October 03, 2026
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    भारत

    भारत (1112)

    बेरोजगारी /शौर्यपथ/

    रेलवे में नौकरियों को लेकर पूरे देश में हंगामा मचा हुआ है. सरकार कह रही है कि लाखों पदों पर भर्ती होगी लेकिन हकीकत में पिछले 5 सालों में रेलवे ने कई पद सरेंडर कर दिए हैं. वर्ष 2014 में सत्ता में आने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल करोड़ों लोगों को रोजगार देने का वायदा किया था लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े नियोक्ता यानी रेलवे ने ही हर साल कई पद खत्म किए हैं. सड़क से लेकर संसद तक यह मुद्दा छाया हुआ है. राज्‍यसभा में बुधवार को आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने यह मुद्दा उठाया. उन्‍होंने कहा कि रिजल्ट की जांच करानी चाहिए. छात्रों के साथ दुश्मनों की तरह व्यवहार नहीं होना चाहिए. छात्रों को घर में घुसकर मारा गया.

     दरअसल, रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी यानी आरआरबी एनटीपीसी ने 35000 पद निकाले. इसके लिए 2019 में आवेदन मांगे गए. बताया गया कि सवा करोड़ से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन भर दिया. यानी रोजगार के मामले में सरकार ने अपना रिपोर्ट कार्ड खुद दे दिया. देश में एक तरफ तो बेरोजगारी बढ़ रही है वहीं दूसरी ओर नौकरियां घट रही हैं. अकेले भोपाल डिवीजन में 2016-17 में स्वीकृत पद 18717 थे, जो 2020-21 में घटकर 17998 हो गए. पिछले 5 सालों में रेलवे ने 1402 पद सरेंडर कर दिए लेकिन केवल 683 नए पद आए यानी अकेले भोपाल डिविजन में 719 पद कम हो गए. पूरे नॉर्दन रेलवे में पिछले 5 साल में 18011 पद सरेंडर कर दिए गए. नए पद आए 12881, यानी 5130 पद कम हो गए. ग्रुप सी में स्वीकृत पद 114065 हैं जबकि खाली पद 28550, इसी तरह ग्रुप डी में स्वीकृत पद 53770 हैं, खाली पद 8886.

    राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) सांसद मनोज झा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ' शायद लोगों को अभी पता चला हो लेकिन हम सबको यह पता था. धीरे-धीरे करके ऐसी प्रक्रिया को जन्म दिया गया जहां पोस्ट वापस लिए गए तो रोजगार सृजन कहां से होगा. बेरोजगारी दूर करने को लेकर सरकार के पास कोई रोड मैप ही नही है. पद सरेंडर करना, दूसरी तरफ मोनेटाइजेशन के नाम पर बेचना, बाजार के सामने हमारी पूरी सरकार आत्मसमर्पण कर चुकी है. उसका खामियाजा आने वाला कई पीढ़ी इस मुल्क में भुगतेंगी क्योंकि इनको कोई मतलब नही है.पांच साल बाद निकल चलेंगे. झोला उठाकर कहेंगे कि हम जा रहे है लेकिन इन्होंने देश का जो चरित्र होता है उसेक्षत विक्षत करके रख दिया है. आप अगर पड़ताल करेंगे तो नॉर्दर्न हो या वेस्टर्न हो, हर जगह ऐसी चीजें मिलेंगी जो अनायास नही हो रही है. यह एक प्रक्रिया के तहत हो रहा है. देखिए न ट्रैक ,रेल सब कुछ औने-पौने दाम में निजी हाथों में बेचा जा रहा है जिसको संचित करने में सैकड़ों वर्ष लगे, आप उसको बेच रहे हैं.

    CMIEE के आंकड़े कहते हैं कि सितंबर-दिसंबर 2021 के दौरान देश में कुल बेरोजगारों की संख्या 3.18 करोड़ रही.2020 के लॉकडाउन में देश में कुल 2.93 करोड़ बेरोजगार थे. वैसे फिलहाल 1.24 लाख बेरोजगार ऐसे भी हैं जो थककर काम की तलाश छोड़ चुके हैं यानी उन्हें भी जोड़ दें तो बेरोजगारों का आंकड़ा 4.27 करोड़ हो जाता है. जब पद पूरे भरे नहीं है तो अंजाम भी आपको भुगतना है क्योंकि क्षमता प्रभावित होना तो तय है. अप्रैल-दिसंबर 2021 तक 41,483 मेल एक्सप्रेस ट्रेनें देरी से चलीं, मेंटेनेंस के नाम पर 35,000 ट्रेनें रद्द हुईं.

    एक बात और, भले ही सरकार ने 3 सालों में 2 वंदेभारत ट्रेनें चलाई हों लेकिन अब लक्ष्य है, 400 वंदेभारत ट्रेनों का. बेशक विचार अच्‍छा है लेकिन काश मंत्रीजी गरीब जनता के लिये ट्रेनों का एक और आंकड़ा देख लेतीं. पिछले 9 माह में रिकॉर्ड 7612427 पीएनआर जिसमें कुल 119373630 यानी एक करोड़ से ज्यादा मुसाफिरों के टिकट ऑटो कैंसिल हो गये क्योंकि चार्ट बनते समय सीट कंफर्म नहीं हुई. ये आंकड़ा बताता है कि व्यस्त मार्गों पर ट्रेन की कितनी कमी है.

     वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों की कर कटौती की सीमा को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट पेश करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्देश दिया था कि कोविड महामारी के बीच कर नहीं बढ़ाया जाए. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने पिछले साल भी यही निर्देश दिया था. सीतारमण ने कहा, "महामारी के समय कर में वृद्धि नहीं करना चाहती थी... पीएम मोदी का निर्देश बहुत स्पष्ट था - 'कोई अतिरिक्त कर नहीं'." इस हिसाब से इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

    वित्त मंत्री ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारी कर्मचारियों की कर कटौती की सीमा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत की जाए. उन्होंने कहा कि इससे राज्य सरकार के कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलेगा और उन्हें केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर लाया जा सकेगा.

    इससे पहले मंगलवार को पीएम मोदी ने कहा कि बजट से सभी को फायदा होगा, खासकर गरीबों और समाज के पिछड़े वर्गों के लोगों को. प्रधानमंत्री ने कहा, "यह बजट अधिक बुनियादी ढांचे, अधिक निवेश, अधिक विकास और अधिक नौकरियों के लिए नई संभावनाओं से भरा है." उन्होंने कहा कि यह ग्रीन जॉब्स के क्षेत्र को भी खोलेगा ... इस बजट का एक महत्वपूर्ण पहलू है गरीबों का कल्याण."

    सरकार ने कहा कि बजट का उद्देश्य कोविड महामारी और बढ़ती मुद्रास्फीति से जारी व्यवधान के बीच आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है. निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि इस साल का बजट "भारत 75 से भारत@100 तक अर्थव्यवस्था को चलाने का खाका" होगा.

    इस बार के बजट में बुनियादी ढांचे को लेकर बड़ी पहल शामिल है और 2022-23 में केंद्र सरकार के प्रभावी पूंजीगत व्यय 10.68 लाख करोड़ रुपये का अनुमान है, जिसमें सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 4.1 प्रतिशत शामिल है.

    राजस्व की बात करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि जनवरी के लिए सकल जीएसटी संग्रह 1,40,986 करोड़ रुपये है. साल 2017 में जीएसटी शुरू करने के बाद से यह सबसे अधिक है.

    निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार जल्द ही 2022-23 से रिज़र्व बैंक द्वारा ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करके एक डिजिटल रुपया जारी करेगी, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन होगा.

     

     

     कोरोना काल में स्कूली पढ़ाई लिखाई को पहुंचे नुकसान को देखते हुए सरकार ने डिजिटल यूनिवर्सिटी बनाने का ऐलान किया है, जो ऑनलाइन एजुकेशन में मदद करेगी. साथ ही 75 जिलों में 75 डिजिटल बैंकिंग यूनिट भी स्थापित करने की घोषणा उन्होंने की है.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने  मंगलवार को न केवल पेपरलेस यानी डिजिटल बजट (Digital Budget) पेश किया, बल्कि डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदमों का ऐलान किया. हालांकि नौकरीपेशा, किसानों, कारोबारियों को बड़ी सौगात नहीं मिली है. बजट में डिजिटल करेंसी, डिजिटल बैंकिंग यूनिट का बड़ा ऐलान शामिल है. कोरोना काल में स्कूली पढ़ाई लिखाई को पहुंचे नुकसान को देखते हुए सरकार ने डिजिटल यूनिवर्सिटी बनाने का ऐलान किया है, जो ऑनलाइन एजुकेशन में मदद करेगी. साथ ही 75 जिलों में 75 डिजिटल बैंकिंग यूनिट भी स्थापित करने की घोषणा उन्होंने की है. हालांकि इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं होने से मध्यमवर्गीय और वेतनभोगियों को फिर मायूसी हाथ लगी है. सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न में बदलाव की सुविधा दी है. अब दो साल पुराने आईटीआर में अपग्रेड किया जा सकेगा. ड्यूटी घटने से कपड़े, चमड़े, पॉलिश्ड डायमंड, मोबाइल फोन, चार्जर और कृषि उपकरण सस्ते होंगे. सहकारी संस्थाओं पर भी अब कॉरपोरेट टैक्स की तरह 15 फीसदी टैक्स लगेगा. सरकार ने राज्य कर्मियों को NPS में योगदान 14 फीसदी करने की छूट दी है.


    1. डिजिटल करेंसी (Digital rupee) का ऐलान

    वित्त मंत्री ने डिजिटल करेंसी (Digital currency) को लेकर बड़ा कदम उठाया. उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक जल्द ही डिजिटल रूपी जारी करेगा, जो ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा. इसे सरकारी सेवाओं में डिजिटल लेनदेन के तहत इस्तेमाल किया जा सकेगा. हालांकि क्रिप्टोकरेंसी (Crypto Currency Tax) को लेकर बजट में ज्यादा कुछ नहीं कहा गया है. इसको लेकर विधेयक भी सरकार के पास लंबित है.

    2. डिजिटल यूनिवर्सिटी का ऐलान

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश में डिजिटल यूनिवर्सिटी (Digital University) बनाई जाएगी, जो ऑनलाइन एजुकेशन को बढ़ावा देने का काम करेगी. साथ ही स्कूली शिक्षा और रोजगार के पाठ्यक्रमों से वंचित बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म भी मुहैया कराएगी. इसके तहत आईएसटीआई स्टैंडर्ड्स के तहत विश्वस्तरीय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाएगी.

    3. आईआईटी की मदद से डिजिटल हेल्थ (Digital Health) प्लेटफॉर्म

    वित्त मंत्री ने बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र में भी डिजिटलीकरण को आगे बढ़ाया. इसमें आईआईटी बेंगलुरु की मदद से डिजि हेल्थ प्लेटफॉर्म के विकास का ऐलान शामिल है. आईआईटी बेंगलुरु डिजिटल हेल्थ का इकोसिस्टम तैयार करेगी, जिससे दूरदराज बैठे ही स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा सकें.

    4. डिजिटल बैंकिंग यूनिट बनेंगी

    निर्मला सीतारमण ने देश में 75 डिजिटल बैंकिंग यूनिट (Digital Banking Unit) भी स्थापित की जाएंगी. सरकारी बैंकों द्वारा ये डिजिटल बैंक देश के 75 जिलों में स्थापित किए जाएंगे. इससे बैंक ग्राहकों को घर बैठे ऑनलाइन बैंकिंग की बेहतर सेवाओं के साथ बैंकिंग सेक्टर का डिजिटल बैंकिंग का सिस्टम भी विकसित किया जा सकेगा. समय के साथ इन बैंकिंग यूनिटों का विस्तार होगा.

    5. 1.5 लाख पोस्टऑफिस अपग्रेड होंगे

    बजट में वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि 1.5 लाख पोस्ट ऑफिस (Post office) का जल्द ही अपग्रेडेशन किया जाएगा. उन्हें कोर बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा. इससे गांव-कस्बों तक बैंकिंग लेनदेन तेज हो सकेगा.

    6. सिंगल विंडो सिस्टम का दायरा बढ़ेगा

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कारोबार को तेजी से मंजूरी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम परिवेश का विस्तार किया जाएगा. इससे एक आवेदन से ही तमाम आवश्यक मंजूरी मिल जाएंगी और कारोबार में आसानी होगी.

    7. ई-पासपोर्ट को बढ़ावा

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घर बैठे डिजिटल पासपोर्ट मंजूरी की प्रक्रिया को बढ़ावा देने की घोषणा की. वित्त वर्ष 2022-23 में (E Passport) जारी करने का विस्तार किया जाएगा.

    8. पीएम ई विद्या का दायरा बढ़ेगा

    सीतारमण ने वन क्लास वन टीवी चैनल के मिशन को आगे बढ़ाते हुए पीएम ई विद्या (PN E Vidya) 12 से बढ़ाकर 200 टीवी चैनलों तक ले जाने का ऐलान किया. इससे कक्षा 1-12 तक क्षेत्रीय भाषाओं में भी शिक्षा व्यवस्था में मदद की जाएगी

    9. टेली मेंटल हेल्थ प्रोग्राम

    नेशनल टेली मेंटल हेल्थ प्रोग्राम लांच किया जाएगा, इसके तहत मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी जाएगी. इससे कोरोना काल में आर्थिक, स्वास्थ्य औऱ अन्य कारणों से मानसिक परेशानियां झेल रहे लोगों को ऑनलाइन मदद मिलेगी.


    10. डिजिटल टैक्स का भी ऐलान

    केंद्र सरकार ने ऐलान किया है कि किसी भी वर्चुअल डिजिटल एसेट यानी डिजिटल संपत्ति (Virtual digital asset Tax) के हस्तांतरण पर30 फीसदी टैक्स लगेगा. साथ ही डिजिटल एसेट के ट्रांसफर में एक फीसदी का टीडीएस लगेगा. सरकार ने स्टार्टअप के लिए टैक्स छूट 1 साल बढ़ा दी है. साथ ही लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को अधिकतम 15 फीसदी तक सीमित कर दिया गया है. वित्त मंत्री ने माना कि जीएसटी सिस्टम में सुधार की गुंजाइश अभी भी है और इसके लिए पहल की जाएगी.

     

     

    महाराष्‍ट्र यूट्यूबर हिंदुस्‍तानी भाऊ' गिरफ्तार, शिक्षा मंत्री के आवास के निकट प्रदर्शन का छात्रों से किया था आह्वान


    41 वर्षीय यूट्यूबर (यूट्यूब पर नियमित रूप से वीडियो अपलोड करने वाला) ने 10वीं और 12वीं कक्षाओं की ऑफलाइन परीक्षाएं रद्द करने की मांग को लेकर धारावी में गायकवाड़ के आवास के पास सोमवार को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया.

    मुंबई /शौर्यपथ/

    मुंबई पुलिस ने यहां महाराष्ट्र की शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ के आवास के निकट छात्रों द्वारा किए गए एक विरोध प्रदर्शन के संबंध में यूट्यूबर ‘हिंदुस्तानी भाऊ' उर्फ विकास फाटक और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि 41 वर्षीय यूट्यूबर (यूट्यूब पर नियमित रूप से वीडियो अपलोड करने वाला) ने 10वीं और 12वीं कक्षाओं की ऑफलाइन परीक्षाएं रद्द करने की मांग को लेकर धारावी में गायकवाड़ के आवास के पास सोमवार को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया.पुलिस ने छात्रों के प्रदर्शन में कथित भूमिका को लेकर इकरार खान वखार खान (25) को भी गिरफ्तार किया है.

    दोनों आरोपियों के खिलाफ धारावी पुलिस थाने में गैरकानूनी रूप से एकत्र होने, दंगा करने, अपराध के लिए उकसाने और ऐसा लापरवाहीपूर्ण/घातक कृत्य करने, जिससे (कोविड-19 के मद्देनजर) जीवन के लिए खतरनाक बीमारी का संक्रमण फैलने की आशंका हो, से जुड़ी धाराओं समेत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. अधिकारी ने बताया कि उनके खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम और महाराष्ट्र सार्वजनिक संपत्ति विरूपण रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.

    अधिकारी ने बताया कि यूट्यूबर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उसने छात्रों से गायकवाड़ के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की थी. मंत्री के आवास के बाहर सोमवार को बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे, जिसके बाद पुलिस को उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा था.जोन-5 के पुलिस उपायुक्त प्रणय अशोक ने सोमवार को कहा था, ‘‘विद्यार्थियों को उकसाने के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.'' रियलिटी टीवी शो ‘बिग बॉस 13' में शामिल हो चुके यूट्यूबर ‘हिंदुस्तानी भाऊ' को अपने वीडियो में पाकिस्तान और पड़ोसी देश के अन्य यूट्यूबर को निशाना बनाने के लिए जाना जाता है.

     

     

    नई दिल्‍ली /शौर्यपथ/

    आम आदमी का बजट भले ही बिगड़ा हुआ हो लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जिनका बजट 'सदाबहार' है. ऐसे लोग आयकर विभाग के निशाने पर हैं. नोएडा में यूपी कैडर के पूर्व सीनियर आईपीएस अफसर आरएन सिंह के घर पर पिछले 3 दिन से आयकर विभाग की छापेमारी चल रही है. तलाशी के दौरान सैकड़ों की संख्या में 2000 और 500 रुपये के नोट मिले हैं. ऐसे नोटों के मिलने का सिलसिला अभी जारी है और साथ ही इनकी गिनती भी. यह 'खज़ाना' आरएन सिंह के मकान के बेसमेंट में मिला है.

    नोएडा सेक्टर 50 के इस मकान में रविवार से आयकर विभाग की टीम तलाशी अभियान चला रही है. मकान के बेसमेंट में आरएन सिंह का बेटा प्राइवेट लॉकर फर्म चलाता है,जिसमें करीब 650 लॉकर हैं. ये लॉकर किराये पर दिए जाते हैं और अब इन्हीं से करोड़ों का कैश बरामद हो रहा है. हालांकि अभी ये साफ नहीं कि कुल कितना कैश मिला है और ये किसका है?

    पीएम ने कहा कि बजट में भारत के कोटि-कोटि जनों की आस्था, मां गंगा की सफाई के साथ-साथ किसानों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है.

    नई दिल्‍ली /शौर्यपथ/

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट 2022 को पीपुल फ्रेंडली और आम लोगों की आकांक्षा के अनुरूप बताया है. पीएम ने कहा किआम बजट, नया विश्‍वास लेकर आया है. इस बजट के लिए निर्मला सीतारमण और उनकी टीम बधाई की हकदार है. ये बजट 100 साल की भयंकर आपदा के बीच, विकास का नया विश्वास लेकर आया है.बजट, अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ ही सामान्य मानवी के लिए, अनेक नए अवसर बनाएगा.

    प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बजट अधिक निवेश, अधिक बुनियादी ढांचा व अधिक रोजगार की संभावनाओं से भरा हुआ है. उन्‍होंने कहा कि इस बजट में क्रेडिट गारंटी में रिकॉर्ड वृद्धि के साथ ही कई अन्य योजनाओं का ऐलान किया गया है. डिफेंस के कैपिटल बजट का 68 परसेंट डोमेस्टिक इंडस्ट्री को रिजर्व करने का भी बड़ा लाभ, भारत के MSME सेक्टर को मिलेगा.

    बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम ने कहा कि इसमें भारत के कोटि-कोटि जनों की आस्था, मां गंगा की सफाई के साथ-साथ किसानों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, इन पांच राज्यों में गंगा किनारे, नैचुरल फॉर्मिंग को प्रोत्साहन दिया जाएगा. इसके साथ ही हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, नॉर्थ ईस्ट, ऐसे क्षेत्रों के लिए पहली बार देश में पर्वतमाला योजना शुरू की जा रही है, ये योजना पहाड़ों पर ट्रांसपोर्टेशन की आधुनिक व्यवस्था का निर्माण करेगी. ये बजट अधिक अधोसंरचना  अधिक निवेश  अधिक विकास  और अधिक रोजगार  की नई संभावनाओं से भरा हुआ है.

     

     

     

     उन्होंने अपने डेढ़ घंटे के बजट भाषण के दौरान महाभारत के शांतिपर्व में वर्णित राजधर्म अनुशासन का जिक्र भी किया. शान्ति पर्व महाभारत का 12वां पर्व है. इसमें धर्म, दर्शन, राजानीति और अध्यात्म ज्ञान की विशद व्याख्या की गई है. इस पर्व में महाभारत युद्ध के बाद शोकाकुल लोगों को युधिष्ठिर राजधर्म का अनुशासन पढ़ाते हैं.

     नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण  ने अपने बजट भाषण में आत्मनिर्भर भारत के तहत गतिशक्ति योजना की जहां लंबी लकीर खींचने की कोशिश की है, वहीं सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में राजधर्म अनुशासन का पालन करने की भी कोशिश की है. उन्होंने अपने डेढ़ घंटे के बजट भाषण के दौरान महाभारत के शांतिपर्व में वर्णित राजधर्म अनुशासन का जिक्र भी किया.

    सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य इस बजट के माध्यम से लोगों का कल्याण करते हुए राजधर्म निभाने का है. उन्होंने महाभारत के शांतिपर्व के 72वें अध्याय के 11वें श्लोक का जिक्र किया जिसमें युधिष्ठिर राजधर्मानुशासन की बात करते हुए जनमानस के कल्याण और योगक्षेम की बात करते हैं.

    शांतिपर्व में कहा गया है, दापयित्वा करं धर्म्यं राष्ट्रं नित्यं यथाविधि | अशेषान्कल्पयेद्राजा योगक्षेमानतन्द्रितः ।। अर्थात्, किसी राष्ट्र का राजधर्म किसी भी विधि से जनता का कुशलक्षेम और कल्याण ही है.

    बता दें कि शान्ति पर्व महाभारत का 12वां पर्व है. इसमें धर्म, दर्शन, राजानीति और अध्यात्म ज्ञान की विशद व्याख्या की गई है. इस पर्व में महाभारत युद्ध के बाद शोकाकुल लोगों को युधिष्ठिर राजधर्म का अनुशासन पढ़ाते हैं. इसी के तहत वह मोक्ष धर्म का भी उपदेश देते हैं.

    सीतारमण ने अपने चौथे बजट में आयकर की दरों में कोई बदलाव न कर नौकरी-पेशा लोगों को जहां झटका दिया है, वहीं किसानों पर फोकस किया है. गंगा के दोनों किनारों पर 5 किलोमीटर के दायरे में ऑर्गेनिक फार्मिंग करने, सिंचाई के लिए पांच नदियों को जोड़ने का एलान किया है. इसके अलावा आधारभूत संरचनाओं के विकास और डिजिटल युग में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए डिजिटल यूनिवर्सिटी खोलने समेत 5जी टेक्नोलॉजी की घोषणा की है.

     

     

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना चौथा बजट पेश कर रही हैं. इस दौरान बजट भाषण पढ़ते हुए उन्होंने संसद में कहा कि ये बजट अगले 25 साल के भारत की नींव रखेगा. अपने बजट भाषण में निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले तीन साल में देशभर में नई पीढ़ी की 400 नई पीढ़ी की वंदे भारत ट्रेनें चलाई चलाई जाएंगी.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/ 

     वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना चौथा बजट पेश कर रही हैं. इस दौरान बजट भाषण पढ़ते हुए उन्होंने संसद में कहा कि ये बजट अगले 25 साल के भारत की नींव रखेगा. अपने बजट भाषण में निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले तीन साल में देशभर में नई पीढ़ी की 400 नई पीढ़ी की वंदे भारत ट्रेनें चलाई चलाई जाएंगी.
    मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :


    वित्त मंत्री ने कहा कि देश आजादी के 75 साल पूरे होने पर आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है. ऐसे में देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए हम 100 वर्षों का ब्लूप्रिंट तैयार करेंगे. वित्त मंत्री ने बजट पेश करने के साथ एनडीए सरकार के आर्थिक सुधारों को भी गिनाया.

    उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया यानी आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत 60 लाख नए रोजगार सृजित किए जा सकते हैं. प्रोडक्शन लिंक्ड इनीशिएटिव स्कीम के तहत 14 सेक्टरों में भारी उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखने को मिली है.

    सीतारमण ने बजट के प्रारंभ में ही निवेश और निजीकरण के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों को सामने रखा. इसमें एयर इंडिया के निजीकरण, नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड का विनिवेश औऱ एलआईसी के आईपीओ को लेकर चल रही गतिविधियों की बात शामिल है.

    उन्होंने एक्सप्रेसवे के लिए पीएम गतिशक्ति के मास्टरप्लान का उल्लेख किया. वित्त वर्ष 22-23 में 25 हजार किलोमीटर के हाईवे तैयार किए जाएंगे.अगले तीन सालों में 100 नए कार्गो टर्मिनल विकसित किए जाएंगे.

    वित्त मंत्री ने बताया कि पीएम गतिशक्ति के 7 इंजन हैं. उन्होंने कहा कि इसके जरिए सड़क, रेलवे, जल परिवहन का विकास किया जाएगा. उन्होंने गतिशक्ति को आर्थिक बदलाव का जरिया बताया और कहा कि इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

    निर्मला ने कहा कि एक साल में 25,000 किलोमीटर सड़के बनाने का इरादा है. मोदी सरकार ने गति शक्ति का मास्टर प्लान बनाया है, इसके तहत इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा. आईटी और प्राइवेट सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा

    वित्त मंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय से आर्थिक रिकवरी तेज होगी. केमिकल मुक्त खेती को बढ़ावा, ऑर्गेनिक खेती पर भी जोर देने की बात वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कही.
    वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा वर्ष में भारत की आर्थिक विकास दर 9.2% रहने का अनुमान है, ये बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ज़्यादा है. आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक जैसी अंतरराष्ट्री एजेंसियां भी भारत की जीडीपी वृद्धि दर दुनिया में सबसे तेज रहने का अनुमान जताया है.

    निर्मला सीतारमण ने कहा अभी देश में कोरोना वायरस के नए वेरियेंट ओमीक्रोन की लहर है. टीकाकरण अभियान की रफ्तार से महामारी पर काबू पाने में बहुत मदद मिली है. मुझे विश्वास है कि 'सबका प्रयास' मजबूत वृद्धि का कारण बनेगा.

    वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि पीएम ई विद्या को 12 से बढ़ाकर 200 चैनल तक किया जाएगा. इससे कोरोना काल में स्कूल नहीं जा पा रहे बच्चों को पढ़ाई लिखाई में मदद मिलेगी. कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों को इससे लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि डिजिटल यूनिवर्सिटी का भी निर्माण किया जाएगा. यह विभिन्न भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगी और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी.

     

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/
    Budget Session 2022: संसद का बजट सत्र सोमवार यानी 31 जनवरी से शुरू हो गया. सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण से हुई. कोरोना महामारी और वैक्सीनेशन कार्यक्रम का जिक्र कर राष्ट्रपति ने अपना अभिभाषण शुरू किया. राष्ट्रपति ने कहा कि छोटे किसानों और महिला सशक्तिकरण पर सरकार का खास ध्यान है. उन्होंने छोटे किसानों और महिलाओं के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र किया. उन्होंने तीन तलाक कानून का जिक्र किया.

    मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :

    बजट से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अभिभाषण में कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश के किसानों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है. सरकार ने रिकॉर्ड उत्पादन को ध्यान में रखते हुए रिकॉर्ड सरकारी खरीद की. देश का कृषि निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ा है. वर्ष 2020-21 में कृषि निर्यात में 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई. यह निर्यात लगभग 3 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है.

    देश के 80 प्रतिशत किसान छोटे किसान हैं, जिनके हितों को मेरी सरकार ने हमेशा केंद्र में रखा है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से 11 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपए दिए गए हैं.

    महिला सशक्तिकरण सरकार की उच्च प्राथमिकताओं में से एक है. बेटे-बेटी को समानता का दर्जा देते हुए सरकार ने महिलाओं के विवाह के लिए न्यूनतम आयु को 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष करने का विधेयक भी संसद में प्रस्तुत किया. मुद्रा योजना के माध्यम देश की माताओं-बहनों की उद्यमिता और कौशल को बढ़ावा मिला. 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' पहल के अनेक सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. स्कूलों में प्रवेश लेने वाली बेटियों की संख्या में उत्साहजनक वृद्धि हुई है. सरकार के नीतिगत निर्णय और प्रोत्साहन से, विभिन्न पुलिस बलों में महिला पुलिस-कर्मियों की संख्या में, 2014 के मुकाबले दोगुनी से ज्यादा बढ़ोतरी हो चुकी है.

    सरकार ने तीन तलाक को कानूनन अपराध घोषित कर समाज को कुप्रथा से मुक्त करने की शुरुआत की है. मुस्लिम महिलाओं पर, केवल मेहरम के साथ ही हज यात्रा करने जैसे प्रतिबंधों को हटाया गया है.

    प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मेरी सरकार सभी गरीबों को हर महीने मुफ्त राशन दे रही है. 44 करोड़ से अधिक गरीब देशवासी बैंकिंग सिस्टम से जुड़े. दिसम्बर 2021 में, देश में 8 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का लेन-देन UPI के माध्यम से हुआ है.

    प्रधानमंत्री आवास योजना में अब तक दो करोड़ से अधिक पक्के घर गरीबों को मिल चुके हैं. 2021-22 में 28 लाख सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को बैंकों की तरफ से 65 हजार करोड़ रुपए की मदद दी गई है. यह राशि 2014-15 की तुलना में 4 गुना अधिक है.

    भारत विश्व में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बनकर उभरा है. मेरी सरकार के निरंतर प्रयासों से भारत एक बार फिर विश्व की सर्वाधिक तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है. जीएसटी कलेक्शन पिछले कई महीनों से एक लाख करोड़ रुपये से ऊपर बना हुआ है.

    भारत विश्व में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बनकर उभरा है. मेरी सरकार के निरंतर प्रयासों से भारत एक बार फिर विश्व की सर्वाधिक तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है. जीएसटी कलेक्शन पिछले कई महीनों से एक लाख करोड़ रुपये से ऊपर बना हुआ है.

    कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई में भारत के सामर्थ्य का प्रमाण कोविड वैक्सीनेशन प्रोग्राम में नजर आया. हमने एक साल से भी कम समय में 150 करोड़ से भी ज्यादा वैक्सीन डोज़ लगाने का रेकॉर्ड पार किया. आज देश में 90 प्रतिशत से अधिक वयस्क नागरिकों को टीके की एक डोज़ मिल चुकी है, जबकि 70 प्रतिशत से अधिक लोग दोनों डोज़ ले चुके हैं.

    सरकार द्वारा 64 हजार करोड़ रुपए की लागत से शुरू किया गया प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इनफ्रास्ट्रक्चर मिशन एक सराहनीय उदाहरण है. इससे न केवल वर्तमान की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी, बल्कि आने वाले संकटों के लिए भी देश को तैयार किया जा सकेगा.

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