August 22, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    भिलाई / शौर्यपथ / भिलाई निगम के जोन चार अंतर्गत 7 वार्डों के करीब डेड लाख लोगों के सुगम आवागमन हेतु बनाए जा जा रहे केनाल रोड निर्माण का कार्य अब फिर से गति पकडऩे लगा है। निगम क्षेत्र में बन रहे सड़क किनारे हराभरा वातावरण के साथ रात्रि में आने जाने वालों के लिए डिवाइडर के बीच पर्याप्त रोशनी होगी। सडक किनारे टहलने के लिए फुटपाथ बनाया जा रहा है ताकि क्षेत्र के लोगों को लाभ मिल सके। 3 किमी लंबी बनने वाली यह रोड वार्ड 31 दुर्गा मंदिर, वार्ड 32 न्यू खुर्सीपार, वार्ड 33, वार्ड 34, वार्ड 35 वार्ड 36, वार्ड 37 होते हुए नंदिनी रोड से जुड़ेगा। अभी वर्तमान में आईटीआई रोड तक काम पूर्ण हो चुका है।
    केनाल रोड की खासियत-
    जोन 04 के सहायक अभियंता अखिलेश चंद्राकर ने बताया कि केनाल रोड की चौ?ाई 25-25 फीट है जिससे वाहनों के आवागमन में परेशानी नहीं होगी। डिवाईडर के बीचों बीच रात्रि में रौशनी के लिए प्रकाश व्यवस्था और हरियाली बनाए रखने के लिए पौधे रोपे जाएंगे। 28.86 करोड़ की लागत से बनने वाले केनाल रोड शहर के बेहतर सड़कों में से एक होगा। स?क के दोनो किनारे वृक्षारोपण तथा पानी निकासी हेतु दोनो ओर नाली निर्माण किया जा रहा है, नाली के उपर 2- 2 मीटर चौड़ा कलरफूल टाईल्सयुक्त फुटपाथ निर्माण किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लोगों का मार्निंग वॉक हो सकेगा इसमें 2.50 किमी तक कार्य पूर्ण हो चुका है। केनाल रोड को सिंचाई विभाग के माईनर केनाल समानांतर निर्माण किया जा रहा है। सीवर लाईन एवं प्रकाश व्यवस्था हेतु लगाए गए विद्युत पोल के कारण हुए अवरोध को 2.50 किमी पूर्ण करते हुए व्यवस्थित किया जा चुका है, शेष अन्य कार्य जुलाई अंत तक पूर्ण किया जाना संभावित है।
    3 किमी बनने वाले केनाल रोड निर्माण में कुल 523 अतिक्रमण सड़क निर्माण में बाधा बन रहे थे, जिसमें 446 पूर्णत: आवास, 18 आवास सह व्यवसाय एवं 59 व्यवसायिक दुकान थे, जिन्हें आंशिक अथवा पूर्ण रूप से हटाए गए। पूर्ण रूप से प्रभावित 142 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास अंतर्गत मकान आबंटित कर व्यवस्थापित किया गया है।
    केनाल रोड से होगा लाभ
    भिलाई निगम क्षेत्रांगर्त बन रहे केनाल रोड की लंबाई 3 किमी है, यह रोड निगम क्षेत्र के 7 वार्डों से होकर नंदिनी रोड में मिलेगा। इससे वार्डों के करीब डेड लाख लोगों को आवागमन हेतु बेहतर सुविधा मिलेगी। नेशनल हाइवे की भीड से निजात मिलने के साथ साफ सुथरी, सुंदर और चौड़ी सडक निगम क्षेत्र के रहवासियों के लिए वरदान साबित होगी। टाउनशिप से आने वालों को सीधा ओव्हर ब्रिज होते हुए डबरापारा चैक होते हुए भिलाई -3 एवं हथखोज जाने के लिए केनाल रोड बेहतर माध्यम होगा।

    दुर्ग / शौर्यपथ / हिन्द सेना समाज सेवी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंगेश वैद्य साहू के निर्देशानुसार प्रदेश महामंत्री नरेश भोयर एवं दुर्ग जिलाध्यक्ष कमलेश…
    दुर्ग / शौर्यपथ / भारत के विभिन्न शहरों में गुरुदेव श्री रतन मुनि महाराज के प्रति आस्था एवं श्रद्धाभाव रखने वाले श्रद्धालुओं ने आपने अपने…
    दुर्ग / शौर्यपथ / शासकीय डॉ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तार महाविद्यालय दुर्ग में ऑनलाईन शिक्षण पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कोरोना संक्रमण के…

    दुर्ग / शौर्यपथ / प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के 6 लोगों के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई है । जिसमें तीन महिला सहित बीएसएफ के जवान शामिल है।जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ गंभीर सिंह ठाकुर ने बताया कि कल देर रात मिली रिपोर्ट में जिले के 6 लोग पॉजिटिव मिले हैं। जिसमें से तीन महिलाएं एवं तीन पुरुष शामिल है। हुडको भिलाई से 57 वर्षीय मां और 28 वर्षीय बेटी की रिपोर्ट पॉजिटिव प्राप्त हुई है। जबकि तीसरी महिला पाटन विकासखंड के ग्राम आंधी से है। भिलाई 3 के समीप गा्म पंचायत औधी विकास खंड पाटन के वार्ड 16 नहर पारा की 27 वर्षीय युवती गर्भवती कोविड पाजिटिव निकली है ।
    खंड चिकित्सा अधिकारी डा आशीष शर्मा व भिलाई के प्रभारी बीईईटीओ व ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक सैय्यद असलम ने रात्रि मे ही 12 बजे उक्त महिला को एम्स रायपुर अस्पताल में भर्ती कराया। इस महिला के प्राइमरी कांटेक्ट में रही मितानिन एवं परिवार के 8 सदस्यों का सैंपल लिया गया है। सभी को क्वारंटाइन किया गया है। इसी प्रकार से बीएसएस के 3 जवान बी पॉजिटिव पाए गए हैं। यह तीनों जवान अवकाश के बाद क्रमश: पश्चिम बंगाल , हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश से वापस लौटे हैं। अवकाश के पश्चात बीएसएफ के जवान लगातार लौट रहे हैं । सूत्रों के मुताबिक अब तक करीब 500 की संख्या में जवान लौट चुके हैं जिनमें से संदिग्ध 100 जवानों के सैंपल दिए गए हैं । जिसमें से करीब 20 की ही रिपोर्ट आ सकी हैं। जिनमें से कल रात को 3 जवानों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। इसके पूर्व भी एक जवान की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

    रिसाली / शौर्यपथ / निगम क्षेत्रांगर्त वार्ड नेवई भाठा तिरंगा चैक युवक का कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने व युवक द्वारा कृष्णा टाकीज रोड रिसाली के मोनिका ड्रेसेस साडी सेंटर में सेल्स मेन होने की जानकारी के बीच अपर कलेक्टर व आयुक्त रिसाली निगम के आदेश पर तुरंत दुकान को तत्काल बंद कराया गया। दुकान में काम करने वाले सभी स्टॉफ जो सीधे उसके संपर्क में थे उन सभी को होम आइसोलेशन में भेजा गया है।
    उक्त दुकान को फिलहाल बंद किया गया है व दुकान सहित आसपास के वाणिजिक क्षेत्रों को निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर पॉजिटिव युवक का हिस्ट्री पता कर उसके संपर्क में जो भी लोग आए हैं उन सबको टे्रस कर होम आइसोलेशन में भेजा गया हैं। दुकान सहित आसपास के क्षेत्रों का वृहद रूप में सेनेटाइजेशन किया गया हैं व कॉन्टेक्ट में आए सभी लोगों का स्वास्थ्य विभाग द्वारा सैम्पल लिया जा रहा है। आज ही कंटेंटमेंट जोन मौहारी मरोदा में दिल्ली से आए एक गर्भवती महिला व उनके साथ तीन सदस्यों के आने की सूचना के बीच व बस्ती में तनाव निर्मित होने से नागरिकों की सूचना पर निगम की उडनदस्ता टीम ने आगंतुक परिवार से संपर्क कर सभी को 28 दिन की होम आइसोलेशन किया गया तथा सभी को घर पर ही रहने की सख्त हिदायत दी गई है। गर्भवती महिला की तबीयत बिगडने पर उडनदस्ता टीम के सहयोग से जिला अस्पताल दुर्ग में भर्ती कराया गया। रविवार को ही रिसाली क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के फैलाव के बीच अपर कलेक्टर व रिसाली निगम आयुक्त श्री सर्वे के निर्देश पर आज निगम के स्वास्थ्य अमला द्वारा कंटेंटमेंट जोन मौहारी मरोदा, नेवई भाठा व कृष्णा टॉकीज रोड रिसाली के मोनिका ड्रेसेस साड़ी सेंटर व आसपास के क्षेत्रों का व्यापक रूप में सेनेटाइजेशन कराया गया है। निगम की उडनदस्ता टीम कंटेंटमेंट जोन में एक्शन मोड में हैं व हर गतिविधियों की जानकारी अपर कलेक्टर व रिसाली निगम आयुक्त श्री सर्वे को दी जा रही है। निगम आयुक्त श्री सर्वे ने रिसाली क्षेत्र के रहवासियों को सजग और सतर्क रहने को कहा गया है व शासन के नियम निर्देशों का उल्लंघन करते पाए पर हठधर्मियों के विरूद्ध दांडिक कार्यवाही का भी निर्देश स्थानीय पुलिस व निगम उडनदस्ता टीम को दिए है।

    दुर्ग / शौर्यपथ / मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी नाना लाल पटेल निवासी रायपुर ने थाना पाटन मैं रिपोर्ट दर्ज कराया कि अनावेदक रामस्वरूप साहू पिता मनोहर साहू उम्र 62 वर्ष निवासी भंवरलाल जिला राजनांदगांव ने ग्राम आमा पेंड्री स्थित भूमि जिसका पटवारी हल्का नंबर 19 खसरा नंबर 422 रकबा .40 हे.का प्रार्थी से 15लाख 60 हजार रुपए में इकरारनामा कर 24 मार्च 2017 को शासकीय भूमि को अपनी भूमि बता कर विक्रय कर दिया है प्राप्त शिकायत पत्र के सम्बंध मे वरिष्ठ कार्यालय को अवगत कराया।
    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव सर द्वारा प्रकरण की गंभीरता पूर्वकजांच करने एवं शीघ्र कार्यवाही करने का निर्देश प्राप्तहोने पर कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं एसडीओपी पाटन आकाश गिरिपुंजे के कुशल मार्गदर्शन में टीम गठित कर आरोपी रामस्वरूप साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया आरोपी के विरुद्ध शासकीय भूमि को अपनी भूमि बता कर प्रार्थी मनोहर पटेल से 15 लाख 60 हजार रूपया की ठगी करने का अपराध सबूत पाए जाने से थाना पाटन में अपराध क्रमांक 86/ 20 धारा 420 आईपीसी का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेजा जाता हैं। इस कार्रवाई में थाना पाटन से सुरेंद्र तारम एवं आरक्षक होमनसाहू एवं आरक्षक नीलकमल गायकवाड कि सराहनीय भूमिका रही।

     रायपुर 0/ शौर्यपथ / मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा है कि राज्य सरकार लघु वनोपजों और वनौषधियों में वेल्यू एडीशन करने वाले उद्योगों को हर संभव मदद देगी। वेल्यू एडीशन से न केवल वनवासियों को लाभ होगा, अपितु उद्योगपतियों और व्यवसायियों को भी अच्छा फायदा होगा। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यालय में बस्तर, धमतरी, महासमुन्द, कांकेर, बालोद के उद्योगपतियों और व्यापारियों के साथ विचार-विमर्श कर रहे थे। 
        मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अधिकांश उद्योगपति और व्यापारी वर्तमान में लघु वनोपजों की खरीदी करके बड़ी कम्पनियों को सप्लाई करते हैं। यदि वे लघु वनोपजों का वेल्यू एडीशन करें, तो इससे जहां स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं व्यापारियों को भी अच्छा लाभ होगा और राज्य सरकार के राजस्व में बढ़ोत्तरी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वेल्यू एडीशन के लिए आगे आने वाले उद्योगपतियों और व्यापारियों को कोई अड़चन आती है, तो उसे दूर करने के लिए राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ मदद करेगी। 
        मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए उद्योगपति और व्यवसायी लघु वनोपज का संग्रह करने वाली समितियों से गुणवत्ता और मूल्य के बारे में चर्चा करें। वेल्यू एडीशन के प्लांट में इन लोगों को काम दें और फिनिशड प्रोडक्ट तैयार कर बड़ी कम्पनियों को दें या व्यापारिक संस्थाओं के माध्यम से इसकी मार्केटिंग कराएं। उन्होंने कहा कि अपनी फैक्ट्री में स्थानीय संग्राहकों को काम दें, इससे उन्हें रोजगार और आय का एक नया जरिया मिलेगा और व्यापारियों को भी लाभ होगा।    
       मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 44 प्रतिशत भू-भाग में वन है, यहां लघु वनोपज और वनौषधियां नैसर्गिक रूप से प्रचुर मात्रा मंे पायी जाती हैं। राज्य सरकार द्वारा 31 प्रकार की लघु वनोपजों की खरीदी समर्थन मूल्य पर संग्राहकों के माध्यम से की जा रही है। लाॅकडाउन के दौरान देश का लगभग 99 प्रतिशत लघु वनोपज का संग्रहण एवं खरीदी छत्तीसगढ़ में की गई, इससे वनवासियों को संकट के समय में भी बड़ा आर्थिक संबल मिला है। महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिला। तेंदूपत्ता का संग्रहण 4000 रूपए प्रति मानक बोरे की दर पर किया जा रहा है। महुआ का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 30 रूपए किया गया, इससे बाजार में 40 रूपए प्रति किलो पर भी महुआ बिका। लाॅकडाउन में बड़े पैमाने पर मनरेगा के काम प्रारंभ किए गए जिसमें औसतन 26 लाख लोगों को काम मिला। आदिवासियों को मनरेगा और वनोपजों के संग्रहण कार्य के जरिए आय का साधन मिला और वे इन कार्याें में व्यस्त हो गए। राज्य सरकार ने स्थानीय निवासियों के माध्यम से बांस कटाई कराने का फैसला किया और कटाई के रेट भी बढ़ाए, इससे भोपालपट्टनम में 20 साल बाद पहली बार बांस की कटाई हो सकी। बांस से ट्री गार्ड बनवाने का फैसला भी किया गया, स्थानीय लोगों द्वारा 25 हजार बांस से ट्री गार्ड तैयार किए गए, इससे भी उन्हें आमदनी हुई। 
            मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों और वनवासियों को सतत रूप से आय का जरिया मिलते रहे, इसके लिए वन विभाग को जंगलों में इमारती लकड़ी की जगह चार चिरौंजी, इमली जैसे लघु वनोपज के वनों का रोपण करने के निर्देश दिए गए हैं। वन अधिकार पट्टा प्राप्त हितग्राहियों की जमीन में भी ऐसे पौधों का रोपण करने को कहा गया है। इन पौधों के बीच इंटर क्राॅपिंग के जरिए हल्दी, अदरक, तिखुर की खेती की जा सकती है। इससे वनवासियों को वर्ष भर आमदनी मिलती रहेगी। 
        मुख्यमंत्री ने कहा कि आंवला और चिरौंजी के वृक्ष को बिना नुकसान पहुंचाए आंवला और चिरौंजी की तोड़ाई के लिए तकनीक विकसित करनी होगी। जिससे इनके वृक्ष भी बचे रहें। उन्होंने कहा कि हर गांव में 3 से 5 एकड़ की जमीन पर गौठान विकसित किए जा रहे हैं, जहां फलदार वृक्षों के साथ-साथ लघु वनोपज और वन औषधियों के पौधे भी लगाए जा रहे हैं। गौठानों को राज्य सरकार आजीविका केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रही है। व्यवसायी इन केंद्रों से जुड़कर वहां काम कर रहे समूहों की सहायता से प्रोसेसिंग का काम प्रारंभ कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि गौठान आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में बड़े बदलाव का माध्यम बनेगा। खुले में मवेशी नहीं रहने से किसानों को दोहरी फसल लेने में भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि गौठानों में पशु पालन और डेयरी का काम भी किया जा रहा है। गौठानों के प्रबंधन एवं संचालक के लिए व्यवसायी एवं उद्योगपति अपने अनुभव एवं ज्ञान से ग्रामीणों की मदद कर सकते हैं। 
        मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों का पहिया चलेगा तो लोगों को रोजगार मिलेगा इस बात का ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में लाॅकडाउन के दौरान लोगों को रोजगार देने की पहल की गई, अप्रैल से उद्योगों को प्रारंभ करने की अनुमति दी गई। इस दौरान छत्तीसगढ़ से देश में लगभग 90 प्रतिशत इस्पात की आपूर्ति की गई। चर्चा के दौरान उद्योगपतियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने उन पर गंभीरता पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर सर्वश्री मोहन भाई पटेल, मुकेश ढोलकिया, जीतेन्द्र चंद्राकर, सुरेश जैन, रोशन अग्रवाल, प्रमोद चंद्राकर और दीपक उपाध्याय सहित अनेक उद्योगपति  चर्चा में शामिल हुए।

    आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 9 लाख 70 हजार बच्चे कुपोषित थे,
    कुपोषित बच्चों में 13.79 प्रतिशत की आई कमी

       रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ में ‘मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान‘ और विभिन्न योजनाओं के एकीकृत प्लान से बच्चों में कुपोषण दूर करने में बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2019 में किये गये वजन त्यौहार से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 9 लाख 70 हजार बच्चे कुपोषित थे, इनमें से मार्च 2020 तक 67 हजार 889 बच्चे कुपोषण से मुक्त हो गए हैं। इस तरह कुपोषित बच्चों की संख्या में लगभग 13.79 प्रतिशत की कमी आई है। जो कुपोषण के खिलाफ शुरू की गई जंग में एक बड़ी उपलब्धि है। बहुत ही कम समय में ही कुपोषण की दर में उल्लेखनीय कमी का श्रेय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कुशल नेतृत्व सहित उनकी दूरदर्शी सोच को जाता है।
    छत्तीसगढ़ में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री बघेल ने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 के आंकड़ों में महिलाओं और बच्चों में कुपोषण और एनीमिया की दर को देखते हुए प्रदेश को कुपोषण और एनीमिया से मुक्त करने अभियान की शुरूआत की। राष्ट्रीय परिवार सर्वेक्षण-4 के अनुसार प्रदेश के 5 वर्ष से कम उम्र के 37.7 प्रतिशत बच्चे कुपोषण और 15 से 49 वर्ष की 47 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित थे। इन आंकड़ों को देखे तो प्रदेश में 9 लाख 70 हजार बच्चे कुपोषित थे। इनमें से अधिकांश आदिवासी और दूरस्थ वनांचल इलाकों के बच्चे थे। इन आंकड़ों को नयी सरकार एक चुनौती के रूप में लिया और ‘कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ‘़ की संकल्पना के साथ महात्मा गांधी की 150वीं जयंती 2 अक्टूबर 2019 से पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरूआत की है। अभियान की सफलता के लिए इसमें जन-समुदाय को भी शामिल किया गया है।
    प्रदेश के नक्सल प्रभावित बस्तर सहित वनांचल के कुछ ग्राम पंचायतों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सुपोषण अभियान की शुरूआत की गई। दंतेवाड़ा जिले में पंचायतों के माध्यम से गर्म पौष्टिक भोजन और धमतरी जिले में लइका जतन ठउर जैसे नवाचार कार्यक्रमों के जरिए इसे आगे बढ़ाया गया। जिला खनिज न्यास निधि का एक बेहतर उपयोग सुपोषण अभियान के तहत गरम भोजन प्रदान करने की व्यवस्था की गई। इसकी सफलता को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अभियान को 2 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में लागू किया। इस अभियान के तहत चिन्हांकित बच्चों को आंगनवाड़ी केन्द्र में दिए जाने वाले पूरक पोषण आहार के अतिरिक्त स्थानीय स्तर निःशुल्क पौष्टिक आहार और कुपोषित महिलाओं और बच्चों को गर्म पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई है।
    एनीमिया प्रभावितों को आयरन पोलिक एसिड, कृमिनाशक गोली दी जा रही है। प्रदेश को आगामी 3 वर्षों में कुपोषण से मुक्त करने का लक्ष्य के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा समन्वित प्रयास किये जा रहे हैं।
    कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए सभी आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों को बंद किया गया है। ऐसी स्थिति में बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर को बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम प्रदेश के 51 हजार 455 आंगनबाड़ी केन्द्रों के लगभग 28 लाख 78 हजार हितग्राहियों को घर-घर जाकर रेडी-टू-ईट पोषक आहार का वितरण सुनिश्चित कराया है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अंतर्गत हितग्राहियों को गर्म भोजन के स्थान पर सूखा राशन वितरित करने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत मई माह तक तीन लाख 47 हजार हितग्राहियों को सूखा राशन प्रदान किया गया है। विश्व बैंक ने भी आंगनाबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कोरोना वायरस के नियंत्रण के साथ ही टेक होम राशन वितरण कार्य की प्रशंसा की है। छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे सभी महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित भवन में ठहराकर उनके टीकाकरण, आवश्यक दवाई, स्वास्थ्य परीक्षण की पुख्ता व्यवस्था भी की गई है।
    कुपोषण प्रभावित बच्चों और महिलाओं को निःशुल्क काउंसलिंग और परामर्श सेंवाएं देने के साथ नियमित मॉनिटरिंग भी की जा रही है। सुपोषण रथ, शिविरों और परिचर्चा के माध्यम से जनजागरूकता के प्रयास भी हो रहे हैं। इसी की एक कड़ी के रूप में एनीमिया के स्तर और स्वास्थ्य सुधार के लिए बस्तर जिले में शुरू किये गए मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान और स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत किचन गार्डन बागवानी को पोषण के लिए अनूठी राह बताते हुए यूनिसेफ ने सराहना की है।

    राजनांदगांव / शौर्यपथ / छत्तीसगढ सरकार की उत्कृष्ट अग्रेंजी माध्यम शाला योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिले में अब कम से कम एक अग्रेंजी माध्यम स्कूल इस शिक्षा सत्र से आरंभ हो जाएंगा जिसके लिए 40 स्कूलो का नयन किया गया है।
    इस योजना के अंतर्गत अग्रेंजी माध्यम स्कूलों में स्कूल के एक किलोमीटर के परिधी में रहने वाले बच्चों को प्रवेश में प्रथामिकता दिया जाएगा। पहली से लेकर पांचवी तक हिन्दी माध्यम के बच्चे भी प्रवेश ले सकते है जिनका चयन लाॅटरी पद्धती से किया जाएगा और कक्षा छटवी से बारहवी तक के बच्चों का चयन अंको के आधार या परीक्षा परिणाम के आधार में मेरिट सूचि बनाकर प्रवेश दिया जायेगा।
    सरकार इस योजना को 1 जुलाई से वर्चुवल कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई प्रारंभ करने जा रही है जिसमें कक्षा प्रथामिक और मिडिल स्कूल के बच्चों को अपने अभिभावको के साथ मिलकर शैक्षणिक गतिविधियां करना अनिवार्य है जो कम से कम एक -दो घंटे का होगा।
    छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पाॅल का कहना है कि सरकारी योजनों का लाभ सभी को मिलना चाहिए लेकिन सरकार में बैठे कुछ जिम्मेदार लोगों के द्वारा योजनों में पानी फेरने का कोई कसर नही छोड़ते है जिसके कारण सरकारी योजनाए कागजों में ही अच्छा लगता है। स्कूल के एक किलोमीटर की परिधी में रहने वाले बच्चों को प्रवेश में प्रथामिकता देने की योजना न्यायसंगत नही है। सरकारी योजना का लाभ सभी बच्चों को मिलना चाहिए पालक अपने बच्चों के लिए परिवहन की सुविधा उपलब्ध करा सकते है और अंको के आधार पर चयन करना घोर अपत्तिजनक है। सभी बच्चों का चयन लाॅटरी पद्धती से किया जाना चाहिए। जिसको लेकर अब एसोसियेशन ने शिक्षा सचिव आलोक शुक्ला को पत्र लिखा कर चयन लाॅटरी पद्धती के माध्यम से करने और एक किलोमीटर की बाध्यता को समाप्त कर सभी बच्चों को प्रवेश देने की मांग किया गया है क्यांकि कई पालक जो अपने बच्चों को अग्रेंजी माध्यम स्कूलों में पढ़ाना चाहते थे लेकिन निजी स्कूलों में अत्याधिक फीस होने के कारण उनका यह सपना पूरा नही हो पा रहा था लेकिन अब सरकार की इस योजना में भी कई पेंच आ जाने के कारण कई बच्चे सरकार की योजना से वंचित रह जाएंगे।

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