October 03, 2026
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    भारत (1112)

    सुरजेवाला ने कहा कि इस मामले में सीधे-सीधे प्रधानमंत्री मोदी की ज़िम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि NYT में जो रिपोर्ट छपी है, उसमें कहा गया है कि दो बिलियन डॉलर के डिफेंस डील में इस स्पाइवेयर की खरीद की गई है. उन्होंने फिर दोहराया कि विपक्षी नेता राहुल गांधी और उनकी टीम के लोगों के साथ देश के कई गणमान्य लोगों के खिलाफ़ इस स्पाइवेयर का इस्तेमाल किया गया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के जज भी शामिल हैं.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    पेगासस स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर खरीद पर अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी खबर पर देश में फिर से सियासत गर्म हो गई है. मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कहा है कि Pegasus डील में अब साफ हो गया है कि मोदी सरकार ने देश के साथ विश्वासघात किया है. उन्होंने कहा कि इस सॉफ्टवेयर की खरीद के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिम्मेदार हैं, जिन्होंने लोगों की मुखबिरी कराने के लिए इस सॉफ्टवेयर को खरीदा है.

    कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शनिवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने लोकतंत्र का अपहरण किया है और अक्षम्य देशद्रोह किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स में जो कुछ छपा है, वह वैसा ही है, जैसा कांग्रेस पार्टी कहती रही है.

    सुरजेवाला ने कहा कि इस मामले में सीधे-सीधे प्रधानमंत्री मोदी की ज़िम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि NYT में जो रिपोर्ट छपी है, उसमें कहा गया है कि दो बिलियन डॉलर के डिफेंस डील में इस स्पाइवेयर की खरीद की गई है. उन्होंने फिर दोहराया कि विपक्षी नेता राहुल गांधी और उनकी टीम के लोगों के साथ देश के कई गणमान्य लोगों के खिलाफ़ इस स्पाइवेयर का इस्तेमाल किया गया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के जज भी शामिल हैं.

     

    पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों (Three Farm Laws) को वापस लेने का ऐलान किया था. लेकिन किसान नेता एमएसपी पर कानून बनाए जाने की मांग अब भी कर रहे हैं.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    किसान नेता राकेश टिकैत  ने कहा है कि किसानों की उपज के न्यूनतम समर्थन मूल्य  पर कानून बनाने की लड़ाई जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि यह कानून किसानों के लिए बहुत जरूरी है. वह इसके लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे.

    उन्होंने कू पर एक पोस्ट किया कि आंदोलन में किसानों के परिजनों ने अपने 700 से अधिक अपनों को खोया है. पिछले साल के इन दिनों को किसान कभी नहीं भूलेंगे. एमएसपी किसानों की रीढ़ है. किसान खेती का भविष्य बचाने के लिए MSP गारंटी कानून चाहते हैं. लड़ाई जारी है, लड़ाई जारी रहेगी.

    बता दें कि पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों (Three Farm Laws) को वापस लेने का ऐलान किया था. बाद में संसद के दोनों सदनों से इसे शीतकालीन सत्र में पास कराया गया. राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने भी तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की प्रक्रिया को पूरा करने वाले विधेयक को अपनी सहमति दी.

     

     

    सौंदर्या बीएस येदियुरप्पा की बड़ी बेटी पदमा की बेटी है. पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर कर दी है. बता दें कि सौंदर्या एक डॉक्टर थीं. दो साल पहले ही उनकी शादी हुई थी.

    बेंगलुरु /शौर्यपथ/

    कर्नाटक के पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा की नातिन (बड़ी बेटी की बेटी) बेंगलुरु स्थित घर में मृत पाई गई हैं. पुलिस के मुताबिक- 30 वर्षीय सौंदर्या को फांसी पर लटका पाया गया. पुलिस ने "अननेचुरल डेथ" का मामला दर्ज किया है. पुलिस को संदेह है कि सौंदर्या ने आत्महत्या की हो सकती है, लेकिन जांच जारी है.बता दें कि सौंदर्या बीएस येदियुरप्पा की बड़ी बेटी पद्मावती की बेटी है. पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर कर दी है. बता दें कि सौंदर्या एक डॉक्टर थीं. दो साल पहले ही उनकी शादी हुई थी.

     

     

    सीएम केजरीवाल ने कहा, कोरोना बढ़ता है तो पाबंदियां लगानी पड़ती है, लोगों को तकलीफ़ होती है. लेकिन भरोसा रखें कि जितनी ज़रूरत होती है उतनी पाबंदियां लगाते हैं.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली में आज 10% कोरोना संक्रमण दर दर्ज होगी. 15 जनवरी को दिल्ली में अधिकतम 30% संक्रमण दर दर्ज हुई थी. पिछले 10 दिनों में संक्रमण दर 20% तक घट गई है. यह सब टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने की वजह से हुआ है. दिल्ली में 100% लोगों को पहला डोज़ और 82% लोगों को दोनों डोज़ वैक्सीन के लग चुके हैं. दिल्ली में गणतंत्र दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह बात कही.

    साथ ही उन्होंने कहा, कोरोना बढ़ता है तो पाबंदियां लगानी पड़ती है, लोगों को तकलीफ़ होती है. लेकिन भरोसा रखें कि जितनी ज़रूरत होती है उतनी पाबंदियां लगाते हैं. जल्द ही हम प्रतिबंधों को हटाने और आपके जीवन को सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश करेंगे. उस दिशा में सारी कोशिश होगी.

    मुख्यमंत्री ने साथ ही कहा कि कि पिछले हफ़्ते मुझसे कुछ व्यापारी मिले और ऑड इवन/वीकेंड कर्फ़्यू हटाने की मांग की. उप राज्यपाल को प्रस्ताव भेजे हैं, लेकिन उन्होंने प्रस्ताव नहीं माने. LG साहब बहुत अच्छे हैं उन्हें आपकी सेहत की चिंता है. हम और LG साहब मिलकर जल्द से जल्द पाबंदियां हटाएंगे.

    बता दें, सोमवार को दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 5,760 नये मामले दर्ज किए गए थे. और एक दिन में कोरोना से 30 और मरीजों की मौत हो गई. जबकि संक्रमण दर गिरकर 11.79 प्रतिशत हो गई. दिल्ली में 13 जनवरी को एक दिन में सर्वाधिक 28,867 मामले दर्ज किये गये थे और इसके बाद मामलों में कमी आ रही है.

     

     

     

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    केंद्र सरकार IAS कैडर नियमों में बदलाव करने जा रही है. केंद्र सरकार के इस फैसले के विरोध में कई राज्य सरकारें उतर गई हैं. इनमें ज्यादात्तर गैर भाजपा शासित राज्य हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सबसे पहले यह मामला उठाया था और एक सप्ताह के भीतर दो बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसको लेकर पत्र लिखा है. इसके बाद महाराष्ट्र सरकार, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल और राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने भी ऐतराज जताया. अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने भी इसका विरोध करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. आखिर क्या है IAS कैडर रूल्स संशोधन को लेकर विवाद?

     

    मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :

    12 जनवरी को कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा था कि केंद्र सरकार IAS (कैडर) रूल्स, 1954 में बदलाव करना चाहती है. केंद्र ने राज्यों से 25 जनवरी तक इस पर अपनी राय देने को कहा है.

    इसके मुताबिक, राज्य सरकारों के अधिकार को बायपास कर केंद्र किसी भी IAS अफसर को डेपुटेशन पर बुला सकती है.

    अभी तक की व्यवस्था यह थी कि केंद्र में डेपुटेशन के लिए राज्यों के IAS अफसर अपनी इच्छा जाहिर करते थे. इसके बाद राज्य सरकार अपने अफसरों की सूची बनाती थी और फिर उनमें से डेपुटेशन पर भेजा जाता था.

    माना जा रहा है कि केंद्र सरकार 31 जनवरी से शुरू होने वाले संसद के बजट सत्र में इस संशोधन को पेश कर सकती है. एक जनवरी 2021 तक देश में कुल 5,200 आईएएस ऑफिसर थे, जिनमें से 458 केंद्र में नियुक्त थे.

    लेकिन केंद्र सरकार के IAS कैडर नियमें में बदलाव लाने का फैसला कई राज्यों के अधिकारियों को पसंद नहीं आ रहा है, जिसकी वजह से कई राज्य अब ये मांग कर रहे है कि इन नियमों में कोई बदलाव ना किया जाए.

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम को खत लिखते हुए चेताया है कि इस पर फिर से विचार नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।.

    जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ये संघीय ढांचे के खिलाफ है.

    डेपुटेशन को लेकर पहले भी केंद्र और राज्यों में टकराव हो चुका है. मई 2021 में आईएएस अलपन बंद्योपाध्याय को लेकर केंद्र और पश्चिम बंगाल में टकराव हुआ था.

    दिसंबर 2020 में बंगाल सरकार ने तीन आईपीएस अधिकारियों को केंद्र में भेजने की बात नहीं मानी थी.

    वहीं साल 2001 में अटल सरकार का आईपीएस अधिकारियों को लेकर तमिलनाडु की जयललिता सरकार से विवाद हुआ था.

     

    ओमीक्रोन अब भारत में सामुदायिक प्रसार के स्तर पर है और यह दिल्ली एवं मुंबई में हावी हो गया है, जहां नए मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक कंसोर्टियम ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा है कि भारत में ओमिक्रॉन स्वरूप सामुदायिक संक्रमण के स्तर पर है और जिन महानगरों में कोविड-19 मामलों में तेज वृद्धि देखी जा रही है, वहां यह हावी हो गया है. कोविड-19 के जीनोम अनुक्रमण का विश्लेषण करने के लिए सरकार द्वारा गठित समूह ‘INSACOG ' ने यह भी कहा कि देश में ओमिक्रॉन के संक्रामक उप-स्वरूप बीए.2 की कुछ हिस्सों में मौजूदगी मिली है.

    समूह ने रविवार को जारी 10 जनवरी के अपने बुलेटिन में कहा है कि अब तक सामने आए ओमिक्रॉन के अधिकतर मामलों में या तो रोगी में संक्रमण के लक्षण दिखाई नहीं दिये या फिर हल्के लक्षण नजर आए हैं. अस्पताल और गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती होने के मामले मौजूदा लहर में बढ़ गए हैं और खतरे के स्तर में परिवर्तन नहीं हुआ है.


    बुलेटिन में कहा गया है, ‘ओमिक्रॉन अब भारत में सामुदायिक प्रसार के स्तर पर है और यह उन विभिन्न महानगरों में हावी हो गया है, जहां नए मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. बीए.2 उप स्वरूप की मौजूदगी मिली है और इसलिए एस जीन ड्रॉपआउट आधारित स्क्रीनिंग के दौरान इस बात की बहुत अधिक आशंका है कि संक्रमण का पता न चले.'

    वायरस के जेनेटिक बदलाव से बना ‘एस-जीन' ओमिक्रॉन स्वरूप के जैसा ही है. बुलेटिन में कहा गया है, ‘हाल में सामने आए बी.1.640.2 वंश की निगरानी की जा रही है. इसके तेजी से फैलने का कोई सबूत नहीं है. प्रतिरक्षा को इसके भेदने की आशंका है लेकिन फिलहाल यह ‘चिंताजनक' स्वरूप नहीं है. अब तक, भारत में ऐसे किसी भी मामले का पता नहीं चला है.'

     

    फुल ड्रेस रिहर्सल को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने यातायात एडवायजरी जारी की है. पुलिस ने लोगों से इंडिया गेट-राजपथ पर आने से बचने की सलाह दी है. सुरक्षा कारणों से कई मेट्रो स्टेशनों को भी बंद किया गया है.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    73वां गणतंत्र दिवस समारोह का आज राजपथ पर फुल ड्रेस रिहर्सल होगा. इस दौरान राजपथ पर एक तरफ देश की सैन्य ताकत दिखेगी तो दूसरी तरफ देश की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिलेगी. इसके अलावा 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में विजय प्राप्ति के 50 साल पूरे होने की झलक भी राजपथ पर दिखेगी. सेना के नए यूनिफॉर्म में पैरा कमांडो भी राजपथ पर कदम ताल करते नजर आएंगे.

    पहली बार वायुसेना के 75 एयरक्राफ्ट राजपथ पर अपनी ताकत दिखाएंगे. रफाल तो होगा ही, 75 का आकार बनाते हुए 17 जगुआर एक साथ राजपथ के ऊपर से उड़ान भरेंगे. कोरोना के तीसरी लहर को देखते हुए मात्र 8 हजार लोग ही इसमें शामिल हो पाएंगे. कम विजिबिलिटी को देखते हुए परेड इस बार आधे घंटे की देरी से सुबह 10.30 शुरू होगा जो 12 बजे तक चलेगा.

    भारतीय सेना ने शनिवार को एक बयान में कहा कि इस साल गणतंत्र दिवस परेड में 16 पैदल दस्ते, 17 सैन्य बैंड और विभिन्न राज्यों, विभागों और सशस्त्र बलों की 25 झांकियां हिस्सा लेंगी. बयान में कहा गया है कि गणतंत्र दिवस परेड-2022 में सेना का प्रतिनिधित्व एक घुड़सवार दल, 14 मशीनीकृत दल, छह पैदल टुकड़ियों और विमानन विंग के उन्नत हल्के हेलीकॉप्टरों के एक फ्लाईपास्ट द्वारा किया जाएगा.

    फुल ड्रेस रिहर्सल को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने यातायात एडवायजरी जारी की है. पुलिस ने लोगों से इंडिया गेट-राजपथ पर आने से बचने की सलाह दी है. सुरक्षा कारणों से कई मेट्रो स्टेशनों को भी बंद किया गया है.

     

     

     

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए रविवार को कहा कि हर भारतीय को देश के लिए उनके महत्वपूर्ण योगदान पर गर्व है. पीएम मोदी ने लोगों को ‘पराक्रम दिवस' की भी शुभकामनाएं दीं. सरकार ने आजाद हिंद फौज के संस्थापक बोस की जयंती को ‘पराक्रम दिवस' के रूप में मनाने की घोषणा की है.

    प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘मैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी जयंती पर नमन करता हूं। हर भारतीय को हमारे देश के लिए उनके महत्वपूर्ण योगदान पर गर्व है.' पीएम मोदी इंडिया गेट में बोस की होलोग्राम प्रतिमा का शाम को अनावरण करेंगे.

     

     

    केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसके लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में कहा है कि विशिष्ट इलाकों में कोरोना के बढ़ते पॉजिटिविटी रेट को देखतेहुए वहां कोरोना जांच को रणनीतिक औऱ चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाना चाहिए.

    नई दिल्ली /शौर्यपथ/

    केंद्र सरकार ने कोरोना की टेस्टिंग में कमी को लेकर राज्य सरकारों से चिंता जाहिर की है. कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को रणनीतिक तरीके से कोविड-19 टेस्टिंग को बढ़ाने का निर्देश दिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसके लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र में कहा है कि विशिष्ट इलाकों में कोरोना के बढ़ते पॉजिटिविटी रेट को देखतेहुए वहां कोरोना जांच को रणनीतिक औऱ चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाना चाहिए.

    अतिरिक्त सचिव (स्वास्थ्य) आरती आहूजा ने कहा कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च का डेटा बताया है कि कुछ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कोविड टेस्टिंग में कमी आई है, जबकि इस दौरान कोरोना और ओमिक्रॉन वैरिएंट के केस बढ़े हैं. जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ओमिक्रॉन को चिंता पैदा करने वाला वैरिएंट घोषित किया है

    उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन मौजूदा समय में पूरे देश में फैल रहा है. मंत्रालय के पहले के दिशानिर्देशों और 27 दिसंबर 2021 को ओमिक्रोन के संदर्भ में महामारी प्रबंधन की योजना तैयार करने की गृह मंत्रालय की सलाह का हवाला देते हुए आहूजा ने कहा कि जांच कराना एक महत्वपूर्ण घटक है.भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा जारी सभी दिशानिर्देशों में कहा गया है कि कोरोना के संदिग्ध मामलों का जल्द से जल्द पता लगाने के साथ उन्हें आइसोलेशन में रखने की कार्यवाही जल्द से जल्द पूरी होनी चाहिए.कोरोना महामारी को उन लोगों में गंभीर स्तर पर पहुंचने से रोका जा सकता है, जिनमें ज्यादा जोखिम हैं और जो संवेदनशील हैं. साथ ही उन इलाकों में जहां कोरोना संक्रमण का फैलाव अधिक होने की आशंका है.

    उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानिर्देशों को गहनता से और सलाह के साथ पढ़ने की जरूरत है, जिसमें यह सिफारिश की गई है कि उन लोगों की रणनीतिक और केंद्रित जांच की जानी चाहिए, जो कमजोर हैं और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रहते हैं.

     

     

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