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भिलाई / शौर्यपथ / निगम क्षेत्रों में कोरोना संक्रमित मरीजों को मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। रविवार को भी रिसाली निगम क्षेत्रों में 2 नये कोरोना पाजिटिव मिले है जिसमें से इस्पात नगर रिसाली में मरीज सेक्टर 9 अस्पताल की रेडियोलाईजिस्ट डॉक्टर है व दूसरा रिसाली सेक्टर के स्टूडेंट है , आज सोमवार को रिसाली भाठा में शारदा विद्यालय के पास कोरोना संक्रमित व्यक्ति मिला जिसे कोविड 19 अस्पताल में शिफ्ट किया गया। जिसे हार्ट का मरीज बताया गया है। इसके पूर्व रिसाली निगम क्षेत्र मौहारी मरोदा व नेवई भाठा के जलाराम चौक तथा तिरंगा चौक में कोरोना संक्रमित पाया जा चुका है। सोमवार को शारदा विद्यालय रिसाली भाठा के पास कोरोना संक्रमित मिलने के बाद संबंधित क्षेत्र को सील कर दिया गया है। अपर कलेक्टर व निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे मातहत अधिकारियों के साथ संक्रमित स्थल पर पहुंचकर क्षेत्र को कटेन्टमेंट जोन में तब्दील कर दिये है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मौक पर पहुंचकर संक्रमित परिवार की सेंपल प्राप्त कर रिपोर्ट भेज दी गई है तथा प्रथम संपर्क में आये परिवार के सदस्यों को होम आईसोलेशन में रखा गया है। क्षेत्र अंतर्गत सभी दुकाने, ऑफिस एवं अन्य वाणिज्यक प्रतिष्ठान आगामी आदेश तक पूर्ण बंद रहेगें। वाहनों के आवगमन पर प्रतिबंध लगाया गया है मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर अन्य किसी भी कारण से घर से निकलना प्रतिबंधित होगा। उक्त क्षेत्र की निगरानी के लिए निगम उडनदस्ता टीम व पुलिस विभाग के माध्यम से पेट्रोलिंग की जा रही है। कुल मिलाकर रिसाली निगम क्षेत्रों में कोरोना पॉजिटिव 6 कंटेनमेंट जोन बन गये है। रिसाली क्षेत्रों में बरपाती कोरोना कहर रहवासियों में भयाक्रांत है कोरोना के बढ़ते मरीजों के बीच रिसाली निगम के कोरोना वायरस मुस्तेदी से कोरोना की हराने में लगे हुए है। वृहदस्तर पर कंटेन्टमेंट जोन का सैनेटाईजेंशन किया जा रहा है। आसपास नालियों का भी सफाई कर ब्लीचिंग व कीटनाशक दवाईयों का छिड़काव किया जा रहा है। कोरोना कहर के बीच अपर कलेक्टर व रिसाली निगम आयुक्त श्री सर्वे ने क्षेत्रवासियों को सजक व सर्तक रहने की अपील की है।
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग जिले के कोविड अस्पताल श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती मरीज के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद सील कर दिया गया है। विगत दिनों इस मरीज का इसी अस्पताल में एनजीओ प्लास्टिक की गई थी। इस मरीज सहित आज जिले में तीन कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं।
जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर गंभीर सिंह ठाकुर ने बताया कि श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती मरीज का सैंपल जांच के लिए भेजा गया था जिसकी आज पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। कोरोना संक्रमित रिपोर्ट आने के बाद इस अस्पताल के आईसीयू वार्ड को नियमानुसार सील कर दिया गया है। उक्त संक्रमित व्यक्ति इस अस्पताल में 11 जून से भर्ती था। इस व्यक्ति की एनजीओ प्लास्टी भी की गई है। जिसमें डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ के प्राइमरी कांटेक्ट में आया है। जिसके भी ट्रेसिंग का कार्य किया जा रहा है। संक्रमित व्यक्ति के ऑपरेशन से आईसीयू में रखे जाने तक कई मेडिकल स्टाफ के लोगों के प्राइमरी कांटेक्ट में आने की संभावना भी व्यक्त की गई है । इसके अलावा जिले से दो और संक्रमित मरीजों की पुष्टि की गई है । जिले का कोविड-19 हॉस्पिटल भी इसी कैंपस में स्थित है। हालांकि की डॉ ठाकुर ने बताया कि कोविड-19 प्रभावित है जहां संक्रमित मरीजों का उपचार किया जा रहा है दो और मरीजों को आज भर्ती भी किया गया है ।
शौर्यपथ खास खबर
दुर्ग / शौर्यपथ / दुर्ग नगर पालिक निगम में अधिकारियों की लापरवाही के कई किस्से दुर्ग की आम जनता कई सालो से सुनती और देखती आ रही है किन्तु वर्तमान में एक ऐसा वाक्य हुआ जिसके कारण दुर्ग की जनता को शर्मसार होना पडा और इसका कारण निगम के अधिकारी कर्मचारी नहीं स्वयं दुर्ग की जनता ही है .
शासन द्वारा कुछ समय पहले कचरा मुक्त शहर के लिए सर्वे हुआ था जिसमे दुर्ग निगम को कोई भी स्टार नहीं मिला और इसका कारण मात्र दो नाली में पडा हुआ कचरा था . जी हाँ बात में यकीन नहीं होगा किन्तु यही सत्य है . सर्वे की तैयारी के लिए दुर्ग निगम के आयुक्त एवं नवनियुक्त महापौर के निर्देश पर महीनो से शहर को कचरा मुक्त रखने अभियान चलाया जा रहा था इसके लिए बाकायदा निगम के कर्मचारियों की 40 लोगो की टीम लगातार शहर की नालियों से कचरा साफ करने , नालियों में जमे मिटटी को निकालने का कार्य कर रही थी जिसका साक्षात् गवाह शहर की आम जनता ही है .
दुर्ग निगम के इन प्रयासों को सफलता भी मिल जाती क्योकि कचरा मुक्त निगम क्षेत्र के लिए लगभग 25 लेवल में हर लेवल को दुर्ग निगम ने अच्छे नम्बरों से पास किया और 3 स्टार से 5 स्टार के बीच रैंकिंग मिलने की आशा थी किन्तु इन 25 लेवल के इम्तिहान में एक लेवल में दुर्ग निगम फेल हो गयी . कारण है दुर्ग निगम क्षेत्र की ऐसी दो नालिय जो सर्वे रिपोर्ट में कचरा युक्त पाई गयी .
बता दे कि दुर्ग शहर में सर्वे टीम कब आयी किसी को पता नहीं था जब रिपोर्ट में दो फोटो ऐसे आये जिसमे कचरा मिला जिसके कारण निगम दुर्ग फेल हो गया और इसी के साथ दुर्ग निगम के आयुक्त बर्मन और उनकी टीम जो महीनो से मेहनत कर रही थी असफल हो गयी वही असफल हो गए दुर्ग के महापौर और उनकी कचरा मुक्त करने की अपील . वैसे देखा जाए तो ये निगम की नहीं शहर के जनता की हार है क्योकि कचरा उठाने का और नित्य सफाई करने का कार्य निगम के सफाई मित्र करते है और कचरा फैलाने का कार्य शहर की नासमझ जनता जो कचरा सही जगह नहीं फेक सकते और वो जनता जो नाले व नालियों में कचरा फेकने वालो पर जुर्माना लगाने पर निगम प्रशासन को तानाशाह घोषित करती रही .
आज उसी का परिणाम निकला की एक सार्थक कार्य में निगम नहीं शहर की वो जनता दोषी है जो कचरा नालो में नालियों में फेक कर अपने आप को सभी नागरिक होने का दावा करती रहती है आज ऐसे ही सभी लोगो के कारनामो से दुर्ग निगम स्टार रेंकिंग से चुक गयी . निगम के आयुक्त तो आज नहीं तो कल स्थानांतरित हो जायेंगे , सत्ता भी आज है तो कल नहीं रहेगी इन जन प्रतिनिधि और प्रशासनिक मुखिया की कोशिश शहर की जनता और शहर को साफ रखने की थी जो असफल हो गयी .
खैर रैंकिंग मिलने या ना मिलने से शहर की जनता को कोई फर्क नहीं पड़ेगा और अधिकारियों द्वारा एक बार फिर शहर को निगम क्षेत्र को स्वक्ष , स्वस्थ , सुंदर रखने की तैयारी शुरू हो जायेगी एक बार फिर नए इम्तिहान के लिए तैयार हो जायेंगे किन्तु इस इम्तिहान में सफलता तब तक नहीं मिलेगी जब तक शहर की जनता का साथ नहीं होगा ..
श्रीराम केयर हॉस्पिटल के आईसीयू में गैंगरेप का मामला!
पीडि़त छात्रा के परिजनों ने लगाया प्रलोभन देने का आरोप!
चर्चित श्रीराम केयर हॉस्पिटल के आईसीयू में गैंगरेप का मामला!
बिलासपुर / शौर्यपथ / श्रीराम केयर अस्पताल के आईसीयू में वार्ड वाय द्वारा कथित रूप से मरीज छात्रा के साथ बलात्कार मामले में अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, मगर इसी बीच इस मामले में एक और दिलचस्प मोड़ आया है।
आपको याद दिला दें कि कोनी क्षेत्र की इंजीनियर प्रथम वर्ष की छात्रा ने जहर सेवन कर लिया था जिसके बाद उसे इलाज के लिए पहले सिम्स ले जाया गया लेकिन वहां उसका इलाज करने से इनकार किए जाने पर परिजन उसे लेकर श्रीराम केयर अस्पताल पहुंचे थे। दावा किया जा रहा है कि परिजनों को युवती के जहर पीने की जानकारी नहीं थी क्योंकि इंजीनियरिंग की छात्रा ने परिजनों को बताया था कि किसी दवा के खाने के बाद उसके रिएक्शन के चलते उसकी तबीयत बिगड़ी है, लेकिन इलाज के दौरान डॉ. अमित सोनी को पता चला कि पीडि़त युवती ने जहर पिया है , और बाद में तलाशी के दौरान युवती के कमरे से जहर की शीशी भी मिल गई। लेकिन मामले में बड़ा मोड तब आ गया जब आईसीयू में वेंटिलेटर पर मौजूद पीडि़त युवती ने अपने पिता को कागज पर लिखकर यह जानकारी दी कि 21 और 22 मई की दरमियानी रात अस्पताल के ही दो वार्डबॉय ने उसके साथ गैंगरेप किया है। पीडि़त युवती के पिता ने जैसे ही यह आरोप लगाया तो पूरे शहर में सनसनी फैल गई। मामले में बिलासपुर विधायक शैलेश पांडे ने भी दिलचस्पी लेते हुए सबसे पहले युवती को इलाज के लिए अपोलो शिफ्ट किया और फिर पुलिस को भी निष्पक्ष जांच की हिदायत दी गई। इस बीच पुलिस एक बार पीडि़ता से मजिस्ट्रेट बयान ले चुकी है जिसमें युवती अपने आरोप पर कायम है। वही अपोलो में ही आरोपी वार्ड बॉय की शिनाख्त परेड की भी कोशिश की गई लेकिन कहते हैं कि पीडि़त युवती की तबीयत फिर से बिगड़ जाने पर उसके परिजनों ने शिनाख्त करने से मना कर दिया था।
इधर इस बीच डॉक्टर अमित सोनी ने दावा किया की दवाओं के असर से ही शायद युवती इस तरह की बातें कह रही है या फिर मुमकिन है कि इन आरोपों के पीछे कोई और कहानी हो। तमाम विरोधाभासो के बीच फिलहाल युवती के पिता अपनी बेटी के साथ मंगला में अपने ससुराल में है। इसी दौरान एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जो हमे भी प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उसमें मौजूद एक आवाज कथित तौर पर पीडि़त युवती के पिता की है। शौर्यपथ दैनिक समाचार पत्र इसकी पुष्टि नहीं करता कि यह ऑडियो क्लिप सही है इसके फैसले का अधिकार कानून के पास है और कानून इस ऑडियो क्लिप की सच्चाई का पता जल्द ही लगा लेगी किन्तु साथ ही बड़ा सवाल यह है कि आखिर आरोप प्रत्यारोप के इस खेल में सच्चाई कब सामने आएगी . शहर की जनता को सच्चाई का इंतज़ार है . जब तक सच्चाई सामने नहीं आती तब तक मामले में अफवाहों का बाज़ार भी गर्म रहेगा .
लेकिन पीडि़ता के पिता की ऑडियो क्लिप के अनुसार पीडि़त युवती को शनिवार सुबह सिविल लाइन थाने में बयान के लिए बुलाया गया है। और उस ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर युवती के पिता यह सनसनीखेज खुलासा कर रहे हैं कि उनके ससुराल में (वर्तमान में पीडि़ता जहाँ राह रही है) दो व्यक्ति आए थे जिनमें से एक वकील की वर्दी में थे और दावा किया जा रहा है कि इस मामले को रफा-दफा करने के लिए उन्होंने युवती के पिता को 4 लाख रुपये का ऑफर देकर बयान बदलने की भी बात कही है। जाहिर है कि अगर आरोप सही है तो इस रकम को देने के पीछे मामले की लीपापोती की कोशिश होगी। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या यह ऑडियो क्लिप सच है ? या फिर इसके पीछे भी कोई साजिश है ? मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर है इसलिए पुलिस को भी चाहिए कि वह ऑडियो क्लिप की सच्चाई का पता लगाकर मामले की तह में जाए और अगर यह आरोप सही है तो फिर पता लगाने की कोशिश करें कि आखिर पीडि़त युवती के पिता को इस रकम का ऑफर क्यों दिया जा रहा है?
और इसके पीछे कौन लोग है। बताया जा रहा है कि मामले की जांच में जुटे पुलिस अधिकारी लगातार आरोपी वार्डबॉय को भी थाने बुला रहे हैं लेकिन पीडि़त युवती के परिजनों द्वारा पूरी तरह सहयोग न करने से ही वे किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पा रहे, लेकिन यह भी सच है कि 21 मई को घटी घटना के इतने दिनों बाद भी इस मामले में पुलिस के किसी निष्कर्ष तक ना पहुंचने और किसी भी आरोपी के अब तक गिरफ्तार ना होने से पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। तो वही एक धड़ा लगातार यह आरोप भी लगा रहा है कि मामले को रफा-दफा करने के लिए ऊंचे पैमाने पर सौदेबाजी की जा रही है और आरोप लगाने वालों में पीडि़त युवती के पिता भी शामिल है।
इसलिए जरूरी है कि पुलिस ना सिर्फ यह पता लगाएं कि उस रात सचमुच क्या हुआ था बल्कि अब यह भी जरूरी लग रहा है कि क्या ऑडियो क्लिप में कहे अनुसार युवती के पिता को किसी ने प्रलोभन देने की कोशिश की है इस बात की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए आखिर वे कौन लोग हैं जो प्रलोभन और धमकी दे रहे हैं। कुल मिलाकर श्रीराम केयर गैंगरेप मामले में रोज एक नया मोड़ आ रहा है मगर पुलिस अभी तक किसी भी नतीजे पर आज तक नहीं पहुंच पा रही है! कहते हैं घटना के दिन वहां के सारे सी सी टी वी कैमरे बंद पाये गए थे या फिर कर दिया गया था ताकि आरोपियों की पहचान न हो सके।क्या यह प्लानिंग के तहत किया गया था,यह सभी विषय जांच के दायरे का है।
राजनांदगांव/ शौर्यपथ / केन्द्र व राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों से नाराज किसानों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा 26 संगठनों द्वारा प्रदेश व्यापी संयुक्त आहवान के तहत जिला किसान संघ की अगवाई में अपर कलेक्टर शर्मा को यह ज्ञापन सौपा गया। ज्ञापन सौपने किसान अपनी मांगों के पोस्टर लेकर पहंुचे थे। सोसल डिस्टेंस रखते हुए किसानों ने पहले नारे बाजी की फिर ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में महामहिम से अपनी भावनाऐं केन्द्र तक पहुंचाने का निवेदन किया गया है, वहीं राज्य शासन को मांगों के संबंध में निर्देशित करने का आग्रह किया गया है। जिला किसान संघ ने कहा है कि विभिन्न माध्यमों से सरकारों को लगातार अवगत कराये जाने के बावजूद कोई भी ध्यान नहीं दिए जाने से विवश होकर महामहिम राज्यपाल से गुहार लगाने की आवश्यकता पड़ी है। ज्ञापन में केन्द्र व राज्य सरकार से मांगे अलग अलग दर्शायी गई है। इस सीजन हेतु धान एवं अन्य खरीफ फसलों के लिए घोषित समर्थन मूल्यको नकारते हुए स्वामीनाथन आयोग के सी-2 फार्मूले के अनुसार फसल के लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने और धान का समर्थन मूल्य 3465 रूपये घोषित किया जावे। केन्द्र सरकार द्वारा मण्डी कानून और आवश्यक वस्तु अधिनियम के अध्यादेश के जरिए बदलने और ठेका कृषि को कानूनी दर्जा देने के मंत्रिमण्डल के फैसले को निरस्त किया जावे। बिजली क्षेत्र के निजीकरण का फैसला वापस लिया जावे। तीसरी रेल्वे लाईन एवं डोंगरगढ़ वाया मंुगेली, कवर्धा, खैरागढ़ 255 किमी रेल्वे लाईन में प्रभावित कृषकों के परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार नौकरी एवं चार गुना मुआवजा दिया जाये। मनरेगा को कृषि कार्य से जोड़ा जावे।
वहीं राज्य सरकार की मांगों में सभी उत्पादक किसानों का मक्का समर्थन मूल्य पर लिया जावे। सहकारी बैंक 2017 का ऋण माफी किया जावे। एवं राष्ट्रीयकृत बैंकों को ऋण माफी की पूरी राशि तत्काल दी जावे एवं निजी बैंक के केसीसी धारकों को भी ऋण माफी योजना का लाभ दिया जावे। धान खरीदी अंतर की राशि एक मुश्त दी जावे। छग के प्रवासी मजदूरों को उनके गांव घरों तक मुफ्त पहुंचाने उनके भरण पोषण के लिए मुफ्त खाद्यान, मनरेगा रोजगार और नगद आर्थिक सहायता दी जावे। रेल्वे लाईन प्रभावितों (तीसरी लाईन + डोंगरगढ़-कवर्धा रेल्वे लाईन) के परिवार के एक सदस्य को नौकरी व चार गुणा मुआवजा हेतु सूची रेल्वे को दी जावे। रबी फसल की क्षतिपूर्ति राशि प्रति हेक्टर 2500 रूपये दिये जावे।
तीसरी रेल्वे लाईन प्रभावित किसान परिवार के एक सदस्य को नौकरी व चार गुना मुआवजा की मांग के संबंध में चर्चा कर अपर कलेक्टर श्री शर्मा जी को बताया गयाकि रेल्वे प्रभावित परिवारों की सत्यापित सूची नहीं होने कारण नौकरी वाले विषय में विभाग आगे कार्यवाही नहीं कर रहा है एवं किसानों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। इस पर तुरंत कार्यवाही करते हुए भू अर्जन शाखा से अछोली एवं नागतराई की सत्यापित सूची उपलब्ध कराई गई। जिला किसान संघ ने रेल्वे वाले मुद्दे पर त्वरित निराकरण के लिए श्री शर्मा का आभार व्यक्त किया है।
ज्ञापन सौपने के दौरान सुदेश टीकम, रमाकांत बंजारे, हरिशचन्द्र साहू, नैन जनबंधु, तुलाराम उसारे, सेवक वर्मा, जगत देवांगन, महेन्द्र चंद्राकर, यीशु चांदने, रूपसिंग वर्मा, श्यामरतन साहू, श्यामसाय सिन्हा, नरेश पटेल, नारद, गैंद साहू, कृपाल ठाकुर, उमेश वर्मा, फगवाराम साहू, रामाधार साहू, बालाराम साहू, रतन साहू, सुमन साहू, नोहर वर्मा, नकुलदास साहू, राजेश वर्मा, घनाराम साहू, कुलेश्वर वर्मा, तिलक वर्मा, चुमन पटेल, अनिल वर्मा, रामदेव पटेल जैतराम वर्मा सहित बड़ी संख्या में सभी ब्लाक के प्रतिनिधि शामिल थे।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / जिला राजनांदगांव डोंगरगढ़ विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत पेंड्री में नल जल योजना के तहत पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य हेतु राशि 1.62 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति क्षेत्र के संघर्षशील विधायक दलेश्वर साहू के अथक प्रयास से स्वीकृति प्राप्त हुई है। यहां की ग्राम पेंड्री डोंगरगढ़ ब्लॉक में सूखाग्रस्त पेयजल संकट के नाम से जाना जाता है। ग्राम के कुछ वादों में आम जनता तक अभी तक पेयजल सप्लाई नहीं हो पाता था, इसलिए कठिनाइयों को देखते हुए तत्परता से विधायक विधायक श्री साहू ने इस कार्य को स्वीकृति दिलाने में सहयोग किया, जिससे क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणों ने विधायक को धन्यवाद ज्ञापित किया है, जिसमें जनपद पंचायत क्षेत्र क्रमांक 25 डोंगरगढ़ के जनपद सदस्य श्रीमती अनीता राम खिलावन साहू, सेक्टर प्रभारी ओम दत्त वर्मा, हरि महाराज शुक्ला, नेतराम साहू ग्राम पटेल, डीगेश सिन्हा, लोकेश्वर प्रसाद शुक्ला, गोरख दास साहू, मोरध्वज सिन्हा, समालिया राम साहू ने सभी मिलकर क्षेत्रीय विधायक दलेश्वर साहू को बहुत.बहुत धन्यवाद ज्ञापित किया है। यह जानकारी योग दास साहू ने दी है।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / सगढ़ सरकार की अभिनव पढ़ई तुंहर दुआर योजना तहत गुरू तुझे सलाम की गूंज गांव के गली, चौराहों में भी होने लगी है। इसी तारतम्य में आज पढ़ई तुंहर दुआर के नोडल अधिकारी राजेश शर्मा की मेजबानी में सफलतम आयोजन संपन्न हुआ। सभी प्रतिभागियों ने जहां गुरू को सलाम किया, वहीं अपने जीवन के यादगार क्षणों को साझा किया।
डोंगरगांव के विकासखंड शिक्षा अधिकारी आरएल पात्रे, बीआरसी अरविंद रत्नाकर, एबीओ सुश्री रश्मि ठाकुर, जयंत साहू सहित पांच दर्जन शिक्षक, शिक्षिकाओं की उपस्थिति में वेब माध्यम से संपूर्ण आयोजन का प्रभावशाली संचालन शिक्षक व खपरीकला संकुल के समन्वयक शत्रुघन तिवारी ने किया।
इस आयोजन में ज्योति साव, राकेश सोनी, टेकराम सेवता, कुंती साहू, शकुंतला हिरवानी, अवधेश गुप्ता, अंजू देवांगन, वीणा देवांगन, एमएच खान, आम्रपाली रामटेके, डिंपल साहू, लेखदास साहू, अमरीका पंचारी, जयनारायण भुआर्य, अमित श्रीवास्तव, मिथलेश साहू, कुमार साहू, प्रणीता शर्मा आदि शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण अनुभव साझा किया।
ठीक इसी तरह से आज विकासखंड के सभी संकुलों में विद्यार्थियों के लिये दोपहर में संकुल स्तरीय आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रतिभागी विद्यार्थियों ने बड़े ही उत्साह के साथ अपनी भागीदारी निभाई। अपने विद्यार्थी जीवन के कभी न भूल पाने वाले मीठे, कड़वे अनुभव के क्षण की यादें ताजी की गई। एक तरह से नये उत्साह जगाने वाले इस आयोजन में अपनी सहभागिता निभाकर सभी बेहद प्रसन्नचित नजर आ रहे थे। अंत में पढ़ई तुंहर दुआर के नोडल अधिकारी राजेश शर्मा ने बधाई व शुभकामनाएं देते हुए सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया।
ब्लॉक स्तरीय इस आयोजन में दो श्रेष्ठ प्रतिभागी शिक्षक, शिक्षिकाओं का चयन कोर ग्रुप करेगा। कोर ग्रुप में बीईओ आरएल पात्रे, बीटीआई के प्राचार्य रामावतार साहू, पढ़ई तुंहर दुआर के नोडल अधिकारी राजेश शर्मा, बीआरसी अरविंद रत्नाकर, एबीओ रश्मि ठाकुर, क्षितिज सोरी, जयंत साहू, शत्रुघन तिवारी, साधुराम साहू, दिलेश्वर शांडिल्य, दानीराम वर्मा शामिल हैं।
राजनांदगांव / शौर्यपथ / शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी टोपेश्वर वर्मा ने कोरोना वायरस (कोविड-19) के सामुदायिक संक्रमण के रोकथाम के लिए जिले में संचालित अनुमति प्राप्त दुकानों, व्यवसायिक एवं अन्य प्रतिष्ठानों के संचालन के समयावधि में परिवर्तन किया है। आदेश में कहा गया है कि जिले के वर्तमान स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए अनुमति प्राप्त दुकानों, व्यवसायिक एवं अन्य प्रतिष्ठानों को सुबह 7 बजे से रात्रि 8 बजे तक संचालन की अनुमति है। इसके साथ ही समय-सीमा और साप्ताहिक अवकाश के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। सभी दुकान संचालकों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को मास्क एवं सेनेटाइजर के नियमित उपयोग तथा सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
० छत्तीसगढ़ पैरेट्स एसोसियेशन ने योजना को लेकर उठाये कई सवाल
० बाल आयोग और शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर दर्ज कराई गई आपत्ति
राजनांदगांव । शौर्यपथ । छत्तीसगढ सरकार की योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिले में अब कम से कम एक अंग्र्रेजी माध्यम स्कूल इस शिक्षा सत्र से आरंभ हो जाएगा, जिसके लिए 40 स्कूल नए सत्र से आरंभ हो जाएंगे। सरकार ने इस योजना के लिए भारी भरकम फंड भी जारी किया है और अब प्रमुख सचिव आलोक शुल्का ने जिले के सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर निर्देशित किया है, कि वे व्यक्तिगत रूचि लेकर इस योजना का व्यक्तिगत मॉनिटरिंग करे और स्वयं जिले के सर्वश्रेष्ठ निजी स्कूलों का भ्रमण कर इन अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में निजी स्कूलों से बेहतर स्तर की अधोसेरचनाएं विकसित कर उच्च गुणवत्ता के स्कूल तैयार किए जाए। इस स्कूल में कक्षा पहली से लेकर पांचवीं तक हिन्दी माध्यम के बच्चे भी प्रवेश ले सकते है, जिनका चयन लॉटरी पद्धती से किया जाएगा और कक्षा छटवीं से बारहवीं तक के बच्चों का चयन अंकों के आधार या परीक्षा परिणाम के आधार में मेरिट सूची बनाकर प्रवेश दिया जायेगा, जिसको लेकर छत्तीसगढ़ पैरेट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल ने शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर सभी बच्चों का सभी कक्षाओं में लॉटरी पद्धति से चयन करने की मांग किया गया है, उनका कहना है कि बच्चों का अंकों के आधार पर चयन करना न्यायसंगत नहीं है, ऐसे में इस योजना का लाभ गरीब बच्चों को नहीं मिल पाएगा। इसके साथ ही एक किलो मीटर की बाध्यता को भी समाप्त करने का आग्रह किया गया है, क्योंकि इस योजना का लाभ सभी बच्चों को मिलना चाहिए और पालक अपने बच्चों के लिए परिवहन की सुविधा उपलब्ध करा सकते है। सरकार इस योजना को 15 जुलाई से वर्चुवल कक्षाओं के माध्यम से प्रारंभ करने जा रही है जिसमें कक्षा पहली से लेकर पांचवी तक के बच्चों को अपने अभिभावकों के साथ मिलकर शैक्षणिक गतिविधियां करना अनिवार्य है, जो कम से कम एक-दो घंटे का होगा, जिसको लेकर भी पैरेंट्स एसोसियेशन ने पूर्व में बाल आयोग को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज करायी है। इनका कहना है कि नर्सरी से लेकर कक्षा पांचवीं तक के बच्चों को ऑनलाईन या वर्चुवल पढ़ाई से वंचित रखा जाना चाहिए, लेकिन सरकार ने तो आदेश जारी कर दिया है कि सरकारी अंग्रेजी माध्यम की स्कूलों में कक्षा पहली से लेकर बारहवीं तक के बच्चों को 15 जुलाई से वर्चुवल कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाया जायेगा।
// अब स्पष्ट है कि झीरम की साजिश की जांच से भाजपा क्यों डरती है
// झीरम की घटना को लेकर कांग्रेस ने बार-बार कहा है कि इसकी साजिश में किसकी भूमिका थी यह पता किया जाये
// भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष का माओवादियों के मददगार के रूप में 10 साल तक काम करना बहुत कुछ स्पष्ट करता है
// झीरम की घटना की साजिश की समुचित जांच कराने और अपराधियों को सजा दिलवाने का मोदी जी का वादा मोदी जी के अन्य वादों की तरह अभी तक अधूरा है
रायपुर / शौर्यपथ / भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक का पुत्र जगत पुजारी के विगत 10 वर्षों से माओवादियों को सप्लाई पहुंचाने के खुलासे पर प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि अब स्पष्ट हो गया है कि झीरम की साजिश की जांच से भाजपा क्यों डरती है। माओवादियों के मददगार भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक के पुत्र जगत पुजारी की गिरफ्तारी सिर्फ उस आग का धुंआ मात्र है जो 15 वर्षों के भाजपा शासनकाल में सुलगती रही।
प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक के पुत्र का माओवादियों के मददगार के रूप में 10 साल से काम करने की घटना उजागर होने से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा की रमन सिंह सरकार के 15 साल के शासनकाल में माओवाद कैसे क्यों और किस की मदद से फला फूला ? 2003 में जब भाजपा की रमन सिंह सरकार ने शासन संभाला था उस समय दक्षिण बस्तर के 3 ब्लाकों तक सीमित माओवाद ने भाजपा के 15 साल के शासनकाल में बढ़ते बढ़ते प्रदेश के 14 जिलों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। भाजपा के भ्रष्टाचार कमीशन खोरी और कुशासन को माओवाद का विस्तार बहुत सूट करता था। 15 साल तक दिखावे के लिए माओवाद का विरोध और अंदर अंदर माओवाद को सहयोग अब पूरी तरह से बेनकाब हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि झीरम की घटना को लेकर कांग्रेस ने बार-बार कहा है कि झीरम कांड की साजिश में किसकी भूमिका थी यह पता किया जाये। 25 मई 2013 को राजभवन में दिए गए ज्ञापन से लेकर सड़क से सदन तक कांग्रेस ने लगातार झीरम की घटना के आपराधिक राजनैतिक षड्यंत्र की जांच की मांग की है। पहले भाजपा की राज्य सरकार और उसके बाद भाजपा की केंद्र सरकार भी झीरम की जांच को बाधित करने में लगी रही।
प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि मई 2014 में भाजपा के उस समय के प्रधानमंत्री पद के घोषित प्रत्याशी और वर्तमान में विगत 6 वर्षों से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धमतरी की आमसभा में छत्तीसगढ़ की जनता से वादा किया था कि उनकी सरकार बनने के बाद वह झीरम की घटना की साजिश की समुचित जांच कराएंगे और अपराधियों को सजा दी जाएगी । मोदी जी के अन्य वादों की तरह यह वादा भी अभी तक अधूरा है।
Feb 09, 2021 Rate: 4.00
