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May 23, 2026
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धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

By- नरेश देवांगन 

जगदलपुर, शौर्यपथ। डिमरापाल आयुष औषधालय में नियमित उपस्थिति को लेकर शिकायत के बाद अब मामले में एक नया पहलू सामने आया है। विभागीय सूत्रों एवं संबंधित पक्षों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायत के बाद जिला आयुष अधिकारी द्वारा संबंधित चिकित्सा अधिकारी से चर्चा की गई, जिसमें कथित रूप से नियमित उपस्थिति प्रभावित होने के पीछे “अत्यधिक गर्मी” एवं व्यक्तिगत कारणों का उल्लेख किया गया।

सूत्रों के अनुसार, संबंधित चिकित्सा अधिकारी ने चर्चा के दौरान कहा कि अत्यधिक तापमान के कारण लंबे समय तक अस्पताल में बैठने में कठिनाई होती है। इस पर जिला आयुष अधिकारी ने कथित तौर पर नाराजगी व्यक्त करते हुए यह कहा कि शासकीय सेवा में निर्धारित समय तक उपस्थित रहकर मरीजों को सेवाएं देना आवश्यक दायित्व है और अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी समान परिस्थितियों में कार्य कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि इसके बाद संबंधित चिकित्सा अधिकारी द्वारा पारिवारिक परिस्थितियों, विशेषकर अपनी स्कूली बेटी की देखभाल का उल्लेख करते हुए नियमित उपस्थिति में कठिनाई होने की बात कही गई। साथ ही यह भी चर्चा में आया कि उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियों की जानकारी विभागीय स्तर पर होने के कारण उन्हें ऐसे स्थान पर पदस्थ किया गया, जहां आवागमन अपेक्षाकृत सुगम हो। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या सरकारी अस्पताल “व्यक्तिगत सुविधा केंद्र” बनते जा रहे हैं? यदि व्यक्तिगत कारणों और मौसम को आधार बनाकर नियमित ड्यूटी प्रभावित होगी, तो दूरदराज के मरीज आखिर किस भरोसे सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की ओर देखें?

सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अनुपस्थित रहने के बावजूद हाजिरी में अनुपस्थिति दर्ज नहीं होती। हालांकि, इन बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही संभव होगी।

अब मुख्य प्रश्न यह है कि यदि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित सेवाएं प्रभावित होती हैं, तो इसका सीधा असर ग्रामीण मरीजों पर पड़ता है। ऐसे में आमजन की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग इस मामले में तथ्यात्मक जांच कर क्या निष्कर्ष निकालता है और नियमानुसार क्या कदम उठाए जाते हैं।

भिलाई-3: रेलवे प्रशासन ने भिलाई-3 क्षेत्र में अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। रेलवे की बेशकीमती भूमि को खाली कराने के लिए 48 से अधिक परिवारों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है, जिसके बाद से पूरे इलाके में तनाव और चिंता का माहौल है।

? कार्रवाई का मुख्य कारण: 'वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट' का निर्माण

रेलवे विभाग के अनुसार, जिस जमीन पर वर्तमान में कब्जा है, वहां एक जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plant) का निर्माण प्रस्तावित है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को समय पर शुरू करने के लिए रेलवे प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।

? नोटिस की मुख्य बातें

आदेश की जानकारी: रायपुर के अपर मंडल रेल प्रबंधक (ऑपरेशन) एवं राजसंपदा अधिकारी ने आदेश क्रमांक "बलवंत नेताम +45 अन्य/46/2025" के तहत यह नोटिस जारी किया है।

समय सीमा: कब्जाधारियों को 15 दिनों के भीतर जगह खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है।

चेतावनी: यदि तय समय में निर्माण नहीं हटाया गया, तो रेलवे स्वयं प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई कर इसे ध्वस्त कर देगा। कार्रवाई के दौरान होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी कब्जाधारियों की होगी।

?️ प्रभावित परिवारों में रोष, महापौर से लगाई गुहार

नोटिस जारी होते ही बड़ी संख्या में महिलाएं नगर निगम कार्यालय पहुंचीं और महापौर निर्मल कोसरे से मुलाकात की। निवासियों का कहना है कि वे वर्षों से वहां रह रहे हैं और अचानक बेदखली से उनके सामने छत का संकट खड़ा हो गया है। उनकी मांग है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास के उन्हें न हटाया जाए।

? महापौर का रुख: "मानवीय दृष्टिकोण अपनाना जरूरी"

भिलाई-चरोदा नगर निगम के महापौर निर्मल कोसरे ने इस मामले में प्रभावित परिवारों का समर्थन किया है। उनके वक्तव्य के मुख्य बिंदु:

मानवीय संवेदना: उन्होंने रेलवे अधिकारियों से चर्चा कर मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया है।

प्राथमिकता: महापौर ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन गरीब परिवारों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

निगम का साथ: निगम प्रशासन प्रभावितों के साथ खड़ा है और उनकी बात शासन व रेलवे तक पहुंचाकर उचित समाधान निकालने का प्रयास करेगा।

अब क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि रेलवे की विकास योजना और गरीब परिवारों के आशियाने के बीच प्रशासन क्या बीच का रास्ता निकालता है।

भिलाई: मानसून की तैयारियों और वार्ड क्रमांक 01 में होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर, निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने आज जोन-1 का व्यापक दौरा किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों की समीक्षा और शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना था।

? मुख्य निरीक्षण बिंदु और निर्देश

1. भेलवा तालाब: सौंदर्यीकरण और संधारण

नेहरू नगर स्थित भेलवा तालाब के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने निम्नलिखित निर्देश दिए:

स्वच्छता: तालाब के चारों ओर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।

सुविधाएं: खेल उपकरणों की मरम्मत और परिसर के आवश्यक संधारण (Maintenance) कार्य तत्काल किए जाएं।

नागरिक सेवा: नागरिकों के लिए सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता पर हो।

2. मानसून पूर्व तैयारी: नाला सफाई और रिटर्निंग वॉल

वर्षा ऋतु में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए आयुक्त ने सख्ती दिखाई:

संजय नगर नाला: नाले की गाद (Silt) निकालने का कार्य युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि जल प्रवाह सुगम रहे।

गुणवत्ता: रिटर्निंग वॉल के निर्माण में सामग्री और कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न करने की हिदायत दी।

डेडलाइन: सभी निर्माण कार्य वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं।

3. आदर्श आचार संहिता और संपत्ति विरूपण

वार्ड क्रमांक 01 में आगामी उपचुनाव के कारण आदर्श आचार संहिता प्रभावी है, जिसे लेकर आयुक्त ने कड़े कदम उठाए:

पोस्टर-बैनर पर कार्रवाई: सार्वजनिक दीवारों और सरकारी संपत्तियों पर अवैध रूप से लगे पोस्टर, बैनर और वॉल पेंटिंग को तत्काल हटाने (संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत) के निर्देश दिए।

निर्माण पर रोक: वार्ड 1 की सीमा के भीतर कोई भी नया निर्माण कार्य प्रारंभ न करने के आदेश दिए गए।

समीक्षा: लोक निर्माण विभाग द्वारा पहले से चल रहे रोड और नाली निर्माण कार्यों का मौके पर अवलोकन किया गया।

? आयुक्त का वक्तव्य

"शहर की स्वच्छता और व्यवस्थित विकास हमारी प्राथमिकता है। मानसून से पहले सभी नालों की सफाई और रिटर्निंग वॉल का कार्य पूर्ण करना अनिवार्य है। साथ ही वार्ड 1 में आदर्श आचार संहिता का पालन करते हुए संपत्ति विरूपण पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।" — राजीव कुमार पांडेय, आयुक्त

? निरीक्षण दल में शामिल अधिकारी

इस दौरान आयुक्त के साथ मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी उपस्थित रहे:

ऐशा लहरे (जोन आयुक्त)

जावेद अली (स्वास्थ्य अधिकारी)

अंकित सक्सेना (सहायक जोन स्वास्थ्य अधिकारी)

संबंधित क्षेत्रों के स्वच्छता निरीक्षक एवं अन्य कर्मचारी।

  भिलाई / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भाजपा नेत्री सुषमा जेठानी को सिंधी साहित्य अकादमी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर भिलाई-3 सिंधी पंचायत द्वारा भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, भाजपा के वरिष्ठ नेता राकेश पाण्डेय, जिला भाजपा अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन एवं छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
भाजपा नेता राकेश पाण्डेय ने सुषमा जेठानी को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सिंधी साहित्य, भाषा और संस्कृति को नई दिशा एवं पहचान मिलेगी। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने संगठन की ओर से शुभकामनाएं देते हुए इसे समाज के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स की ओर से सुषमा जेठानी का पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में भिलाई-3 पंचायत अध्यक्ष शमन लाल नथानी, वैशाली नगर श्रीराम सिंधी पंचायत सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित रहे।
अपने उद्बोधन में अजय भसीन ने कहा कि सुषमा जेठानी सरल, सहज और समाजसेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व हैं तथा उनकी नियुक्ति से समाज को नई ऊर्जा मिलेगी। कार्यक्रम में खुर्सीपार पंचायत, सेक्टर-4 सिंधी पंचायत सहित बड़ी संख्या में व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

रायपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कबीरधाम जिले के डोंगरिया में आयोजित अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज की एकता, संगठन, सामाजिक चेतना तथा देश और प्रदेश के विकास में कुर्मी समाज के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि एक संगठित और सशक्त समाज ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला होता है। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों को सिंचाई, सड़क और धार्मिक पर्यटन से जुड़े महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगात भी दी। इससे पूर्व उन्होंने जलेश्वर महादेव धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया तथा प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कुर्मी समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी महान विभूतियों ने देश की एकता, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कुर्मी समाज मेहनतकश, प्रगतिशील और जागरूक समाज है, जिसने खेती-किसानी से लेकर शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक नेतृत्व तक हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के नए दौर से गुजर रहा है। अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण करोड़ों देशवासियों की आस्था का प्रतीक बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रामलला दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन करा रही है तथा अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में “मोदी की गारंटी” को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है, जिससे प्रदेश की लाखों मातृशक्ति के खातों में 27-27 हजार रुपये की राशि पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 हजार 500 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। रेलवे अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की पांच प्रमुख शक्ति पीठों को विकसित कर धार्मिक और सांस्कृतिक कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जो समाज शिक्षित और संगठित होता है, वही निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित करता है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और संगठन में निहित होती है। उन्होंने कहा कि जिस समाज के प्रेरणास्रोत छत्रपति शिवाजी महाराज और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महानायक हों, वह समाज स्वाभाविक रूप से गौरवशाली और प्रगतिशील बनता है। उन्होंने समाज से शिक्षा, संगठन और सामाजिक समरसता को और मजबूत करने का आह्वान किया।
राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि कुर्मी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता, संगठन और पारस्परिक विश्वास है। उन्होंने कहा कि जहां विश्वास, संस्कार और चरित्र का समावेश होता है, वहां समाज निरंतर प्रगति करता है और नई पीढ़ियों को दिशा देता है।
तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह ने कहा कि कुर्मी समाज छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख, जागरूक और प्रगतिशील समाज है, जिसकी मजबूत उपस्थिति प्रदेश के लगभग प्रत्येक गांव में दिखाई देती है। पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि कुर्मी समाज मेहनत, कर्मठता और प्रगतिशील सोच के लिए जाना जाता है तथा समाज के लोग हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।
अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वेश कटियार ने कहा कि कुर्मी समाज की संगठनात्मक परंपरा 132 वर्षों से अधिक पुरानी है। समाज ने अपनी मेहनत, सामाजिक मूल्यों और एकता के बल पर देशभर में विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां कुर्मी समाज की सक्रिय भागीदारी रही है, वहां विकास और सामाजिक प्रगति को नई दिशा मिली है। इस अवसर पर गणमान्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं समाज के लोग उपस्थित थे।

मुख्यधारा में लौटने की पहल, जेल में शुरू हुआ कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र

    रायपुर / शौर्यपथ / छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी ‘निश्चय’ योजना के तहत केंद्रीय जेल एवं महिला जेल रायपुर में आयोजित विशेष समारोह में 67 बंदियों को कौशल विकास प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इनमें 38 महिला बंदिनी और 29 पुरुष बंदी शामिल हैं।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा बंदियों को अपराध की दुनिया से दूर कर स्वावलंबन और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करना है। योजना के अंतर्गत बंदियों को काउंसलिंग, अपराध बोध की समझ, कौशल प्रशिक्षण एवं रिहाई के बाद स्वरोजगार हेतु बैंक ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
जेल में शुरू हुआ कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र
डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय जेल रायपुर में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया। अब बंदी जेल परिसर में ही बेसिक और एडवांस कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे, जिससे रिहाई के बाद रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
13 मई को लगेगा लोन मेला
रिहा होने वाले बंदियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 13 मई 2026 को इंडियन ओवरसीज बैंक द्वारा जेल परिसर में लोन मेला आयोजित किया जाएगा, जहां स्वरोजगार शुरू करने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम में डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री, महिला जेल प्रभारी गरिमा पांडेय सहित जेल प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

पुल, आधुनिक हाट बाजार, फल-सब्जी मंडी और महतारी सदनों से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार

जशपुर / शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कलिबा में आयोजित कार्यक्रम में 16 करोड़ 5 लाख रुपए से अधिक के 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया।
इन विकास कार्यों में उच्च स्तरीय पुल, आधुनिक हाट बाजार, फल-सब्जी मंडी, स्कूल भवन और महतारी सदन शामिल हैं, जिनसे ग्रामीण अधोसंरचना, कृषि विपणन, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब और किसानों तक विकास की सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल, बाजार और महिला केंद्र जैसे निर्माण कार्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन को मजबूत बनाने का माध्यम हैं।
मुख्य घोषणाएं एवं कार्य
कलिबा और बेहराखार में आधुनिक हाट बाजार निर्माण
दो उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण
नवीन स्कूल भवनों का भूमिपूजन
फल-सब्जी मंडी, गोदाम और पार्किंग का लोकार्पण
ढोढ़ीबहार, नारायणपुर और केराड़ीह में महतारी सदनों का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से किसानों को बेहतर बाजार, विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा वातावरण और महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों के लिए सशक्त मंच मिलेगा।
कार्यक्रम में श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, उपेंद्र यादव सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

1.54 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी, दूरस्थ गांवों के 39 मरीजों को मिला बेहतर इलाज
       रायपुर/सुकमा।शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में संचालित मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान सुकमा जिले में दूरस्थ और अंदरूनी क्षेत्रों के लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रहा है।
कोंटा विकासखंड के नियद नेल्लानार क्षेत्र के कई गांवों से 39 मरीजों को जिला अस्पताल सुकमा लाकर जांच एवं उपचार कराया गया। इनमें 16 लोगों को चश्मे वितरित किए गए तथा 8 मरीजों का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया। वहीं गोगुंडा पहाड़ी क्षेत्र की 5 हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित जांच कर आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श दिया गया।
अभियान के तहत अब तक जिले में 2,93,386 के लक्ष्य में से 1,54,157 लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी हो चुकी है। जांच के दौरान 4990 मरीजों को मोतियाबिंद, मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, एनीमिया, कुपोषण, बीपी एवं शुगर जैसी बीमारियों से चिन्हित कर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि अभियान का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और किसी भी जरूरतमंद को इलाज से वंचित न होने देना है।
मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए इलाज के बाद मरीजों को सुरक्षित घर पहुंचाने की व्यवस्था भी प्रशासन द्वारा की गई। जिला अस्पताल से 4 एम्बुलेंस के माध्यम से मरीजों को नाश्ता कराकर उनके गांवों तक पहुंचाया गया।

   ​गुवाहाटी | असम की राजनीति में एक बार फिर केसरिया परचम लहराया है। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) गठबंधन ने 2026 के विधानसभा चुनावों में प्रचंड बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया है। इस शानदार जीत के बाद अब सबकी निगाहें 12 मई 2026 को होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं।
​खानापारा मैदान में सजेगा जीत का मंच
​गुवाहाटी का खानापारा वेटरनरी कॉलेज मैदान इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनेगा। 12 मई की सुबह 11:00 बजे हिमंत बिस्व सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। इस समारोह में जनभागीदारी का आलम यह होगा कि प्रशासन लगभग 1 लाख से अधिक लोगों के जुटने की उम्मीद कर रहा है।
​दिग्गजों का जमावड़ा: पीएम मोदी होंगे मुख्य अतिथि
​समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और एनडीए शासित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री भी इस शक्ति प्रदर्शन और विजय उत्सव में शामिल होंगे।
​कैसे थमा सस्पेंस?
​मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर 10 मई को विराम लग गया। केंद्रीय पर्यवेक्षकों, जेपी नड्डा और नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में हुई विधायक दल की बैठक में हिमंत बिस्व सरमा को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। हालांकि चर्चाओं में रंजीत कुमार दास और अजंता नियोग जैसे नाम भी शामिल थे, लेकिन सरमा के नेतृत्व और उनकी प्रशासनिक पकड़ ने उन्हें आलाकमान की पहली पसंद बनाए रखा।
​चुनाव परिणाम: एनडीए की 'सुनामी'
​असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए ने विपक्षी खेमे को पूरी तरह हाशिए पर धकेल दिया है:
​भाजपा: 82 सीटें (अकेले दम पर बहुमत का आंकड़ा पार)
​AGP और BPF: 10-10 सीटें
​कुल एनडीए: 102 सीटें
​विपक्ष (कांग्रेस): मात्र 19 सीटों पर सिमटी।
​"यह जीत असम के विकास और जनता के विश्वास की जीत है। 12 मई से शुरू होने वाला यह दूसरा कार्यकाल राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।"

प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना, किसानों और श्रद्धालुओं के लिए की बड़ी घोषणाएं

   कबीरधाम । शौर्यपथ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कबीरधाम जिले के डोंगरिया स्थित प्रसिद्ध जलेश्वर महादेव धाम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक भावना बोहरा एवं धर्मजीत सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत हमारी पहचान है तथा सरकार धार्मिक धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएं
50 करोड़ रुपए से क्षीरपानी मध्यम परियोजना की नहर विस्तार योजना
लगभग 1100 हेक्टेयर क्षेत्र में बढ़ेगी सिंचाई सुविधा
जलेश्वर महादेव धाम के विकास एवं सौंदर्यीकरण हेतु 50 लाख रुपए स्वीकृत
खरहट्टा से डोंगरिया तक 2.5 किमी सड़क उन्नयन की घोषणा
प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा जलेश्वर महादेव धाम श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां का शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ है, जिसके दर्शन के लिए सावन और महाशिवरात्रि में हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।

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