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राज्योत्सव के समापन समारोह में बोले केंद्रीय गृह मंत्री—नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ के लिए सुरक्षा बलों को साधुवाद, अब प्रदेश को पर्यटन और समृद्धि के शीर्ष पर पहुंचाने का संकल्प
रायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद के लंबे दौर से बाहर निकलकर विकास के नए मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। यह गौरव, सिद्धि और नए संकल्प का अवसर है। उन्होंने नक्सलमुक्ति की उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों, विशेषकर आदिवासी समाज को बधाई देते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (ष्ट्रक्कस्न) और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों को साधुवाद दिया। वे मंगलवार को रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
गृह मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना का श्रेय देते हुए कहा कि अटल जी ने राज्य बनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संवारने का काम किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, परंपराओं और आदिवासी विरासत को नई पहचान देने के लिए राज्य सरकार छत्तीसगढ़ पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन कर रही है। पंथी, पांडवानी, राउत नाचा, कर्मा और सैला नृत्य के साथ ढोकरा कला, बेल मेटल, काष्ठ शिल्प, कोसा और 75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरे जैसी परंपराएं प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान हैं।
नक्सलवाद ने छीनी पीढिय़ों की संभावनाएं
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद ने उस छत्तीसगढ़ को रेड कॉरिडोर में बदल दिया, जहां सांस्कृतिक गलियारा विकसित होना चाहिए था। बच्चों के हाथों में कलम की जगह बंदूक थमाई गई और जहां स्कूलों की घंटियां बजनी चाहिए थीं, वहां स्कूलों की इमारतें उड़ा दी गईं। उन्होंने मानवाधिकार के नाम पर नक्सलवाद का समर्थन करने वालों से सवाल किया कि क्या मानवाधिकार केवल बंदूक लेकर विकास रोकने वालों का है, गरीब आदिवासियों का नहीं? उन्होंने कहा कि नक्सली हिंसा में हाथ-पैर गंवाने वाले लोगों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराकर उन्हें फिर से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
गृह मंत्री ने कहा कि राज्य में जनादेश मिलने के बाद सरकार ने दो महीने के भीतर नक्सलवाद के उन्मूलन का संकल्प लिया था। उन्होंने वर्ष 2010 में तत्कालीन केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री के नक्सलियों से जुड़े बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल उत्पात बंद करने की अपील से हिंसा समाप्त नहीं होती। सरकार ने स्पष्ट नीति अपनाई कि हथियार डालकर आत्मसमर्पण करने वालों को मुख्यधारा में शामिल किया जाएगा, अन्यथा सुरक्षा बल उनसे मुकाबला करेंगे। उनके अनुसार, इस नीति के तहत बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और लगभग 90 प्रतिशत ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा का रास्ता चुना।
नक्सलमुक्त बस्तर में विकास और पर्यटन को मिलेगी गति
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के कारण लंबे समय तक आदिवासी अंचलों का विकास प्रभावित रहा, लेकिन अब वहां विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं। उन्होंने दूर बैठकर नक्सलवाद पर लेख लिखने वालों से बस्तर आकर वहां हो रहे बदलाव और आदिवासी समाज के संघर्ष को देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और आने वाले समय में प्रदेश देश के शीर्ष तीन पर्यटन राज्यों में शामिल हो सकता है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, मां बम्लेश्वरी, मां दंतेश्वरी तथा बस्तर दशहरा देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं।
सरकार की 70 प्रतिशत से अधिक गारंटियां पूरी
गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के नेतृत्व में राज्य सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने कम समय में मोदी सरकार की 70 प्रतिशत से अधिक गारंटियां पूरी की हैं। महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त जारी होने, धान खरीदी, कृषि, वनोपज, पशुपालन और एमएसएमई क्षेत्रों में हो रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य विकास के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ के विकास के आंकड़े रखते हुए कहा कि राज्य का वार्षिक बजट 30 गुना, प्रति व्यक्ति आय 17 गुना और सकल राज्य घरेलू उत्पाद (त्रस्ष्ठक्क) 25 गुना बढ़ा है। आईटीआई संस्थानों की संख्या दोगुनी, इंजीनियरिंग कॉलेजों की तीन गुनी तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों की संख्या छह गुनी हुई है। साक्षरता दर भी 65 प्रतिशत से बढ़कर 79 प्रतिशत तक पहुंची है।
नवा रायपुर बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण-मित्र शहर
अमित शाह ने नवा रायपुर में पांच लाख पीपल के पौधे लगाने की योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे 'पीपल सिटीÓ के रूप में विकसित कर दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण-मित्र शहर बनाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ के बारे में कहा जाता था कि धरती अमीर है, लेकिन लोग गरीब हैं। अब अगले दस वर्षों में प्रदेश की धरती के साथ यहां के लोग भी समृद्ध होंगे। सरकार का लक्ष्य भय से भरोसे और संसाधनों से समृद्धि की ओर छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाना है।
उन्होंने विपक्ष पर नक्सलवाद और गैर-संवैधानिक समानांतर व्यवस्थाओं का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए नक्सलियों की कथित 'जनताना सरकारÓ का उल्लेख किया। साथ ही संसद में चर्चा के लिए सरकार की तत्परता जताते हुए विपक्ष से संसद की कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि संविधान का सम्मान केवल उसे हाथ में लेकर चलने से नहीं, बल्कि संवैधानिक आचरण से होता है।
गृह मंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का अगला दौर भय से भरोसे, संसाधनों से समृद्धि और संभावनाओं से सिद्धि की ओर बढ़ेगा। लक्ष्य ऐसा खुशहाल छत्तीसगढ़ बनाना है, जहां धरती भी संपन्न हो और यहां के नागरिक भी स्वाभिमान के साथ समृद्ध जीवन जी सकें।
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
