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June 02, 2026
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शौर्यपथ

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नई दिल्ली / शौर्यपथ / सरकार द्वारा संचालित सोवेरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम का सब्सक्रिप्शन सोमवार, 8 जून को शुरू हो रहा है. यह गोल्ड बॉन्ड स्कीम की तीसरी कड़ी है, जो सबसे पहले इसी साल अप्रैल में बाज़ार में उतारी गई थी. केंद्र सरकार की ओर से भारतीय रिज़र्व बैंक, यानी रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा जारी किए गए यह बॉन्ड सरकार के बाज़ार से कर्ज़ उठाने की योजना का हिस्सा हैं, जिसमें प्रत्येक बॉन्ड की कीमत एक ग्राम सोने के बराबर है. RBI ने पिछले सप्ताह जानकारी दी थी कि SGB 2020-21 योजना की तीसरी किश्त या शृंखला में जारी किए जाने की कीमत 4,677 रुपये प्रति ग्राम रखी गई है. कोरोनावायरस महामारी के चलते दुनियाभर के वित्तीय बाज़ार संकट में हैं, लेकिन सुरक्षित निवेश के रूप में स्वर्ण के प्रति लगाव बढ़ा है.
गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने से पहले जान लें, सभी ज़रूरी बातें...

गोल्ड बॉन्ड ब्याज दर
SGB पर 2.5 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से निश्चित ब्याज दिया जाएगा, जिसका भुगतान छमाही आधार पर होगा.

कौन खरीद सकता है गोल्ड बॉन्ड...?
देश में बसे नागरिक, हिन्दू अविभाजित परिवार (HUF), ट्रस्ट, यूनिवर्सिटी तथा चौरिटेबल संस्थान SGB योजना में निवेश कर सकते हैं.

गोल्ड बॉन्ड जारी होने पर कीमत
सब्सक्रिप्शन शुरू होने से पहले के सप्ताह के अंतिम तीन कार्यदिवसों के लिए मुंबई-स्थित इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन द्वारा प्रकाशित किए गए 999-शुद्धता सोने के दाम के औसत के आधार पर गोल्ड बॉन्ड की कीमत तय की जाती है. डिजिटल माध्यम से भुगतान करने वाले ऑनलाइन सब्सक्राइबरों को 50 रुपये प्रति ग्राम का डिस्काउंट भी दिया जाता है.

गोल्ड बॉन्ड से जुड़ी अहम तारीखें
गोल्ड बॉन्ड स्कीम की दूसरी शृंखला 11 से 15 मई तक जारी रही थी, और अगली, यानी तीसरी शृंखला 8 जून को शुरू हो रही है. यह गोल्ड बॉन्ड योजना वर्ष में छह बार जारी की जाएगी.

गोल्ड बॉन्ड में निवेश कैसे करें...?
SGB की बिक्री वाणिज्यिक बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन, चिह्नित डाकघरों तथा स्टॉक एक्सचेंजों BSE व NSE के ज़रिये की जाएगी. इन बॉन्ड को RBI बुक या डीमैट स्वरूप में रखा जा सकता है.

कितना है गोल्ड बॉन्ड लॉक-इन...?
गोल्ड बॉन्ड योजना आठ वर्ष की अवधि के साथ आती है, जिसमें पांचवें वर्ष के बाद बाहर निकल आने का विकल्प रहता है. इस विकल्प का प्रयोग ब्याज भुगतान तिथियों पर किया जा सकता है.

गोल्ड बॉन्ड में निवेश की सीमा
योग्य व्यक्तियों तथा HUF द्वारा एक वित्तवर्ष के दौरान न्यूनतम एक ग्राम तथा अधिकतम चार किलोग्राम सोना हासिल किया जा सकता है. ट्रस्ट तथा समान संस्थाएं एक वित्तवर्ष के दौरान 20 किलोग्राम तक सोना खरीद सकती हैं.

गोल्ड बॉन्ड का टैक्स पर पड़ने वाला असर
गोल्ड बॉन्ड पर हासिल होने वाला ब्याज करयोग्य है. हालांकि बॉन्ड बेच देने पर होने वाले कैपिटल गेन पर व्यक्तिगत निवेशकों को टैक्स नहीं देना होगा.

 

नई दिल्ली / शौर्यपथ / बॉयज लॉकर रूम नाम से इंस्टाग्राम चैट के स्क्रीनशॉट को ट्वीट करने वाली लड़की की शिकायत पर दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एफआईआर (FIR) दर्ज की है. लड़की को सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही हैं और परेशान किया जा रहा है. लड़की की शिकायत पर साइबर सेल ने केस दर्ज कर लिया और जांच चल रही है. इससे पहले इसी लड़की का ट्वीट देखकर साइबर सेल ने एफआईआर की थी जिसमें लड़कों के एक ग्रुप की कथित चैट सामने आई थी.
इंस्टाग्राम पर बने एक ग्रुप 'बॉयज लाकर रूम' (Boys Locker Room) मामले की जांच में पिछले महीने बड़ा खुलासा हुआ था. दरअसल ग्रुप में जो रेप की बातें और रेप करने की धमकी दी जा रही थी वो बातचीत करने वाली एक नाबालिग लड़की थी, जो दिल्ली के ही एक स्कूल की छात्रा है और वो फर्जी आईडी बनाकर ग्रुप में एक्टिव थी. दिल्ली पुलिस ने इस ग्रुप के एडमिन को भी गिरफ्तार किया था, जो नोएडा के स्कूल का छात्र है, जबकि ग्रुप से जुड़े एक नाबालिग को भी पकड़ा गया था जो दक्षिणी दिल्ली के एक नामी स्कूल का छात्र है.

साइबर सेल की जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर बने 'बॉयज लॉकर रूम' में 24 से ज्यादा सदस्य आपस मे चैट कर रहे थे और लड़कियों की अश्लील तस्वीरें ग्रुप में डालकर लड़की के रेप की बातें कर रहे थे. लेकिन जब ये चैट सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने केस दर्ज कर जांच शुरू की. दिल्ली पुलिस ने इंस्टाग्राम से भी ग्रुप के डिटेल्स मांगे थे.

 

भारत सरकार ने भी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आयुर्वेद पर जोर दिया है। आयुर्वेदिक विभाग ने 'हर हर पहल' की मुहीम चलाई है, जहां लोग अपने घर में गिलोय का पौधा लगाने के लिए नगर निगम से संपर्क कर सकते हैं। दिल के आकार की यह जड़ी-बूटी गुडूची के नाम से भी पहचानी जाती है। अपने औषधीय गुणों के कारण यह कई बीमारियों के उपचार में काम आती है।

ऐसे बढ़ाती है रोगों से लड़ने की क्षमता

 कि गिलोय का पहला और सबसे महत्वपूर्ण लाभ है रोगों से लड़ने की क्षमता देना। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो सेहत में सुधार लाते हैं और खतरनाक रोगों से लड़ते हैं। गिलोय किडनी और लिवर से विषाक्त पदार्थों को दूर करता है और मुक्त कणों को भी बाहर निकालता है।

इसके अलावा गिलोय बैक्टीरिया, मूत्र मार्ग में संक्रमण और लिवर की बीमारियों से भी लड़ता है जो कई रोगों की वजह बनते हैं। गिलोय का जूस नियमित रूप से पीने से रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।

घर पर उगाएं

स्टेम कटिंग विधि द्वारा गिलोय को घर के गार्डन में भी उगा सकते हैं। यह जड़ी बूटी बहुत तेजी से फैलती है और यहां तक कि एक छोटा-सा तना एक दो साल में पूरी तरह से विकसित हो जाती है। इसके लिए या तो तने का उपयोग कर सकते हैं या आयुर्वेदिक स्टोर से बीज खरीद सकते हैं। 24 घंटे के लिए ठंडे पानी में भिगोएं और मिट्टी में लगाएं। इसे नियमित रूप से पानी दें।

इन तरीकों से करें सेवन

गिलोय की पत्तियों को कई तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं। जूस बनाने के लिए एलोवेरा और गिलोय का रस निकाल लें। उसमें थोड़ा शहद मिला सकते हैं। सुबह खाली पेट इसे पी सकते हैं। वैकल्पिक रूप से गिलोय के रस को पानी में घोलकर भी सुबह ले सकते हैं। गिलोय और नीम के पत्तों का काढ़ा भी बुखार से लड़ने में मदद कर सकता है। हल्दी और गिलोय का मिश्रण भी खांसी से राहत देने में मदद कर सकता है।

गिलोय के ये भी हैं फायदे

इम्यूनिटी बढ़ाने के अलावा गिलोज का सेवन पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है।

डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए यह निश्चित रूप से प्रभावी होता है। यह हाइपोग्लाइसीमिक एजेंट के रूप में काम करता है। लेकिन डायबिटीज की दवाई ले रहे हैं तो बिना डॉक्टर की सलाह के इसे न लें।

इसका सेवन मस्तिष्क के टॉनिक के रूप में भी कर सकते हैं। यह मानसिक तनाव और चिंता को कम करता है।

दमा के इलाज में भी प्रभावी है।

गिलोय में गठिया विरोधी गुण होते हैं जो गठिया और जोड़ों के दर्द के लक्षणों को कम करते हैं।

आंखों के लिए गिलोय का जूस कारगर साबित हो सकता है।

त्वचा में निखार लाने के लिए भी नियमित रूप से इसका सेवन करें।

 

ये न करें गिलोय का सेवन

गिलोय की खुराक पांच साल की उम्र या इससे ऊपर के बच्चों के लिए ही सुरक्षित है। हालांकि, इसे देने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। डायबिटीज के मरीज, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसके इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

 

लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / आप जोर से छींकते हैं या फिर धीरे से। छींकने से पहले ‘सॉरी’ या ‘एक्सक्यूज मी’ बोलते हैं या फिर हाथ से छींक दबाने की कोशिश करते हैं। ये सभी चीजें आपके व्यक्ति के राज खोलती हैं। ब्रिटेन के जाने-माने हावभाव विशेषज्ञ रॉबिन करमोड ने अपनी किताब ‘स्पीक सो योर ऑडियंस विल लिसेन’ में यह खुलासा किया है।

‘सॉरी’ या ‘एक्सक्यूज मी’ बोलना-
-छींकने से पहले या बाद में ‘सॉरी’ या ‘एक्सक्यूज मी’ बोलने वाले अमूमन शांत, शालीन और अंतर्मुखी होते हैं। उन्हें दूसरों की जिंदगी में दखल देने बिल्कुल पसंद नहीं होता।

तेज आवाज निकालना-
-रॉबिन के मुताबिक छींक के दौरान तेज आवाज निकालने वाले हमेशा आकर्षण का केंद्र बने रहना चाहते हैं। उन्हें दूसरों के बीच अपनी अहमियत जताने और बातें मनवाने में मजा आता है।

रोकने की कोशिश करना-
-छींक दबाने की कोशिश करने वाले भी अंतर्मुखी होते हैं। वे भीड़भाड़ से दूर रहना पसंद करते हैं। लोग उनकी बातों को तवज्जों दें या न दें, वे मस्तमौला होकर अपनी जिंदगी जीते रहते हैं।

धीमे से छींकना-
-ऐसे लोग समाज में घुल-मिलकर रहने में यकीन करते हैं। वे आत्मनियंत्रण की कला में माहिर होते हैं। उन्हें यह बात बिल्कुल भी गंवारा नहीं होती कि लोगों को उनकी वजह से असुविधा हो।

नाक पर हाथ रखने वाले-
-छींकते समय नाक-मुंह को रुमाल या हाथ से ढंकने वाले लोग दूसरों की खुशी को भी तवज्जो देते हैं। उन्हें नियम-कायदों का पालन करना और मिल-जुलकर रहना ज्यादा रास आता है।

बार-बार छींकते रहना-
-एक के बाद एक कई बार छींकने वालों को भी लोगों का ध्यान खींचने में मजा आता है। लोग अगर उनकी बातों पर ध्यान न दें या उन्हें नजरअंदाज करें तो ये लोग बेहद उदास हो जाते हैं।

वायरस की वाहक
-1 लाख से अधिक कीटाणु निकलते हैं नाक से एक बार छींकने पर
-100 मील प्रति घंटे की रफ्तार से 27 फीट के दायरे में फैल जाते हैं

 

खाना खजाना / शौर्यपथ / सामग्री :1/2 कटोरी आम पने का बचा हुआ गुदा, 1/4 कटोरी पुदीना, 1/2 कटोरी हरा धनिया, 2 हरी मिर्च, 3-4 लहसुन की कली, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च, 1/2 चम्मच नमक, 1/2 छोटा चम्मच जीरा, स्वाद के अनुसार चीनी, चुटकी भर हींग, 1/2 काला नमक।

विधि :

सबसे पहले हरी मिर्च को छोटे टुकड़ों में काट लें और लहसुन छीलकर रख लें। अब हरा धनिया, पुदीना, लहसुन और हरी मिर्च डालकर मिक्सी में पीस लें। यह मिश्रण थोड़ा दरदरा रहने पर इसमें आम पना का बचा हुआ गुदा और उपरोक्त बची हुई सारी सामग्री डालें और मिक्सी में महीन पीस लें। लीजिए आपके लिए तैयार है खास तौर पर बनाई गई यह स्वादिष्ट आम पना चटनी। अब इस चटनी को रोटी के पेश करें।

फायदे :-


* यह चटनी पेट और पाचन संबंधी समस्याओं में यह फायदेमंद है।

* इस चटनी का सेवन जहां खाने का स्वाद बढ़ाएगा वहीं गर्मी के दुष्प्रभावों से भी बचाए रखेगा।


* यह चटनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक है।

मनोरंजन / शौर्यपथ /फिल्मकार करण जौहर ने रविवार को कहा कि बाल शोषण चाहे किसी भी रूप में हो, वह स्वीकार्य नहीं है और बच्चों की मासूमियत बचाने के लिए जो भी कर सकते हैं, वह किया जाना चाहिए। जौहर ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा अपलोड की गई एक लघु फिल्म को ट्विटर पर शेयर किया।

जौहर ने लिखा कि अभिभावक होने के नाते हमारे बच्चों की कुशलता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस तरह की चीजों को देखना असहनीय है। बाल शोषण चाहे किसी भी रूप में हो, वह स्वीकार नहीं है और हम बच्चों की रक्षा करने और उनकी मासूमियत को बचाने के लिए जो भी कर सकते हैं, हमें करना चाहिए।


उन्होंने लिखा कि अगर आप बाल शोषण होते देखें या आपको संदेह हो तो 1098 डायल करें। यह हमारी जिम्मेदारी है।

जिस लघु फिल्म को उन्होंने शेयर किया है, उसमें एआर रहमान ने संगीत दिया है और इसके निर्माता फिल्मकार शेखर कपूर हैं। ईरानी ने फिल्म निर्माताओं को टैग करके लिखा कि बाल शोषण के खिलाफ जागरूकता फैलाना जरूरी है।
उन्होंने इस्टाग्राम पर लिखा कि आप बाल शोषण को रोक सकते हैं, पहुंचकर, बोलकर। चाइल्ड लाइन 1098 पर डायल करिए। अपने बच्चों को बताइए कि उनके पास एक प्रणाली हैं जो उनकी रक्षा करने के लिए हैं, उन्हें बचाएं, उनका पुनर्वास करें। जागरूकता फैलाएं।

 

लाइफस्टाइल / शौर्यपथ / अनियमित दिनचर्या और खान-पान के कारण कब्ज की समस्या होना आम बात है। भोजन के बाद बैठे रहने और रात के खाने के बाद सीधे सो जाने जैसी आदतें कब्ज के लिए जिम्मेदार होती हैं। अगर आपको भी होती है यह समस्या, तो हम बता रहे हैं, इससे निपटने के 10 घरेलू उपाय -

1 सुबह उठने के बाद पानी में नींबू का रस और काला नमक मिलाकर पिएं। इससे पेट अच्छी तरह साफ होगा, और कब्ज की समस्या नहीं होगी।

2 कब्ज के लिए शहद बहुत फायदेमंद है। रात को सोने से पहले एक चम्मच शहद को एक गिलास पानी के साथ मिलाकर पिएं। इसके नियमित सेवन से कब्ज की समस्या दूर हो जाती है।

3 सुबह उठकर प्रतिदिन खाली पेट, 4 से 5 काजू, उतने ही मुनक्का के साथ मिलाकर खाने से भी, कब्ज की शिकायत समाप्त हो जाती है। इसके अलावा रात को सोने से पहले 6 से 7 मुनक्का खाने से भी कब्ज ठीक हो जाता है।

4 प्रतिदिन रात में हरड़ के चूर्ण या त्रिफला को कुनकुने पानी के साथ पिएं। इससे कब्ज दूर हेगा, साथ ही पेट में गैस बनने की समस्या से भी निजात मिलेगी।

5 कब्ज के लिए आप सोते समय अरंडी के तेल को हल्के गर्म दूध में मिलाकर पी सकते हैं। इससे पेट साफ होता है, और कब्ज की समस्या नहीं होती।

6 र्इसबगोल की भूसी कब्ज के लिए रामबाण इलाज है। आप इसका प्रयोग दूध या पानी के साथ, रात को सोते वक्त कर सकते हैं। इससे कब्ज की समस्या बिल्कुल समाप्त हो जाएगी।

7 फलों में अमरूद और पपीता, कब्ज के लि बेहद फायदेमंद होते हैं। इनका सेवन किसी भी समय किया जा सकता है। इन्हें खाने से पेट की समस्याएं तो समाप्त होती ही हैं, त्वचा भी खूबसूरत बनती है।
8 किशमिश को कुछ देर तक पानी में गलाने के बाद, इसका सेवन करने से कब्ज की शिकायत दूर हो जाती है। इसके अलावा अंजीर को भी रातभर पानी में गलाने के बाद उसका सेवन करने से कब्ज की समस्या खत्म होती है।
9 पालक भी कब्ज के मरीजों के लिए एक अच्छा विकल्प है। प्रतिदिन पालक के रस को दिनचर्या में शामिल कर, आप कब्ज से आजाादी पा सकते हैं, साथ ही इसकी सब्जी भी सेहत के लिए अच्छी होती है। लेकिन अगर आप पथरी के मरीज हैं, तो इसका इस्तेमाल न करें।

10 कब्ज से बचने के लिए नियमित रूप से व्यायाम और योगा करना बेहद फायदेमंद होता है। इसके अलावा हमेशा गरिष्ठ भोजन करने से बचना चाहिए।

इसके अलावा कब्ज की परेशानी अत्यधिक होने पर आप डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

सेहत / शौर्यपथ / जीरे का इस्तेमाल तो हर घर में होता है लेकिन आपको शायद ये ना पता हो कि जीरा केवल खाने में तड़का लगाने के लिए ही इस्तेमाल नहीं होता है, बल्कि छोटा सा जीरा कई औषधीय गुणों से भरपूर है। जीरा पाचक और सुगंधित मसाला है। भोजन में अरुचि, पेट फूलना, अपच आदि को दूर करने में जीरा विश्वसनीय औषधि है।

भुने हुए जीरे को लगातार सूँघने से जुकाम की छीकें आना बंद हो जाती है।

प्रसूति के पश्चात जीरे के सेवन से गर्भाशय की सफाई हो जाती है।

जीरा गरम प्रकृति का होता है अत: इसके अधिक सेवन से उल्टी भी हो सकती है।

जीरा कृमिनाशक है और ज्वरनिवारक भी।

जीरे को उबाल कर उस पानी से स्नान करने से खुजली मिटती है।


बवासीर में मिश्री के साथ सेवन करने से शांति मिलती है।

जीरे व नमक को पीसकर घी व शहद में मिलाकर थोड़ा गर्म करके बिच्छू के डंक पर लगाने से विष उतर जाता है।


जीरे का चूर्ण 4 से 6 ग्राम दही में मिलाकर खाने से अतिसार मिटता है।


आइए, जानते हैं काला जीरा कैसे आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है और किन औषधीय गुणों से भरपूर हैं -

1 वजन कम करने में कारगर -
अगर 3 महीने तक लगातार काले जीरे का सेवन किया जाए, तो शरीर में जमा अनावश्यक फैट घटाने में मदद मिलती है। काला जीरा फैट को गला कर अपशिष्ट पदार्थों (मल-मूत्र) के माध्यम से शरीर से बाहर कर देता है।

2 इम्यून विकार को करें दूर -
इसके नियमित सेवन से रोग-प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है, ये शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में बोन मैरो, नेचुरल इंटरफेरॉन और रोग-प्रतिरोधक सेल्स की मदद करता है। साथ ही इसका सेवन शरीर में ऊर्जा का संचार करता है जिससे जल्द थकान और कमजोरी महसूस नहीं होती।

3 पेट की तकलीफ करें दूर -
काले जीरे में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते है जिसके कारण ये पेट संबंधी कई समस्याओं में लाभकारी है, जैसे पाचन संबंधी गड़बड़ी, गैस्ट्रिक, पेट फूलना, पेट-दर्द, दस्त, पेट में कीड़े होना आदि समस्याओं में यह राहत देता है। धीरे-धीरे पचने वाला खाना खाने के बाद थोड़ा-सा काला जीरा खाने से तत्काल लाभ होता है।

4 सर्दी-जुकाम, कफ में फायदेमंद -
सर्दी-जुकाम, कफ से बंद नाक के लिए काला जीरा इन्हेलर का काम भी करता है। ऐसी स्थिति में थोड़ा सा भुना जीरा रूमाल में बांध कर सूंघने से आराम मिलता है। अस्थमा, काली खांसी, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी से होने वाली सांस की बीमारियों में भी यह फायदेमंद है।


5 सिरदर्द व दांत दर्द में दे राहत -
काले जीरे का तेल सिर और माथे पर लगाने से माइग्रेन जैसे दर्द में लाभ होता है। गर्म पानी में काले जीरे के तेल की कुछ बूंदें डाल कर कुल्ला करने से दांत दर्द में काफी राहत मिलती है।

6 एंटीसेप्टिक का काम करें -
एंटी बैक्टीरियल गुणों के कारण काला जीरा संक्रमण को फैलने से रोकता है। काले जीरे के पाउडर का लेप घाव, फोड़े-फुंसियां आदि पर लगाने से वे आसानी से भर जाते हैं।

नोट :

* काला जीरा तासीर में गर्म होता है जिस कारण इसका सेवन एक दिन में तीन ग्राम से ज्यादा नहीं करना चाहिए।
* जिन्हें ज्यादा गर्मी लगती है या जो हाई ब्लडप्रेशर के मरीज है, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चों के मामले में डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका सेवन करें।

धर्म संसार / शौर्यपथ / धन मिलना, बढ़ना और बचना बहुत जरूरी है। कई लोगों को यह शिकायत रहती है कि पैसे इस हाथ आता है और उस हाथ चला भी जाता है। कुछ को शिकायत रहती है कि पैसा आता ही नहीं तो बढ़ेगा कैसे। सांसारिक जीवन में अर्थ बिना सब व्यर्थ है। इसीलिए हम जानते हैं वे चार तरीके जिनसे धन सुरक्षित भी रहेगा।

हिन्दू धर्मग्रंथ महाभारत की विदुर नीति में लक्ष्मी का अधिकारी बनने के लिए विचार और कर्म से जुड़े 4 अहम सूत्र बताए गए हैं। जानिए, ये चार तरीके जिनको अपनाकर ज्ञानी हो या अल्प ज्ञानी दोनों ही धनवान बन सकते हैं।

श्लोक:-
श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भात् सम्प्रवर्धते।
दाक्ष्यात्तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठत्ति।।

इस श्लोक का अर्थ विस्तार:-

1.पहला तरीका
अच्छे या मंगल कर्म से स्थाई रूप से लक्ष्मी आती है। इसका मतलब यह कि परिश्रम और ईमानदारी से किए गए कार्यों से धन की प्राति होती है।

1.दूसरा तरीका
प्रगल्भता अर्थात धन का सही प्रबंधन और निवेश एवं बचत से वह लगातार बढ़ता है। यदि हम धन को उचित आय बढ़ने वाले सही कार्यों में लगाएंगे तो निश्चित ही लाभ मिलेगा।
3.तीसरा तरीका
चातुर्य या चतुराई अर्थात अगर धन का सोच-समझकर उपयोग किया जाए और आय-व्यय का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए तो धन की बचत भी होगी और वह बढ़ता भी रहेगा। इससे धन का संतुलन बना रहेगा।

4.चौथा तरीका
चौथा और अंतिम सूत्र संयम अर्थात मानसिक, शारीरिक और वैचारिक संयम रखने से धन की रक्षा होती है। इसका मतलब यह कि सुख पाने और शौक पूरा करने की चाहत में धन का दुरुपयोग न करें। धन को घर और परिवार की आवश्यक जरूरतों पर ही खर्च करें।
तो यह था विदुर नीति अनुसार धन को प्राप्त करने, बढ़ाने और बचाने के चार तरीके। दरअसल, हमें धन को बचाने से ज्यादा उसे बढ़ाने की दिशा में ज्यादा सोचना चाहिए। आप यहां यह भी जान लें कि धन उस परिवार में ही टिकता हैं जहां प्रसन्नता, प्रेम, भाईचारा और स्वच्छता विद्यमान है। यह भी जरूरी है कि घर होना चाहिए वास्तु अनुसार।

धर्म संसार / शौर्यपथ / धर्म में तो हजारों बातें लिखी हैं किंतु कोई उसका अनुसरण करता है और कोई नहीं। धर्म में लिखी हजारों बातों में से मात्र 20 बातों का ही अनुसरण कर लिया जाए तो जीवन में सुख और शांति स्थापित हो सकती है।

1. ज्यादातर लोग इस खयाल में रहते हैं कि आज नहीं कल सेहत सुधार लेंगे। धर्म कहता है कि समस्या और बीमारी को मामूली समझकर शुरू में इलाज न करना घातक सिद्ध होता है। अत: जैसे ही पता चले कि कुछ समस्या या बीमारी है तो सब कार्य छोड़कर पहले उसका समाधान और इलाज करना चाहिए अन्यथा रोग बढ़ते देर नहीं लगती।

2. ज्यादातर लोग इसी ख्याल में रहते हैं कि जवानी और तंदुरुस्ती हमेशा रहेगी या वे कभी इस और ध्यान ही नहीं दे पाते हैं कि एक न एक दिन यह जवानी ढल जाएगी। आज जवानी पर इतराने वाले बहुत सारे युवक और युवतियां मिल जाएंगे।
3. देखा गया है कि अधिकतर व्यक्ति लोगों के दुखों में शामिल नहीं होते और खुद यह अपेक्षा रखते हैं कि कोई हमारे दुख-दर्द सुन ले और हमारी मदद करें। इसके लिए वे उन लोगों के पास भी चले जाते हैं जिनके दुखों में वे कभी खुद नहीं गए।

4. आज के दौर में ऐसे भी बहुत से लोग मिल जाएंगे जिन्होंने शायद ही कभी माता-पिता की सेवा की हो, लेकिन अब वे अपनी संतानों से सेवा की उम्मीद रखते हैं। माता-पिता से झगड़ा करने वाले बहुत से जवान बेटे मिल जाएंगे। उनकी बुढ़ापे में बहुत बुरी दुर्गति होती है यह गरूड़ पुराण में लिखा है।
5. खुद को दूसरों से बेहतर समझने वाले अहंकारी लोगों की भरमार है। ऐसे लोग अपनी अक्ल को सबसे बढ़कर समझते हैं। परमेश्वर ने सभी को दो हाथ, कान, नाक, दिमाग बनाकर दिया है। ज्यादा पढ़ने और सोचने या धन अर्जित करने से कोई दूसरों से बेहतर नहीं बन जाता। बड़े से बड़े ज्ञानियों के भी सुख-दुख गरीबों और अज्ञानियों के समान ही हैं।


6. ज्यादातर लोग यह समझते हैं कि आज नहीं, कल यह कार्य कर लेंगे यानी किसी काम को ये सोचकर अधूरा छोड़ना कि फिर किसी दिन पूरा कर लिया जाएगा, यह लापरवाही जीवन में असफलता का कारण बन जाती है।
7. बहुत से ऐसे लोग हैं, जो खुद तो दूसरों के साथ खराब बर्ताव करते हैं और अपेक्षा यह रखते हैं कि सभी उनसे अच्छा व्यवहार करें। ऐसे लोग नकारात्मक विचारों के होते हैं और हमेशा वे दूसरों की बातों को काटते रहते हैं और अपना ही बखान करते रहते हैं।

8. कोई अच्छी राय दे तो उस पर ध्यान न देना भी कई लोगों की आदत है। ऐसे लोग न चाहने पर भी दूसरों को राय बांटते रहते हैं। ऐसे लोग कभी किसी की बात ध्यान से नहीं सुनते लेकिन अपेक्षा रखते हैं कि कोई हमारी बातें ध्यान से सुने। ऐसे में यदि कोई उनकी बातें ध्यान से नहीं सुनता हैं तो उन्हें गुस्सा आता है।
9. बहुत से लोगों में आदत होती है किसी भी मामले में दखलअंदाजी करना। उनमें भी वे लोग सबसे खराब हैं, जो बिना कारण के किसी के घरेलू मामले में दखल देते हैं और मामले को और बिगाड़ देते हैं।

10. बहुत से लोग अपने स्वार्थ के लिए या निष्प्रयोजन झूठ बोलते रहते हैं। वे हर वक्त झूठी कसम खाते रहते हैं। उनमें भी वे लोग अपराधी हैं तो कसम खाकर, झूठ बोलकर और धोखा देकर अपना माल बेचते या व्यापार करते हैं।
11. अपनी बुरी आदतों को ढंकने या उनको सही ठहराने वाले लोग भी बहुत मिल जाएंगे। यदि वे शराब पी रहे हैं तो शराब के अच्छे होने का तर्क देंगे। यदि वे अन्य कोई धर्मविरुद्ध कार्य कर रहे हैं तो उस कार्य को ढंकने के लिए कुतर्क का सहारा लेंगे।

12. पराई स्त्री से संबंध रखने वाले भी बहुत मिल जाएंगे। ऐसी स्‍त्रियां भी मिल जाएंगी, जो अपने पति को धोखा देकर दूसरे मर्द के साथ हैं। यह हमारे पारिवारिक समाज की नैतिकता के विरुद्ध है। इस तरह के लोगों को देखकर कुछ तो उनका विरोध करते हैं और कुछ उनके जैसा जीवन जीने की सोचते हैं। सभी तरह के अनैतिक संबंधों को सही ठहराने वाले धर्म की नजर में अपराधी हैं।
13. बहुत से लोग ऐसे हैं, जो हर एक के सामने अपना दुख-दर्द सुनाते रहते हैं और अपने घर का भेद दूसरों पर जाहिर करते हैं। इससे घर और परिवार में बिखराव होता है। ऐसे लोग कमजोर माने जाते हैं। ऐसे लोगों का बहुत से दूसरे लोग शोषण भी करते हैं।

14. सिनेमा, नशा, पान आदि पर अनाप-शनाप खर्चा कर देते हैं लेकिन अपने द्वार या दुकान पर आए फकीरों और गरीबों को धक्का देकर भगा देते हैं।


15. लाखों लोग हैं, ऐसे जो अपनी जुबान बंद नहीं रख सकते। वे दूसरों को कभी बोलने का अवसर नहीं देते। हर बात में वे अपनी राय रखना चाहते हैं भले ही वे उस विषय का ज्ञान नहीं रखते हों। ऐसे लोग जरूरत से ज्यादा बातचीत करते हैं। वे बगैर सोचे-समझे करते हैं। इनमें से अधिकतर ऐसे हैं, जो हमेशा नकारात्मक बातें ही करते रहते हैं। हमेशा उनके मुंह से कटु वचन ही निकले रहते हैं। ऐसे लोगों से आप कभी भी संवाद स्थापित नहीं कर सकते।
16. पड़ोसियों से अच्छा व्यवहार करना हर धर्म सिखाता है लेकिन कितने हैं, जो ऐसा करते हैं। पड़ोसियों से अच्‍छा व्यवहार न करने का मतलब है कि आप खुद की और दूसरों की शांति भंग कर रहे हैं। आप जहां भी जाएंगे शांति भंग ही करते रहेंगे। ऐसे लोग हमेशा यदि सोचते रहते हैं कि शांति भंग करने वाला मैं नहीं पड़ोसी ही है, यह जाएगा तभी जीवन में शांति आएगी। ऐसे लोग एक दिन खुद बेघर हो जाते हैं।

17. आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपय्या यानी आमदनी से अधिक खर्च करने वाले उधार लेकर भी जिंदगी बसर करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ते और एक दिन वे बुरे दौर में फंस जाते हैं। वे सोचते रहते हैं कि आज तो कर लो खर्चा कल से बचत करेंगे या ज्यादा खर्चा नहीं करेंगे। ऐसे लोगों को बुरा इसलिए कहा जा सकता है, क्योंकि इनकी वजह से दूसरों का जीवन भी संकट में आ जाता है।

 

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