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नई दिल्ली / शौर्यपथ / भारत की राजधानी दिल्ली से पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता का सफर अब काफी रोमांचक होने वाला है. अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले तीन सालों में वाराणसी एक्सप्रेस के जरिए दिल्ली से कोलकाता सिर्फ 17 घंटे में पहुंचा जा सकेगा. जहां ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के जरिए वाराणसी से कोलकाता का सफर 10 घंटे में तय होना निश्चित किया गया तो वहीं अब दिल्ली से कोलकाता का सफर भी 17 घंटे में पूरा किया जा सकेगा.
दिल्ली से वाराणसी के सफर की बात की जाए तो पूर्वांचल, लखनऊ-आगरा और यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए 10 घंटे का यह सफर पहले ही संभव किया जा चुका है. अधिकारियों के मुताबिक, वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के 3 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट को साल 2026 तक पूरा करने की उम्मीद है. यह 690 किलोमीटर से 610 किलोमीटर की दूरी को कम कर देगा और इस यात्रा के समय को 6-7 घंटे तक कम कर देगा.
इस बैठक के दौरान मिली थी मंजूरी
इस प्रस्तावित एक्सप्रेसवे को साल 2021 में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग सचिव के नेतृत्व में की गई बैठक में मंजूरी दी गई ताकि समय और लागत बचाने के लिए प्रमुख शहरों को हाइवे के माध्यम से जोड़ा जा सके. यह एक्सप्रेसवे मोहनिया, रोहतास, सासाराम, औरंगाबाद, गया, चतरा, हजारीबाग, रांची, बोकारो, धनबाद, रामगढ़, हावड़ा और अन्य जगहों से होकर गुजरेगा. एनएचएआई के मुताबिक, यह एक्सप्रेसवे वाराणसी के रिंग रोड से शुरू होगा और बंगाल के हावड़ा जिले के एनएच-16 पर जाकर मिलेगा.
डिविजनल कमिश्नर कौशल राज शर्मा ने कहा कि एक्सप्रेसवे के लिए जमीन का प्रारंभिक सीमांकन वाराणसी के पास चंदौली में किया गया है, लेकिन एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट का इंतजार है. चंदौली डीएम को इसे जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया है. अगर वर्तमान की बात करें तो वाराणसी और कोलकाता के बीच अधिकांश यातायात एनएच-19 के माध्यम से होता है. एनएच-19 का अधिकांश भाग छह-लेन का है.
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
