October 30, 2026
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    शौर्यपथ

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    जल जीवन मिशन ने बदली ग्रामीणों की दिनचर्या, हैंडपंप की कतारों और पानी ढोने की मशक्कत से राहत

    रायपुर. ।. कभी सुबह की शुरुआत पानी की चिंता से होती थी। बर्तन लेकर हैंडपंप तक पहुंचना, अपनी बारी के लिए घंटों कतार में खड़े रहना और फिर पानी ढोकर घर लाना रोज की मजबूरी थी। गर्मियों में हैंडपंप खराब हो जाता तो एक बाल्टी पानी जुटाना भी चुनौती बन जाता। अब उन्हीं घरों में नल से पानी भर रहा है। न हैंडपंप तक दौड़ लगानी पड़ रही है, न कतार में घंटों गंवाने पड़ रहे हैं। यह गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड के बारीउमराव गांव की नई तस्वीर है, जहां जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल कनेक्शन लगाया गया है। 

    घर पर ही पानी की उपलब्धता ने ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान कर दी है। सबसे बड़ा फर्क उस समय और मेहनत का है, जो पहले सिर्फ पानी जुटाने में खर्च हो जाते थे। बारीउमराव के श्री करमदास पुराने दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि पीने और घरेलू जरूरतों के लिए हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मियों में वहां लंबी कतार लगती थी। कई बार हैंडपंप खराब होने पर दूर-दराज से पानी लाना पड़ता था। अब घर में ही नियमित पानी मिलने से यह परेशानी दूर हो गई है।

    *महिलाओं और बुजुर्गों की मशक्कत हुई कम*

    श्री करमदास कहते हैं, "पहले पानी भरने में काफी समय और मेहनत लगती थी। अब घर में ही नल से पानी मिल जाता है। न दूर जाना पड़ता है, न लाइन लगानी पड़ती है। बचा हुआ समय दूसरे कामों में लगा पाते हैं। पूरा परिवार खुश है।" 

    बारीउमराव में जल जीवन मिशन से सभी घरों में नल लगने से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के बर्तन लेकर हैंडपंप तक आना-जाना पड़ता था। घर में ही पानी मिलने से अब दूसरे कामों के लिए ज्यादा वक्त मिलने लगा है। करमदास जैसे ग्रामीणों के लिए इस बदलाव की अहमियत सिर्फ नल लगने तक सीमित नहीं है। उनके लिए असली राहत पानी जुटाने की रोज की भागदौड़ से छुटकारा और अपने कीमती समय को अपने हिसाब से उपयोग करने की है।

    रायपुर । छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था बर्बाद हो चुकी है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी के कारण आम जनता को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है। गरीब मरीज एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकने को मजबूर हैं।

    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि प्रदेश में कुल 9,392 पद रिक्त बताए गए हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों के 2,025 पदों के मुकाबले केवल 408 विशेषज्ञ कार्यरत हैं। यानी लगभग 80 प्रतिशत विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। इसी तरह स्टाफ नर्सों के 2,745 पद रिक्त बताए गए हैं। ये आंकड़े स्वास्थ्य विभाग की बदहाल स्थिति को बताते है।

    प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को दूसरे शहरों में रेफर होना पड़ता है। इससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है और गंभीर मरीजों के उपचार में देरी का खतरा पैदा होता है। निजी अस्पतालों का महंगा इलाज हर परिवार की पहुंच में नहीं है। ऐसे में सरकारी अस्पतालों की बदहाली गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन रही है। स्वास्थ्य मंत्री अस्पतालों की व्यवस्था संभालने में विफल साबित हो रहे है।

      बिलासपुर / शौर्यपथ / पुरातत्व अधिकारी भर्ती में मेरिट सूची में पहला स्थान हासिल करने के बावजूद करीब तीन साल तक नियुक्ति नहीं मिलने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। कांकेर जिले के गोविंदपुर निवासी हैग्रिव परिहार की याचिका पर सुनवाई करते हुए डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि जब अभ्यर्थी के दस्तावेज सही पाए गए हों और उसके खिलाफ कोई शिकायत न हो, तो अन्य उम्मीदवारों के दस्तावेजों की जांच के कारण उसकी नियुक्ति अनिश्चितकाल तक नहीं रोकी जा सकती।

    मेरिट में पहला स्थान, फिर भी नियुक्ति का इंतजार

    पुरातत्व अधिकारी पद के लिए 31 मई 2023 को जारी विज्ञापन के आधार पर हैग्रिव परिहार ने आवेदन किया था। चयन प्रक्रिया के बाद 17 अगस्त 2023 को जारी मेरिट सूची में उन्होंने पहला स्थान हासिल किया। दस्तावेज सत्यापन के बाद पुरातत्व एवं संग्रहालय संचालनालय ने 9 अक्टूबर 2023 को उनकी नियुक्ति का आदेश जारी करने की अनुशंसा भी कर दी। इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

    दूसरे अभ्यर्थियों की जांच में अटकी प्रक्रिया

    भर्ती प्रक्रिया के दौरान कुछ उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता और दस्तावेजों की प्रामाणिकता को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। राज्य सरकार ने इन शिकायतों की जांच कराई, जो 4 जून 2024 को पूरी हुई। इस दौरान नियुक्तियां नहीं हो सकीं। सरकार ने मेरिट सूची की वैधता बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग से अनुरोध किया, लेकिन वर्ष 2014 के प्रक्रिया नियमों के तहत सूची की एक वर्ष की वैधता बढ़ाने की अनुमति नहीं मिली। परिणामस्वरूप मेरिट सूची की अवधि समाप्त हो गई।

    हाईकोर्ट की टिप्पणी: अभ्यर्थी को क्यों मिले देरी के परिणाम?

    याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि उनके दस्तावेजों में कोई कमी नहीं थी और न ही उनके खिलाफ कोई शिकायत थी। इसके बावजूद दूसरे अभ्यर्थियों की जांच के कारण उनकी नियुक्ति रोक दी गई। मामले की सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने माना कि नियुक्ति में हुई देरी के लिए याचिकाकर्ता जिम्मेदार नहीं थे। दूसरे उम्मीदवारों की जांच और मेरिट सूची की वैधता समाप्त होने का खामियाजा उन्हें नहीं भुगतना चाहिए।

    चार सप्ताह में प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश

    हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। इस आदेश से लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैग्रिव परिहार को राहत मिलने की उम्मीद है। अब सरकार को निर्धारित समयसीमा में अदालत के निर्देश के अनुरूप कार्रवाई करनी होगी।

    रायपुर से नागपुर ले जाई जा रही थी नकदी, वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके आरोपी; हवाला कनेक्शन समेत अन्य पहलुओं की जांच में जुटी पुलिस और आयकर विभाग

    दुर्ग / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पिकअप वाहन के गुप्त चेंबर से करीब ₹4 करोड़ नकद बरामद किए हैं। खुर्सीपार थाना क्षेत्र के डबरापारा के पास की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने वाहन सवार दो लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नकदी रायपुर से नागपुर ले जाई जा रही थी।
    दुर्ग पुलिस के मुताबिक संदिग्ध नकदी परिवहन की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने सफेद पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली। वाहन के पिछले हिस्से में विशेष रूप से बनाया गया गुप्त चेंबर मिला, जिसमें नोटों के बंडल छिपाकर रखे गए थे। नकदी की गिनती में करीब ₹4 करोड़ की राशि सामने आई।

    नकदी के स्रोत और गंतव्य की जांच

    इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वाहन चालक भवेशभाई जीनाभाई डाभी और विष्णुदेव दुबे के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी बरामद नकदी के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके और न ही संतोषजनक जानकारी दे पाए।

    मामले में हवाला नेटवर्क अथवा अन्य अवैध वित्तीय लेन-देन की आशंका को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। हालांकि, नकदी के स्रोत और उसके वास्तविक मालिक के संबंध में स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

    आयकर विभाग को दी गई सूचना

    पुलिस ने बरामद रकम और आरोपियों से संबंधित जानकारी आयकर विभाग को सौंप दी है। अब जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इतनी बड़ी नकदी किसकी है, इसे रायपुर से नागपुर क्यों ले जाया जा रहा था और वहां किसे सौंपा जाना था।

    करीब ₹4 करोड़ की नकदी को वाहन के गुप्त चेंबर में छिपाकर ले जाने का मामला कई सवाल खड़े करता है। जांच एजेंसियों की कार्रवाई से ही नकदी के वास्तविक स्रोत, संभावित वित्तीय अनियमितताओं और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

    रायपुर / शौर्यपथ / भारत सरकार के केबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने आज नई दिल्ली से देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवाती तूफान अर्नब के मद्देनजर राज्यों को व्यापक तैयारियों एवं चक्रवात से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। छत्तीसगढ़ राज्य से यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने राज्य में चक्रवाती तूफान से निपटने के लिए राज्य में जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी।
    अपर मुख्य सचिव पिंगुआ ने छत्तीसगढ़ राज्य की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। दक्षिण बस्तर क्षेत्र में 28 अक्टूबर को भारी वर्षा की आशंका को देखते हुए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य में सात राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार हैं। होमगार्ड तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें भी आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि संभावित प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों, स्वास्थ्य सुविधाओं, खाद्य सामग्री, परिवहन तथा संचार व्यवस्था से संबंधित आवश्यक तैयारियां की गई हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविर संचालित करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। राज्य शासन द्वारा जनहानि को रोकने तथा आपात परिस्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं।
    बैठक में कैबिनेट सचिव ने राज्यों में चक्रवात के दौरान शून्य जनहानि के लक्ष्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने पेड़ों के गिरने, दीवारों के ढहने तथा यातायात के दौरान लोगों के असावधानीवश जोखिम में पड़ने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बरतने कहा। उन्होंने प्रभावी चेतावनी प्रणाली, आवश्यकता के अनुसार समय पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा राज्य शासन और जिला प्रशासन के बीच नियमित संवाद एवं समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

    छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में रोमांचक मुकाबला ड्रॉ, संस्कारधानी को मिला पहला अंक
    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में संस्कारधानी स्ट्राइकर्स और बैलाडीला बुल्स के बीच खेला गया रोमांचक मुकाबला 5-5 से ड्रॉ रहा। बैलाडीला बुल्स के जसकरण सिंह ने अकेले पांच गोल दागे, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। अंतिम दो मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने बराबरी हासिल की और टूर्नामेंट में अपना पहला अंक अर्जित किया।
    मुकाबले के पहले हाफ में आर्यन खेस और आशीष तानी पूर्ति के गोल से संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने मजबूत शुरुआत की। दूसरे हाफ में जसकरण सिंह ने शानदार वापसी करते हुए दो पेनल्टी कॉर्नर और एक पेनल्टी स्ट्रोक सहित गोल दागे। उन्होंने टॉमहॉक शॉट से अपना पांचवां गोल कर मैच समाप्ति से पांच मिनट पहले बैलाडीला बुल्स को 5-4 की बढ़त दिला दी।
    हालांकि, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने अंतिम क्षणों तक संघर्ष जारी रखा। मैच खत्म होने से दो मिनट पहले मिले पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर टीम ने स्कोर 5-5 कर दिया। इसके बाद कोई गोल नहीं हुआ और मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ।
    पांच गोल करने वाले जसकरण सिंह को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। ड्रॉ के बाद बैलाडीला बुल्स दो अंकों के साथ अंक तालिका में चौथे और संस्कारधानी स्ट्राइकर्स एक अंक के साथ पांचवें स्थान पर है। दोनों टीमों को अब भी पहली जीत का इंतजार है। मुकाबला देखने विधायक धरमलाल कौशिक, सारडा के हेड ऑफ ऑपरेशंस मनोज शाह और छत्तीसगढ़ जूडो संघ के अध्यक्ष अरुण द्विवेदी भी मौजूद रहे।

    नई दिल्ली / एजेंसी / देश की सियासत और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े एक बेहद संवेदनशील मामले में आज देश की सर्वोच्च अदालत में एक बड़ी कानूनी लड़ाई देखने को मिलने वाली है। आज (27 अक्टूबर 2026) सुप्रीम कोर्ट में विपक्षी दलों की ओर से दायर 'SIR' (विशेष गहन पुनरीक्षण / Special Intensive Revision) मामले पर सुनवाई होने जा रही है।
    अदालत ने पिछली 15 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई के दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए आज की तारीख अगली सुनवाई के लिए मुकर्रर की थी।

    टाइमलाइन और मामले का पूरा घटनाक्रम:
    15 अक्टूबर 2026 (पिछली सुनवाई): सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और 13 अन्य विपक्षी नेताओं द्वारा दायर याचिका पर संज्ञान लिया था। अदालत ने इस मामले में चुनाव आयोग (ECI), मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और अन्य संबंधित पक्षों को औपचारिक नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था।
    27 अक्टूबर 2026 (आज की सुनवाई): आज सुप्रीम कोर्ट में मुख्य याचिका पर सुनवाई होगी, जहाँ चुनाव आयोग द्वारा दाखिल किए जाने वाले जवाब और विपक्ष की दलीलों पर बहस होने की उम्मीद है।
    28 अक्टूबर 2026 (कल की सुनवाई): इस मुख्य मामले के ठीक अगले दिन, यानी कल, दिल्ली में 'SIR' प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े एक अन्य संबंधित आवेदन/याचिका पर भी सुनवाई तय की गई है (जिसे पहले आगे बढ़ाकर 28 अक्टूबर किया गया था)।

    क्या है पूरा विवाद? (मामले की पृष्ठभूमि)
    यह पूरा मामला चुनाव आयोग के 'SIR' (Special Intensive Revision) अभियान से जुड़ा हुआ है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस अभियान के दौरान मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं, जो चुनावी निष्पक्षता को प्रभावित कर सकता है। इसी के खिलाफ राहुल गांधी सहित विपक्ष के 13 बड़े नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

    विज्ञान एवं अभियांत्रिकी में कम्प्यूटेशनल विधियों के अनुप्रयोगों पर एक सप्ताह तक होगा मंथन
    रायपुर / शौर्यपथ / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में सोमवार को उन्नत गणितीय मॉडलिंग एवं कम्प्यूटेशनल विधियों पर एक सप्ताह के संकाय विकास कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। “उन्नत गणितीय मॉडलिंग एवं कम्प्यूटेशनल विधियाँ: विज्ञान एवं अभियांत्रिकी में अनुप्रयोग” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन एनआईटी रायपुर के गणित विभाग द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी की इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ई एंड आईसीटी) अकादमी के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य संकाय सदस्यों को उन्नत गणितीय मॉडलिंग और कम्प्यूटेशनल तकनीकों के नवीनतम विकास तथा विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के विभिन्न क्षेत्रों में उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों से परिचित कराना है।

    उद्घाटन सत्र में कार्यक्रम समन्वयक प्रो. शारदा नंदन राव ने स्वागत भाषण दिया और कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं महत्त्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम संयोजक डॉ. कपिल कुमार सोनी ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी की ई एंड आईसीटी अकादमी तथा दोनों संस्थानों के बीच हब-एंड-स्पोक साझेदारी की जानकारी दी। अकादमी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री फिरोजा हक ने संकाय विकास, तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और संस्थागत सहयोग की भूमिका को रेखांकित किया। एनआईटी रायपुर के गणित विभागाध्यक्ष डॉ. सुजीत कुमार सामंत ने विभाग की शैक्षणिक गतिविधियों एवं योगदान की जानकारी दी, जबकि संस्थान के कुलसचिव श्री अशोक कुमार गुप्ता ने शिक्षण और अनुसंधान में नवीन गणितीय एवं कम्प्यूटेशनल विधियों को अपनाने तथा निरंतर व्यावसायिक विकास की आवश्यकता पर बल दिया।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एफएसआरटीआई, हैदराबाद के निदेशक एवं प्रधान अनुसंधान वैज्ञानिक प्रो. वी. श्री हरि राव उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतिभागियों से सक्रिय भागीदारी के माध्यम से अपनी शैक्षणिक एवं अनुसंधान क्षमताओं को सुदृढ़ करने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि एवं एनआईटी रायपुर के करियर डेवलपमेंट सेंटर के प्रमुख प्रो. समीर बाजपेयी ने भी प्रतिभागियों को कार्यक्रम का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम के दौरान गणितीय मॉडलिंग एवं कम्प्यूटेशनल विधियों में नवीनतम प्रगति, उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों तथा विज्ञान एवं अभियांत्रिकी में उनकी उपयोगिता पर चर्चा की जाएगी। यह पहल संकाय सदस्यों के बीच शैक्षणिक आदान-प्रदान, अनुसंधान सहयोग और नवाचारपरक शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्त्वपूर्ण है। उद्घाटन सत्र का समापन कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नीरज मनहास के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

       रायपुर / शौर्यपथ / भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 में भाग लेने के लिए आज रायपुर पहुँची। टीम नवा रायपुर अटल नगर स्थित सेंध झील क्षेत्र के ऊपर शानदार हवाई प्रदर्शन से दर्शकों को रोमांचित करेगी।
    स्वदेश में विकसित उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) ‘ध्रुव’ से उड़ान भरने वाली सारंग टीम अपनी सटीक उड़ान, समन्वित संरचनाओं और रोमांचक हवाई करतबों के लिए प्रसिद्ध है। यह प्रदर्शन भारतीय वायु सेना के उत्कृष्ट उड़ान कौशल, अनुशासन, टीम भावना और पेशेवर दक्षता के साथ भारत की स्वदेशी हेलीकॉप्टर क्षमताओं को भी प्रदर्शित करेगा।
    यह आयोजन नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं और विमानन में रुचि रखने वालों को हेलीकॉप्टरों की सामूहिक उड़ान में सटीकता और आपसी तालमेल देखने का अवसर प्रदान करेगा। राज्योत्सव में सारंग की भागीदारी समारोह के आकर्षण को बढ़ाने के साथ भारतीय वायु सेना और छत्तीसगढ़ के नागरिकों के बीच जुड़ाव को और सुदृढ़ करेगी।
    मोर से प्रेरित अपनी विशिष्ट रंग-सज्जा और आदर्श वाक्य “उत्कृष्टता से प्रेरणा” के साथ सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भारतीय वायु सेना की उत्कृष्टता का प्रतिनिधित्व करती है। रायपुर में टीम की उपस्थिति युवाओं को प्रेरित करने तथा उनमें विमानन और राष्ट्रसेवा के प्रति रुचि जगाने का माध्यम बनेगी।

    जगदलपुर, शौर्यपथ। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बांडापारा, विकासखंड जगदलपुर में 26 अक्टूबर को बाल संरक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में परामर्शदाता श्रीमती रंजीता देवांगन एवं ओआरडब्ल्यू ललिता बघेल ने छात्र-छात्राओं को मिशन वात्सल्य योजना सहित बाल संरक्षण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं कानूनों की जानकारी दी।
    इस दौरान विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट), बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों, बाल श्रम, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान तथा बाल अधिकारों के संबंध में विस्तार से जागरूक किया गया। साथ ही बच्चों को बताया गया कि जागरूकता और सतर्कता के माध्यम से वे स्वयं की सुरक्षा करने के साथ दूसरों को भी सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
    कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा संबंधी कानूनों तथा किसी भी प्रकार के शोषण एवं अपराध के प्रति सजग बनाना रहा। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहयोग देने की शपथ ली। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को बाल विवाह रोकने, बाल अधिकारों का सम्मान करने तथा सुरक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

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