August 03, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

    रायपुर / शौर्यपथ /
    राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी–NIT) रायपुर में 21 दिसंबर 2025 को एलुमनी एसोसिएशन, गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज–नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (GEC–NIT) रायपुर द्वारा वार्षिक पूर्व छात्र मिलन समारोह–2025 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संस्थान के गोल्डन टॉवर में संपन्न हुआ।
    इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) एन. वी. रमना राव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में 1965, 1975, 1985 एवं 2000 बैच के पूर्व छात्र, एलुमनी एसोसिएशन के पदाधिकारी, संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी शामिल हुए।
    कार्यक्रम के प्रारंभ में एलुमनी एसोसिएशन के सहयोग से निर्मित दो स्मार्ट कक्षा कक्षों एवं एक आधुनिक कॉन्फ्रेंस कक्ष का उद्घाटन किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ औपचारिक कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।
    एलुमनी एसोसिएशन जीईसी–एनआईटी रायपुर के अध्यक्ष श्री उमेश चितलांगिया ने कहा कि पूर्व छात्र मिलन समारोह संस्थान और एलुमनी के बीच संबंधों को सुदृढ़ करने का प्रभावी मंच है। उन्होंने स्मार्ट कक्षाओं, छात्र सहायता, बीमा कवरेज एवं डिजिटल परिवर्तन जैसी एलुमनी-समर्थित पहलों की जानकारी दी।
    संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने अपने वीडियो संदेश में बताया कि एलुमनी के सहयोग से 20 स्मार्ट कक्षाओं का विकास किया जा चुका है तथा 20 और कक्षाओं को स्मार्ट बनाने की योजना है। उन्होंने पूर्व छात्रों से संस्थान के विकास में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
    विभिन्न बैचों के पूर्व छात्रों ने संस्थान के प्रति अपने अनुभव साझा करते हुए मेंटरिंग, तकनीकी उन्नयन एवं संस्थागत विकास में सहयोग पर बल दिया।
    अपने संबोधन में निदेशक प्रो. (डॉ.) एन. वी. रमना राव ने एलुमनी योगदान की सराहना करते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर की समग्र छात्र विकास एवं भविष्य–उन्मुख दृष्टि को रेखांकित किया। उन्होंने साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (Corporate Social Responsibility–CSR) योजना से निर्मित छात्रावास सहित प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया।
    कार्यक्रम के दौरान लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार, विशिष्ट पूर्व छात्र सम्मान एवं बैच–वार सम्मान प्रदान किए गए। समारोह का समापन पूर्व छात्रों द्वारा शिक्षकों के सम्मान के साथ हुआ।

    बिलासपुर । शौर्यपथ
    परियोजना प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत आवश्यकताओं को मजबूत करते हुए एनटीपीसी सीपत द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के अंतर्गत किए जा रहे ₹6.25 करोड़ के विकास कार्यों का उद्घाटन और भूमिपूजन ग्राम पंचायत कर्रा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ₹4.53 करोड़ की लागत से पूर्ण 12 विकास कार्यों का लोकार्पण और ₹1.72 करोड़ के चार नए प्रस्तावित कार्यों का भूमिपूजन संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय राज्य मंत्री (आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय) तथा बिलासपुर सांसद श्री तोखन साहू ने इन कार्यों का विधिवत उद्घाटन किया। कार्यक्रम में मस्तूरी विधायक श्री दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, पूर्व विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, एवं एनटीपीसी सीपत के परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक श्री विजय कृष्ण पाण्डेय विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

    कई गांवों में दर्जनों विकास कार्य पूरे

    एनटीपीसी सीपत ने अपने CSR कार्यक्रम के तहत परियोजना प्रभावित ग्राम पंचायतों—कर्रा, सीपत, गतौरा, रलिया, जांजी, देवरी, कौड़िया, रांक और दर्राभाटा—में कुल 12 विकास कार्य पूरे किए हैं, जिनमें

    आधारभूत संरचना निर्माण,तालाबों का पुनरुद्धार,शिक्षा सुविधाओं का विस्तारजैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं।साथ ही चार नए विकास कार्यों के लिए भूमिपूजन किया गया।

    “सीएसआर ग्रामीण विकास की रीढ़” — केंद्रीय मंत्री तोखन साहू

    मुख्य अतिथि श्री तोखन साहू ने कहा कि एनटीपीसी सीपत द्वारा किए जा रहे कार्यों से क्षेत्रीय विकास को ठोस आधार मिला है। उन्होंने कहा कि “सीएसआर केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि समावेशी विकास का मार्ग है।”
    उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ स्थित एनटीपीसी सीपत देश के कई राज्यों को विद्युत आपूर्ति कर रहा है और निर्माणाधीन 800 मेगावाट की नई इकाई से इसकी राष्ट्रीय भूमिका और सशक्त होगी।

    जनप्रतिनिधियों ने सराहा विकास मॉडल

    मस्तूरी विधायक श्री दिलीप लहरिया ने कहा कि ग्राम स्तर पर बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ही समग्र विकास का वास्तविक मार्ग है और एनटीपीसी इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

    जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि सीएसआर के ये कार्य ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।

    पूर्व विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी एवं जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती देवी ने कौशल विकास और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐसे प्रयासों को अत्यंत आवश्यक बताया।

    एनटीपीसी की प्रतिबद्धता

    परियोजना प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक श्री विजय कृष्ण पाण्डेय ने एनटीपीसी सीपत द्वारा संचालित CSR गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत करते हुए सामाजिक विकास के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता दोहराई तथा सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में एनटीपीसी सीपत के वरिष्ठ अधिकारी, जिला एवं जनपद पंचायत सदस्य, अनेक ग्राम पंचायतों के सरपंच, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सक्रिय सहभागिता के साथ कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

    कवर्धा / शौर्यपथ /
    उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विकासखंड बोड़ला के ग्राम पोड़़ी में सुरेठी कुर्मी समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण किया। समाज के बीच आयोजित भव्य सम्मेलन में उन्होंने सहभागिता करते हुए समाज के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों का उत्साहपूर्ण स्वागत किया। मंच पर उत्कृष्ट सामाजिक कार्य करने वाले प्रतिनिधियों को उन्होंने शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए सुरेठी कुर्मी (वर्मा) समाज के छात्रावास एवं भवन विकास हेतु 30 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर रचनात्मक कार्य में सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    “संस्कारों से बनता है सशक्त समाज” — उपमुख्यमंत्री

    लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि किसी भी समाज की मज़बूती का आधार केवल शिक्षा नहीं, बल्कि संस्कार होते हैं। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी यदि संस्कार न हों तो उसका कोई सार्थक परिणाम नहीं निकलता। उन्होंने हाल के आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि “हमले में शामिल लोग पढ़े-लिखे थे, परंतु उनमें संस्कारों की कमी थी, जिसने उन्हें गलत मार्ग पर धकेल दिया।”
    उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि भारतीय और छत्तीसगढ़ी संस्कृति में संस्कारों की परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है। “यदि बच्चा प्रतिदिन माता-पिता को प्रणाम करता है, अपने बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करता है, तो वह कभी भटक नहीं सकता।” उन्होंने लोगों से इस परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का आह्वान किया।
    कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मनीराम साहू, वर्मा समाज अध्यक्ष शिवप्रसाद वर्मा, तथा समाज के प्रमुख प्रतिनिधि—भगवती प्रसाद वर्मा, रवि वर्मा, सत्रुहन वर्मा, पुराण वर्मा, श्याम वर्मा, अमित वर्मा, पीताम्बर वर्मा, भरत वर्मा, सरपंच मिथिला साहू समेत बड़ी संख्या में समाजजन और नागरिक उपस्थित थे।

    केपीएल के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का सम्मान

    उपमुख्यमंत्री द्वारा आयोजित कवर्धा प्रीमियर लीग (KPL) क्रिकेट प्रतियोगिता में बोड़ला मंडल के नेउरगांव टीम के खिलाड़ी लवकेश वर्मा तथा लेंजाखार के पोषण वर्मा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सबका ध्यान आकर्षित किया। उनके शानदार खेल से प्रभावित होकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दोनों खिलाड़ियों को सम्मानित किया तथा प्रत्येक को 5100 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

       भोपाल / एजेंसी / भोपाल में एक बार फिर साबित हो गया कि घोटालों के मामले में नगर निगम की रचनात्मकता अद्वितीय है। राजधानी के वार्ड 53 में मात्र 240 मीटर लंबी और 3 फीट चौड़ी नाली को ढंकने के लिए रिकॉर्डतोड़ 16,139 किलोग्राम (16 टन) लोहे का उपयोग दिखाया गया है। दिलचस्प बात यह है कि इतना लोहा तो बड़े पुलों में भी नहीं लगता, परंतु यहाँ एक ‘छोटी सी नाली’ ने ही निगम के ख़जाने को भारी-भरकम झटका दे दिया।
    कागजों पर सब कुछ इतना शानदार है कि बिना साइट देखे ही इंजीनियरों ने 13 लाख रुपये का बिल पास कर दिया। नगर निगम के असिस्टेंट इंजीनियर निशांत तिवारी द्वारा मंजूर यह बिल अब शहर में चर्चा का विषय बन गया है।
    उधर, प्रभारी एक्जीक्यूटिव इंजीनियर बृजेश कौशल पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि आरोप है कि उन्होंने निर्माण के दौरान एक बार भी साइट का दौरा नहीं किया। सबसे रोचक मोड़ तो तब आया जब 5 दिसंबर को नोटिस, और 8 दिसंबर को साइट निरीक्षण के बावजूद न तो रिपोर्ट पेश की गई और न ही काम की वास्तविकता जाँची गई—लेकिन बिल पास कराने में किसी ने देर नहीं की!
    अब मामले की गर्माहट बढ़ने के बाद निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने नाली की कोर-कटिंग के आदेश जारी कर दिए हैं, ताकि कागजों की दुनिया में बिछाए गए लोहे के पुल की सच्चाई जमीन पर उतर सके।भेल संगम कॉलोनी की यह नाली अब सिर्फ सीमेंट-सरिया की नहीं, बल्कि निगम की लापरवाही, इंजीनियरों की भूमिका और भ्रष्टाचार के लोहे जैसे ठोस सवालों की नाली बन चुकी है।

    राजनांदगांव/शौर्यपथ/ भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, राजनांदगांव के बायोकेमेस्ट्री विभाग द्वारा दिनांक 17 दिसंबर 2025 को Inborn Errors of Metabolism (IEM): From Bench to Bedside विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा (सी.एम.ई.) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से भी आयोजित हुआ, जिसमें राज्य के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों के चिकित्सा शिक्षक एवं स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।

    कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. पी.एम. लुका (अधिष्ठाता, चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव) एवं अतिथि डॉ. अतुल मनोहर राव देशकर (मेडिकल सुपरिंटेंडेंट) द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर किया गया। अतिथियों का स्वागत बायोकेमेस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल बरन चौधुरी द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. पी.एम. लुका ने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध एवं बदलावों से अपडेट रहने के लिए ऐसे शैक्षणिक आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं। वहीं डॉ. अतुल मनोहर राव देशकर ने IEM जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सीएमई आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस बीमारी की समय पर पहचान एवं उपचार में प्रयोगशाला जांच की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    कार्यक्रम में एम्स रायपुर से आमंत्रित मुख्य वक्ता डॉ. अतुल जिंदल (विभागाध्यक्ष एवं शिशु रोग विशेषज्ञ) ने The Nonspecific Clues: Recognizing IEM Across the Lifespan विषय पर व्याख्यान देते हुए IEM से जुड़े न्यूरोलॉजिकल लक्षणों एवं आवश्यक जांचों की विस्तृत जानकारी दी। एम्स रायपुर की डॉ. सुप्रवा पटेल (प्राध्यापक, बायोकेमेस्ट्री) ने IEM की पहचान हेतु होने वाली रक्त एवं जेनेटिक जांचों पर प्रकाश डाला। चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव के डॉ. अजय कोसम (विभागाध्यक्ष एवं शिशु रोग विशेषज्ञ) ने नवजात शिशुओं में मेटाबोलिक विकारों के नवीनतम निदान एवं उपचार तकनीकों की जानकारी दी। एम्स रायपुर की डॉ. तृप्ति सिंह नाइक (प्राध्यापक, शिशु रोग विभाग) ने बताया कि जीवनशैली एवं आहार में उचित बदलाव से IEM से पीड़ित मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं।

    डॉ. रोहित डेविड (सह प्राध्यापक, पी.एस.एम. विभाग) ने कहा कि भारत में IEM एक गंभीर और तेजी से बढ़ती समस्या बनती जा रही है, जिस पर गंभीरता से विचार आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में बायोकेमेस्ट्री विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. पुष्पेन्द्र नरेटी ने सभी अतिथियों एवं आयोजन से जुड़े सदस्यों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव में IEM से संबंधित जांच एवं उपचार सुविधा शीघ्र प्रारंभ होने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि यह संस्थान भविष्य में IEM जांच एवं उपचार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

    0 31 हजार विजेता व 21 हजार उपविजेता पुरस्कार, 50-50 फार्मूले से स्थानीय खिलाड़ियों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

    राजनांदगांव/शौर्यपथ / वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित बहुप्रतिष्ठित 5वीं छत्तीसगढ़ हॉकी लीग 2025 का भव्य आयोजन आगामी 21 से 28 दिसंबर तक ढाबा रोड स्थित चीखली स्कूल मैदान में किया जाएगा। आठ दिवसीय इस अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता में देश एवं प्रदेश की 12 उत्कृष्ट टीमें हिस्सा लेंगी, जिनके बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।

    अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी एवं एनआईएस गोल्ड मेडलिस्ट कोच मृणाल चौबे ने पत्रकारवार्ता में बताया कि हॉकी खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से समाजसेवी बलदेव सिंह भाटिया द्वारा अपने पूज्य पिताजी स्व. सुरजीत सिंह भाटिया की स्मृति में विजेता टीम को ₹31, 000 की नगद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। वहीं समाजसेवी बहादुर अली द्वारा अजीज मेमोरियल चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से उपविजेता टीम को ₹21, 000 की नगद राशि दी जाएगी।

    0 भव्य स्वागत व रैली

    प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी टीमों का स्वागत रेलवे स्टेशन पर किया जाएगा। इसके पश्चात चिखली चौक से चीखली स्कूल मैदान तक रैली निकालकर खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया जाएगा।

    0खिलाड़ियों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएँ

    आयोजकों द्वारा खिलाड़ियों के लिए भोजन एवं आवास की उत्तम व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मेडिकल टीम, आपातकालीन सुविधा, पेयजल, इको-फ्रेंडली परिवहन, मैच ऑफिशियल्स, आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम, बेस्ट प्लेयर एवं बेस्ट दर्शक पुरस्कार की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

    0फ्लड लाइट में होंगे मुकाबले

    सांसद संतोष पाण्डेय द्वारा घोषित फ्लड लाइट का कार्य तेज़ी से जारी है। आयोजकों को उम्मीद है कि प्रतियोगिता प्रारंभ होने से पूर्व कार्य पूर्ण हो जाएगा और मुकाबले फ्लड लाइट में कराए जाएंगे।

    0 50-50 फार्मूले से मिलेगा अवसर

    कोच मृणाल चौबे ने बताया कि टूर्नामेंट में 50 प्रतिशत टीमें छत्तीसगढ़ से तथा 50 प्रतिशत टीमें अन्य राज्यों से होंगी। इस अनोखे 50-50 फार्मूले से प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने का सुनहरा अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता लीग कम नॉकआउट फॉर्मेट में खेली जाएगी, जिससे खिलाड़ियों को अधिक मैच और बेहतर प्रतिस्पर्धात्मक माहौल प्राप्त होगा।

    0भाग लेने वाली प्रमुख टीमें

    खेलो इंडिया सेंटर राजनांदगांव, जिला हॉकी संघ राजनांदगांव, अमरावती एकादश (महाराष्ट्र), आर.के. रॉय हॉकी अकादमी, पटना (बिहार), भोपाल एकादश (मध्यप्रदेश), सेल हॉकी अकादमी (राउरकेला ओड़िशा), तमिलनाडु एकादश (चेन्नई), मेंघबरन सिंह हॉकी अकादमी (गाज़ीपुर उत्तर प्रदेश), स्टेट खेलो इंडिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस(बिलासपुर), जिला हॉकी संघ(कवर्धा), जिला हॉकी संघ दुर्ग, झारखंड एकादश

    आयोजकों के अनुसार, पटरी पार क्षेत्र में पहली बार इतने बड़े स्तर पर हॉकी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों की उपस्थिति की भी प्रबल संभावना है। पत्रकारवार्ता में वार्ड पार्षद शिव वर्मा, सुनील साहू एवं दीपेश चौबे उपस्थित रहे।

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    जगदलपुर से नरेश देवांगन की रिपोर्ट 

    जगदलपुर, शौर्यपथ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार यह संदेश दे रही है कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और जनता के प्रति संवेदनशीलता सर्वोपरि है। साय सरकार की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही को अहम बताया जा रहा है। लेकिन जगदलपुर शहर में PWD द्वारा किए जा रहे बी.टी. पैच रिपेयर कार्य की मौजूदा स्थिति यह सवाल खड़ा कर रही है कि क्या विभाग ज़मीन पर सरकार की सोच को सही मायनों में लागू कर पा रहा है?

    PWD द्वारा शहर में करोड़ों की लागत से चल रहे पैच रिपेयर कार्य को लेकर प्रकाशित खबर को एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन जमीनी हालात में कोई खास बदलाव नजर नहीं आ रहा। शहर में कई स्थानों पर मरम्मत कार्य अब भी अधूरा है, और फिलहाल कहीं भी सक्रिय कार्य होता दिखाई नहीं देता। इससे यह आभास बन रहा है कि काम की रफ्तार सरकार की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है।

    शहर के अनेक इलाकों में आज भी ऐसे गड्ढे मौजूद हैं, जहाँ तत्काल पैच वर्क की आवश्यकता है। हैरानी की बात यह है कि VIP रोड जैसी महत्वपूर्ण सड़कों पर भी मरम्मत अधूरी दिखाई देती है, जबकि सरकार बार-बार यह स्पष्ट कर चुकी है कि नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी तरह की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि जब साय सरकार सुशासन और जनहित को प्राथमिकता दे रही है, तब PWD की यह स्थिति सरकारी मंशा पर सवाल नहीं, बल्कि विभागीय कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। पहले पैच रिपेयर की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे, और अब काम का ठप पड़ जाना विभागीय निगरानी की कमी की ओर इशारा करता है।

    लोक निर्माण विभाग क्र- 01 के जिम्मेदार अधिकारी कार्यपालन अभियंता श्री बत्रा से जब पहले स्थिति को लेकर सवाल पूछे गए थे, तो व्यस्तता का हवाला दिया गया। एक सप्ताह बाद भी हालात में कोई ठोस सुधार न दिखना, यह संकेत देता है कि बैठकें तो हो रही हैं, लेकिन फील्ड स्तर पर उनकी असरदार निगरानी दिखाई नहीं दे रही।

    शहर में यह चर्चा आम है कि यदि विभागीय स्तर पर नियमित निरीक्षण और समीक्षा होती, तो न केवल अधूरे कार्य सामने आते, बल्कि समय रहते उन्हें पूरा भी किया जा सकता था। लोग पूछ रहे हैं— क्या विभाग सरकार द्वारा तय किए गए गुणवत्ता मानकों के अनुरूप काम कर रहा है?

    शहरवासियों का मानना है कि यह मुद्दा सरकार की नीयत का नहीं, बल्कि PWD की कार्यप्रणाली और जवाबदेही का है। यदि विभाग सरकार की मंशा के अनुरूप काम करे, तो सड़कों की हालत और जनता का भरोसा—दोनों बेहतर हो सकते हैं। अब सवाल केवल सड़कों तक सीमित नहीं रह गया है।

    सवाल यह है कि साय सरकार जिस सुशासन की बात कर रही है, क्या PWD भी उसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है? क्योंकि ज़मीन पर सड़कें अब भी जवाब मांग रही हैं, और जनता को उम्मीद है कि सरकार की संवेदनशीलता विभाग तक भी उतनी ही सख्ती से पहुँचेगी।

    दुर्ग / शौर्यपथ छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार जहां सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को अपनी प्राथमिक उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत कर रही है, वहीं दुर्ग नगर पालिक…

    रायपुर। शौर्यपथ
    अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का परचम लहराया है। एम्स रायपुर के एमबीबीएस 2023 बैच के छात्र अनिकेत त्रिपाठी एवं स्रहास दिन्नेपल्ली ने एम्स भोपाल में आयोजित प्रतिष्ठित अंतर-महाविद्यालय फार्माकोलॉजी क्विज़ प्रतियोगिता ‘फार्मक्वेस्ट 2025’ में देशभर की 37 टीमों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
    एम्स भोपाल के फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य चिकित्सा छात्रों में फार्माकोलॉजी की गहन अवधारणात्मक समझ एवं नैदानिक अनुप्रयोग को सुदृढ़ करना है। प्रतियोगिता के विभिन्न चुनौतीपूर्ण चरणों में एम्स रायपुर की टीम ने विषय ज्ञान, तार्किक विश्लेषण और उत्कृष्ट समस्या-समाधान क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन कर निर्णायकों को प्रभावित किया।
    इस गौरवपूर्ण सफलता पर एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) डॉ. अशोक जिंदल ने विजेता छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था, समर्पित संकाय और छात्रों की निरंतर मेहनत का परिणाम है।
    विजेता छात्रों का मार्गदर्शन फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नितिन गायकवाड़ के नेतृत्व में प्रो. डॉ. योगेंद्र केचे, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. पुगझेन्थेन थंगराजू, डॉ. प्रफुल्ल ठवरे एवं डॉ. समीर खासबागे ने किया। संरचित क्विज़ प्रशिक्षण और सतत अकादमिक सहयोग से छात्रों की तैयारी को मजबूती मिली।
    यह उपलब्धि एम्स रायपुर की सुदृढ़ अकादमिक संस्कृति, नवाचार-आधारित शिक्षण और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

    रायपुर / शौर्यपथ /
    डिजिटल सार्वजनिक खरीद व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (Government e-Marketplace – GeM) द्वारा छत्तीसगढ़ के खरीदारों एवं विक्रेताओं के लिए “जेम एक्सीलेंस समिट 2025” का आयोजन कल शुक्रवार 19 दिसंबर 2025 को लोक निर्माण विभाग (Public Works Department – PWD) न्यू सर्किट हाउस, सिवील लाईन्स, रायपुर में किया जाएगा। यह समिट राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक खरीद प्रणाली की दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर सिद्ध होगा।
    इस समिट का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय विभागों में डिजिटल सार्वजनिक खरीद की क्षमताओं को सशक्त करना तथा खरीदार संगठनों को जेम के ईकोसिस्टम, प्रमुख सुविधाओं और कार्यप्रणाली (वर्कफ़्लो) के प्रभावी उपयोग के लिए सक्षम बनाना है। कार्यक्रम के दौरान जेम प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध नवीन सुविधाओं, प्रक्रियागत सुधारों और पारदर्शी खरीद तंत्र की विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
    समिट में राज्य के विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं के लिए उपलब्ध व्यापक अवसरों पर विशेष प्रकाश डाला जाएगा। इसके माध्यम से स्थानीय इकाइयाँ, सूक्ष्म एवं लघु उद्यम, स्टार्टअप्स, कारीगर, महिला उद्यमी तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) उद्यमी एक ही डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के जरिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खरीदार संगठनों तक सरल, पारदर्शी और निर्बाध पहुँच बना सकेंगे।
    हाल ही में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस द्वारा काशन मनी (Caution Money) की समाप्ति और वेंडर असेसमेंट शुल्क में कमी जैसे सुधारों से छोटे उद्यमियों की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इन पहलों ने सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सुलभ, पारदर्शी और अवसर सृजन करने वाला बनाया है, जो विकसित भारत 2047 और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है।
    समिट के संबंध में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री मिहिर कुमार ने कहा कि यह आयोजन राज्य के खरीदारों और विक्रेताओं को नई सुविधाओं को समझने, संचालन प्रक्रियाओं पर स्पष्टता प्राप्त करने और रचनात्मक सुझाव साझा करने का सशक्त मंच प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समिट छत्तीसगढ़ को पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और दक्ष सार्वजनिक खरीद के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
    उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने अब तक गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से ₹6,408 करोड़ से अधिक मूल्य की वस्तुओं और सेवाओं की खरीद की है। इनमें से लगभग ₹2,600 करोड़ की खरीद राज्य के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से की गई है, जो समावेशी खरीद के प्रति राज्य की दृढ़ प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
    गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस ने राज्य में खरीद प्रक्रिया को तेज़ करने, प्रतिस्पर्धा बढ़ाने, देशव्यापी बाज़ार तक पहुँच उपलब्ध कराने और प्रत्येक खरीद निर्णय को पूरी तरह पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जेम छत्तीसगढ़ सरकार के साथ निरंतर सहयोग करते हुए डिजिटल गवर्नेंस और समावेशी सार्वजनिक खरीद प्रक्रियाओं को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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