February 05, 2026
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बस्तर

बस्तर (1095)

By- नरेश देवांगन 

जगदलपुर, शौर्यपथ। मीना बाजार की तैयारियों में सुरक्षा की भयावह लापरवाही उजागर हुई है। राजमहल परिसर में जगह-जगह फैले बिजली के केबल कटे हुए हैं और उन पर कोई इन्सुलेशन या सुरक्षा कवच नहीं लगाया गया है। यह स्थिति न केवल लाखों आगंतुकों के लिए गंभीर जानलेवा खतरा पैदा कर रही है, बल्कि यह आयोजकों और जिम्मेदार अधिकारियों की गंभीर उपेक्षा को भी दर्शाती है।

वर्तमान में, बीते दो-चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे खुली और अधूरी केबलों पर नमी जम चुकी है। इस तकनीकी जोखिम के कारण केबलों में करंट लीक और शॉर्ट सर्किट की संभावना अत्यधिक बढ़ गई है। ऐसे हालात में किसी भी समय गंभीर इलेक्ट्रिक हादसा घट सकता है।

मीना बाजार का उद्घाटन बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष व जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव सहित अन्य अतिथियों ने किया। उद्घाटन के बाद लोगों का आना-जाना शुरू हो चुका है, और प्रशासन की यह मौन प्रतिक्रिया और लापरवाही आगंतुकों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

इस मामले पे जानकारों का कहना है कि इस तरह की अधूरी और नमी से प्रभावित केबलों में फैला करंट आगंतुकों और दुकानदारों के लिए इलेक्ट्रिक शॉक या बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। प्रशासन को तत्काल सुरक्षा उपाय लागू कर, केबलों को इन्सुलेट करने तथा जिम्मेदार अधिकारियों और आयोजकों को जवाबदेह ठहराने की आवश्यकता है।

By- नरेश देवांगन 

जगदलपुर, शौर्यपथ I बस्तर दशहरे का प्रमुख आकर्षण फूल रथ की दूसरी परिक्रमा गुरुवार को की गई। फूल रथ में सवार होने के बाद मां दंतेश्वरी के छत्र और डोली को बस्तर पुलिस के जवानों ने हर्ष फायर कर सलामी दी। बस्तर दशहरा, जो 75 दिनों तक चलने वाला दुनिया का सबसे लंबा दशहरा उत्सव है, अपनी अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है। इन परंपराओं में "फूल रथ परिक्रमा" का विशेष महत्व है।

बस्तर दशहरा के दौरान "जोगी बिठाई" के विधान के बाद अगले पांच दिनों तक फूल रथ परिक्रमा निकाली जाती है। यह एक महत्वपूर्ण रस्म है जिसमें मां दंतेश्वरी की छत्र को रथ पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया जाता है। इस वर्ष नवरात्रि पर्व के दौरान तृतीया तिथि दो दिनों तक रहने के कारण 24 से 29 सितम्बर तक अर्थात 6 दिनों तक फूल रथ की परिक्रमा होगी। फूल रथ एक विशालकाय, दो-मंजिला लकड़ी का रथ होता है, जिसे विशेष रूप से इस उत्सव के लिए बनाया जाता है। इसे फूलों और अन्य पारंपरिक साज-सज्जा से सजाया जाता है, इसीलिए इसे "फूल रथ" कहा जाता है। इस रथ को खींचने का कार्य जगदलपुर के आसपास के आए सैकड़ों ग्रामीण स्वेच्छा से करते हैं। वे सदियों से चली आ रही इस परंपरा का निर्वाह करते आ रहे हैं।

ऐसा माना जाता है कि मां दंतेश्वरी फूल रथ पर सवार होकर अपने भक्तों का सुख-दुख जानने के लिए नगर भ्रमण करती हैं। इस रथ का दर्शन करने वालों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। रथ परिक्रमा से पहले और दौरान बस्तर पुलिस के जवानों द्वारा हर्ष फायर कर मां दंतेश्वरी के छत्र को सलामी दी जाती है, जो इस परंपरा के सम्मान और महत्व को दर्शाता है।

जगदलपुर, शौर्यपथ I नगर पालिक निगम जगदलपुर द्वारा रजत जयंती वर्ष एवं स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत शहरवासियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आज विशेष अभियान एक दिन, एक घंटा, एक साथ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ दंतेश्वरी मंदिर नगरगुड़ी परिसर से किया गया, जहां मंदिर परिसर एवं उसके आस-पास के क्षेत्रों में व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। लोगों ने झाड़ू लगाकर गंदगी हटाई, कचरा एकत्र किया और स्वच्छता के महत्व पर नागरिकों को जागरूक किया।

इस अवसर पर महापौर संजय पांडे ने कहा स्वच्छता न केवल हमारे स्वास्थ्य से जुड़ी है, बल्कि यह हमारे शहर की पहचान और संस्कृति का भी प्रतीक है। एक दिन, एक घंटा, एक साथ जैसे अभियान लोगों में जिम्मेदारी और सामूहिकता की भावना जगाने का माध्यम हैं। मैं जगदलपुर के सभी नागरिकों से अपील करता हूँ कि वे नियमित रूप से अपने आस-पास की सफाई रखें और इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दें। मिलकर ही हम स्वच्छ और सुरक्षित जगदलपुर का सपना साकार कर सकते हैं।

नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा ने कहा स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत रजत जयंती वर्ष में इस तरह के विशेष कार्यक्रम नागरिक सहभागिता को बढ़ाते हैं। जब लोग स्वयं आगे आकर सफाई करते हैं, तो स्वच्छता आदत में शामिल हो जाती है। नगर निगम का लक्ष्य है कि हर वार्ड, हर मोहल्ला स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक बने, जिसके लिए हम लगातार जनसहभागिता को प्राथमिकता दे रहे हैं।

अभियान के दौरान नागरिकों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, खुले में कचरा न फेंकने और साफ-सुथरा वातावरण बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प भी लिया। मालूम हो कि नगर निगम जगदलपुर द्वारा आयोजित यह अभियान स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ शहर निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

स्वच्छता कार्यक्रम के बाद वाकथान का आयोजन, ली स्वच्छता की शपथ 

रजत जयंती वर्ष एवं स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम के पश्चात आज नगर निगम द्वारा स्वच्छता वाकथान का आयोजन किया गया। यह वाकथान माँ दंतेश्वरी मंदिर से प्रारंभ होकर गोल बाजार चौक, मिताली चौक होते हुए नगरगुड़ी के सामने संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्वयंसेवी संगठन, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर, भाजपा कार्यकर्ता एवं नागरिकों ने भाग लिया। वाकथान के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने और स्वच्छ शहर बनाने का संदेश दिया गया। वाकथान के समापन के बाद उपस्थित सभी लोगों ने स्वच्छता की शपथ ली और प्रतिज्ञा ली कि वे अपने आसपास सफाई बनाए रखेंगे तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। कार्यक्रम में महापौर संजय पांडे, एमआईसी सदस्य लक्ष्मण झा, सुरेश गुप्ता, कलावती कसेर, त्रिवेणी रंधारी, संग्राम सिंह राणा, नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा, पार्षद उमा मिश्रा, संतोष गौर, कुबेर देवांगन, स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर रामनरेश पांडे, रतन व्यास, कोटेश्वर नायडू, धीरज कश्यप, धर्मेंद्र महापात्र, बादशाह खान, एच वाय कुकड़े, सुलता महाराणा, संतोष नाग, गोपाल भारद्वाज, विनय श्रीवास्तव, हेमंत श्रीवास, अमर सिंह, दामोदर कुमार, शक्ति वेल, रुपेश बीजोरा, राजपाल कसेर, प्रकाश झा, अविनाश श्रीवास्तव, शशिनाथ पाठक, दशरथ गुप्ता, पप्पू वर्मा, अभिषेक तिवारी, रितेश सिन्हा, योगेश मिश्रा, प्रभात चौहान, सुप्रीयो मुखर्जी, आनंद झा आदि उपस्थित रहे।

जगदलपुर, शौर्यपथ। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर सेवा पखवाड़े कार्यक्रम के अंतर्गत लोहंडीगुड़ा ब्लॉक के ग्राम मांदर में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुई। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से संवाद किया और उन्हें हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया। सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को दर्शाते हुए इस अवसर पर एक पेड़ भी “माँ” के नाम रोपा गया।

कार्यक्रम में बस्तर सांसद महेश कश्यप ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘एकात्म मानववाद’ के आदर्शों पर अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विचार हमें समाज की असली शक्ति के महत्व को समझाते हैं और एक सशक्त, समृद्ध बस्तर के निर्माण की प्रेरणा देते हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण देव ने कहा कि केंद्र की मोदी और प्रदेश की साय सरकार हमेशा पीड़ितों और जरूरतमंदों के साथ खड़ी है और बस्तर के विकास के लिए सभी योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है ताकि बस्तर का विकास चौगुनी गति से होl चित्रकोट विधायक विनायक गोयल ने इस अवसर पर पीड़ित परिवारों के साथ मिलकर राहत वितरण में भागीदारी निभाई और कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर पूर्व सांसद दिनेश कश्यप,भाजपा जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश पांडे, पूर्व विधायक लच्छुराम कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

By- नरेश देवांगन

जगदलपुर, शौर्यपथ। गुरुवार को यातायात विभाग की हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने दंतेश्वरी माता दर्शन हेतु जगदलपुर से दंतेवाड़ा जा रहे पद यात्री श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सेवा का सराहनीय काम किया। टीम ने केवल सड़क सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की, बल्कि लगातार पैदल यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं के पैरों में पड़े छालों का भी ध्यान रखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के रूप में मरहम-पट्टी बाँधकर राहत प्रदान की। श्रद्धालुओं ने इस मानवीय पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा, “पैदल चलते-चलते जब पैरों में छाले पड़ गए थे, तब हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने हमारी मदद कर हमें राहत दी। यह हमारी यात्रा को और भी सुरक्षित और सुखद बना गया।” इस संवेदनशील सेवा ने श्रद्धालुओं में सुरक्षा का भरोसा जगाया और प्रशासन की संवेदनशील छवि को और मजबूत किया।

By - नरेश देवांगन 

जगदलपुर, शौर्यपथ। पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग के मार्गदर्शन में बस्तर पुलिस ने यातायात सुरक्षा को लेकर एक सराहनीय कदम उठाया है।

नवरात्र पर्व के दौरान दंतेश्वरी माता जी के दर्शन हेतु दंतेवाड़ा जा रहे पदयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके बैग पर सड़क सुरक्षा के मद्देनज़र रेडियम रिफ्लेक्टर स्टीकर लगाए जा रहे हैं। यह पहल 22 सितंबर 2025 से निरंतर जारी है।

प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु जगदलपुर मार्ग से होते हुए दंतेवाड़ा पहुँच रहे हैं और अनुमान है कि पूरे नौ दिनों में लगभग एक लाख से अधिक श्रद्धालु इस मार्ग से गुजरेंगे। ऐसे में पुलिस द्वारा की गई यह पहल दुर्घटनाओं से बचाव में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

बस्तर पुलिस की इस पहल की हर ओर प्रशंसा हो रही है। श्रद्धालुओं ने भी पुलिस विभाग का आभार जताया है और कहा कि इस व्यवस्था से उन्हें रात के समय यात्रा करने में विशेष रूप से सुरक्षा का एहसास हो रहा है।

By- नरेश देवांगन 

​जगदलपुर, शौर्यपथ। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की शुरुआत के साथ, एक सदियों पुरानी और अनूठी परंपरा 'जोगी बिठाई' भी सम्पन्न हो गई है। यहां बड़े आमाबाल के रघुनाथ नाग जोगी बनकर नौ दिन की कठोर तपस्या पर बैठे। मंगलवार को सिरहासार में आयोजित जोगी बिठाई रस्म के अवसर पर जगदलपुर के विधायक किरण देव, बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष बलराम मांझी, नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन सहित मांझी, चालकी, नाइक, पाइक, मेंबर, मेंबरिन तथा जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। 

यह रस्म बस्तर दशहरा को बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से निभाई जाती है। इस वर्ष भी, हल्बा समुदाय का एक युवक नौ दिनों के उपवास और योग की मुद्रा में जगदलपुर के सिरहासार भवन में बैठ गया है।

 

क्या है 'जोगी बिठाई' की रस्म?

​यह रस्म हल्बा जाति के एक पुरुष द्वारा लगभग 600 सालों से निभाई जा रही है। जोगी पितृमोक्ष अमावस्या के दिन सिरहासार भवन पहुंचता है और दशहरा की शुरुआत से लेकर नौ दिनों तक उपवास पर रहता है। इस दौरान वह केवल फल और दूध का सेवन करता है। इस तपस्या का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बस्तर दशहरा का भव्य आयोजन बिना किसी विघ्न के सफलतापूर्वक पूरा हो।

 

कैसे निभाई जाती है यह रस्म?

​जोगी के रूप में बैठने वाले व्यक्ति को कई विशेष प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। सबसे पहले, वह अपने पितरों का श्राद्ध करता है। इसके बाद, उसे नए वस्त्र पहनाए जाते हैं और मावली माता मंदिर ले जाया जाता है, जहां तलवार की पूजा होती है। पूजा के बाद, जोगी तलवार लेकर सिरहासार भवन लौटता है और एक कुंड में योगासन की मुद्रा में बैठ जाता है। इस दौरान उसे बुरी नजर से बचाने के लिए चारों ओर कपड़े का पर्दा लगाया जाता है। नौ दिनों तक जोगी इसी अवस्था में रहकर बस्तर की शांति के लिए तपस्या करता है।

 

​पौराणिक कथा: महाराजा का सम्मान

​इस रस्म से जुड़ी एक पौराणिक कथा है। कहा जाता है कि बहुत साल पहले, दशहरा के दौरान एक हल्बा युवक ने निर्जल उपवास रखकर तपस्या शुरू कर दी थी। जब तत्कालीन महाराजा को इस बात का पता चला, तो वह स्वयं युवक से मिलने गए। युवक ने महाराजा को बताया कि उसने यह तपस्या दशहरा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए की है। इससे प्रसन्न होकर, महाराजा ने उसके लिए सिरहासार भवन का निर्माण करवाया और इस परंपरा को हमेशा के लिए जारी रखने का आदेश दिया।

 

​आज भी यह रस्म उसी सम्मान और श्रद्धा के साथ निभाई जाती है, जो बस्तर दशहरा को न केवल एक पर्व, बल्कि एक गहरी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत बनाती है।

बस्तर ओलंपिक के लिए पंजीयन आज से शुरू
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दंतेवाड़ा से की पंजीयन की शुरूआत
दंतेवाड़ा में विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ देने की घोषणा की

रायपुर / शौर्यपथ / बस्तर संभाग में आगामी अक्टूबर-नवम्बर में होने वाले बस्तर ओलंपिक के लिए आज से पंजीयन प्रारंभ हो गया। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज दंतेवाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में इसकी औपचारिक शुरूआत की। बस्तर ओलंपिक के दौरान आयोजित होने वाले खेलों में भाग लेने के लिए खिलाड़ी 20 अक्टूबर तक अपना पंजीयन करा सकते हैं। बस्तर ओलंपिक का विकासखंड स्तर पर आयोजन 25 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक, जिला स्तरीय आयोजन 5 नवम्बर से 15 नवम्बर तक तथा संभाग स्तरीय आयोजन 24 नवम्बर से 30 नवम्बर तक किया जाएगा। वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा दंतेवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप और विधायक श्री चैतराम अटामी भी पंजीयन के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए।
   उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बस्तर ओलंपिक के लिए पंजीयन की शुरूआत करते हुए कहा कि पिछले वर्ष आयोजित बस्तर ओलंपिक से बस्तर की दशा और दिशा बदली है। आने वाले समय में बस्तर विश्व के मानचित्र पर अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा। यहां की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी चमक बिखेरेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले बस्तर ओलंपिक में एक लाख 62 हजार खिलाड़ियों ने अपना पंजीयन कराया था। इस वर्ष दो लाख खिलाड़ियों के पंजीयन का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी बस्तर ओलंपिक की प्रशंसा की थी। इस आयोजन को पूरे देश में लोकप्रिय बनाना है। बस्तर के हर गांव के हर बच्चे और युवा की भागीदारी इसमें सुनिश्चित करना है। श्री साव ने कार्यक्रम में दंतेवाड़ा जिले में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए पांच करोड़ रुपए देने की घोषणा की।
  वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा दंतेवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर आज बस्तर ओलंपिक के लिए पंजीयन का शुभारंभ किया जा रहा है। बस्तर अनेक मामलों में समृद्ध है, चाहे वह खेल हो, संस्कृति हो या अन्य कोई क्षेत्र... बस्तर ने हमेशा अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। बस्तर अपनी अनूठी परंपराओं और रीति-रिवाजों के कारण विशेष महत्व रखता है, जिन्हें हमारे पूर्वज आदिकाल से निभाते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। बस्तर ओलंपिक से इन प्रतिभाओं को पहचान और प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में बस्तर ओलंपिक में भाग लेने की अपील की।
  विधायक चैतराम अटामी और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार ने भी पंजीयन के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित किया। राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी, दंतेवाड़ा जिला पंचायत के अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, उपाध्यक्ष अरविन्द कुंजाम, दंतेवाड़ा नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, डीआईजी कमलोचन कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, जिला पंचायत के सीईओ जयंत नाहटा और डीएफओ सागर जाधव सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

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