August 05, 2026
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    बिना लक्षण के कोविड-19 मरीजों के होम आईसोलेशन संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करें - कलेक्टर

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    राजनांदगांव / शौर्यपथ / कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज समय-सीमा की बैठक में कोविड-19 की रोकथाम के लिए शासन द्वारा जारी मापदण्ड के अनुसार कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने समय-सीमा में गिरदावरी कार्य, फसल बीमा क्षतिपूर्ति आंकलन, गोधन न्याय योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजना में ईमानदारीपूर्वक कार्य करते हुए प्रगति लाने के निर्देश दिए।
    कलेक्टर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार बिना लक्षणों एवं कम लक्षण वाले मरीजों को होम आईसोलेशन की अनुमति प्रदान की जा सकती है। मरीज के परिवार के सदस्यों में बुजुर्ग, घर में गर्भवती महिला या गंभीर बीमारी से पीडि़त मरीज से दूर रहने की सलाह दें। मरीज के घर में अलग कमरा या शौचालय न हो तो मरीज के लिए कोविड केयर सेन्टर में व्यवस्था सुनिश्चित करना है। श्री वर्मा ने कहा कि जिले में कोरोना टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए। शासन के निर्देशानुसार घर के एक व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाता है तो परिवार के अन्य सदस्यों का उपचार तत्काल प्रारंभ किया जाए और उन्हें कोरोना संबंधी दवाई किट उपलब्ध कराई जाए। श्री वर्मा ने कहा कि वर्तमान में कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है, वह पूर्णत: वैज्ञानिक तरीके से मान्यता प्राप्त है। इसके संबंध में किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाह पर ध्यान न दे। सर्दी, खांसी, बुखार लक्षण वाले मरीज अनिवार्य रूप से जांच कराएं। सभी विकासखंड, तहसील एवं ग्राम पंचायत स्तर पर इसका प्रचार-प्रसार करें। जिससे स्वयं जागरूक होकर टेस्ट कराने के लिए पे्ररित हों।
    कलेक्टोरेट वर्मा ने कोरोना मरीजों की चिकित्सा सलाह के लिए कन्ट्रोल रूप स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सभी समन्वित रूप से कार्य करें। यदि किसी कोरोना मरीज की मृत्यु होती है तो कोरोना के साथ अन्य बीमारी है तो इसका उल्लेख भी होना चाहिए। उन्होंने विकासखंड स्तर पर बनाए कोविड सेन्टरों में चिकित्सीय संसाधन आक्सीमीटर, बीपी मशीन, मधुमेह टेस्ट तथा भोजन, पेयजल, स्वच्छता की व्यवस्था होनी चाहिए। इन सेन्टरों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करें तथा निरंतर निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्यालय में ही रहे इसका कड़ाई से पालन किया जाए। उन्होंने वन विभाग तथा आयुष विभाग को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काढ़ा एवं आयुर्वेदिक दवाई वितरण करने और इसका प्रचार-प्रसार करने कहा। कलेक्टर वर्मा ने कोरोना से मृत्यु होने पर मृतक शव का अंतिम संस्कार उसके गृह ग्राम में प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किया जाएगा।
    कलेक्टर वर्मा ने एक सप्ताह में गिरदावरी कार्य तथा इसकी एन्ट्री साफ्टवेयर में करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान रकबा का भौतिक सत्यापन जरूर करें। जिन स्थानों पर गिरदावरी पूरा हो गया है वहां इसका प्रकाशन किया जाए एवं मुनादी किया जाए ताकि किसान अपने रकबे का मिलान कर सके। उन्होंने कहा कि राजस्व अमले की जिम्मेदारी कि वे ईमानदारीपूर्वक कार्य करें जिससे धान खरीदी के समय कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। गड़बड़ी पाए जाने पर एफआईआर किया जाएगा। श्री वर्मा ने कहा कि शासन द्वारा गोधन न्याय योजना एप्प बनाया गया है। इसी के माध्यम से गोबर खरीदी की जाएगी। इससे संबंधित नोडल अधिकारी एप्प डाउनलोड करके सभी जानकारी एन्ट्री करें।
    इस एप्प के माध्यम से गोबर खरीदी से वर्मी कम्पोस्ट निर्माण में इसकी वास्तविक उपलब्धता की जानकारी मिलेगी। कलेक्टर ने कहा कि दो अक्टूबर को नवीन पंचायत भवनों का लोकार्पण किया जाना है। जिन भवनों का निर्माण कार्य शेष है उसे समय से पहले पूरा किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में शत प्रतिशत कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा से हुए फसलों की क्षति का अवलोकन कर जल्द ही क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। श्री वर्मा ने कहा कि कुछ व्यवसायियों द्वारा सब्जी, दवाईयों का मूल्य बढ़ाकर बेचा जा रहा, इस पर सख्त कार्रवाई करें।
    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा कि अगस्त के बाद प्रदेश में एवं जिले में कोरोना के केस बढ़े हैं। सर्दी, खांसी एवं बुखार के लक्षण वाले मरीजों की जांच 24 घंटे के भीतर की जानी है। ऐसे लक्षण वाले मरीज तत्काल स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को सैम्पल लेने की संख्या बढ़ाने को कहा। उन्होंने कहा कि अब तक जिले में 40 हजार सैम्पल लिए जा चुके हैं और 32 मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित मृतक का शरीर अत्यधिक कोरोना संक्रमित होता है। जिससे अन्य लोगों को संक्रमित होने की संभावना ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि सर्दी, खांसी एवं बुखार के लक्षण वाले मरीजों की जानकारी मितानीन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दे सकती हैं और उन्हें आईसोलेट किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें तो कोरोना संक्रमण से जरूर जीत पाएंगे। उन्होंने कहा कि मृत्यु दर को रोकने के लिए यह बहुत जरूरी है कि कोरोनो संक्रमित व्यक्ति समय पर इसकी जानकारी दें और समय पर जांच एवं उपचार कराएं। विलंब से बताने पर सांस लेने में कठिनाई एवं फेफड़े प्रभावित होते है इसीलिए समय पर उपचार इसका निदान है। अस्थमा, बीपी एवं अन्य बीमारियों से पीडि़त मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है। बैठक में अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए विकासखंड अधिकारी जुड़े रहे।

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