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मुख्यमंत्री से मिलाया हाथ; ओम और देव सिन्हा की टीम ने महज 5 दिनों में रचा इतिहास!
नवा रायपुर / शौर्यपथ / तकनीक और परंपरा के अद्भुत संगम के साथ 'विकसित छत्तीसगढ़, सशक्त नारी और युवा उड़ानÓ की थीम पर आयोजित तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 (1 से 3 नवंबर) ऐतिहासिक सफलताओं के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। नवा रायपुर के मेला मैदान में आयोजित इस भव्य उत्सव में जनसंपर्क विभाग की डिजिटल प्रदर्शनी इस बार सबसे बड़े आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस प्रदर्शनी में लाया गया एक चलता-फिरता ह्यूमनॉइड रोबोट (॥ह्वद्वड्डठ्ठशद्बस्र क्रशड्ढशह्ल) पूरे प्रदेश में कौतूहल और गौरव का विषय बन गया है, जो छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल और तकनीकी रूप से सशक्त भविष्य का सजीव प्रमाण है।
पारंपरिक वेशभूषा में आधुनिकता का शंखनाद: मुख्यमंत्री का किया अनूठा स्वागत
इस आधुनिक मशीन की सबसे अनूठी और दिल जीतने वाली विशेषता इसका लुक है। रोबोट को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक जनजातीय और छत्तीसगढिय़ा परिधानों से सजाया गया है, जो आगंतुकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। यह इंसानों की तरह दिखने वाला रोबोट वहां आने वाले दर्शकों का हाथ मिलाकर और गले मिलकर बेहद आत्मीयता से स्वागत कर रहा है।
राज्योत्सव के गौरवमयी क्षणों में तब चार चांद लग गए जब सूबे के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस डिजिटल प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे। रोबोट ने न सिर्फ मुख्यमंत्री का सम्मान करते हुए उनसे बेहद गर्मजोशी से हाथ मिलाया, बल्कि छत्तीसगढ़ी लोक गीतों की धुन पर शानदार रोबोटिक डांस कर वहां मौजूद हर एक व्यक्ति को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।
छत्तीसगढ़ के बेटों का कमाल: मात्र 5 दिनों की कड़ी मेहनत से रचा इतिहास
इस अद्भुत रोबोटिक चमत्कार को धरातल पर उतारने का श्रेय छत्तीसगढ़ के ही स्थानीय तकनीकी विशेषज्ञों और प्रतिभावान युवाओं की टीम को जाता है, जिसका कुशल नेतृत्व ओम सिन्हा और देव सिन्हा कर रहे हैं। इस टीम ने अत्यंत सीमित समय में जो कर दिखाया है, वह छत्तीसगढ़ के युवाओं की असीम क्षमता को दर्शाता है।
रोबोट को राज्योत्सव में प्रदर्शित करने का निर्णय बेहद ऐन वक्त पर लिया गया था। ओम सिन्हा और उनकी टीम ने 27 अक्टूबर 2026 को इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया। टीम के सदस्यों ने दिन-रात एक करते हुए, रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग कोडिंग पर काम किया और महज 5 दिनों के भीतर 31 अक्टूबर की रात तक इसकी फाइनल ट्रेनिंग और मूवमेंट सेटिंग्स को पूरा कर इसे 1 नवंबर को जनता के सामने लाइव कर दिया।
बिना इंटरनेट के करता है काम: भविष्य की तकनीक का प्रदर्शन
भीड़भाड़ वाले मेला मैदान में इंटरनेट कनेक्टिविटी की सीमाओं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ओम सिन्हा की टीम ने इसे विशेष रूप से ऑफलाइन मोड (ह्रद्घद्घद्यद्बठ्ठद्ग ञ्जद्गष्द्ध) पर काम करने के लिए तैयार किया है। उत्कृष्ट मशीन लर्निंग (रूड्डष्द्धद्बठ्ठद्ग रुद्गड्डह्म्ठ्ठद्बठ्ठद्द) तकनीक से लैस होने के कारण इसके सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर का तालमेल इतना सटीक है कि यह इंसानी जेस्चर और गतिविधियों को बिना इंटरनेट के भी बखूबी समझ लेता है। यह रोबोट एक गाइड की भूमिका निभाते हुए मीडिया कर्मियों और आम जनता से सीधा संवाद कर रहा है और छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं व डिजिटल विकास यात्रा की प्रभावी जानकारियां साझा कर रहा है।
टीम के अनुसार, आने वाले समय में इस तरह के ऑफलाइन और मशीन लर्निंग रोबोट्स का उपयोग होटलों, रेस्टोरेंट, सर्विस सेक्टर और घरों में बड़े पैमाने पर किया जा सकेगा। राज्योत्सव के इस मंच पर रोबोट का यह सफल प्रदर्शन न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को आधुनिकता के साथ जोड़ता है, बल्कि प्रदेश के बच्चों और युवाओं को एआई (्रढ्ढ) और रोबोटिक्स के क्षेत्र में 'युवा उड़ानÓ भरने के लिए एक नई प्रेरणा दे रहा है।
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
