August 05, 2026
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    धर्म संसार / शौर्यपथ / प्रभु यीशु के जन्म की ख़ुशी में मनाया जाने वाला क्रिसमस का त्योहार पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यह त्योहार कई मायनों में बेहद खास है। क्रिसमस को बड़ा दिन, सेंट स्टीफेंस डे या फीस्ट ऑफ़ सेंट स्टीफेंस भी कहा जाता है। प्रभु यीशु ने दुनिया को प्यार और इंसानियत की शिक्षा दी। उन्होंने लोगों को प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। प्रभु यीशु को ईश्वर का इकलौता प्यारा पुत्र माना जाता है। इस त्योहार से कई रोचक तथ्य जुड़े हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
    क्रिसमस ऐसा त्योहार है जिसे हर धर्म के लोग उत्साह से मनाते हैं। यह एकमात्र ऐसा त्योहार है जिस दिन लगभग पूरे विश्व में अवकाश रहता है। 25 दिसंबर को मनाया जाने वाला यह त्योहार आर्मीनियाई अपोस्टोलिक चर्च में 6 जनवरी को मनाया जाता है। कई देशों में क्रिसमस का अगला दिन 26 दिसंबर बॉक्सिंग डे के रूप मे मनाया जाता है। क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ को लेकर मान्यता है कि चौथी शताब्दी में संत निकोलस जो तुर्की के मीरा नामक शहर के बिशप थे, वही सांता थे। वह गरीबों की हमेशा मदद करते थे उनको उपहार देते थे। क्रिसमस के तीन पारंपरिक रंग हैं हरा, लाल और सुनहरा। हरा रंग जीवन का प्रतीक है, जबकि लाल रंग ईसा मसीह के रक्त और सुनहरा रंग रोशनी का प्रतीक है। क्रिसमस की रात को जादुई रात कहा जाता है। माना जाता है कि इस रात सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बोली को समझ सकते हैं। क्रिसमस पर घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस ट्री को दक्षिण पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। फेंगशुई के मुताबिक ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। पोलैंड में मकड़ी के जालों से क्रिसमस ट्री को सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि मकड़ी ने सबसे पहले जीसस के लिए कंबल बुना था।

      रिसाली। शौर्यपथ  नगर पालिक निगम रिसाली अब छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी से टैक्स वसूलेगा। निगम ने बुधवार को महापौर शशि सिन्हा की अध्यक्षता में हुई परिषद बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया। तय किया गया कि निगम क्षेत्र में लगे विद्युत खंभों और ट्रांसफार्मरों की गणना कर टैक्स निर्धारण किया जाएगा और कंपनी को डिमांड नोटिस जारी किया जाएगा।

    परिषद के सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि विद्युत वितरण कंपनी घरों तक कनेक्शन, स्ट्रीट लाइट और ट्रांसफार्मर लगाने के लिए निगम की भूमि का उपयोग कर रही है, जिसके लिए नियमानुसार कर वसूलना उचित है। महापौर ने कहा कि निगम की आय बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गंभीरता से सर्वे कर टैक्स निर्धारण करें और कंपनी से वसूली सुनिश्चित करें।

    8 से 10 लाख रुपए होगी सालाना आय

    संपत्तिकर विभाग के सहायक राजस्व अधिकारी टिकेन्द्र वर्मा ने बताया कि पूरे रिसाली क्षेत्र में लगभग 10 हजार विद्युत खंभे और 200 स्थानों पर ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। इनके कर निर्धारण से निगम को हर वर्ष लगभग 8 से 10 लाख रुपए की अतिरिक्त आय होगी।

    अधूरे निर्माण कार्यों पर भी निर्देश

    एमआईसी बैठक के बाद महापौर शशि सिन्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन निर्माण कार्यों के लिए शासन ने राशि जारी कर दी है, उन्हें शीघ्र पूरा किया जाए। वहीं, जिन स्थलों पर चयन को लेकर विवाद है, उन मामलों को परिषद की बैठक में लाकर जल्द निपटाने के निर्देश दिए।

    बैठक में परिषद सदस्य जहीर अब्बास, सनीर साहू, अनिल देशमुख, संजू नेताम, रोहित धनकर, जमुना ठाकुर, ममता यादव, रंजीता बेनुआ, आयुक्त मोनिका वर्मा, कार्यपालन अभियंता सुनील दुबे और विभाग प्रमुख उपस्थित रहे।

    भिलाई / शौर्यपथ / भारतीय इस्पात उद्योग के स्वर्णिम सफर में नवरत्न भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। संयंत्र के स्टील मेल्टिंग शॉप-2 (SMS-2)…

        रायपुर / शौर्यपथ / “सामाजिक न्याय केवल एक नारा नहीं, बल्कि यह वह संकल्प है जो समाज के सबसे वंचित व्यक्ति तक समान अवसर, गरिमा और सशक्तिकरण पहुँचाने से ही पूरा होता है।” इसी विचार को साझा करते हुए केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले मंगलवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे।
      राज्य अतिथि गृह ‘पहुना’ में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री आठवले ने मंत्रालय की योजनाओं की प्रगति का विस्तार से आकलन किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुँचे।
      सामाजिक न्याय ज़मीन पर उतारने का संकल्प
      मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य सामाजिक न्याय को कागजों से निकालकर ज़मीन पर उतारना है। अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांगजनों के लिए चल रही योजनाओं का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें मुख्यधारा से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।
    उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास और स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में योजनाएँ कमजोर वर्गों की जीवनशैली में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं।
    दिव्यांगजन और छात्रवृत्ति योजनाएँ रही केंद्र में
       आठवले ने विशेष रूप से दिव्यांगजन सशक्तिकरण, छात्रवृत्ति और स्वरोजगार कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय समन्वय को मजबूत कर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में योजनाओं की विस्तृत पहुँच सुनिश्चित करने पर बल दिया।
    समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारी
      बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव तारण प्रकाश सिन्हा, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, समाज कल्याण संचालक रोक्तिमा यादव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने मंत्री को राज्य में चल रही योजनाओं की उपलब्धियों और चुनौतियों की जानकारी दी।
    प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री का स्पष्ट संदेश
      प्रेस कॉन्फ्रेंस में आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को सामाजिक न्याय की नीतियों में ढाल रही है। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ समेत देशभर में उत्पीड़न की घटनाओं की दर में कमी आई है, जो जागरूकता और योजनाओं के असर का नतीजा है।
    उन्होंने जोर देकर कहा—
    “गरीब और वंचित समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना ही वास्तविक सामाजिक न्याय है। जब तक अंतिम पंक्ति का व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से नहीं जुड़ता, तब तक सामाजिक न्याय अधूरा है।”
    आठवले ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकारों के तालमेल से सामाजिक न्याय का लक्ष्य अवश्य पूरा होगा।

    दैनिक शौर्यपथ, महासमुन्द / संवाददाता : संतराम कुर्रे

    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित सेवा पखवाड़ा कार्यशाला बुधवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में संपन्न हुई। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री राधा मोहन दास अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय सहित अनेक वरिष्ठ नेता, मंत्री और विधायक उपस्थित रहे।

    कार्यशाला के पश्चात मीडिया से चर्चा करते हुए बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि सेवा पखवाड़ा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भाजपा की जनसेवा की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने इसे संगठन की आत्मा बताते हुए कहा—

    “सेवा ही संगठन की आत्मा है, सेवा पखवाड़ा हमारे संकल्प का पखवाड़ा है।”

    17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

    डॉ. अग्रवाल ने बताया कि सेवा पखवाड़ा का आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस (17 सितंबर) से शुरू होकर गांधी जयंती (2 अक्टूबर) तक किया जाएगा। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में जनसेवा के विविध कार्यक्रमों में सक्रिय रहेंगे।

    अभियान के प्रमुख स्तंभ

    • स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन

    • रक्तदान अभियान

    • स्वच्छता अभियान

    • वृक्षारोपण कार्यक्रम

    • सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुँच

    संगठनात्मक मजबूती पर जोर

    डॉ. अग्रवाल ने बताया कि कार्यशाला में बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने, संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए जनसंपर्क अभियानों को गति देने पर विशेष चर्चा की गई। प्रदेश नेतृत्व ने सभी जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सेवा पखवाड़ा के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी सेवा पखवाड़ा को और अधिक प्रभावी और व्यापक बनाया जाएगा। समाज के बीच जाकर सेवा कार्यों का विस्तार करना ही इस अभियान का मूल उद्देश्य है।

     दैनिक शौर्यपत महासमुंद संवाददाता संतराम कुर्रे

    पिथौरा। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर इस वर्ष पिथौरा नगरवासियों के लिए ऐतिहासिक और भव्य रास गरबा (डांडिया) महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। यह महोत्सव नगर के सबसे बड़े मैदान शहीद भगत सिंह खेल मैदान में आयोजित किया जाएगा, जिसकी तैयारियाँ जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं।

    आयोजन समिति का गठन सर्वसम्मति से किया गया, जिसमें जितेंद्र सिन्हा को समिति का अध्यक्ष और विक्की सलूजा को कार्यक्रम संयोजक चुना गया है। महोत्सव में मार्गदर्शन और संरक्षण हेतु कई प्रमुख जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता संरक्षक के रूप में जुड़े हैं जिनमें रूपकुमारी चौधरी (सांसद, महासमुंद), डॉ. सम्पत अग्रवाल (विधायक बसना), द्वारिकाधीश यादव (विधायक खल्लारी), शंकर अग्रवाल (पूर्व प्रदेश मंत्री, भाजपा छत्तीसगढ़), देव सिंह देवेश निषाद (अध्यक्ष नगर पंचायत पिथौरा), वीरेंद्र तिवारी (उपाध्यक्ष नगर पंचायत पिथौरा), सोहन निषाद (अध्यक्ष ग्राम सभा शीतला समाज), ठाकुर अनंत सिंह वर्मा (पूर्व अध्यक्ष ग्राम सभा शीतला समाज), प्रेम लाल सिन्हा (पूर्व अध्यक्ष ग्राम सभा शीतला समाज), आशीष शर्मा (मंडल अध्यक्ष भाजपा) एवं समाजसेवी आकाश अग्रवाल शामिल हैं।

    समिति में विभिन्न जिम्मेदारियाँ इस प्रकार सौंपी गई हैं—

    • कार्यक्रम प्रभारी: गोपाल शर्मा

    • सह संयोजक: उमेश ठक्कर

    • उपाध्यक्ष: बबलू सोनी, अनिमेष डे, अंजय सिन्हा

    • कोषाध्यक्ष: जतीन ठक्कर

    • सह-कोषाध्यक्ष: नरेंद्र डडसेना

    • सचिव: भूपेंद्र भोज साहू

    • सह सचिव: अंकित शर्मा, अंशुल तिवारी

    • मैदान एवं मुख्य मंच व्यवस्था प्रभारी: गोविंद शर्मा, दुर्गेश सिन्हा, रवि आरके, मोनू सलूजा, नवीन साहू, स्वतंत्र पांडेय, तुषार बंसल

    • सोशल मीडिया प्रभारी: अनमोल चावला, दुर्गेश पैंकरा

       अध्यक्ष जितेंद्र सिन्हा और संयोजक विक्की सलूजा ने बताया कि यह आयोजन पिथौरा के इतिहास का सबसे बड़ा सांस्कृतिक महोत्सव साबित होगा। पारंपरिक रास गरबा और डांडिया प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। प्रतियोगिता पूर्णतः निशुल्क होगी और इसमें प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान पर आने वाले प्रतिभागियों के लिए विशाल इनामी राशि रखी गई है।

    नगर में इस महोत्सव को लेकर उत्साह का माहौल है और सभी नगरवासी बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं। समिति ने आश्वस्त किया है कि यह आयोजन ऐतिहासिक और यादगार होगा तथा पिथौरा नगर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाई देगा।

     दैनिक शौर्यपत महासमुंद संवाददाता संतराम कुर्रे 

       महासमुंद / शौर्यपथ / पिथौरा प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज विकास खण्ड पिथौरा अंतर्गत नवीन अथगवा कमेटी गढ़बेड़ा  का गठन राजमहन्त पी .एल. कोसरिया प्रदेश प्रवक्ता के मुख्य आतिथ्य एवं ब्लाक अध्यक्ष  तरुवर कोसरिया, के अध्यक्षता व जिला प्रतिनिधि संजय कोसरिया, प्रियरंजन कोसरिया सरपंच लाखगढ,सत्यकुमार जोशी नगर अध्यक्ष, महेंद्र रात्रे ब्लाक उपाध्यक्ष, रामेश्वर सोनवानी /वरिष्ठ समाजसेवी,ब्लाक उपाध्यक्ष घासीराम मिरी, ब्लाक सचिव राजेन्द्र मार्कण्डेय ग्राम समिति के अध्यक्ष बिसाहू राम संत ऋतुदास के उपस्थित में किया गया।कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों द्वारा गुरु घासीदास जी के पूजा अर्चना व  महिलाओं के द्वाराआरती के साथ किया गया।अथगवा कमेटी गढ़बेड़ा में कुल  14 ग्रामों को सम्मिलित किया गया है और सभी ग्रामो के सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे और गठन/,मनोनयन/निर्वाचन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित किया। सर्व सम्मति से अध्यक्ष पद के  लिए रामप्यारे मधुकर, उपाध्यक्ष पद के लिए, केशव बंजारे,ताराचंद चेलक,महेंद्र रात्रे बिमला घृतलहरे, सचिव नंद कुमार सोनवनी, सहसचिव सहदेव घृतलहरे, कोषाध्यक्ष नोहर बांधे , संरक्षक  पद के लिए गुलाब बघेल को  निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। साथ ही कार्यकारणी सदस्य के लिए श्रवण बंजारे,होरीलाल रात्रे गितकुमार ,फूलसिंह ,लव कुमार बघेल, बरातूराम, मोहित घृतलहरे मेहतरु गायकवाड़ निर्विरोध निर्वाचित हुए। ग्राम समिति के अध्यक्ष पद के बिसाहूराम  बघेल,सचिव मोहित घृतलहरे, सहसचिव सहदेव घृतलहरे उपाध्यक्ष नंदराय रॉव, मोहित गृतलहरे  सहसचिव नेतराम मन्नाडे, कोषाध्यक्ष रामप्यारे मधुकर, सह कोशाध्यक्ष मेहतरु गायकवाड़, संरक्षक गुलाब बघेल श्रवण बघेल निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। अथगवा कमेटी *युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष के लिए मनीष गृतलहरे, सचिव बोधराम गृतलहरे चयनित किया गया*उपस्थित जनसमूह को राजमहन्त पी एल कोसरिया ने संबोधित करते सतनामी समाज के अतीत और आज समाजीक रीतिनीति  गिरौदपुरी विकास की कहानी के अथगवा कमेटी कार्य दायित्व की विस्तार से जानकारी प्रदान करते युवा पीढ़ी व समाज को नशा खोरी मंशा मंदिरा से दूर रहने अपील किया।सभा को ब्लाक अध्यक्ष तरुवर कोसरिया ने संबोधित करते संगठन के  रचनात्मक कार्य की जानकारी दिया साथ ही प्रतिभावान छात्र छात्राओं को मदद करने की बात कही। जिला प्रतिनिधि संजय कोसरिया ने कहा सतनामी समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है हमें किसी से कम नहीं समझना चाहिए सतनामियों में वे गुण व ताक़त है जहां से खड़े होते वही से लाइन शरू हो जाता है अर्थात हर विधा में पारंगत है।प्रियरंजन कोसरिया सामजिक विकास हेतु के सामाजिक एकता पर जोर दिया रामेश्वर सोनवानी ने गुरु घासीदास बाबा के उपदेश व डॉ भीमराव आंबेडकर की सर्व समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया। सभा के समापन के बाद प्रदेश सह सचिव दिनेश बंजारे, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एस आर बंजारे, जिला प्रभारी मधुबाला रात्रे , जिलाअध्यक्ष विजय बंजारे ,युवा प्रकोष्ठ के सोनू टंडन, ने उपस्थिति प्रदान कर नाव निर्वाचित प्रतिनिधियों में हौसला व उत्साह वर्धन करते की फुल माला पहनाकरबधाई देते शुभकामनाएं प्रेषित किया।साथ संगठन की नियमावली के बारे जानकारी प्रदान किया।सभा ब्लाक जिला  प्रदेश के सैकड़ों कार्यकर्ता ने भाग लिया।सभा सफल संचालन व आभार प्रकट अथगवा अध्यक्ष रामप्यारे मधुकर ने किया।

     दैनिक शौर्यपथ महासमुंद संवाददाता संतराम कुर्रे

    पिथौरा / शौर्यपथ / जनपद परिसर में नवनिर्वाचित सरपंचों के संघ की निर्वाचन बैठक बसना विधायक डा सम्पत अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य मे संपन्न हुई। बैठक का शुभारंभ विधायक संपत अग्रवाल जनपद अध्यक्ष उषा पुरर्षोत्तम घृतलहरे उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल पूर्व मंडी अध्यक्ष प्रेमशंकर पटेल भाजपा नेता सीताराम सिंहा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष नीलकंठ साहू पूर्व मंडल अध्यक्ष नरेश सिंघल ने भारत माँ के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर किया।
      बैठक में सर्वसम्मति से सतपाल सिंह छाबड़ा को अध्यक्ष मनोनीत किया गया।वही शशिकला पटेल व प्रियंका सिंहा को उपाध्यक्ष,हेमंत ठाकुर को सचिव व किरण साहू को सहसचिव मनोनीत किया गया।
      निर्वाचन पश्चात विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने सरपंच संघ को पंचायत स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने का दिया संदेश,कहा-पंचायत ही जनकल्याण की पहली कड़ी है विधायक डॉ अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि आप सभी जनपद पंचायत पिथौरा के नव निर्वाचित सरपंच संघ के प्रतिनिधि हैं, और यह पद केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनसेवा का एक पवित्र अवसर है। मैं आप सभी को दिल से बधाई देता हूँ और आशा करता हूँ कि आप अपने-अपने पदों पर रहते हुए पंचायत स्तर पर विकास, पारदर्शिता और जनकल्याण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य करेंगे।
     क्षेत्र की जनता ने आप पर जो विश्वास जताया है, उसे निभाना हम सभी का नैतिक दायित्व है। ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे मुद्दों पर आपकी सक्रिय भागीदारी से जनपद पंचायत को नई दिशा मिलेगी।उन्होंने सरपंच संघ से आग्रह किया कि वे शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में सहयोग करें और पंचायत स्तर पर जनभागीदारी को बढ़ावा दें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि क्षेत्रीय विधायक के रूप में वे हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
      इस अवसर पर मुख्य रूप से जनपद सदस्य पुरर्षोत्तम घृतलहरे मनमीत रिक्की छाबड़ा कवलजीत छाबड़ा शिवअत्रि विष्णु साहू समेत ब्लाक भर के नवनिर्वाचित सरपंच उपस्थित थे

    राजनांदगांव/दुर्ग/शौर्यपथ/ क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास की आड़ में पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को दांव पर लगाने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कल्याणी इस्पात लिमिटेड के विस्तार प्रस्ताव को…

       शौर्यपथ सम्पादकीय /  भारतीय राजनीति में नेताओं द्वारा अमर्यादित, अपमानजनक और विवादास्पद भाषा का प्रयोग एक गंभीर समस्या के रूप में उभरता जा रहा है। यह प्रवृत्ति अब लगभग सभी प्रमुख दलों के नेताओं में दिखाई देने लगी है। इसके परिणामस्वरूप न केवल लोकतंत्र की गरिमा प्रभावित हो रही है, बल्कि समाज में वैमनस्य और ध्रुवीकरण भी बढ़ रहा है।

    अमर्यादित भाषा: तथ्य और सत्यता

    अमर्यादित भाषा या अपमानजनक टिप्पणियां अक्सर विपक्षी दलों, महिलाओं, जातियों, धर्मों या क्षेत्रीय समुदायों को निशाना बनाती हैं। बीते वर्षों में ऐसी घटनाओं की संख्या सैकड़ों में रही है, जिन पर मीडिया और सोशल मीडिया में तीखी आलोचना सामने आती है।

    बीजेपी नेताओं द्वारा महिलाओं, विपक्षी नेताओं और समुदायों पर की गई टिप्पणियों की पुष्टि विभिन्न समाचार रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट्स से होती रही है। कैलाश विजयवर्गीय, रमेश बिधुड़ी और अश्विनी चौबे की टिप्पणियां इसके उदाहरण हैं।

    कांग्रेस नेताओं की भाषा भी कई बार प्रधानमंत्री, भाजपा नेताओं और महिलाओं को लक्ष्य बनाती रही है। राहुल गांधी की "वोटर अधिकार यात्रा" में पीएम मोदी व उनकी मां को लेकर विवादित टिप्पणी, बाबू जंडेल की धार्मिक टिप्पणी और अजय राय की सेक्सिस्ट टिप्पणी इसका हिस्सा रही हैं।

    आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं द्वारा भी जातिवादी और तीखी भाषा का प्रयोग सामने आया है। गोपाल इटालिया द्वारा "नीच" शब्द का इस्तेमाल, अमनतुल्लाह खान की टिप्पणियां और प्रवक्ताओं द्वारा पत्रकारों को धमकाने जैसी घटनाएं चर्चा में रही हैं।

    अन्य दलों जैसे तृणमूल कांग्रेस (TMC), डीएमके (DMK), समाजवादी पार्टी (SP) आदि के नेताओं की अमर्यादित भाषा भी क्षेत्रीय, धार्मिक और जातीय अपमान या धमकियों के रूप में सामने आती रही है। महुआ मोइत्रा, दयानिधि मारन, शिवाजी कृष्णमूर्ति और संजय राउत इसके उदाहरण हैं।

    मीडिया एवं समाज की प्रतिक्रिया

    इन घटनाओं पर मीडिया ने लगातार आलोचना की है, वहीं सोशल मीडिया पर तीखी चर्चाएं होती रही हैं। विपक्षी दलों द्वारा कार्रवाई की मांग बार-बार उठती है, लेकिन राजनीतिक संस्कृति में इस प्रवृत्ति का सामान्यीकरण हो चुका है। यही कारण है कि ठोस कार्रवाई बहुत कम दिखाई देती है।

    कानूनी और संस्थागत दृष्टिकोण

    नीतिगत स्तर पर भारत सरकार और चुनाव आयोग ने चुनाव अभियान के दौरान अभद्र भाषा पर रोक लगाने के लिए दिशा-निर्देश बनाए हैं। सुप्रीम कोर्ट और अन्य संस्थाओं ने भी समय-समय पर संज्ञान लिया है, किंतु क्रियान्वयन और कानून के असर में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है।

    आगे की राह

    राजनीतिक दलों के प्रवक्ताओं और नेताओं को समाज की भावना, संविधान और लोकतांत्रिक गरिमा का सम्मान रखते हुए बयान देने चाहिए। आलोचना और विरोध लोकतंत्र का हिस्सा हैं, किंतु उन्हें मर्यादित भाषा में व्यक्त करना ही उचित है। यही दृष्टिकोण देशहित और सामाजिक सौहार्द बनाए रख सकता है।

    इस प्रकार, भारतीय राजनीति में अमर्यादित भाषा का प्रयोग निरंतर बढ़ रहा है और यह लोकतांत्रिक ताने-बाने को कमजोर कर रहा है। सभी दलों के नेताओं को व्यक्तिगत मान-मर्यादा और संविधान की सीमाओं का सम्मान करना होगा, ताकि राजनीति की गरिमा संरक्षित रह सके।

      रायपुर / शौर्यपथ / अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एआईआईएमएस) रायपुर ने शुक्रवार को राष्ट्रीय फार्माकोलॉजी दिवस का आयोजन किया। यह दिवस भारतीय फार्माकोलॉजी के जनक माने जाने वाले कर्नल सर रमनाथ चोपड़ा की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया गया।
      कार्यक्रम का उद्घाटन संस्थान के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने किया। उन्होंने कहा कि कर्नल चोपड़ा ने भारत में फार्माकोलॉजी को एक वैज्ञानिक विधा के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर डीन (एकेडमिक्स) प्रो. (डॉ.) एली मोहापात्रा भी मौजूद रहे।
      इस आयोजन में पं. जेएनएम मेडिकल कॉलेज, अभिषेक मिश्रा मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसबीआईएमएस) और रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के फार्माकोलॉजिस्ट्स भी शामिल हुए। इससे विभिन्न संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग को नई दिशा मिली।

    फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) नितिन गायकवाड़ ने स्वागत भाषण में दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इसके बाद अतिथियों ने कर्नल चोपड़ा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर औपचारिक उद्घाटन किया।
      वैज्ञानिक व्याख्यान श्रृंखला में डॉ. योगेंद्र केचे ने कर्नल चोपड़ा के जीवन और योगदान पर विचार रखे। डॉ. सूर्यप्रकाश धनैरिया ने आवश्यक औषधियाँ और दवाओं के तर्कसंगत उपयोग विषय पर व्याख्यान देते हुए इनके सार्वजनिक स्वास्थ्य में महत्व को रेखांकित किया। वहीं, डॉ. उषा जोशी ने स्वास्थ्य सेवा और अनुसंधान में फार्माकोलॉजिस्ट्स की भूमिका विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
      कार्यक्रम का समापन आयोजन सचिव एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आलोक सिंह के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों, छात्रों और सहयोगी संस्थानों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम की सफलता में डॉ. पुगझेंथन टी., डॉ. प्रफुल्ल थावरे, डॉ. समीर उत्तमराव खसबगे, विभाग के रेज़िडेंट्स (एसआर व जेआर) और कार्यालयीन स्टाफ की भूमिका को विशेष रूप से सराहा गया।
      यह आयोजन न केवल कर्नल सर रमनाथ चोपड़ा के योगदान को नमन था, बल्कि फार्माकोलॉजी के क्षेत्र में तर्कसंगत दवा उपयोग, रोगी सुरक्षा और अनुसंधान की आवश्यकता पर भी बल देता है। एआईआईएमएस रायपुर ने इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवा में उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

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