायण को समर्पित करना चाहते हैं। भिस्मक यानी संकल्प कर्म तथा रानी शुद्धमती यानी अच्छे विचार। शीशपाल का अर्थ बताते हुए कहा कि समाज में लोग धन कमाते हैं पर बच्चों के पालन का उद्देश्य रखते हैं यह शीशपाल की भावना पीढ़ी दर पीढ़ी चलती रहती है। उन्होंने कहा कि रुक्मणी ने भगवान कृष्ण को सात श्लोक में पत्र लिखे यह पत्र प्रेम-पत्र न होकर साधना का पत्र है जिसे भगवान ने बिना शर्त के तुरंत स्वीकार कर लिया और रुक्मणी को गौरी पूजा कर वापस आ रही रूकमणी स्वीकार कर लिया। कथा कहती है कि केवल नारायण को पाने का संकल्प के साथ पूजा साधना मंदिर जाना व्रत आदि भी हो जैसे रुक्मिणी मंदिर गई और कृष्णा को पाई गई अब श्री कृष्ण भगवान ने द्वारका में विधि- विवाह संपन्न किया।
    आयोजक दुर्गा प्रसाद पारकर, मुकुंद प्रसाद पारकर एवं समस्त पारकर परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार भागवत कथा के दौरान अंचल के गणमान्य विशिष्ट जनों का आगमन प्रति दिवस हो रहा है जिसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री रमशीला साहू, पूर्व विधायक दयाराम साहू, पूर्व कैबिनेट मंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व मंत्री जागेश्वर साहू, विधायक कुंवर सिंह निषाद, रिवेन्द्र यादव, प्रीतपाल बेलचंदन, जीवन लाल वर्मा, हेमंत सिन्हा, संतोषी कृष्ण देशमुख साथ ही क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल हैं।

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