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तेज बारिश ने नालों-नालियों से बहाया प्लास्टिक कचरा, अब प्रशासनिक शक्तियों का इस्तेमाल कर निर्णायक पहल कर सकती हैं आयुक्त
दुर्ग// पिछले शाम हुई तेज बारिश ने जहां दुर्ग शहर की जलनिकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने ला दी, वहीं इस बारिश ने नगर निगम प्रशासन को एक ऐसा अवसर भी दिया है, जिसे यदि समय रहते इस्तेमाल किया जाए तो शहर की तस्वीर बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।
तेज बारिश के कारण गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य मार्गों तक जलभराव की स्थिति बनी और कई स्थानों पर सड़क, नाली और नाले एक समान दिखाई देने लगे। तेज बहाव के साथ नालों-नालियों में जमा प्लास्टिक कचरा भी काफी हद तक बहकर निकल गया। ऐसे में नवनियुक्त नगर निगम आयुक्त IAS लीना कोसाम के सामने अब दुर्ग को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक अभियान शुरू करने का एक बेहतरीन अवसर है।
बारिश से साफ हुए नाले, अब दोबारा प्लास्टिक से भरने से रोकना चुनौती
बारिश के तेज बहाव ने नालों और नालियों में लंबे समय से जमा कचरे को बहा दिया। लेकिन यदि शहर में प्लास्टिक के अनियंत्रित उपयोग और विक्रय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाली बारिश में यही स्थिति दोबारा उत्पन्न होना तय है।
शहर के छोटे-बड़े बाजारों और गली-कूचों में प्लास्टिक गिलास, कप, पन्नियां तथा अन्य ऐसी प्लास्टिक सामग्री का उपयोग और विक्रय दिखाई देता है, जिनमें से कई सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं होने की स्थिति में पर्यावरण और जलनिकासी व्यवस्था के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं।
यही प्लास्टिक जब कचरे के साथ नालियों तक पहुंचता है तो जलनिकासी अवरुद्ध होने का एक बड़ा कारण बनता है।
नए आयुक्त के लिए पहला बड़ा संदेश बन सकता है अभियान
नगर निगम की प्रशासनिक कमान संभालने वाली नवनियुक्त आयुक्त लीना कोसाम के लिए यह अभियान उनके कार्यकाल की एक प्रभावी और जनहितकारी शुरुआत बन सकता है।
यदि आयुक्त अपने प्रशासनिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए नगर निगम के संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दें, बाजार क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कराएं, नियमों के विपरीत प्लास्टिक सामग्री के विक्रय पर कार्रवाई सुनिश्चित करें और कार्रवाई को केवल छोटे दुकानदारों तक सीमित रखने के बजाय थोक विक्रेताओं तथा आपूर्ति स्रोतों तक ले जाएं, तो इसका सीधा असर शहर की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था पर दिखाई दे सकता है।
सिर्फ सफाई नहीं, प्लास्टिक के स्रोत पर कार्रवाई जरूरी
शहर को साफ रखने के लिए हर बारिश के बाद नालियों की सफाई करना स्थायी समाधान नहीं है। असली जरूरत यह सुनिश्चित करने की है कि प्लास्टिक कचरा नालियों और नालों तक पहुंचे ही नहीं।
इसके लिए नगर निगम को प्लास्टिक के खिलाफ लगातार अभियान चलाना होगा। दुकानों और बाजारों में जांच, नियमों के अनुरूप सामग्री के उपयोग को प्रोत्साहन, प्रतिबंधित अथवा मानकों के विपरीत सामग्री पर नियमानुसार कार्रवाई और नागरिकों में जागरूकता—इन सभी कदमों को एक साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है।
निष्क्रियता के दौर से निकलकर निर्णायक कार्रवाई का समय
सफाई और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नगर निगम प्रशासन को समय-समय पर सवालों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। ऐसे माहौल में नए आयुक्त के पास केवल व्यवस्था संभालने का नहीं, बल्कि व्यवस्था में बदलाव का संदेश देने का भी अवसर है।
तेज बारिश ने जहां शहर के लिए असुविधा और जलभराव जैसी समस्या पैदा की, वहीं उसी बहाव ने नालियों से पुराने प्लास्टिक कचरे को बाहर निकाल दिया। अब यदि इसी स्थिति को आधार बनाकर नगर निगम प्लास्टिक के खिलाफ प्रभावी और निरंतर कार्रवाई शुरू करता है तो यह “आपदा में अवसर” का वास्तविक उदाहरण बन सकता है।
लीना कोसाम के लिए मौका—शहर की दशा और दिशा बदलने का
नवनियुक्त आयुक्त IAS लीना कोसाम के लिए यह सिर्फ एक सफाई अभियान नहीं, बल्कि शहर की कार्यप्रणाली में अपनी प्रशासनिक प्राथमिकता स्पष्ट करने का अवसर हो सकता है।
यदि उनके कार्यकाल की शुरुआत ही “प्लास्टिक मुक्त दुर्ग” जैसे ठोस जनहित अभियान से होती है और इसके परिणाम जमीन पर दिखाई देते हैं, तो यह पहल लंबे समय तक शहर के लिए यादगार बन सकती है।
बारिश ने नालियों से प्लास्टिक बहा दिया है, अब सवाल यह है कि क्या नगर निगम प्रशासन उसे दोबारा नालियों तक पहुंचने देगा?
जवाब और कार्रवाई—दोनों की उम्मीद अब नवनियुक्त आयुक्त लीना कोसाम से है।
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Feb 09, 2021 Rate: 4.00
