August 03, 2026
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    हर राज्य के लिए बनेगा अलग ‘कृषि रोडमैप’: उत्पादन बढ़ाने, फसल विविधीकरण और किसानों की आय बढ़ाने पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

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    केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति का गठन, राज्यों की सहमति से तैयार होगा वैज्ञानिक कृषि मॉडल


    नई दिल्ली, ।
    देश में कृषि को अधिक वैज्ञानिक, लाभकारी और स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से Shivraj Singh Chouhan की अध्यक्षता में नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रत्येक राज्य के लिए अलग-अलग कृषि रोडमैप तैयार करने का निर्णय लिया गया, जिसके लिए एक उच्चस्तरीय समिति के गठन के निर्देश भी दिए गए।

    केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि राज्यों के लिए अलग कृषि रोडमैप तैयार करना देश की कृषि व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक गंभीर और दूरदर्शी पहल है, जिससे किसानों को स्थानीय संसाधनों के अनुरूप खेती की स्पष्ट दिशा मिलेगी।


    ? राज्यों की सहमति से तैयार होगा कृषि रोडमैप

    कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह रोडमैप राज्यों की सहमति और उनकी आवश्यकताओं के आधार पर तैयार किया जाएगा तथा इसे किसी भी राज्य पर थोपा नहीं जाएगा। प्रारंभिक स्तर पर Rajasthan, Andhra Pradesh और Uttar Pradesh ने इस पहल के लिए अपनी सहमति प्रदान की है।

    इस कार्य में Indian Council of Agricultural Research (आईसीएआर) और कृषि मंत्रालय मिलकर राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।


    ? उत्पादन बढ़ाने के साथ फसल विविधीकरण पर विशेष जोर

    नए कृषि रोडमैप के तहत देश के 12 प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक राज्य के लिए उपयुक्त फसल प्रणाली तय की जाएगी।

    इस योजना में मुख्य रूप से:

    • उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने पर जोर
    • धान और गेहूं पर निर्भरता कम करने की रणनीति
    • फसल विविधीकरण को बढ़ावा
    • सोयाबीन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने की योजना
    • क्लस्टर आधारित खेती, प्रोसेसिंग और मजबूत मार्केटिंग व्यवस्था विकसित करना

    ? ‘पर्पल रेवोल्यूशन’ की तर्ज पर नई कृषि क्रांतियां

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि Purple Revolution (लैवेंडर खेती) की सफलता को देखते हुए अन्य राज्यों में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार विशेष कृषि क्रांतियों को बढ़ावा दिया जाएगा।

    नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।


    ? किसानों को मिलेगा वैज्ञानिक मार्गदर्शन

    कृषि मंत्री ने कहा कि यह रोडमैप किसानों के लिए एक वैज्ञानिक दस्तावेज की तरह काम करेगा, जिसमें यह स्पष्ट होगा:

    • कौन-सी फसलें स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुकूल हैं
    • किस क्षेत्र में कौन-सी कृषि प्रणाली सबसे लाभकारी होगी
    • किन तकनीकी और संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता है

    रोडमैप तैयार होने के बाद राज्यों की आर्थिक, तकनीकी और संरचनात्मक जरूरतों का विश्लेषण कर चरणबद्ध तरीके से आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


    ⭐ निष्कर्ष (समाचार का प्रभावी समापन)

    देश की कृषि को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रत्येक राज्य के लिए अलग कृषि रोडमैप बनने से किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खेती का स्पष्ट मार्ग मिलेगा, जिससे उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।

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