August 03, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    निर्माण के दौरान ही फील्ड में जाकर निरीक्षण के निर्देश • टेंडर से अवॉर्ड तक तय होगी समय-सीमा • आधुनिक डिजाइन से बनेंगे शासकीय भवन

    रायपुर ।

    प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि निर्माण कार्य में लापरवाही या गुणवत्ताहीन कार्य पाया गया तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ ही दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने यह निर्देश मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित लोक निर्माण विभाग (PWD) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव भी उपस्थित थे।

    निर्माण के दौरान ही हो गुणवत्ता की निगरानी

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सड़क बनने के बाद निरीक्षण करने के बजाय निर्माण के दौरान ही नियमित रूप से फील्ड में जाकर गुणवत्ता की निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि सड़कें केवल तकनीकी परियोजना नहीं बल्कि आम जनता की सुविधा और सरकार की विश्वसनीयता से जुड़ा महत्वपूर्ण अधोसंरचनात्मक कार्य हैं। यदि सड़क कुछ वर्षों में ही खराब हो जाए तो इससे सरकार की छवि प्रभावित होती है।

    बागबहार–कोतबा सड़क की स्थिति पर जताई नाराजगी

    समीक्षा के दौरान बागबहार–कोतबा सड़क की खराब स्थिति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले बनी सड़क का जल्दी खराब होना गंभीर विषय है। उन्होंने इस मामले की गहन जांच कराने और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने इसके लिए सख्त निगरानी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।

    टेंडर प्रक्रिया में तय होगी समय-सीमा

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि टेंडर जारी होने से लेकर कार्य आवंटन (अवॉर्ड) तक की पूरी प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए। उन्होंने कहा कि कई बार ठेकेदार बहुत कम दर (बिलो रेट) पर टेंडर प्राप्त कर लेते हैं, जिससे कार्य समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

    नियमावली और तकनीकी इकाई बनाने पर जोर

    मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नियमावली तैयार करने और अन्य राज्यों की बेहतर व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उन्हें छत्तीसगढ़ में लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही टेंडर और डीपीआर जैसे तकनीकी कार्यों के लिए अलग इकाई बनाने पर भी विचार करने को कहा।

    300 गांवों को सड़क से जोड़ने को प्राथमिकता

    बैठक में बताया गया कि प्रदेश में लगभग 300 ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं जहां बरसात में संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। मुख्यमंत्री ने इन गांवों को सड़क और पुल-पुलियों के माध्यम से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए।

    महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की समीक्षा

    समीक्षा बैठक में कई प्रमुख सड़क परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई, जिनमें

    मनेंद्रगढ़–सूरजपुर–अंबिकापुर–पत्थलगांव–कुनकुरी–जशपुर–झारखंड सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 (लगभग 353 किमी)

    अंबिकापुर–सेमरसोत–रामानुजगंज–गढ़वा मार्ग

    गीदम–दंतेवाड़ा मार्ग

    चांपा–सक्ती–रायगढ़–ओडिशा सीमा मार्ग

    रायपुर–दुर्ग मार्ग

    चिल्फी क्षेत्र की सड़कें

    सहित कई अन्य परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके अलावा बस्तर क्षेत्र में पुल-पुलिया निर्माण और 17 सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

    लैलूंगा–कुंजारा–तोलगेपहाड़ मार्ग पर विशेष जोर

    मुख्यमंत्री ने लैलूंगा–कुंजारा–तोलगेपहाड़–मिलूपारा–तमनार मार्ग के निर्माण को भी अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि क्षेत्र की बड़ी आबादी इससे लाभान्वित होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां वन स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है वहां निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए।

    आधुनिक तकनीक से बनेंगे शासकीय भवन

    मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में शासकीय भवनों के डिजाइन पुराने और एक जैसे दिखाई देते हैं। अब आधुनिक डिजाइन और तकनीक के आधार पर शासकीय भवनों का निर्माण किया जाना चाहिए। भूमि के बेहतर उपयोग के लिए हॉरिजॉन्टल की बजाय वर्टिकल संरचना को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। साथ ही राजभवन में बन रहे गेस्ट हाउस को आधुनिक और गरिमामय स्वरूप में तैयार करने के निर्देश दिए गए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें आमजन के जीवन से सीधे जुड़ी होती हैं और सरकार की छवि भी काफी हद तक सड़कों की गुणवत्ता से बनती है। इसलिए लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और सभी कार्य समयबद्धता व गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाने चाहिए।

    बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल, सचिव श्री राहुल भगत तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तैयारियों की समीक्षा कर दिए निर्देश — 30 राज्यों के 2500 खिलाड़ी होंगे शामिल, जनजातीय युवाओं को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

    रायपुर, 6 मार्च 2026।

    छत्तीसगढ़ में जनजातीय अंचलों की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़–2026’ का आयोजन 25 मार्च से 6 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता रायपुर, सरगुजा और बस्तर के विभिन्न खेल मैदानों में आयोजित होगी, जिसमें देशभर के जनजातीय खिलाड़ियों की प्रतिभा का प्रदर्शन देखने को मिलेगा।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को मंत्रालय महानदी भवन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक लेकर इस महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य हैं और राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास के साथ-साथ खेलों को भी बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 वनांचल के खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को पहचान देने के साथ उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का सशक्त मंच साबित होगा।

    तीन संभागों में होंगे प्रमुख मुकाबले

    इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता में 7 प्रतिस्पर्धात्मक और 2 प्रदर्शनात्मक खेल आयोजित किए जाएंगे।

    रायपुर: तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, स्वीमिंग और कबड्डी (डेमो)

    सरगुजा: कुश्ती एवं मलखम्ब (डेमो)

    बस्तर: एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं

    प्रतियोगिता में देश के लगभग 30 राज्यों से करीब 2500 खिलाड़ी और अधिकारी हिस्सा लेंगे, जिससे प्रदेश में खेलों का माहौल और भी उत्साहपूर्ण होगा।

    खेल अधोसंरचना और योजनाओं की भी हुई समीक्षा

    बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना, खेल अधोसंरचना के निर्माण, खेलो इंडिया की केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन, खेल अकादमियों की गतिविधियों, खेल अलंकरण और युवा महोत्सव सहित विभाग की आगामी कार्ययोजना की भी समीक्षा की।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत खेल परियोजनाओं का निर्माण निर्धारित समय-सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

    उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मिलेगा प्रोत्साहन

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

    इसके साथ ही मलखम्ब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

    उन्होंने यह भी घोषणा की कि अमेरिका गॉट टैलेंट में चयनित मलखम्ब खिलाड़ी अनतई पोटाई के अमेरिका आने-जाने का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।

    बस्तर ओलंपिक बना बदलाव का प्रतीक

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में एक लाख 65 हजार से अधिक युवाओं की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से निकलकर शांति, विकास और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय अंचलों में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं हैं और सरकार इन प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

    राष्ट्रीय पहचान को मिलेगी मजबूती

    बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि आने वाले समय में बस्तर और सरगुजा अंचल में भी ओलंपिक स्तर के खेल आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत होगी।

    समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार और संचालक श्रीमती तनूजा सलाम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    दुर्ग/भिलाई।

    सेल–भिलाई इस्पात संयंत्र के क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग द्वारा कर्मचारियों में खेल भावना, शारीरिक दक्षता और टीम भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अंतर विभागीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता (पुरुष एवं महिला)–2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 14 मार्च 2026 को प्रातः 8:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक सेल एथलेटिक्स अकादमी, सेक्टर–04 मैदान में आयोजित होगी।

    प्रतियोगिता में भिलाई इस्पात संयंत्र के सभी नियमित एवं प्रशिक्षु कर्मचारी भाग ले सकेंगे। आयोजन समिति के अनुसार प्रत्येक प्रतिभागी को अधिकतम दो स्पर्धाओं में भाग लेने की अनुमति होगी।

    पुरुष वर्ग में प्रतिभागी

    100 मीटर

    200 मीटर

    400 मीटर

    800 मीटर दौड़

    लंबी कूद

    जेवलिन थ्रो

    शॉटपुट

    जैसी स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे।

    वहीं महिला वर्ग के लिए

    100 मीटर

    200 मीटर

    400 मीटर दौड़

    जेवलिन थ्रो

    शॉटपुट

    स्पर्धाएं निर्धारित की गई हैं।

    आयोजन समिति ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगिता के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक स्पर्धा में न्यूनतम चार प्रतिभागियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। यदि किसी स्पर्धा में चार से कम प्रतिभागी होंगे तो उस स्पर्धा को निरस्त माना जाएगा।

    प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक कर्मचारी अपनी प्रविष्टियां अपने-अपने विभागों के माध्यम से क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग के कार्यालय, बोकारो हॉस्टल सेक्टर–4 में 13 मार्च 2026 तक कार्यालयीन समय में अनिवार्य रूप से जमा कर सकते हैं।

    इस आयोजन से संयंत्र में कार्यरत कर्मचारियों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, खेल भावना और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

    भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई में आज प्रधानमंत्री आवास योजना (AHP घटक) के तहत लाटरी का आयोजन निगम सभागार कक्ष में किया गया। लाटरी में मोर मकान-मोर आस एवं मोर मकान-मोर चिन्हारी योजना से निर्मित आवास को शामिल किया गया है। इस खुली लाटरी प्रणाली के माध्यम से कुल 07 हितग्राहियों को आवास आबंटित किया गया है।

               प्रधानमंत्री आवास योजना की लाॅटरी में आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, सभापति गिरवर बंटी साहू, पार्षद महेश वर्मा, सांसद प्रतिनिधि प्रमोद सिंह, नोडल अधिकारी सह अधीक्षण अभियंता अजीत तिग्गा, जोन आयुक्त कुलदीप गुप्ता, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, उप अभियंता दीपक देवांगन की उपस्थिति में आवेदक अरूण तिवारी, घमोतिन बाई, ओमेन्द्र कोल्हाकर, वंदना शिवरामवार, पैयरी बाई, सीता बाई एवं मोहम्मद खालिक को आवास आबंटित किया गया। इस योजना का मुख्य उददेश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगो को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है। लाटरी प्रक्रिया पुरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुआ। लाभार्थियों ने इस अवसर पर खुशी जताते हुए शासन एवं निगम प्रशासन को धन्यवाद दिये। 

                नगर पालिक निगम भिलाई ने भविष्य में भी इस तरह के आयोजन नियमित रूप से करने की योजना बनाई है, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों तक इस योजना का लाभ पहुंच सके। लाॅटरी के दौरान आवास प्रभारी विदयाधर देवांगन, सीएलटीसी किरण चतुर्वेदी, नम्रता ठाकुर, जी जागेश्वर साहू, मेहत्तर सोनी, भूषण निर्मलकर, मोहन राव, थलेश्वर जोशी, सावित्री सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

    भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जोन-5 अंतर्गत सार्वजनिक शौचालय, पार्किंग व्यवस्था, ट्रैफिक पार्क एवं अर्जुन रथ का निरीक्षण किये और उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक सुझाव दिये।

             निगम आयुक्त द्वारा जोन 5 अंतर्गत सिविक सेंटर स्थित सार्वजनिक शौचालय का निरीक्षण किया गया । शौचालय में साफ-सफाई व्यवस्था के साथ हरियाली को दृष्टिगत रखते हुए सामने पौधे लगाने कहा गया, जिससे वातावरण को बेहतर कर आकर्षक किया जा सके। सिविक सेंटर मार्केट में भीड़ को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था का अवलोकन कर आवश्यक दिशानिर्देश किया गया। इस दौरान आयुक्त ने ट्रैफिक पार्क का निरीक्षण कर पार्क में आने वाले नागरिको एवं बच्चों की सुविधा हेतु व्यवस्था को और बेहतर कराने हेतु निर्देशित किये हैं। अर्जुन रथ एवं उद्यान का अवलोकन कर वॉल में में किसी भी एजेंसी या व्यक्ति का बेनर पोस्टर, चस्पा करने पर कार्यवाही करने कहा गया है। साथ ही सार्वजनिक स्थलों, शासकीय भवनों एवं कार्यालयों में बेनर, पोस्टर चस्पा करने वाले संबंधित एजेंसियों या व्यक्तियों पर 5000 रुपए चालानी कार्यवाही करने निर्देशित किये है। 

            निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, कार्यपालन अभियंता प्रिया करसे, सहायक अभियंता श्वेता महेश्वर, उप अभियंता शंकर सुमन मरकाम, जोन स्वास्थ्य अधिकारी सागर दुबे, स्वच्छता निरीक्षक सूर्या सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

     

    डिजिटल कनेक्टिविटी बनेगी विकसित छत्तीसगढ़ की नई जीवनरेखा- मुख्यमंत्री साय

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ को डिजिटल आधारभूत संरचना के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। भारत सरकार के संचार मंत्रालय द्वारा संशोधित भारतनेट प्रोग्राम (Amended BharatNet Program - ABP) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के लिए ₹3,942 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।
    इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ के 11 682 ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी के माध्यम से जोड़ा जाएगा। रिंग टोपोलॉजी आधारित यह नेटवर्क संरचना अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और निर्बाध डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध कराने में सक्षम होगी।
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह परियोजना ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा, ऑनलाइन शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी, टेलीमेडिसिन के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँच सकेंगी तथा ग्रामीण युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर सृजित होंगे।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी केवल इंटरनेट सुविधा नहीं है, बल्कि यह विकसित छत्तीसगढ़ की नई जीवनरेखा है। इससे शासन की पारदर्शिता बढ़ेगी, सेवाओं की उपलब्धता तेज होगी और गांवों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा सकेगा।
    मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ डिजिटल रूप से सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    डिजिटल कनेक्टिविटी बनेगी विकसित छत्तीसगढ़ की नई जीवनरेखा- मुख्यमंत्री साय

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ को डिजिटल आधारभूत संरचना के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। भारत सरकार के संचार मंत्रालय द्वारा संशोधित भारतनेट प्रोग्राम (Amended BharatNet Program - ABP) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के लिए ₹3,942 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।
    इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ के 11 682 ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी के माध्यम से जोड़ा जाएगा। रिंग टोपोलॉजी आधारित यह नेटवर्क संरचना अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और निर्बाध डिजिटल सेवाएँ उपलब्ध कराने में सक्षम होगी।
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह परियोजना ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे ई-गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा, ऑनलाइन शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी, टेलीमेडिसिन के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँच सकेंगी तथा ग्रामीण युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर सृजित होंगे।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी केवल इंटरनेट सुविधा नहीं है, बल्कि यह विकसित छत्तीसगढ़ की नई जीवनरेखा है। इससे शासन की पारदर्शिता बढ़ेगी, सेवाओं की उपलब्धता तेज होगी और गांवों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ा जा सकेगा।
    मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ डिजिटल रूप से सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

       रायपुर / शौर्यपथ / अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ द्वारा 7 मार्च 2026 को रायपुर के इंडोर स्टेडियम में ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
    कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा करेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर प्रदेश भर से हजारों लखपति दीदियां कार्यक्रम में भाग लेंगी।
    मुख्यमंत्री साय इन महिलाओं से संवाद करते हुए उनकी सफलता की कहानियां सुनेंगे और शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की जानकारी प्राप्त करेंगे। यह कार्यक्रम महिलाओं के आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के करकमलों से लखपति दीदी आधारित कॉफी टेबल बुक तथा छत्तीसकला आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया जाएगा। इसके साथ ही ‘लखपति दीदी ग्राम पोर्टल’ का शुभारंभ भी किया जाएगा। इन प्रकाशनों के माध्यम से स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की उपलब्धियों और आत्मनिर्भरता की प्रेरक यात्राओं को व्यापक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।
    कार्यक्रम में प्रदेश भर से उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं, कैडर्स और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया जाएगा। यह आयोजन महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के सतत प्रयासों को रेखांकित करेगा और अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा।

    रोहनी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार
    बालोद / शौर्यपथ /
    बालोद जिले के ग्राम खैरडीह की रोहनी का संघर्ष भरा कदम महतारी वंदन योजना से अब स्वावलंबन की ओर बढ़ चुका है। रोहनी पटेल का जीवन संघर्षपूर्ण रहा है। पति की असमय मृत्यु ने न केवल उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर दिया, बल्कि परिवार पर आर्थिक संकट के बादल भी गहरा दिए। रोहनी के कंधों पर वृद्ध सास की देखभाल और कॉलेज में पढ़ रहे दो बच्चों के भविष्य की महती जिम्मेदारी थी। सीमित संसाधनों और आय का कोई स्थाई जरिया न होने के कारण परिवार का भरण-पोषण एक बड़ी चुनौती बन गया था। विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने वाली रोहनी के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में ’महतारी वंदन योजना’ एक वरदान बनकर आई। एकीकृत बाल विकास परियोजना देवरी के माध्यम से उन्होंने योजना का लाभ लेना शुरू किया। हर माह मिलने वाली 01 हजार रुपये की सहायता राशि ने उनके भीतर आत्मविश्वास जगाया। रोहनी ने इस राशि को केवल घरेलू खर्चों में व्यय करने के बजाय इसे भविष्य के निवेश के रूप में देखा। उन्होंने 6-7 महीनों तक प्राप्त हुई किस्तों को संकलित किया और उस संचित पूंजी से अपने खेत में सब्जी उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया। बीज, खाद और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था कर उन्होंने कड़ी मेहनत की, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।
    आज श्रीमती रोहनी पटेल न केवल अपने खेत में सब्जियां उगा रही हैं, बल्कि आसपास के ग्रामीण बाजारों में उन्हें बेचकर एक नियमित और सम्मानजनक आय अर्जित कर रही हैं। अब वे सब्जी विक्रय से प्राप्त आय से अपने परिवार की दैनिक जरूरतों को आसानी से पूरा कर रही हैं। कॉलेज जा रहे उनके बच्चों की शिक्षा निर्बाध रूप से जारी है और वे अपनी वृद्ध सास की उचित सेवा कर पा रही हैं। महतारी वंदन योजना ने उन्हें उद्यमी बना दिया है, जिससे वे समाज में आत्मसम्मान के साथ जीवन जी रही हैं। महतारी वंदन योजना आज छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाओं के लिए केवल एक वित्तीय योजना नहीं, बल्कि उनके सशक्तिकरण और सफलता का आधार स्तंभ बन चुकी है।

    महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार के साथ समय और श्रम की हो रही बचत
    मोहला / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन के संकल्प के साथ प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे और उनके जीवन में वास्तविक परिवर्तन आए। इसी उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए जा रहे हैं। इस योजना से महिलाओं को रसोई में धुएँ से मुक्ति मिल रही है, वहीं उनका जीवन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बन रहा है।
    मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के विकासखंड मोहला के ग्राम कुंजामटोला निवासी श्रीमती ललिता जाड़े ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर प्राप्त कर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि अब उन्हें पारंपरिक चूल्हे के धुएँ से छुटकारा मिलेगा। पहले रसोई में धुएँ के कारण आँखों में जलन और सांस लेने में परेशानी होती थी, लेकिन अब गैस कनेक्शन मिलने से वे स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में आसानी से भोजन बना सकेंगी। निःशुल्क गैस कनेक्शन मिलने से अब खाना जल्दी और साफ-सुथरे तरीके से बन सकेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना उनके लिए राहत लेकर आई है। उन्होंने योजना का लाभ प्राप्त करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
    प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, बल्कि समय और श्रम की भी बचत हो रही है। इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले की महिलाओं के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।

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