August 03, 2026
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    “विपक्ष का भ्रम, सरकार का संकल्प: 125 दिन की रोजगार-गारंटी और मजबूत ग्राम स्वराज की ओर बढ़ता भारत – केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह”

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    नई दिल्ली / शौर्यपथ
    केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण रोजगार, ग्राम पंचायत के अधिकार और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे “भ्रम” को पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाई गई विकसित भारत–जी राम जी योजना ने न सिर्फ मजदूरों के अधिकारों को मजबूत किया है, बल्कि ग्रामीण भारत को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सशक्त शासन-व्यवस्था उपलब्ध कराई है।
    शिवराज सिंह ने तीखे शब्दों में कहा कि कांग्रेस के शासन में मनरेगा भ्रष्टाचार के “दलदल” में फंसी रहती थी, जबकि मोदी सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही की नई मिसाल स्थापित की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस न नीयत रखती थी, न नीति; वही कांग्रेस आज राजनीतिक लाभ के लिए “घड़ियाली आंसू” बहा रही है।
    केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि सरकार ने रोजगार सुरक्षा को कम नहीं, बल्कि और मजबूत किया है। नए अधिनियम में ग्रामीण परिवारों को 100 की जगह 125 दिनों की वैधानिक रोजगार-गारंटी दी गई है। मांग के आधार पर काम उपलब्ध कराना अब सरकार की कानूनी जिम्मेदारी होगी। समय पर काम नहीं मिलने पर अनिवार्य बेरोज़गारी भत्ता, और मजदूरी में देरी पर विलंबित भुगतान (एक्स्ट्रा पेमेंट) का स्पष्ट प्रावधान किया गया है।
    ग्राम पंचायत और ग्राम सभा के अधिकारों पर उठाए जा रहे सवालों को भी उन्होंने खारिज किया। मंत्री के अनुसार, नए प्रावधानों में ग्राम सभा, पंचायत और स्थानीय समुदाय की भूमिका और अधिक निर्णायक बनाई गई है। कार्यों की पहचान, प्राथमिकता, गुणवत्ता निगरानी, खर्च और भुगतान की सोशल ऑडिट—सब कुछ गांव स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाएगा ताकि “ऊपर से थोपे गए निर्णयों” की गुंजाइश समाप्त हो सके।
    उन्होंने बताया कि महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण समुदाय की भागीदारी को योजना में विशेष प्राथमिकता दी गई है। शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत किया गया है और डिजिटल निगरानी के माध्यम से पारदर्शिता को नई गति दी गई है।
    मजदूरों के अधिकारों पर बोलते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मजदूरों को “खैरात” नहीं, बल्कि सम्मानजनक अधिकार, सुरक्षित कार्य-परिस्थितियाँ और समयबद्ध पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित करना है। ग्रामीण सम्पत्तियों और आजीविका आधारित कार्यों से गांवों की स्थायी प्रगति इस योजना का मुख्य आधार है।
    गांधीजी के नाम और विचार हटाने के विपक्षी आरोपों पर उन्होंने कहा कि यह आरोप राजनीतिक भ्रम फैलाने का प्रयास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नया अधिनियम गांधीजी के ग्राम स्वराज, आत्मनिर्भरता, श्रम के सम्मान और जनभागीदारी जैसे मूल सिद्धांतों पर आधारित है। यह गांवों को सशक्त, मजदूरों को सम्मानित और विकास को स्थायी बनाने का निर्णायक कदम है।
    शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “विपक्ष भले भ्रम फैलाए, लेकिन सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट है—मजदूरों का सशक्तीकरण और ग्रामीण भारत का सर्वांगीण विकास।”

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