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रायपुर / शौर्यपथ / भारत सरकार के केबिनेट सचिव राजीव गौबा ने आज दिल्ली से देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से कोरोना वायरस (कोविड-19) के कारण जन स्वास्थ्य पर होने वाले प्रभाव को लेकर विस्तार से चर्चा की। केबिनेट सचिव ने राज्यवार कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए समुचित कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए के निर्देश दिए। केबिनेट सचिव ने गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी नई गाईडलाईन का पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ से वीडियों कान्फ्रेंसिंग में भाग लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निकारिका बारिक सिंह ने केबिनेट सचिव को राज्य के 6 जिले जहां कोरोना के एक्टिव केश ज्यादा हैं की जानकारी दी। स्वास्थ्य सचिव ने केबिनेट सचिव से राज्य में टेस्टिंग सुविधा बढ़ाने के लिए राज्य के प्राईवेट अस्पतालों में ट्रूनाट टेस्टिंग मशीन की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, इस पर केबिनेट सचिव श्री गौबा ने भारत शासन के डी जी आई सी एम.आर. को त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।
वीडियों कान्फ्रेंसिंग में खाद्य एवं परिवहन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह भी शामिल हुए। केबिनेट सचिव ने सभी राज्यों में ज्यादा से ज्यादा कोरोना टेस्टिंग पर जोर दिया है और कोरोना पाजीटिव मरीजों के त्वरित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। केबिनेट सचिव ने राज्यों में आई सी यू बेड और वैंटिलेटर की सुविधाओं की भी समीक्षा की। वीडियों कान्फ्रेंसिंग में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, गृह एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया
नई दिल्ली / shouryapath / कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि संकट के समय भी भाजपा सरकार जनता की जेब काटने में लगी है. उन्होंने ट्वीट किया, ''आज पूरे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया. जनता इस लूट को बर्दाश्त करने के लिए तैयार नहीं है.ÓÓ कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने आरोप लगाया, ''आज 19वें दिन लगातार भाजपा सरकार ने डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ाकर ये बात साफ कर दी है कि भाजपा को इस संकट के समय भी पब्लिक की जेब काटने में ज्यादा रुचि है.ÓÓ
प्रियंका ने दावा किया कि इस संकट के समय केंद्र सरकार ने जनता की जेब काटने का इतिहास रचा है. डीजल की कीमत, पेट्रोल की कीमत को पार कर चुकी है, जबकि दुनिया भर में कच्चे तेल के दाम में भारी गिरावट है. उन्होंने सवाल किया, ''महामारी से पैदा हुई आर्थिक तबाही में भी जनता को क्यों परेशान किया जा रहा है?ÓÓ पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने बृहस्पतिवार को डीजल की कीमतों में 14 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की. डीजल कीमतों में लगातार 19वें दिन बढ़ोतरी की गई है. इस तरह 19 दिन में डीजल 10.63 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है.
दिल्ली में पेट्रोल का दाम 79.76 रुपये से बढ़कर 79.92 रुपये प्रति लीटर हो गया है. इसी तरह डीजल की कीमत 79.88 रुपये से 80.02 रुपये प्रति लीटर हो गई है. बुधवार को पहली बार दिल्ली में डीजल का दाम पेट्रोल से अधिक हुआ था.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / कोरोना को ठीक करने के दावे के साथ लांच की गई बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि की दवा कोरोनिल के प्रचार-प्रसार पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है। सरकार ने इस दवा के लिए किए जा रहे दावों की जांच करने का फैसला किया है। आयुष मंत्रालय ने पतंजलि को चेतावनी दी है कि ठोस वैज्ञानिक सबूतों के बिना कोरोना के इलाज का दावे के साथ दवा का प्रचार-प्रचार किया गया तो उसे ड्रग एंड रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) कानून के तहत संज्ञेय अपराध माना जाएगा।
बाबा रामदेव ने जैसे ही मंगलवार को कोरोना को सात दिन में पूरी तरह ठीक करने के दावे के साथ दवा को लांच किया, आयुष मंत्रालय हरकत में आ गया। इसके बाद आयुष मंत्रालय ने तत्काल पतंजलि को दवा के प्रचार-प्रसार के विज्ञापनों पर रोक लगाने को कह दिया। मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया कि यदि इसके बाद दवा का विज्ञापन जारी रहा, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयुष मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पतंजलि ने ऐसी किसी दवा के विकसित करने और उसके ट्रायल की कोई जानकारी मंत्रालय को नहीं दी है।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय की अनुमति से कई आयुर्वेदिक दवाओं का कोरोना के इलाज में ट्रायल किया जा रहा है, लेकिन उनमें पतंजलि की दवा शामिल नहीं है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जब पूरी दुनिया कोरोना का इलाज खोजने के लिए जूझ रही है और कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में बिना वैज्ञानिक सबूत के किसी दवा से इलाज का दावा खतरनाक साबित हो सकता है और करोड़ों लोग इस भ्रामक प्रचार के जाल में फंस सकते हैं। इसीलिए इस दवा के प्रचार-प्रसार वाले विज्ञापनों पर तत्काल रोक लगाने के साथ ही पतंजलि को जल्द-से-जल्द कोरोनिल दवा में इस्तेमाल किए गए तत्वों का विवरण देने को कहा गया है।
पतंजलि को यह भी बताना होगा कि इस दवा का ट्रायल किन-किन अस्पतालों में और कितने मरीजों पर किया गया। ट्रायल शुरू करने के क्लीनिकल ट्रायल रजिस्ट्री ऑफ इंडिया (सीटीआरआइ) में दवा का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है। पतंजलि से सीटीआरआइ के रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ ट्रयल के परिणाम का पूरा डाटा देने को कहा गया है।
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पूरी पड़ताल और तथ्यों के सही पाए जाने के बाद की इस दवा को कोरोना के इलाज में इस्तेमाल की अनुमति दी जाएगी। दरअसल आयुर्वेदिक दवा को विकसित करने और बेचने से पहले आयुष मंत्रालय से इजाजत लेने की जरूरत नहीं है। लेकिन जिस राज्य में इस दवा का उत्पादन किया जा रहा है, वहां के लाइसेंसिंग अथारिटी से इसके लिए अनुमति लेना अनिवार्य है। आयुष मंत्रालय ने उत्तराखंड के राज्य लाइसेंसिंग अथारिटी से इस दवा को दी गई मंजूरी और लाइसेंस की प्रति देने को कहा है।
पतंजलि की दवा को इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में लाइसेंस
पतंजलि की दवा कोरोनिल को उत्तराखंड आयुष विभाग की तरफ से लाइसेंस जारी किया है। आयुष मंत्रालय ने विभाग से इस बारे में जानकारी मांगी है। विभाग के लाइसेंसिंग अधिकारी डॉ. यतेंद्र सिंह रावत का कहना है कि दिव्य फार्मेसी के नाम पर 12 जून को लाइसेंस जारी किया गया है। लाइसेंस में कोरोनिल वटी समेत दो अलग-अलग मात्रा वाली श्वासारी दवा को इम्यूनिटी बूस्टर बताया गया है। अब कंपनी को नोटिस जारी कर पूछा जाएगा कि वह किस आधार पर इम्यूनिटी बूस्टर की दवाओं को कोविड-19 की दवा बता रही है।
पतंजलि की दवा पर आयुष मंत्रालय की गलतफहमी दूर : बालकृष्ण
पतंजलि की दवा के विज्ञापन पर रोक लगाने के मामले पर आचार्य बालकृष्ण का बयान आया है। आचार्य बालकृष्ण पतंजलि योगपीठ के महामंत्री हैं। उन्होंने ट्वीट किया है, 'केंद्र सरकार आयुर्वेद को प्रोत्साहन देती आई है। पतंजलि की दवा को लेकर आयुष मंत्रालय को जो भी गलतफहमी थी, वह दूर कर दी गई है। पतंजलि ने आयुर्वेदिक दवाओं की जांच (रेंडमाइज्ड प्लेसबो कंट्रोल्ड क्लीनिकल ट्रायल) के सभी आधिकारिक मानकों को सौ प्रतिशत पूरा किया है। इसकी सभी जानकारी हमने आयुष मंत्रालय को दे दी है, अब कहीं कोई संशय नहीं रह गया है।'
पतंजलि ने कोरोना वायरस की दवा
आपको बता दें कि योग गुरु स्वामी रामदेव ने कोरोना वायरस की दवा कोरोनिल को मंगलवार को बाजार में उतारा और दावा किया कि आयुर्वेद पद्धति से जड़ी-बूटियों के गहन अध्ययन और शोध के बाद बनी यह दवा शत- प्रतिशत मरीजों को फायदा पहुंचा रही है। यहां पतंजलि योगपीठ में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि पूरे विश्व में पहला ऐसा आयुर्वेदिक संस्थान है, जिसने जड़ी-बूटियों के गहन अध्ययन और शोध के बाद कोरोना महामारी की दवाई प्रामाणिकता के साथ बाजार में उतारी है ।
उन्होंने कहा कि यह दवाई शत-प्रतिशत मरीजों को फायदा पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि 100 मरीजों पर नियंत्रित क्लिनिकल ट्रायल किया गया, जिसमें तीन दिन के अंदर 69 प्रतिशत और चार दिन के अंदर शत-प्रतिशत मरीज ठीक हो गये और उनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव से नेगेटिव हो गयी। ( साभार जागरण मिडिया ग्रुप )
पुरी / शौर्यपथ / ओडिशा के सुप्रसिद्ध पुरी के भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा मंगलवार से शुरू हो गई है, लेकिन ऐसा यात्रा के इतिहास में पहली बार है कि इस धार्मिक यात्रा में श्रद्धालु हिस्सा नहीं ले रहे हैं. इस बार कोरोनावायरस के चलते लागू लॉकडाउन के तहत सोशल डिस्टेंसिंग नियमों को देखते हुए श्रद्धालुओं को इस यात्रा में हिस्सा लेने की मनाही है. इसके अलावा ऐसा पहली बार हुआ है, जब यात्रा पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने बीते 18 जून को इस यात्रा पर रोक लगा दी थी लेकिन सोमवार को हुई सुनवाई में इसे सशर्त मंजूरी दे दी गई थी.
मंगलवार की सुबह पुरी की यह जगन्नाथ यात्रा शुरू हो गई, जिसके लिए यहां बड़ी संख्या में पुजारी और मंदिर में काम करने वाले सेवायत इकट्ठा हुए. लेकिन इस बार श्रद्धालु नहीं आए हैं. श्रद्धालुओं के लिए रथयात्रा का लाइव टेलीकास्ट किया जाना है. रथयात्रा के मौके पर मंदिर को सजाया गया है, वहीं पूजा-पाठ शुरू होने से पहले मंदिर परिसर को सैनिटाइज़ भी किया गया है.
रथयात्रा के आरंभ होने के दौरान के कुछ विजुअल्स आए हैं, जिसमें मौके पर पुजारियों और सेवायतों की बड़ी भीड़ दिखाई दे रही है. न्यूज एजेंसी ANI की ओर से शेयर किए गए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कई सेवायत भगवान बालभद्र की मूर्ति को रथ तक गाते-बजाते हुए ले जा रहे हैं. वहीं एक दूसरे वीडियो में देखा जा सकता है कि रथ पर भगवान को विराजमान किया जा रहा है और रथ के चारों ओर भीड़ लगी हुई है.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 जून के अपने ऑर्डर में रथयात्रा को मंजूरी देते हुए कहा था कि यात्रा कोविड-19 के गाइडलाइंस के तहत हो, इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार पर होगी. कोर्ट ने शर्त रखी कि जहां-जहां भी रथयात्रा निकाली जाएगी, वहां रथ को 500 से ज्यादा लोग नहीं खींचेंगे और इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाएगा. जिन लोगों को कोरोनावायरस टेस्ट निगेटिव आया है, वहीं यात्रा में हिस्सा ले पाएंगे. कोर्ट ने कहा कि दो रथों के बीच में एक घंटे का अंतर होना चाहिए. वहीं रथ को खींचने वाले सेवायतों के बीच में रथ खींचने से पहले, इस दौरान और इसके बाद सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखना होगा.
नई दिल्ली / शौर्यपथ / भारत में पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 14,993 नए मामले सामने आए हैं और 312 लोगों की मौत हुई है.स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताज़ा आँकड़ों के बाद भारत में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4 लाख 40 हज़ार हो गई है.मरने वालों की संख्या बढ़कर 14,011 हो गई है.
भारत में संक्रमण के सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र में हैं जहाँ संक्रमित लोगों की संख्या एक लाख 35 हज़ार से अधिक है.वहाँ छह हज़ार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. राजधानी दिल्ली संक्रमण के लिहाज़ से दूसरे स्थान पर है. वहाँ कुल 62 हज़ार से अधिक लोग संक्रमित हैं. 2,233 हो गई है. संक्रमण के लिहाज़ से तमिलनाडु तीसरे स्थान पर है.
सागर । शौर्यपथ । बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद उनके परिवार और फैंस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. हर कोई जानना चाह रहा है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया. इसी बीच एक मामला मध्य प्रदेश के सागर जिले से आया है, जिसने सबको चौंका दिया है. दरअसल, मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक 20 साल की युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. आश्चर्य की बात ये है कि फांसी लगाने के कुछ घंटे पहले ही उसने कहा था कि मैं भी सुशांत सिंह राजपूत की तरह ही फांसी लगा लूंगी. यह पूरा मामला सागर के खुरई का है. मृतक युवती के भाई ने बताया कि सुबह से ही उसकी बहन अपनी भाभी से मजाक में बोल रही थी कि वो भी सुशांत सिंह राजपूत की तरह फांसी लगा लेगी. कुछ घंटे बाद जब सभी लोग अपने-अपने काम में व्यस्त हो गए तब मौका पाते ही उसने छत पर जाकर घटना को अंजाम दे दिया. किसी को कुछ समझ नहीं आया कि उसने ऐसा क्यों कर लिया. घटना के बाद घर वाले सदमे में हैं. मृतक युवती के भाई ने यह भी बताया कि जब उसने फांसी लगाने के लिए कहा तो उसकी भाभी ने यह जवाब दिया कि तुम बहुत मुंह चला रही हो, हम मम्मी और आपके भैया से तुम्हारी शिकायत कर देंगे. इसके बाद युवती ने अपनी भाभी को बताया कि ऐसा कुछ नहीं है, वो सिर्फ मजाक कर रही है. इतना कहकर वह हंसकर वहां से चली गई. कुछ घंटों बाद जब सब इधर-उधर अपने काम में लगे थे तो वह चुपचाप ऊपर छत पर गई और वहां उसने फांसी लगा ली. युवती की मां और भाभी ने उसे देखा और घर वालों ने तत्काल डॉक्टर को बुलवाया. उसे अस्पताल लाया गया लेकिन वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. इस घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची. खुरई थाना की एसआई सुरभि बिलथरे ने बताया कि अब्दुल हमीद वार्ड में रहने वाली एक महिला मृत अवस्था में पाई गई है. उसने फांसी लगा ली. उसके परिजनों ने भी यही बताया कि उसने फांसी लगाई है. फिलहाल जांच शुरू कर दी गई. पुलिस ने यह भी बताया कि मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. घर वालों का बयान भी दर्ज किया जाएगा. मृतक युवती के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. आगे की जानकारी जांच के बाद जो परिणाम आएगा, उसी के आधार पर दी जाएगी. पिछले दिनों भी एक ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के बरेली से आया था, जहां एक दसवीं कक्षा के छात्र ने सुशांत सिंह की आत्महत्या की खबर को टीवी पर देखने के बाद खुद भी फंदे से लटककर अपनी जान दे दी. छात्र ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि अभिनेता सुशांत सिंह आत्महत्या कर सकते हैं तो मैं क्यों नहीं.
जयपुर / शौर्यपथ / राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव से पहले राजस्थान में चुनावी गतिविधियों तेज होने के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार रात कहा कि पार्टी के विधायक एकजुट हैं और वे किसी तरह के लोभ व लालच में नहीं आएंगे. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि कुछ कांग्रेस विधायकों को 25 करोड़ रुपये तक की पेशकश की गई.
दिल्ली राजमार्ग पर एक होटल में कांग्रेस व उसके समर्थक विधायकों की देर रात तक चली बैठक के बाद गहलोत ने संवाददाताओं से कहा कि बैठक बहुत फलदायी रही और सब एकजुट होकर यहां से गए हैं . कल फिर बैठक होगी जिसमें पार्टी के राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे भी मौजूद रहेंगे.
उन्होंने कहा,'' हमारे विधायक बहुत समझदार हैं वे समझ गए. उन्हें खूब लोभ लालच देने की कोशिश की गयी. लेकिन यह हिंदुस्तान का एकमात्र राज्य है जहां एक पैसे का सौदा नहीं होता. यह इतिहास में कहीं नहीं मिलेगा. मुझे गर्व है कि मैं ऐसी धरती का मुख्यमंत्री हूं जिसके लाल बिना सौदे के बिना लोभ लालच के सरकार का साथ देते हैं कि सरकार स्थिर रहनी चाहिए राज्य में.''
राज्य के कुछ विधायकों को प्रलोभन दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा,''करोड़ों अरबों रुपये भेजे जा रहे हैं. सुन रहे हैं कि नकदी स्थानांतरित हो रही है जयपुर में. कौन भेज रहा है. बांटने के लिए एडवांस देने की बातें हो रही हैं. आप लीजिए दस करोड़ एडवांस ले लीजिए. बाद में दस और देंगे फिर पांच और देंगे. क्या हो रहा है. खुला खेल हो रहा है यहां पर.''
गुजरात में कांग्रेस विधायकों से इस्तीफा दिलाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा,''ये पहले भी करते आए हैं गुजरात में. ये परंपरा इन्होंने ही डाली है. इसलिए मैं बार बार कहता हूं कि इनका कोई यकीन नहीं, लोकतंत्र में लोकतंत्र का मुखौटा पहन कर राजनीति कर रहे हैं.''
इससे पहले विधानसभा में मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में शिकायत दर्ज कराई कि राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए कांग्रेस व उसके समर्थक निर्दलीय विधायकों को प्रलोभन दिया जा रहा है.
जोशी ने एसीबी के महानिदेशक को भेजी शिकायत में कहा है,'' अति विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि कर्नाटक, मध्य प्रदेश व गुजरात की तर्ज पर राजस्थान में भी हमारे विधायकों व हमारा समर्थन कर रहे निर्दलीय विधायकों को भारी प्रलोभन देकर राजय की लोकतांत्रिक तौर से चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है.''
जोशी ने इस तरह के लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. हालांकि उन्होंने अपने पत्र में ऐसा प्रयास करने वाली किसी पार्टी या नेता का नाम नहीं लिया है.
एसीबी के महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि शिकायत पर उचित कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा ,'' शिकायत मिली है और इसकी जांच होगी.''
इस बीच आगामी राज्यसभा चुनावों को लेकर चर्चा करने के लिए कांग्रेस व उसके समर्थक विधायक बुधवार शाम मुख्यमंत्री निवास पर पहुंचे. यहां से उन्हें बसों से दिल्ली राजमार्ग पर स्थित एक रिसोर्ट ले जाया गया.
वहीं राज्यसभा चुनाव पर चर्चा के लिए जयपुर पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस के पास सम्पूर्ण बहुमत है और उसके विधायक किसी प्रलोभन में नहीं आएंगे. भाजपा द्वारा कुछ निर्दलीय विधायकों को कथित तौर पर प्रलोभन दिये जाने के सवाल पर सुरजेवाला ने कहा कि राजस्थान की वीर भूमि में भाजपा के षडयंत्रकारी मंसूबे कामयाब नहीं होंगे.
पार्टी के उम्मीदवारों की जीत के प्रश्न पर सुरजेवाला ने कहा,'' कांग्रेस के पास सम्पूर्ण बहुमत है.. और वो आपके सामने है. मैंने जैसा कहा, ना जनमत को कोई हरा सकता, ना प्रजातंत्र को हरा सकता है.''
उन्होंने कहा कि बार बार जनमत का ‘चीरहरण' करना भाजपा का चाल,चेहरा, चरित्र बन गया है.
वहीं कांग्रेस नेता विवेक बंसल ने भाजपा पर लोकतंत्र को तार तार करने का आरोप लगाया. उन्होंने राज्य में पार्टी के दोनों प्रत्याशियों की जीत का विश्वास जताया.
उधर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है. उन्होंने कहा, भले ही वह कांग्रेस भाजपा पर आरोप लगाये लेकिन उनका खुद का घर सुरक्षित नहीं है,उनको अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है.
राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव 19 जून को होने हैं. इन चुनाव के लिए कांग्रेस ने के सी वेणुगोपाल ओर नीरज डांगी को अपना उम्मीदवार बनाया है जबकि भाजपा ने राजेन्द्र गहलोत को उम्मीदवार बनाया था हालांकि अंतिम क्षणों में भाजपा के ओंकार सिंह लखावत ने भी पर्चा दाखिल किया. राज्य की 200 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस के 107 विधायक हैं. इनमें छह विधायक पिछले साल बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए. इसके अलावा 13 निर्दलीय विधायकों में से 12 कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं. ( एजेंसी )
नई दिल्ली / शौर्यपथ / राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े भारतीय मज़दूर संघ और मोदी सरकार अहम् आर्थिक सुधार के मसले पर आमने सामने खड़े हो गए हैं. बुधवार को भारतीय मज़दूर संघ के हज़ारों कार्यकर्ताओं ने देश के अलग अलग इलाकों में मोदी सरकार की अहम् सरकारी उपक्रमों के निजीकरण, निगमीकरण और विनिवेश की नीति के खिलाफ प्रदर्शन किया और रोलबैक की मांग की.
संघ परिवार में अहम आर्थिक सुधार के मसले पर अंदरूनी गतिरोध खुलकर सामने आ गया है. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े भारतीय मज़दूर संघ के हज़ारों कार्यकर्ता बुधवार को सड़कों पर उतरे और मोदी सरकार पर मज़दूरों के हितों के खिलाफ नीति बनाने का आरोप लगाया और मांग की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पब्लिक सेक्टर यूनिट्स के निजीकरण और विनिवेश का जो ऐलान किया है उसे तत्काल वापस लिया जाये.भारतीय मज़दूर संघ के जोनल सेक्रेटरी पवन कुमार ने एनडीटीवी से कहा, "अगर मोदी सरकार इन फैसलों को (निजीकरण, कॉर्पेटाइजेशन और विनिवेश) रोलबैक नहीं करेगी तो भारतीय मजदूर संघ इससे भी कड़ा निर्णय आगे करेगी"
बीएमएस पूछा गया कि यह कड़ा निर्णय क्या हो सकता है? क्या आप आगे अनिश्चितकालीन आंदोलन भी कर सकते हैं? तो इसके जवाब में पवन कुमार ने कहा, 'निश्चित रूप से, ये आंदोलन तब तक चलेगा अगर सरकार रोलबैक नहीं करेगी .'
भारतीय मज़दूर संघ के नेता और संघ परिवार में गतिरोध
बीएमएस मुनाफा कमाने वाली कंपनियों को बेचने के खिलाफ हैं. उनके मुताबिक रेलवे और डिफेन्स आर्डिनेंस फैक्ट्रीज बोर्ड के कोर्पोरटिजशन का फैसला गलत है. कोयला सेक्टर का कमर्शियलाइजेशन मज़दूर के हित में नहीं और डिफेन्स जैसे स्ट्रेटेजिक सेक्टर में एफडीआई को मंज़ूरी गलत फैसला है.
इससे पहले भारतीय मज़दूर संघ को छोड़कर मोदी सरकार की नई आर्थिक सुधर के एजेंडे के खिलाफ 10 बड़े केंद्रीय श्रमिक संगठन लामबंद हो चुके हैं और उन्होंने 3 जुलाई को देश भर में साझा विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है कोरोना संकट के इस दौर में जहाँ एक तरफ मोदी सरकार आर्थिक सुधार के नए अजेंडे के ज़रिये नए वित्तीय संसाधन जुटाना चाहती है वहीँ देश में बढ़ते मज़दूरों के संकट से भारतीय मज़दूर संघ और दूसरे बड़े श्रमिक संगठन इन फैसलों को रोलबैक करने को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा रहे हैं. अब देखना होगा सरकार बड़े श्रमिक संगठनों के इस विरोध से कैसे निपटती है.
मुम्बई / शौर्यपथ / विश्व्यापी महामारी ने देश में अपना पैर पसारना चालु कर दिया है . देश में सबसे ज्यादा मरीज महाराष्ट्र में पाए जा रहे है वही अकेले मुंबई में 52 हजार मरीज इस बीमारी से संक्रमित है . देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. देश में कोरोनावायरस के 2 लाख 76 हजार से ज्यादा मामले हैं वहीं, अब तक 7700 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. इस बीच देश के सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 94 हजार के पार कर गया है. वहीं, अकेले मुंबई में इसके 52 हजार से ज्यादा केस हैं. महाराष्ट्र में बुधवार को कोरोनावायरस के 3,254 नए मरीजों की पुष्टि होने के बाद संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 94,041 पहुंच गया.
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि महामारी से 149 और संक्रमितों की मौत हो गई है. इसके बाद राज्य में कोविड-19 के कारण दम तोड़ने वाले मरीजों की संख्या 3,438 हो गई है. वहीं 1,879 मरीजों को इलाज के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी गई है. इसके साथ संक्रमण से ठीक होने वाले रोगियों का आकंड़ा 44,517 हो गया है. राज्य में बीमारी का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 46,074 है. राज्य में अबतक 5,93,784 नमूनों की जांच की गई है. वहीं, मुंबई में बुधवार को 1567 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 52 हजार 667 हो गया है. सिर्फ मुंबई में अब तक 1857 लोगों की मौत हो चुकी है.
उधर, देश में बुधवार को पहली बार कोविड-19 से स्वस्थ हो चुके लोगों की संख्या संक्रमण का इलाज करा रहे रोगियों से अधिक हो गई. वहीं देश में एक दिन में संक्रमण के नए मामलों की संख्या 10,000 के करीब होने के साथ देश में रोगियों का आंकड़ा 2.7 लाख के पार चला गया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में कोविड-19 से 279 लोगों की मौत हो गई और इसे मिलाकर अब तक 7,745 लोग इस बीमारी से जान गंवा चुके हैं. मंत्रालय ने बताया कि देश में अब भी 1,33,632 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 1,35,205 लोग स्वस्थ हो गए और एक मरीज देश छोड़कर चला गया.( एजेंसी )
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
