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रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई संपत्ति पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट का सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है, जिससे हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिला है और महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी तेजी से बढ़ी है।
32 प्रतिशत से बढ़कर 41 प्रतिशत हुई महिलाओं की हिस्सेदारी
पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग द्वारा 6 मई से 30 जून 2026 की अवधि का पिछले वर्ष की समान अवधि से तुलनात्मक अध्ययन किया गया। इसके अनुसार वर्ष 2025 में महिलाओं के पक्ष में पंजीकृत विक्रय विलेखों की हिस्सेदारी 32 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 41 प्रतिशत हो गई। वहीं महिलाओं के नाम पंजीकृत दस्तावेजों की संख्या 14,668 से बढ़कर 21,292 हो गई, जो लगभग 45 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।
75 प्रतिशत जिलों में दर्ज हुई उल्लेखनीय बढ़ोतरी
राज्य के लगभग 75 प्रतिशत जिलों में महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में 20 प्रतिशत से अधिक वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। विशेष रूप से जांजगीर-चांपा, बलोद, कोरिया, रायपुर और कांकेर जैसे जिलों में इस योजना के बेहतर परिणाम सामने आए हैं।
50.14 करोड़ रुपये का मिला प्रत्यक्ष लाभ
पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट के कारण इस अवधि में नागरिकों को करीब 50.14 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिला। इस पहल से न केवल परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हुआ, बल्कि महिलाओं के नाम संपत्ति दर्ज कराने की प्रवृत्ति को भी उल्लेखनीय बढ़ावा मिला।
महिलाओं का संपत्ति स्वामित्व सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट का निर्णय इसी सोच का परिणाम है। संपत्ति का स्वामित्व महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा के साथ परिवार और समाज में सम्मान तथा निर्णय लेने की क्षमता भी प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय से बड़ी संख्या में परिवार लाभान्वित हुए हैं और महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकार ऐसी नीतियों को लगातार बढ़ावा दे रही है, जो महिलाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और विकास यात्रा की समान भागीदार बनाएं।
सिर्फ आंकड़े नहीं, सामाजिक बदलाव का संकेत : ओ.पी. चौधरी
वित्त एवं वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में हुई यह वृद्धि केवल एक सांख्यिकीय उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का संकेत है। जब किसी महिला के नाम संपत्ति होती है तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है, परिवार में उसकी निर्णयात्मक भूमिका मजबूत होती है और आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को विकास प्रक्रिया के केंद्र में रखकर कार्य कर रही है। पंजीयन शुल्क में दी गई 50 प्रतिशत छूट का उद्देश्य केवल आर्थिक राहत देना नहीं, बल्कि महिलाओं को संपत्ति स्वामित्व से जोड़कर उन्हें वास्तविक अर्थों में सशक्त बनाना है। प्रारंभिक परिणाम इस नीति की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और समावेशी पंजीयन व्यवस्था विकसित करने के लिए लगातार सुधार कर रही है। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के सुधारात्मक और प्रोत्साहनात्मक प्रयासों का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री रविवार शाम राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। उन्होंने कथा व्यास श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया तथा श्रीमद्भागवत जी की विधिवत आरती एवं वंदन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका होने के साथ-साथ भगवान श्रीराम की वनगमन स्थली भी है, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान और अधिक गौरवशाली बनती है। उन्होंने शिवरीनारायण, राजिम कुंभ तथा प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये स्थल छत्तीसगढ़ की समृद्ध धार्मिक परंपरा के प्रतीक हैं।
श्री साय ने बताया कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का प्रभावी संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि अब तक करीब 50 हजार श्रद्धालु रामलला दर्शन योजना का लाभ ले चुके हैं, जबकि बुजुर्गों को विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन भी कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए राज्य सरकार धर्म स्वातंत्र्य कानून को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है। साथ ही गौधाम योजना के माध्यम से गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में सेवा, करुणा, सद्भाव, नैतिकता और लोककल्याण की भावना को मजबूत करते हैं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीवलोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
नई दिल्ली / शौर्यपथ / केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने नई दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित “पर्यावरण संरक्षण संकल्प कार्यक्रम एवं वृक्ष मित्र संवाद” में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में देशभर के लगभग 17 हजार वृक्ष मित्रों ने भाग लिया।
श्री चौहान ने प्रत्येक नागरिक से वर्ष में कम से कम एक पेड़ लगाने और पांच नए लोगों को वृक्षारोपण अभियान से जोड़ने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ और अन्य पारिवारिक अवसरों को “वृक्ष पर्व” के रूप में मनाने का सुझाव दिया।
उन्होंने राष्ट्रीय से ग्राम स्तर तक “वृक्ष मित्र परिवार” का संगठित नेटवर्क बनाने, पंचायतों और नगर निकायों में स्थायी वृक्षारोपण स्थल चिन्हित करने तथा 12 अगस्त की हरियाली अमावस्या पर देशव्यापी वृक्षारोपण अभियान चलाने की घोषणा की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनकी सुरक्षा और देखभाल भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने जल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता, संतुलित खेती, ऊर्जा बचत और प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली को भविष्य की कृषि और पर्यावरण सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया।
कार्यक्रम में पर्यावरणविद् अनिल जोशी और डॉ. अनूप हजेला ने भी जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए व्यवहार में बदलाव, ऊर्जा संरक्षण तथा “एक पेड़ लगाओ, एक पेड़ पालो” का संदेश दिया।
नई दिल्ली / एजेंसी /
कोलंबिया के बुकारामांगा में आयोजित 56वें अंतर्राष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड (IPhO) 2026 में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी पांच प्रतिभागियों ने स्वर्ण पदक जीते। इस उपलब्धि के साथ भारत ने 87 देशों के 381 छात्रों के बीच चीन, कजाकिस्तान, रूस, दक्षिण कोरिया और ताइवान के साथ संयुक्त रूप से विश्व में पहला स्थान हासिल किया।
स्वर्ण पदक विजेता भारतीय छात्र हैं— कनिष्क जैन (पुणे), रिद्धेश अनंत बेंडाले (इंदौर), ऋषित गर्ग (नई दिल्ली), श्रेष्ठ सुरैया (मुंबई) और स्वरित जोशी (अहमदाबाद)।
यह सफलता भारत के ओलंपियाड कार्यक्रम की मजबूती को दर्शाती है, जिसका संचालन Homi Bhabha Centre for Science Education (एचबीसीएसई) द्वारा किया जाता है। एचबीसीएसई, Tata Institute of Fundamental Research का राष्ट्रीय केंद्र है और देश की प्रतिभाशाली वैज्ञानिक प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करता है।
परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताते हुए छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और मेंटर्स को बधाई दी। यह उपलब्धि विज्ञान शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा को और मजबूत करती है।
नई दिल्ली / एजेंसी /
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की तीसरी बैठक का सफल समापन हुआ। बैठक में सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से मंत्रिस्तरीय घोषणा (Ministerial Declaration) को अपनाया, जिसमें परिवहन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए साझा रोडमैप तय किया गया।
घोषणापत्र में सतत विमानन ईंधन (SAF), परिवहन के विकार्बनीकरण, शहरी गतिशीलता केंद्रों, लॉजिस्टिक्स एवं आपूर्ति श्रृंखला सहयोग, बुनियादी ढांचे में चक्रीयता तथा ब्रिक्स रेलवे अनुसंधान नेटवर्क जैसे प्रमुख विषयों पर सहयोग की रूपरेखा शामिल है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने बैठक की सफलता के लिए सभी सदस्य देशों और प्रतिनिधिमंडलों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि साझा सहमति और सहयोग की भावना से तैयार यह घोषणा ब्रिक्स देशों के बीच परिवहन क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत करेगी।
9-10 जुलाई को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक और 11 जुलाई को मंत्रिस्तरीय बैठक के साथ संपन्न हुए इस चार दिवसीय आयोजन में परिवहन मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हुए। बैठक ने सदस्य देशों के बीच आपसी समझ, संपर्क और संस्थागत सहयोग को नई मजबूती प्रदान की।
नई दिल्ली / शौर्यपथ /
लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने महाराष्ट्र के नासिक में अशोका हेल्थ सिटी का उद्घाटन करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार को मजबूत करने के लिए सरकार और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया।
श्री बिरला ने कहा कि केंद्र सरकार मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, मेडिकल कॉलेजों में सीट वृद्धि और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ कर रही है। उन्होंने चिकित्सा संस्थानों से नई और उभरती बीमारियों की चुनौतियों से निपटने के लिए अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि अशोका हेल्थ सिटी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कैंसर उपचार, सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं तथा चिकित्सा अनुसंधान का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। साथ ही चिकित्सा शिक्षा को जनसेवा से जोड़ते हुए डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों को ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता बताई।
लोकसभा अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि अशोका हेल्थ सिटी उत्तर महाराष्ट्र क्षेत्र में किफायती, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
गुजरात / शौर्यपथ /
गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से मात्र एक घंटे में 3.61 लाख से अधिक पौधारोपण कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। इस उपलब्धि पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, 25 हजार से अधिक वॉलंटियर्स और क्षेत्रवासियों को बधाई दी।
श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में चल रहा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप दे रहा है। गांधीनगर में सार्वजनिक वृक्षारोपण अभियान के तहत अब तक 1.26 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं, जिनमें 404 सार्वजनिक स्थलों पर 1.15 करोड़ से अधिक तथा निजी परिसरों में 11 लाख से अधिक पौधे शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन पार्कों के निर्माण, तालाबों के पुनर्जीवन और व्यापक वृक्षारोपण जैसे प्रयासों से गांधीनगर पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरा है। साथ ही नागरिकों से पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल और संरक्षण का भी संकल्प लेने का आह्वान किया।
भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के यूनिवर्सल रेल मिल (यूआरएम) में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में कर्मचारी विनोद कुमार यादव (38) की करंट लगने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब वे ओवरहेड क्रेन पर कार्य कर रहे थे। घटना के बाद संयंत्र में शोक का माहौल है।
O 30-40 फीट ऊंचाई पर लगा हाई वोल्टेज करंट
जानकारी के अनुसार वैशाली सेक्टर निवासी विनोद कुमार यादव यूनिवर्सल रेल मिल में जूनियर इंजीनियर एसोसिएट के पद पर कार्यरत थे। वे द्वितीय पाली में ड्यूटी पर पहुंचे थे। शाम करीब 4:30 बजे 30 से 40 फीट ऊंचे ओवरहेड क्रेन पर कार्य के लिए चढ़े। इसी दौरान उन्हें हाई वोल्टेज डीसी करंट लग गया और वे मौके पर ही बेहोश हो गए।
O 20 मिनट तक ऊंचाई पर फंसे रहे कर्मचारी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कर्मचारी को नीचे उतारने में करीब 15 से 20 मिनट लग गए। इसके बाद उन्हें मेडिकल पोस्ट ले जाया गया, जहां से सेक्टर-9 अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
O बंद होनी थी बिजली, फिर कैसे दौड़ा करंट?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब भी कोई कर्मचारी ओवरहेड क्रेन पर कार्य करने जाता है, तो पहले विद्युत सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी जाती है। इसके बावजूद कर्मचारी के ऊपर चढ़ने के बाद करंट लगना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप
कर्मचारियों का आरोप है कि ऐसे कार्य के दौरान कम से कम तीन प्रशिक्षित कर्मचारियों की मौजूदगी अनिवार्य होती है। लेकिन घटना के समय प्रबंधन ने केवल एक अप्रशिक्षित (अनस्किल्ड) ठेका श्रमिक को तैनात किया था। उसके पास आपात स्थिति से निपटने का अनुभव नहीं था, जिससे समय पर बचाव नहीं हो सका।
जांच और जवाबदेही की मांग
हादसे के बाद कर्मचारियों में आक्रोश है। वे पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, सुरक्षा मानकों की समीक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि सुरक्षा प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन किया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को संविधान के तहत मिले 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रभावी लाभ छत्तीसगढ़ में सुनिश्चित करने की मांग तेज हो गई है। श्री राजपूत करणी सेना (कालवी विचारधारा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय बहादुर सिंह के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इसमें राज्य में ईडब्ल्यूएस आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि संविधान के 103वें संशोधन के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण का अधिकार मिला है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इसका लाभ सभी पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पा रहा है। राजस्थान सहित कई राज्यों में इस दिशा में बेहतर व्यवस्था लागू की गई है, इसलिए छत्तीसगढ़ में भी इसे पूरी गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय बहादुर सिंह ने कहा कि यह किसी वर्ग विशेष की नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकारों को हर पात्र नागरिक तक पहुंचाने की मांग है। ज्ञापन में राज्य सरकार से जल्द आवश्यक निर्णय लेने का आग्रह किया गया है।
समाज ने रखी चार प्रमुख मांगें
राज्य में ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रभावी और पूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। ईडब्ल्यूएस आरक्षण के पालन की निगरानी के लिए राज्यस्तरीय मॉनिटरिंग बोर्ड का गठन किया जाए। ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए एक स्पष्ट, पारदर्शी और प्रभावी कार्यप्रणाली (एसओपी/दिशा-निर्देश) तैयार कर सभी विभागों में लागू की जाए। राजस्थान मॉडल के अनुरूप राज्य में लागू हो ईडब्ल्यूएस के सभी प्रावधान ,समयबद्ध तरीके से ईडब्ल्यूएस की कार्ययोजना और बजटीय प्रावधान हो
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश सह सचिव गोल्डी भदोरिया, जिलाध्यक्ष अमन बहादुर सिंह, संजय सिंह राजपूत,अजय कुशवाहा,कपिल चौहान, अभिनव सिंह, चंदन सिंह, संतोष ठाकुर सहित महिला विंग की महिलाएं उपस्थित रहीं.
मृणेन्द्र चौबे
राजनांदगांव/शौर्यपथ / कोरकोट्टी नक्सली हमले की 17वीं बरसी पर रविवार को राजनांदगांव पुलिस ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक स्व. विनोद कुमार चौबे सहित 29 वीर पुलिस जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्षित केंद्र स्थित शहीद स्मारक एवं मंगल भवन में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा गया।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने शहीद परिवारों का शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मान किया और उनसे आत्मीय संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने परिवारों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण किया जाएगा। एसपी ने कहा कि शहीदों का सर्वोच्च बलिदान सदैव पुलिस परिवार और समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।
शहीदों की स्मृति में आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान 21 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने रक्तदान कर वीर शहीदों को अनूठी श्रद्धांजलि दी।
समारोह में सांसद संतोष पांडे, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मधुसूदन यादव, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। जनप्रतिनिधियों ने शहीद परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में कलेक्टर जितेन्द्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, डीएसपी किरण चौधरी, रक्षित निरीक्षक लोकेश कुमार कसेर, जिले के पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, शहीद परिवारों के सदस्य, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित रहे। अंत में सभी ने वीर शहीदों के साहस, राष्ट्रभक्ति और सर्वोच्च बलिदान को सदैव स्मरण रखते हुए राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
