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May 23, 2026
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भाजपा के इस नेता ने संसद भवन उद्घाटन पर फिर लिया धर्म का सहारा....

  • rounak group

नई दिल्ली। 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन होना है नए संसद भवन का उद्घाटन के पहले ही विवाद शुरू हो गया है। पूर्व कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने नए संसद भवन का उद्घाटन पर भारत के राष्ट्रपति के द्वारा करने की बात कहकर एक राजनीतिक बहस छेड़ दी है. राष्ट्रपति के हाथों उद्घाटन होने का पक्ष  विपक्षी दलों के लोगों द्वारा भी उठाया जा रहा है। वही इसके उद्घाटन की तारीख पर भी विवाद छिड़ा हुआ है। बता दें कि 28 मई को सावरकर जयंती के रूप में भारतीय जनता पार्टी मनाती है। देश के 20 राजनीतिक दलों ने संसद भवन के उद्घाटन पीएम मोदी के हाथों होने पर बायकाट का ऐलान कर दिया है ।

   एक तरफ सत्तापक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों संसद भवन के उद्घाटन पर जोर दे रही है वही कुछ मीडिया समूह भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों संसद भवन के उद्घाटन पर तरह-तरह के तर्क दे रहे हैं तो दूसरी तरफ विपक्षी दल भारत के प्रथम नागरिक की हैसियत से भारत के लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति के हाथों करवाने की बात कह रही है. जिस पर इन दिनों बाद चरम सीमा पर है और सोशल मीडिया पर वार प्रति वार लगातार जारी है.

  इन्हीं वार पलटवार के बीच में असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व सरमा ने एक बार फिर राजनीति में धर्म को जोड़कर धर्म का सहारा लेते हुए एक बड़ा बयान दे दिया. संसद भवन के उद्घाटन को राम मंदिर के उद्घाटन से जोड़कर विपक्ष पर निशाना साधते हुए असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या राम मंदिर उद्घाटन पर भी विपक्ष इसी तरह विरोध करेगी. अक्सर देखा गया है कि भारतीय जनता पार्टी के कोई ना कोई नेता किसी भी मुद्दे पर धर्म को बीच में लाकर धर्म के सारे राजनीति करने की कोशिश लगातार करते रहते हैं. क्या हर मुद्दे पर धर्म का सहारा लेकर राजनीति करना आज के राजनीतिक परिदृश्य में एक प्रथा सी बन गई है जो आगे निरंतर बढ़ती ही रहेगी. क्या बिना धर्म के सहारे अपनी राजनीतिक गतिविधियों को अंजाम नहीं दिया जा सकता. पिछले दिनों भी देखा गया है कि कर्नाटक चुनाव के आखिरी क्षणों पर किस तरह बजरंग दल को बजरंगबली से जोड़कर धर्म का मुद्दा सामने लाया गया यह अलग बात है कि कर्नाटक की जनता ने धर्म की राजनीति को छोड़कर विकास की राजनीति को अपनाया और कर्नाटक में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा. अब एक बार फिर नए संसद भवन के उद्घाटन पर धर्म की राजनीति  जुड़ चुकी है असम के मुख्यमंत्री के बयान के द्वारा अब देखना यह है कि उद्घाटन के पहले यह धर्म की राजनीति संसद भवन के उद्घाटन पर कितना असर डालती है और अब कौन-कौन से नेता धर्म की आड़ लेकर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश करते हैं....

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Last modified on Thursday, 25 May 2023 12:16

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