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रायपुर , / सुशासन शिविरों के माध्यम से शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ अंतिम छोर के पात्र व्यक्तियों तक लगातार पहुंचाया जा रहा है। ये शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहे हैं। इसी कड़ी में, जनपद पंचायत धमधा के ग्राम मलपुरी कला निवासी श्री भरत निषाद के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। श्री निषाद लंबे समय से मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़े हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। वे अपने इस पैतृक व्यवसाय के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए विगत कुछ समय से वित्तीय सहायता की आवश्यकता महसूस कर रहे थे। जब वे विगत दिन मलपुरी कला गांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में पहुंचे तब विभाग द्वारा उनकी मांग एवं पात्रता का परीक्षण कर त्वरित कार्यवाही की गई। इसके फलस्वरूप, मत्स्य पालन विभाग द्वारा योजना के अंतर्गत उन्हें आजीविका संवर्धन हेतु ₹1 लाख की वित्तीय सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। चेक प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हितग्राही भरत निषाद ने बताया कि इस आजीविका अनुदान राशि से वे मत्स्य पालन हेतु आवश्यक संसाधनों का विस्तार करेंगे। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय सहयोग उनके व्यवसाय को सुदृढ़ करने के साथ-साथ परिवार के आर्थिक स्तर को उन्नत बनाने और बच्चों की शिक्षा-दीक्षा में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। हितग्राही ने इस त्वरित एवं पारदर्शी प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया। श्री निषाद की यह कहानी इस तथ्य का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि जिला प्रशासन के ये सुशासन शिविर धरातल पर लक्षित समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में निरंतर सफल हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा - हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता
प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवास निर्माण, ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक घर पूर्ण
भवन सामग्री आपूर्ति से जुड़कर 10 हजार से अधिक महिलाएं बनीं 'लखपति दीदी'
रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन को नई गति मिली है। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपए की केंद्रीय एवं राज्यांश राशि जारी की गई है। यह राशि एसएनए स्पर्श (SNA SPARSH) मॉड्यूल के माध्यम से जिलों को आवंटित की गई है, ताकि पात्र हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जा सकें।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में “हर गरीब को पक्का घर” का संकल्प छत्तीसगढ़ में तेजी से साकार हो रहा है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे। पक्का घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि एक परिवार के सम्मान, सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। राज्य में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवासों का निर्माण किया जा रहा है तथा विगत ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक आवास पूर्ण कराए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 6 लाख से अधिक आवासों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों गरीब परिवारों के सपनों, आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन की कहानी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जारी राशि का उपयोग प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करते हुए पात्र हितग्राहियों के आवास शीघ्र पूर्ण कराए जाएं, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को समय पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराया जा सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में महिला स्व-सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश में हजारों स्व सहायता समूह सामग्री आपूर्ति से जुड़कर आजीविका अर्जित कर रहे हैं, इनमें से 10 हजार से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी’ बनीं हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तीकरण, आजीविका संवर्धन और सामाजिक परिवर्तन का भी माध्यम बन रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। ऐसे परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और विश्वास का नया वातावरण तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में नवाचार के तहत 1.5 लाख से अधिक आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया गया है, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही हितग्राहियों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1290 संचालित की जा रही है तथा योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड भी प्रदर्शित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
विशाखा समिति की सक्रियता ने बढ़ाई गंभीरता, महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
दुर्ग। नगर पालिक निगम दुर्ग में सामने आए महिला उत्पीड़न एवं मानसिक प्रताड़ना के गंभीर प्रकरण ने अब प्रशासनिक गलियारों से लेकर सामाजिक संगठनों तक व्यापक चर्चा छेड़ दी है। एक महिला कर्मचारी द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद निगम की विशाखा समिति का सक्रिय होना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि मामला सामान्य प्रशासनिक विवाद से कहीं अधिक संवेदनशील और गंभीर प्रकृति का है।
सूत्रों के अनुसार मामले से जुड़े कथित व्हाट्सएप चैट, डिजिटल संदेश और अन्य दस्तावेज सामने आने के बाद निगम कर्मचारियों के बीच गहरी नाराजगी व्याप्त है। वायरल हो रही जानकारियों में महिला कर्मचारी पर मानसिक दबाव बनाने, विभागीय कार्रवाई की धमकी देने, वेतन रोकने और निलंबन जैसे भय दिखाने के आरोप सामने आ रहे हैं। कुछ संदेशों में कथित रूप से अभद्र भाषा एवं धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले शब्दों के उपयोग की चर्चा भी कर्मचारियों के बीच चिंता का विषय बनी हुई है।
प्रशासनिक एवं विधिक जानकारों का मानना है कि यदि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जांच में प्रमाणित होते हैं, तो मामला केवल अनुशासनहीनता तक सीमित नहीं रहेगा। यह प्रकरण कार्यस्थल पर महिला उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, पद के दुरुपयोग, भय का वातावरण निर्मित करने तथा महिला गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसे गंभीर पहलुओं के अंतर्गत भी जांच का विषय बन सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह माना जा रहा है कि निगम की विशाखा समिति ने आधिकारिक रूप से मामले को संज्ञान में लिया है। किसी भी शासकीय या अर्द्धशासकीय कार्यालय में विशाखा समिति का हस्तक्षेप यह दर्शाता है कि महिला सुरक्षा और कार्यस्थल की गरिमा से जुड़े मुद्दों को अब हल्के में नहीं लिया जा सकता।
निगम कर्मचारियों के बीच यह भावना भी उभरकर सामने आ रही है कि यदि महिला कर्मचारियों की शिकायतों पर समय रहते निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई नहीं होती, तो इससे पूरे कार्यस्थल का वातावरण प्रभावित हो सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी कार्यालय केवल प्रशासनिक व्यवस्था का केंद्र नहीं होते, बल्कि वहां कार्यरत प्रत्येक महिला की सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास की रक्षा करना भी प्रशासन की नैतिक एवं कानूनी जिम्मेदारी है।
सामाजिक संगठनों और महिला अधिकारों से जुड़े लोगों का भी मानना है कि यह मामला केवल एक कर्मचारी का नहीं, बल्कि उन हजारों महिलाओं के आत्मसम्मान से जुड़ा विषय है जो विभिन्न शासकीय कार्यालयों में कार्य कर रही हैं। ऐसे मामलों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता ही प्रशासन की वास्तविक परीक्षा होती है।
फिलहाल पूरे मामले पर निगम प्रशासन की ओर से विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विशाखा समिति की आगामी कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। अब देखना यह होगा कि जांच प्रक्रिया महिला सम्मान और न्याय की भावना को कितना मजबूत संदेश देती है।
सवाल सिर्फ एक प्रकरण का नहीं…
कार्यस्थल पर भय नहीं, विश्वास का वातावरण होना चाहिए।
पद का उपयोग संरक्षण के लिए हो, प्रताड़ना के लिए नहीं।
महिलाओं की चुप्पी को कमजोरी समझने वाली मानसिकता पर अब कठोर और स्पष्ट कार्रवाई ही समाज को सही दिशा दे सकती है।
महिला सम्मान सुरक्षित रहेगा, तभी प्रशासनिक व्यवस्था सम्मानित रहेगी।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को भी तैनात किया गया है। आग की तीव्रता को देखते हुए प्राथमिकता आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने और अंदर मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर दी जा रही है।
मौके पर उरला थाना पुलिस, स्थानीय प्रशासन तथा अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों के अधिकारी पहुंच गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। फैक्ट्री परिसर के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा धुएं से भर गया, जिससे कर्मचारियों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद बचाव दल सक्रिय हुआ।
फायर ब्रिगेड की टीम लगातार पानी और अन्य संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही है। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है। प्रारंभिक स्तर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका व्यक्त की जा रही है, लेकिन वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
प्रशासन ने एहतियातन आसपास की औद्योगिक इकाइयों को भी सतर्क कर दिया है ताकि किसी संभावित खतरे को रोका जा सके। फिलहाल किसी के घायल होने या हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अधिकारियों के अनुसार आग पूरी तरह बुझने और रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त होने के बाद ही नुकसान का आकलन किया जाएगा तथा घटना की विस्तृत जांच शुरू की जाएगी।
मुख्य बिंदु:
(समाचार लिखे जाने तक राहत एवं बचाव कार्य जारी था।)
संवाददाता लोकेश कुमार साहू
*डौंडीलोहारा* - थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार यह मामला वर्ष 2025 का है। शुक्रवार सुबह 9 बजे जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया। बताया गया कि घटना के वक्त नाबालिग बच्ची घर के पास खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी युवक उसे बहला-फुसलाकर सुनसान जगह ले गया और वारदात को अंजाम दिया।
परिजनों को जानकारी मिलने पर उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत मिलते ही संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम गठित कर आरोपी की तलाश की गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। मामले की विवेचना जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है।
शौर्यपथ से संवाददाता लोकेश कुमार साहू की रिपोर्ट
शौर्यपथ राजनीतिक | दुर्ग
दुर्ग शहर में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के संभावित 31 मई दौरे को लेकर राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया है। करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की सौगात को लेकर अब “विकास किसका?” की लड़ाई खुलकर सामने आने लगी है। एक ओर मंत्री Gajendra Yadav समर्थक सोशल मीडिया में उन्हें “विकासशील पुरुष” साबित करने में जुटे हैं, तो दूसरी ओर महापौर Alka Baghmar के समर्थक इसे “शहरी सरकार की उपलब्धि” बताने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
सोशल मीडिया पर चल रही इस राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो दुर्ग में विकास कार्यों के लिए आई राशि किसी सरकारी खजाने से नहीं, बल्कि नेताओं के निजी संसाधनों से आई हो। जबकि शहर की जनता भली-भांति समझती है कि विकास के लिए आने वाला बजट जनता के टैक्स से संचालित शासन व्यवस्था का हिस्सा है, जिसे सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत आवंटित करती है।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यदि वास्तविक उपलब्धियों की बात की जाए, तो दुर्ग को मिला आईटी पार्क एक ऐसा प्रोजेक्ट माना जा सकता है जिसे मंत्री गजेंद्र यादव की सक्रियता और प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके अलावा सड़क चौड़ीकरण, उद्यान निर्माण, खेल मैदान या नालंदा परिसर जैसे कार्य सरकारों की नियमित विकास प्रक्रिया का हिस्सा माने जाते हैं। नालंदा परिसर तो राज्य सरकार की वह योजना है जिसे पूरे छत्तीसगढ़ में लागू किया जा रहा है।
दूसरी तरफ महापौर अलका बाघमार का कार्यकाल लगातार विवादों से घिरा रहा है। राजनीतिक गलियारों में उन्हें “सबसे विवादित महापौर” तक कहा जाने लगा है। नगर निगम की बैठकों से लेकर सड़क तक, कई ऐसे मामले सामने आए जिन्होंने शहरी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
कुआं चौक के गुमठी विवाद में कथित रूप से हाथ उठाने की चर्चा हो, देवनारायण चंद्राकर वार्ड में चयनात्मक अतिक्रमण कार्रवाई का मामला हो, या फिर प्रभावशाली लोगों पर नरमी बरतने के आरोप — विपक्ष ही नहीं, आम नागरिकों के बीच भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। ओम ज्वैलर्स और अन्य कथित अतिक्रमण मामलों में नरमी तथा अवैध कब्जों के आरोपों से जुड़े लोगों के साथ मंच साझा करने जैसे मुद्दों ने भी महापौर की छवि पर असर डाला है।
इसके अलावा सुराना कॉलेज क्षेत्र की बदबूदार व्यवस्था, कसारीडीह नाले का अधूरा निर्माण, रविशंकर स्टेडियम में बन रहे उद्यान का धीमा कार्य, अवैध बाजारों का विस्तार, चौक-चौराहों पर बढ़ता अतिक्रमण और गुमठी आवंटन विवाद जैसे मुद्दे लगातार नगर निगम प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं।
नगर निगम के बाजार विभाग प्रभारी शेखर चंद्राकर की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल उठे, लेकिन महापौर की चुप्पी ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दी। आरोप यह भी लग रहे हैं कि निगम में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर मौन रहना कहीं न कहीं अप्रत्यक्ष समर्थन जैसा संदेश दे रहा है।
अब पूरा राजनीतिक फोकस 31 मई पर टिक गया है। मुख्यमंत्री के दौरे में विकास कार्यों की प्रस्तुति किसके पक्ष में ज्यादा दिखाई देगी — “विकास की वीरांगना” कही जा रही महापौर अलका बाघमार के या “विकासशील मंत्री” की छवि गढ़ रहे गजेंद्र यादव के समर्थकों के?
फिलहाल दुर्ग की राजनीति में पोस्टर, सोशल मीडिया अभियान और समर्थकों की बयानबाजी ने माहौल को पूरी तरह चुनावी रंग दे दिया है। शहर की जनता विकास की वास्तविक तस्वीर तलाश रही है, जबकि सियासत श्रेय की लड़ाई में उलझी दिखाई दे रही है।
*पर्यटन के जरिए नई पहचान गढ़ेगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय*
*हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे : मुख्यमंत्री*
*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश को मिल रही नई गति*
*500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश के साथ छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएं: हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश को लेकर इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड ने दिखाई रुचि*
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब देश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी नई पहचान गढ़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने, निवेश अनुकूल नीतियों और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण प्रदेश में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज अपने निवास कार्यालय में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटक सुविधाओं के विकास एवं विस्तार तथा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। बैठक में देश की प्रतिष्ठित इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ उत्तर से दक्षिण तक नैसर्गिक विरासत की अमूल्य धरा है, जहां नदियां, पहाड़, घने जंगल, जलप्रपात, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और जनजातीय परंपराएं छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दुनिया को छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक विविधता से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं और पर्यटकों के लिए बेहतर ठहराव, परिवहन तथा आधुनिक सुविधाओं के विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य में लगातार निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं और इसी क्रम में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई गई है, जो प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निवेश से पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर निर्मित होंगे।
बैठक के दौरान इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के समक्ष अपने निवेश प्रस्ताव के महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए और बताया कि कंपनी छत्तीसगढ़ में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना पर कार्य कर रही है, जिसे शीघ्र आगे बढ़ाया जाएगा। कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस निवेश से प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।
वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है तथा सभी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है।
बैठक में यह भी बताया गया कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश के रास्ते व्यापक रूप से खुले हैं। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक अधोसंरचना, उच्चस्तरीय सुविधाओं और निवेश प्रोत्साहन नीतियों के माध्यम से विकसित करने की दिशा में विशेष पहल कर रही है। प्रदेश की बेहतर मानसूनी परिस्थितियां, समृद्ध प्राकृतिक संपदा और निवेश अनुकूल नीति पर्यटन विकास के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।
बैठक में उद्योग विभाग के अधिकारियों ने निवेश प्रोत्साहन नीति तथा उपलब्ध इंसेंटिव्स की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई निवेशक 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करता है अथवा 1000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है, तो उसे ‘बी-स्पोक पॉलिसी’ के तहत अतिरिक्त प्रोत्साहन एवं विशेष लाभ प्रदान किए जाएंगे। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत संरचना, सड़क संपर्क, आवासीय सुविधाओं तथा पर्यटक सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, निवेश आयुक्त ऋतु सेन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार, पर्यटन विभाग सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
*‘हर गरीब को पक्का घर’ के संकल्प को साकार करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में तेजी से बढ़ रहा काम : मुख्यमंत्री साय*
*छत्तीसगढ़ के हजारों ग्रामीण परिवारों के पक्के घर के सपने को मिलेगा नया संबल*
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सहित 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ से अधिक की मदर सैंक्शन जारी किए जाने का स्वागत करते हुए इसे गरीब कल्याण, सम्मानजनक जीवन और अंत्योदय के संकल्प को नई मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण निर्णय बताया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘हर गरीब को पक्का घर’ का संकल्प तेजी से धरातल पर साकार हो रहा है और यह निर्णय ग्रामीण गरीब परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण केवल आवास निर्माण की योजना नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का नया आधार निर्मित करने वाली परिवर्तनकारी पहल है। पक्का घर किसी भी परिवार के लिए केवल एक छत नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य, बेहतर जीवन और सामाजिक गरिमा का मजबूत आधार होता है। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय सहायता से छत्तीसगढ़ के हजारों ग्रामीण परिवारों के ‘पक्के घर के सपने’ को नई गति मिलेगी और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार गांव, गरीब और वंचित परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और विश्वास का नया अध्याय लिखने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार आवास जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहे तथा अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ पहुंचे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ को इस महत्वपूर्ण पहल में शामिल किए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में गरीब परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने का कार्य और अधिक गति से आगे बढ़ेगा।
*जांजगीर-चांपा के कापन और बलौदा में सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए वित्त मंत्री*
*अघरिया और स्वर्णकार समाज के सामुदायिक भवनों का लोकार्पण*
*10वीं और 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित*
रायपुर/छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री एवं जांजगीर-चांपा जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी आज जांजगीर-चाम्पा जिले के कापन और नगर पंचायत बलौदा में आयोजित सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कापन में अखिल भारतीय अघरिया समाज के क्षेत्रीय सभा सह सामुदायिक भवन का उद्घाटन किया। वहीं, बलौदा के जंगलवा डबरी में स्वर्णकार समाज के 'स्वर्ण मंडपम' सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया।
*शिक्षा और संस्कारों से सशक्त बनेगी नई पीढ़ी*
कापन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, "शिक्षा समाज की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है। नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा, संस्कार और अवसर उपलब्ध कराकर ही समाज को आगे बढ़ाया जा सकता है।" उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकजुटता, सकारात्मक सोच और सामुदायिक भावना को मजबूत करते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।
*एकजुटता ही समाज की वास्तविक शक्ति*
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह ने कहा कि अघरिया समाज शिक्षा, कृषि और सामाजिक विकास के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहा है। किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता में ही निहित होती है। वहीं, पूर्व संसदीय सचिव श्री अंबेश जांगड़े ने कहा कि यह नवनिर्मित भवन सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के संचालन के लिए एक सशक्त मंच साबित होगा।
*बलौदा में 'स्वर्ण मंडपम' का लोकार्पण*
नगर पंचायत बलौदा में आयोजित स्वर्ण मंडपम सामुदायिक भवन के लोकार्पण समारोह में वित्त मंत्री ने स्वर्णकार समाज द्वारा सामाजिक विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इस अवसर पर सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले, पूर्व विधायक श्री चुन्नीलाल साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
लोरमी। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोरमी से गोंडखाम्ही नहर तक निर्माणाधीन लगभग 10 किलोमीटर लंबी सड़क का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सड़क निर्माण कार्य गुणवत्ता और तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन को आसान बनाने के साथ-साथ स्थानीय विकास को नई गति देगी। उन्होंने निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने तथा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जानकारी लेते हुए उन्होंने पोल शिफ्टिंग सहित अन्य आवश्यक कार्यों को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के लगातार जारी रह सके।
अधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री को निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। इस दौरान संबंधित विभाग के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
