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जगदलपुर, शौर्यपथ। धुरवा समाज के नुआखाई मिलन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आत्मीय और वात्सल्यपूर्ण रूप सभी ने देखा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने धुरवा समाज की नन्हीं बच्ची भूमिका बघेल को स्नेहपूर्वक अपने गोद में बिठाकर दुलार किया और उसे महुआ लड्डू खिलाया।
जगदलपुर विकासखंड के उलनार निवासी भूमिका बघेल अपने दादा सोनसारी बघेल के साथ कार्यक्रम में पहुंची थी। पारंपरिक पोशाक में सजी-धजी भूमिका ने सभी का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक उसका नाम पूछते हुए कहा—"बिटिया, किस कक्षा में पढ़ाई कर रही हो?" मासूम मुस्कान के साथ भूमिका ने उत्तर दिया—"मैं दीप्ति कान्वेंट स्कूल में एलकेजी में पढ़ती हूँ।"
यह स्नेहिल दृश्य समारोह में उपस्थित सभी लोगों के मन को गहराई तक छू गया। एलकेजी में पढ़ रही भूमिका की निश्छल मुस्कान, पारंपरिक परिधान और मासूम नज़रों की चमक में बस्तर की संस्कृति और उसकी खुशियाँ झलक रही थी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि समाज ने पिछले वर्ष ही अपने बच्चों के लिए कक्षा 12वीं तक की शिक्षा अनिवार्य करने का सराहनीय निर्णय लिया। यही शिक्षा और संस्कार हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य संवारेंगे। उन्होंने कहा कि मैं यही कामना करता हूँ कि भूमिका और छत्तीसगढ़ की हर बेटी खूब पढ़े, आगे बढ़े, उड़ान भरे और अपनी संस्कृति से यूँ ही जुड़ी रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिस आत्मीयता और वात्सल्य से नन्हीं भूमिका बघेल से स्नेहपूर्ण वार्तालाप किया, उसने पूरे समारोह का वातावरण स्नेह और आत्मीयता से परिपूर्ण कर दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय का आत्मीय व्यवहार जनजातीय समाज के साथ उनके गहरे जुड़ाव और बच्चों के प्रति स्नेहपूर्ण हृदय का प्रमाण है। उनकी यह सरलता और अपनापन न केवल लोगों को विश्वास से भरता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि सरकार का नेतृत्व समाज के हर वर्ग और हर बच्चे के सुख-दुख में सहभागी है।
बस्तर जिला पत्रकार संघ में आयोजित हुआ श्रद्धांजलि सभा का कार्यक्रम
जगदलपुर, शौर्यपथ । बस्तर के वरिष्ठ पत्रकार स्व. राजेंद्र बाजपेयी के निधन के उपरांत रविवार को नयापारा स्थित बस्तर जिला पत्रकार संघ भवन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्व. बाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके पश्चात उपस्थित पत्रकारों ने उनके साथ बिताए संस्मरणों को साझा किया और पत्रकारिता क्षेत्र में उनके योगदान को अनुकरणीय बताया।
श्रद्धांजलि सभा में अध्यक्ष मनीष गुप्ता, सचिव धर्मेंद्र महापात्र, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिव प्रकाश सीजी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष निरंजन दास, कोषाध्यक्ष सुब्बा राव, संयुक्त सचिव बादशाह खान सहित वरिष्ठ पत्रकार हेमंत कश्यप, गुप्तेश्वर सोनी, अनिल सामंत, संजीव पचौरी, सुनील मिश्रा समेत अनेक पत्रकार शामिल हुए।
इस अवसर पर अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने कहा कि "बस्तर की पत्रकारिता में स्व. राजेंद्र बाजपेयी का योगदान अविस्मरणीय है। संघ इस दुख की घड़ी में बाजपेयी परिवार के साथ खड़ा है।"
कार्यक्रम के अंत में सचिव धर्मेंद्र महापात्र ने जानकारी दी कि स्व. राजेंद्र बाजपेयी की तेरहवीं एवं शांतिभोज का आयोजन आगामी 1 अक्टूबर को पत्रकार संघ भवन परिसर में किया जाएगा।
दीपक वैष्णव की खास रिपोर्ट
कोंडागांव, शौर्यपथ। कोंडागांव जिला मुख्यालय में एक ऐसे अधिकारी भी मौजूद है, जो हर छोटे से छोटे त्यौहार कहे या बड़े त्यौहार हमेशा जिले के हर खाद्य दुकान चाहे वो किराना हो फल या फिर होटल हो वहाँ पहुँच जाते है और खाद्य सामग्रियों का सेंपल तो जरूर लेते है पर सेम्पल ले जाने के पश्चात कभी वापस यह नहीं बताते की आप की सामग्री अच्छी है या बुरी या इन खाने के चीजों में यह कमियां पाई गई है ।
कोंडागांव के फ़ूड सेफ्टी खाद्य सुरक्षा अधिकारी डी के देवांगन अब चर्चा का विषय बन के रह गए है एक वर्ष होने होने को है दीपों का त्यौहार दीपावली पुनः आने वाली है। आपको बता दें कि खाद्य अधिकारी डी के देवांगन के द्वारा रक्षा बंधन पर भी औचक निरक्षण कर सभी दूकानों का सेम्पल लिया गया था मगर किसी भी दुकानदार को अब तक यह नहीं बताया गया कि आप की खाद्य में अनियमितता प्राप्त हुआ है या नहीं।
चर्चा में क्यों है फ़ूडसेफ्टी ऑफिसर
सुत्रो की माने तो हर त्यौहार में इनके द्वारा सेम्पल लिया जाता है एक साल बीतने वाला है फिर 30 दिनों बाद दीपावली का त्यौहार आने को है मगर अब तक महोदय द्वारा सेफ्टी कैप व सेफ्टी दस्ताना पहनवाने में असफलता हासिल किया है एक साल पहले से कई जगहों का निरीक्षण करते हुए सेम्पल लिया गया मगर अब तक किसी के ऊपर कार्यवाही न किया गया न ही किसी को नहीं बताया गया कि कितनी अनियमितता हासिल हुई है जिससे उनके कार्यशैली पर सवाल खड़े होते नजर आ रहे है ।
कुछ समय पहले भी शौर्यपथ की टीम के द्वारा उनसे रिकार्डडेट सवाल कैमरा चालू कर पूछा गया था कि कितने प्रतिष्ठानो को नोटिस जारी किया गया सेफ़्टी के नाम पे और कितने पर कार्यवाही की गई। पर जनाब ने बातों को काटा और दिखाता हु कह कर कैमरा बंद करा दिया गया । मगर अंत तक नोटिस नहीं दिखाया गया ।
क्या है सवाल
फ़ूडसेफ्टी ऑफिसर दीपक कुमार देवांगन के ऊपर अब सवाल खड़े हो रहे है कि एक साल बीत जाने के पश्चात भी अब तक असफलता क्यों हाथ लगी।
क्यों बीच बीच मे दुकानदारों से सेंपल लेने के पश्चात भी परिणाम सामने नही आया, क्यों उन्हें अवगत नही कराया गया। या सिर्फ खाना पूर्ति कर दिखावे की कार्यवाही कर औचक निरीक्षण करते धौस जमाते घूमने का कार्य ही होता रहा है।
जगदलपुर, शौर्यपथ।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज जगदलपुर में मां दंतेश्वरी हवाई अड्डे पर आत्मीय स्वागत किया गया। वे धुरवा समाज और माहरा समाज के भवन का लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय के साथ उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद बस्तर महेश कश्यप भी पहुंचे हैं।
हवाई अड्डे पर वन मंत्री केदार कश्यप, ब्रेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, जगदलपुर के महापौर संजय पांडेय, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप,पूर्व विधायक संतोष बाफना, महेश गागड़ा, डॉ सुभाऊ कश्यप, लच्छू कश्यप, बैदूराम कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदर राज पी., कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन ने स्वागत किया।
By - नरेश देवांगन
जगदलपुर, शौर्यपथ। नवरात्र एवं बस्तर दशहरा पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की दंतेवाड़ा पैदल यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने बस्तर पुलिस व यातायात विभाग ने सराहनीय पहल की है। पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग के पर्यवेक्षण में शनिवार को परिवहन संघ सभागार, झाडेश्वर समिति नगरनार व बस स्टैंड जगदलपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर ट्रक मालिक, 300 ट्रक चालक व लगभग 100 ऑटो चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। यातायात डीएसपी संतोष जैन, प्रभारी मधुसूदन नाग व टीम ने चालकों से अपील की कि वे नियंत्रित गति में वाहन चलाएं, ओवरस्पीड व ओवरटेक से बचें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा थकान होने पर विश्राम करें। साथ ही रात्रि में श्रद्धालु मार्ग पर परिवहन रोकने और वाहन की सभी लाइट चालू हालत में रखने जैसे महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने श्रद्धालुओं से भी आग्रह किया कि वे यात्रा के दौरान सड़क के बाएं किनारे चलें, सड़क पर बैठकर विश्राम करने से बचें तथा सुरक्षित कैंपों का उपयोग करें। जरूरत पड़ने पर पुलिस पेट्रोलिंग वाहन या आपातकालीन नंबर से तुरंत सहायता लें।
श्रद्धालुओं व वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर यातायात विभाग का यह सतत प्रयास जनहित में सराहनीय माना जा रहा है। “सुरक्षित सफर ही सुरक्षित जीवन” का संदेश पूरे जिले में जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है।
दीपक वैष्णव की खास रिपोर्ट | शौर्य पथ | कोंडागांव
कोंडागांव बस स्टैंड स्थित नेशनल हाइवे पर गुरुवार 17 सितम्बर की दोपहर एक गंभीर घटना ने यातायात व्यवस्था की पोल खोल दी। एक बिना नंबर प्लेट की बुलेरो ने लापरवाही से चलते हुए एक दोपहिया वाहन चालक को ठोकर मार दी। हादसे के बाद यह सामने आया कि बुलेरो चालक के पास न तो कोई दस्तावेज था और न ही वाहन पर आगे-पीछे नंबर प्लेट।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे कोतवाली में पदस्थ एएसआई भूपेंद्र बघेल ने न तो मामले की गंभीरता को समझा और न ही मोटर वाहन अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई की। उल्टा बुलेरो चालक को मौके से ही छोड़ दिया गया। गवाहों के मुताबिक, गलती बुलेरो चालक की थी, लेकिन पुलिस ने न तो वाहन ज़ब्त किया, न ही चालक पर चालान किया। इस लापरवाही के चलते आरोपी चालक मौके से फरार हो गया।
पीड़ित परिवार की मजबूरी
हादसे में घायल टू-व्हीलर चालक के परिजन अस्पताल में भर्ती थे। इस कारण पीड़ित ने विवाद में समय गंवाने के बजाय सीधे अस्पताल जाना उचित समझा। बुलेरो चालक से नुकसान की भरपाई मांगने पर जब उसने पैसे देने से इनकार किया, तो पीड़ित निराश होकर अपने परिवार के पास चला गया।
उठते सवाल
कोंडागांव जिला यातायात व्यवस्था में सुधार की बातें तो खूब होती हैं, लेकिन बिना नंबर–नेमप्लेट वाले वाहन खुलेआम सड़कों पर दौड़ रहे हैं। पुलिस विभाग की जिम्मेदारी यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की है, मगर जब मौके पर मौजूद एएसआई ही नियमों को अनदेखा कर दें, तो सवाल उठना लाज़मी है—
क्या एएसआई को मोटर वाहन अधिनियम की जानकारी नहीं?
या फिर जानबूझकर बिना कार्रवाई किए वाहन को छोड़ दिया गया?
कानून क्या कहता है?
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 39 और 192 के अनुसार:बिना नंबर प्लेट वाहन चलाना गैरकानूनी है।पहली बार पकड़े जाने पर ₹5,000 तक का जुर्माना।बार-बार अपराध करने पर ₹10,000 तक का जुर्माना व जेल की सजा।पुलिस को ऐसे वाहन को ज़ब्त करने का अधिकार।
क्यों है नंबर प्लेट ज़रूरी?
नंबर प्लेट वाहन की पहचान होती है। हादसा, अपराध या आपात स्थिति में यह सबसे अहम कड़ी होती है। बिना नंबर की गाड़ियां अक्सर अवैध कारोबार, तस्करी या आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल होती रही हैं।
निष्कर्ष :कोंडागांव का यह मामला केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि पुलिस विभाग की लापरवाही का आईना है। बिना नंबर प्लेट की बुलेरो को छोड़ना न सिर्फ मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी भी है। सवाल उठता है कि क्या पुलिस ऐसे मामलों में भी सिर्फ अनदेखी कर देगी, या फिर जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देगी?
By- नरेश देवांगन
जगदलपुर, शौर्यपथ।विश्कर्मा जयंती के पावन अवसर पर बुधवार को यातायात विभाग जगदलपुर ने अपने वाहनों की विशेष पूजा-अर्चना दंतेश्वरी मंदिर में कराई। पूजा-अर्चना के दौरान दंतेश्वरी माता से सुरक्षित यातायात व्यवस्था, दुर्घटनामुक्त सेवाओं और जनहित में निरंतर कार्य करने की प्रार्थना की गई। विभाग के कर्मचारियों ने इसे परंपरा और श्रद्धा से जुड़ा अवसर मानते हुए अपने वाहनों की साफ-सफाई कर उन्हें पूजा में सम्मिलित किया।
इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों ने संदेश दिया कि वाहन केवल सरकारी संसाधन नहीं, बल्कि जनता की सेवा का साधन हैं। उनकी सुरक्षा, देखभाल और सदुपयोग ही विभाग की प्राथमिकता है।
कोंडागांव / शौर्यपथ / कोंडागांव के नेशनल हाइवे 30 पर स्थित शायद आप इस हरे भरे पठार नुमा जगह को देख के सोच रहे होंगे की ये एक मैदान है और इस जगह पर शायद फुटबॉल या क्रिकेट या कोई भी खेला जाता होगा । मगर शायद आपकी सोच गलत है यह एक तालाब है जिसे वर्षों पहले लोग इस बंधा तालाब से अपने उपयोग नहाने व रोजमर्रा की जिंदगी के लिए उपयोग किया करते थे।
इसके बाद इस बंधा तालाब के बाजू में सौंदर्यीकरण के साथ पार्क बना दिया गया कुछ समय यहां बोटिंग भी की गई मगर अब ये हाल है कि आज ये पूरा तालाब जलकुम्भी से भर चुका है साथ ही कोंडागांव नगर पालिका ने इस पर लाखों ख़र्च भी समय-समय पर किया। मगर अब शायद नगर पालिका भी इस जलकुम्भी को निकालने में नाकाम रह गई और आज यह पूरी तरफ से एक हरे भरे मैदान में तब्दील हो चुका है हालाँकि सिर्फ उपर से ही हरा भरा है और सतह पर जल है।
क्यों कहलाने लगा मैदान
आपको बतादे की लोग इस जगह को देख के मैदान कहने लगे है क्योंकि की यह चारों तरफ से पूरी तरफ हरा भरा और घना हो गया है देखने मे यह स्टेडियम से कम नहीं लग रहा है ।
साथ ही आपको बता दे कि यह तालाब कोंडागांव से गुजरने वाली नेशनल हाईवे 30 से लगी हुई है यह मार्ग सीधा राजधानी को जोड़ने वाला मार्ग है साथ ही यह तालाब अब सोसल मीडिया में छाया हुआ है कोई इस मैदान रूपी तालाब को देख के 20 - 20 क्रिकेट खेलने या राज्य स्तरीय फुटबॉल खेलने की बात करते है।
कांग्रेस नेतृत्व का काम, केवल भ्रम फैलाना और नकारात्मक राजनीति करना – संजय पाण्डे
जगदलपुर । शौर्यपथ / बस्तर के सर्वमान्य आदिवासी नेता एवं मंत्री श्री केदार कश्यप पर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे निराधार एवं भ्रामक आरोपों को लेकर जगदलपुर महापौर श्री संजय पाण्डे ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए षड्यंत्र और झूठे प्रचार का सहारा लिया है।
महापौर संजय पाण्डे ने कहा कि –
“कांग्रेस भली-भांति जानती है कि बस्तर में उसकी राजनीतिक ज़मीन खो चुकी है और यहां यदि किसी का सशक्त जनाधार है, तो वह भाजपा के आदिवासी नेता श्री केदार कश्यप का है। कांग्रेस का यह दुर्भावनापूर्ण कृत्य केवल एक सौम्य, सरल और सहज व्यक्तित्व के धनी आदिवासी नेता को बदनाम करने का प्रयास है। श्री केदार कश्यप का व्यवहार हमेशा विनम्र और सरल रहा है, वे जनसामान्य से सहजता से मिलते हैं और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं। यही कारण है कि बस्तर की जनता उन्हें अपना सच्चा नेता मानती है।”
महापौर ने भानपुरी की घटना पर भी कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा –
“कांग्रेस ने जिस तरह से भानपुरी स्थित मंत्री केदार कश्यप के निवास कार्यालय का घेराव कर वहाँ तोड़फोड़ की, पत्थरबाज़ी की और यहां तक कि ड्यूटी में तैनात महिला पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की, वह कांग्रेस की गुंडागर्दी और अराजक मानसिकता का प्रमाण है। सत्ता से बाहर होने की बौखलाहट में कांग्रेस अब हिंसक और असंवैधानिक रास्ता अख्तियार कर चुकी है। जनता इस कृत्य को कभी माफ नहीं करेगी और कांग्रेस की असली तस्वीर अब पूरी तरह सामने आ चुकी है।”
उन्होंने कहा कि झूठे आरोप लगाना, मनगढ़ंत कहानियां बनाकर सोशल मीडिया में फैलाना कांग्रेस की पुरानी फितरत है, लेकिन केवल आरोप लगाने से आरोप साबित नहीं होते। कांग्रेस का यह आचरण लोकतंत्र और जनभावनाओं के साथ छल करने जैसा है।
महापौर ने आगे कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ सहित बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए दृढ़संकल्पित है। मंत्री केदार कश्यप निरंतर आदिवासी समाज के उत्थान और बस्तर के विकास के लिए कार्यरत हैं। उनका सौम्य और सरल व्यक्तित्व ही उन्हें जनता के और निकट ले आता है। यही कारण है कि कांग्रेस बस्तर की जनता से जुड़े मुद्दों पर पूरी तरह खाली हो चुकी है और केवल भ्रम फैलाने का असफल प्रयास कर रही है।
महापौर पाण्डे ने कांग्रेस के हालिया धरना-प्रदर्शन और घेराव की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि –
“कांग्रेस का कोई भी हठकंडा मंत्री केदार कश्यप जैसे सौम्य और सहज व्यक्तित्व की छवि को प्रभावित नहीं कर सकता। कांग्रेस के टूलकिट की सच्चाई जनता के सामने उजागर हो चुकी है। दरअसल, कांग्रेस के नेता दीपक बैज की लोकप्रियता में गिरावट और अपनी शाख बचाने की मजबूरी में कांग्रेस ऐसे हथकंडे अपना रही है, लेकिन इसमें उसे मुंह की खानी पड़ेगी।”
अंत में महापौर ने कहा कि –
“बस्तर की जनता कांग्रेस की इस नकारात्मक राजनीति को न केवल नकारेगी, बल्कि भाजपा के प्रति अपने विश्वास को और मज़बूती से दोहराएगी। भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी कांग्रेस का अब बस्तर में कोई भविष्य शेष नहीं है।”
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
